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खेती को बनाया मिशन: 10 वर्षों से कर रहे खास काम पर सिरसा के आशीष सम्मानित

हिसार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को किसान दिवस पर प्रदेश के 42 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि एचएयू कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने सिरसा के गांव सुकेरा खेड़ा के आशीष मेहता को किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र व 31 हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर प्रदान किए गए।   किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित आशीष ने कहा कि दस साल से फसल अवशेष प्रबंधन कर रहा हूं। अपने खेत की मिट्टी को लेकर बेहद जागरूकता से काम करते हैं। इससे खेत में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ी है। किसानों का मिट्टी के प्रति संवदेनशील होना चाहिए। जैविक खेती अपनाने से किसानों को आर्थिक तौर के अलावा हेल्थ के रूप में भी फायदा होगा। प्रदेश के इन किसानों को किया गया सम्मानित  भिवानी के मंढाणा से श्याम सुंदर, धनासरी से कृष्णा, फतेहाबाद के बरसीन से राजेंद्र, कुलां से ममता को सम्मानित किया गया। सिरसा के गांव भड़ोल्यांवाली से जसविंदर सिंह, ओढ़ा से सर्वजीत कौर, हिसार के गांव खेड़ी बरकी से नरेश कुमार, सदलपुर से अरुणा देवी, हिसार से गांव चिड़ौद निवासी प्रदीप कुमार व फतेहाबाद के ढांड से मुकेश कुमार को सम्मानित किया गया।      

निवेश के नाम पर ठगी का झटका: व्हाट्सएप फ्रॉड के शिकार पूर्व IG, ICU में भर्ती

चंडीगढ़  कई रिटायर्ड अफसर गंवा चुके हैं रकम, फर्जी ‘F-777 वेल्थ ग्रुप’ की साइबर जांच तेज    पटियाला। पूर्व आईजी अमर सिंह चाहल ऑनलाइन निवेश ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगी की इस साजिश के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं और हालत स्थिर बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद पटियाला पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, पूर्व आईजी को पहले रिटायर्ड अफसरों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें एक अलग ग्रुप ‘F-777 वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप’ में शामिल कराया गया, जहां शेयर बाजार, IPO और अन्य निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में थोड़ी रकम पर रिटर्न दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर बड़ी राशि निवेश कराई गई, जिसके बाद ठगी सामने आई। जांच में सामने आया है कि इस व्हाट्सएप ग्रुप में पटियाला के कई रिटायर्ड और नामी अधिकारी भी शामिल थे, जो अपनी रकम गंवा चुके हैं। पुलिस ने ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, हालांकि अभी कोई भी लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं है। अधिकतर अधिकारी मौखिक रूप से ठगी की पुष्टि कर रहे हैं। साइबर सेल की कई एंगल से जांच पूर्व आईजी की पत्नी के बयान पर साइबर क्राइम सेल में FIR दर्ज, जिन मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही, यह भी जांच कि किस रिटायर्ड अफसर ने ठग को ग्रुप में जोड़ा, फर्जी नामों से काम कर रहे आरोपियों के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज। पुलिस की अपील : पुलिस ने ऐसे किसी भी व्यक्ति से, जो इस या इसी तरह की स्कीम का शिकार हुआ हो, सामने आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है, ताकि ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बनाए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं, चाहे शिकार कोई आम नागरिक हो या वरिष्ठ अधिकारी।

नेता प्रतिपक्ष ने की सीएम विवेकाधीन कोष की सराहना, सीएम योगी ने आभार के साथ गिनाए सपा काल के घोटाले

नेता प्रतिपक्ष बोले- कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हो रही है सरकार की योजना सत्ता–विपक्ष के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी योजना से हो रहे हैं लाभान्वितः माता प्रसाद पांडे   लखनऊ, शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच सकारात्मक संवाद देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की खुले मंच से प्रशंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आभार जताते हुए पूर्ववर्ती सरकार की नीतिगत विफलताओं और घोटालों को सदन के सामने रखा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार में यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इसके माध्यम से न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष के विधायकों की संस्तुतियों पर भी जरूरतमंदों को सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से मुस्लिम समाज के लोग भी समान रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के वक्तव्य पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका आभार व्यक्त किया, लेकिन अपने संबोधन में उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों और प्रशासनिक लापरवाहियों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने गिनाए घोटाले और अनियमितताएं मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। अनेक छात्रों की स्कॉलरशिप रोकी गई या समय पर नहीं दी गई, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने पेंशन योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले दिव्यांगजन, निराश्रित महिलाएं और वृद्धजन केवल ₹300 से ₹750 की अधूरी और अनियमित पेंशन पाते थे, जबकि वर्तमान सरकार डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था के तहत सालाना ₹12,000 सीधे उनके खातों में भेज रही है। मुख्यमंत्री योगी ने सड़क निर्माण योजनाओं में ‘टोकन मनी’ की व्यवस्था को भी गंभीर अनियमितता बताया। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना को स्वीकृति देकर मात्र ₹1 लाख जारी किया जाता था, जिससे कार्य ठप रहता था और योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती थीं। मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में भी पिछली सरकार की नीतियों को विफल बताया और कहा कि 2017 से पहले की लापरवाही के कारण प्रदेश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था।

राजनीतिक भूचाल: बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी बैन, अमेरिका ने जताई कड़ी नाराज़गी

ढाका  अगले वर्ष की शुरुआत में बांग्लादेश में प्रस्तावित चुनावों से पहले अवामी लीग की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने चिंता जताई है। सांसदों ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के जरिए सरकार चुनने का अवसर मिलना चाहिए। प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के रैंकिंग सदस्य ग्रेगरी मीक्स, दक्षिण एवं मध्य एशिया उपसमिति के अध्यक्ष बिल हुइजेंगा, दक्षिण एवं मध्य एशिया उपसमिति की रैंकिंग सदस्य सिडनी कैमलेगर-डोव और सांसद जूली जॉनसन ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को मंगलवार को पत्र भेजा जिसमें फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले एक राजनीतिक दल पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर चिंता जताई गई। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में सांसद टॉम सुओज्जी भी शामिल हैं। सांसदों ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि अंतरिम सरकार सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए परिस्थितियां तैयार करे ताकि बांग्लादेश के लोगों की आवाज मतपेटी के माध्यम से शांतिपूर्ण रूप से व्यक्त हो सके और ऐसे सुधार किए जा सकें जो सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता में भरोसा बहाल करें। उन्होंने आशा जताई कि यूनुस सरकार या निर्वाचित उत्तराधिकारी राजनीतिक दल की गतिविधियां निलंबित करने के फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर रातों-रात संशोधित आतंकवाद-रोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया है।   

एक्सप्रेस-वे व लॉजिस्टिक पार्क से किसानों की उपज को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक मिली कनेक्टिविटीः योगी आदित्यनाथ

  पीएम कुसुम योजना से 94 हजार किसानों को सोलर पैनल, 16 लाख ट्यूबवेल के बिजली बिल माफः मुख्यमंत्री योगी गोवंश संरक्षण, दुग्ध-मत्स्य उत्पादन और श्री अन्न की खेती में यूपी अग्रणी, खेती, कनेक्टिविटी, दुग्ध-मत्स्य और स्मार्ट एग्रीकल्चर में यूपी को बढ़त लखनऊ, विधान सभा के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज खेती को बाजार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का मजबूत तंत्र तैयार हो चुका है। एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक पार्क और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किसानों की उपज अब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच रही है। एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूती देने के लिए स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश भी बढ़ा है। किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी के लक्ष्य को नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। इसके परिणामस्वरूप देश की कुल 86 प्रतिशत सिंचित भूमि अकेले उत्तर प्रदेश के पास है और यूपी देश का सर्वाधिक सिंचित भूमि वाला राज्य बन गया है। सीएम योगी ने कहा कि किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई है। पीएम कुसुम योजना के तहत 94 हजार अन्नदाता किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 16 लाख किसानों के ट्यूबवेल के बिजली बिल माफ कर सरकार उसके लिए पैसा उपलब्ध करा रही है। उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु-अनुकूल आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण आय और पोषण दोनों को मिला बढ़ावा अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में भी सरकार ने ठोस काम किया है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक गोवंश के लिए गौ संरक्षण स्थल बनाए गए हैं। जो अन्नदाता किसान अपने घर में गाय पालते हैं, उन्हें वेरिफिकेशन के बाद ₹1500 प्रति गाय का भुगतान किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती के विस्तार में भी उत्तर प्रदेश ने देश में अग्रणी स्थान बनाया है। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण आय और पोषण दोनों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर किसानों की खुशहाली और प्रदेश की समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर हुई 81, अब रेफरल सिस्टम को सीमित कर प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार की व्यवस्था की जा रही सुनिश्चितः मुख्यमंत्री

  विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए सरकार को अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रहीं नीतियांः योगी   लखनऊ, विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, विकास कार्यों की गति और विकसित उत्तर प्रदेश के रोडमैप को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति पहले दिन जैसी ही मजबूत है और योजनाओं को अब टोकन फंडिंग नहीं, बल्कि ठोस वित्तीय प्रावधानों के साथ ज़मीन पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करना आवश्यक है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर अब 81 हो चुकी है। आपके क्षेत्र में भी माधव बाबू के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है। पहले स्थिति यह थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता था तो उसे गोरखपुर भेज दिया जाता था, फिर एम्स या लखनऊ आना पड़ता था। इससे मरीज और उसके परिजनों को भारी परेशानी होती थी। अब हमने इस व्यवस्था को समाप्त किया है। सभी मेडिकल कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेफर करने की आदत छोड़कर वहीं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, और इस दिशा में कार्य भी हो रहा है। यह प्रदेश का 81वां मेडिकल कॉलेज है। अमेठी जैसे क्षेत्र, जहां वर्षों तक कांग्रेस का प्रभाव रहा, वहां भी मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया, जबकि अब हमारी सरकार ने वहां यह कार्य प्रारंभ किया है। मैं मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने भूमि उपलब्ध कराई और वहां मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ। इस सत्र में वहां कक्षाएं भी प्रारंभ हो चुकी हैं। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज की दिशा में कार्य प्रगति पर है। सरकार ने भूमि प्रस्ताव शीघ्र मंगवाया है और धन की व्यवस्था भी कर दी गई है। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। अब तक 98 लाख से अधिक लोगों ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने सुझाव साझा किए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक और महत्वपूर्ण विषय का उल्लेख करना चाहूंगा। पिछले सत्र में 13–14 अगस्त को इस सदन में ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई थी। इस चर्चा के बाद प्रदेशभर के लगभग 300 बुद्धिजीवियों के साथ विचार-विमर्श किया गया और उन्हें विभिन्न संस्थानों में भेजकर इस विषय पर संवाद कराया गया। इसके बाद एक पोर्टल विकसित किया गया, जिसके माध्यम से प्रदेश की जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि अब तक 98 लाख से अधिक लोगों ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने सुझाव साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन के अनुरूप विकसित उत्तर प्रदेश कैसे बने, इस विषय पर प्राप्त सुझावों को लेकर हम आईआईटी कानपुर के सहयोग से विभिन्न सेक्टरों में कार्य कर रहे हैं। सरकार की इच्छाशक्ति आज भी पहले दिन जैसी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि सरकार की इच्छाशक्ति पहले दिन जैसी थी, आज भी वैसी ही है और उसी दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सप्लीमेंट्री डिमांड्स में भी उन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जहां वास्तविक आवश्यकता थी। अब सरकार टोकन मनी की नीति पर नहीं चलती। पहले 25 करोड़ की सड़क के लिए मात्र 1 लाख रुपये जारी कर दिए जाते थे, जिससे काम संभव ही नहीं था। अब सरकार ने स्पष्ट नीति तय की है कि एक साथ 40 से 50 प्रतिशत धनराशि जारी की जाएगी और 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होते ही अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे कार्यों की गति बनी रहे। कार्ययोजना और डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा रही है। वर्ष 2024–25 और 2025–26 में विकास की यह गति और अधिक तेज होती हुई दिखाई देगी। मुख्यमंत्री का शायराना अंदाज मुख्यमंत्री ने सदन में अपनी बात की शुरुआत और अंत दोनों शायरी के साथ किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पूछा था कि…'इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा'…वहीं, सीएम ने अपने संबोधन के अंत में नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक नकारात्मकता से बचें। हर विषय को जाति या संकीर्ण दृष्टि से देखने की आदत प्रदेश के हित में नहीं है। उत्तर प्रदेश को जितना नुकसान पहले हो चुका है, उससे अब बचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंत में यही कहूंगा कि… राह में मुश्किल हों हजार, तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, हो जाएगा हर सपना साकार, तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश के जो सपने इस सदन ने देखे हैं, उन्हें साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

राष्ट्रीय कला उत्सव में कहानी वाचन में मध्यप्रदेश को मिला तीसरा स्थान

मॉडल स्कूल मुरैना के छात्र ने स्थानीय लोक-कला शैली में दी प्रस्तुति भोपाल  केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 11वें राष्ट्रीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश की टीम ने कहानी वाचन विधा में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष राष्ट्रीय कला उत्सव महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय कला उत्सव में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 1075 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर कला के क्षेत्र में आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। कला उत्सव की 12 श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के विद्यालयों के 29 सदस्यीय दलों ने प्रतिभागिता की। दल के प्रबंधक एवं कला उत्सव समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार शर्मा थे। कहानी वाचन विधा में शासकीय मॉडल स्कूल मुरैना की टीम ने महाभारत के कथानक 'द्रोपदी चीरहरण' को मध्यप्रदेश की स्थानीय लोककथा शैली में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र हरिओम सिंह सिकरवार एवं अनुराग राजावत ने लोक वाद्य यंत्रों के माध्यम से संवाद कला का उत्कृष्ट प्रयोग करते हुए प्रस्तुति को महिला सशक्तिकरण की भावना से जोड़ा। उनकी सशक्त प्रस्तुति को उत्सव में उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायकों द्वारा सराहा गया। कला उत्सव में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के सचिव श्री संजय कुमार और निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश कुमार सकलानी ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। मध्यप्रदेश कला उत्सव की नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त संचालक समग्र शिक्षा श्रीमती मनीषा सेतिया ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उचित प्लेटफार्म देकर निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।  

धामी सरकार का डबल फायदा: प्राकृतिक गैस पर VAT घटा, कलाकारों की पेंशन में 100% बढ़ोतरी

उत्तराखंड उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक गैस पर वैट की दर घटाकर पांच प्रतिशत करने, लेखकों और कलाकारों की वृद्धावस्था मासिक पेंशन दोगुनी करने और चिकित्सा शिक्षा में प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की आयु सीमा बढ़ाकर 62 वर्ष करने समेत कई अहम फैसले लिए।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश में हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएनजी और सीएनजी पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत वैट को घटाकर पांच प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली और आसपास के क्षेत्रों के ‘रॉयल डिलीशियस' सेब को 51 रुपये प्रति किलोग्राम तथा ‘रेड डिलीशियस' व अन्य किस्म के सेबों को 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा खरीदे जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।  एक अन्य निर्णय में प्रदेश के कलाकारों और लेखकों को वृद्धावस्था में जीवनयापन के लिए दी जा रही 3,000 रुपये की मासिक पेंशन को बढ़ाकर 6,000 रुपये करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। प्रमुख सचिव ने बताया कि व्यापार सुगमता के तहत कम जोखिम वाले भवनों जैसे एकल आवासीय या छोटे व्यावसायिक भवनों, के मानचित्रों को सूचीबद्ध वास्तुकार द्वारा स्व-प्रमाणित किए जाने की व्यवस्था को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।  राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 को भी स्वीकृति प्रदान की जिसके तहत प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा श्रीनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन और प्रबंधन समिति के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य–समान वेतन दिए जाने के मामले को मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजने का निर्णय लिया गया है।  मंत्रिमंडल ने पीएमएचएस संवर्ग, यानी राज्य सरकार के अधीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय, दुर्गम और अति-दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता (वेतन स्तर में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) दिए जाने का भी फैसला किया।   

औचक निरीक्षण से हड़कंप: मंत्री परमार पहुंचे सिवनी, आयुष कार्यालय से लेकर पॉलीटेक्निक कॉलेज तक जांच

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने, बुधवार को सिवनी जिले के प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही समस्त सुविधाओं का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने सर्वप्रथम महाविद्यालय परिसर में स्थित मां भारती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय में संचालित कक्षाओं का अवलोकन करते हुए, विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों से उनके ग्राम, कॉलेज तक आने-जाने के साधनों की जानकारी लेते हुए, महाविद्यालय के प्राचार्य को 15 किलोमीटर की परिधि तक विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों की अधिकतम एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही परिसर में पूर्णरूपेण स्वच्छता बनाए रखने को भी कहा। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा उपलब्ध पुस्तकों के समुचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में सुलभ एवं सुगम सुविधा मिल सके। इस दौरान सिवनी के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल राठौर, एसडीएम श्रीमती पूर्वी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री परमार ने आयुष कार्यालय का औचक निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश मंत्री श्री परमार ने आयुष विभाग कार्यालय सिवनी का निरीक्षण कर, कार्यालय के विभिन्न कक्षों, अभिलेखों एवं कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, साज-सज्जा, सुव्यवस्थित संधारण व्यवस्था तथा विकसित हर्बल गार्डन का भी अवलोकन किया। मंत्री श्री परमार ने निरीक्षण के दौरान, आयुष विधाओं को आमजन तक अधिक लोकप्रिय, लाभकारी एवं स्वास्थ्यवर्धक बनाने, औषधियों के समुचित संधारण तथा मांग के अनुरूप सेवाओं के विस्तार के लिये आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने निरीक्षण के पूर्व, सिवनी विधानसभा के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशवंत माथुर के साथ संयुक्त चर्चा कर, जिले में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं हर्बल गार्डन की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार कर विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने पॉलीटेक्निक कॉलेज में शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का किया अवलोकन मंत्री श्री परमार ने शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय का भी औचक निरीक्षण कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही समस्त सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर, आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं एवं ट्रेडवार प्रयोगशालाओं का अवलोकन कर, शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और समय-समय पर महाविद्यालय में आने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, उपकरणों एवं अन्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए, इन व्यवस्थाओं के उन्नयन के लिये प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिये, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।