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पंजाब से कुरुक्षेत्र मेले तक सफेद घोड़े का जलवा, करोड़ों की कीमत के बावजूद मालिक ने बेचने से किया इनकार

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र के पिहोवा पशु मेले में 1 करोड़ का घोड़ा पहुंचा है। यह घोड़ा पंजाब के संगरूर से लाया गया है। घोड़े का नाम प्रताप रूप है, जो सिर से पैर तक पूरी तरह सफेद है। घोड़े की उम्र 28 महीने की है और यह 67 इंच ऊंचा है। लोग घोड़े के साथ फोटो खिंचवाने आ रहे हैं।  घोड़े के मालिक सरपंच हरप्रीत सिंह और उनके पिता निर्भय सिंह ने बताया कि इसकी 1 करोड़ रुपए तक की कीमत लग चुकी है। लेकिन तब भी उन्होंने इसे नहीं बेचा। घोड़े को 3 टाइम अलग-अलग डाइट दी जाती है। सर्दियों में उसे दूध में बादाम उबालकर दिए जाते हैं। इसके अलावा नहलाकर एक घंटे तेल मालिश की जाती है। जानें घोड़े की तीनों टाइम की डाइट   सुबह के समय प्रताप को 2 से 3 किलो काले चने दिए जाते हैं। 11 बजे उसे फॉर्म में घुमाने के लिए लेकर जाते हैं।   दोपहर को फॉर्म में उसे खुला रखते हैं, जहां वो घास चरता है।   शाम को प्रताप रूप को घर लाकर दूध पिलाते हैं। सर्दी में दूध में बादाम को डालकर उबालकर दिया जाता है। इसके बाद खाने के लिए उबला जौ भी देते हैं। गर्मी के दिनों में उसे सेब भी दिए जाते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में हो रहा है सांस्कृतिक अभ्युदय

भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे तानसेन मूर्धन्य संगीतज्ञ पं. राजा काले और पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से हुए विभूषित  साधना परमार्थिक संस्थान समिति मण्डलेश्वर एवं रागायन संगीत समिति ग्वालियर को मिला राजा मानसिंह तोमर सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है। आज दुनिया भारत की ओर देख रही है और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शनै:-शनै: अपनी अद्वितीय छाप छोड़ता जा रहा है। राज्य सरकार कला-संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन संगीत समारोह” का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन संगीत समारोह प्रदेश का उल्लेखनीय और प्रतिष्ठित समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलवाई है। तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे। संगीत सम्राट तानसेन ने गुरु स्वामी हरिदास जी के सानिध्य में संगीत की बारीकियां सीखकर नए आयाम दिए हैं। उनकी तान सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में शामिल किया है। वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा है और सामवेद इसका साक्षी है। इसके पहले अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला ने तानसेन समारोह के महत्व को बताते हुए रूपरेखा की जानकारी दी। सभी सम्मानित कलाकारों को दी बधाई तानसेन समारोह के शुभारंभ के साथ राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण एवं राजा मानसिंह तोमर सम्मान समारोह का आयोजन भी हुआ। इसमें प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले मुम्बई को वर्ष 2024 एवं सुविख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया। इसी तरह मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।   उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 15 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक “तानसेन समारोह” आयोजित हो रहा है। जाहिर है ग्वालियर की फिज़ाएँ अगले पाँच दिनों तक सुर, ताल व राग की बारिश में सराबोर रहेंगी। शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश और दुनियाँ के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव " तानसेन समारोह " में इस बार अलग ही रंग भरे गए हैं। राज्य शासन के संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी व मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से हर साल तानसेन संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य समारोह में 10 संगीत सभाएँ होंगी तानसेन संगीत समारोह में इस साल 10 संगीत सभाएं होंगी। पहली सभा सोमवार को सायंकाल को तानसेन समाधि परिसर में बनाए गए भव्य मंच पर सजी। इसके बाद हर दिन यहीं पर प्रातः एवं सायंकालीन सभाएं होंगी। समारोह के तहत 18 दिसम्बर को प्रात:काल 10 बजे से दो संगीत सभायें समानांतर रूप से सजेंगी। यह सभायें तानसेन समाधि स्थल के मुख्य मंच व मुरैना जिले के सुप्रसिद्ध बटेश्वर मंदिर परिसर में संगीत सभा सजेगी। समारोह के आखिरी दिन 19 दिसंबर को प्रातःकालीन सभा संगीत शिरोमणि तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और इस साल के समारोह की अंतिम संगीत सभा सायंकाल गूजरी महल परिसर में सजेगी। ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री श्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक श्री मोहन ठाकुर, विधायक श्री सुरेश राजे, महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति श्री एनपी नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे। 

