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मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों एवं शराब पर प्रभावी कार्रवाही

विगत दो दिनों में 1 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब एवं मादक पदार्थ जब्त, 12 तस्कर गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने पिछले दो दिनों में अवैध शराब परिवहन, नशे की तस्करी तथा डोडाचूरा/स्मैक/एमडी पाउडर जैसे मादक पदार्थों के विरुद्ध सघन अभियान के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण कार्रवाहियां की हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस टीमों ने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए मादक पदार्थों की बड़ी खेप, अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त किए हैं। सभी कार्यवाहियों में कुल 1 करोड़ 85 लाखरुपये की संपत्ति जब्‍त की है। विभिन्न जिलों में प्रमुख कार्रवाईयाँ धार जिले में अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई:धार पुलिस ने इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 1499 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की। बरामद सामग्री और वाहन की कीमत 1 करोड़ 24 लाख 43 हजार 700 रुपएआँकी गई है। पुलिस ने ट्रक चालक बबलू पिता जियालालवरकडे और परिचालक दुर्गेश पिता शिव नरेश राजपूत, दोनों निवासी इंदौर को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भोपाल: क्राइम ब्रांच द्वारा MD ड्रग्स के साथ तस्कर गिरफ्तार:भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशे के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए ईदगाह हिल्स क्षेत्र से एक तस्कर शिफत पिता दिलशाद अहमद को गिरफ्तार किया है।उसके कब्जे से 11.05 ग्राम एमडी पाउडर (कीमत लगभग 3 लाख 45 हजार रूपए) और दो मोबाइल जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएसएक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना जारी है। गुना पुलिस का नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार प्रहार:गुना पुलिस ने 'नशा मुक्त गुना जिला' अभियान के अंतर्गत लगातार दो बड़ीकार्रवाईयाँ की हैं। कैंट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7.2 ग्राम स्मैक पाउडर (कीमत 72हजार रूपए) के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, मृगवास थाना पुलिस ने पहले राजस्थान के स्मैक तस्कर सोनू मीना को 104.35 ग्राम स्मैक और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (कीमत 11 लाख20 हजार रूपए) सहित गिरफ्तार किया। इसके मात्र 24 घंटे के भीतर ही उसके सप्लायरघीसालाल मीना निवासी मोतीपुरा, राजस्थान को भी गिरफ्तार किया। नीमच जिले में 221 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त:जिले के जावद थाना पुलिस ने नयागांव क्षेत्र में मारुति वैन से 221 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया। जिसकी अनुमानित कीमत 33 लाख 15 हजार रूपए है। आरोपी वैन चालक सुखदेव गुर्जर को भी गिरफ्तार किया गया है। इंदौरपुलिस की ब्राउन शुगर तस्कर पर कार्रवाई:पुलिस थाना आजाद नगर ने अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक ब्राउन शुगर तस्कर तनवीर उर्फ तन्नू अब्दुल गफ्फार को न्यू आरटीओ रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 13.51 ग्राम ब्राउन शुगर लगभग 1लाख 30हजार रूपए कीजब्त की गई। मुरैना और मैहर में अवैध शराब पर शिकंजा:मुरैनाके सिविल लाइन थाना पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए 170 पेटी अवैध देशी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त 01 टाटा पिकअप गाड़ी सहित कुल 10 लाख रूपएसे अधिक कीमत की सामग्री जब्त की है। वहीं मैहर पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में 1लाख 12हजार रुपये मूल्य की 198 लीटर अवैध शराब जब्त की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मध्यप्रदेश पुलिस अवैध शराब, नशे के कारोबार, तस्करी नेटवर्क और संगठित अपराध के विरुद्धजीरो टॉलेरेंसकी नीति पर निरंतर और दृढ़ता से कार्य कर रही है।इन संयुक्त कार्यवाहियों में मध्‍यप्रदेश पुलिस ने ताबड़तोड़, सटीक और साहसिक अभियानों के माध्यम से विगत दो दिनों में 1 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब एवं मादक पदार्थ जब्तकिए हैं। साथ ही 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

लोकसभा में कंगना का हंगामा: विपक्ष पर सीधे आरोप—‘बैलट बॉक्स उठाकर भाग जाते थे’

