samacharsecretary.com

1 जनवरी 2026 से बदल रहा छुट्टियों का पूरा कैलेंडर, एमपी में सिंगल फादर के लिए बड़ी राहत

भोपाल  प्रदेश सरकार ने 48 साल पुराने सिविल सेवा अवकाश नियम में संशोधन कर दिया है। अब सरोगेट या कमीशनिंग मां (सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुई संतान की मां) को मातृत्व और एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश की पात्रता रहेगी। शिक्षकों को प्रतिवर्ष 10 अर्जित अवकाश मिलेंगे तो सेवानिवृत्ति के बाद अवकाश नकदीकरण में जो अर्जित अवकाश बच जाते हैं, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। यह प्रविधान एक जनवरी 2026 से लागू होंगे। नए नियमों के मुताबिक अब बीमारी और मातृत्व अवकाश लेना ज्यादा सुविधाजनक होगा, वहीं इनके दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न कर सकें, इसके लिए रोस्टर बनाना अनिवार्य होगा। सिविल सेवा अवकाश नियम में संशोधन वित्त विभाग ने अवकाश नियम 2025 अधिसूचित कर दिए हैं। अर्जित अवकाश सेवाकाल में 300 दिन से अधिक नहीं होंगे। प्रदेश में मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 लागू था। इसमें वर्तमान स्थितियों को देखते हुए परिवर्तन किए गए हैं। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारी लाभान्वित होंगे। संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) प्रथम 365 दिन पूर्ण वेतन के साथ मिलेगी। जबकि, दूसरी बार में 80 प्रतिशत वेतन का भुगतान होगा। 18 वर्ष तक के बच्चे के लिए अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। सरोगेट और सिंगल पिता को अवकाश अभी तक दो साल का अवकाश लेने तक वेतन कटौती का प्रविधान नहीं था लेकिन संशोधित नियम में रखा गया है। एक वर्ष में तीन बार से अधिक अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। एकल महिला को एक कैलेंडर वर्ष (एक जनवरी से 31 दिसंबर) में छह बार अवकाश की पात्रता रहेगी। दत्तक संतान ग्रहण अवकाश की पात्रता उस दत्तकग्राही मां को नहीं होगी, जिसकी दत्तक लेते समय एक से अधिक जीवित संतान हो। शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश नकदीकरण पितृत्व अवकाश पत्नी के प्रसव होने की संभावित तिथि के 15 दिन पूर्व या प्रसव की तारीख से छह माह तक की अवधि में 15 दिनों का स्वीकृत किया जा सकेगा। इस अवधि का वेतन मिलेगा। सरोगेसी के द्वारा जन्मे संतान के कमीशनिंग (वह पुरुष जो सरगोसी के माध्यम से संतान का पिता होता है) पिता को भी छह महीने के भीतर 15 दिनों का पितृत्व अवकाश की पात्रता रहेगी। असाधारण अवकाश पर रहने किसी भी प्रकार के अवकाश वेतन की पात्रता नहीं रहेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। इन पर लागू नहीं होंगे नियम आकस्मिक, दैनिक दर या अंशकालीन नियोजन में नियुक्त कर्मचारी- आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी- कार्यभारित स्थापना में नियुक्त कर्मचारी- संविदा पर नियुक्त कर्मचारी जानिए नए नियमों के 10 बड़े बदलाव 1. साल की शुरुआत में ही खाते में आ जाएगी EL (अर्निंग लीव) यह सबसे बड़ा और सुविधाजनक बदलाव है। अभी तक अर्जित अवकाश (EL) साल भर की नौकरी पूरी होने के बाद कर्मचारी के खाते में दर्ज होता था। अब ऐसा नहीं होगा। 1 जनवरी को 15 EL: साल की शुरुआत में ही 15 दिन की EL खाते में क्रेडिट हो जाएगी। 1 जुलाई को 15 EL: साल के मध्य में फिर 15 दिन की EL जुड़ जाएगी। नए कर्मचारियों को भी फायदा: नई जॉइनिंग करने वाले कर्मचारी को भी जॉइनिंग के साथ ही आनुपातिक रूप से EL मिल जाएगी। यह सुविधा काम शुरू करने से पहले ही कर्मचारियों को अवकाश की सुरक्षा देगी। 2. शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी मिलेगी 10 दिन की EL अध्यापन कार्य में लगे सरकारी कर्मचारी, जिन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता है, उन्हें अभी तक अर्जित अवकाश की पात्रता नहीं थी। इससे उन्हें साल के बीच में जरूरी काम आने पर परेशानी होती थी। अब मिलेगा 10 दिन का अर्जित अवकाश: नए नियमों के तहत अब इन कर्मचारियों को भी साल में 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। 5 दिन की EL जनवरी में और 5 दिन की जुलाई में उनके खाते में जुड़ जाएगी। 4. ड्यूटी पर घायल होने पर 2 साल का विशेष अवकाश प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों पर ड्यूटी के दौरान बढ़ते हमलों और दुर्घटनाओं को देखते हुए यह विशेष प्रावधान किया गया है। स्पेशल मेडिकल लीव: यदि कोई कर्मचारी कर्तव्य पालन करते हुए हमले या दुर्घटना में घायल होता है, तो उसे मेडिकल ऑफिसर की अनुशंसा पर 2 साल तक का विशेष अवकाश मिल सकेगा। वेतन: इस अवकाश के पहले 180 दिनों में पूरा वेतन मिलेगा। शेष अवधि में आधा वेतन मिलेगा। कर्मचारी चाहे तो इस अवधि में अपनी EL समायोजित कराकर पूरा वेतन ले सकता है। यह छुट्टियां कर्मचारी के अवकाश खाते से नहीं काटी जाएंगी। 5. CL के साथ जुड़ जाएगी मेडिकल लीव अभी तक आकस्मिक अवकाश (CL) के तुरंत बाद मेडिकल लीव लेने पर तकनीकी समस्या होती थी। यदि कोई कर्मचारी बीमार होने पर 1-2 दिन की CL ले लेता है और बाद में उसे मेडिकल लीव की जरूरत पड़ती है, तो उसकी CL बर्बाद हो जाती थी। अब मिलेगी राहत: नए नियमों के तहत, कर्मचारी जॉइनिंग के 15 दिन के अंदर अपनी शुरुआती CL को मेडिकल लीव में बदलवा सकेगा। इससे उसकी CL बच जाएगी और पूरी छुट्टी मेडिकल लीव में गिनी जाएगी। 7. प्रोबेशनर्स के लिए भी स्पष्ट हुए छुट्टी के नियम अभी तक प्रोबेशन पीरियड में रहने वाले कर्मचारियों के लिए अवकाश के नियम स्पष्ट नहीं थे। अब मिलेगी पात्रता: नए नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रोबेशनर्स को भी नियमानुसार अवकाश की पात्रता होगी। प्रशिक्षु कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट पर अधिकतम 1 महीने का अवकाश मिल सकेगा। 8. चाइल्ड केयर लीव: दूसरे साल 80% वेतन चाइल्ड केयर लीव के तहत 730 दिनों के अवकाश की पात्रता पहले की तरह ही रहेगी, लेकिन वेतन के नियम में बदलाव किया गया है। पहले 365 दिन: पूरा वेतन मिलेगा। अगले 365 दिन: वेतन का 80 प्रतिशत भुगतान होगा। 10. अवकाश अधिकार नहीं, लेकिन मनमानी भी नहीं नए नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि अवकाश अधिकार नहीं है और इसे लोकहित में निरस्त किया जा सकता है। हालांकि, इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अवकाश के अधिकार को कम करना नहीं है। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न … Read more

1 जनवरी 2026 से बदल रहा छुट्टियों का पूरा कैलेंडर, एमपी में सिंगल फादर के लिए बड़ी राहत

भोपाल  प्रदेश सरकार ने 48 साल पुराने सिविल सेवा अवकाश नियम में संशोधन कर दिया है। अब सरोगेट या कमीशनिंग मां (सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुई संतान की मां) को मातृत्व और एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश की पात्रता रहेगी। शिक्षकों को प्रतिवर्ष 10 अर्जित अवकाश मिलेंगे तो सेवानिवृत्ति के बाद अवकाश नकदीकरण में जो अर्जित अवकाश बच जाते हैं, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। यह प्रविधान एक जनवरी 2026 से लागू होंगे। नए नियमों के मुताबिक अब बीमारी और मातृत्व अवकाश लेना ज्यादा सुविधाजनक होगा, वहीं इनके दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न कर सकें, इसके लिए रोस्टर बनाना अनिवार्य होगा। सिविल सेवा अवकाश नियम में संशोधन वित्त विभाग ने अवकाश नियम 2025 अधिसूचित कर दिए हैं। अर्जित अवकाश सेवाकाल में 300 दिन से अधिक नहीं होंगे। प्रदेश में मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 लागू था। इसमें वर्तमान स्थितियों को देखते हुए परिवर्तन किए गए हैं। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारी लाभान्वित होंगे। संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) प्रथम 365 दिन पूर्ण वेतन के साथ मिलेगी। जबकि, दूसरी बार में 80 प्रतिशत वेतन का भुगतान होगा। 18 वर्ष तक के बच्चे के लिए अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। सरोगेट और सिंगल पिता को अवकाश अभी तक दो साल का अवकाश लेने तक वेतन कटौती का प्रविधान नहीं था लेकिन संशोधित नियम में रखा गया है। एक वर्ष में तीन बार से अधिक अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। एकल महिला को एक कैलेंडर वर्ष (एक जनवरी से 31 दिसंबर) में छह बार अवकाश की पात्रता रहेगी। दत्तक संतान ग्रहण अवकाश की पात्रता उस दत्तकग्राही मां को नहीं होगी, जिसकी दत्तक लेते समय एक से अधिक जीवित संतान हो। शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश नकदीकरण पितृत्व अवकाश पत्नी के प्रसव होने की संभावित तिथि के 15 दिन पूर्व या प्रसव की तारीख से छह माह तक की अवधि में 15 दिनों का स्वीकृत किया जा सकेगा। इस अवधि का वेतन मिलेगा। सरोगेसी के द्वारा जन्मे संतान के कमीशनिंग (वह पुरुष जो सरगोसी के माध्यम से संतान का पिता होता है) पिता को भी छह महीने के भीतर 15 दिनों का पितृत्व अवकाश की पात्रता रहेगी। असाधारण अवकाश पर रहने किसी भी प्रकार के अवकाश वेतन की पात्रता नहीं रहेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। इन पर लागू नहीं होंगे नियम आकस्मिक, दैनिक दर या अंशकालीन नियोजन में नियुक्त कर्मचारी- आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी- कार्यभारित स्थापना में नियुक्त कर्मचारी- संविदा पर नियुक्त कर्मचारी जानिए नए नियमों के 10 बड़े बदलाव 1. साल की शुरुआत में ही खाते में आ जाएगी EL (अर्निंग लीव) यह सबसे बड़ा और सुविधाजनक बदलाव है। अभी तक अर्जित अवकाश (EL) साल भर की नौकरी पूरी होने के बाद कर्मचारी के खाते में दर्ज होता था। अब ऐसा नहीं होगा। 1 जनवरी को 15 EL: साल की शुरुआत में ही 15 दिन की EL खाते में क्रेडिट हो जाएगी। 1 जुलाई को 15 EL: साल के मध्य में फिर 15 दिन की EL जुड़ जाएगी। नए कर्मचारियों को भी फायदा: नई जॉइनिंग करने वाले कर्मचारी को भी जॉइनिंग के साथ ही आनुपातिक रूप से EL मिल जाएगी। यह सुविधा काम शुरू करने से पहले ही कर्मचारियों को अवकाश की सुरक्षा देगी। 2. शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी मिलेगी 10 दिन की EL अध्यापन कार्य में लगे सरकारी कर्मचारी, जिन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता है, उन्हें अभी तक अर्जित अवकाश की पात्रता नहीं थी। इससे उन्हें साल के बीच में जरूरी काम आने पर परेशानी होती थी। अब मिलेगा 10 दिन का अर्जित अवकाश: नए नियमों के तहत अब इन कर्मचारियों को भी साल में 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। 5 दिन की EL जनवरी में और 5 दिन की जुलाई में उनके खाते में जुड़ जाएगी। 