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Land Rover Classic ने Defender V8 में Octa से प्रेरित अपडेशन किया, पेश किया रीमास्टर्ड Classic Defender

मुंबई   लग्जरी एसयूवी निर्माता कंपनी Land Rover की Land Rover Classic ने अपने वर्क्स बेस्पोक प्रोग्राम के ज़रिए अपने तीनों मॉडलों – 90 Station Wagon, 110 Station Wagon और 90 Soft Top – में V8 इंजन के साथ रीमास्टर्ड Classic Defender की रेंज पेश की है. खरीदारों को नए एक्सटीरियर कलर्स और इंटीरियर मटीरियल के ज़रिए अपने Classic Defender V8 को Defender Octa से मैच करने का ऑप्शन भी मिलता है. आपको बता दें कि Land Rover Classic, Jaguar Land Rover का एक डिवीज़न है जो कंपनी के क्लासिक मॉडल्स की मेंटेनेंस करता है और अपने अप्रूव्ड व्हीकल प्रोग्राम के लिए उन्हें सोर्स भी करता है. नए कलर ऑप्शन और सामग्री विकल्प कंपनी ने Land Rover Classic को पांच नए कलर ऑप्शन में पेश किया है, जिनमें पेट्रा कॉपर, फैरो ग्रीन, सरगासो ब्लू, नारविक ब्लैक और पेटागोनिया व्हाइट शामिल हैं. ये मौजूदा बोरास्को ग्रे, कार्पेथियन ग्रे और शैरेंट ग्रे ऑप्शन में जुड़ते हैं. खरीदार ग्लॉस और सैटिन फिनिश में से चुन सकते हैं, जिसमें सैटिन फिनिश ऑक्टा की ऑप्शनल मैट प्रोटेक्टिव फिल्म जैसा दिखता है. इंटीरियर की बात करें तो इसके लिए, Land Rover Classic ने एक हल्का, प्रीमियम अल्ट्राफैब्रिक्स PU मटीरियल भी इस्तेमाल किया है, जो लेदर का एक सस्टेनेबल विकल्प है. यह मटीरियल तीन कलर ऑप्शन में उपलब्ध है, जिनमें खाकी ग्रीन, लाइट क्लाउड और लूनर शामिल हैं. लेदर ऑप्शन में बर्न्ट सिएना सेमी-एनिलिन और एबोनी मिलते हैं. Classic Defender V8 में ऑप्शन के तौर पर हीटेड रेकारो स्पोर्ट्स सीटें भी मिलती हैं. Classic Defender V8 के स्पेसिफिकेशन कंपनी 2012-2016 के प्रोडक्शन रन वाली गाड़ियां लेती है और उन्हें अपनी कोवेंट्री फैसिलिटी में अलग-अलग हिस्सों में बांट देती है. इसके बाद, इसमें 5.0-लीटर V8 इंजन के साथ 8-स्पीड ZF ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन लगाया जाता है, जो 400 hp की पावर देता है, और गाड़ी को पूरी तरह से रीबिल्ड किया जाता है. सस्पेंशन में कस्टम स्प्रिंग, डैम्पर और एंटी-रोल बार लगाए जाते हैं, जबकि ब्रेकिंग हार्डवेयर में 4-पिस्टन कैलिपर के साथ 335mm फ्रंट और 300mm रियर डिस्क शामिल हैं. पेंट शॉप हर गाड़ी पर 300 घंटे काम करती है, तैयारी से लेकर कलर-मैचिंग और फाइनल पॉलिश तक. खरीदार अपनी गाड़ियों को ग्लॉस-ब्लैक रेडिएटर ग्रिल, कार्बन-फाइबर बोनट स्क्रिप्ट और 11 फिनिश में पांच व्हील स्टाइल के साथ और कस्टमाइज़ कर सकते हैं, जो 16-इंच और 18-इंच साइज़ में उपलब्ध हैं. हर गाड़ी के साथ एक साल की अनलिमिटेड माइलेज वारंटी मिलती है. भारत में Defender Octa Land Rover ने 26 मार्च, 2025 को भारत में Defencer Octa लॉन्च की है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.42 करोड़ रुपये से शुरू होती है. अपने रीमास्टर्ड मॉडल के उलट, Octa में 4.4-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन का इस्तेमाल किया गया है.

तेजस्वी पर टिप्पणी से मचा घमासान: सुनील सिंह ने शिवानंद तिवारी को बताया ‘अवसरवादी बाबा’

पटना  राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने नाम लिए बगैर शिवानंद तिवारी पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने शिवानंद तिवारी को अवसरवादी नेता बताया है। तेजस्वी यादव पर तिवारी के जुबानी हमले के जवाब में सुनील कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पलटवार किया है। उनके फेसबुक पोस्ट से बिहार की सियासत गरमा गई है।   लालू परिवार के बेहद करीबी सुनील कुमार सिंह तेजस्वी यादव के बचाव में शिवानंद तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेसबुक पर उन्होंने पोस्ट डाला है जिसमें कहा है कि तथाकथित अवसरवादी तिवारी बाबा को जब तक JDU या BJP कुछ बनाने का आश्वासन नहीं देगा,तब तक ये RJD के विरुद्ध रुदाली विलाप करते रहेंगे।  

खजराना गणेश मंदिर की 40 दान पेटियाँ खोली गईं, तीन महीने बाद निकला डेढ़ करोड़ रुपये, डॉलर और गहने

इंदौर इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियाँ तीन माह बाद खोली गईं। मंदिर परिसर में रखी गई चालीस पेटियों में नोट, सोने-चांदी के ज़ेवरों के अलावा डॉलर व अन्य विदेशी मुद्रा भी निकली है। दो दिन पहले शुरू हुई गिनती शुक्रवार को भी जारी है। नोटों की गिनती पच्चीस कर्मचारियों की टीम कर रही है और जिस कक्ष में नोट गिने जा रहे हैं, वहाँ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अब तक दान पेटियों में डेढ़ करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि निकली है। दान पेटियों में बंद हो चुके पाँच सौ और दो हज़ार रुपये के नोट भी मिले हैं।  खजराना मंदिर में हर दिन हज़ारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। जगह-जगह दान पेटियों में वे चढ़ावा भी डालते हैं। इन पेटियों की गिनती हर तीन माह में होती है। इस बार हुई गिनती में डेढ़ करोड़ रुपये की राशि निकली है, जो पिछली गिनती की तुलना में कम है। मंदिर में ऑनलाइन दान के लिए क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं। भक्त उसका भी आजकल उपयोग कर रहे हैं। दान से मिली राशि से ही मंदिर प्रबंध समिति मंदिर में होने वाले सेवा कार्य, अन्न क्षेत्र व धार्मिक आयोजनों को संचालित करती है। बप्पा मुझे पास करा देना दान पेटियों में कई भक्त दान के साथ मन्नत की पर्चियाँ भी डालते हैं। दान पेटियों से वह भी निकलीं। किसी ने गणपति बप्पा से जल्दी शादी कराने की मुराद माँगी तो किसी ने अच्छे नंबरों से पास होने की अर्जी लगाई। अपनी प्रार्थना पूरी होने के बाद कई भक्तों ने चढ़ावा भी चढ़ाया। उसकी भी पर्चियाँ दान पेटियों से निकलीं।  

घर में इन मूर्तियों को लगाना है शुभ, होती है धन की वर्षा! जानें कहां और कौन सी मूर्तियां रखें