नई दिल्ली  लोकसभा में 10 दिसंबर को चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी मुखर प्रतिक्रिया दी। विपक्ष द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में संभावित धांधली के आरोपों पर जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईवीएम हैक नहीं करते, बल्कि लोगों के दिलों को हैक करते हैं। कंगना रनौत ने अपने भाषण में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार पुराने जमाने के मतदान की बात करता है और दावा करता है कि पुराने तरीके सबसे अच्छे थे, जबकि वास्तव में उस समय भी धांधली होती थी। कंगना ने कहा, “ये लोग दुहाई देते हैं कि पुराने जमाने का मतदान सबसे अच्छा होता था। उस वक्त धांधली होती थी, ये लोग बॉक्स उठाकर ले जाते थे।” कंगना ने विपक्ष पर किया तीखा हमला भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्ष सदन में हर दिन एसआईआर, एसआईआर कर हंगामा करता है। उन्होंने कहा, “दिल दहल जाता था इनको देखकर, कल राहुल गांधी जी जब बोल रहे थे, बार-बार वही खादी में धागा है, धागे से कपड़ा है, करते रहे। अंत में वह ले देकर विदेशी महिला की फोटो पर आ गए। वह खुद कई बार कह चुकी हैं कि कभी भारत नहीं गई हूं। उनकी तस्वीर का प्ले कार्ड में इस्तेमाल किया। उनके पर्सनालिटी राइट्स का भी ध्यान नहीं रखा। इसके लिए मैं संसद की तरफ से माफी मांगती हूं।” कंगना ने अपने भाषण में यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्ष के आरोप निराधार हैं और चुनाव आयोग तथा लोकतंत्र के प्रति जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत है। वन नेशन-वन इलेक्शन पर कंगना की राय कंगना रनौत ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव कराने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि प्रशासनिक असुविधाएं भी बढ़ती हैं। कंगना ने इसे लोकतंत्र का उत्सव बताकर इसे एकसाथ मनाने और लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने चरित्र में मर्यादा नहीं रखती और बार-बार असंतोष फैलाती रहती है।   कंगना ने कहा, “वन नेशन, वन इलेक्शन लागू होने से बार-बार चुनाव कराने की असुविधा और आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है। इसे लोकतंत्र का उत्सव बनाना चाहिए और इसे लागू करने की सख्त जरूरत है।”  

यीडा का बड़ा अभियान, 4.6 हेक्टेयर (46,000 वर्ग मीटर) भूमि पर से हटाया अवैध कब्जा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक विकास और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को गति देने के लिए जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की चल रही मुहिम नोएडा  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बुधवार को ग्राम दनकौर (तहसील सदर, गौतम बुद्ध नगर) में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। खसरा नंबर 211 पर फैली 4.6 हेक्टेयर यानी लगभग 46,000 वर्ग मीटर बहुमूल्य सरकारी/प्राधिकरण की भूमि को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 500 करोड़ रुपये बताया गया है। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई कार्रवाई के दौरान मौके पर जेसीबी मशीनों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।  अवैध निर्माण का पूरी तरह ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान प्राधिकरण की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई टीनशेड, कच्ची-पक्की दीवारें, झोपड़ियां, स्थायी-अस्थायी निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इससे यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक एवं शहरी विकास के लिए आरक्षित भूमि पूरी तरह मुक्त हो गई है। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यीडा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राधिकरण की किसी भी भूमि पर अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लागत वसूली के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा। विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति शैलेंद्र सिंह ने कहा कि दनकौर में 46,000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि, जिसकी कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये है, को अतिक्रमण से मुक्त कराना यीडा के संकल्प का प्रतीक है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि योगी सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश, अवसंरचना विस्तार और पारदर्शी प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल के इंटरचेंज के किसानों के 7% आबादी भूमि एवं यीडा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकारी व प्राधिकरण की समस्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता है।

जल आवर्धन योजना में अनियमितता बरतने पर 2 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

