samacharsecretary.com

राष्ट्रपति और पीएम का AI वीडियो बनाने वाले युवक को मुजफ्फरपुर पुलिस ने भेजा जेल

पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एआई जनेरेटेड फेक वीडियो बनाकर वायरल करने वाले युवक पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था जिसे काफी शेयर किया गया। आरोपी जिले के बोचहां का रहने वाला है और जन सुराज पार्टी से जुड़ा है। वह जसुपा के लिए वीडियो बनाता था। ग्रामीण एसपी राजेश कुमार प्रभाकर ने बताया कि एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर बोचहां थाना के भगवानपुर निवासी प्रमोद कुमार राज को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 197 डी, 351(4), 352, 353, 356 और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उस पर आपराधिक धमकी, अपमान करना, सार्वजनिक अव्यवस्था और राष्ट्र विरोधी गतिविधि का आरोप है। साइबर थाने में इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने के बाद उसे साइबर थाने पर लाया गया जहां एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने लंबी पूछताछ की। आरोपी ने अपना दोष स्वीकार कर लिया है। सोशल मीडिया पर उस वीडियो को हजारों लोगों ने शेयर किया है और हजारों की संख्या में रिएक्शन दिए गए हैं। एसएसपी सुशील कुमार ने इस मामले में कहा है कि साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृ्त्व में टेक्नकिकल टीम गठित कर दी गई है। टीम मामले की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश और अधिकारीयों ने विभिन्न इलाकों का किया भ्रमण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नववर्ष पटना शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जे0पी0 गंगा पथ तथा ईको पार्क का भ्रमण कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया तथा उन्हें नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनायें दी। नववर्ष के अवसर पर ईको पार्क में बड़ी संख्या में परिवार के साथ पहुंचे लोग मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर काफी प्रफुल्लित हुये। मुख्यमंत्री के ईको पार्क पहुंचने की सूचना मिलते ही वहां मौजूद लोग इकट्ठा हो गये। मुख्यमंत्री को अपने करीब पाकर हर कोई इस अवसर को तस्वीर और वीडियो के जरिये अपने कैमरे में कैद किया। सभी लोगों ने हाथ हिलाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया तथा उन्हें नववर्ष की हार्दिक बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने लोगों को अभिवादन स्वीकार किया तथा उन्हें भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें दी। भ्रमण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चैधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव डाॅ0 चन्द्रषेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, जिलाधिकारी डाॅ. त्यागराजन एस0एम0 सहित पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उद्योग जगत बोला, सीएम योगी के नेतृत्व में बदला प्रदेश का सिस्टम, निवेश के लिए बना भरोसेमंद मॉडल

