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मुख्य सचिव जैन का संदेश: “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूईंग बिजनेस” से प्रदेश को बनाएं अग्रणी

मुख्य सचिव जैन ने किया विभागीय कार्ययोजना और लक्ष्यों पर विमर्श "ईज ऑफ लिविंग" और "ईज ऑफ डूईंग बिजनेस" से प्रदेश को अग्रणी बनाएं : मुख्य सचिव जैन विकसित भारत 2047 के दृष्टिगत नई ऊर्जा से कार्य करने की अपेक्षा भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार 'विजन 2047 विकसित भारत' में मध्यप्रदेश के योगदान के दृष्टिगत कार्य-योजना बनाकर योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने "ईज आफॅ लिविंग" और "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के सूत्र को अपनाते हुए आम आदमी के जीवन तथा रोजगार व्यवसाय को आसान, सुगम और सरल बनाने के लिए नियम कानून में आवश्यक सुधार और बदलाव करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जैन वर्ष 2026 के पहले दिन गुरूवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय लक्ष्यों के निर्धारण एवं कार्ययोजना पर हुई बैठक में विचार-विमर्श कर रहे थे। इस अवसर अधिकारियों ने नव-वर्ष पर मुख्य सचिव जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को पुष्प-गुच्छ भेंट कर शुभकानाएं दी। मुख्य सचिव ने भी सभी अधिकारियों को नव-वर्ष पर शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए नई ऊर्जा से काम करने के लिए कहा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय अवधि में पूरा करें और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल यानि 2028 तक केलिए अब रोलिंग बजट होगा और सभी विभाग से अपेक्षा की जाती है कि वे अगले तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार के गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सशक्तिकरण के विजन को ध्यान में रखते हुए कार्यं योजना तैयार करेंगे और उस पर अमल करेंगे। अग्रणी पाँच राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश अग्रणी श्रेष्ठ पाँच राज्यों की श्रेणी में शामिल हुआ है। उन्होंने पिछली सप्ताह हुई कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातों की जानकारी देते हुए मानव संसाधन का विकसित भारत से सरोकार के नेशनल एजेंडा पर मध्यप्रदेश राज्य को भी कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में निर्धारित किए गए एजेंडा बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार आम आदमी का जीवन और रोजगार व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए 1947 और 1950 के पूर्व के नियम कानूनों का रिव्यू किया जाये और उन्हें आम आदमी की सुगमता के दृष्टिगत रि-डिजाइन किया जाये। बडे प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा हो मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट और आगामी परियोजनाओं के लिए समय अवधि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट समय अवधि में पूरे होने के लिए प्रोजेक्ट टाइम मेनेजमेंट प्लान पर अमल किया जाये। आवश्यकता अनुसार साप्तहिक, मासिक, त्रैमासिक और जरूरत पडने पर प्रति-दिन समीक्षा की जाये। कार्यरत एजेंसी के साथ अधिकारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित किये जाये। उन्होंने अन्य विभागों के साथ समन्वय आदि में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण के लिए उनके संज्ञान में जानकारी लाने के लिए कहा है। घटनाओं से सीख लेकर स्थायी समाधान खोजें मुख्य सचिव जैन ने इंदौर में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस तरह की घटनाओं की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग सक्रिय होकर राहत और बचाव कार्य अभिलंब शुरू करें। आम आदमी को कैसे तुरंत राहत प्रदान की जा सकती है इस पर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए है कि इस तरह की घटनाओं का समग्र परीक्षण और अध्ययन करें तथा ऐसी घटनाओं को भविष्य में होने से रोकने के लिए स्थानीय समाधान खोजें। एम.पी.ई सेवा ऐप को प्रभावी बनाए मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागों से कहा है कि वे प्रदेश में आमजन की बेहतरी के लिए योजनाओं के दृष्टिगत नवम्बर माह में शुरू किये गए एम.पी.ई सेवा ऐप को और भी जनहित कारी बनाने के लिए समन्वय करें। बैठक में बताया गया कि विभिन्न विभागों की अब तक इस ऐप पर 500 से अधिक सेवाएं उपलब्ध है। जनवरी माह तक नागरिकों से जुड़ी 1200 और मार्च अंत तक 1800 सेवाएं इस ऐप के माध्यम से आमजनों को दिये जाने का प्लान है। अच्छे कार्यों को अपनाएं मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि वे अन्य राज्यों में चल रही अच्छी योजनाओं और कार्यक्रमों का भी अध्ययन करें और उन्हें मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से सतत् संवाद रखें और आवश्यक होने पर उनके संज्ञान में लाने वाले विषय भी सूचित करें। उन्होंने मंत्रीगणों, केंद्र सरकार के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठनों आदि के पदाधिकारियों के पत्रों और बिंदुओं का समय से जबाव दें। उन्होंने सी.एम हेल्पलाइन के प्रकरणों को समय से निराकृत करने के निेर्देश दिये। साथ ही विभागों की सकारात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। बैठक में बताया गया कि जलसंसाधन विभाग द्वारा नदी जोड़ो परियोजनाओं के तीव्र क्रियान्वयन पर फोकस है और 10 लाख हेक्यटेयर कृषि भूमि में अतिरिक्त सिंचाई किये जाने की योजनाओं पर कार्य किया जाना है। राज्यस्तरीय विभागीय भवनों के अलावा जिले के शासकीय भवनों पर सोलर पैनल लगाने के कार्य को अभियान के रूप में लिया गया है। बैठक को डीजीपी मकवाना ने भी संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा दिये गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। बैठक में विभिन्न विभगों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।  

धमतरी : धमतरी जिले में फसल चक्र परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी धमतरी  जिले में फ़सलचक्र परिवर्तन केतहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme) अंतर्गत  कुरूद के गातापार में किसानों soil health card का वितरण सरपंच, पंच, सचिव की उपस्थिति में किया गया ।      मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग कर मृदा में फसल अनुसार संतुलित मात्रा में खाद उर्वरकों का उपयोग कर मृदा की स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता हैं और कम उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन को कैसे बढ़ाया जा सकता है साथ ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कैसे कम किया जा सकता हैं इसके बारे में किसानों को जानकारी दिया गया। फसल चक्र परिवर्तन से मृदा में होना वाले सुधार के बारे में किसानों को जानकारी देते हुए फसल चक्र अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित किया गया।  धरती माता बचाव अभियान के तहत ग्राम भेंड़ा में कृषकों को जानकारी दिया गया।प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड योजना के अंतर्गत  प्रदर्शन में कृषकों को जिंक सल्फेट माइकोर्रहिज़ा एवं माइक्रोन्यूट्रिएंट का वितरण किया गया एवं मृदा स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए कृषकों को नाइट्रोजन जिंक, पोटाश एवं अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का जानकारी दिया गया।

बिहार को इस साल मिलेगा पहला छह लेन हाइवे

पटना. नए वर्ष (2026) में सड़क के मामले में बिहार को नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे की सौगात मिल सकती है। इस वर्ष बिहार को पहली छह लेन सड़क मिल जाएगी। बिहार का पहला एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का काम भी नए साल में पूरा होगा, जबकि चार एक्सप्रेस-वे पर इसी साल काम शुरू होने की उम्मीद है। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार वाराणसी-औरंगाबाद छह लेन सड़क परियोजना अंतिम चरण में है। बिहार का यह पहला छह लेन नेशनल हाईवे है। इसका काम नए वर्ष में पूरा हो जाएगा। इसके बनने से बिहार से यूपी होते हुए दिल्ली तक आना-जाना आसान हो जाएगा। इसी तरह औरंगाबाद से चोरदाहा छह लेन सड़क परियोजना का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बनने से बिहार से झारखंड व बंगाल तक का सफर आसान होगा। नए वर्ष में बिहार को पहला एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का काम पूरा होगा। आमस से दरभंगा के बीच बन रहा नेशनल हाईवे का काम 2025 में ही पूरा होना था। संशोधित लक्ष्य वर्ष 2026 तय किया गया है। कुछेक और सड़क परियोजनाओं का काम नए साल में पूरा होगा। चकिया-बैरगनिया दो लेन सड़क और परसरमा-सहरसा-महिषि दो लेन सड़क का काम भी इसी वर्ष पूरा होगा। पटना-बेतिया का खंड सोनपुर-बकरपुर-मानिकपुर का काम पूरा होगा। इससे पटना एम्स से जेपी गंगा पथ होते हुए सोनपुर, बकरपुर आना-जाना आसान होगा। कच्ची दरगाह-बिदुपुर और बख्तियारपुर-ताजपुर का काम नए साल में पूरा हो जाएगा। गया-बिहारशरीफ चार लेन, बायसी-बहादुरगंज-दीघलबैंक, बेतिया-नरकटियागंज, कादिरगंज-खैरा, मीठापुर-महुली, कटिहार-बलरामपुर, मानसी-सिमरी बख्तियारपुर, अम्बा-देव-मदनपुर का काम नए साल में पूरा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पटना से पूर्णिया के बीच बन रही सड़क को एक्सप्रेस-वे को दर्जा दे दिया है। जल्द ही वित्तीय मंजूरी मिल जाएगी। इस तरह बिहार के पहले एक्सप्रेस-वे का काम नए साल में शुरू हो जाएगा। अन्य एक्सप्रेस-वे में गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर का काम शुरू हो सकता है। पटना-आरा-सासाराम के बीच बन रहा एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का काम भी नए साल में शुरू हो जाएगा। सोन नद पर पुल बनाने का काम भी शुरू होगा वाराणसी-कोलकाता के दो खंड में रोहतास के सुरक्षित वन क्षेत्र में सड़क का नए सिरे से निर्धारण और सोन नद पर पुल बनाने का काम नए साल में शुरू हो जाएगा। भागलपुर-हंसडीहा चार लेन, पटना-औरंगाबाद में अरवल, दाउदनगर बाईपास का काम नए साल में शुरू हो जाएगा। इसके अलावा राज्य के कई स्टेट हाईवे का काम भी नए साल में पूरा होगा। इससे लोगों को और अधिक सुविधा मिलेगी। भागलपुर-मुंगेर में मरीन ड्राइव का काम शुरू होगा वित्तीय संस्थानों की मदद से राज्य सरकार अपनी ओर से कुछेक स्टेट हाईवे का काम शुरू कर सकता है। खासकर भागलपुर और मुंगेर में गंगा किनारे मरीन ड्राइव की योजना पर काम शुरू होगा। इसका भी लोगों को इंतजार है। देश के सबसे बड़े पुल का काम होगा शुरू समस्तीपुर के मुक्ता में नए आरओबी, बूढ़ी गंडक पर दो लेन पुल, बरबीघा-शेखपुरा-जमुई-बांका-पंजवारा दो लेन सड़क का काम नए साल में शुरू होगा। दरभंगा-जयनगर चार लेन चौड़ीकरण का काम शुरू होगा। मोकामा-मुंगेर चार लेन सड़क, डुमरांव, नासरीगंज, दावथ बाइपास, अररिया-परसरमा दो लेन, बक्सर-चौसा चार लेन बाईपास का काम नए साल में शुरू होगा। गंडक नदी पर देश का सबसे बड़े पुल का काम नए साल में शुरू होगा। खगड़िया-पूर्णिया चार लेन और मुजफ्फरपुर-सोनबरसा चार लेन सड़क का काम भी शुरू होगा।

बिहार में नये साल पर 3 लाख नौकरियां और दस लाख मिलेंगे रोजगार

पटना. नये साल 2026 में बिहार में जॉब की बहार आएगी। बिहार के 25 हजार युवाओं को इंटर्नशिप का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के अंतर्गत विभिन्न कंपनियों में युवाओं को इंटर्नशिप कराया जा रहा है। मार्च तक पांच हजार तथा इसके बाद अप्रैल माह से नये वित्तीय वर्ष में 20 हजार युवाओं को इसका लाभ दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश और दूसरे राज्यों की 50 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने अपनी रुचि दिखायी है। अपनी जरूरत के अनुसार कंपनियों युवाओं का चयन कर इंटर्नशिप करा रही है। वहीं, राज्य सरकार के द्वारा इन युवाओं को चार से छह हजार रुपये महीने इंटर्नशिप दिया जा रहा है। 1.5 लाख रिक्तियों को भरने की अनुशंसा नये वर्ष में इन पदों पर नियुक्ति करने वाली संस्थाओं एवं आयोगों को अनुशंसा के साथ भेजी जाएगी। जबकि, 1.5 लाख रिक्तियों को भरने की अनुशंसा नियुक्ति करने वाली विभिन्न संस्थाओं एवं आयोगों को भेजी जा चुकी है। इन पदों पर रिक्तियों को लेकर आवेदन प्राप्त किए जाने और नियुक्ति हेतु प्रारंभिक परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी शुरू हो चुकी है। विभाग के अनुसार, राज्य सरकार के सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच पांच साल में राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। पुलिस में 30 हजार से अधिक पदों पर होगी बहाली नये साल में 24 हजार से अधिक सिपाही सहित 30 हजार से अधिक विभिन्न पदों पर बहाली को पूरा किया जायेगा। बहाली विभिन्न चरण में प्रक्रियागत है। इनमें 19838 पुलिस सिपाही, 4366 चालक सिपाही, 1799 पुलिस दारोगा, 2417 कक्षपाल, 1685 मद्य निषेध सिपाही बहाल होंगे।108 चलंत दस्ता सिपाही, 33 प्रवर्तन अवर निरीक्षक, 25 सहायक जेल अधीक्षक (भूतपूर्व सैनिक) और 24 वनों के क्षेत्र पदाधिकारी (रेंज ऑफिसर) के पद शामिल हैं। उद्योगों में दस लाख रोजगार उपलब्ध होंगे सूबे के उद्योग में नये साल में लगभग दस लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अलावा उद्योगों में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष नौकरी मिलने की संभावना है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 11 हजार नए उद्यमी बनेंगे। इसके माध्यम से अलग से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बिहार में इस समय उद्योगों में सालाना लगभग 50 हजार लोगों को नौकरी मिल रही है। लेकिन इसकी संख्या हर साल लगभग दोगुनी हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल एक लाख लोगों को नौकरी के अवसर मिलेंगे। आने वाले समय में यह संख्या बढ़ सकती है। वहीं, अगले पांच वर्षों (2025-30) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

फ्लैट स्टील उत्पादों पर सेफगार्ड ड्यूटी का ऐलान, आईएसए प्रेसिडेंट नवीन जिन्दल ने किया स्वागत

फ्लैट स्टील उत्पादों पर सेफगार्ड ड्यूटी, आईएसए प्रेसिडेंट नवीन जिन्दल ने किया स्वागत रायपुर  01.01.2026 फ्लैट स्टील उत्पादों पर ‘सेफगार्ड ड्यूटी’ लगाना सरकार का एक सोच-समझकर लिया गया संतुलित कदम है। इसका उद्देश्य घरेलू स्टील बाज़ार को स्थिर रखना है, ताकि उपभोक्ताओं और देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को स्टील की लगातार और भरोसेमंद आपूर्ति मिलती रहे। आज जब दुनिया का स्टील उद्योग कमजोर मांग और अतिरिक्त उत्पादन की समस्या से जूझ रहा है, तब भारत का स्टील सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रगति बढ़ती घरेलू मांग और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे निरंतर निवेश का परिणाम है। लेकिन इसी बढ़ती मांग को देखते हुए चीन, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे देशों से सस्ते स्टील को भारत में खपाने की कोशिशें हो रही हैं। इसका सीधा असर हमारी घरेलू क्षमता, नए निवेश और रोज़गार पर पड़ता है। सेफगार्ड ड्यूटी ऐसे दबाव को रोकने में मदद करती है। यह अनुचित प्रतिस्पर्धा से घरेलू उद्योग की रक्षा करती है, बाज़ार में संतुलन बनाए रखती है और स्टील वैल्यू चेन को मजबूत करती है। इसी संतुलन से उद्योग आत्मनिर्भर बनता है और देश के हित सुरक्षित रहते हैं। इसलिए मौजूदा वैश्विक आपूर्ति असंतुलन को देखते हुए, घरेलू स्टील क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के लिए सरकार से आगे भी ऐसे आवश्यक व्यापारिक उपायों पर विचार किए जाने की हमें उम्मीद है।

मुख्यमंत्री नितीश ने नववर्ष की दी शुभकामनाएँ

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश एवं देशवासियों को नये वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दी हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि वर्ष 2026 समस्त बिहारवासियों एवं देशवासियों के लिए सुख, शान्ति, सद्भाव, समृद्धि एवं अनंत सफलताओं का वर्ष होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि आनेवाले वर्ष में बिहार देश ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकेगा। उन्होंने कहा है कि नववर्ष में सबके सम्मिलित प्रयास से सुखी, समृद्ध एवं गौरवशाली बिहार के निर्माण का संकल्प पूरा होगा।

2025 में टू-व्हीलर बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 2.02 करोड़ यूनिट्स तक पहुंची रजिस्ट्रेशन

मुंबई  साल 2025 खत्म होने वाला है और इस साल दोपहिया वाहनों की बिक्री काफी बेहतर रही. जानकारी के अनुसार भारत में 2025 में टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन 2.02 करोड़ यूनिट तक पहुंच गए, जो सालाना लगभग 7 प्रतिशत की ग्रोथ है. GST 2.0 के चलते बढ़ी मांग Vahan पोर्टल से मिले आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर के बीच 1.897 करोड़ यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि इसी दौरान फैक्ट्री से डिस्पैच 1.808 करोड़ यूनिट्स रहा. इसके बाद, 30 दिसंबर तक यह आंकड़ा 2.02 करोड़ यूनिट्स का था, और साल के लिए फाइनल रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा और थोड़ा ज़्यादा हो सकता है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन डेटा आमतौर पर रिटेल खरीदारी से दो से तीन दिन पीछे रहता है. भारत सरकार ने इसी साल GST 2.0 का रीस्ट्रक्चरिंग किया, जिसने 350cc तक की मोटरसाइकिलों और स्कूटरों पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था, और 2025 के दूसरे छमाही में डिमांड बढ़ाने वाला एक मुख्य कारण साबित हुआ. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सामान्य से ज़्यादा मॉनसून और ग्रामीण इलाकों में मज़बूत डिमांड ने ग्रोथ को और सपोर्ट किया, जिससे फेस्टिव सीज़न में अब तक की सबसे ज़्यादा बिक्री हुई. स्कूटर सेगमेंट की बात करें तो इसने सेगमेंट की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई, जिसमें TVS Motor और Suzuki ने स्कूटर-हैवी पोर्टफोलियो के दम पर मज़बूत डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल की. ये दोनों मैन्युफैक्चरर, बाइक बनाने वाली कंपनी Royal Enfield के साथ, जनवरी से नवंबर के बीच ग्रोथ दर्ज करने वाले एकमात्र OEM थे. Royal Enfield का सालाना वॉल्यूम भी 1 मिलियन यूनिट्स को पार करने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश में लगातार समृद्धि, खंडवा में की पूजा अर्चना

माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश लगातार हो रहा है समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने खंडवा में राजराजेश्वरी मंदिर में की पूजा अर्चना भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। मध्यप्रदेश में कृषि विकास की दर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है। मां नर्मदा की कृपा से हमारा प्रदेश लगातार समृद्ध हो रहा है और यहां का कृषि उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को खंडवा जिले के मोरटक्का में नर्मदा नदी के तट पर स्थित राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में नव वर्ष के अवसर पर सपरिवार दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोरटक्का में स्थित राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में की जा रही गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा प्रारंभ "कुपोषण मुक्त भारत अभियान" के तहत संचालित मातृ एवं शिशु आरोग्य केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण आहार सामग्री वितरित की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर आरोग्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा निर्मित कराए जा रहे वेद विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में कन्या-पूजन कर बालिकाओं को उपहार प्रदान किये। इस अवसर पर खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

हरियाणा की सैनी सरकार में 8 साल बाद बेटियों का लिंगानुपात हुआ 923

चंडीगढ़. हरियाणा ने लिंगानुपात में एक लंबी छलांग लगाई है। 30 दिसंबर 2025 तक जन्म के समय लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है, जो पिछले साल 2024 के मुकाबले 13 अंकों की बढ़त है। साल 2024 में लिंगानुपात 910 दर्ज किया गया था। संकेत इस बात का भी है कि 31 दिसंबर तक लिंगानुपात 923 से पार भी कर जाए। यदि ऐसा होता है तो यह हरियाणा का अब तक का सर्वाधिक लिंगानुपात होगा। साल 2019 में जन्म के समय लिंगानुपात 923 रिकॉर्ड हुआ था। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग इस बारे में जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। 2024 में जन्म के समय लिंगानुपात आठ वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया था। पिछले साल प्रति एक हजार लड़कों के जन्म पर 910 लड़कियों का जन्म हुआ था। हालांकि यह गिरावट 2020 से शुरू हो गई थी। 2020 में 922, 2021 में 914, 2022 में 917, 2023 में 916 और 2024 में 910 रिकॉर्ड किया गया था। लिंगानुपात में लगातार गिरावट से हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को काफी बड़ा झटका लगा। विपक्ष ने भी हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया और सरकार की कार्यप्रणाली को निशाने पर लिया। उसके बाद सरकार ने मार्च महीने में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया और लिंगानुपात में गिरावट के लिए जिम्मेदार कारकों पर कड़ा संज्ञान लिया। एसटीएफ ने पाया है कि बेटों की चाह में अवैध गर्भपात ज्यादा किए जा रहे हैं। ऐसे क्लीनिकों व दलालों पर कड़ी नजर रखी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने क्या कदम उठाए? 1.अवैध गर्भपात सेंटरों पर शिकंजा कसा। 600 से ज्यादा अवैध गर्भपात सेंटर बंद कर दिए गए या खुद से लाइसेंस सरेंडर कर दिया। 2.धड़ल्ले से बिकने वाली गर्भपात किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की बिक्री पर रोक लगाई गई। कड़े कानून की वजह से अब कोई आम व्यक्ति इस किट को नहीं खरीद सकता। 3.एसटीएफ ने माइक्रोलेवल पर निगरानी की। उन गांवों की भी सूची बनाई, जिनका लिंगानुपात 600 से भी कम था। ऐसे गांव की संख्या 450 से ज्यादा थी। एसटीएफ टीम ने इन गांवों में जागरूकता अभियान के साथ दलालों पर भी नजर रखी। 4.जिन गांव व जिलों के लिंगानुपात में सुधार नहीं मिला तो वहां के सिविल सर्जन व एसएमओ को नोटिस जारी कर कड़ा संज्ञान लिया गया।   5. जांच में यह भी पता चला है कि सख्ती होने की वजह से लोग पड़ोसी राज्यों में गर्भपात के लिए जाने लगे। इस पर एसटीएफ ने पड़ोसी राज्यों से संपर्क कर छापे भी मारे और कई संचालकों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। 6. जिन महिलाओं की पहले से ही एक से ज्यादा बेटियां थी और वे गर्भवती भी थी, उन पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को नियुक्त किया गया। ऐसी 62 हजार महिलाओं की निगरानी की गई। 7. एसटीएफ ने 12 हफ्ते से ऊपर गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग भी की। इससे 40 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए, जहां बेटियां होने पर गर्भपात कराया गया था, उन पर एफआईआर भी दर्ज की गई। किस साल कितना रहा लिंगानुपात साल              लिंगानुपात 2012             832 2013             868 2014             871 2015             876 2016             900 2017             914 2018             914 2019             923 2020             922 2021            914 2022            917 2023            916 2024            910

Hariyana News: तीन लाख में जयपुर से हाथी मंगवाकर कारपेंटर को दी अनोखी विदाई

हिसार. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) में कारपेंटर के पद पर कार्यरत दीनानाथ की सेवानिवृत्ति विदाई पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई। 2025 के आखिरी दिन उनकी विदाई हाथी पर सवार होकर की गई, जो न केवल अनोखी थी बल्कि यादगार भी। दीनानाथ को कार्यालय से उनके मॉडल टाउन स्थित घर तक भव्य जुलूस के साथ ले जाया गया। इसके लिए जयपुर से विशेष रूप से तीन लाख रुपये खर्च कर एक हाथी मंगवाया गया था। हाथी को सोने जैसे चमकते नेटीपट्टम (मुकुट) से सजाया गया था। जुलूस के आगे-आगे एक लाख रुपये के पटाखे फोड़े गए, जबकि बैंड-बाजे और नाच-गाने का माहौल पूरे रास्ते बना रहा। एचएसआईआईडीसी के अर्बन एस्टेट स्थित कार्यालय में जैसे ही हाथी पहुंचा, आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दीनानाथ ने बताया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने अपने सहकर्मियों से मजाक में कहा था कि रिटायरमेंट पर वे हाथी पर घर जाएंगे। सहकर्मियों ने उनके इस सपने को साकार करने में पूरा सहयोग किया। जयपुर की एक कंपनी से संपर्क कर स्पेशल कैंटर में हाथी को हिसार लाया गया। दीनानाथ के परिजन संजय सिंह ने बताया कि यह विदाई न केवल परिवार बल्कि पूरे कार्यालय और शहर के लिए यादगार बन गई। ढोल-नगाड़ों और बैंड पार्टी की धुनों पर जुलूस मॉडल टाउन तक पहुंचा, जहां लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।