4. ड्यूटी पर घायल होने पर 2 साल का विशेष अवकाश प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों पर ड्यूटी के दौरान बढ़ते हमलों और दुर्घटनाओं को देखते हुए यह विशेष प्रावधान किया गया है। स्पेशल मेडिकल लीव: यदि कोई कर्मचारी कर्तव्य पालन करते हुए हमले या दुर्घटना में घायल होता है, तो उसे मेडिकल ऑफिसर की अनुशंसा पर 2 साल तक का विशेष अवकाश मिल सकेगा। वेतन: इस अवकाश के पहले 180 दिनों में पूरा वेतन मिलेगा। शेष अवधि में आधा वेतन मिलेगा। कर्मचारी चाहे तो इस अवधि में अपनी EL समायोजित कराकर पूरा वेतन ले सकता है। यह छुट्टियां कर्मचारी के अवकाश खाते से नहीं काटी जाएंगी। 5. CL के साथ जुड़ जाएगी मेडिकल लीव अभी तक आकस्मिक अवकाश (CL) के तुरंत बाद मेडिकल लीव लेने पर तकनीकी समस्या होती थी। यदि कोई कर्मचारी बीमार होने पर 1-2 दिन की CL ले लेता है और बाद में उसे मेडिकल लीव की जरूरत पड़ती है, तो उसकी CL बर्बाद हो जाती थी। अब मिलेगी राहत: नए नियमों के तहत, कर्मचारी जॉइनिंग के 15 दिन के अंदर अपनी शुरुआती CL को मेडिकल लीव में बदलवा सकेगा। इससे उसकी CL बच जाएगी और पूरी छुट्टी मेडिकल लीव में गिनी जाएगी। 7. प्रोबेशनर्स के लिए भी स्पष्ट हुए छुट्टी के नियम अभी तक प्रोबेशन पीरियड में रहने वाले कर्मचारियों के लिए अवकाश के नियम स्पष्ट नहीं थे। अब मिलेगी पात्रता: नए नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रोबेशनर्स को भी नियमानुसार अवकाश की पात्रता होगी। प्रशिक्षु कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट पर अधिकतम 1 महीने का अवकाश मिल सकेगा। 8. चाइल्ड केयर लीव: दूसरे साल 80% वेतन चाइल्ड केयर लीव के तहत 730 दिनों के अवकाश की पात्रता पहले की तरह ही रहेगी, लेकिन वेतन के नियम में बदलाव किया गया है। पहले 365 दिन: पूरा वेतन मिलेगा। अगले 365 दिन: वेतन का 80 प्रतिशत भुगतान होगा। 10. अवकाश अधिकार नहीं, लेकिन मनमानी भी नहीं नए नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि अवकाश अधिकार नहीं है और इसे लोकहित में निरस्त किया जा सकता है। हालांकि, इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अवकाश के अधिकार को कम करना नहीं है। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न … Read more

ग्वालियर में औद्योगिक महाकुंभ: अमित शाह करेंगे 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन

ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. यह प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट वाजपेयी के जन्मस्थान ग्वालियर में होगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाया जाता है. राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए वाजपेयी की जयंती पर ग्वालियर में 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' का आयोजन कर रही है. सीएम यादव ने इंदौर में पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह इस समिट में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में शाह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थित 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा औद्योगिक परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे.  इस आयोजन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। समिट में देश के अनेक प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि और बिजनेस लीडर भी सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों को नए निवेश के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट एक अभिनव प्रयास है, जिसके माध्यम से उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्यमियों का सम्मान, औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। यह आयोजन ग्वालियर के मेला ग्राउंड में दोपहर 11.30 बजे से होगा।  