नगरीय प्रशासन ने जारी किये आदेश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजना में पाइप लाइन बिछाने के कार्य में पाई गई अनियमितताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। नगरीय विकास आयुक्त ने विभागीय जाँच के आधार पर 2 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश जारी किये हैं। जाँच अधिकारी की रिपोर्ट तथा विभाग के प्रमुख अभियंता के अभिमत के आधार पर नीमच जिले की रामपुरा नगर परिषद के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी लीलाकृष्ण सोलंकी और तत्कालीन उपयंत्री ओ.पी. परमार के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किये गये हैं। इस प्रकरण से जुड़े हुए लीलाकृष्ण सोलंकी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके विरुद्ध 2 वर्ष तक पेंशन पर महँगाई राहत की 5 प्रतिशत राशि रोके जाने का निर्णय लिया गया है। जाँच में दोषी पाये गये दूसरे अधिकारी ओ.पी. परमार जुलाई-2025 में सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी सेवा अवधि के दौरान आर्थिक क्षति की राशि 9 लाख 25 हजार 385 रुपये उनकी सेवानिवृत्ति लाभों से वसूल कर नगर परिषद रामपुर में जमा कराई जायेगी। इसी के साथ उनकी पेंशन पर देय महँगाई राहत की 10 प्रतिशत राशि आगामी 2 वर्ष तक स्थगित करने के आदेश जारी किये गये हैं। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि नगरीय प्रशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमिता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।  

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यू.के.) में अत्‍याधुनिक पुलिसिंग के गुर सीख रहे हैं प्रदेश के 30 अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में जारी है भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस का "मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम" (MCTP) राज्य के भावी पुलिस नेतृत्व को नई सोच, नई दिशा और आधुनिक पुलिसिंग के व्यापक दृष्टिकोण से सशक्त बना रहा है। यह कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों को समकालीन कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के अनुरूप बेहतर, उत्तरदायी और प्रभावी पुलिस नेतृत्व के लिए तैयार कर रहा है। राज्य पुलिस सेवा के 30 अधिकारियों का मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ 27 नवंबर को मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक श्री मोहम्मद शाहिद अबसार के मुख्य आतिथ्य में किया गया, इस अवसर पर अकादमी के उपनिदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल भी उपस्थित रहे। चार हफ्ते से भी अधिक अवधि का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चार संस्थानों में आयोजित किया गयाहै। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का यह पांचवां मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें उन्हें पुलिस से संबंधित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य से परिचित कराया जाएगा। बारह वर्ष का सेवाकाल पूर्ण कर चुके राज्य पुलिस सेवा के कुल 30 पुलिस अधिकारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इन अधिकारियों ने 27 नवंबर से 29 नवंबर तक मध्यिप्रदेश पुलिस अकादमी में  प्रशिक्षण प्राप्तं किया। इसके बाद 01 से 02 दिसंबरतक आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में तथा 04 से 06 दिसंबर तक नेशलन लॉ यूनिवर्सिटी नई दिल्लीढ में प्रशिक्षण प्राप्तम किया। जिसमें सोशल लेजिसलेशन, ई-गवर्नेंस, पब्लिक ऑर्डर एवं विक्टिमोलॉजी के साथ-साथ अन्य विभागों से समन्वय तथा इससे जुड़े अधिनियम आदि का प्रशिक्षण दिया गया।  दिनांक 08 दिसंबर से यह प्रशिक्षण कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (यूके) में जारी है जहां प्रशिक्षण के अतिरिक्तभ ब्रिटिश पुलिस संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।  इस दौरान क्राईम हार्म इंडेक्सा, प्रीडिक्टिव पुलिसिंग, महिलाओं के विरूद्ध अपराध आदि विषयों की बारीकियां सिखाईं जाएंगी। अंत में 30 दिसंबर को डी ब्रीफिंग के साथ प्रशिक्षण का समापन होगा।  

IndiGo की दिक्कतों का फायदा? दूसरी कंपनी ने बढ़ाई 100 डेली फ्लाइट्स, जानें पूरा प्लान

