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धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी, किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान

रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है। कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं। टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है। अवैध परिवहन पर सख्ती प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है। फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। कृषक श्रेणीवार प्रगति जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा। कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।

घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: योगी सरकार ने जांच तेज करने को दिए कड़े निर्देश

वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को काशी के दौरे पर आ रहे हैं। वे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इससे पूर्व बुधवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक हुई।  'सही ढंग से कराई जाए जांच' बैठक में महापौर ने सभी जोनल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार शहर में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की जांच शत-प्रतिशत सही ढंग से कराई जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।         होगी सख्त कार्रवाई महापौर ने कहा कि वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों द्वारा फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसकी जांच के लिए अपर नगर आयुक्त सविता यादव के नेतृत्व में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति द्वारा दोषी पाए जाने वाले फर्जी प्रमाण-पत्रों को तत्काल निरस्त करने तथा संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।  

जबरन वसूली–गैंगवार का कहर! कांग्रेस सांसद पहुंचे गृह मंत्री शाह के दरवाजे

लुधियाना कांग्रेस के लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गुरुवार को पंजाब में जबरन वसूली पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की मांग की। वारिंग ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पूरे पंजाब में भय का माहौल है। उन्होंने कहा, "लोगों, विशेषकर व्यापारियों, को विदेशों और जेलों से फोन आ रहे हैं और फिरौती की मांग की जा रही है।" उन्होंने कहा कि फिरौती न देने वालों की हत्या की जा रही है। हाल ही में लुधियाना में एक शादी समारोह के दौरान दिनदहाड़े गोलीबारी हुई। दोपहर करीब 1:30 बजे दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच गैंगवार छिड़ गया और गोलीबारी में दो मेहमान मारे गए। कांग्रेस सांसद ने शिरोमणि अकाली दल पर एक गैंगस्टर को टिकट देने और अपराधियों को राजनीति में खुली छूट देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि गुंडे खुलेआम सरपंचों को फोन करके वोट मांगने के लिए उन्हें धमका रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि अब बदमाश नेताओं और नौकरशाहों को भी फोन करके धमका रहे हैं। वारिंग ने अधिकारियों के हालिया उस फैसले की भी आलोचना की जिसमें एक कुख्यात गैंगस्टर को दूसरे राज्य की जेल में ही बंद रखा गया है, जिससे उसे मुकदमे के लिए दूसरे राज्यों में ले जाने पर प्रतिबंध लग गया है। उन्होंने कहा, "पंजाब जल रहा है और अधिकारी बेबस होकर देख रहे हैं।" इन सब घटनाओं के बावजूद, राज्य सरकार और पुलिस मूकदर्शक बने रहे। ऐसी स्थिति में, मैं गृह मंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और पंजाब को संकट से उबारने का आग्रह करता हूं। 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या पंजाब में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों की ओर इशारा करने वाले सबसे चर्चित अपराधों में से एक थी। इस मामले ने लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह की गतिविधियों को सुर्खियों में ला दिया था। नवंबर 2024 में, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई, अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अवैध दस्तावेजों का उपयोग करके देश में प्रवेश करने के आरोप में कैलिफोर्निया में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे वापस भारत लाया गया था। अनमोल से पूछताछ करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, वह बीकेआई-बिश्नोई गिरोह का एक प्रमुख सदस्य है और इसके संचालन में सक्रिय भूमिका निभाता है। उसके संदिग्ध खालिस्तानी संबंध और व्यापक आपराधिक नेटवर्क में उसकी संलिप्तता जांच के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। अनमोल कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है, जिनमें महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश का मामला भी शामिल है, जिनकी पिछले साल अक्टूबर में मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले, कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धमकी मिलने के कुछ ही समय बाद पंजाब में उनके बेटे पर गोली चलाई गई थी।