घर खूबसूरत दिखे ये हर कोई चाहता है. कई बार घर को हम सजा तो लेते हैं लेकिन वास्तु के नियमों की अनदेखी कर देते हैं. जाने- अनजाने में की गई यह अनदेखी कई बार भारी पड़ जाती है. क्योंकि कुछ चीजें पॉजिटिव ऊर्जा वाली होती हैं तो कुछ चीजें निगेटिव ऊर्जा वाली होती हैं. इसलिए, घर की सजावट करते समय यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि कौन सी वस्तु कहां रखी जाए, ताकि घर में हमेशा सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बनी रहे.  सही मूर्तियों को घर में रखने से न सिर्फ सौंदर्य बढ़ता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन भी बना रहता है. साथ ही, मूर्तियों को रखने की दिशा और स्थान भी वास्तु शास्त्र के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं.  गणेश जी की मूर्ति गणेश जी को विद्या, बुद्धि और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है. इन्हें हमेशा घर के मुख्य द्वार के पास या पूजा स्थान में रखा जाता है.उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा गणेश जी की मूर्ति रखने के लिए सबसे शुभ मानी जाती है. लक्ष्मी माता की मूर्ति लक्ष्मी माता धन और समृद्धि की देवी हैं. इन्हें घर के धन स्थान (तिजोरी या कैश अलमारी) या पूजा स्थान में रखें. इन्हें उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है. व्यास या बुद्ध की मूर्ति बुद्ध की मूर्ति घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाती है. इसे हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखें और इसका सामना प्रवेश द्वार की ओर न हो. इससे घर में मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है.  सिंह या रक्षक देवता की मूर्ति सिंह या अन्य रक्षक देवता की मूर्ति घर में सुरक्षा और ताकत का प्रतीक हैं. इसे घर के मुख्य द्वार के पास या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें. यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती है.  हंसों का जोड़ा वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में हंसों के जोड़े की मूर्ति लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सामंजस्य बढ़ाने में मदद करता है. बेडरूम में हंसों की जोड़ी रखना विशेष रूप से लाभकारी होता है. वहीं, गेस्ट रूम में यह मूर्ति रखने से घर में धन-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है.

फैज हमीद पर कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में आशंकाओं की बाढ़—क्या यह बड़े सफाए की शुरुआत है?

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान दो साल से ज्यादा वक्त से जेल में बंद हैं। इस बीच उनके करीबी रहे आईएसआई के पूर्व चीफ फैज हमीद को 14 साल कैद की सजा दी गई है। गुरुवार को ही आए फैसले में फैज हमीद को राजनीतिक संलिप्तता रखने, अपने अधिकार का बेजा इस्तेमाल करने, लोगों को नुकसान पहुंचाने और ऑफिशियल सीक्रेट ऐक्ट का उल्लंघन करने के आरोप में सजा दी गई है। इसमें सबसे अहम पहलू राजनीतिक संलिप्तता को माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि फैज हमीद को 9 मई को हुई हिंसा के मामले में यह सजा दी गई है। यही नहीं यदि ऐसा ही है तो फिर फैज हमीद की सजा बस एक शुरुआत भर है। इमरान खान के समर्थकों और अन्य लोगों को डर सता रहा है कि 9 मई को हुई हिंसा के मामले और भी तमाम लोगों पर मिलिट्री कोर्ट में मामले चल सकते हैं। इन लोगों को सख्त सजाएं मिल सकती हैं। पहले भी ऐसी ही चर्चाएं थीं कि मिलिट्री कोर्ट में उन लोगों के खिलाफ केस चलाए जा सकते हैं, जिन्हें लेकर कहा जा रहा है कि वे इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर हुई हिंसा में शामिल थे। पाकिस्तान की सेना ने एक बयान भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि फैज हमीद को मिलिट्री लॉ के तहत सजा दी गई है। लेकिन सेना के बयान के आखिरी पैराग्राफ की बहुत चर्चा हो रही है। इस पैराग्राफ में सेना ने लिखा है कि राजनीतिक आंदोलन को उकसाने और अस्थिरता पैदा करने के मामलों की अलग से जांच हो रही है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा। सेना के बयान से साफ है कि उसने फैज हमीद और कुछ अन्य नेताओं को हिंसा का जिम्मेदार माना है। साफ है कि अभी और लोगों के खिलाफ भी ऐक्शन हो सकता है। पाकिस्तान का लंबा खूनी इतिहास रहा है, जिसमें गद्दी से हटने के बाद भी कोई शासक सुरक्षित पनाहगाह के लिए तरसता रहा है। भले ही वह जुल्फिकार अली भुट्टो हों या फिर परवेज मुशर्रफ या इमरान खान। ऐसे में एक बार फिर से आशंकाएं तेज हैं कि सेना को बेतहाशा ताकत मिलने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक विपक्षियों को चुन-चुनकर टारगेट किया जा सकता है।  

थरूर का मीटिंग से लगातार तीसरी बार दूरी—तिवारी की गैरहाज़िरी ने बढ़ाई पार्टी की चिंता

नई दिल्ली  कांग्रेस के साथ खराब रिश्तों के दौर से गुजर रहे शशि थरूर ने लगातार तीसरी बार पार्टी की मीटिंग छोड़ दी है। शुक्रवार को कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की मीटिंग थी, जिसमें वह नहीं पहुंचे। यह लगातार तीसरा मौका है, जब शशि थरूर ने पार्टी की बैठक छोड़ दी है। शशि थरूर ने कई बार पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। माना जा रहा है कि इसके चलते ही उन्हें लेकर कांग्रेस में असहजता की स्थिति है। इस बीच उनका लगातार कांग्रेस की बैठकों से दूर रहना आशंकाओं को बढ़ावा दे रहा है। शीत सत्र का 19 दिसंबर को समापन होना है और उससे पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के सभी 99 लोकसभा सांसदों की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में यह तय होना था कि कैसे शीत सत्र के आगामी दिनों में सत्ता पक्ष को घेरा जाए। इस मीटिंग में शशि थरूर नहीं पहुंचे। इस बीच शशि थरूर के एक्स पर गुरुवार को कोलकाता में रहने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने लिखा था कि लंबे समय तक मेरे सहयोगी रहे जॉन कोशी की कोलकाता में शादी है। इसके अलावा मेरी बहन स्मिता थरूर का जन्मदिन भी है। इस बीच मैं एक आयोजन में भी हिस्सा लूंगा। कांग्रेस की इस बैठक में सांसद मनीष तिवारी भी मौजूद नहीं रहे। उनको लेकर भी अकसर चर्चाएं होती रही हैं। इसस पहले नवंबर में हुई दो बैठकों में शशि थरूर ने हिस्सा नहीं लिया था। इनमें से एक बैठक तो 30 नवंबर को ही थी, जिसे सोनिया गांधी ने बुलाया था। अगस्त 2020 में शशि थरूर और अन्य नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ भी मोर्चा खोला था। इस पर जब सवाल हुआ था तो शशि थरूर का कहना था कि मैंने मीटिंग छोड़ी नहीं थी बल्कि पहुंच नहीं सका था। मैं केरल से दिल्ली लौट रहा था और प्लेन में था। इसके बाद उनके ऑफिस से बताया गया था कि वह अपनी 90 वर्षीया मां के साथ दिल्ली लौट रहे थे और उनकी फ्लाइट को रीशेड्यूल किया गया था। इस मीटिंग में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद नहीं थे। SIR पर भी मीटिंग से रहे थे दूर, सोनिया गांधी ने किया था संबोधित इससे पहले 18 नवंबर को भी वह पार्टी की एक मीटिंग में नहीं गए थे, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर चर्चा की जानी थी। इस मीटिंग में भी सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों से बात की थी, लेकिन शशि थरूर के कार्यालय ने बताया कि वह खराब सेहत के चलते गैरहाजिर रहे।  