CM यादव ने कहा, "यह ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस वाजपेयी को समर्पित होगी. वह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोकतंत्र को समर्पित कर दिया. चाहे वह सरकार में रहे हों या विपक्ष में, उन्होंने एक अमिट छाप छोड़ी." स्व. प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर “निवेश से रोजगार-अटल संकल्प” विषय पर 45 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में अटल जी के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाया जाएगा, साथ ही प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं, सफल स्टार्टअप्स, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर प्रोत्साहन राशि वितरण, भूमि आवंटन, ग्वालियर व्यापार मेले का उद्घाटन तथा ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का शुभारंभ भी किया जाएगा। समिट में गोदरेज इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, वर्धमान समूह, जेके टायर, जुपिटर वैगन्स, मैकेन फूड, डाबर इंडिया, बीपीसीएल सहित अनेक प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। 

1000 युवाओं को रोजगार मिलेगा, वंदे भारत मेंटनेंस हब के तहत 13 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट

 भोपाल  नए साल में शहर के युवाओं को वंदे भारत मेंटेनेंस हब प्रोजेक्ट से रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है। भोपाल रेल मंडल के प्रोजेक्ट में कई पदों पर जल्द ही वैकेंसी निकाली जाएंगी। करीब 113 करोड़ के प्रोजेक्ट का निर्माण वंदे भारत के दिल्ली से आने वाले रैंक की सफाई व खराबियों को दूर करने के लिए किया जा रहा है। अभी ये काम दिल्ली में होता है और रानी कमलापति वॉशिंग पिट में गाड़ी की क्लीनिंग का काम किया जाता है। एक साथ होगा मेंटनेंस मेंटनेंस हब में काम करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों का दल तैनात रहेगा जो कम समय में ट्रेन को दोबारा वापसी की यात्रा के लिए तैयार कर देगा। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि इस हब के बनने के बाद तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का एक साथ मेंटेनेंस किया जा सकेगा। वर्तमान में वंदे भारत के कोच का फुल मेंटेनेंस चेन्नई भेजा जाता है और इटारसी में केवल छोटा-मोटा काम होता होता है। समय और संसाधनों की बचत मेंटनेंस हब भोपाल में होने से ट्रेन की बड़ी खराबी पर भी काम हो सकेगा। नवंबर 2024 में वंदे भारत के कोच की स्प्रिंग टूटने से ट्रेन को मरम्मत में 17 घंटे लगे थे। 3 चरणों में होगा काम यह प्रोजेक्ट 113 करोड़ में पूरा होगा। पहला चरण 2026 में पूरा करने की तैयारी है। प्रोजेक्ट के तीन चरणों में 3 से 4 साल लग सकता है। हब बनने के बाद देश की सबसे तेज और आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों का नियमित मेंटेनेंस स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।

नए साल में क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बड़ा झटका, प्राइवेट बैंक ने लागू किए नए नियम

नई दिल्ली क्या आप भी आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड (ICICI Bank Credit Card) इस्तेमाल करते हैं, तो फिर नए साल की शुरुआत आपको झटका देने वाली साबित हो सकती है. दरअसल, बैंक की ओर से क्रेडिट कार्ज यूजर्स के लिए 1 जनवरी 2026 से कई बड़े बदलाव (Credit Card Rule Change) लागू किए जाने वाले हैं और ये चेंज आपकी जेब का बोझ बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं. इसके तहत कुछ ट्रांजैक्शंस के लिए अब चार्ज बढ़ाया जा रहा है, तो वहीं क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड बेनेफिट्स भी बदलने वाले हैं.  