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अफगान शरणार्थियों के लिए पाक-ईरान बने ‘नरक’! हर दिन हो रही जबरन वापसी, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों पर सवाल

ईरान पाकिस्तान और ईरान द्वारा अफ़ग़ान शरणार्थियों के खिलाफ सख़्त रवैये ने एक बार फिर मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिर्फ़ एक दिन में 3,000 से अधिक अफ़ग़ान शरणार्थियों को इन दोनों देशों से निकालकर अफ़ग़ानिस्तान भेज दिया गया। तालिबान के उप-प्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फ़ितरत के अनुसार, मंगलवार को 693 परिवारों के कुल 3,610 लोग विभिन्न सीमा चौकियों के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान लौटे। इनमें तोरख़म, इस्लाम क़ला, स्पिन बोल्डक और बह्रामचा जैसे प्रमुख बॉर्डर पॉइंट शामिल हैं। फ़ितरत ने बताया कि कुछ परिवारों को उनके मूल इलाक़ों तक पहुँचाया गया, जबकि सीमित संख्या में लोगों को मानवीय सहायता दी गई। बावजूद इसके, ज़मीनी हक़ीक़त बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। अफ़ग़ान मीडिया और शरणार्थियों के बयानों के मुताबिक, पाकिस्तान में रह रहे अफ़ग़ान नागरिक लगातार पुलिस दबाव, अवैध गिरफ़्तारी और कथित वसूली का सामना कर रहे हैं। कई मामलों में सादे कपड़ों में लोग खुद को पुलिस बताकर शरणार्थियों को पकड़ लेते हैं, जिससे डर और अराजकता का माहौल बना हुआ है। अफ़ग़ान शरणार्थियों का कहना है कि न तो उन्हें बुनियादी मानवाधिकार मिल रहे हैं और न ही उनकी शिकायत सुनने वाला कोई है। हालात इतने खराब हैं कि कई लोग यह भी नहीं समझ पाते कि उन्हें पकड़ने वाले पुलिस हैं या अपराधी। विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान-पाकिस्तान तनाव के बीच शरणार्थियों को दबाव का हथियार बनाया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस पूरे संकट पर लगभग चुप हैं।  

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र

औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के श्री अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के श्री अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक श्री राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।

