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फर्जी केस करने वालों को हो सजा — रवि किशन ने संसद में उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली/ लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद रवि किशन ने झूठे मुकदमे करने वालों को सजा दिलाने के लिए कानून बनाने की मांग केंद्र सरकार से की है। लोकसभा में गुरुवार को शून्यकाल (जीरो आवर) के दौरान रवि किशन ने फर्जी केस के कारण निर्दोष लोगों की मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों की संक्षिप्त चर्चा करते हुए कहा कि कानून बनाकर झूठा केस करने वाले और उसके आरोपों को सही बताने वाले जांच अधिकारियों पर कार्रवाई का कानून बनाना चाहिए। बता दें कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 248 बरी होने पर निर्दोष आरोपी को झूठे आरोप लगाने वाले पर केस करने का अधिकार देता है, जिसमें 5 से 10 साल सजा हो सकती है। लेकिन वह नया केस प्राथमिकी, जांच, चार्जशीट, सबूत, गवाही, बहस की पूरी प्रक्रिया से गुजरकर फैसले और सजा तक पहुंचने में कई साल ले सकता है।   रवि किशन ने कहा- ‘अगर मुजरिम है, गलत किया है तो सजा मिले। लेकिन कोई जुर्म नहीं किया है और किसी ने उस पर झूठा मुकदमा किया है (तो) जिस पर मुकदमा होता है, उसका परिवार बिखर जाता है, समाज में साख खत्म हो जाती है, बहन-बेटी की शादी बर्बाद हो जाती है। मुकदमा करने वाला आराम से रहता है। सरकार पर भी बोझ आता है। अनगिनत झूठे मुकदमे का आर्थिक बोझ सरकार पर पड़ता है। सरकार से मांग है कि कानून का दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमा दायर करने वालों पर सख्त कार्रवाई का कानून बनाया जाए। फर्जी मुकदमों को सही ठहराने वाली जांच एजेंसियों पर भी कानून बनना चाहिए। झूठा मुकदमा करने वालों के लिए सजा तय होनी चाहिए।’ बीएनएस की धारा 248 के मद्देनजर रवि किशन की मांग को समझने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ने मशहूर वकील अश्विनी दुबे से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि 248 का प्रावधान एक नए केस की शुरुआत है, जो लंबी न्यायिक प्रक्रिया है। ऐसे में कई सालों से कोर्ट-कचहरी करने के बाद बरी हुआ निर्दोष आरोपी झूठे केस का नया मुकदमा करके फिर अगले कई साल अदालतों के चक्कर नहीं काटना चाहता। इस मनोवैज्ञानिक स्थिति का फायदा झूठे केस करने वाले उठाते हैं। अश्विनी ने कहा कि कानून में ऐसा प्रावधान होना चाहिए कि कोर्ट अगर किसी को झूठे आरोप से बरी करने का फैसला दे रहा है, तो उसी आदेश में झूठे आरोप लगाने वाले और जांच में उसे सही बताने वाले जांच अधिकारी (आईओ) को भी सजा दे दी दिया जाए, जुर्माना लगाया जाए। झूठे केस करने वाले और झूठे आरोपों को जांच में सही ठहराने वाले अधिकारी इससे डरेंगे। सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी दुबे ने कहा कि एक निर्दोष व्यक्ति गलत मुकदमों को कई साल झेलता है और बाद में जब तक कोर्ट उसे बाइज्जत बरी करता है, उसका पूरा जीवन निकल चुका होता है। मानसिक, आर्थिक, सामाजिक पीड़ा मिलती है, तिरस्कार मिलता है। बिना दोषी ही वह दोषी मान लिया जाता है। उन मुकदमों में झूठे शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई आम तौर पर नहीं होती है। दुबे ने कहा- ‘बीएनएस की धारा 248 नया केस करने के लिए है। उसकी प्रक्रिया उसी तरह वर्षों तक चलेगी। अगर अदालत को लगता है कि क्राइम का आरोप झूठा लगा था तो उसके खिलाफ उसी जजमेंट में कार्रवाई हो। सजा मिले और आर्थिक दंड मिले। इससे झूठे मुकदमे कम होंगे। निर्दोष को सजा नहीं होगी। झूठा मुकदमा करने से पहले लोग डरेंगे।’ अश्विनी दुबे ने कहा कि झूठे मुकदमों में अधिकतर केस एससी-एसटी एक्ट, रेप, शारीरिक शोषण, शादी के झूठे वादे, छेड़छाड़ जैसे आरोपों में हो रहे हैं। उन्होंने कहा- ‘आम तौर पर देखा जाता है कि एडल्ट कपल संबंध बनाते हैं और बाद में रिश्तों में खटास आती है तो रेप या यौन उत्पीड़न या शादी के झूठे वादे का केस करा दिया जाता है। बाद में पता चलता है कि आपसी सहमति से संबंध बना था। कोई दबाब नहीं था, कुछ जबरन नहीं था। इसी तरह से कई बार एससी-एसटी, शारीरिक शोषण, छेड़छाड़ के कानून का दुरुपयोग हो रहा है।’  

