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एम.पी. ट्रांसको की 2025 की उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया ड्रोन पेट्रोलिंग के विस्तार का ऐलान

एम.पी. ट्रांसको ने वर्ष 2025 में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां : ऊर्जा मंत्री तोमर ड्रोन पेट्रोलिंग का 400 व 132 के.व्ही. लाइनों तक विस्तार भोपाल  वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं। ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की, जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये, जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है। 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है, जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया। पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई। ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है, प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" और किसान कल्याण वर्ष रही थीम वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी हुआ विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार एक जनवरी को मध्यप्रदेश शासन के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन किया। किसान कल्याण वर्ष 2026 का यह कैलेंडर "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुरंगी और आकर्षक रूप से आकल्पित कैलेंडर और उसकी विषय वस्तु की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शासकीय डायरी का मुद्रित स्वरूप, अधिकारी-कर्मचारियों और प्रदेशवासियों के लिए उपयोगी होगा। वर्ष 2026, विक्रम संवत 2082-83 और शक संवत 1947-48 के राज्य शासन के कैलेंडर में 12 महीनों के पृष्ठों में प्रदेश के प्रमुख आयोजनों, उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों को छाया चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री निवास में हुए कैलेंडर विमोचन के अवसर पर आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार तथा नियंत्रक शासकीय मुद्रणालय चंद्रशेखर वालिंबे उपस्थित थे। शासकीय कैलेंडर में माह जनवरी 2026 के पृष्ठ पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा "कताई से सिलाई तक पूरी प्रक्रिया के लिए एकीकृत मेगा टैक्सटाइल पार्क-पी.एम. मित्र पार्क धार" के शिलान्यास अवसर का चित्र प्रदर्शित है। माह फरवरी का पृष्ठ "डेयरी किसानों को मिलती नई उड़ान-दुग्ध कैपिटल बनेगा मध्यप्रदेश" के लक्ष्य को दर्शा रहा है। इस पृष्ठ पर केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में राज्यस्तरीय सहकारी सम्मेलन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य सरकार के मध्य हुए सहकारिता अनुबंध निष्पादन कार्यक्रम का चित्र अंकित है। केन्द्रीय मंत्री शाह को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रभु श्रीराम का विग्रह भेंट किया जा रहा है। माह मार्च में होलिका उत्सव के भाव को जनजातीय परिवेश में परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ साझा करते मुख्यमंत्री डॉ. यादव के चित्र को दर्शाया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनजातीय समाज को सम्मान और पहचान की प्रतिबद्धता का भाव भी व्यक्त किया गया है। माह अप्रैल 2026 का पृष्ठ, "समृद्धि की अविरल धारा- नदी लिंक परियोजना" को दर्शाता है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के मध्य तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए हुए एम.ओ.यू. के आदान-प्रदान का चित्र प्रदर्शित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को मई 2026 के पृष्ठ पर दर्शाया गया है। चित्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनते मध्यप्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषकों को खेती के साथ हार्टिकल्चर-पशुपालन-मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। इसी क्रम में जून 2026 के पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुए राज्य स्तरीय निषाद राज सम्मेलन का चित्र अंकित है, जो राज्य सरकार के मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प को अभिव्यक्त कर रहा है। कैलेंडर के जुलाई 2026 के पृष्ठ पर कृषि में समृद्धि के द्वार खोलते-सिंचाई क्षमता के विस्तार का चित्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1011 करोड़ की लागत से 32 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विस्तार की बहोरीबंद उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ कर रहे हैं। माह अगस्त 2026 का पृष्ठ "सामूहिक जल संरक्षण से सुरक्षित होते कल" के लिए संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान को समर्पित है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जल संरक्षण कार्यों के भूमिपूजन-लोकार्पण और जनसामान्य को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का दृश्य अंकित है। माह सितम्बर 2026 का पृष्ठ, प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य 'सबको आवास-सबका विकास' को दर्शा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत खुशियों की चाबी के रूप में जिला पंचायत जबलपुर की हितग्राही को घर की चाबी सौंप रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हर दुख-दर्द और समस्या में सहानुभूति और सहयोग के लिए उनके साथ है। माह अक्टूबर 2026 का चित्र "अन्नदाता को सरकार का साथ" के इस भाव को दर्शा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मौसम की मार से खराब हुई फसल से व्यथित किसान को हरसंभव सहयोग का संदेश दे रहे है। माह नवम्बर 2026 का चित्र "देश की तरक्की और समृद्धि में स्वदेशी अभियान की भूमिका" और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शा रहा है। इसी क्रम में माह दिसम्बर 2026 का पृष्ठ किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए संचालित भावांतर योजना पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित करने का चित्र प्रकाशित किया गया है। शासकीय कैलेंडर के अंत में वर्ष 2027 के 12 महीनों का चार्ट भी एक पृष्ठ पर संलग्न है।  

पंजाब सरकार की नई नीति से खुश लोग, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं सेहत और शिक्षा की सकारात्मक तस्वीरें

चंडीगढ़  पंजाब में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है – आम नागरिक खुद अपने मोबाइल से सरकारी योजनाओं की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है। यह कोई सरकारी प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इंस्टाग्राम पर “सेहत-शिक्षा हॉस्पिटल” की तस्वीर डाली, जो तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- “मान सरकार, ये रही सिर्फ सुलतां खालदार!” यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार जमीन पर ला रही है।  असली बात यह है कि पंजाब सरकार ने शुरू से ही एक बात साफ कर दी थी – विकास का मतलब सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतें या हाईवे नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की ज़रूरतें है। सेहत और शिक्षा – ये दो ऐसे स्तंभ है जिन पर किसी भी इंसान का पूरा जीवन टिका होता है। मान सरकार ने इसी फॉर्मूले को अपनाया और पूरी ताकत से इन दोनों क्षेत्रों में काम शुरू किया। नतीजा यह है कि आज पंजाब के गांव-गांव, शहर-शहर में लोग महसूस कर रहे है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, उनकी परवाह कर रही है।  सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाएं इस बात का सबूत है। एक यूजर ने लिखा, “पहली बार लग रहा है कि सरकार हमारे लिए है, न कि हम सरकार के लिए।” दूसरे ने कहा, “मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज मिलता है, दवाइयां मिलती है। पहले तो सोच भी नहीं सकते थे।” ये टिप्पणियां दिखाती है कि जनता ने मान सरकार के इरादों को समझ लिया है। लोग जानते हैं कि यह सरकार दिखावे की नहीं, बल्कि हकीकत में बदलाव लाने वाली है। जब आम आदमी खुद सरकार के काम की तारीफ करने लगे, तो समझ जाइए कि नीतियां सही दिशा में जा रही है। पंजाब भर में फैले सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक इस बदलाव की पहली कड़ी है। गरीब से गरीब इंसान को अब इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। बुखार हो, दर्द हो या कोई छोटी-मोटी बीमारी – मोहल्ले में ही सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प किया जा रहा है। जर्जर इमारतों की मरम्मत, नई मशीनें, साफ-सफाई, डॉक्टरों की नियुक्ति – हर स्तर पर काम हो रहा है। यह सब इसलिए क्योंकि मान सरकार का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत पंजाब बना सकते हैं। शिक्षा के मोर्चे पर भी यही कहानी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है क्योंकि अब वहां भी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। कमरों की मरम्मत, स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, शौचालय – सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी पूरी की जा रही है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी योजनाओं से गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का मौका मिल रहा है। यह सब दिखाता है कि सरकार का फोकस क्लियर है – हर बच्चे को शिक्षा, हर इंसान को सेहत। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि मान सरकार की यह रणनीति गेम-चेंजर साबित हो रही है। दूसरी सरकारें अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं करती हैं जो जमीन पर कभी उतरते नहीं। लेकिन यहां उल्टा हो रहा है – छोटे-छोटे लेकिन जरूरी काम हो रहे है, और लोग महसूस कर रहे है। जब एक मां को अपने बच्चे के लिए मुफ्त दवाई मिलती है, जब एक गरीब किसान के बेटे को सरकारी स्कूल में अच्छी शिक्षा मिलती है – तब विश्वास बनता है। और यही विश्वास आज पंजाब में दिख रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता सब देख रही है, समझ रही है। सोशल मीडिया के जमाने में कोई काम छिपा नहीं रह सकता। लोग खुद मॉनिटर कर रहे है कि उनके इलाके में क्या हो रहा है। जब अच्छा काम होता है तो तारीफ करते है, जब कमी दिखती है तो आवाज उठाते है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। और पंजाब सरकार इस परीक्षा में खरी उतर रही है क्योंकि उसका एजेंडा साफ है – जनता की भलाई। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लेकिन फिलहाल जो हो रहा है, वह काफी है लोगों को यकीन दिलाने के लिए कि यह सरकार उनकी है, उनके लिए है। जब एक आम कार्यकर्ता अपने इलाके के अस्पताल की तस्वीर गर्व से शेयर करता है, तो यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं होती – यह उम्मीद का संदेश होता है। पंजाब की जनता ने मान सरकार को पहचान लिया है, और वह जानती है कि यह विकास हकीकत में हो रहा है।

BCCI ने दिया बड़ा बयान: मुस्ताफिजुर रहमान आईपीएल में खेलेंगे, बांग्लादेश को लेकर विरोध गलत

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बावजूद तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेलने की संभावना बनी हुई है। मुस्ताफिजुर इस मिनी ऑक्शन में बिकने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी रहे, जिन्हें KKR ने 9.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा है। हालांकि, बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं के कारण सोशल मीडिया पर केकेआर और बीसीसीआई की काफी आलोचना हो रही है और कुछ राजनीतिक नेताओं ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लीग से बाहर करने की मांग भी की है। इस विवाद पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाई है। बीसीसीआई का कहना है कि वह सरकार के निर्देशों के बिना किसी भी खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इनसाइड स्पोर्ट से कहा, "स्थिति संवेदनशील है। हम लगातार सरकार के संपर्क में हैं। फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है जिससे बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए। मुस्ताफिजुर आईपीएल खेलेंगे। बांग्लादेश कोई दुश्मन देश नहीं है"। बोर्ड वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ बांग्लादेशी खिलाड़ियों के वीजा संबंधी बातचीत भी कर रहा है। हालांकि, मुस्ताफिजुर की आईपीएल में पूरी उपलब्धता अभी भी कई कारकों पर निर्भर करेगी। अप्रैल में बांग्लादेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है और यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एनओसी (NOC) देने से इनकार कर दिया, तो वह कई मैचों से बाहर रह सकते हैं। वीजा को लेकर बीसीसीआई अधिकारी ने कहा है कि, "मुस्ताफिजुर रहमान टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा अप्लाई करेंगे, जिसे IPL के लिए बढ़ाया जाएगा। वीजा कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। बीसीबी की तरफ से भी एनओसी को लेकर कोई नकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं"। वर्तमान में बीसीसीआई पूरी तरह से भारत सरकार के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है।

उद्धव सेना को बड़ा झटका: आदित्य ठाकरे की करीबी शीतल शेठ ने पार्टी छोड़ी, BMC चुनाव पर असर

मुंबई बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से ठीक पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की उपनेत्री और आदित्य ठाकरे की करीबी सहयोगी शीतल देवरुखकर-शेठ ने गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकती हैं। शीतल देवरुखकर-शेठ पार्टी की विभिन्न पहलों में आदित्य ठाकरे के साथ मिलकर काम करती रही हैं। वे युवा सेना की सक्रिय सदस्य भी रही हैं और मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट चुनावों में भी जीत हासिल की थी। उनका इस्तीफा BMC चुनावों से ऐन पहले आया है, जो पार्टी के लिए गंभीर झटका माना जा रहा है। BMC चुनाव जनवरी 2026 में होने वाले हैं, और इस चुनाव में शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का गठबंधन महायुति (भाजपा-शिंदे सेना-अजित पवार एनसीपी) को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रहा है। इस इस्तीफे से शिवसेना (UBT) में आंतरिक असंतोष की खबरें फिर से सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में पार्टी के कई नेता और पदाधिकारी टिकट वितरण को लेकर नाराजगी जता चुके हैं, खासकर वर्ली क्षेत्र में, जो आदित्य ठाकरे का विधानसभा क्षेत्र है। कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफे की धमकी भी दी थी। BMC चुनाव मुंबई की सियासत में बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि यहां पिछले 25 साल से शिवसेना का दबदबा रहा है। हालांकि, 2022 में पार्टी के विभाजन के बाद शिंदे गुट और भाजपा की जोड़ी मजबूत हुई है। इस इस्तीफे से शिवसेना (UBT) की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

मध्य प्रदेश के IAS अधिकारियों को मोदी सरकार में नई जिम्मेदारी, दो अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

भोपाल   मध्य प्रदेश कैडर के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जलवा बरकरार है। नए साल की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद जारी इस सूची में मध्य प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इनका हुआ प्रमोशन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार केरालिन खोंगवार देशमुख (IAS, 1996 बैच) को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद से स्थानांतरित कर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। वहीं, असित गोपाल (IFS, 1990 बैच) को टेक्सटाइल मंत्रालय में पदोन्नति दी गई है। अब वे अतिरिक्त सचिव के बजाय विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे। दिल्ली में एमपी कैडर का दबदबा मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी अपनी कार्यकुशलता के कारण केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर हमेशा प्राथमिकता पाते रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड और विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की स्थिति कुछ इस प्रकार है। केंद्र में एमपी से तीन दर्जन अधिकारी वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के करीब 35 से 40 आईएएस अधिकारी वर्तमान में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सचिव, अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर पर तैनात हैं। इनमें से कई अधिकारी पीएमओ और नीति आयोग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सक्रिय हैं। आईपीएस अधिकारियों का भी दबदबा एमपी कैडर के लगभग 25 से 30 आईपीएस अधिकारी केंद्रीय एजेंसियों जैसे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), सीबीआई (CBI), बीएसएफ (BSF) और सीआरपीएफ (CRPF) में प्रतिनियुक्ति पर हैं। कई अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) कार्यालय से भी जुड़े रहे हैं। भारतीय वन सेवा के अधिकारी भी वन क्षेत्र में मध्य प्रदेश के समृद्ध अनुभव को देखते हुए केंद्र में 10 से 12 आईएफएस अधिकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ अन्य मंत्रालयों में वित्तीय सलाहकार और सचिव स्तर के पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए चुना जाता है MP विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक क्षमता और मध्य प्रदेश की भौगोलिक-सामाजिक परिस्थितियों के अनुभव के कारण इन अफसरों को केंद्र में नीति निर्धारण और वित्तीय प्रबंधन जैसे संवेदनशील कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है।  

मुख्यमंत्री नितीश ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भवन का किया निरीक्षण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीष कुमार ने आज राजवंषी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाष नारायण सुपर स्पेषयलिटी अस्पताल के भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देष दिया कि इस 400 बेड के हड्डी रोग के अति विषिष्ट अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि हमलोगों का उद्देष्य है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे व्यापक और इलाज की अत्याधुनिक सुविधायें उपलब्ध हो। इसी के तहत लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, राजवंशी नगर, पटना को हड्डी रोग के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है और इस अति विषिष्ट अस्पताल का नया भवन बनाया जा रहा है। यहां हड्डी रोग से संबंधित बीमारियों के इलाज की आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर व्यवस्था की गयी है। मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाष नारायण अस्पताल का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। वहां उपस्थित मरीजों एवं उनके अभिभावकों से स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों निर्देष दिया कि मरीजों का इलाज बेहतर ढंग से हो, इसमें किसी प्रकार की कोताही न हो। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2012 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, राजवंशीनगर, पटना को हड्डी रोग के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की घोषणा की गयी थी, जहां पर हड्डी रोग से संबंधित सभी प्रकार के इलाज की अच्छी व्यवस्था रहे। इसके आलोक में इस अस्पताल परिसर में ही 215 करोड़ रुपये की लागत से 400 बेड के अति विशिष्ट अस्पताल भवन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी। इस 6 मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण कार्य जारी है जो मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसमें 250 वाहनों के पार्किंग, 6 लिफ्ट, 6 ऑपरेशन थियेटर, 42 आई0सी0यू0 बेड, 15 प्राइवेट वार्ड इत्यादि की व्यवस्था है। इस अति विशिष्ट अस्पताल में समुचित इलाज के लिए 66 चिकित्सकों सहित कुल 140 पदों का सृजन किया गया है। इस अति विशिष्ट अस्पताल के शुरू हो जाने से हड्डी रोग के मरीजों को काफी फायदा होगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेष कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव डाॅ. चन्द्रषेखर सिंह, जिलाधिकारी डाॅ. त्यागराजन एस0एम0 सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।    

पौष पूर्णिमा दान विशेष: इन वस्तुओं के दान से बदल सकती है किस्मत

हिंदू धर्म में हर तिथि बहुत पावन होती है और सबका अपना विशेष महत्व है. इन्हीं विशेष और महत्वपूर्ण तिथियों में शामिल है पूर्णिमा की तिथि. साल भर में 12 पूर्णिमा की तिथियां पड़ती हैं. सभी पूर्णिमा का अपना महत्व है. पौष माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान और दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है. मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान और फिर दान करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है. पौष पूर्णिमा साल 2026 की पहली पूर्णिमा भी होने वाली है. ऐसे में आइए जानते हैं कि किन चीजों का दान करना सबसे शुभ रहता है? पौष पूर्णिमा 2026 में कब है? पौष माह की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 02 जनवरी 2026 को शाम 06 बजकर 53 मिनट पर होगा. इस तिथि का समापन 03 जनवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर जाएगा. चूंकि 03 जनवरी को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026, शनिवार को मनाई जाएगी. पौष पूर्णिमा पर करें इन चीजों का दान अनाज पौष पूर्णिमा के दिन चावल, गेहूं, दालें या अन्य कोई भी अनाज का दान करना चाहिए. अनाज का दान महादान माना जाता है. इससे घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती और माता अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं. अनाज के दान से दरिद्रता दूर होती है. वस्त्र पौष पूर्णिमा के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े, कंबल या कोई भी नए वस्त्र का दान करना चाहिए. वस्त्र दान से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मान-सम्मान प्राप्त होता है. तिल और गुड़ पौष पूर्णिमा के दिन काले तिल और गुड़ का दान करना चाहिए. इस दान से भगवान सूर्य और शनि देव प्रसन्न होते हैं. तिल दान से शनि दोष दूर होता है और गुड़ दान से काम बनते हैं. शुद्ध देसी घी और मिठाई पौष पूर्णिमा के दिन शुद्ध देसी घी और मीठी वस्तुओं का दान करना चाहिए. इस दिन घी और मिठाई का दान करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. घर में धन-वैभव आता है. गौ दान या गाय से संबंधित चीजें पौष पूर्णिमा के दिन गौ दान करना चाहिए. अगर ये संभव नहीं है, तो गाय से संबंधित चीजें जैसे दूध, दही का दान करना चाहिए. इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं. धन पौष पूर्णिमा के दिन अपनी सामर्थ्य अनुसार किसी मंदिर में, ब्राह्मण को या जरूरतमंद को धन का दान करना चाहिए. इससे आर्थिक समस्याओं का निवारण होता है.

नीट पीजी 2025 यूपी काउंसलिंग अपडेट: राउंड 3 के लिए आवेदन 2 जनवरी से

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पोस्टग्रेजुएट (MD/MS/DNB/Diploma) सीटों पर एडमिशन का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। महानिदेशालय, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (DGME), उत्तर प्रदेश ने UP NEET PG काउंसलिंग 2025 के राउंड 3 का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। इस चरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 2 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रही है। तीसरे राउंड का पूरा शेड्यूल – ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: 2 जनवरी (सुबह 11:00 बजे) से 9 जनवरी 2026 (दोपहर 2:00 बजे तक)। रजिस्ट्रेशन शुल्क और सुरक्षा राशि जमा करना: 2 जनवरी से 9 जनवरी 2026 (शाम 5:00 बजे तक)। मेरिट लिस्ट की घोषणा: 5 जनवरी 2026। चॉइस फिलिंग और लॉकिंग: 6 जनवरी (सुबह 11:00 बजे) से 9 जनवरी 2026 (दोपहर 2:00 बजे तक)। सीट अलॉटमेंट रिजल्ट: 12 जनवरी 2026। अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड और एडमिशन प्रक्रिया: 13 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक। रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग की शर्तें इस राउंड में वे सभी अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं जिन्होंने NEET PG 2025 परीक्षा उत्तीर्ण की है। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट upneet.gov.in या dgme.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। विशेष रूप से ध्यान दें कि केवल वे ही उम्मीदवार चॉइस फिलिंग (कॉलेज और कोर्स का चयन) कर पाएंगे, जिन्होंने निर्धारित समय के भीतर रजिस्ट्रेशन शुल्क और सुरक्षा राशि जमा कर दी होगी। एक बार चॉइस लॉक होने के बाद, उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होगा, इसलिए उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकताएं बहुत सोच-समझकर भरनी चाहिए। आवश्यक डॉक्यूमेंट और रिपोर्टिंग सीट आवंटित होने के बाद, उम्मीदवारों को 13 से 17 जनवरी के बीच अपने आवंटित कॉलेजों में रिपोर्ट करना होगा। इस दौरान उन्हें अपने ओरिजनल डॉक्यूमेंट जैसे NEET PG एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड, एमबीबीएस डिग्री, इंटर्नशिप प्रमाणपत्र और पहचान पत्र साथ ले जाने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार दी गई समय सीमा के भीतर कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करता है, तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। यह तीसरा राउंड उन छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो पिछले दो राउंड में सीट पाने से चूक गए थे या अपने कॉलेज/कोर्स को अपग्रेड करना चाहते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तकनीकी समस्या से बचने के लिए अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी करें।

रायपुर में रोजगार, कौशल और स्वास्थ्य में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर

रायपुर : रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हेल्थ केयर में कौशल विकास हेतु सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।