फिल्ममेकर्स की बल्ले-बल्ले! राजस्थान में शूटिंग पर सरकार का 3 करोड़ तक का ऑफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मांकन का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रस्तावित राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी की है। नीति में सब्सिडी / प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के व्यापक प्रावधान शामिल किए गए हैं जिससे यह नीति अन्य राज्यों की तुलना में फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षक होगी। राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, मरुस्थलीय भू-भाग, ऐतिहासिक किले, महल और विविध प्राकृतिक लोकेशन्स विश्वस्तरीय हैं। नई फिल्म पर्यटन नीति राज्य को फिल्मिंग हब के रूप में स्थापित करेगी और युवाओं के लिए रोजगार तथा कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया की फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए न केवल सब्सिडी दी जाएगी, अपितु प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर नीति का सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा। फिल्म व्यय पर 30% तक सब्सिडीः- राजस्थान में फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर किए व्यय का अधिकतम 30% तक सब्सिडी देने का प्रावधान है। अधिकतम सब्सिडी सीमा फीचर फिल्म ₹३ करोड़, वेब सीरीज ₹2 करोड़, टीवी सीरियल ₹1.5 करोड़ और डॉक्यूमेंट्री ₹2 करोड़ निर्धारित की गई है। न्यूनतम व्यय सीमाः- सब्सिडी प्राप्त करने के लिए राज्य में न्यूनतम व्यय फीचर फिल्म हेतु ₹2 करोड़, जबकि वेब सीरीज, टीवी सीरियल और राजस्थानी भाषा की फिल्मों हेतु ₹1 करोड़ अनिवार्य होगा। सब्सिडी प्राप्त करने हेतु निम्न प्रावधान हैं: लोकेशन स्क्रीन-टाइम आधारित प्रोत्साहन राजस्थान की लोकेशन्स को 5-15%, 16-30% और 30% से अधिक स्क्रीन-टाइम देने पर क्रमशः 10%, 20% और 30% सब्सिडी मिलेगी। 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने पर फीचर फिल्म के 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने और न्यूनतम व्यय सीमा पूरी करने पर अधिकतम 30% तक सब्सिडी उपलब्ध होगी। 100% शूटिंग राजस्थान में करने पर यदि पूरी फिल्म राजस्थान में शूट की जाती है तो अधिकतम सब्सिडी सीमा के अन्दर 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। राजकीय लोकेशन्स पर शुल्क की 100% प्रतिपूर्तिः राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले शूटिंग स्थानों की अनुमति शुल्क / फीस (अधिकतम पाँच दिन) की 100% प्रतिपूर्ति दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को विशेष प्रोत्साहनः राजस्थान में फिल्माई गई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फीचर फिल्मों को अधिकतम ₹1 करोड़ तथा भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को अधिकतम ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि मिलेगी। छात्रवृत्ति योजना-राजस्थान के छात्र होंगे लाभान्वित फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली (एनएसडी) में अध्ययन / प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राजस्थान निवासी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रत्येक वर्ष 10 छात्रों को चयनित कर अधिकतम ₹50,000 की 100% ट्यूशन फीस सहायता एवं ₹5,000 प्रतिमाह तक 100% स्टाईपेंड प्रदान किया जाएगा। राजस्थान फिल्म डायरेक्टरी व नया ऑनलाइन पोर्टलः पर्यटन विभाग राज्य की सभी शूटिंग लोकेशन्स की विस्तृत डायरेक्टरी तैयार करेगा। साथ ही एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माता निर्देशक से लेकर कलाकार, तकनीशियन, संगीतकार, कोरियोग्राफर और लाइन प्रोड्यूसर तक सभी की सूची उपलब्ध रहेगी। यह पोर्टल फिल्म निर्माताओं के लिए वन-स्टॉप समाधान बनेगा। थियेटर में रिलीज की अनिवार्यताः थिएटर में रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों को न्यूनतम 200 स्क्रीन, राजस्थानी फिल्मों को 25 स्क्रीन और अन्य भाषाओं की फिल्मों को 100 स्क्रीन पर रिलीज करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार व पर्यटन विभाग को अनिवार्य श्रेयः सभी सब्सिडी प्राप्त फिल्मों हेतु राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को श्रेय देना अनिवार्य होगा।  

अरुणाचल पर फिर साया चीनी खतरे का? पूर्व राजनयिक बोले— भारत की सीमाओं का सम्मान नहीं करता ड्रैगन

नई दिल्ली  पूर्व भारतीय राजनयिक के.पी. फैबियन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चीन की विस्तारवादी नीतियों को लेकर भारत को एक बार फिर सतर्क रहने की जरूरत है। चीन भारत की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान नहीं करता और अरुणाचल प्रदेश पर उसका दावा उसी विस्तारवादी मानसिकता का हिस्सा है, जो दशकों से चली आ रही है। बातचीत में फैबियन ने हालिया पेंटागन रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत की तथाकथित ‘पांच उंगलियों’ में से एक मानता है। उन्होंने कहा कि यह सोच न तो नई है और न ही मासूम बल्कि यह चीन की सोची-समझी भू-राजनीतिक रणनीति को दर्शाती है। फैबियन के अनुसार, चीन का इतिहास बताता है कि वह पड़ोसी देशों की सीमाओं का सम्मान करने के बजाय विस्तार को अपना अधिकार समझता है। उन्होंने साफ कहा, “चीन भारत की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान नहीं करता।”हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि भारत व्यावहारिक नीति अपनाते हुए व्यापार, निवेश और संवाद के स्तर पर चीन से रिश्ते बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे चीन की असल मंशा नहीं बदलती। पेंटागन की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को रोकने की कोशिश कर रहा है।   इस पर फैबियन ने दो टूक कहा कि चीन चाहे जितनी कोशिश कर ले, वह भारत-अमेरिका रिश्तों को रोक नहीं सकता। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपनी तथाकथित ‘कोर इंटरेस्ट्स’ की सूची में अरुणाचल प्रदेश, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और अन्य विवादित क्षेत्रों को शामिल कर लिया है। बीजिंग 2049 तक “महान चीनी पुनरुत्थान” के नाम पर सैन्य और भू-राजनीतिक विस्तार की योजना पर काम कर रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर तनाव कम करने के बावजूद भारत को चीन की मंशा को लेकर भ्रम में नहीं रहना चाहिए। अरुणाचल पर दावा, एलएसी पर दबाव और कूटनीतिक चालें ये सभी चीन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी का सुशासन मॉडल देश के लिए मार्गदर्शक : मंत्री सारंग

अटल स्मृति पर्व पर नरेला में विधानसभा सम्मेलन भोपाल  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग नरेला विधानसभा अंतर्गत हरि मैरिज गार्डन में आयोजित विधानसभा सम्मेलन में सम्मिलित हुए। मंत्री श्री सारंग ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी सुशासन मॉडल, कवि हृदय तथा अजातशत्रु के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान पर विषय पर विचार व्यक्त किए। सुशासन का दूरदर्शी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री वाजपेयी का सुशासन मॉडल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की अवधारणा पर आधारित था। सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर शासन को आधुनिक बनाने, सूचना का अधिकार और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता लाने, सड़कों और दूरसंचार के विस्तार से अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच सुनिश्चित करने तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। अंत्योदय जैसी योजनाओं से गरीब और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। आधारभूत संरचना को नई गति मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्वर्ण चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दिल्ली मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को नई गति दी। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना तथा शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना ने समावेशी विकास को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि नई दूरसंचार नीति से देश में मोबाइल क्रांति की नींव पड़ी, जबकि एफआरबीएम अधिनियम और विनिवेश की पारदर्शी नीति ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया। कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड और ग्रामीण विकास की पहलों से किसानों को सशक्त बनाया गया। अजातशत्रु राजनेता अटल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री अटल ने रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक संवेदनशील कवि हृदय और अजातशत्रु राजनेता थे, जिनका सम्मान पक्ष और विपक्ष दोनों करते थे। सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना और शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना जैसी पहलों से शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए तथा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचा। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और सशक्त किया।  

विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष को किसानों के मुद्दे पर आइना दिखाया। उन्होंने बताया कि किस तरह पूर्व की सरकारों में किसानों की अनदेखी की गई। किसानों को सिर्फ वोटबैंक की तरह देखा गया, उनके उत्थान के लिए कोई विशेष कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज खेती को बाजार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का मजबूत तंत्र तैयार हो चुका है। एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक पार्क और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किसानों की उपज अब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच रही है। एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूती देने के लिए स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश भी बढ़ा है। 20 प्वाइंट में मुख्यमंत्री के भाषण के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं– 1.    अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र है। 2.    यूपी के पास उपजाऊ जमीन और प्रचुर जल संसाधन होने के बावजूद पहले किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बीज नहीं दिए गए। 3.    किसान दिवस के अवसर पर किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर विधान भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष की गैरमौजूदगी दुर्भाग्यपूर्ण रही। 4.    सीएम ने कहा– विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित। इसी वजह से उनके हितों में वास्तविक काम नहीं हुआ। किसानों के बारे में विपक्ष का आचरण यही है। 5.    मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने चौधरी चरण सिंह सीड पार्क के लिए जमीन आवंटन का काम प्रारंभ किया। आपके समय में क्या होता था? उस दौरान लागत ज्यादा थी, उत्पादन कम था, बाजार नहीं था, किसान तबाह था, परेशान था। बिचौलियों के द्वारा लाभ ले लिया जाता था। 6.    आज किसान सुरक्षित हैं। किसान को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यूपी आज देश के अंदर गन्ना उत्पादन का नंबर एक का राज्य है। 7.    आपके समय में चीनी मिलें बिकती थीं, बंद होती थीं। वर्षों-वर्षों गन्ना मूल्य बकाया रहता था, किसान तरसता था। अब यह स्थिति नहीं है। अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र हैं। 8.    अन्नदाता को नई तकनीक के साथ आच्छादित किया जा रहा है। 9.    22 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई की सुविधा दी गई है। विपक्ष ने 8 प्रतिशत कृषि विकास की दर रखी थी। अब यह बढ़कर 18 प्रतिशत पहुंच चुकी है। 10.    एमएसपी के साथ ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने में आज उत्तर प्रदेश देश के अंदर नंबर एक स्थान पर है। 11.    देश के अंदर उत्तर प्रदेश कृषि योग्य भूमि का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है, लेकिन अच्छा बीज, समय पर बीज, अच्छी तकनीक से तीन-तीन फसल किसान ले रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के कुल खाद्यान्न का 21 प्रतिशत अकेले यूपी पैदा कर रहा है। 12.    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिये अब तक 94,668 करोड़ रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से अन्नदाता के खाते में पहुंचाए हैं। इसमें किसी को संदेह नहीं होगा। इसमें भी चेहरा नहीं देखा गया। किसान किसान है। आपके लिए वह भेदभाव का शिकार हो सकता है, हमारे लिए नहीं। 13.    पूरे देश में अकेले यूपी में 55 प्रतिशत गन्ने का उत्पादन हो रहा है। यूपी में पहले एथेनॉल उत्पादन जो केवल 41 करोड़ लीटर था, आज 182 करोड़ लीटर हो गया है। 14.    हर खेत को पानी के लक्ष्य को नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। इसके परिणामस्वरूप देश की कुल 86 प्रतिशत सिंचित भूमि अकेले उत्तर प्रदेश के पास है और यूपी देश का सर्वाधिक सिंचित भूमि वाला राज्य बन गया है। 15.    सीएम योगी ने कहा कि किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई है। पीएम कुसुम योजना के तहत 94 हजार अन्नदाता किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 16 लाख किसानों के ट्यूबवेल के बिजली बिल माफ कर सरकार उसके लिए पैसा उपलब्ध करा रही है। 16.    उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु-अनुकूल आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी से बढ़ रही है। 17.    गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में भी सरकार ने ठोस काम किया है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक गोवंश के लिए गौ संरक्षण स्थल बनाए गए हैं। 18.    जो अन्नदाता किसान अपने घर में गाय पालते हैं, उन्हें वेरिफिकेशन के बाद ₹1500 प्रति गाय का भुगतान किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। 19.    स्मार्ट खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती के विस्तार में भी उत्तर प्रदेश ने देश में अग्रणी स्थान बनाया है। 20.    मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण आय और पोषण दोनों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर किसानों की खुशहाली और प्रदेश की समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।

आष्टा में बवाल के बाद सख्ती: करणी सेना हमले के केस में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी

आष्टा थाना पार्वती क्षेत्र में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात दबिश देकर 6 और आरोपितो को गिरफ्तार किया। इस प्रकार अब तक कुल 10 आरोपितो की गिरफ्तारी हो चुकी है। गौरतलब है कि 21 दिसंबर को कुछ असामाजिक तत्वों ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर मारपीट की थी और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की थी। घटना के संबंध में थाना पार्वती में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।   घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्रित किए, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई। मंगलवार को पुलिस ने पहले 4 आरोपितो को गिरफ्तार किया था, वहीं बुधवार रात को 6 अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अकील अहमद, अलीम उद्दीन, फिरोज उद्दीन, मुजफ्फर उद्दीन, नायब अहमद, मुस्ताक उद्दीन, साहूद आलम, इस्माइल शाह, शहीद खा और सलमान खा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसडीओपी आकाश अमलकर का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जाफर एक्सप्रेस बनी आतंकियों का निशाना, बम धमाके से उड़ा मुख्य रेलवे ट्रैक; बड़ा हादसा टला

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में आतंकियों ने एक बार फिर रेलवे ढांचे को निशाना बनाया है। नसीराबाद जिले के नोटल इलाके के पास मुख्य रेलवे ट्रैक पर लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) में विस्फोट हो गया, जिससे ट्रैक का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट जाफर एक्सप्रेस के मौके पर पहुंचने से पहले हो गया, जिससे एक बड़े रेल हादसे से बचाव हो सका। जाफर एक्सप्रेस पेशावर से क्वेटा जा रही थी, जिसे एहतियातन डेरा मुराद जमाली स्टेशन पर रोक दिया गया। विस्फोट के बाद क्वेटा और अन्य क्षेत्रों के बीच रेल सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं।घटना के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान एक अन्य विस्फोटक डिवाइस को भी समय रहते निष्क्रिय किया गया। गौरतलब है कि जाफर एक्सप्रेस पहले भी कई बार आतंकियों के निशाने पर रही है। नवंबर में बोलान पास इलाके में ट्रेन पर फायरिंग की गई थी।    अक्टूबर में सिंध के शिकारपुर जिले में ट्रैक ब्लास्ट में सात लोग घायल हुए थे। इस साल मार्च में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की मजीद ब्रिगेड ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया था, जिसमें कई सुरक्षाकर्मियों की मौत का दावा किया गया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान में रेल यात्रियों की सुरक्षा और राज्य की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

इतिहास रचेगा पुलिस का सबसे बड़ा पासिंग-आउट परेड, शपथ दिलाएंगे गृहमंत्री अमित शाह : मुख्यमंत्री

पंचकूला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यवनिका पार्क से हरियाणा पुलिस के बैच संख्या-93 के जवानों द्वारा आयोजित अटल जनसेवा को समर्पित दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की स्मृति में आयोजित यह दौड़ एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रेरणास्पद प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आज सांय केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भारतीय पुलिस के इतिहास के सबसे बड़े पुलिस पासिंग-आउट बैच को सामूहिक शपथ दिलवाएंगे। इस ऐतिहासिक बैच में कुल 5,061 जवान शामिल हैं, जिनमें 4,191 पुरुष एवं 870 महिला जवान हैं। इस प्रकार, इस बैच में 20.75 प्रतिशत महिला भागीदारी सुनिश्चित हुई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में हरियाणा पुलिस में महिलाओं की भागीदारी मात्र 3 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 10 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। राज्य सरकार ने इसे आगामी वर्षों में 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान में हरियाणा पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। नवप्रशिक्षित जवान इस अभियान के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।  उन्होंने कहा कि यह दौड़ 39 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रमाण है तथा पुलिसिंग और कर्मयोगी पाठ्यक्रम के उन मूल्यों को व्यवहार में उतारने की शुरुआत है, जिन्हें जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान आत्मसात किया है। इस दौड़ में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए 4,252 जवान तथा शहरी पृष्ठभूमि के 809 जवान एक साथ कदमताल कर रहे हैं, जो पूरे हरियाणा की सामाजिक एकता और समरसता का सशक्त संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैच की एक और उल्लेखनीय विशेषता यह है कि लगभग 85 प्रतिशत जवान स्नातक एवं स्नातकोत्तर हैं। इनमें से 2,390 जवान (50 प्रतिशत से अधिक) 26 वर्ष से कम आयु के हैं, जो हरियाणा पुलिस में नई ऊर्जा, आधुनिक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता का संचार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह दौड़ केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि योग, पी.टी. एवं आत्मरक्षा जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विकसित आत्मबल और अनुशासन का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि इन जवानों ने 9 अप्रैल 2025 को उत्साहपूर्वक 1,356 यूनिट रक्तदान कर समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह, हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक डॉ अरशिंदर सिंह चावला, उपयुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक पंकज नैन, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष, बंतो कटारिया, ओम प्रकाश देवीनगर, दीपक शर्मा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

अंदर का आदमी ही निकला ठग: इंदौर में अकाउंटेंट ने UPI से निकाले 11.5 लाख, मामला दर्ज

इंदौर मल्हारगंज पुलिस ने उद्योगपति विकास धूत के 76 वर्षीय पिता मुरलीधर धूत की शिकायत पर अकाउंटेंट और उसके साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित अकाउंटेंट ने यूपीआई पासवर्ड बदल कर खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस के मुताबिक विकास धूत की अवंतिका जिनिंग फैक्ट्री (जवाहर मार्ग) है। आरोपित हिमांशू जोशी (द्वारकापुरी) अकाउंटेंट की नौकरी करता था। मुरलीधर धूत नहीं करते थे ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल मुरलीधर धूत वृद्धावस्था के कारण ई-बैंकिंग का उपयोग नहीं कर सकते थे और हिमांशु से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाते थे। आरोप है कि इस दौरान हिमांशु ने यूपीआई आईडी और पासवर्ड बदल दिए और खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।   बैंक से चेक अनादरित होने पर बैंलेस की जांच की और हिमांशु से पूछताछ की गई। उसने माफी मांगी और शपथपत्र देकर कहा वह रुपये लौटा देगा। महीनों बाद भी रुपये न देने पर साइबर सेल को शिकायत की गई। मंगलवार को मल्हारगंज पुलिस ने हिमांशु और कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।