ग्राफ्टेड बैंगन से बदली खेती की तस्वीर – खरसिया के किसान मुरलीधर साहू ने

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना ने दी नई दिशा, कम लागत में लाखों की आय का रास्ता खुला आधुनिक तकनीक व उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से 80 क्विंटल से बढ़कर 170 क्विंटल तक पहुँची उपज रायपुर  ग्राफ्टेड बैंगन एक ऐसा पौधा है जो दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर बनाया जाता है, एक मजबूत जड़ वाला पौधा (रूटस्टॉक) और एक उच्च गुणवत्ता वाला फल देने वाला पौधा (स्कायन)। इस तकनीक से बैंगन की पैदावार बढ़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, और मिट्टी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड खरसिया के ग्राम करूमौहा के किसान श्री मुरलीधर साहू आज आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। कभी परंपरागत धान की खेती करने वाले श्री साहू को लागत अधिक और लाभ कम होने के कारण खेती में संतुष्टि नहीं थी। इसी बीच उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। यही मार्गदर्शन उनके कृषि जीवन में बड़ा बदलाव साबित हुआ। कम लागत में उत्पादन में बड़ा इजाफा उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण एवं प्रेरणा से उनका रूझान पारंपरिक खेती से बदलकर उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ा। विभाग की अनुशंसा पर उन्होंने अपनी एक हेक्टेयर भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन फसल का रोपण किया। जैविक खाद और जैविक दवाओं के प्रयोग से लागत भी कम रही और उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा देखने को मिला।    आधुनिक तकनीक से तीन गुना लाभ  राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपए का अनुदान भी मिला। इससे आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हुई और खेती की दिशा व दशा दोनों बदली। पहले जहां उपज 80 से 85 क्विटंल उत्पादन होता था वहीं आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद उपज बढ़कर 150 से 70 क्विंटल तक पहुँच गई। बाजार भाव अच्छा मिलने पर कुल आय 4.5 लाख रुपए और कुल लाभ लगभग 3 लाख रुपए तक पहुँच गया, जो पहले की तुलना में तीन गुना है। जैविक पद्धति और कम लागत में अधिक उत्पादन मुरलीधर साहू की सफलता को देखकर आसपास के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक पद्धति और कम लागत में अधिक उत्पादन का संदेश दूर-दूर तक फैल रहा है। उनकी यह सफलता कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और योजनाओं का लाभ लेकर किसान आज आर्थिक रूप से मजबूती की दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं। एक हेक्टेयर से बनी मिसाल”, ग्राफ्टेड बैंगन ने बदली आर्थिक स्थिति खरसिया के किसान मुरलीधर साहू ने एक हेक्टेयर में ग्राफ्टेड बैंगन की आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन को लगभग दोगुना कर दिया। जैविक विधियों, विभागीय मार्गदर्शन और बागवानी मिशन से प्राप्त अनुदान के सहारे उन्हें इस सीजन में करीब 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इस उपलब्धि ने क्षेत्र के किसानों में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है।

मानवता शर्मसार: ठिठुरन भरी सर्दी में पेंशन के चक्कर लगा रहा दिव्यांग, दोनों पैर पहले ही कट चुके

फरीदाबाद फरीदाबाद के सेक्टर 12 लघु सचिवालय डीसी कार्यालय के नीचे दोनों पैरों से विकलांग व्यक्ति अपनी पेंशन बनवाने के लिए पिछले 6 महीने से कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। जब भी वह पेंशन बनवाने के लिए आता है तो उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर कटवाए जा रहे हैं।  विकलांग राजकुमार ने बताया कि उसके दोनों पैर एक दुर्घटना के कारण कट गए थे जिसके चलते वह अब चलने में असमर्थ है लेकिन ऐसी भीषण ठंड में जब वह अपनी पेंशन के लिए कार्यालय में आता है तो उसके हाथ और शरीर भी नीचे चलने के कारण सुन हो जाते हैं लेकिन वह जब भी आता है तो उसे एक कार्यालय से दूसरे  कार्यालय भेज दिया जाता है। जो भी डॉक्यूमेंट उन्होंने मांगे थे वह सभी डाक्यूमेंट्स उन्होंने दे दिए लेकिन अभी तक भी उनकी पेंशन नहीं बनी है।