ऑनलाइन गेमिंग पड़ेगी महंगी ICICI Bank ने अपनी क्रेडिट कार्ड सर्विसेज और शुल्कों में नए बदलावों की घोषणा की है. कई तरह के लेन-देन पर पहले से लागू शुल्क बढ़ाए गए हैं, जबकि कई पॉपुलर कार्डों पर मिलने वाले Rewards और अन्य Benefits में भी संशोधन किया गया है. बैंक की ओर से जारी बयान में बताया गया कि ये New Rule जनवरी और फरवरी 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे और ये रिटेल क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर लागू होंगे.  Credit Card Rule Change में सबसे अहम बदलाव ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर किए गए लेन-देन पर लगने वाला चार्ज होगा, जो कुल ट्रांजैक्शन का अब 2% होगा. Dream11, Rummy Culture, Junglee Games और MPL जैसे प्लेटफॉर्म पर पेमेंट के लिए ये लागू होगा, तो इसके साथ ही भविष्य में पेश किए जाने वाले इसी तरह के मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) पर भी यही लागू किए जाएंगे.  दो महीने बदलाव ही बदलाव ICICI बैंक की ओर से हाल सालों में अपने क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो में सबसे व्यापक बदलावों में से एक को लागू करने का ऐलान किया गया है. इसमें लगभग सभी कार्डों के शुल्क, रिवॉर्ड स्ट्रक्चर और लाभों में संशोधन किया गया है. इनमें से ज्यादातर चेंज 15 जनवरी से प्रभावी होंगे, तो कुछ रिवॉर्ड लिमिट में बदलाव या फिर इन्हें खत्म करने से जुड़ा चेंज 1 फरवरी 2026 से लागू होगा.  सबसे बड़ा झटका यहां लगेगा Credit Card Rule Change के तहत सबसे तगड़ा झटका ICICI सुपर-प्रीमियम एमराल्ड कार्डहोल्डर्स को लगेगा. एमराल्ड मेटल, एमराल्ड प्राइवेट और एमराल्ड (PVC) पर डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) चार्ज बढ़ाकर 2% कर दिया गया है. इसके साथ ही एमराल्ड मेटल कार्डहोल्डर को सरकारी सेवाओं, फ्यूल, रेंट, Tax Payment के साथ ही थर्ड-पार्टी वॉलेट लेन-देन पर अब रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे. एमराल्ड मेटल पर नए ऐड-ऑन कार्ड के लिए अब 3,500 रुपये का एकमुश्त शुल्क भी देना होगा. नई साल (New Year) से लागू होने वाले अन्य बदलावों के बारे में बात करें, तो अब कई क्रेडिट कार्डों पर ट्रांसपोर्टेशन खर्च पर रिवॉर्ड की लिमिट तय कर दी गई है. एमराल्ड, एमराल्ड प्राइवेट, सैफिरो और रुबिक्स कार्डों पर मंथली परिवहन खर्च के 20,000 रुपये तक ही रिवॉर्ड मिलेंगे. वहीं कोरल, प्लैटिनम, मैनचेस्टर यूनाइटेड, सीएसके, एक्सप्रेशंस और अन्य मीडियन कैटेगरी के कार्ड्स पर यह लिमिट 10,000 रुपये प्रति माह होगी. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर यूजर्स के द्वारा की जाने वाली रेल और बस बुकिंग (Train-Bus Booking) पर पड़ेगा. थर्ड पार्टी वॉलेट को लेकर ये चेंज नए बदलावों के तहत अब आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड यूजर्स को Amazon Pay, Paytm, MobiKwik, Freecharge और OlaMoney जैसे थर्ड-पार्टी वॉलेट में 5,000 रुपये या उससे अधिक की राशि लोड करने से अब 1% शुल्क वसूला जाएगा. इसके अलावा मनोरंजन (Entertainment) संबंधी सुविधाओं में सख्ती बरती जा रही है. Book My Show का पॉपुलर 'Buy One Get One' ऑफर अब बिना शर्त नहीं मिलेगा. कार्डधारकों को चालू तिमाही में इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिछली तिमाही में 25,000 रुपये खर्च करने जरूरी होंगे. वहीं फरवरी 2026 से इंस्टेंट प्लैटिनम कार्डधारकों के लिए यह सुविधा पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी.