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सावधान पंजाब! ताज़ा रिपोर्ट में सामने आए जानलेवा खतरे के सबूत

पंजाब  पंजाब में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर दो घंटे में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार होकर दम तोड़ रहा है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तेज रफ्तार सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में हर दिन औसतन 8 लोग स्पीड की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में मौतों के आंकड़ों में 22% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, ओवरलोडिंग, नशे में गाड़ी चलाना और लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने से भी बड़ी संख्या में जानें जा रही हैं। पंजाब सरकार द्वारा लोगों को जागरुक किया जा रहा है और चालान भी काटे जा रहे हैं पर फिर भी लोग समझ नहीं रहे हैं।  

STF की बड़ी कार्रवाई: कफ सिरप रैकेट के दो मास्टरमाइंड भाई लखनऊ में गिरफ्तार

लखनऊ  यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने कोडीन युक्त सिरप का अवैध भंडारण करने में दो आरोपियों सगे भाई अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को लखनऊ में गिरफ्तार किया। दोनों सहारनपुर के रहने वाले है। कोडीन युक्त सिरप प्रकरण की जांच में लगी एसटीएफ और एफएसडीए ने अभी तक कई खुलासे किए हैं। वहीं सिरप प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी कई बिन्दुओं पर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। एसआईटी जांच में यह भी देखेगी कि पिछले साल जांच के बाद दर्ज एफआईआर में पूर्व सांसद का करीबी बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा का नाम विवेचना में सामने आ चुका था, फिर भी इसे दबाए क्यों रखा गया। उसे बचाने में लगे रहे पुलिस कर्मियों की भूमिका का भी पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही फर्जी फर्म और फर्जी ई-बिल से कितने करोड़ रुपये की तस्करी की गई, इसके लिए जीएसटी विभाग से पूरा ब्योरा ले लिया गया है। शासन ने इस प्रकरण के तूल पकड़ने पर आईजी एल. कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उसने सबसे पहले अब तक दर्ज एफआईआर का ब्योरा लेने के साथ ही जीएसटी विभाग से उन फर्मों की जानकारी ली है जिनके जरिए वाराणसी से पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश तक सिरप की सप्लाई की गई। बर्खास्त सिपाही के मददगार पुलिसकर्मियों पर भी नजर एसआईटी अपनी जांच में यह भी पता करेगी कि आलोक सिंह, अमित टाटा का नाम गाजियाबाद, सोनभद्र और लखनऊ में दर्ज एफआईआर की विवेचना में नाम सामने आने के बाद उन्हें बचाने की कोशिश किसकी शह पर की जाती रही। इसमें आलोक के मददगार पुलिस कर्मियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। साथ ही आलोक सिंह द्वारा बनाई गई दो फर्मों मां शारदा व एक अन्य के लेन-देन का भी ब्योरा लिया गया है। इसके अलावा एसआईटी ने एफआईआर से सम्बन्धित जिलों की पुलिस, एसटीएफ की अब तक की कार्रवाई की पूरी जानकारी लेने के साथ ही ईडी से भी सम्पर्क किया है। ईडी भी इस मामले में मनी नांड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) ने भी कफ सिरप प्रकरण में जांच शुरू कर दी है। नारकोटिक्स ब्यूरो के लखनऊ कार्यालय ने कई फार्मा कम्पनियों को आवंटित किए जाने वाले कोडीन का ब्योरा मांगा है। कोडीन युक्त सिरप की तस्करी को लेकर ही इस समय हड़कम्प मचा हुआ है। नारकोटिक्स ब्यूरो के अफसरों के मुताबिक नशीले कफ सिरप की सप्लाई में कई गिरोह लगे हुए है। इनको ये सप्लाई ग्वालियर से की जा रही थी। इस पर ही ब्यूरो की टीम ने ग्वालियर से इन फार्मा कम्पनियों का ब्योरा मंगवाया है। छह महीने प हले नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो ने अमीनाबाद में छापा मार कर नशे में इस्तेमाल होने वाली लाखों टेबलेट के साथ कोडीन युक्त सिरप की बोतलें बरामद की थी।

एम.पी. ट्रांसको शुरू करेगी ‘रोको-टोको’ अभियान, बिजली चोरी और अनधिकृत उपयोग के खिलाफ कड़ा कदम

एम.पी. ट्रांसको चलाएगी ‘रोको-टोको‘‘अभियान इंदौर की ट्रांसमिशन लाइनों में चायनीज मांझा फँसने से दो वर्षों में 13 बार बिजली बाधित भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर शहर में ट्रांसमिशन लाइनों के नजदीक चायनीज मांझे से पतंग उड़ाने के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और विद्युत व्यवधानों पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सतर्क व सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कंपनी इंदौर में विशेष ‘‘रोको-टोको ‘‘ अभियान चलाएगी। एम.पी. ट्रांसको की कार्यपालन अभियंता मती नमृता जैन ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में इंदौर क्षेत्र में 13 बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब पतंग के साथ चायनीज मांझा ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आया, जिससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित हुई, बल्कि ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त भी हुईं। चलाया जायेगा जागरूकता अभियान रोको-टोको अभियान के तहत, एम.पी. ट्रांसको ने इंदौर के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहाँ बहुतायत में पतंग उड़ाई जाती हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर, बैनर और पी.ए. सिस्टम के माध्यम से भी लोगों को सचेत और सतर्क किया जाएगा, ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को व्यापक क्षेत्र में बिजली के अनावश्यक लंबे व्यवधान का सामना न करना पड़े। क्यों घातक है चायनीज मांझा दरअसल, चायनीज मांझा, जो कि सामान्य सूती धागे से अलग होता है, विद्युत का सुचालक होने के कारण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने पर यह न केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान डालता है, बल्कि जान-माल की हानि का कारण भी बन सकता है। जब यह मांझा बिजली के तारों से टकराता है, तो इसमें मौजूद सामग्री के कारण करंट प्रवाहित हो सकता है, जिससे पतंग उड़ाने वाले और आसपास के लोगों को गंभीर खतरा होता है। इंदौर में ये क्षेत्र है संवेदनशील इंदौर में जिन क्षेत्रों को चायनीज मांझा के साथ पतंग उड़ाने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है, उनमें मुख्य रूप से लिम्बोदी, मूसाखेड़ी, खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, गौरीनगर, बाणगंगा, तेजाजी नगर और नेमावर रोड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभियान पर विशेष जोर रहेगा।  

दिग्विजय सिंह बोले— RSS की यह बात काबिल-ए-तारीफ है, जानें क्या कहा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने

जयपुर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) पर अक्सर हमला करते रहते हैं। मगर इस बार मामला उलटा नजर आ रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक मंच से कहा- RSS की एक बात की मैं तारीफ करना चाहूंगा कि उनका 1925 से लेकर आज तक…. जानिए दिग्विजय सिंह ने क्या कहा? मीडिया चैनल पर चल रही बातचीत के दौरान उनसे राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ पर कांग्रेस द्वारा हमला करने से जुड़े सवाल पूछे जा रहे थे। इसी समय पूछा गया- आरएसएस राष्ट्र विरोधी है या नहीं? इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं आरएसएस को राष्ट्र विरोधी नहीं कहूंगा। इसके बाद कहा- “RSS की एक बात की मैं तारीफ करना चाहूंगा कि उनका 1925 से लेकर आज तक का एजेंडा एक ही है, 'हिंदु राष्ट्र'। ये लोग हिंदु राष्ट्र के एजेंडा से इधर उधर नहीं जाते हैं।” RSS प्रचारकों को सिर्फ हिंदु राष्ट्र दिखाई देता दिग्विजय सिंह ने कहा- "मैं हमेशा मजाक में कहता हूं कि जिस तरह से रास्ता पर चलते हुए तांगे के घोड़े को सिर्फ सड़क दिखती है। उसी तरह RSS के प्रचारक को सिर्फ हिंदु राष्ट्र दिखाई देता है। इधर-उधर वो देख भी नहीं पाता है।" इसी बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने RSS पर हमला भी बोला। सिंह ने कहा- RSS लोकतंत्र के पक्ष में नहीं है। उन्होंने देश के संविधान को कभी भी स्वीकार नहीं किया। RSS की विचारधारा भारतीय संविधान के खिलाफ इसके बाद उन्होंने कहा- मुझे बताने की जरूरत नहीं है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ जिसको प्रधानमंत्री जी दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताते हैं, वह एक अनरजिस्टर्ड एनजीओ है। क्या कोई एनजीओ देश में बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर सकता है क्या? RSS जिसकी विचारधारा शुद्ध रूप से भारतीय संविधान के खिलाफ है, उस पर कोई नियम लागू नहीं होगा।

HC का कड़ा रुख: अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक, जांच पूरी होने तक स्टे

चंडीगढ़  हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) की भर्ती के लिए कराई गई स्क्रीनिंग परीक्षा पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रश्नपत्र में कई ऐसे सवाल शामिल थे, जिनका कृषि या भर्ती के उद्देश्य से कोई संबंध नहीं दिखता। इसी आधार पर कोर्ट ने चयन प्रक्रिया की आगे की कार्यवाही रोकने का आदेश दिया है। यह आदेश 14 नवंबर को घोषित हुए स्क्रीनिंग परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मौदगिल ने पारित किया। उम्मीदवारों का कहना था कि परीक्षा का प्रश्नपत्र उस विषय से भटका हुआ था, जिसके लिए भर्ती की जा रही थी। उन्होंने स्क्रीनिंग परिणाम रद करने और प्रासंगिक पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा दोबारा करवाने की मांग की। साथ ही, यह भी कहा कि नौ प्रश्न हटाए जाने के बाद नकारात्मक अंकन को ध्यान में रखते हुए आनुपातिक क्षतिपूर्ति अंक दिए जाने चाहिए थे।

कांग्रेस घिरी चारों तरफ! नवजोत कौर विवाद पर अब AAP की एंट्री

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के हालिया बयान ने पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है. उनके इस दावे “कांग्रेस में 500 करोड़ रुपए न होने पर CM की कुर्सी नहीं मिलती” पर अब आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को आडे हाथ लिया है. आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक छह AI से बनाए गए पोस्टर्स जारी किए हैं. इन पोस्टर्स में तंज कसते हुए दिखाया गया है कि पंजाब में “CM की कुर्सी” कथित तौर पर धन के बल पर मिलती है. यह निशाना नवजोत कौर सिद्धू के बयान से जोड़कर साध जा रहा है.   CM भगवंत मान का बयान दूसरे पोस्टर में CM भगवंत मान का वह कथित बयान दिखाया गया है कि “500 करोड़ देकर कोई सेवा नहीं हो सकती… जो पार्टी 500 करोड़ लेती है, वो पहले खुद 500 करोड़ पूरा करे.” सिद्धू और अन्य नेताओं पर निशाना तीसरे पोस्टर में नवजोत कौर के बयान को आधार बनाकर रफ्तार चौधरी, सिद्धू और अन्य कांग्रेस नेताओं पर व्यंग्य किया गया है कि टिकट-पद के लिए उनके ऊपर “आरोपों की मार” पड़ रही है.   कौन बनेगा चीफ मिनिस्टर थीम चौथे पोस्टर में मशहूर टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तर्ज पर ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ बनाया गया है. इसमें सवाल पूछा गया है कि ‘कांग्रेस में CM की कुर्सी की सही कीमत क्या है? विकल्प के तौर पर 100, 350, 400 और 500 करोड़ दिए गए हैं. नोटों से बनी CM कुर्सी तक की सीढ़ियां एक अन्य AI पोस्टर में CM कुर्सी तक पहुंचने के लिए नोटों की गड्डियों से सीढ़ी बनाई गई है. इसके साथ लिखे पंजाबी में मैसेज का मतलब है कि कांग्रेस के अलग-अलग नेता केवल गुणगान करते रहे गए और चन्नी मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हो गए. अकाली दल भी कर चुका है AI वीडियो जारी AAP से पहले अकाली दल भी इसी मामले पर एक AI वीडियो जारी कर चुका है. इसमें दावा किया गया था कि चन्नी ने 500 करोड़ रुपए देकर कांग्रेस हाईकमान से CM की कुर्सी हासिल की थी. नवजोत कौर सिद्धू का बयान अब पंजाब सियासत में नया विवाद बन चुका है, जिसका विपक्ष लगातार इस्तेमाल कर रहा है. नवजोत कौर ने आरोप लगाया था कि पंजाब कांग्रेस के नेता पैसा लेकर टिकट देते हैं. उन्होंने अपने आरोप में कई वरिष्ठ नेताओं का नाम लिया था. इसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया.  

डी विलियर्स का गंभीर पर बयान— ‘संवेदनशील मुद्दा, सावधानी बरतें’

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डी विलियर्स ने कहा कि वह भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के इस विचार से ‘कुछ हद तक’ सहमत हैं कि वनडे बल्लेबाजी क्रम को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है लेकिन उन्होंने टीम में लचीलापन और खिलाड़ियों की मुख्य भूमिका के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर जोर दिया। भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-1 से जीत के बाद गंभीर ने कहा था कि उन्हें लगता है कि वनडे फॉर्मेट में बल्लेबाजी क्रम को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है। डी विलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘‘मैं उनसे कुछ हद तक सहमत हूं। मुझे वनडे में बल्लेबाजों के क्रम में बदलाव करना पसंद रहा है। लेकिन यह एक नाजुक मामला है क्योंकि आप खिलाड़ियों की भूमिकाओं के साथ ज्यादा छेड़छाड़ नहीं कर सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसमें शीर्ष तीन, चार से छह नंबर के बल्लेबाज शामिल होते हैं। इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों की बारी आती है। यह लगभग तीन खंडों की तरह है और आप वास्तव में इसके साथ रचनात्मक हो सकते हैं। दाएं और बाएं हाथ के संयोजन बनाने के लिए और खेल की कुछ विशेष परिस्थितियों के अनुसार बदलाव करना सही है।’’ डी विलियर्स ने भारतीय टीम की जमकर तारीफ करते हुए कहा, ‘‘भारत का प्रदर्शन विशेषकर टी20 प्रारूप में अविश्वसनीय रहा है। यह तीनों प्रारूपों में सबसे अस्थिर प्रारूप है और ऐसे में अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का मतलब है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। मुझे लगता है कि इसका संबंध भारतीय क्रिकेट की गहराई से है।’’  

जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा शुरू हुई चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में चलेगी प्रतिस्पर्धा

दंतेवाड़ा : पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में बनाये जायेगें ‘सोलर मॉडल विलेज’ जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा शुरू हुई चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में चलेगी प्रतिस्पर्धा सौर संयंत्र स्थापना, जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार पर तय होगा मॉडल विलेज का चयन  दंतेवाड़ा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में कलेक्टर  कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब नवीन जनगणना के आधार पर ऐसे राजस्व ग्रामों का चयन किया जाना आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जबकि नवीनतम जनगणना अनुसार जिले में 5,000 से अधिक आबादी वाले ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण जिला स्तरीय समिति द्वारा जिले के प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा। दंतेवाड़ा जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्रामों में ग्राम कारली, बालूद, टिकनपाल, कुआकोंडा, ग्राम गड़मिरी, मेटापाल, गुडसे, दुगेली, बड़े बचेली और कासोली शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा। ‘सोलर मॉडल विलेज’ हेतु जिले के सभी विकासखंड से ग्रामों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब माह फरवरी 2026 तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जन जागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, डॉक्टर तथा ग्राम अंतर्गत शासकीय अधिकारी कर्मचारी सदस्य के रूप में शामिल हो सकते हैं। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सौर सुजला योजना,  पी.एम. सूर्य घर योजना, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।   इस संबंध में क्रेडा के सहायक अभियंता  रविकांत भारद्वाज ने बताया कि दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी अथवा गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और मूल्यांकन के लिए 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत भी कर सकेगा। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्राम में स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, प्रेषित प्रस्ताव, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर होगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम के विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा। ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके। इस संबंध में क्रेडा विभाग द्वारा प्रतिस्पर्धा की प्रक्रिया जारी है और निर्धारित मानकों के आधार पर जिले के आदर्श सौर ग्राम का चयन समय सीमा में कर लिया जाएगा।

मानवाधिकार दिवस पर नारी निकेतन ने लिखी संवेदनशील कहानी

रायपुर : 4-5 वर्षों से लापता दिव्यांग युवती ममता की हुई घर वापसी मानवाधिकार दिवस पर नारी निकेतन ने लिखी संवेदनशील कहानी पिता-पुत्री का भावुक मिलन, बिहार शरीफ लौट सकी ममता उर्फ अंशु रायपुर स्वतंत्रता, समानता और न्याय के मौलिक अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के प्रति सदैव सजग रहेंगे, उन्हें महत्व देंगे। नारी निकेतन अम्बिकापुर ने मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए पिछले 4-5 वर्षों से लापता मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं शारीरिक रूप से विकलांग युवती ममता उर्फ अंशु पासवान को उसके परिवार से मिलाया। यह मिलन विशेष रूप से भावुक रहा क्योंकि मानवाधिकार दिवस के अवसर पर ममता को अपने जीवन का सबसे बड़ा अधिकार घर और परिवार का स्नेह वापस मिला। वर्षों बाद अपनी बेटी को देखकर पिता भावुक हो उठे और संस्था द्वारा की गई देखभाल, सुरक्षा, पोषण, उपचार और सहयोग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।            अक्टूबर 2025 में बैकुंठपुर रेलवे स्टेशन के पास भटकती हुई अवस्था में मिली ममता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और शारीरिक विकलांगता के कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ थी। 15 अक्टूबर 2025 से वह नारी निकेतन में रह रही थी, जहाँ वह अपना नाम, घर और पहचान तक बताने में असमर्थ थी। नारी निकेतन ने उसे न केवल सुरक्षित आश्रय दिया, बल्कि जिला चिकित्सालय अम्बिकापुर के मनोरोग विभाग से निरंतर उपचार और संस्था के परामर्शदाताओं द्वारा नियमित काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की। धीरे-धीरे मानसिक स्थिति सुधरने पर ममता को अपने पिता का मोबाइल नंबर याद आया, जिससे उसकी पहचान का महत्वपूर्ण सुराग मिला।             संस्था द्वारा संपर्क किए जाने पर पता चला कि ममता नालंदा (बिहार) की निवासी है। इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर नालंदा ने फोटो के माध्यम से पहचान की पुष्टि की और उसके परिवार का पता निर्धारित किया। दोनों संस्थाओं के लगातार समन्वय एवं प्रयासों से युवती का पुनर्वास संभव हो सका। मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर 2025 को नारी निकेतन में औपचारिक रूप से ममता को उसके पिता  कैलाश पासवान और परिजनों को सौंप दिया गया। वर्षों बाद अपनी बेटी को देखकर पिता भावुक हो उठे और संस्था द्वारा की गई देखभाल, सुरक्षा, पोषण, उपचार और सहयोग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। बिहार शरीफ के छोटे कृषक  पासवान ने कहा कि उनकी बेटी का सुरक्षित मिलना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।           नारी निकेतन के संवेदनशील प्रयासों, नियमित उपचार, परामर्श, पोषण और संरक्षण ने ही ममता को अपनी पहचान याद करने में सक्षम बनाया और अंततः उसकी घर वापसी सुनिश्चित की। यह सफलता न केवल एक परिवार के पुनर्मिलन की खुशी है, बल्कि मानवता और मानवाधिकारों की सच्ची जीत का प्रतीक भी है।

तख़्त या ताबूत? इमरान खान के करीबी जनरल फैज़ हमीद को पाक आर्मी कोर्ट से 14 साल की सज़ा

इस्लामाबाद  मुगल साम्राज्य के जमाने से चली आ रही ‘तख्त या ताबूत’ वाली कहावत पाकिस्तान के वर्तमान हालात पर सटीक बैठ रही है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय जेल में हैं और उनके करीबी सैन्य जनरल फैज हमीद को पाकिस्तान आर्मी की कोर्ट ने 14 साल कैद की सजा सुनाई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख रहे फैज हमीद किसी वक्त पाकिस्तानी सेना के चीफ बनाए जाने के संभावित नामों में शामिल थे, लेकिन फिर हालात बदले और इमरान खान समेत वह जेल में पहुंच गए।   जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरलन (रिटायर) फैज हमीद को 14 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना की सार्वजनिक मामलों की शाखा, आईएसपीआर ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि एक सैन्य अदालत ने फैज हमीद पर कदाचार, सैन्य सेवा नियमों में उल्लंघन राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने, अधिकारों और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग, व्यक्तियों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सजा सुनाई है। आईएसपीआर ने बताया कि लंबी और कठिन सुनवाई के बाद सैन्य अदालत ने फैज हमीद को सभी आरोपों में दोषी पाया गया है। इसी के तहत 11 दिसंबर को आधिकारिक रूप से फैज को 14 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना की गुरिल्ला अदालत की वकालत करते हुए आईएसपीआर ने जोर देकर कहा कि इस मुकदमे के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। हमीद को अपनी पसंद का वकील नियुक्त करने का अधिकार दिया या था और उन्हें इस फैसले के खिलाफ सही मंच पर अपील करने का अधिकार भी प्राप्त है। गौरतलब है कि हमीद उस वक्त वैश्विक हेडलाइन में आए थे, जब आईएसआई चीफ के रूप में वह 2021 में अमेरिका के अफगानिस्तान से जाने के बाद तालिबान के साथ बैठक करने काबुल जा पहुंचे थे। यहां पर उनकी चाय पीते हुए एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसकी चर्चा बाद में पूरी दुनिया में हुई थी। इमरान खान की सरकार के दौरान उन्हें पाकिस्तानी सेना और सरकार के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता था। इसके अलावा जब तत्कालीन जनरल बाजवा के रिटायर होने की खबरें सामने आई तो सेना प्रमुख के लिए भी फैज हमीद का नाम आगे था।