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केवल 68 शब्द! शिवाजी महाराज का इतिहास ‘संक्षेप’ करने से महाराष्ट्र सदन में विरोध के स्वर तेज

मुंबई  छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को सीबीएसई की किताबों में केवल 68 शब्दों का स्थान मिला है। इस बात पर भड़कते हुए निर्दलीय विधायक सत्यजीत तांबे ने महाराष्ट्र विधान परिषद में कड़ा रोष व्यक्त किया है। सत्यजीत ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सीबीएसई के पास छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी जानकारी नहीं है तो राज्य सरकार को इस विषय पर जानकारी देनी चाहिए।   विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाते हुए तांबे ने कहा कि केंद्रीय स्कूलों में पाठ्यक्रम में शिवाजी महाराज के पूरे इतिहास को केवल 68 शब्दों में समेट दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का इतिहास देश भर तक नहीं पहुंच रहा है। यह महाराष्ट्र सरकार और शिक्षा विभाग की विफलता है। सदन में इस मुद्दे पर आधा घंटा चर्चा की मांग करते हुए तांबे ने कहा, "महाराष्ट्र के आराध्य छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास अगर देशभर के विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच रहा है, तो यह राज्य के शिक्षा विभाग की विफलता है। शिवाजी महाराज ने राज्य को खड़ा किया। विविध समाज के मावलों को एक साथ लाकर बहुजन हिताय राज्य की स्थापना की। उन्होंने माता जीजाबाई और पिता शाहजी राजेके स्वराज्य के स्वप्न को साकार किया।" तांबे ने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इतना प्रेरणादायक और विशाल इतिहास आखिर केवल 68 शब्दों में कैसे समेटा जा सकता है? तांबे ने आरोप लगाया कि सीबीएसई में अन्य राजाओं के इतिहास का विस्तृत वर्णन दिया गया है। कई ऐसे राजाओं के बारे में भी भर-भरकर लिखा गया है, जिन्होंने अपने जीवन में केवल महल बनवाए थे, तो फिर आखिर छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर राज्य सरकार उदासीन क्यों है? तांबे की बात को बाद में अन्य सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों का भी समर्थन मिला। सरकार की तरफ से मंत्री डॉक्टर पंकज भोयर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, "राज्य शिक्षा आयोग को एनसीआरटी का पाठ्यक्रम बदने का अधिकार नहीं है। हालांकि, इस विषय पर परिषद ने जरूरी जानकारी एनसीआरटी को भेज दी है। हम आगे भी यह जानकारी भेजते रहेंगे।"  

इरफान पठान का टीम इंडिया पर निशाना: बोले– गिल से उम्मीदें ठीक, पर सैमसन से नहीं!

नई दिल्ली  भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि शुभमन गिल की खराब फॉर्म न केवल उन पर व्यक्तिगत रूप से बल्कि टीम प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ा रही है। पठान ने जियो हॉटस्टार पर कहा कि संजू सैमसन को वापस लाकर पहले की तरह के सफल बल्लेबाजी संयोजन को बहाल करना भी उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि केरल के इस खिलाड़ी को भी अपनी लय वापस पाने में कुछ समय लगेगा। भारत के लिए टी20 में सलामी बल्लेबाज के तौर पर सैमसन काफी सफल रहे थे। इसके बाद जब गिल को टी20 उप-कप्तान बनाया गया तो सैमसन की जगह उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतारा गया। भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान गिल हालांकि खेल के सबसे छोटे प्रारूप में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाए।   पठान ने कहा, ‘‘शुभमन गिल कह सकते हैं कि उन्होंने एक बहुत अच्छी गेंद पर अपना विकेट गंवाया। अगर गिल फॉर्म में होते तो वे उस गेंद को आसानी से खेल लेते। वे फॉर्म में नहीं हैं। जहां तक कप्तान सूर्यकुमार यादव की बात है तो मुझे लगता है कि उन्हें अपने ऑफ साइड के खेल पर ध्यान देने की जरूरत है। जब वे आउट हुए तो वे पूरी तरह से गलत पोजीशन में थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गिल का रन नहीं बना पाना एक बुरा संकेत है और इससे उन पर और टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ जाता है। वे सोच रहे होंगे कि क्या किया जाए। यह स्थिति और खराब नहीं होनी चाहिए।’’ पठान ने कहा, ‘‘अगर उनसे फिर भी रन नहीं बन पा रहे हैं तो आप संजू सैमसन को वापस लाकर उनसे तुरंत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते, खासकर तब जब वह भी लय में न हों। इससे कई सवाल पैदा हो गए हैं। अगर वे सैमसन को वापस प्लेइंग XI में शामिल करते हैं, तो उनके लिए रन बनाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।’’    उन्होंने सूर्यकुमार की मुश्किलों का भी जिक्र किया, जो कप्तानी संभालने के बाद से कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हैं। पठान ने कहा, ‘‘सूर्या पर दबाव होगा क्योंकि वह कप्तान हैं और कप्तान होने के नाते प्लेइंग XI में आपकी जगह स्वतः ही पक्की हो जाती है। एक खिलाड़ी के तौर पर अगर आपने एक साल में रन नहीं बनाए हैं, तो आप दबाव में होते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वर्ल्ड कप (अगले साल फरवरी-मार्च में) से पहले उन्हें अपनी फॉर्म में वापसी करनी होगी। उन्हें बल्लेबाजी की सही स्थिति और बेहतर शॉट चयन की जरूरत है। सूर्या लेग साइड की तरफ सीधी गेंद पर आउट हो रहे हैं। जब आप इस तरह से आउट हो रहे हैं तो आपको ऑफ साइड में अधिक खेलने की कोशिश करनी चाहिए।’’  

बीएड योग्यताधारी नवनियुक्त शिक्षकों के लिये सूचना

बीएड योग्यताधारी नवनियुक्त शिक्षकों के लिये सूचना भोपाल  लोक शिक्षण संचालनालय ने जानकारी दी है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील और उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेशों के क्रम में प्राथमिक शिक्षक पात्र परीक्षा वर्ष 2020 के परिणाम के आधार पर नियुक्त बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों के लिये नेशनल ओपन स्कूल (एनआईओएस) द्वारा ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। संबंधित शिक्षक 25 दिसम्बर 2025 तक एनआईओएस के पोर्टल पर https://bridge.nios.ac.in समय-सीमा में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले अथवा निर्धारित समय-सीमा में ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण न करने वाले प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुसार जारी नहीं रखी जा सकेंगी।  

श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! कटरा–नई दिल्ली रूट पर विशेष ट्रेन सेवा शुरू

पठानकोट (पंजाब)  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए समय समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसी के तहत यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली तक 12 से 14 दिसंबर तक विशेष ट्रेन संख्या 04081/ 04082 चलाने का निर्णय लिया गया है।  विशेष ट्रेन का विवरण विशेष ट्रेन संख्या 04081 नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा दिनांक 12.12.25 से 13.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन दिनांक 12 दिसंबर को नई दिल्ली से रात 11.45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में 12 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन पानीपत, कुरूक्षेत्र, अम्बाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू , शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) आदि रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। विशेष ट्रेन संख्या 04082 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से नई दिल्ली दिनांक 13.12.25 से 14.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से रात को 09.20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) , जम्मू, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अम्बाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत आदि रेलवे स्टेशनों पर यथावत रूकेगी।  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह आरक्षित विशेष ट्रेन है,  जिसका संचालन 20 कोचों के साथ किया जाएगा। यात्री भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट/ एप या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं, तथा यात्रियों से अनुरोध किया जाता है, कि अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले ट्रेन के समय की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर ले।

स्पेन के हाथों शिकस्त, भारतीय जूनियर महिला टीम विश्व कप में रही 10वें स्थान पर

सैंटियागो  भारतीय महिला हॉकी टीम को जूनियर हॉकी विश्व कप में स्पेन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली कुल टीमों की सूची में 10वें स्थान पर रही। भारतीय टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम की तरफ से एकमात्र गोल कनिका सिवाच (41') ने किया। वहीं स्पेन की तरफ से नतालिया विलानोवा (16') और एस्थर कैनालेस (36') ने गोल किया। पहला क्वार्टर बहुत रोमांचक रहा। दोनों टीमों की तरफ से गोल के प्रयास किए गए, लेकिन दोनों ही टीमें गोल करने में असफल रहीं। 14वें मिनट में, स्पेन को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे निधि ने रोक दिया। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में स्पेन ने आक्रामक खेल की शुरुआत की। सारा कार्मोना रामोस ने सर्कल के चारों ओर कुशलता से ड्रिबल किया और अंदर एक पास दिया, जिसे नतालिया विलानोवा (16') ने सफलतापूर्वक गोल में बदल टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। अगले कुछ मिनटों में भारत को कुछ मौके मिले, लेकिन टीम इंडिया उन मौकों को गोल में बदल पाने में सफल नहीं हो सकी। 36वें मिनट में भारत की तरफ से सोनम ने एक पास को गोल में बदला था, लेकिन स्पेन ने एक वीडियो रेफरल लिया जो सफल रहा। रेफरी ने एक बैक स्टिक देखी और गोल कैंसिल कर दिया। 36वें मिनट में ही स्पेन की तरफ से एस्थर कैनालेस ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। इस गोल ने स्पेन की बढ़त 2-0 करते हुए मैच में उसकी पकड़ मजबूत कर दी। 41वें मिनट में, भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। कनिका सिवाच (41') ने अपने स्ट्राइक से स्पेनिश गोलकीपर को छकाते हुए भारत के लिए पहला गोल किया। आखिरी क्वार्टर में भारत ने तेजी दिखाई और गोल के मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन अंत तक स्पेन की बराबरी करने में भारतीय टीम सफल नहीं हो सकी। स्पेन ने मैच 2-1 से जीत लिया।

फर्जी कफ सीरप माफिया बेनकाब: झारखंड समेत कई राज्यों में ED की बड़ी कार्रवाई

रांची   प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कथित अवैध कफ सिरप के निर्माता से जुड़े धन शोधन के मामले में तीन राज्यों के 25 ठिकानों पर छापे मारे। ये छापे आज सुबह 7:30 बजे शुरू हुए और मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल, उसके सहयोगी आलोक सिंह और अमित सिंह, तथा चाटर्डर् अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल से संबंधित परिसरों पर कार्रवाई की गयी। ईडी उन आरोपी कफ सिरप निर्माताओं के ठिकानों पर भी कार्रवाई कर रही है जिन पर धोखाधड़ी करके कफ सिरप की आपूर्ति की और इसके अवैध व्यापार को बढ़ावा दिया। ये छापे उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर तथा पड़ोसी राज्य झारखंड की राजधानी रांची तथा गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में मारे गए। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें इन विभिन्न स्थानों पर वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉडर् और कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि ईडी ने पिछले दो महीनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों लखनऊ, वाराणसी, सोनभद्र, सहारनपुर और गाजियाबाद में दर्ज 30 से अधिक प्राथमिकियों के आधार पर यह मामला दर्ज किया है। ये मामले कोडीन-आधारित कफ सिरप के अवैध भंडारण, परिवहन, व्यापार और सीमा पार तस्करी से संबंधित हैं। इस काले व्यापार से करीब एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय होने का अंदाजा लगाया गया है। ईडी अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फरार है और माना जा रहा है कि वह दुबई में है। उसके पिता भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस अब तक कुल 32 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की समन्वित जांच के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया है।  

पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ीं! IMF ने रखीं कड़ी शर्तें, कर्ज मंजूरी पर मंडराया खतरा

इस्लामाबाद  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान के लिए अपने 7 अरब डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम के तहत 11 नई शर्तें जोड़ दी हैं। गुरुवार को जारी दूसरी समीक्षा की स्टाफ-लेवल रिपोर्ट में शामिल इन शर्तों के बाद पिछले 18 महीनों में लगाई गई कुल शर्तों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। नई शर्तें पाकिस्तान के सुशासन ढांचे की पुरानी खामियों, व्यापक भ्रष्टाचार जोखिमों और घाटे वाले क्षेत्रों में सुधार से जुड़ी हैं। सबसे अहम शर्तों में से एक यह है कि दिसंबर 2026 तक सभी उच्च स्तरीय केंद्रीय सिविल सेवकों (ग्रेड-19 और ऊपर) की संपत्ति घोषणाएं आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएंगी। आईएमएफ का कहना है कि इससे आय और संपत्ति में विसंगतियों का पता लगाना आसान होगा। सरकार ने प्रांतीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी यह नियम लागू करने का इरादा जाहिर किया है। बैंकिंग क्षेत्र को इन घोषणाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी। भ्रष्टाचार पर बड़ा हमला आईएमएफ ने अक्टूबर 2026 तक 10 सबसे अधिक जोखिम वाले विभागों में भ्रष्टाचार के खतरे को कम करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना जारी करने को कहा है। नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) इन योजनाओं का समन्वय करेगा। प्रांतीय एंटी-करप्शन संस्थाओं को वित्तीय खुफिया जानकारी प्राप्त करने और वित्तीय अपराधों की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। ये कदम आईएमएफ-प्रायोजित गवर्नेंस एंड करप्शन डायग्नोस्टिक असेसमेंट की सिफारिशों पर आधारित हैं, जिसमें पाकिस्तान के कानूनी, प्रशासनिक और निगरानी ढांचे में व्यापक कमियां उजागर हुई थीं। सीमा-पार भुगतान और रेमिटेंस लागत की समीक्षा आईएमएफ ने पाकिस्तान को मई 2026 तक विदेशी रेमिटेंस भेजने की लागत और बाधाओं की व्यापक समीक्षा पूरी करने को कहा है। अनुमान है कि रेमिटेंस लागत आने वाले वर्षों में 1.5 अरब डॉलर तक बढ़ सकती है, जबकि यही राशि पाकिस्तान के सीमित आयातों के लिए सबसे बड़ा वित्तीय स्रोत है। सितंबर 2026 तक स्थानीय मुद्रा बॉन्ड मार्केट के विकास में बाधाओं की जांच कर सुधारों की रणनीतिक योजना प्रकाशित करनी होगी। चीनी उद्योग में एकाधिकार तोड़ने की कवायद जून 2026 तक कंद्र और प्रांतीय सरकारों को मिलकर राष्ट्रीय चीनी बाजार उदारीकरण नीति पर सहमति बनानी होगी। इस नीति में लाइसेंसिंग नियम, मूल्य नियंत्रण, आयात-निर्यात अनुमति, जोनिंग मानदंड और कार्यान्वयन की स्पष्ट समय-सीमा शामिल होगी। नीति को संघीय कैबिनेट से मंजूरी लेनी होगी। इसे लंबे समय से शक्तिशाली माने जाने वाले शुगर उद्योग में प्रभाव के केंद्रीकरण को खत्म करने का प्रयास माना जा रहा है। एफबीआर (FBR) की खराब कार्यक्षमता पर सख्ती दिसंबर 2025 के अंत तक एफबीआर सुधारों का पूरा रोडमैप तैयार करना होगा जिसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्र, स्टाफिंग जरूरतें, समय-सारिणी, माइलस्टोन, अपेक्षित राजस्व परिणाम और KPI शामिल होंगे। इसके बाद कम-से-कम तीन प्राथमिकता वाले सुधारों को पूरी तरह लागू करना होगा। दिसंबर 2026 तक मध्यम अवधि की टैक्स सुधार रणनीति भी प्रकाशित करनी होगी। बिजली क्षेत्र में निजीकरण की तैयारी अगले केंद्रीय बजट से पहले हैदराबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (HESCO) और सुक्कूर इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (SEPCO) में निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए आधार तैयार करने होंगे और सात सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनियों के साथ पब्लिक सर्विस ऑब्लिगेशन समझौते पूरे करने होंगे। कंपनीज एक्ट 2017 में संशोधन संसद में पेश करने होंगे ताकि गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनुपालन जरूरतें बढ़ाई जा सकें। विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) कानून में प्रस्तावित संशोधनों के लिए कॉन्सेप्ट नोट भी जारी करना होगा। राजस्व कम हुआ तो मिनी-बजट लाना होगा आईएमएफ रिपोर्ट में दर्ज है कि यदि दिसंबर 2025 के अंत तक राजस्व लक्ष्य से चूक हुई तो सरकार मिनी-बजट लाएगी। इसमें उर्वरक और कीटनाशकों पर फेडरल एक्साइज ड्यूटी 5% बढ़ाना, उच्च चीनी वाले उत्पादों पर नया एक्साइज ड्यूटी लगाना और कई वस्तुओं को स्टैंडर्ड सेल्स टैक्स दर में लाना शामिल होगा। आईएमएफ ने गवर्नेंस और भ्रष्टाचार डायग्नोस्टिक रिपोर्ट में चिह्नित कमियों को दूर करने की कार्ययोजना प्रकाशित करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। पाकिस्तान पहले ही 7 अरब डॉलर के EFF कार्यक्रम के तहत कड़ी निगरानी में है और इन नई शर्तों से आर्थिक सुधारों की गति और तेज करने का दबाव बढ़ गया है।

इलाज अगली मीटिंग में… अनिल विज की चेतावनी, लापरवाह पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज

कैथल  कैथल में शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं। एक मामले में जांच अधिकारी द्वारा जांच में लापरवाही बरतने पर मंत्री विज ने सख्त रुख अपनाया और संबंधित पुलिस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने बताया कि बैठक में कई शिकायतें आईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान बैठक के दौरान ही कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यप्रणाली के अनुसार केवल उन्हीं मामलों की सुनवाई होती है, जो पूर्व निर्धारित सूची में शामिल हैं। अन्य शिकायतकर्ता अपनी शिकायत उपायुक्त को सौंपें, जिन्हें उचित पाए जाने पर अगले सत्र की बैठक में शामिल किया जा सकता है। विज ने कहा, “जो मामले आज छूट गए, उनका इलाज मैं अगली बैठक में कर दूंगा। वीआईपी नंबर मामले में जांच जारी वाहन के वीआईपी नंबर को लेकर पूछे गए प्रश्न पर विज ने कहा कि जांच केवल उस व्यक्ति की हो रही है जिसने 1 करोड़ 17 लाख रुपये का नंबर खरीदा था, लेकिन बाद में राशि का भुगतान नहीं किया। अब उसकी संपत्ति की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इतना महंगा नंबर लेने में सक्षम था या नहीं।

चेतावनी के 24 घंटे बाद सरकार की कार्रवाई: महाराष्ट्र विधानसभा ने अहम प्रस्ताव को दी मंजूरी

मुंबई  समाजसेवी अन्ना हजारे ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि यदि लोकायुक्त कानून को महाराष्ट्र में लागू नहीं किया गया तो वह जनवरी 2026 में आमरण अनशन शुरू करेंगे। इससे पहले उन्होंने यूपीए सरकार के कार्यकाल में आंदोलन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यही नहीं यह आंदोलन इतना बड़ा हो गया था कि इससे निकली आम आदमी पार्टी ने जब दिल्ली में चुनाव लड़ा तो उसे जीत हासिल हुई। इसी से निकली पार्टी फिलहाल पंजाब की सत्ता पर काबिज है। अन्ना हजारे ने लोकायुक्त कानून को लेकर चेतावनी दी और अगले ही दिन महाराष्ट्र की विधानसभा में इस कानून को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। विधानसभा में इस ऐक्ट के तहत आईएएस अधिकारियों को भी शामिल किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस तरह महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून, 2023 को संशोधित किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस प्रस्ताव को सीएम देवेंद्र फडणवीस की ओर से ही विधानसभा में रखा गया, जिसे मंजूरी मिल गई। उन्होंने कहा कि अब इस संशोधन से कानून में स्पष्टता हो गई है कि आखिर कौन-कौन लोग लोकायुक्त के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि साफ है कि अब राज्य सरकार की ओर से तैनाती पाने वाले आईएएस अधिकारी भी लोकायुक्त कानून के तहत जवाबदेह होंगे। अन्ना हजारे के सवाल का अब भी नहीं मिला है जवाब हालांकि अभी यह साफ नहीं किया गया है कि लोकायुक्त कानून को कब से लागू किया जाएगा। अन्ना हजारे की यही शिकायत है कि महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून को लागू नहीं किया जा रहा है। लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 के तहत राज्य में भी लोकायुक्त की व्यवस्था लागू की गई है। कानून में नए संशोधन से क्या फायदा होगा अब नए संशोधन के अनुसार राज्य के किसी बोर्ड, निगम, समिति या अन्य संस्था में तैनात आईएएस अधिकारियों को भी इस ऐक्ट के तहत कवर किया जाएगा। इसके तहत उन सभी अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, जिनकी नियुक्ति राज्य सरकार ने की है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इससे केंद्र और राज्य सरकार के कानून में किसी तरह का टकराव नहीं होगा और नियमों को लेकर स्पष्टता रहेगी।

गिल vs सैमसन: टी20 में किसकी ओपनिंग है ज़्यादा दमदार? पूरी तुलना पढ़ें

नई दिल्ली  शुभमन गिल को ऑल-फॉर्मेट कैप्टन बनाने ओर कदम बढ़ाते हुए बीसीसीआई ने उन्हें टी20 की प्लेइंग इलेवन में बतौर उपकप्तान जैसे वाइल्ड कार्ड एंट्री दे दी है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी किसी भी विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द हुआ करती थी लेकिन बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट की एक बचकाना जिद ने भरत के लिए ही सिरदर्द पैदा कर दिया है। वो भी टी20 वर्ल्ड कप से महज कुछ महीने पहले।    संजू सैमसन को ओपनिंग से हटाकर शुभमन गिल को थोप दिया गया जो टीम को भारी पड़ रहा। लेकिन असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट क्लास की दुहाई देकर गिल का बचाव कर रहे। आईपीएल के प्रदर्शन की याद दिला हास्यास्पद दलीलें दे रहे। बीसीसीआई का ये वाइल्ड कार्ड एंट्री कार्ड, गिल को ऑल फॉर्मेट प्लेयर और कैप्टन बनाने की धुन वर्ल्ड कप में भारत की उम्मीदों को पलीता लगा सकती है। उपकप्तान अगर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा तो किसी अन्य को मौका तो मिलना चाहिए। स्क्वाड आखिर किसलिए होता है? या उपकप्तानी प्लेइंग इलेवन के लिए गारंटी कार्ड है, भले ही प्रदर्शन चाहे जैसा हो?   बतौर ओपनर गिल और संजू सैमसन के प्रदर्शन पर नजर डालें तो साफ नजर आएगा कि सैमसन आगे हैं। अभी पिछले साल ही उन्होंने बतौर ओपनर टी20 में तीन शतक जड़े थे। भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। दूसरी तरफ शुभमन गिल पिछले करीब एक साल से टी20 में एक अदद अर्धशतक के लिए तरस रहे हैं।   T20I में बतौर ओपनर संजू सैमसन का प्रदर्शन संजू सैमसन ने बतौर ओपनर अब तक 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसमें 32.62 के औसत से उन्होंने 522 रन बनाए हैं। इसमें 3 शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 178.76 का है। T20I में बतौर ओपनर शुभमन गिल का प्रदर्शन दूसरी तरफ शुभमन गिल ने बतौर ओपनर अब तक 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें उनके नाम 841 रन हैं जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। बतौर ओपनर T20I में गिल का औसत 28.03 है और स्ट्राइक रेट 140.40 है।