मुख्यमंत्री योगी से मिले सीआईआई के प्रतिनिधि, राज्य में व्यापार और निवेश का बन रहा बेहतर माहौल उद्योग जगत बोला, सीएम योगी के नेतृत्व में बदला प्रदेश का सिस्टम, निवेश के लिए बना भरोसेमंद मॉडल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के कारण देशभर के उद्योगपतियों का रुख उत्तर प्रदेश की ओर बेहतर कानून व्यवस्था से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद उद्योग स्थापना को लेकर सीएम योगी के साथ उद्योगपतियों ने किया महत्वपूर्ण विचार-विमर्श उद्योगपतियों को इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में हरसंभव मदद करेगी योगी सरकार यूपी में जमीन पर काम करना अब पहले से काफी आसान, प्रोजेक्ट लगाने को लेकर देश की इंडस्ट्री उत्साहित लखनऊ  बेहतर कानून व्यवस्था और स्थिर प्रशासनिक माहौल के चलते उत्तर प्रदेश अब देशभर के उद्योग जगत की पहली पसंद बनता जा रहा है। सुरक्षा, अनुशासन और निष्पक्ष शासन ने निवेशकों का भरोसा प्रदेश में मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप बड़े, मध्यम और छोटे तीनों सेगमेंट के उद्योग तेजी से उत्तर प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री से भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष श्री राजीव मेमानी, नई दिल्ली,  श्री उमाशंकर भरतिया, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, इण्डिया ग्लाइको लि०, दिल्ली / नोएडा व श्री सुनील मिश्रा ने मुलाकात कर निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का सिस्टम और गवर्नेंस मॉडल पूरी तरह बदला है। अब जमीन पर काम करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हुआ है और परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के विजन में उद्यमी सहयोग करना चाह रहे हैं। सीएम योगी के साथ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बढ़ाने के लिए भी विचार विमर्श किया गया। उत्तर प्रदेश में डिक्रिमिनलाइजेशन विधेयक लागू होने के बाद इंडस्ट्री का भरोसा और बढ़ा है। इसके साथ ही प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहन के कारण ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब से औद्योगिक इकोसिस्टम को मिली मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर प्रतिनिधिमंड ने स्पष्ट रूप से कहा कि सख्त कानून-व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश का औद्योगिक वातावरण पूरी तरह बदल दिया है। निवेश निर्णयों के लिए आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिरता प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब तथा बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के तेज विकास ने राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम को नई मजबूती प्रदान की है। सिंगल-विंडो सिस्टम और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्योग स्थापना हुई आसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुए विचार-विमर्श में यह भी सामने आया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अब केवल नीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हो रहा है। प्रदेश सरकार की सिंगल-विंडो सिस्टम सेवा निवेश मित्र जहां वर्तमान में 43 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं उपलब्ध है, जहा भौतिक हस्तक्षेप के बिना समयबद्ध डिजिटल स्वीकृतियों के चलते प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। राज्य सरकार की प्रो-इंडस्ट्री नीति और त्वरित निर्णय क्षमता निवेश को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में उच्चीकृत निवेश मित्र 3.0 को जल्द लांच किया जायेगा जिसमें एआई व चैटबाट जैसी सुविधाओं से निवेशकों की निवेश यात्रा और आसान होगी ।    यूपी में नए निवेश और विस्तार योजनाओं को लेकर उद्यमी उत्साहित प्रतिनिधियों ने कहा कि समग्र रूप से बेहतर कानून व्यवस्था, सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी प्रशासन और उद्योगों को मिल रहे सहयोग के चलते उत्तर प्रदेश एक विश्वसनीय और स्थिर निवेश राज्य के रूप में उभर रहा है। यही कारण है कि देशभर के विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपति आने वाले समय में यूपी में नए निवेश और विस्तार योजनाओं को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि तय मानी जा रही है।

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुवाद पर चर्चा, रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग उठाई

जबलपुर : वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में  जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जबलपुर पहुंचे. इस मौके पर संत रामभद्राचार्य महाराज ने मांग की है कि रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि रामायण एक ऐसा ग्रंथ है जिसे दुनिया के कई देशों में पढ़ा और सुना जाता है. यह हमें प्रेम का पाठ भी सिखाती है. राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित हो रामायण मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, '' रामायण एक ऐसा ग्रंथ है, जिसे दुनिया के कई देशों में पढ़ा और सुना जाता है. जकार्ता, इंडोनेशिया, थाईलैंड जैसे देशों के अलावा जापान जैसे देश में भी रामायण और रामायण के चित्रों को लेकर चर्चा होती है.'' मोहन यादव ने कहा कि भगवान राम के संबंध अपने शत्रुओं से भी मर्यादा के थे. इस मौके पर संत रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने ने बताया कि गांधी जी का प्रसिद्ध भजन रघुपति राघव राजा राम के सभी शब्द रामचरितमानस से ही लिए गए हैं. जबलपुर के साथ दिल्ली में हो वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, '' वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस एक शानदार आयोजन है. इसमें भगवान राम के चरित्र को लेकर दुनिया भर में जो काम हो रहा है, उस पर चर्चा होती है लेकिन यह आयोजन केवल जबलपुर तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि इसे जबलपुर के बाहर भी किया जाना चाहिए.'' उन्होंने वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के आयोजक अजय बिश्नोई और अखिलेश गुमास्ता से कहा कि इस आयोजन को अब दिल्ली में भी किया जाए. हिंदू धर्म ग्रंथों को ट्रांसलेट कर रहे अन्य देश कार्यक्रम में शामिल होने आए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर में गीता भवन का लोकार्पण भी किया. वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस की आयोजन समिति के सदस्य मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय बिश्नोई ने कहा, '' वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का यह चौथा साल है और अब इसके प्रयासों का असर भी दिखने लगा है. दुनिया के कई देशों में रामायण पर शोध कार्य चल रहे हैं. कई देशों में रामायण और हिंदू धर्म के ग्रंथ ट्रांसलेट किए जा रहे हैं.'' इस कार्यक्रम की तस्वीरें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, '' संस्कारधानी जबलपुर में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के सान्निध्य में आयोजित चौथी वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में आज केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी के साथ सहभागिता की. भगवान श्रीराम की पावन गाथाएं युगों-युगों तक मानवता को कर्तव्य, मर्यादा और लोककल्याण के मार्ग पर अग्रसर करने वाली दिव्य प्रेरणा हैं.''