झाबुआ-निमाड़ में आज बरस रहा है आनंद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

झाबुआ-निमाड़ में आज बरस रहा है आनंद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण पाथेय में जोड़ेंगे धार-झाबुआ में मौजूद भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को समोई (झाबुआ) के श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में भोपाल से वर्चुअली हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से संबद्ध स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल कर तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने झाबुआ के ग्राम समोई में आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज झाबुआ-निमाड़ में आनंद बरस रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव में भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। समोई में कार्यक्रम स्थल पर संतों के साथ अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, धार-झाबुआ सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अद्भुत रहा है। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले प्रणामी सम्प्रदाय के द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव सर्वधर्म संभाव और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 400 वर्ष पूर्व सद्गुरू श्री देवचन्द्र जी महाराज के द्वारा प्रारंभ किये गये प्रणामी संप्रदाय के लिये वे आज अखण्ड सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ है। प्रणामी सम्प्रदाय का व्यापक प्रचार-प्रसार प्राणानाथ स्वामी और उनके शिष्य महाराज छत्रसाल ने किया था। प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख 3 धामों में से एक धाम पद्मावती पुरी है, जो कि हमारे प्रदेश के पन्ना शहर में है। श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म एक ऐसा मार्ग है, जो कृष्ण भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और सार्वभौमिक भाईचारे के सिद्धांतों पर आधारित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह महोत्सव परंपरा, भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत संगम है। उन्होंने प्रणामी सम्प्रदाय के अनुयायियों औरसमाज के लोगों को धर्म महोत्सव की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण, श्यामाजी महारानी, सद्गुरू देवचन्द्र, स्वामी प्राणनाथ, वृंदावन दास महाराज और नटवरदास महाराज की सदैव सभी पर कृपा बनी रहे। प्रमुख बिन्दु              धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से संबद्ध स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल कर तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जायेगा।              समोई में कार्यक्रम स्थल पर संतों के साथ अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, धार-झाबुआ सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान मौजूद रही।              भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले प्रणामी सम्प्रदाय के द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव सर्वधर्म संभाव और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है।              400 वर्ष पूर्व सद्गुरू श्री देवचन्द्र जी महाराज के द्वारा प्रारंभ किये गये प्रणामी संप्रदाय के लिये सद्गुरू महाराज जी अखण्ड सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ है।              प्रणामी सम्प्रदाय का व्यापक प्रचार-प्रसार प्राणानाथ स्वामी और उनके शिष्य महाराज छत्रसाल ने किया था।              प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख 3 धामों में से एक धाम पद्मावती पुरी है, जो कि हमारे प्रदेश के पन्ना शहर में है।              यह महोत्सव परंपरा, भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत संगम है।  

प्रधानमंत्री आवास में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित हो: राज्यपाल

मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार दवा वितरित करें : राज्यपाल  पटेल प्रधानमंत्री आवास में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित हो: राज्यपाल राज्यपाल  पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा वितरित किए जाने वाली दवा की मात्रा मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगी को दवा की आवश्यकता और मेडिकल यूनिट के पुन: आगमन की अवधि की गणना के अनुसार दवा का वितरण होना चाहिए, जिससे यूनिट के दोबारा आने तक रोगी के पास दवा की उपलब्धता बनी रहे। राज्यपाल  पटेल शुक्रवार को लोक भवन में जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खांडेकर एवं अन्य सदस्य भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनमन योजना के तहत हितग्राहियों को मिले आवास में विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आवास वार विद्युत कनेक्शनों की उपलब्धता की जानकारी संकलित कर, जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं है, उनको चिह्नित किया जाए। विद्युत कनेक्शन कराने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 4 लाख 75 हजार 375 पी.व्ही.टी.जी. हितग्राही और 4 लाख 76 हजार 647 अन्य हितग्राही शामिल हैं। यूनिट द्वारा 95 हजार 360 सिकल सेल और 15 हजार 811 की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। 7 लाख से अधिक रोगियों की डायग्नोस्टिक जाँच भी की है। बैठक में बताया गया है कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित है। योजना के तहत पी.व्ही.टी.जी. की 6 हजार से अधिक बसाहटों के 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी को लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत हितग्राही मूलक सात योजनाओं आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड में सैचुरेशन की स्थिति है। कुल 1 लाख 30 हजार 521 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो गए है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं में से अनूपपुर एवं बालाघाट जिले की योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। संचालन एवं संधारण के शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कर लिया जायेगा। दतिया, कटनी, सिवनी एवं उमरिया जिले की 6 योजनाओं के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष कार्य समय सीमा में पूर्ण किये जाने के कार्य प्रगतिरत है। बैठक में हर घर नल से जल, बहुउद्देशीय केन्द्र, आंगनवाड़ी निर्माण, छात्रावास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, हर घर बिजली, हर घर बिजली-ऑफ ग्रिड, वनधन विकास केन्द्र और मोबाइल नेटवर्क कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग  गुलशन बामरा, आयुक्त एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना  सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

रायपुर: तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें – वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का संदेश

रायपुर : तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें – वित्तमंत्री श्री ओ.पी.चौधरी परीक्षा तैयारी पर दिए महत्वपूर्ण टिप्स कक्षा 10 वीं-12 वीं के विद्यार्थियों से किया संवाद शासकीय हाई स्कूल झलमला में स्मार्ट क्लासरूम का किया लोकार्पण रायपुर रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि “परीक्षा कभी भी जीवन से बड़ी नहीं होती, इसलिए घबराएं नहीं, बल्कि सही समय पर मेहनत शुरू करें। वित्त मंत्री ने रायगढ जिले के पुसौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झलमला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के “बच्चों से चर्चा 2025” कार्यक्रम में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर श्री चौधरी ने विद्यालय में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन कर विद्यार्थियों को तकनीकी व नवीन शिक्षण संसाधनों का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। परीक्षा तैयारी पर दिए महत्वपूर्ण टिप्स कक्षा 10 वीं-12 वीं के विद्यार्थियों से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान आत्मविश्वास और अनुशासन की दी सलाह            वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि दिसंबर से परीक्षा तक के आगामी तीन महीने सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित रूप से प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करें और छुट्टी के दिनों में 10 घंटे अध्ययन का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि एक भी दिन खराब नहीं करना है। यदि आप आने वाले तीन महीनों तक ईमानदारी और संकल्प के साथ पढ़ाई करेंगे तो बेहतर तैयारी और उत्कृष्ट परिणाम निश्चित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच             वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे प्रतिभा से भरपूर होते हैं। उन्हें केवल बेहतर मार्गदर्शन, संसाधन और सुरक्षित वातावरण की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान करें। वित्त मंत्री ने सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच को मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।  मेधावी छात्रों को एक लाख का पुरस्कार          वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की मेरिट सूची में यदि जिले का कोई विद्यार्थी स्थान प्राप्त करता है, तो उसे एक लाख रुपए पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उन्होनं कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री उमेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती नायक, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

21 दिसंबर से भोपाल मेट्रो में मुफ्त सफर, पीएम और केंद्रीय मंत्री खट्टर वर्चुअली करेंगे उद्घाटन

भोपाल  भोपाल में मेट्रो का कमर्शियल रन 21 दिसंबर को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इवेंट में वर्चुअली जुड़ेंगे। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। वे फूलों से सजी 3 कोच की मेट्रो से भोपाल को देखेंगे।  कमर्शियल रन की तारीख में बदलाव भी हो सकता है। 21 की जगह 20 दिसंबर को ही मेट्रो की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, सीएम डॉ. मोहन यादव खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में 21 दिसंबर को मेट्रो की शुरुआत करने की बात कह चुके हैं। इससे पहले कमर्शियल रन के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी संगठन, सरकार और अफसरों के बीच मंथन का दौर जारी है। कौन-कौन से स्टेशन में होगा स्टॉपेज अधिकारियों ने बताया कि सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। हालांकि स्टेशनों पर फिनिशिंग का कुछ काम शेष है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि इससे मेट्रो के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल अब उस क्लब में शामिल होने जा रहा है जहां आधुनिक यातायात प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि शहर के प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगी। कितना होगा किराया मेट्रो का किराया पहले से ही तय कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो संचालन के पहले 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। उसके बाद लोग अगले तीन महीने तक कम छूट पर मेट्रो का सपर कर सकते हैं। CMRS दे चुकी ग्रीन सिग्नल, अब सिर्फ हरी झंडी का इंतजार बता दें कि कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए ग्रीन सिग्नल दे दिया है। सीएमआरएस टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ट भी देखे थे। अफसर बोले- काम बचा, लेकिन कमर्शियल रन पर असर नहीं भोपाल मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, स्टेशन के बाहर जरूरी काम निपटाए जा रहे हैं। बुधवार को सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क निर्माण किया गया। ऐसा ही रानी कमलापति, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स में भी बाकी बचे कामों पर फोकस रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, प्राइवेट गार्ड तैनात मेट्रो के कमर्शियल रन और पीएम मोदी के आने की खबरों के चलते सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेट्रो ने स्टेशनों पर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए हैं। किराया तय, 7 दिन फ्री सफर मेट्रो में सफर के लिए किराया भी लगभग तय किया जा चुका है। एमपी नगर स्टेशन पर तो किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से किराए का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंदौर जैसा मॉडल ही अपनाए जाने की बात कही जा रही है। अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था। अधिकतम 80 रुपए किराया तब होगा, जब ऑरेंज लाइन के रूट का काम पूरा हो जाएगा। 30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है। ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी मैनुअल टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैनुअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी। बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।

रायपुर: वित्तमंत्री चौधरी ने किया स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी का लोकार्पण

रायपुर : वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण रायगढ़ शिक्षा के उन्नयन की दिशा में सशक्त कदम रायपुर, वित्तमंत्री चौधरी ने  कहा कि स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी शिक्षा के भविष्य हैं, जहाँ स्मार्ट क्लासरूम इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट का उपयोग करके सीखने को दिलचस्प बनाते हैं। वहीं आधुनिक लाइब्रेरी किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स, डेटाबेस और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र बन गए हैं, जो छात्रों को 21 वीं सदी के कौशल और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं।  वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है           केवड़ाबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित “स्मार्ट स्कूल हैंडओवर सेरेमनी” में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने नव-निर्मित आधुनिक लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लासरूम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले में शिक्षा अधोसंरचना के उन्नयन को सरकार प्राथमिकता दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में होगी वृद्धि           जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने बताया कि नई लाइब्रेरी में विषयवार पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु समृद्ध साहित्य उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में वृद्धि होगी और उन्हें उच्चस्तरीय ज्ञान-संसाधन स्कूल परिसर में ही सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में स्थापित इंटरैक्टिव स्क्रीन, डिजिटल मॉड्यूल, प्रोजेक्टर एवं हाई-स्पीड इंटरनेट विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्यात्मक माध्यमों से समझने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होंगे। डिजिटल माध्यम से अध्यापन अधिक रोचक हो गया          नई सुविधाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। छात्रों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से अध्यापन अब अधिक रोचक हो गया है और जटिल अध्याय भी एनिमेशन, ग्राफिक्स और वीडियो लेक्चर के माध्यम से तेजी से समझ आ रहे हैं। इससे न केवल अध्ययन क्षमता में सुधार होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कार्यक्रम के पश्चात वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी शिक्षा से जुड़े संसाधनों को मजबूत करने हेतु आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।          कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव, विभागीय अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित थे। केवड़ाबाड़ी विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में शिक्षा उन्नयन और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर : बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से कच्चे घर से सम्मानपूर्ण जीवन तक की यात्रा रायपुर बदली भीमा की जिंदगी आई खुशहाली प्रधानमंत्री आवास योजना से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका लक्ष्य  ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी बेघर परिवारों और कच्चे-जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) के साथ एक पक्का घर देना है, जिनके पास अपना घर नहीं है। जीवन में कठिनाइयाँ जब बड़े पहाड़ की तरह सामने खड़ी होती हैं, तब इंसान की हिम्मत और धैर्य की असली परीक्षा होती है। लेकिन यदि व्यक्ति हार न माने और सही दिशा में लगातार प्रयास करे, तो सफलता जरूर मिलती है। यही कहानी है ग्राम पंचायत अरनुपर, जनपद पंचायत कुआकोंडा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के निवासी श्री भीमा कश्यप पिता श्री जोगा की, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने आशा की नई किरण जगाई।           दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे गांव अरनुपर में भीमा अपने परिवार के साथ कई वर्षों से जर्जर कच्चे मकान में रह रहे थे। बरसात में छत से पानी टपकने का डर, सर्दी में टाट और प्लास्टिक लगाकर ठंड से बचना और गर्मी में टूटती दीवारों की परेशानी हमेशा बनी रहती थी। यह सब उनकी रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर उनका अधूरा सपना बना हुआ था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उनके नाम आवास स्वीकृत हुआ, तो भीमा के जीवन में नई उम्मीद जागी। किस्तों की राशि मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाना शुरू किया। पहले मिट्टी और लकड़ी से गुजारा करने वाले भीमा के हाथों ने अब ईंट और सीमेंट से एक मजबूत घर तैयार किया। एक ऐसा घर जिसमें उनके पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी गई।            आज भीमा और उनका परिवार नए, साफ-सुथरे और सुरक्षित पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक और परिवार के मन में सुरक्षा का एहसास उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। भीमा गर्व से कहते हैं कि पहले हर मौसम डर लेकर आता था, अब घर के अंदर सुकून है। बच्चों को पहली बार ऐसा घर मिला है जहाँ वे बिना डर पढ़-लिख सकते हैं। सरकार की इस योजना ने हमें नई जिंदगी दी है।         हाल ही में कलेक्टर अरनपुर के निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने भीमा के नए बने आवास को देखा और घर की मजबूती, स्वच्छता और स्तर देखकर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान श्री भीमा ने बताया कि उन्हें अंतिम किस्त प्राप्त होना अभी शेष है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अंतिम किस्त जल्द ही प्रदान कर दी जाएगी। कलेक्टर ने यह भी पूछा कि क्या उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है, जिस पर भीमा ने बताया कि उन्हें समय पर सभी सामग्री प्राप्त हो रही है।         कलेक्टर ने भीमा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीमा का प्रयास यह साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है। उनका अनुभव गांव के अन्य परिवारों को भी प्रेरित करेगा। आज भीमा अपने नए घर के आंगन में खड़े होकर गर्व महसूस करते हैं। उनके लिए यह घर केवल ईंट और सीमेंट की दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नई शुरुआत का प्रतीक है, एक ऐसी शुरुआत जिसने उनके परिवार के जीवन में स्थायी खुशियाँ भर दी हैं।

पार्टी में घमासान: उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ विधायक रामेश्वर महतो की खुली चुनौती

पटना  उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में भी दरार पड़ती नजर आ रही है। दरअसल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM के विधायक के सोशल मीडिया पोस्ट ने बिहार की सियासत में हड़कंप मचा दिया। दरअसल रामेश्वर महतो ने फेसबुक पोस्ट की। उनकी यह पोस्ट पार्टी के साथ चल रही उनकी नाराजगी का संकेत दे रही है।  "नीयत धुंधली और स्वार्थ की राजनीति…" रामेश्वर महतो ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और दृढ़ नीति से मिलती है। जब नेतृत्व की नीयत धुंधली हो जाए और नीतियाँ जनहित से अधिक स्वार्थ की दिशा में मुड़ने लगें, तब जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता। आज का नागरिक जागरूक है—वह हर कदम, हर निर्णय और हर इरादे को बारीकी से परखता है। सूत्रों के मुताबिक, रामेश्वर महतो को उम्मीद थी कि उन्हें नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद मिल सकता है। लेकिन कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। इसके बाद से ही रामेश्वर महतो नाराज बताए जा रहे हैं। वहीं उनकी पोस्ट ने अटकलें तेज कर दी है।  हालांकि इस बयान पर पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। 

राजा रघुवंशी की याद में परिजनों ने खोला ढाबा, भाई का बयान- शिलांग मूवी के लिए जुटाएंगे पैसे

 इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके परिवार ने राजा की याद में और उनके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की शुरुआत कर दी है। केट रोड पर खोला गया यह ढाबा राजा के उस सपने का प्रतीक है, जिसमें वह खुद का एक ढाबा शुरू करना चाहते थे। परिवार ने बताया कि राजा की मौत के बाद घरवाले पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन अब उसी सपने को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि राजा पर बनने वाली फिल्म ‘शिलांग’ का काम फिल्म बनने के लिए कहा यह उसे रोक दिया गया है। विपिन ने कहा कि अब वे नए डायरेक्टर के साथ दोबारा मूवी बनाने की शुरुआत करेंगे। इसके लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की इनकम से पैसा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि जल्द ही ‘शिलांग’ मूवी के काम को फिर से शुरू किया जा सके। सोनम को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास राजा रघुवंशी का शिलांग में चल रहे केस (प्रकरण) को लेकर कहा कि फिलहाल गवाह पलट रहे हैं जिसके कारण हो सकता है कि केस कमजोर हो जाए और आने वाले समय में सोनम रघुवंशी को जमानत मिल जाए। हम पूरी ताकत के साथ इस केस को लड़ रहे हैं और सोनम रघुवंशी को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास करने में लगे हुए हैं।

वापसी की हुंकार: विनेश फोगाट दोबारा लड़ेंगी दंगल, लक्ष्य—ओलंपिक 2028

नई दिल्ली  दमदार रेस्लर विनेश फोगाट ओलंपिक गेम्स 2024 में मेडल जीतने से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और विधायक बनीं, लेकिन अब एक बार फिर से उन्होंने रेस्लिंग मैट पर लौटने का फैसला किया है। उन्होंने रेस्लिंग की दुनिया में वापसी का ऐलान भी कर दिया है। ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए उन्होंने हुंकार भरी है। विनेश ने बताया है कि वह मैट से दूर गई थीं, लेकिन उसे कभी उन्होंने छोड़ा नहीं है। दिग्गज पहलवान आगे बताती हैं कि इस बार उनके लिए मोटिवेशन उनका बेटा भी है।   विनेश फोगाट ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। बहुत समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की जरूरत थी। सालों में पहली बार, मैंने खुद को सांस लेने दिया। मैंने अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया – उतार-चढ़ाव, दिल टूटना, त्याग, मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा और कहीं उस सोच में, मुझे सच मिला, मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहती हूं।” तमाम मेडल जीत चुकीं विनेश आगे लिखती हैं, "उस खामोशी में, मुझे कुछ ऐसा मिला जिसे मैं भूल गई थी 'आग कभी खत्म नहीं होती'। यह सिर्फ थकान और शोर के नीचे दब गई थी। डिसिप्लिन, रूटीन, फाइट… यह सब मेरे सिस्टम में है। मैं कितना भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर बना रहा। तो हां, मैं यहां हूं, LA28 की ओर एक ऐसे दिल के साथ जो निडर है और एक ऐसी भावना जो झुकने से मना करती है और इस बार, मैं अकेली नहीं चल रही हूं, मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है, मेरा सबसे बड़ा मोटिवेशन, LA ओलंपिक्स के इस रास्ते पर मेरा छोटा चीयरलीडर।" क्या हुआ था ओलंपिक गेम्स 2024 में उनके साथ? पेरिस में हुए ओलंपिक गेम्स 2024 में विनेश फोगाट ने एक ही दिन में तीन कुश्ती जीती थीं और वह फाइनल में पहुंच गई थीं। अगले दिन फाइनल होना था, लेकिन इससे पहले खबर आती है कि विनेश फोगाट का वजन थोड़ा सा ज्यादा है। ओवरवेट होने की वजह से वह फाइनल में नहीं खेलेंगी और उनको कोई भी मेडल भी नहीं मिलेगा। भारत ने और विनेश फोगाट ने खूब कोशिश की, खेल पंचाट तक मामला गया, लेकिन ओवरवेट की वजह से वह खाली हाथ लौटीं।