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025-26 की नई गाइडलाइन दरें लागू

आठ वर्षों बाद बड़े पैमाने पर रेशनलाइजेशन, शहरी–ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दूर हुई विसंगतियाँ रायपुर छत्तीसगढ़ शासन ने स्थावर संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित करने और गाइडलाइन दरों में वर्षों से चली आ रही असमानताओं को दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 की नई गाइडलाइन दरें पूरे राज्य में लागू कर दी हैं। “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गई हैं। यह संशोधन वर्ष 2018-19 के बाद पहली बार राज्यव्यापी स्तर पर किया गया है। राज्य में पिछले आठ वर्षों से गाइडलाइन दरों में कोई वृद्धि नहीं होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन मूल्य के बीच भारी अंतर पैदा हो गया था। इस स्थिति को सुधारने के लिए पूरे प्रदेश में वैज्ञानिक पद्धति से रेशनलाइजेशन कर नई दरें निर्धारित की गई हैं। जिलों की भौगोलिक स्थिति, शहरी संरचना, ग्रामीण बसाहट, सड़क संपर्क और आर्थिक गतिविधियों में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए अनेक जटिलताओं को सरल किया गया है। राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में पूर्व में एक ही वार्ड में 10 से 12 प्रकार की कंडिकाएँ लागू थीं, जिससे लोगों को अपने संपत्ति मूल्यांकन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई कंडिकाएँ तो वास्तविक रूप से अस्तित्व में ही नहीं थीं। नई गाइडलाइन दरों में अनावश्यक कंडिकाओं को हटाकर एक समान प्रकृति वाले क्षेत्रों को समाहित करते हुए सरल और पारदर्शी संरचना लागू की गई है। इससे अब एक ही क्षेत्र, समान सड़क या समान मार्ग पर संपत्तियों का मूल्यांकन एकरूपता के साथ होगा। इसी रेशनलाइजेशन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण जिला कोण्डागांव में दिखाई देता है, जहाँ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में भारी सुधार किए गए हैं। नगर पालिका कोण्डागांव के 22 वार्डों में पूर्व की 145 कंडिकाओं को घटाकर मात्र 30 कंडिकाएँ निर्धारित की गई हैं। इसी प्रकार नगर पंचायत फरसगांव में 49 कंडिकाओं को कम कर 15 तथा नगर पंचायत केशकाल में 45 कंडिकाओं को घटाकर 15 कंडिकाओं में समाहित किया गया है। इससे संपत्ति मालिकों को वास्तविक बाजार मूल्य की स्पष्ट समझ मिलेगी। राज्य के अनेक जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर बसे वार्डों या ग्रामों के दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। उदाहरणस्वरूप, कोण्डागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से लगे वार्डों में पूर्व दरें एक-दूसरे से काफी भिन्न थीं। वार्ड क्रमांक 22 की एनएच-30 कंडिका का रेट 10,850 रुपये प्रति वर्गमीटर था, जबकि इसी मार्ग के वार्ड क्रमांक 4 में यह 10,000 रुपये था। आमने-सामने स्थित वार्ड क्रमांक 1 और 2 में यह दर क्रमशः 7,800 और 8,700 रुपये नियत थी। नई गाइडलाइन में इन सभी को एक समान कर 12,000 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार केशकाल में एनएच-30 से लगे वार्डों के दरों को भी समायोजित करते हुए एक समान 9,500 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रस्तावित किए गए हैं। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी दरों में भारी सुधार किया गया है। हजारों ग्रामों में एक ही प्रकार की भूमि या एक ही मार्ग पर लगने के बावजूद दरों में व्यापक असमानता थी। कई ग्रामों में प्रति हेक्टेयर 59,000 रुपये तक की अत्यंत कम दरें थीं, जिससे किसानों को न तो उचित मुआवजा मिल पाता था और न ही भूमि बिक्री में बाजार मूल्य का लाभ। पेरमापाल, हंगवा, तोतर, आमगांव, आदनार, चेमा, छोटेउसरी, छोटेकोडेर, टिमेनार, एहरा और गदनतरई जैसे गांवों में दरों को आसपास के विकसित गांवों के अनुसार समायोजित किया गया है। राज्य के अन्य जिलें दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, कोरबा, धमतरी, बिलासपुर, कबीरधाम, कांकेर और बस्तर में भी इसी तरह सड़कों, बाजारों, बसाहटों और विकास की वास्तविक स्थिति का आकलन कर दरों में व्यापक सुधार किए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कों के दोनों ओर बसे ग्रामों और बस्तियों को एक समान मानक पर मूल्यांकन करते हुए दरों को संशोधित किया गया है। नई गाइडलाइन दरों में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्गमीटर की दर समाप्त कर दी गई है। अब सभी प्रकार की आवासीय और कृषि भूमि का मूल्यांकन एक समान हेक्टेयर दर से किया जाएगा। इससे छोटे टुकड़ों की भूमि और कृषि भूमि के बाजार मूल्य में जो असमानता थी, वह समाप्त होगी और किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य व मुआवजा प्राप्त होगा। पिछले आठ वर्ष में पूरे राज्य के शहरों और गांवों का तीव्र विकास हुआ है। सड़क, संपर्क, व्यावसायिक परिसर, आवासीय विस्तार और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हुई है। नई गाइडलाइन दरों में इन सभी परिवर्तनशील पहलुओं को वैज्ञानिक पद्धति से समाहित किया गया है, ताकि बाजार मूल्य और गाइडलाइन मूल्य के बीच का अंतर समाप्त हो तथा राज्य में संपत्ति आधारित लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बने। नई राज्य स्तरीय गाइडलाइन दरें भूमि मालिकों, किसानों, निवेशकों और आम नागरिकों को सही मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। साथ ही यह कदम राजस्व वृद्धि, ग्रामीण-शहरी विकास और रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थिरता एवं विश्वास बढ़ाने की दिशा में राज्य शासन का महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। ग्राम मसोरा में (विक्रेता– मनुराम चक्रधारी निवासी-गिरोला, क्रेता-शांति देवी कुशवाहा निवासी-कोंडागांव)रकबा 0.032 हेक्टेयर आवासीय भूमि का पूर्व गाइड लाइन के वर्गमीटर दर से गणना करने पर बाजार मूल्य 1,17,000/- पर कुल 12,402/- स्टाम्प व पंजीयन शुल्क होता जबकि नई गाइड लाईन हेक्टेयर दर अनुसार बाजार मूल्य 54,500/- पर स्टाम्प व पंजीयन शुल्क 5,777/- चुकाया गया जिससे पक्षकार को 6,625/- का लाभ हुआ! 

आइसलैंड क्रिकेट का तंज— इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में जीतने के लिए चाहिए अगली सदी का इंतज़ार!

नई दिल्ली  अपने चुटीले और व्यंग्यात्मक पोस्ट के लिए मशहूर आइसलैंड क्रिकेट ने एशेज सीरीज के बीच इंग्लैंड की टीम के मजे लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का जिक्र करते हुए मजेदार अंदाज में इंग्लैंड की टीम की चुटकी ली है। उसने लिखा है कि अब इस सदी में ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में हराना मुमकिन नहीं होगा। आइसलैंड क्रिकेट ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है, 'हमारे पास अंग्रेजों के लिए बुरी खबर है। 16 वर्ष से कम के लोगों के लिए सोशल मीडिया बैन करने के ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद अब उनके सारे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर अब अपना सारा समय क्रिकेट को सीखने में समर्पित करने जा रहे हैं। अब इस सदी में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीतना संभव नहीं होगा।' एशेज के शुरुआती 2 टेस्ट हार चुका है इंग्लैंड मौजूदा एशेज सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है। पहला टेस्ट तो 2 दिन में ही खत्म हो गया था। आइसलैंड क्रिकेट ने मौजूदा एशेज में इंग्लैंड के इस खराब प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया में किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर लगे बैन को जोड़ते हुए इंग्लिश की टीम को ट्रोल किया है। ऑस्ट्रेलिया में बच्चे नहीं कर पाएंगे सोशल मीडिया का यूज ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध बुधवार से प्रभावी हो गया और देश के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने दुनिया में इस तरह के पहले सोशल मीडिया प्रतिबंध का स्वागत किया है। हालांकि, अल्बनीज ने आगाह किया है कि इसका कार्यान्वयन कठिन हो सकता है। अल्बनीज ने सार्वजनिक प्रसारक ‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ (एबीसी) को बुधवार को बताया, ‘आज वो दिन है जब ऑस्ट्रेलिया के परिवार इन बड़ी तकनीकी कंपनियों से अधिकार वापस ले रहे हैं और बच्चों के बच्चे होने के अधिकार और माता-पिता के मानसिक शांति के अधिकार पर जोर दे रहे हैं।’ सोशल मीडिया का बच्चों पर नकारात्मक असर के चलते फैसला अल्बनीज ने बाद में सिडनी में सुधार समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह सुधार जिंदगियां बदल देगा। ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के लिए… उन्हें अपना बचपन जीने का मौका देगा। ऑस्ट्रेलिया के माता-पिता के लिए, उन्हें अधिक मानसिक शांति प्रदान करेगा। लेकिन वैश्विक समुदाय के लिए भी, जो ऑस्ट्रेलिया की ओर देख रहे हैं और कह रहे हैं: अगर ऑस्ट्रेलिया यह कर सकता है, तो हम क्यों नहीं?’   सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती फेसबुक, इंस्टाग्राम, किक, रेडिट, स्नैपचैट, थ्रेड्स, टिकटॉक, एक्स, यूट्यूब और ट्विच जैसे सोशल मीडिया मंच अगर 16 वर्ष से कम उम्र के ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के अकाउंट को हटाने के लिए उचित कदम उठाने में विफल रहते हैं तो उन्हें बुधवार से 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (3.29 करोड़ अमेरिकी डॉलर) तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। अल्बनीज ने कहा कि सोशल मीडिया प्रतिबंध का कार्यान्वयन कठिन होगा। ऑस्ट्रेलिया क्रिसमस तक यह पुष्टि करेगा कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध कारगर साबित हो रहा है या नहीं।  

दंतेवाड़ा में कलेक्टर दुदावत ने नहाड़ी और पोटाली ग्रामों का किया दौरा

दंतेवाड़ा : कलेक्टर दुदावत ने नहाड़ी व पोटाली के ग्रामों का किया निरीक्षण ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को सुनीं, मलेरिया मुक्त अभियान में सहयोग का आह्वान दंतेवाड़ा कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने जिले के दूरस्थ अंचल नाहाड़ी और पोटाली का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और लंबित कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा रखे गए प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को स्थल पर ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ग्राम पोटाली में ग्रामीणों ने पंचायत भवन, गांव की सड़क व्यवस्था, आंगनबाड़ी भवन, बाजार शेड, पीडीएस भवन में शेड की व्यवस्था, देवगुड़ी में शेड निर्माण, हैंडपंप की मरम्मत, स्थापना, तार-फेंसिंग तथा पीडीएस भवन परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाने की मांग रखी। मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि इनमें से अनेक कार्य पहले से स्वीकृत हैं, परंतु अब तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं, जिससे दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों की अद्यतन सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।  इस दौरान ग्राम नाहाड़ी में ग्रामीणों ने सड़क संपर्क, आंगनबाड़ी भवन तथा स्कूल भवन के निर्माण को प्रमुख मांग के रूप में प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने बताया कि भवनों की स्वीकृति होने के बावजूद निर्माण अधूरा है, जिससे बच्चों व महिलाओं के लिए असुविधा होती है। कलेक्टर  दुदावत ने आश्वासन दिया कि बुनियादी सुविधाओं को हर ग्राम तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधूरे कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य पारा-टोलों से मिली मांगों को जैसे ही संबंधित अधिकारी प्रस्तुत करेंगे, प्रशासन उन पर भी त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। कलेक्टर ने उक्त ग्रामों के सरपंचों से आग्रह किया कि वे स्वीकृत कार्यो को सर्वप्रथम कराने की पहल करे तत्पश्चात अन्य ग्राम संबंधित कार्य प्रारंभ किए जाएगें। इसके लिए उन्होंने जनपद पंचायत सहित अन्य विभागों को ग्राम सरपंचों से समन्वय एवं मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन अपडेट करें और वास्तविक स्थिति की समीक्षा नियमित रूप से की जाए। निरीक्षण के अंत में कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने ग्रामीणों से अपील की कि जिले में 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ शासन द्वारा संचालित किया जा रहा है, इसलिए सभी ग्रामीण अनिवार्य रूप से मलेरिया की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि मलेरिया से बचाव के लिए समय पर जांच व उपचार अत्यंत आवश्यक है और ग्रामीणों के सहयोग से ही जिले को मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  जयंत नाहटा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

कौन बनेगा यूपी का नया प्रदेश अध्यक्ष? तारीख तय, इस चेहरे की सबसे ज्यादा चर्चा

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तर प्रदेश इकाई में संगठनात्मक बदलाव की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल आज शाम तक लखनऊ पहुंचेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करेंगे। उनकी यह यात्रा प्रदेश में नए संगठनात्मक नेतृत्व के चयन से जोड़कर देखी जा रही है। सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि पार्टी इस बार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के नेता पर भरोसा जता सकती है। इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।  कब होगा ऐलान?  माना जा रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान अगले दो से तीन दिनों के भीतर निर्वाचन प्रक्रिया के तहत हो सकता है। पीयूष गोयल को यूपी चुनाव प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। उनके नेतृत्व में चुनाव प्रबंधन, संगठन विस्तार, उम्मीदवार चयन और जनसंपर्क अभियानों को गति देने की योजना है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, गोयल प्रदेश के सभी संगठनात्मक स्तरों पर जाकर तैयारियों का जायजा लेंगे और नए अध्यक्ष के औपचारिक एलान को अंतिम रूप देंगे। BJP की पुरानी राजनीति का हिस्सा है अध्यक्ष बदलना  भाजपा ने हाल ही में प्रांतीय परिषद के सदस्यों की घोषणा की है, जिसे व्यापक संगठनात्मक फेरबदल का संकेत माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नई टीम के साथ चुनावी तैयारियों को मजबूती मिलेगी और प्रदेश भर में संगठन अधिक सक्रिय होगा। वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष बदलना भाजपा की पुरानी रणनीति का हिस्सा रहा है, जिससे संगठनात्मक ढांचे में ताजगी बनी रहती है। इस बार भी यह फैसला चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि, 'पीयूष गोयल का लखनऊ आना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है।  रेस में कौन है सबसे आगे? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। लोध समुदाय से ताल्लुक रखने वाले वर्मा को पार्टी का प्रमुख ओबीसी चेहरा माना जाता है। वहीं, स्वतंत्र देव सिंह (जल शक्ति मंत्री), अमरपाल मौर्य (राज्यसभा सांसद) और धर्मपाल सिंह जैसे ओबीसी नेताओं का भी नाम सामने आ रहा है। 

शिक्षा मंत्री ने जोधपुर के हर्बल गार्डन में किया पौधरोपण

जयपुर जोधपुर जिला प्रभारी एवं शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जोधपुर के माता का थान चौराहा के पास स्थित हर्बल गार्डन में जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि औषधीय पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, नागरिकों एवं युवा वर्ग से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।