एक क्लिक में 160 करोड़ की मदद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे अनुग्रह सहायता योजना की राशि का वितरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 दिसम्बर 2025 को मंत्रालय, भोपाल में संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 7 हजार 227 प्रकरणों में राशि रुपये 160 करोड़ सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित करेंगे। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विभिन्न स्थानों पर माननीय मंत्री गण एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना के अंतर्गत जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महावि‌द्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा के लिए सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार ‌द्वारा वहन किया जाता है। भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खा‌द्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती है। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है।अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 83 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है।पंजीयन प्रक्रिया निरंतरित है। श्रम विभागीय योजनांतर्गत वर्तमान तक 7 लाख 76 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 7 हजार 383 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिये जा चुके हैं।  

पंजाब की इन जगहों पर फिर जाएंगे मतदाता, Election Commission ने घोषित किया री-पोल

चंडीगढ़  आयोग के तय प्रोग्राम के मुताबिक, राज्य भर में 22 ज़िला परिषदों के 347 ज़ोन और 153 पंचायत समितियों के 2838 ज़ोन के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव तसल्लीबख्श और शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हो गए हैं। कुछ घटनाओं को छोड़कर, चुनाव के दौरान किसी जानी नुकसान या टकराव की कोई खबर नहीं है। आयोग ने इन जगहों पर फिर से चुनाव कराने के दिए आदेश 1. ब्लॉक समिति अटारी, ज़ोन नंबर 08 (खासा) (बूथ नंबर 52, 53, 54, 55) और ज़ोन नंबर 17 (वरपाल कलां) (बूथ नंबर 90, 91, 93, 94, 95)-अमृतसर ज़िला। 2. ब्लॉक समिति चन्नणवाल (ज़ोन नंबर 04), गांव रायसर पटियाला (बूथ नंबर 20)- ज़िला बरनाला। 3. ब्लॉक कोट भाई, गिद्दड़बाहा जिला श्री मुक्तसर साहिब में गांव बबानिया (बूथ नंबर 63 और 64) और गांव मधीर (बूथ नंबर 21 और 22)  4. गांव चन्नियां (पोलिंग स्टेशन 124)- जिला गुरदासपुर 5. पोलिंग बूथ 72, पंचायत समिति भोगपुर (ज़ोन चीन 4)– जिला जालंधर वहीं जानकारी के लिए बता दें कि दोबारा चुनाव 16.12.2025 को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होंगे और इन वोटों की गिनती 17.12.2025 को आम गिनती के साथ की जाएगी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ओमान दौरा शुरू, एयरपोर्ट पर मिला शाही स्वागत

अम्मान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंच गए हैं। जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी यह यात्रा जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के आमंत्रण पर कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और आपसी हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। अम्मान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह जॉर्डन पहुंचकर प्रसन्न हैं और हवाई अड्डे पर मिले आत्मीय स्वागत के लिए प्रधानमंत्री जाफर हसन के आभारी हैं। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत और जॉर्डन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-जॉर्डन संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। बता दें कि जॉर्डन में रहने वाले भारतीय, प्रधानमंत्री से मिलने और उनका स्वागत करने के लिए अति उत्साहित हैं। लोग पलके बिछाए पीएम मोदी के इंतजार में नजर आए। भारतीय प्रवासी समिति के सदस्य सनल कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से जॉर्डन में रहकर कपड़ा व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि जॉर्डन के टेक्सटाइल उद्योग में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, “हम एक बिलियन डॉलर की कंपनी हैं और यहां 35,000 लोगों को रोजगार दे रहे हैं, जिनमें 7,000 जॉर्डनवासी और 6,000 भारतीय शामिल हैं। यह देश हमें शानदार व्यवसाय करने का अवसर दे रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए सनल कुमार ने कहा, “वे एक अद्वितीय व्यक्तित्व हैं। शब्दों में उनका वर्णन करना मुश्किल है। दुनिया के किसी भी कोने में जाइए, जैसे ही आप कहते हैं कि आप भारत से हैं, लोग तुरंत प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेते हैं। वे एक अद्भुत और निस्वार्थ नेता हैं, जो देश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वे रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह जॉर्डन यात्रा किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर हो रही है और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे खास माना जा रहा है।

जांच में सनसनीखेज तथ्य: दिल्ली ब्लास्ट के पीछे हवाई हमले की प्लानिंग, कश्मीरी स्टूडेंट की भूमिका उजागर