राहुल गांधी का बड़ा बयान: राजधानी की समस्या दूर करने में सरकार को पूरा सहयोग देंगे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में इन दिनों वायु प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है। जहरीली हवा की वजह से लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है तो बच्चे से बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राहुल गांधी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार के साथ बिना आरोप-प्रत्यारोप बहस और काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कम ही ऐसे मुद्दे होते हैं जिस पर पक्ष-विपक्ष सहमत हो और यह एक ऐसा विषय है जिसमें टकराव की आवश्यकता नहीं है। राहुल गांधी ने शून्यकाल में देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण और इसकी वजह से लोगों को हो रही स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार और विपक्ष को इस मुद्दे पर एक साथ काम करने की जरूरत है। राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है जिसमें पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं करेंगे, बल्कि समाधान की तलाश करेंगे। गांधी ने कहा, 'हमारे अधिकतर बड़े शहर जहरीली हवा से ढंके हुए हैं। लाखों बच्चों को फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। लोगों को कैंसर हो रहा है। बुजुर्ग लोगों को सांस लेने में संघर्ष करना पड़ रहा है।' सरकार भी चर्चा के लिए तैयार राहुल गांधी ने कहा, 'यह वैचारिक मुद्दा नहीं है। इस सदन में मौजूद सभी लोग वायु प्रदूषण की वजह लोगों को हो रहे नुकसान पर सहमत होंगे। यह ऐसा विषय है जिस पर हम सहयोग करना चाहेंगे।' कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री वायु प्रदूषण से निपटने का एक प्लान पेश कर सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार है और कार्य मंत्रणा समिति समय निर्धारित कर सकती है। हम देश को दिखाएंगे कि इस पर साथ काम करेंगे: राहुल गांधी राहुल ने संसद के बाहर भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी बात को दोहराया और कहा कि हम देश को दिखाएंगे कि इस मुद्दे पर साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'दिल्ली और बड़े शहरों की बात की मैंने। वायु प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं कि हमारा जो भविष्य है, बच्चे हैं, उनका नुकसान हो रहा है। लोगों को बीमारियां हो रही हैं। सांस नहीं ली जा रही है। मैंने सलाह दी है कि हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए और दूसरे तरीके से करनी चाहिए। आमतौर पर होता है कि आरोप प्रत्यारोप चलता है। इस मुद्दे पर एक राय होनी चाहिए, हम भविष्य की बात करेंगे। इस समस्या को कैसे दूर करना चाहिए कि इस पर बात करेंगे। हम एक्सपर्ट की भी राय लेंगे। हम देश को दिखाएंगे कि हम एक साथ प्रदूषण पर काम कर सकते हैं।'  

‘शो-ऑफ सुरक्षा’ पर कैंची: हरियाणा पुलिस ने 72 वीआईपी की सिक्योरिटी वापस ली

चंडीगढ़  हरियाणा में VIP सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला किया गया है. प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की जिला स्तर पर की गई रिव्यू मीटिंग में 72 VIP लोगों की सुरक्षा वापस ले ली है. यह रिव्यू पूरे प्रदेश में थ्रैट इनपुट, एक्सटॉर्शन कॉल्स के आधार पर किया गया. इस फैसले के बाद 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को VIP ड्यूटी से हटाकर सामान्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर भेज दिया गया है. DGP ओ पी सिंह ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को एक विस्तृत पत्र जारी किया है, जिसमें VIP सुरक्षा, आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कई अहम निर्देश शामिल हैं. अपने पत्र में DGP ने साफ कहा कि जिन कानून पाबंद नागरिकों को वास्तव में अपराधियों से खतरा है. पुलिस उनकी पूरी जिम्मेदारी लेकर सुरक्षा सुनिश्चित करे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों से लगातार संपर्क में रहें और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस, ट्रेनिंग, सेल्फ-डिफेंस उपायों जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराएं. प्राइवेट सिक्योरिटी को लेकर बारीकी से जांच DGP ने प्राइवेट सिक्योरिटी को लेकर भी पुलिस अधिकारियों से बारीकी से जांच करने को कहा और CID के थ्रेट असैसमेंट के बाद ही सिक्योरिटी देने की बात कही. उन्होंने कहा कि पुलिस का असल में काम है, अपनी फोर्स को बदमाशों से भिड़ाए रखना. अगर इनको आपने कुछ ही लोगों के घरों के आगे बैठा दिया तो बाकी आबादी की सुरक्षा का घेरा कमजोर हो जाएगा. पुलिसकर्मियों को कुछ गिने-चुने लोगों की सुरक्षा में लगा दिया जाता है तो इससे आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है, जो स्वीकार्य नहीं है. शो-ऑफ करने वालों को किया जाए ब्लैकलिस्ट DGP ने अपने पत्र में कहा कि अक्सर मॉल-सिनेमा, शादी-मैयत या अन्य आयोजनों में कुछ लोग पुलिस सुरक्षा का शो-ऑफ करते दिख जाते हैं. DGP ने ऐसे लोगों को ‘तिकड़मी’ बताते हुए निर्देश दिया कि उन्हें तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए. बेकार के काम में लगने का क्या मतलब है? DGP ओ पी सिंह ने पुलिस अफसरों को पत्र के जरिए कहा कि प्रदेश में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो अपराधियों को आश्रय देते हैं, आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं और फिर जान का खतरा होने का रोना रोते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करें. 

नेशनल मार्ग पर गहरी धुंध का कहर, पुलिसकर्मी दर्दनाक हादसे का शिकार

बटाला  आज सुबह अमृतसर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पड़ी गहरी धुंध के कारण हुई एक सड़क दुर्घटना में कार सवार पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने का समाचार प्राप्त हुआ है। घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरिंदर सिंह (60) पुत्र ज्ञान सिंह निवासी बटाला, जो कि पुलिस कर्मचारी है एवं नौशहरा माझा सिंह से चुनाव लड़ रहे एक व्यक्ति के साथ बतौर गनमैन के रूप में डयूटी है, आज सुबह अपनी स्विफ्ट कार से ड्यूटी पर जा रहा था।  जब वह उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गिल्लां गांव के पास पहुंचा, तो इसी दौरान एक ट्राला चालक ट्राले का मोड़ काट रहा था कि राजमार्ग पर पड़ी गहरी धुंध के चलते उक्त पुलिसकर्मी की गाड़ी उक्त ट्राले से जा टकराई, जिसके चलते उक्त कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि इस सड़क दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।  इस बीच, दुर्घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे एम्बुलेंस 108 कर्मियों ने उक्त पुलिसकर्मी नरिंदर सिंह को तत्काल उपचार के लिए बटाला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। 

U19 में नया इतिहास: वैभव सूर्यवंशी ने पछाड़ा शुभमन गिल, बने भारत के नंबर-2 स्कोरर

नई दिल्ली  वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 एशिया कप के पहले ही मैच में तबाही मचाई। यूएई के खिलाफ 171 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेल वह आउट हो गए। वैभव सूर्यवंशी इसी के साथ अंडर-19 वनडे टूर्नामेंट में भारत के लिए एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शुभमन गिल को पछाड़ते हुए दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। गिल ने 2017 में इंग्लैंड U19 के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 157 गेंदों पर 160 रनों की पारी खेली थी। वैभव सूर्यवंशी ने इसी के साथ मयंक अग्रवाल (160) और राज बावा (162*) जैसे खिलाड़ियों को भी पछाड़ा है।   बता दें, भारत के लिए U19 वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अंबाति रायुडू के नाम है। जी हां, रायुडू ने यह कारनामा 2002 में इंग्लैंड U19 के खिलाफ टांटन में करके दिखाया था, जब उन्होंने 177 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वैभव सूर्यवंशी उनका यह रिकॉर्ड तोड़ने से मात्र एक सिक्स दूर रह गए। बता दें, U19 वनडे टूर्नामेंट में आज तक सिर्फ एक ही खिलाड़ी दोहरा शतक लगा पाया है। यह साउथ अफ्रीका के जोरिच वान शाल्कविक हैं, जिन्होंने इसी साल जिम्बाब्वे अंडर-19 टीम के खिलाफ 215 रनों की पारी खेली थी।   बात वैभव सूर्यवंशी की पारी की करें तो, 171 रनों की इस पारी के लिए उन्होंने 95 गेंदों का सामना किया जिसमें 9 चौके और 11 गगनचुंबी छक्के लगाए। वैभव ने 56 गेंदों पर अपना शतक पूरा करने का बाद गेंदबाजों को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया था और लगातार गेंद को सीधा बाउंड्री के पार पहुंचा रहे थे। बता दें, यूएई ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। तीसरे ही ओवर में कप्तान आयुष म्हात्रे 4 के निजी स्कोर पर आउट हो गए। हालांकि इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने नंबर-3 पर आए आरोन जॉर्ज (69) के साथ डबल सेंचुरी की पार्टनरशिप कर टीम को बड़े स्कोर की राह दिखाई। खबर लिखे जाने तक भारत 34 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 269 रन बोर्ड पर लगा चुका है। वैभव सूर्यवंशी के आउट होने से भारत का अब 400 के पार जाना थोड़ा कठिन नजर आ रहा है, मगर अगर निचले क्रम के बल्लेबाज जोर लगाए तो यह संभव हो सकता है।