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) पर छाए संकट और यात्रियों की बढ़ती मांग के बीच स्पाइसजेट एयरलाइन (SpiceJet Airline) ने एक बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन ने मौजूदा सर्दियों के मौसम में प्रमुख रूटों पर बढ़ती मांग को देखते हुए अपनी सेवाओं को व्यापक रूप से बढ़ाने की योजना बनाई है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय विमानन बाज़ार में पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करना है। हर रोज़ 100 अतिरिक्त उड़ानें स्पाइसजेट ने नियामक अनुमोदन (Regulatory Approval) मिलने पर मौजूदा विंटर शेड्यूल के दौरान हर रोज़ 100 अतिरिक्त फ्लाइट्स (Additional Flights) शुरू करने की योजना बनाई है। एयरलाइन ने पिछले दो महीनों में 17 विमानों को अपने सक्रिय संचालन (Active Operation) में शामिल किया है। यह विस्तार डैम्प-लीज (Damp-Lease) पर लिए गए विमानों और अपने खुद के विमानों को सेवा में वापस लाकर किया गया है। इस बढ़ी हुई खेप की उपलब्धता से स्पाइसजेट को ज्यादा मांग वाले रूटों पर अतिरिक्त क्षमता तैनात करने में मदद मिलेगी। स्पाइसजेट ने कहा है कि वह सर्दियों में मज़बूत और बढ़ती मांग देख रही है और इस विस्तार से भारतीय विमानन बाज़ार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।     प्रमुख एयरपोर्ट्स पर आज 100 से ज़्यादा फ्लाइट्स रद्द भले ही स्पाइसजेट ने विस्तार की योजना बनाई हो लेकिन देश के दो प्रमुख हवाईअड्डों पर आज बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है:     चेन्नई एयरपोर्ट (Chennai Airport): यहां आज कुल 70 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं जिनमें 37 आगमन (Arrival) की और 33 प्रस्थान (Departure) की उड़ानें शामिल हैं।     बेंगलुरु एयरपोर्ट (Bengaluru Airport): यहां  कुल 61 उड़ानें रद्द हुई हैं जिनमें 35 आगमन और 26 प्रस्थान की फ्लाइट्स शामिल हैं। चेन्नई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर इतनी बड़ी संख्या में उड़ानों का रद्द होना यात्रियों के लिए एक गंभीर समस्या खड़ी कर रहा है जिसके कारण स्पाइसजेट जैसे एयरलाइनों का विस्तार करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।  

खजुराहो केबिनेट में बुंदेलखंड को हजारों करोड़ की मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगातें: मंत्री राजपूत

भोपाल खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बुंदेलखंड के लिए केबिनेट बैठक का दिन स्वर्णिम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर को महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगातें देकर सागर के विकास की नई इबारत लिखी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केबिनेट में बुंदेलखंड एवं सागर के लिए हजारों करोड़ की सौगातें दी हैं, जिससे सागर विकास के नये आयामों को छुएगा। यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखी जायेगी, वहीं पर्यटन के क्षेत्र में नया इतिहास रचने की घोषणा भी हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सागर में 608.93 हेक्टेयर भूमि पर 25 हजार करोड़ की लागत से नया उद्योग क्षेत्र स्थापित किया जायेगा। इससे 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं दूसरी ओर नौरादेही अभयारण्य में जुलाई माह में 4 चीतों को बसाया जायेगा। इससे क्षेत्र में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि सागर से दमोह फोरलेन सड़क, छतरपुर तथा दमोह में नये मे‍डिकल कॉलेज के लिये नये पदों का सृजन किया जायेगा। साथ ही बीना में 100 बिस्तरीय अस्पताल बनेगा। इससे सागर विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सागर तथा बुंदेलखण्ड के लिये दी गई सौगातें विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। 25 हजार करोड़ से विकसित होगा नया औद्यौगिक क्षेत्र मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उद्योगों के लिए भी सागर को विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। इसके तहत रिछोड़ा के पास 25 हजार करोड़ की लागत से नया औद्यौगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिये स्वीकृत विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज में भूमि टोकन शुल्क मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर, किराया और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूर्ण छूट एवं बिजली दरों में रियायत शामिल है। जुलाई माह में आयेंगे नौरादेही में 4 चीते मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री कूनो में चीता लेकर आये थे तो पूरे देश को बड़ी खुशी हुई थी और अब बुंदेलखंड में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. यादव जुलाई माह में नौरादेही अभयारण्य में 4 चीते छोड़ेंगे, यह हमारे लिए गर्व की बात है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी सागर जिले को बड़ी उपलब्धि है। नौरादेही अभयारण्य को प्रदेश का तीसरा चीता आवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। यह क्षेत्र में पर्यावरणीय संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल है। सागर-दमोह फोरलेन निर्माण को 2059 करोड़ मंजूर मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि केबिनेट बैठक में सागर-दमोह मार्ग को 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 2059.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। 76.680 किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत किया जाएगा। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 फ्लाईओवर, 9 मिडियन, 1 आरओबी तथा 13 पुल-पुलिया निर्माण का प्रावधान है। भूमि अर्जन और अन्य कार्यों पर 323.41 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इससे सागर दमोह भोपाल जबलपुर जाने वालों के लिए आवागमन सुलभ होगा। 100 बेड का होगा बीना अस्पताल, पद सृजन को मंजूरी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बीना सिविल अस्पताल की क्षमता 50 से 100 बिस्तर तक बढ़ाने और नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।

नौकरी का मेगा पिटारा तैयार! हरियाणा के इस शहर में बनेगा देश का बड़ा ट्रांसपोर्ट हब

चंडीगढ़  हरियाणा के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए सरकार कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. इसी कड़ी में सरकार हरियाणा के एक जिले में मॉडर्न और डायनामिक ट्रांसपोर्ट हब बना रही है, जिससे न सिर्फ शहर के आने-जाने वालों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि दिल्ली-NCR और आस-पास के राज्यों से आसान कनेक्टिविटी भी मिलेगी। इस जिलें में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बस अड्डा, मैट्रो और रैपिड रेल (RRTS) की सेवाएं एक ही परिधि में मिलेंगी. इससे यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.   नए बस अड्डे के लिए जाट जोशी गांव में 9.43 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यहां आधुनिक बस स्टैंड, वर्कशॉप, पार्किंग, रैन बसेरा, वेटिंग हॉल और अन्य यात्री सुविधाओं के निर्माण के लिए पैमाइश और निशानदेही का काम शुरू हो चुका है। यह बस अड्डा न सिर्फ बस संचालन का केंद्र होगा, बल्कि यात्रियों को आरामदायक माहौल और बेहतर सेवाएं  भी प्रदान करेगा।   जाट जोशी से लगभग 300 मीटर की दूरी पर सेक्टर-7 मोड़ के पास रैपिड रेल (RRTS) स्टेशन प्रस्तावित है. इसके साथ ही दिल्ली मैट्रो के फेज-5 के तहत बैलो लाइन का विस्तार नाथूपुर, कुंडली होते हुए सेक्टर-7 तक करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। इस विस्तार में करीब 26.5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और 21 नए स्टेशन शामिल होंगे। अनुमान है कि इस रूट से प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्री सफर कर सकेंगे।   इन तीनों सेवाओं बस, मैट्रो और रैपिड रेल के एक ही क्षेत्र में उपलब्ध होने से न केवल ये जिला,बल्कि इसके आसपास के इलाकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। दिल्ली और एनसीआर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा और कई बार परिवहन के साधन बदलने की समस्या भी समाप्त होगी। सोनीपत में कनेक्टिविटी बढ़ने से निवेश, रियल एस्टेट, रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे. केएमपी, केजीपी और यूईआर-2 जैसे प्रमुख मार्गों के साथ मैट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क के जुड़ने से यह क्षेत्र तेजी से एक नियोजित और उभरते शहर के रूप में विकसित हो रहा है।निवेशकों और रियल एस्टेट कंपनियों की रुचि भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है।    नई परिवहन सुविधाएं लागू होने के बाद सोनीपत न केवल दिल्ली का उपनगर रहेगा, बल्कि एक विकसित, सुविधायुक्त और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार आधुनिक शहर के रूप में उभरेगा। ये परियोजनाएं हरियाणा के सोनीपत जिले को चीन और जापान की तरह एक आधुनिक मल्टी-मॉडल परिवहन केंद्र में बदल देंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।   

मध्यप्रदेश में जलवायु वित्त जुटाने पर भोपाल में कार्यशाला का आयोजन

भोपाल राज्य की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप जलवायु वित्त समाधान विकसित करने और राज्य स्तरीय जलवायु वित्त रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से, WRI इंडिया ने पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) और क्लाइमेट पॉलिसी इनिशिएटिव (CPI) के सहयोग से बुधवार को भोपाल में “मध्यप्रदेश में जलवायु वित्त जुटाने पर भोपाल में कार्यशाला” विषय पर सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शासकीय विभाग, शोध संस्थानों, वित्तीय संस्थानों, अकादमिक संगठन और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने राज्य के जलवायु वित्त परिदृश्य, जलवायु अनुकूल विकास के लिए व्यावहारिक रणनीतियों और प्रमुख क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर चर्चा की। अपर मुख्य सचिव पर्यावरण श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि “जलवायु वित्त अब उन राज्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सक्षम साधनों में से एक बन गया है, जो मध्यप्रदेश की तरह बढ़ते जलवायु जोखिमों का सामना कर रहे हैं। इस विकास पथ को उच्च-उत्सर्जन मार्ग पर जाने से रोकने के लिए हमें जलवायु वित्त तक पहुंच को मजबूत करना होगा और सभी क्षेत्रों में नीतिगत रूप से सक्षम परियोजनाएँ विकसित करनी होंगी। विभागों के बजट अभ्यासों में जलवायु वित्त को शामिल करना आवश्यक है और इसके लिए उच्च गुणवत्ता की परियोजनाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें न केवल शासकीय विभागों और निजी क्षेत्र, बल्कि आमजन की क्षमताओं की वृद्धि और उनकी संवेदनशीलता बढ़ाने की भी आवश्यकता है। मिशन लाइफ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हो सकता है।” कार्यपालन संचालक एप्को श्री दीपक आर्या ने कहा कि हाल ही में जारी किया गया राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत है, लेकिन वित्तीय अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अनुकूलन और शमन प्रयासों के लिए लगभग 97 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता का अनुमान है। केवल सार्वजनिक बजट इस अंतर को पूरा नहीं कर सकते, इसलिए राज्य में प्रभावी जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए निजी निवेश, मिश्रित वित्त, कार्बन बाज़ारों और बहुपक्षीय जलवायु कोषों को जुटाना अत्यंत आवश्यक है। एप्को प्रत्येक हितधारक को उच्च गुणवत्ता की परियोजनाएँ विकसित करने और उपलब्ध जलवायु वित्त अवसरों का लाभ उठाने के लिए हर प्रकार का सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। समन्वयक, जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र एप्को श्री लोकेन्द्र ठक्कर ने कहा कि एप्को ने विभिन्न वित्तपोषण योजनाओं का उपयोग करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन पर रणनीतिक ज्ञान मिशन (NMSKCC), राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) और सेंटर फॉर क्लीन एयर पॉलिसी (CCAP) के तहत सफलतापूर्वक धनराशि जुटाई है, जिसके माध्यम से उप-राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई और परियोजनाओं को लागू किया गया है। WRI इंडिया के एसोसिएट प्रोग्राम डायरेक्टर श्री सारांश बाजपेयी ने कहा कि सब-नेशनल क्लाइमेट फाइनेंस को मजबूत करना अति आवश्यक है, क्योंकि राज्यों की अहम भूमिका है कि वे इसे लागू करने में आगे आएं और यह सुनिश्चित करें कि क्लाइमेट एक्शन समुदायों और संवेदनशील इलाकों तक पहुंचे। फसल उत्पादन में एक बड़ा योगदान देने वाले और देश में सबसे ज़्यादा जंगल और पेड़ वाले इलाके के तौर पर मध्यप्रदेश को ज़मीन के उपयोग में जलवायु के परस्पर बदलावों को आगे बढ़ाने में अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है। मध्यप्रदेश में जलवायु वित्त परिदृश्य पर चर्चा की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए प्रोग्राम लीड, जलवायु वित्त, डब्ल्यूआरआई इंडिया सुश्री नेहा मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक, निजी, अंतर्राष्ट्रीय और मिश्रित स्रोतों से जलवायु वित्त जुटाना समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है। आगामी जलवायु से संबंधित कार्यों के लिए सही पूंजी, मजबूत परियोजना क्षमताएँ और ठोस नीतिगत समर्थन जरूरी हैं। एप्को के नेतृत्व में राज्य जिस प्रकार समन्वित प्रयास कर रहा है, वह प्रभावी जलवायु कार्रवाई की शक्ति को दर्शाता है, और डब्ल्यूआरआई इंडिया राज्य के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करते हुए हर्षित है। तकनीकी सत्रों में सतत कृषि, वानिकी, जलवायु-अनुकूल क्रियाएं और शहरी प्रणालियों के लिए उपयुक्त वित्तीय समाधानों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन इस आग्रह के साथ हुआ कि मध्यप्रदेश के लिए ऐसे जलवायु वित्त रणनीतियाँ विकसित की जाए जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ जलवायु-अनुकूल भी हो। इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए श्री पियूष त्रिपाठी मो.- 8294154887, Piyush.Tripathi@wri.org एवं श्री रौशन मिश्रा मो.- 7903157371, Roushan.Mishra@wri.org से संपर्क किया जा सकता है। डब्ल्यूआरआई इंडिया एक स्वतंत्र चैरिटी संस्था, जो इंडिया रिसोर्सेज ट्रस्ट के रूप में विधिवत पंजीकृत है, पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ और सामाजिक रूप से न्यायसंगत विकास को बढ़ावा देने के लिए निष्पक्ष जानकारी और व्यावहारिक सुझाव प्रदान करती है। अनुसंधान, विश्लेषण और सिफारिशों के माध्यम से, डब्ल्यूआरआई इंडिया पृथ्वी की सुरक्षा, आजीविका को सुदृढ़ करने और मानव कल्याण को बढ़ाने वाले रूपांतरकारी समाधानों को व्यवहार में लाने का कार्य करती है।  

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के साथ चमकी ज्योतिर्मयी सिकदर, भारत को मिली नई स्टार रनर

नई दिल्ली  भारतीय एथलेटिक्स में पी.टी. उषा को 'उड़न परी' के नाम से जाना जाता है। उन्हें यह उपनाम उनकी बिजली की गति से दौड़ने वाली क्षमता की वजह से मिला था। पी.टी. उषा के बाद जिस महिला धावक ने अपनी दौड़ने की क्षमता से पूरे देश को प्रभावित किया और एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता, वो थीं ज्योतिर्मयी सिकदर। सिकदर को 'नई गोल्डन गर्ल' के नाम से जाना गया।  ज्योतिर्मयी सिकदर का जन्म 11 दिसंबर, 1969 को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के एक छोटे से गांव देबग्राम में हुआ था। ज्योतिर्मयी को एथलेटिक्स विरासत में मिली थी। उनके पिता, गुरुदास सिकदर, पोल वॉल्टर थे। ज्योतिर्मयी की दौड़ने की क्षमता को उनके पिता ने ही पहचाना था। उन्हें अपने पिता से कड़ा प्रशिक्षण मिला। इसके बाद मेंटर सत्यराम रॉय ने ज्योतिर्मयी की क्षमता को पहचाना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। 1992 में ऑल इंडिया ओपन मीट में उनका नेशनल डेब्यू शानदार था। 800मी में शानदार समय निकालते हुए, उन्होंने रजत पदक जीता। 1994 तक, ज्योतिर्मयी ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। 1500 मीटर में एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और नेशनल एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक जीता। 1994 के अंतरराष्ट्रीय आईटीसी एथलेटिक्स मीट में 800मी में कांस्य पदक जीता।  जकार्ता में 1995 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, उन्होंने 800मी में स्वर्ण पदक जीता। 1997 में, फुकुओका एशियन ट्रैक एंड फील्ड मीट में, उन्होंने 800मी और 1500मी श्रेणी में कांस्य पदक जीता। साथ ही 4×400मी रिले में रजत पदक जीता। 1998 ज्योतिर्मयी का सबसे अच्छा साल था, एक ऐसा साल जिसने उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। बैंकॉक एशियन गेम्स में, उन्होंने अपने करियर की सबसे अच्छी टाइमिंग दिखाई, 800 मी में 2:01.00 और 1500 मी में 4:12.82, जिससे उन्हें 4×400 मी रिले में दो स्वर्ण और एक रजत पदक मिला। इन सफलताओं के बाद ही उन्हें भारतीय खेलों की 'नई गोल्डन गर्ल' कहा जाने लगा। 1996 में अटलांटा में आयोजित ओलंपिक में उन्होंने 4×400 मी रिले में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और सातवें नंबर पर रही थीं। ज्योतिर्मयी सिकदर को दौड़ के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने 1995 में अर्जुन पुरस्कार, 1998 में राजीव गांधी खेल रत्न और 2003 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। एथलेटिक्स में बड़ी सफलता और सम्मान हासिल करने के बाद ज्योतिर्मयी ने राजनीति में एंट्री की और 2004 से 2009 तक वह पश्चिम बंगाल की लोकसभा सीट कृष्णानगर से लोकसभा सांसद थीं। नादिया जिले के एक छोटे से गांव में धान के खेत पर दौड़ने से लेकर अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत का तिरंगा झंडा फहराने तक की ज्योतिर्मयी सिकदर की कहानी प्रेरणादायी है।