फरीदाबाद  नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) वीरवार को दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल कश्मीरी छात्र जसीर बिलाल वानी को निशानदेही के लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां उसको विस्फोटक रखने वाली जगहों पर लेकर जाया गया।  जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जसीर वानी ने आटा-चक्की से यूरिया को पीसकर, उसमें से अमोनियम नाइट्रेट अलग करने में आतंकी मुजम्मिल की मदद की थी। जसीर वानी के साथ एजेंसी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल को भी लेकर आई थी, लेकिन केवल जसीर वानी को गाड़ी से उतारकर निशानदेही कराई गई। जसीर वानी डॉ. मुजम्मिल के साथ उसके फ्लैट पर भी रुका था। बम निरोधक दस्ता साथ लाया गया नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) अपने साथ बम निरोधक दस्ते को भी साथ लेकर आई थी। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के साथ लगते लगभग दो एकड़ के खेत में बने कमरे की जांच बम निरोधक दस्ता के द्वारा कराई गई, ये वो ही कमरा था, जिसमें 12 दिन तक विस्फोटक सामग्री को रखा गया था। बाद में उसको फतेहपुर तगा के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। यहां कमरे के अंदर व पास में मिट्टी खोदकर भी देखा गया। लगभग एक घंटे बाद बम निरोधक दस्ता की टीम यहां से चली गई। इसके बाद डॉ. मुजम्मिल और शाहीन को यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक ले जाया गया। जहां पर करीब एक आध घंटे तक उनको रखा गया। पूछताछ में कई डॉक्टर फैकल्टी स्टाफ सहित छात्रों को भी शामिल किया गया था। दरअसल मुजम्मिल और शाहीन रिमांड के दौरान जो जानकारी दे रहे हैं, एनआईए उस जानकारी को पुख्ता कर रही है कि वह सच बोल रहे हैं या झूठ, इसलिए टीम आतंकियों को बार-बार यूनिवर्सिटी लाकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करती है। गांव धौज में रखी गई थी आटा चक्की इस दौरान NIA की टीम जसीर वानी को डॉ. मुजम्मिल के यूनिवर्सिटी वाले फ्लैट, गांव धौज में जहां पर आटा-चक्की रखी गई थी, गांव खोरी जमालपुर में पूर्व सरपंच का मकान जहां पर मुजम्मिल ने 3 कमरों को फ्लैट किराए पर लिया था, इन सभी जगहों पर लेकर गई और उसकी निशानदेही करवाई गई। पॉलिटिकल साइंस का छात्र  NIA के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसीर वानी (20) पुलवामा का रहने वाला है। जसीर अनंतनाग के एक कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड ईयर का छात्र है। दिल्ली ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। डॉ शाहीन और मुजम्मिल से जसीर वानी की मुलाकात आतंकी उमर ने कराई थी। हवाई हमले की थी प्लानिंग जसीर वानी से एजेंसी की पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि पहले हवाई हमले की प्लानिंग की गई थी। जिसमें विस्फोटक को भरकर दूर से ही हमले को अंजाम दिया जा सके, लेकिन ऐसा नही हो पाया। जिसके बाद उमर ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में कई जगहों पर एक साथ हमले की योजना बनाई थी। श्रीनगर में प्लान तैयार, कुछ प्रयोग भी किए इसके लिए कश्मीर के श्रीनगर पूरा प्लान तैयार किया गया था। जहां पर कुछ प्रयोग भी किए गए थे, लेकिन बजट ज्यादा होने के चलते ऐसा संभव नही हो पाया। जांच में पता चला है कि जसीर वानी पुलवामा स्थित एक गांव का रहने वाला है और उसके गांव से कुछ ही दूरी पर आतंकी मुजम्मिल का भी गांव है, इसलिए वह जब भी फरीदाबाद आता, तो वह मुजम्मिल के फ्लैट पर ही रुकता था।

जम्मू-कश्मीर में बारिश–बर्फबारी का अलर्ट, जानिए कब से होगी Snowfall

श्रीनगर  लंबे समय तक चले सूखे के बाद, जम्मू-कश्मीर के मौसम में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। जम्मू-कश्मीर में मौसम बदलने की संभावना है, 20 से 22 दिसंबर के बीच बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाला वेदर सिस्टम केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में बहुत जरूरी बारिश ला सकता है, जिससे सूखे से राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में इसकी तीव्रता और इलाके के हिसाब से असर का डिटेल्ड अनुमान आने की उम्मीद है। इस बीच, कश्मीर घाटी में आज तापमान में कुछ सुधार देखा गया। इस बीच, कश्मीर घाटी के निवासियों को आज तापमान में हल्की बढ़ोतरी से कुछ राहत मिली है।

कोहरे की चादर में ढकी ट्राईसिटी, अगले दो दिनों तक येलो अलर्ट लागू

चंडीगढ़  दिसंबर का आधा महीना लगभग खत्म हो चुका है और अब ट्राईसिटी में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से सुबह-शाम शहर में कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। इससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। दिन में हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन बाद में तेज धूप खिली, जिससे लोगों को राहत मिली और छुट्टी के दिन लोग सड़कों और छतों पर धूप का मजा लेते दिखे। दिन का पारा अभी भी 26 डिग्री, रात में कड़ाके की ठंड रविवार को दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रात होते-होते पारा तेजी से गिरकर 7.4 डिग्री पर आ गया। तापमान में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को खुद भी ठंड का एहसास हुआ। इस वजह से दिन में अभी भी लोग राहत महसूस कर रहे हैं।  कोहरे से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी कोहरे की वजह से सुबह और रात में सड़कों पर गाड़ियों की स्पीड अपने आप धीमी हो जाती है। आगे की सड़क ठीक से न दिख पाने की वजह से ड्राइवर फॉग लाइट का सहारा ले रहे हैं और ज़्यादा सावधानी बरत रहे हैं। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीरे गाड़ी चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस दौरान ट्राइसिटी के कई इलाकों में घना कोहरा गिरने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है। इसकी वजह से गाड़ी चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। आने वाले चार दिनों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और तापमान 22 डिग्री तक आ सकता है। हालांकि, अभी रात में पारा गिरने की कोई संभावना नहीं है।

प्रदेश की आर्थिक समृद्ध‍ि में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ी भूमिका

वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। आत्मनिर्भरता को मिला आधार राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 1,13,696 तक पहुँच गई है। नीतिगत सुधारों का सीधा असर उद्योगों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही ‘जनविश्वास (संशोधन) विधेयक 2024’ के माध्यम से उद्योगों पर लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया गया है। इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट सिस्टम और सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाएँ पारदर्शी और समयबद्ध हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। एमएसएमई सेक्टर से एक करोड़ से अधिक को रोज़गार प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। वर्तमान में 20.43 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और एक करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करा रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि छोटे व्यापार, सेवाओं और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय संतुलन मजबूत हुआ है। लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला रास्ता औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी दृष्टि से राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों और निर्यात केंद्रों से जोड़ने में सहायता की है। इससे माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आई है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है। स्टार्टअप से भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास को समान रूप से महत्व दिया गया है। राज्य में 6000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स नवाचार को सहयोग दे रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया है। स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत सीड फंडिंग, कैपिटल फंड और एन्ट्रेप्रेन्योर इन रेजिडेंस प्रोग्राम जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाने से स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।  

टाटा समूह यूपी में ईवी, सोलर ऊर्जा और थर्मल पावर के क्षेत्र में करेगा निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच वार्ता में टाटा समूह के प्रदेश में चल रहे और भविष्य के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान एन. चंद्रशेखरन ने टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और नये मॉडलों के निर्माण के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास से जुड़े टाटा समूह के अन्य प्रोजेक्टस के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि इस क्रम में टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1900 मेगावाट की नई थर्मल इकाई लगा रहा है। इसके साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर पावर के विकास की परियोजनाओं पर भी तेज गति से कार्य कर रहा है। वहीं नोएडा में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से टाटा समूह नई बिल्डिंगों का निर्माण कर रहा है।   मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान टाटा चेयर पर्सन ने प्रदेश में ईवी के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बाताया कि टाटा समूह इस क्रम में इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों की मैन्यूफैक्चरिंग को तेजी से विस्तार दे रहा है, साथ ही ईवी के नये मॉडलों का भी विकास किया जाएगा। जो एक ओर तो टाटा समूह की ईवी के क्षेत्र में शेयर को बढ़ाएगा तो वहीं प्रदेश में रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश में आईटी-इंफ्रा के विकास को गति देने के उद्देश्य से नोएडा में नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। जिनके पहले फेज़ का निर्माण, दिसंबर 2026 में तक चरणबद्ध रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  बैठक के दौरान टाटा पावर ने प्रदेश में अपनी संचालित एवं आगामी परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें उन्होंने प्रयागराज के बारा प्लांट में टाटा समूह की ओर से लगाई जा रही 1900 मेगावाट की नई इकाई के बारे में विस्तार से बताया। इस पावर प्लांट में 360 मेगावाट क्षमता की तीन पावर जनरेशन यूनिट्स लगाई जाएगी। जो एक ओर प्रदेश की ऊर्जा क्षमात में विस्तार करेगी, दूसरी ओर स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इसके साथ ही टाटा पावर सोलर इनर्जी के क्षेत्र में भी प्रदेश में विस्तार ला रहा है। जिसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट की दो सोलर परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर रूफ टॉप से स्वच्छ ऊर्जा के निर्माण को भी बढ़ावा दे रहा है। जो मुख्यमंत्री के सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाएगा।