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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल : राज्यमंत्री जायसवाल

विभागीय उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल  विकास और सेवा के 2 वर्ष कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। योजना के तहत ऋण प्रकरणों की स्वीकृति में मध्यप्रदेश का देश में चौथा और ऋण वितरण में तृतीय स्थान है। पिछले 2 वर्षों के दौरान 436.34 करोड़ रुपये के 48 हजार 63 ऋण प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। इसी तरह 378.06 करोड़ रुपये के 42 हजार 559 ऋण प्रकरण वितरित किये गये हैं। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने यह जानकारी होटल अशोका लेक व्यू में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्रॉण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों सहित लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में आयोजित किये जायेंगे। रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त करने की जानकारी का संकलन किया जायेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टॉल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टॉल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टॉल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि विभाग द्वारा 2 लाख 16 हजार 13 हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी तरह 85 हजार 536 हितग्राहियों को टूल-किट वितरण एवं 2 लाख 45 हजार 513 हितग्राहियों को ई-वाउचर वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि हाथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा 4207.15 लाख रुपये तथा खादी बोर्ड द्वारा 2311.89 लाख रुपये का विक्रय एम्पोरियम और प्रदर्शनियों के माध्यम से किया गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में डिण्डोरी जिले के रॉट आयरन, उज्जैन जिले के बटिक प्रिंट, ग्वालियर जिले के कालीन शिल्प, बालाघाट जिले के बारासिवनी हाथकरघा साड़ी एवं जबलपुर जिले के पत्थर शिल्प को जीआई टैग प्रदान किये गये हैं। सीहोर के लकड़ी के खिलौने तथा नीमच के नांदना प्रिंट के लिये जीआई टैग प्रदान कराने की कार्यवाही भी पूर्ण की गयी है। भारत सरकार से नेशनल हैण्डलूम एक्सपो 45 लाख, स्टेट हैण्डलूम एक्सपो 90 लाख, जिला प्रदर्शनी मेला 12 लाख, इंदौर में साड़ी वॉकथान 20 लाख, राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस 14 लाख सहित कुल राशि 181 लाख रुपये प्राप्त कर 32 मेलों और प्रदर्शनियों के आयोजन से 16 हजार 780 शिल्पियों को मॉर्केट उपलब्ध कराया गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर इंदौर में साड़ी वॉकथान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गयी थी। इस कार्यक्रम के लिये गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। शासकीय वस्त्र प्रदाय योजना के तहत 875.21 लाख रुपये के वस्त्र सप्लाई कर 3132 बुनकरों को 1.27 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि खादी उत्पादन केन्द्रों के माध्यम से 1015.21 लाख का उत्पादन एवं 650 बुनकरों तथा कारीगरों को रोजगार से जोड़ा गया। खादी बोर्ड द्वारा सेवा पखवाड़ा अंतर्गत 427 बुनकरों का चयन कर खादी वस्त्र उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। निजी क्षेत्र में मलबरी पौध-रोपण 439 एकड़, शासकीय रेशम केन्द्रों पर मलबरी पौध-रोपण 276 एकड़ सहित कुल 715 एकड़ में 3.51 किलोग्राम मलबरी कोकून उत्पादन कर 5451 किसानों को लाभान्वित किया गया है। साथ ही 1388 कोकून हितग्राहियों से 808.10 लाख टसर कोकून उत्पादन कराया गया। विभाग के नवाचार राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये विभिन्न नवाचार किये जा रहे हैं। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत जरी-जरजोदी एवं जूट, लकड़ी के खिलौने, बाग प्रिंट, सीधी कारपेट, चंदेरी साड़ी, दतिया गुड़ एवं उज्जैन के बटिक प्रिंट के उत्पादों की ब्रॉण्डिंग एवं विपणन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली, भोपाल हाट तथा जवाहर चौक भोपाल में मृगनयनी के साथ खादी के संयुक्त नवीन एम्पोरियम प्रारंभ किये गये हैं। रीवा एवं भोपाल में देवी अहिल्याबाई बुनकर मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 75 शिल्पियों द्वारा भागीदारी तथा फैशन-शो का प्रदर्शन हुआ। प्रदेश के बाहर मृगनयनी एम्पोरियम द्वारा बैंगलुरु, हैदराबाद एवं गोवा में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मृगनयनी कोलकाता द्वारा भुवनेश्वर में भारत सरकार के हैण्डलूम एक्सपो में भागीदारी की गयी। इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भी भागीदारी हुई। नगद रहित व्यवहारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से हाथकरघा विकास निगम द्वारा समस्त भुगतान बैंकों के माध्यम से डिजिटली किये जा रहे हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के समस्त विभागीय उत्पादन केन्द्रों एवं विपणन संबंधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये ईआरपी सॉफ्टवेयर तैयार करवाया गया है।  

डिप्लोमेसी से पहले तबाही का संदेश, जेलेंस्की-ट्रंप बैठक से पहले रूस ने यूक्रेन पर बरसाए मिसाइल-ड्रोन

रूस  रूस ने शनिवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला किया। इस हमले में कम से कम आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक 16 वर्षीय किशोर भी शामिल है। हमले के दौरान कई घंटों तक राजधानी में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं और कई इलाकों में आग लग गई।कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको के अनुसार, राजधानी के सात अलग-अलग स्थानों पर हमले हुए। ड्निप्रो जिले की एक 18 मंजिला रिहायशी इमारत में आग लग गई, जिसे काबू में करने के लिए आपातकालीन सेवाओं को भेजा गया। डारनित्सिया जिले की 24 मंजिला इमारत भी हमले की चपेट में आई।   इसके अलावा ओबोलोन्स्की और होलोसीवस्की जिलों में भी आगजनी की घटनाएं सामने आईं। व्यापक कीव क्षेत्र में औद्योगिक और रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। व्यशहोरोड इलाके में राहतकर्मियों ने मलबे में दबे एक व्यक्ति को जीवित बाहर निकाला। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं।   जेलेंस्की ने बताया कि इस बैठक में सुरक्षा गारंटी, युद्धविराम और डोनेट्स्क व जापोरिज़िया क्षेत्रों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अमेरिका-यूक्रेन वार्ता से पहले रूस की ओर से दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। लगभग चार साल से जारी इस युद्ध में हालिया हमले ने शांति प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

एम.पी. ट्रांसको के लखनादौन सबस्टेशन में जटिल ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल संपन्न

ग्रिड फेल की स्थिति में बहु-सबस्टेशन सिस्टम रिस्टोरेशन का सफल परीक्षण भोपाल  प्रदेश के ट्रांसमिशन ग्रिड की आपातकालीन तैयारियों, सिस्टम रिस्टोरेशन क्षमता तथा बहु-स्तरीय समन्वय को परखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा 132 के.व्ही. सबस्टेशन लखनादौन जिला सिवनी में एक अत्यंत जटिल ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह अभ्यास पेंच हाइडल पावर हाउस के तकनीकी समन्वय से संपन्न हुआ। बहु-सबस्टेशन ग्रिड रिस्टोरेशन बना चुनौतीपूर्ण अभ्यास एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप सचान के अनुसार इस अभ्यास में सामान्य मॉकड्रिल की तुलना में कहीं अधिक जटिलता रही, क्योंकि इसमें चरणबद्ध रूप से कई सबस्टेशनों को जोड़ते हुए ग्रिड रिस्टोरेशन किया गया। मॉकड्रिल के दौरान पेंच पावर हाउस से 132 के.व्ही. सबस्टेशन सिवनी, वहां से 220 के.व्ही. सबस्टेशन सिवनी तथा आगे 220 के.व्ही. सबस्टेशन सिवनी से 132 के.व्ही. सबस्टेशन लखनादौन तक विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह नियंत्रित एवं सुरक्षित तरीके से बहाल किया गया। इस मॉकड्रिल की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि पूरे जटिल अभ्यास के दौरान 33 के.व्ही. फीडरों पर केवल 25 मिनट के सीमित व्यवधान में पूरे सिस्टम के रिस्टोरेशन का सफल परीक्षण किया गया। उत्कृष्ट समन्वय से मिली सफलता मॉकड्रिल के दौरान स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एस.एल.डी.सी.) जबलपुर, कंट्रोल रूम तथा फील्ड स्टाफ के बीच उत्कृष्ट समन्वय रहा। सामान्यतः ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल में एक या दो सबस्टेशनों तक ही अभ्यास सीमित रहता है, जबकि इस मॉकड्रिल में तीन प्रमुख सबस्टेशनों को जोड़ते हुए ग्रिड रिस्टोरेशन किया गया, जो तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल और महत्वपूर्ण है। ऐसे की गई ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल एम.पी. ट्रांसको सिवनी के कार्यपालन अभियंता श्री अरुण कुमार वैद्य ने बताया कि ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल को वास्तविक ग्रिड फेल्योर जैसी परिस्थितियों के अनुरूप चरणबद्ध ढंग से संपन्न किया गया । सबसे पहले धीरे-धीरे लखनादौन सबस्टेशन का लोड बरगी पावर हाउस से बंद कर पेंच पावर हाउस पर स्थानांतरित किया गया। इसके पश्चात नियंत्रित लोड की स्थिति में जनरेटर को क्रमिक रूप से बंद कर वास्तविक ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न की गई। इसके बाद जनरेटर को पुनः चालू कर सावधानीपूर्वक लोड बढाते हुये चरणबद्ध रूप से 132 के.व्ही. सबस्टेशन लखनादौन में सामान्य विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान वोल्टेज एवं फ्रिक्वेंसी नियंत्रण, सिस्टम स्थिरता तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया गया।  

खामेनेई का बड़ा बयान: पश्चिमी देशों पर तीखा हमला, यूरोपीय युवाओं को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान

ईरान  ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने यूरोप में पढ़ रहे इस्लामिक छात्र नेताओं को संबोधित करते हुए पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नहीं, बल्कि उसकी “अवज्ञाकारी नीति” और मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को चुनौती देने के साहस से नाराज़ है।खामेनेई ने दावा किया कि ईरानी युवाओं ने “साहस और बलिदान” के दम पर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य शक्ति को पराजित किया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल हथियारों का नहीं, बल्कि विचारधारा का है, जिसमें ईरान “अन्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था” के खिलाफ खड़ा है। अपने संदेश में खामेनेई ने शहादत को मिशन का “ईंधन” बताते हुए कहा कि निर्वासन में रह रहे युवाओं को अब आगे आकर भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यूरोप में रह रहे ईरानी और मुस्लिम छात्रों से पश्चिमी प्रभाव छोड़कर इस्लामिक आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। खामेनेई ने कहा कि ईरान एक “न्यायपूर्ण इस्लामिक विश्व व्यवस्था” स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कारण पश्चिमी ताकतें उसे निशाना बना रही हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान-पश्चिम संबंध पहले से ही परमाणु, क्षेत्रीय युद्ध और प्रतिबंधों को लेकर तनावपूर्ण बने हुए हैं।

मालवा निमाड़ में इस वर्ष 1.71 लाख से ज्यादा नए बिजली कनेक्शन दिए

भोपाल  मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 1 लाख 71हजार 500 नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए है। यह पिछले वर्ष से करीब दस प्रतिशत ज्यादा है। इंदौर राजस्व संभाग में करीब 1.10 लाख कनेक्शन जारी हुए है। इंदौर जिले में 51 हजार से अधिक कनेक्शन जारी हुए है। धार जिले में 13300, खरगोन जिले में 12000, खंडवा जिले में 9250, बड़वानी में 6800, बुरहानपुर में 6740, झाबुआ में 5300, अलीराजपुर में 3100 से ज्यादा कनेक्शन दिए गए है। उज्जैन संभाग के सातों जिले में 61 हजार से ज्यादा नए बिजली कनेक्शन (एनएससी) जारी किए गए है। कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मांग के मुताबिक नए सर्विस कनेक्शन एनएससी प्रदान किए जा रहे हैं, ये कनेक्शन ऑन लाइन या ऑफ लाइन दोनों प्रकार के आवेदन दर्ज कर विधिवित दस्तावेजों के साथ प्राप्त किए जा सकते है। उज्जैन जिले में 16716 प्रदान किए गए है। मंदसौर जिले में 10700, रतलाम जिले में 10560, देवास जिले में 9359, नीमच में 5780, शाजापुर में 5300, आगर जिले में 4460 कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। सभी नए कनेक्शनों एवं जारी बिल, लोड इत्यादि की जानकारी संबंधित उपभोक्ता पोर्टल mpwz.co.in एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ऊर्जस ऐप से प्राप्त भी कर सकते हैं।  

मंत्री सारंग ने की अपने जन्म दिन पर पौध-रोपण की अपील

पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को करों सशक्त भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सभी शुभचिंतकों एवं कार्यकर्ताओं से अपना जन्मदिन वर्चुअल और सादगीपूर्ण मनाने की अपील की है। मंत्री श्री सारंग ने सभी से आग्रह किया कि जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए पेड़ लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को सशक्त करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है और आज के समय में हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस वर्ष भी वे अपना जन्मदिन वर्चुअल तरीके से मनाएंगे। सभी शुभचिंतकों से उन्होंने अनुरोध किया कि वे अपनी शुभकामनाएं सोशल मीडिया प्लेटफार्म- फेसबुक व ट्विटर पर हैशटैग #HBDVishvasSarang के साथ, वाट्सएप्प नंबर- 9981222321 पर तथा वर्चुअल माध्यम से ही भेजें। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वे यथासंभव सभी संदेशों और शुभकामनाओं का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।  

आयुष्मान अस्पतालों की बढ़ी परेशानी, भुगतान में देरी पर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू

चंडीगढ़ आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को पेमेंट में होने वाली देरी के मुद्दे पर दायर एक जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकारों को नोटिस जारी किया है। याचिका मोहाली के रहने वाले राम कुमार ने एडवोकेट सतीश भारद्वाज के जरिये दायर की थी जिन्होंने पेमेंट में देरी से लाभार्थियों को हो रही परेशानी का हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम भारत सरकार ने 2018 में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य इलाज देने के लिए शुरू की थी। इसके तहत केंद्र सरकार और राज्य 60:40 के अनुपात में खर्च उठाते हैं। पैनल में शामिल अस्पतालों को क्लेम जमा करने की तारीख से 15 दिन में (अधिकतम 30 दिन तक बढ़ाया जा सकता है) पेमेंट करनी होती है। हालांकि, याचिकाकर्ता ने बताया कि रीइम्बर्समेंट में समय-समय पर कई महीनों की देरी हुई है जिससे अस्पतालों को इलाज बंद करना पड़ा।   राम कुमार ने हाईकोर्ट से राज्यों को तय समय के भीतर पेमेंट करने का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पहले आओ, पहले पाओ पेमेंट सिस्टम का पालन करती है, जबकि हरियाणा सरकार कह रही है कि उसने 30 दिन के भीतर पेमेंट क्लियर करने का फैसला किया है। यह याचिका जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, बेंच ने प्रतिवादियों को 20 जनवरी, 2026 के लिए नोटिस जारी किया है।

मध्यप्रदेश पुलिस और MANIT के बीच हुआ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU)

MANIT भोपाल में स्थापित होगा Center of Excellence for Public Safety पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने ग्लोबल एलुमनाई मीट–2025 में की घोषणा भोपाल  मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल में आज ‘ग्लोबल एलुमनाई मीट–2025’ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संस्थान के 1986 बैच के पूर्व छात्र एवं वर्तमान पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाणा विशेष अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस एवं MANIT के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस MoU के अंतर्गत संस्थान परिसर में ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence for Public Safety) की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य तकनीकी नवाचारों को सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिसिंग से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है। तकनीक आधारित भविष्य की पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम इस अवसर पर डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र एक थिंक टैंक एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जो पुलिस और शैक्षणिक जगत के बीच सहयोग का राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बनेगा। केंद्र के माध्यम से स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स, क्राउड मैनेजमेंट तथा यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध, नवाचार एवं प्रशिक्षण गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी। उन्होंने विशेष रूप से सड़क सुरक्षा को वर्ष 2026 का प्रमुख लक्ष्य बताते हुए कहा कि MANIT की सिविल एवं सड़क इंजीनियरिंग विशेषज्ञता सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह केंद्र सिंहस्थ–2028 जैसे विशाल आयोजनों के लिए वैज्ञानिक क्राउड मॉडलिंग, यातायात योजना और सुरक्षा प्रबंधन में भी सहयोग प्रदान करेगा।  मध्यप्रदेश पुलिस की उपलब्धियाँ अपने संबोधन में डीजीपी श्री मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस की प्रमुख उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभावी रणनीति, सशक्त अभियानों तथा रिकॉर्ड संख्या में आत्मसमर्पण के चलते मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त प्रदेश बन चुका है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए शुरू की गई ई–जीरो एफआईआर (e-zero FIR) व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड मामलों में शिकायत स्वतः एफआईआर में परिवर्तित हो सकेगी, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए गए जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’ को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किए जाने की जानकारी भी उन्होंने साझा की। संस्थान से जुड़ी स्मृतियाँ और ‘ब्लेजर’ परंपरा का सुझाव पूर्व छात्र के रूप में भावनात्मक क्षण साझा करते हुए डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि उनके छात्र जीवन के दौरान संस्थान की पहचान एक विशिष्ट रंग के ‘ब्लेजर’ से होती थी, जो छात्रों में अनुशासन, गर्व और आत्मीयता की भावना को दर्शाता था। उन्होंने MANIT के निदेशक प्रोफेसर करुणेश कुमार शुक्ला से इस परंपरा को पुनः प्रारंभ करने पर विचार करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने संस्थान के 90 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट, सुदृढ़ होते शैक्षणिक वातावरण एवं निरंतर विकसित हो रहे आधारभूत ढांचे की सराहना की। राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बनेगा उत्कृष्टता केंद्र डीजीपी ने कहा कि यह ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जीआईएस मैपिंग, ड्रोन तकनीक एवं उन्नत डेटा विश्लेषण के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, स्मार्ट और प्रभावी बनाएगा। इस MoU को मूर्त रूप देने में वास्तुकला एवं नियोजन विभाग के डॉ. राहुल तिवारी ने उत्प्रेरक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह साझेदारी एक सुरक्षा कवच के समान है, जिसमें MANIT की तकनीकी दक्षता और मध्यप्रदेश पुलिस का व्यावहारिक अनुभव मिलकर समाज को अपराध, दुर्घटनाओं एवं आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक सशक्त, नवाचारी और स्थायी समाधान प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ पूर्व छात्र, शिक्षाविद् एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।  

पढ़ाई को मिलेगी नई रफ्तार: छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने जारी की करोड़ों की फंडिंग

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 2 लाख 62 हजार 373 विद्यार्थियों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की शैक्षणिक कल्याण योजनाएं विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी जानकारी साझा की कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2 लाख 37 हजार 456 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी गरीब या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से राज्य सरकार उन विद्यार्थियों के सपनों को मजबूत सहारा दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवारों और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ मजबूती से खड़ी है, जो आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहता है। 

गांधी मेडिकल कॉलेज में रिक्त चिकित्सा अधिकारी सीनियर रेसिडेंट एवं जूनियर रेसिडेंट के पदों की भर्ती को लेकर बैठक सम्पन हुई

भोपाल  भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में रिक्त चिकित्सा अधिकारी एवं सीनियर रेसिडेंट एवं जूनियर रेसिडेंट के पदों की भर्ती की जाना प्रस्तावित है। उपरोक्त भर्ती को लेकर एडमिन ब्लाक तृतीय तल में जी. एम. सी. रोस्टर निर्धारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया ,जिसमे केई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।      समिति के सदस्य बंशीलाल धनवाल ने बताया की राज्य के सभी शासकीय अर्ध शासकीय, निगम, मंडल आदि कार्यालयों में कार्यरत शासकीय सेवकों का स्थापना शाखा में एक स्थाई रिकॉर्ड जो रोस्टर पंजी के नाम से संधारित होता है, इसी 100 बिंदु रोस्टर पंजी के मान से सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति की प्रक्रिया वर्गवार संपन्न होती है। जो की एक शासकीय नियम है। समिति की बैठक के प्रारंभ में श्री धनवाल ने जीएमसी की स्थानीय यूनिटों में रिक्त पदों को रोस्टर पंजी से मिलान करने के लिए, रोस्टर पंजी का अवलोकन करने की बात कहीं। तो सम्बंधित शाखा प्रभारी ने रोस्टर पंजी संधारित होने की बात तो स्वीकारी,  लेकिन सदन के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाये। तदोपरांत सदन के सभापति डॉक्टर लोकेंद्र दवे ने बैठक स्थगित कर दी, ओर कहा कि भर्ती प्रक्रिया से पहले अगली बैठक में, 100 बिंदु रोस्टर पंजी सदन के समक्ष प्रस्तुत करे।          बैठक में डॉक्टर लोकेंद्र दवे प्राध्यापक रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग,  बंशीलाल धनवाल संभागीय अध्यक्ष अजाक्स  भोपाल संभाग, डॉक्टर आशीष कोष्टी प्राध्यापक पैथोलॉजी विभाग,  डॉक्टर हरेसिंह मकवाने सहायक प्राध्यापक बायोकेमेस्ट्री विभाग , डॉक्टर देवेंद्र चौधरी सहायक प्राध्यापक जनरल सर्जरी विभाग , डॉक्टर अनिल सेजवार प्राध्यापक मेडिसिन विभाग , डॉक्टर मुकेश हिंडोलिया सहायक प्राध्यापक फार्मोक्लॉजी विभाग तथा  अजय वर्मा गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल उपस्थित रहे।