झारखंड में आभा नंबर के जरिए मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री होगी ऑनलाइन

रांची. झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में इलाज कराने वाले हर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री अब ऑनलाइन दर्ज होगी, जिसे किसी भी अस्पताल के डॉक्टर आसानी से एक्सेस कर देख सकेंगे। मरीज को पहले कौन-सी बीमारी थी, कहां और कब इलाज हुआ, कौन-सी दवाएं चल रही हैं या पहले दी गई थीं। ब्लड, यूरिन, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की पूरी जानकारी सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यह पूरी व्यवस्था आभा आईडी के माध्यम से संचालित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग इसे जल्द ही राज्य के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में लागू करने की तैयारी में है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले एक साल से सभी सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बाद अबतक राज्य भर में 50 लाख से ज्यादा लोगों का आभा नंबर जेनरेट हो चुका है। बीते करीब एक साल से सरकारी अस्पतालों में मरीज आभा ऐप और ड्रिफकेस ऐप के जरिए खुद ही अपना रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। आने वाले समय में शेष मरीजों को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। यह सिस्टम कैसे करेगा काम आभा आईडी मरीज की डिजिटल हेल्थ पहचान होगी। यह आधार से वेरिफाइड होगी। अस्पतालों में ई-सुश्रुत पोर्टल पर डॉक्टर मरीज का पूरा डेटा दर्ज करेंगे। मेडिकल हिस्ट्री, ट्रीटमेंट और सभी रिपोर्ट्स अपलोड की जाएंगी। यह डेटा आभा पोर्टल से लिंक रहेगा। देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर इसे एक्सेस कर सकेंगे। इस नई डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बार-बार पुरानी रिपोर्ट साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। इमरजेंसी में डॉक्टर तुरंत मरीज की बीमारी की पूरी जानकारी देख सकेंगे। मरीज जहां चाहे, वहां इलाज करा सकेंगे। सदर अस्पताल रांची में लागू रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में यह व्यवस्था पहले से लागू कर दी गई है। यहां पिछले कई महीनों से मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में इलाज करा चुके किसी भी मरीज की आभा आईडी यदि देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर एक्सेस करेंगे, तो मरीज की पूरी रिपोर्ट, इलाज का विवरण और मेडिकल हिस्ट्री स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। मरीज खुद कैसे बनवा सकेंगे आभा आईडी मरीज आसानी से अपना आभा आईडी बना सकते हैं। मोबाइल में आभा या ड्रिफकेस ऐप डाउनलोड करें। आधार नंबर या मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद आईडी जनरेट होगी। यह आईडी आजीवन मान्य रहेगी।

झारखंड में पेसा नियमावली की अधिसूचना जारी

रांची. झारखंड में अब गांव की मर्जी चलेगी। राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में अब तक जो फैसले कागजों और दफ्तरों में होते थे, वह अब चौपाल में होंगे। शुक्रवार देर शाम पेसा नियमावली की अधिसूचना जारी होते ही आदिवासी इलाकों की राजनीति और प्रशासन का चेहरा बदल गया। जिस स्वशासन की बात आदिवासी समाज दशकों से करता रहा, वह पहली बार नियमों की शक्ल में जमीन पर उतरता दिख रहा है। अब गांव की बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं होगी। हर महीने ग्राम सभा की बैठक होगी। इसमें महिलाओं की मौजूदगी अनिवार्य होगी और फैसले खुले में होंगे। गांव के छोटे-मोटे विवाद सुलझाने का अधिकार भी अब ग्राम सभा के पास होगा। सरकार का दावा है कि यह नियमावली आदिवासी इलाकों में सत्ता का संतुलन बदल देगी। जहां अब तक बाहरी एजेंसियों और ठेकेदारों का दबदबा था, वहां गांव खुद अपने संसाधनों का मालिक बनेगा। कैबिनेट ने इस नियमावली को 23 दिसंबर को कुछ बदलावों के साथ मंजूरी दी थी। अब इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद झारखंड उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां पेसा सिर्फ कानून नहीं, नियमों के साथ लागू हुआ है। पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में पेसा नियमावली लागू हो गई है। स्वशासन लागू करना सरकार की प्राथमिकता है। ग्राम सभा स्थाई होगी, इसे भंग नहीं कर सकते ग्राम सभा को अ​ब वास्तविक अधिकार मिल जाएंगे। जल-जंगल और जमीन का अधिकार। ग्राम सभा के पारंपरिक अधिकार अब वैधानिक अधिकार के तौर पर लागू करने के लिए प्रशासन बाध्य होगा। ग्राम सभा के गठन का अधिकार सरकार और प्रशासन को नहीं दिया गया है। जो परंपरागत ग्राम सभा की मान्यता है, वही लागू होगी। इनमें जनसंख्या का कोई मतलब नहीं है। अनुसूचित क्षेत्रों में विकास भी ग्राम सभा के अधीन होगा। खास बात यह है कि ग्राम सभा स्थाई होगी, क्योंकि यह पारंपरिक ग्राम सभा है। इसे कभी भंग नहीं किया जा सकेगा। एक-एक योजना ग्राम सभा की अनुमति से ही उस राजस्व ग्राम में लाया जाएगा। यहां तक कि कोई भी छोटी-बड़ी कंपनियां बिना ग्राम सभा के जमीन तक नहीं ले सकती है। पेसा का मूल उद्देश्य ग्रामीणों को अधिकार देना पेसा का मूल उद्देश्य ही पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में निवास करने वाले ग्रामीणों को अधिकार देना और ग्राम सभा को सशक्त करना है। ग्राम कोष का गठन होगा। जो भी आय होगी, पंचायत समिति उसका 80 प्रतिशत ग्राम कोष में डालेगी और 20 प्रतिशत पंचायत समिति के पास होगा। तीन व्यक्ति तीन साल के लिए मनोनीत होंगे, जो ग्राम कोष का संचालन करेंगे। मिट्‌टी, पत्थर, बालू और मोरम सहित उस क्षेत्र में पाए जाने वाले लघु खनिज का उपयोग पूरी तरह इसके अधीन होगा। सिंचाई का प्रबंधन, ग्राम स्तर पर होने वाले वनोत्पाद एवं अन्य उत्पाद पर इनका अधिकार होगा। वन्य जीव के संरक्षण का काम भी ग्राम सभा को ही मिलेगा। पेसा नियमावली क्या है? -पेसा कानून अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा को प्रशासन, संसाधन और परंपराओं पर निर्णय लेने का अधिकार देता है। झारखंड में इसके लागू होने से अब ग्राम सभा सबसे ताकतवर इकाई बन गई है। ग्राम सभा की बैठक कैसे होगी? -हर महीने कम से कम एक बैठक अनिवार्य होगी। इसके लिए एक तिहाई का कोरम जरूरी होगा। इनमें भी एक तिहाई महिलाओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी। बैठक सार्वजनिक रूप से करनी होगी। अगर बंद भवन में करनी है तो दरवाजा खुला रखना होगा। किसी को भी प्रवेश से नहीं रोक सकेंगे। इसकी अध्यक्षता उसी ग्राम सभा के अनुसूचित जनजाति के कोई ऐसे सदस्य होंगे, जो रीति-रिवाजों के साथ मान्यता प्राप्त व्यक्ति हो। अब बालू घाट कौन चलाएगा? -कैटेगरी-1 (पांच हेक्टेयर से कम) के बालू घाट का संचालन ग्राम सभा करेगी। बालू से मिलने वाला शुल्क ग्राम सभा के कोष में जाएगा। यहां जेसीबी से खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। एनजीटी के निर्देश के अनुरूप मानसून में बालू के उठाव पर पूरी तरह से रोक रहेगी। शराब दुकानों पर क्या होगा? -ग्राम सभा की अनुमति के बिन न शराब की दुकान खुलेगी, न ही फैक्ट्री। महुआ, हड़िया जैसी पारंपरिक पेय सिर्फ घरेलू और सामाजिक उपयोग के लिए होगा। शराब नियंत्रण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होगी। गांव के विवाद कैसे सुलझेंगे? -पारिवारिक और जमीन विवाद ग्राम सभा में सुलझाए जाएंगे। ग्राम सभा अधिकतम 2000 रुपए तक जुर्माना लगा सकेगा। लेकिन उसे जेल भेजने का अधिकार नहीं होगा। लेकिन अगर कोई आरोपी अपनी भूल स्वीकार कर क्षमा मांगता है और दोबारा गलती न करने का प्रण लेता है तो उसे ही दंड मान लिया जाएगा। पुलिस-प्रशासन पर क्या असर होगा? -पुलिस अगर किसी मामले में किसी को तत्काल गिरफ्तार करती है तो 7 दिन के भीतर सूचना ग्राम सभा को देनी होगी। सीएनटी जमीन ट्रांसफर में क्या बदलेगा? -सीएनटी-एसपीटी एक्ट से जुड़े मामलों में ग्राम सभा की सहमति जरूरी होगी आदिवासी जमीन पर सीएनटी की धारा 71 का उल्लंघन कर कोई कब्जा कर लेता है या धारा 46 या धारा 48 या 239 का उल्लंघन करके कपट पूर्ण तरीके से ले लेता है तो ऐसी जमीन से उसे बेदखल किया जा सकेगा। इसके बदले कब्जाधारी को किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा। संबंधित जमीन मूल रैयत या उसके वारिस को सौंपा जाएगा। अगर कोई वारिस न हो तो वह जमीन दूसरे आदिवासी रैयत के नाम बंदोबस्त किया जाएगा। हर साल 15 अप्रैल तक रजिस्टर-2 की कॉपी ग्राम सभा को उपलब्ध करानी होगी।  

झारखंड में फरवरी-मार्च में होंगे नगर निकाय चुनाव

रांची. राज्य में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसकी उलटी गिनती शुरू मानी जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों से संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी के अंत तक चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी 8 जनवरी को सभी जिलों में तैयारियों के समीक्षा बैठक करेंगी। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां 5 से 7 दिनों के भीतर सुधार कराने का निर्देश दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य सचिव के माध्यम से राज्यपाल को चुनाव तिथि का प्रस्ताव भेजा जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में राज्यपाल की मंजूरी मिल जाएगी। इसके तुरंत बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। एक चरण में चुनाव, बैलेट पेपर से होगा मतदान अधिसूचना जारी होते ही अगले दिन से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन के लिए उम्मीदवारों को लगभग एक सप्ताह का समय मिलेगा। इस बार नगर निकाय चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे। मतदान ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से होगा। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 28 मार्च तक समाप्त कर दी जाए। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार 30 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है, इसी वजह से आयोग ने समय-सारिणी को कड़ा रखा है। उम्मीदवारों को इस बार प्रचार के लिए केवल 32 से 36 दिन का समय मिलेगा, जबकि पहले आमतौर पर 40 से 45 दिन का समय मिलता था। होली के आसपास हो सकता है मतदान होली पर्व 4 मार्च को है। आयोग की योजना है कि इसी के आसपास मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। मतदान की संभावित तिथि 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच मानी जा रही है। मतदान के अगले दिन को री-पोल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि 2 से 3 दिन के भीतर मतगणना कराई जाएगी। मतदान के दौरान एक ही बैलेट बॉक्स में मेयर-अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के लिए वोट डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा, जबकि वार्ड पार्षद का मतपत्र सफेद रंग का रहेगा। मतगणना के समय पहले दोनों तरह के वोट अलग-अलग छांटे जाएंगे, इसके बाद गिनती की प्रक्रिया शुरू होगी। मतगणना के 15 से 22 दिन के भीतर नगर निगम के मेयर और नगर परिषद-नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा, जिसमें केवल निर्वाचित वार्ड पार्षद ही मतदान करेंगे। यहां होने हैं नगर निकाय चुनाव रांची, हजारीबाग, धनबाद, मेदनीनगर, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो में होगा। वहीं नगर परिषद का चुनाव गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम में होगा। जबकि नगर पंचायत का चुनाव बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया।  

बिहार के CM नीतीश कुमार देंगे बुजुर्गों को घर बैठे इलाज से लेकर इमरजेंसी तक की सुविधाएं

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उम्रदराज और बुजुर्ग लोगों को नए साल पर बड़ा तोहफा दिया है. ऐसे लोगों को अब घर बैठे ही स्वास्थ्य जांच और इलाज मिल सकेगा. मुख्यमंत्री ने सात निश्चय पार्ट-3 के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए यह निर्णय लिया है. राज्य सरकार के फैसले के तहत अब बुजुर्गों को घर पर ही पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर मापने और ईसीजी जैसी जरूरी जांच की सुविधा मिलेगी. यही नहीं इमरजेंसी के हालात में भी डॉक्टर घर पहुंचकर इलाज भी करेंगे. फिजियोथेरेपी की भी सुविधा मुहैया करवाई जायेगी. मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही आम जनता से सुझाव भी मांगे हैं. सात निश्चय के तहत लोगों के जीवन को और आसान बनाने के लिए सरकार ने एक क्यूआर कोड जारी किया है. इसे स्कैन कर आम लोग सरकार तक अपने सुझाव और विचार सीधे पहुंचा सकते हैं.  क्यूआर कोड जारी कर लोगों से मांगे सुझाव सीएम नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिए जानकारी साझा करते हुए लिखा- '24 नवंबर 2005 को राज्य में जब से हमलोगों की सरकार बनी तब से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए हमलोगों ने समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान एवं हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है. हम लोगों ने पूरे बिहार को अपना परिवार माना है और सबके मान और सम्मान का पूरा ख्याल रखा है. अब राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ आसानी से जीवन व्यतीत कर सकें इसे लेकर हमलोगों ने गंभीरता से कार्य प्रारंभ कर दिया है. हमलोगों ने वर्ष 2025 से 2030 के लिए राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है. सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा उनके जीवन को और भी आसान बनाना है. सबसे पहले हमलोगों की कोशिश है कि राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को जरूरत के समय उनके घर पर ही अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें. 1. नर्सिंग सहायता की सुविधा 2. घर पर ही पैथोलॉजी जांच की सुविधा 3. ब्लड प्रेशर जांच और ई॰सी॰जी॰ जांच की सुविधा 4. फिजियोथेरेपी की सुविधा 5. आपातकालीन स्थिति में सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधित उपरोक्त सभी सुविधाएं उन्हें घर पर ही मिल सकें, इसे लेकर हमलोगों ने स्वास्थ्य विभाग को तेजी से काम करने का निर्देश दिया है. राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने हेतु और क्या-क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, इसे चिह्नित किया जाना भी आवश्यक है. इस संबंध में अगर आप कोई विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव निम्न में से किसी एक माध्यम से दे सकते हैं.'  लोगों को अपने सुझाव देने के लिए एक क्यूआर कोड भी जारी किया गया है. जिसके माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जा सकती है.

अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला: काराकस समेत 4 शहरों में बमबारी, मादुरो ने नेशनल इमरजेंसी की घोषणा

काराकस  अमेरिकी सेना ने आखिरकार वेनेजुएला पर हमला बोल दिया है। राजधानी काराकस में शनिवार सुबह तड़के तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। काराकस में मौजूद CNN के पत्रकारों ने धमाकों की पुष्टि की है। पहला धमाका स्थानीय समयानुसार लगभग 1:50 बजे हुआ। शहर के कई इलाकों में बिजली गायब हो गई है। धमाकों के बाद वेनेजुएला की राजधानी में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए विमानों की आवाजें सुनाई दी हैं। वहीं, वेनेजुएला के सूत्रों ने स्काई न्यूज अरबिया को बताया कि हवाई हमलों में देश के रक्षा मंत्री के घर और राजधानी काराकस में एक बंदरगाह को निशाना बनाया गया। वेनेजुएला में इन 5 प्रमुख ठिकानों को अमेरिका ने बनाया निशाना कोलंबिया के राष्ट्रपति ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में अमेरिकी वायु सेना द्वारा किए गए हमलों से प्रभावित ठिकानों की सूची प्रकाशित की है. इस सूची में सैन्य और सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ देश के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज का मेमोरियल भी शामिल है. अमेरिका ने जिन ठिकानों को एयर स्ट्राइक के जरिए निशाना बनाया उनमें… फोर्ट ट्यूना – काराकस का मेन मिलिट्री बेस ला कार्लोटा – काराकस का मेन एयरबेस एल वोल्कान – मेन रडार स्टेशन ला गुएरा पोर्ट – वेनेजुएला का प्रमुख बंदरगा​ह  इगुएरोटे एयरपोर्ट – मिरांडा राज्य का हवाई अड्डा शामिल हैं.  अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत वेनेजुएला छोड़ने को कहा अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए वेनेजुएला की यात्रा नहीं करने की एडवाइजरी जारी की है. इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है, 'वेनेजुएला की यात्रा न करें और न ही वहां ठहरें, क्योंकि वहां आपको गलत तरीके से हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया जा सकता है. आपका अपहरण हो सकता है या स्थानीय कानूनों का आपके खिलाफ गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. इस समय वेनेजुएला में अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध, नागरिक अशांति और खराब स्वास्थ्य व्यवस्था का खतरा बहुत अधिक है. वेनेजुएला में रहने वाले सभी अमेरिकी नागरिकों और वैध स्थायी निवासियों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी जाती है.'  अमेरिका ने कमर्शियल विमानों के वेनेजुएलन एयरस्पेस में जाने पर लगाया बैन एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के मद्देनजर अपने कमर्शियल विमानों के ऑपरेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सिलसिलेवार धमाकों की खबरों से कुछ ही समय पहले लगाया गया.  अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला में नेशनल इमरजेंसी लागू वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य हमारे देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिजों पर कब्जा करना और राजनीतिक स्वतंत्रता को बलपूर्वक तोड़ना है. उन्होंने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है. मादुरो ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी नेशनल डिफेंस प्लान को उचित समय और उपयुक्त परिस्थितियों में लागू किया जाए. साथ ही, उन्होंने देश की सभी सामाजिक और राजनीतिक शक्तियों से इस साम्राज्यवादी हमले के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की है. मादुरो के खिलाफ क्यों हैं ट्रंप? ऐसे में आइए समझते हैं कि अमेरिका के वेनेजुएला पर सीधा हमला करने के पीछे की वजह क्या है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाए हुए हैं। अमेरिकी युद्धपोतों को इस दक्षिण अमेरिकी देश के पास तैनात किया गया है, जिसे ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ सबसे बड़ी सैन्य तैनाती कहा है। इसके पहले 29 दिसम्बर को ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की ड्रग्स वाली नावों के लिए एक डॉकिंग एरिया पर हमला किया था, लेकिन उन्होंने हमले की जगह नहीं बताई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि अमेरिका वेनेजुएला में कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है और जमीन पर जल्द ही हमले शुरू होंगे। अक्टूबर में ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने CIA को वेनेजुएला के अंदर काम करने की इजाजत दी है, ताकि इस दक्षिण अमेरिकी देश से आने वाले अवैध प्रवासियों और ड्रग्स की बाढ़ पर रोक लगाई जा सके। क्या है वेनेजुएला और अमेरिका के बीच विवाद? वेनेजुएला अब तक की सबसे बड़ी नौसैनिक घेराबंदी का सामना कर रहा है. अमेरिका पिछले कई महीनों से कैरिबियन क्षेत्र में अपनी सेना को जमा कर रहा है. USS गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर भी इस अभियान में शामिल है. दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य जड़ तेल और गैस से जुड़ी है. हालांकि अमेरिका का ये भी आरोप है कि वेनेजुएला की सरकार अवैध ड्रग्स के कारोबार में लिप्त है जिसका बुरा प्रभाव अमेरिकी लोगों पर पड़ रहा है. अमेरिका ने 2025 में ऑपरेशन सदर्न स्पीयर चलाकर कैरिबियन सागर में वेनेजुएला से जुड़े कथित ड्रग तस्करी वाले जहाजों पर हवाई हमले भी किए. अमेरिकी नौसेना के विमान अब तक कम से कम 25 टैंकरों पर हमले कर चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का सीधा आरोप है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो खुद नशीली दवाओं की तस्करी के अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं. अमेरिका का दावा है कि मादुरो “नार्को-टेररिस्ट” संगठन चला रहे हैं और अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं. वेनेजुएला से आने वाली नावों को रोकने के लिए अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी लगाई है. अमेरिका ने वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों को जब्त किया है और कुछ पर हमला भी किया है. निकोलस मादुरो साल 2023 से ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद पर काबिज हैं. मादुरो अमेरिका और ट्रंप के विरोधी माने जाते हैं. अमेरिका का ये भी कहना है कि अमेरिका का ये भी कहना है कि वेनेजुएला का तेल असल में अमेरिका का है और वहां तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण चोरी था. अमेरिका का कहना है कि उनकी तकनीक और पूंजी से वेनेजुएला में तेल उद्योग खड़ा हुआ लेकिन सत्ता में आने के बाद निकोलस मादुरो ने इसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया. डोनाल्ट ड्रंप खुद ये कह चुके हैं कि वेनेजुएला को वह सारा तेल, जमीन और अन्य संपत्ति वापस करनी होगी जो पहले हमसे चुराई गई थी. वेनेजुएला का क्या कहना है? वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने आरोप लगाया है कि अमेरिका उसके तेल, सोना और अन्य संसाधनों पर कब्जा करने की … Read more

मध्य प्रदेश में दूषित पानी की समस्या को लेकर नया कदम, मोहन यादव ने लागू की वाटर सीवर गाइडलाइन

इंदौर  भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी नगर निगम और नगर पालिका के लिए वाटर सीवर गाइडलाइन लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत शहरी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी. सीएम मोहन यादव ने किया गाइडलाइन जारी इंदौर में बीते दिनों दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के नगर निगम और नगरीय निकायों के कार्यक्रम के दौरान एक गाइडलाइन जारी किया. केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियंत्रण संगठन (CPHEEO) द्वारा जारी जल आपूर्ति और उपचार नियमावली पर आधारित इस गाइडलाइन का अब शहरी और स्थानीय निकायों को पालन करना होगा. लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई अपर मुख्य सचिव नगरी प्रशासन संजय दुबे द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, अब पाइपलाइन रिसाव की पहचान और जल वितरण प्रणाली को 7 दिनों में सर्वे कर चिन्हांकन किया जाएगा. इसके अलावा पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाइपलाइन और नाली-सीवर के नीचे से गुजरने वाली पाइपलाइनों की पहचान कर 48 घंटे के भीतर मरम्‍मत करना जरूरी होगी. इसके साथ ही जल शोधन संयंत्र (WTP) तथा उच्‍च स्‍तरीय टंकियां की साफ-सफाई का 7 दिवस के अंदर निरीक्षण करना जरूरी होगा. वहीं सभी जल शोधन संयंत्रों, प्रमुख जल स्रोतों तथा उच्‍च स्‍तरीय टंकियों का तत्काल जल नमूना लेकर प्रशिक्षण कराया जाएगा. गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर सख्त एक्शन की चेतावनी वहीं प्लांट अथवा जलप्रपात क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों से संपर्क के लिए सूचना पटल और सार्वजनिक बोर्ड प्रदर्शित करने होंगे. जिस पर सभी अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर मौजूद रहेगा. इसके अलावा जल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों को इमरजेंसी श्रेणी में रखा जाएगा. जिसका निराकरण 24 से 48 घंटे में किया जाएगा. इसके साथ ही सी.एम हेल्‍पलाईन में गंदा/दूषित पेयजल तथा सीवेज से संबंधित प्राप्‍त शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जाएगी. इस मामले में नगरी प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि "इंदौर के अलावा प्रदेश भर में साफ-सुथरा पानी मुहैया कराया जा सके. इसके लिए गाइडलाइन तय की गई है. जिसका पालन सभी शहरी नगर निगम और नगर पालिका को करना होगा. गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होगी."