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हरियाणा में दवा के अधिक दाम वसूलने पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़. हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने दवा के अधिक दाम वसूलने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने ऐसे मामलों की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2413 जारी किया है। लोग इस पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा दवा की सही कीमत पता करने के लिए विभाग ने सही दाम मोबाइल एप भी शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा में दवा की अधिक कीमत वसूलने के एक साल में 33 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एनपीपीए (राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण) को पत्र लिखा है। इसके अलावा तीन ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें पैकेट पर अंकित एमआरपी निर्धारित कीमत से अधिक पाई गई। इन मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, राज्य सरकार आम जनता को सस्ती और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से हरियाणा में दवाओं की कीमतों की निगरानी की जा रही है। एनपीपीए के दिशा-निर्देशों के तहत हरियाणा में प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट व खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इन इकाइयों की जिम्मेदारी है कि आम नागरिकों को दवाएं सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध हों। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के आयुक्त मनोज कुमार ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं दवा की अधिक कीमत वसूली जाती है तो उसकी शिकायत दें।

हरियाणा के मानेसर भूमि घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने तय किए आरोप

चंडीगढ़. पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष न्यायालय ने मानेसर भूमि घोटाले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। आरोप तय होने के बाद अब इस बहुचर्चित घोटाले में 2 मार्च से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में स्टे होने के कारण पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व आईएएस राजीव अरोड़ा, एसएस ढिल्लों, छत्तर सिंह और एमएल तायल समेत कई अधिकारियों पर आरोप तय नहीं हो सके। 27 अगस्त 2004 में मानेसर, लखनौला और नौरंगपुर गांवों में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हुई थी। आरोप है कि बिल्डरों ने भूमि अधिग्रहण का डर दिखाकर किसानों को अपनी जमीन 20 से 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के बेहद कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर कर दिया गया था। इस मामले में सीबीआई ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई बिल्डर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। किसानों को हुआ था इतने का नुकसान साल 2007 में हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सरकार ने उक्त 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त कर दी थी. इससे किसानों को उस समय करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सीबीआई ने साल 2015 में जांच शुरू की और सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 80 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की. अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था. अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को “एक-एक पाई वसूलने” का निर्देश दिया था. 

माघ मेला शुरू, जानिए इस साल के पवित्र स्नान की तारीखें और उनके पुण्य लाभ

प्रयागराज  नए साल के आगमन के साथ ही साल 2026 को लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास उत्साह देखने को मिल रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह वर्ष सूर्य ग्रह के प्रभाव वाला माना जा रहा है, ऐसे में लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और कर्मों पर सूर्य की ऊर्जा का विशेष असर पड़ने की मान्यता है। इसी शुभ संयोग के साथ वर्ष की शुरुआत में लगने वाला माघ मेला भी आरंभ होने जा रहा है। यह मेला हर साल माघ मास में आयोजित किया जाता है और इसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा से मानी जाती है। माघ मेले के दौरान देश-विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज संगम पहुंचकर कल्पवास करते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में किया गया स्नान, दान और तपस्या अक्षय पुण्य प्रदान करती है। प्रशासन और मेला समिति द्वारा इसकी तैयारियां बीते कई महीनों से की जा रही थीं। करीब 40 से 45 दिनों तक चलने वाला यह भव्य धार्मिक आयोजन आस्था और परंपरा का अनूठा संगम माना जाता है। आइए जानते हैं माघ मेले के दौरान कौन-कौन सी तिथियां सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, जिन पर स्नान और दान का विशेष फल प्राप्त होता है। माघ मेला 2026 कब से कब तक रहेगा? वर्ष 2026 में माघ मेले की शुरुआत आज यानी 3 जनवरी 2025 से हो रही है। इस दिन पौष पूर्णिमा का पहला पवित्र स्नान किया जाएगा। यह मेला करीब 40 से अधिक दिनों तक चलेगा और इसका समापन 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि के दिन होगा। इस पूरे कालखंड में कई प्रमुख स्नान पर्व, धार्मिक अनुष्ठान और त्योहार मनाए जाएंगे, जिनमें मकर संक्रांति और माघ पूर्णिमा विशेष महत्व रखते हैं। संगम स्नान का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यता है कि माघ मेले के दौरान संगम में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार माघ माह में किया गया स्नान, दान और जप कई गुना फल देता है। इसी कारण इस दौरान साधु-संत, कल्पवासी और श्रद्धालु संगम तट पर निवास कर साधना, ध्यान और पूजा-पाठ करते हैं। कल्पवास और साधना का विशेष महत्व माघ मेले में कल्पवास का विशेष महत्व होता है। कल्पवासी इस पूरे माह संगम तट पर रहकर सात्विक जीवन अपनाते हैं। वे ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, सूर्य उपासना, हवन, जप और ध्यान करते हैं। माना जाता है कि इस दौरान की गई साधना से जन्म-जन्मांतर के बंधन समाप्त हो जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है। संगम स्नान का धार्मिक महत्व माघ मास में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. पुराणों के अनुसार माघ महीने में संगम में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.यह समय दान, जप, तप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम माना गया है. कल्पवास का महत्व कल्पवास माघ मेले की सबसे विशेष और पवित्र परंपरा है.कल्पवासी पूरे माघ मास संगम तट पर रहकर  सादा और संयमित जीवन व्यतीत करते हैं.इस दौरान वे ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करते हैं, एक समय सात्विक भोजन , भूमि पर शयन, जप, तप, ध्यान और दान, क्रोध, अहंकार और भोग से दूरी  बनाए रखते हैं शास्त्रों में कहा गया है कि एक माघ मास का कल्पवास हजारों वर्षों की तपस्या के समान फल देता है.विशेष रूप से उम्रदराज और गृहस्थ इस परंपरा का पालन करते हैं. माघ मेले की प्रमुख स्नान तिथियां माघ मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान पर्व आते हैं— 3 जनवरी – पौष पूर्णिमा (कल्पवास आरंभ) 14 जनवरी – मकर संक्रांति  21 जनवरी – मौनी अमावस्या (राजयोग स्नान) 30 जनवरी – बसंत पंचमी 5 फरवरी – माघी पूर्णिमा 15 फरवरी – महाशिवरात्रि (कल्पवास समापन) आस्था और संस्कृति का महापर्व माघ मेला भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत स्वरूप है.यहां संतों के प्रवचन, यज्ञ, भजन-कीर्तन और धार्मिक चर्चाओं से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है. माघ मेले में इन बातों का रखें विशेष ध्यान माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। इस समय मांस-मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। छल-कपट, क्रोध और गलत शब्दों के प्रयोग से बचें। स्नान करते समय मन को शांत रखें और हंसी-मजाक न करें। पूरे समय अच्छे विचार रखें और सात्विक जीवनशैली अपनाएं।

पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना में 65 लाख परिवारों को 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़. पंजाब सरकार 15 जनवरी को मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू करने जा रही है। सीएम भगवंत मान व आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके तहत यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पंजाब में हर परिवार का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करेगी। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संयम अग्रवाल और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मैथ्यू जॉर्ज ने एमओयू किया। माैके पर स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्थ स्कीम के तहत पहले मिलने वाला पांच लाख रुपये का हेल्थ कवरेज, जो कुछ खास कैटेगरी तक ही सीमित था, उसे दोगुना कर दिया गया है। इसलिए नई स्कीम का मकसद पंजाब के सभी निवासियों जिसमें सरकारी कर्मचारी और पेंशनर शामिल हैं, के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देना है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आय सीमा या अन्य क्राइटेरिया नहीं है। सिर्फ आधार और वोटर आईडी का इस्तेमाल करके कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिये रजिस्ट्रेशन को आसान बना दिया गया है। इसके बाद लाभार्थी को डेडिकेटेड एमएमएसवाई हेल्थ कार्ड मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। मंत्री के अनुसार कंपनी राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को हर परिवार को एक-एक लाख रुपये का हेल्थ कवर देगी। एक लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच की मेडिकल जरूरतों के लिए इंश्योरेंस स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा ट्रस्ट के आधार पर दिया जाएगा। यह स्कीम इनोवेटिव हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एमबीपी 2.2) को अपनाती है, जो 2000 से ज्यादा चुने हुए ट्रीटमेंट पैकेज के जरिये पूरी कवरेज पक्का करता है। 824 सूचीबद्ध अस्पताल देंगे सर्विस इस स्कीम के तहत, लाभार्थी 824 सूचीबद्ध अस्पतालों के एक मजबूत नेटवर्क का इस्तेमाल करके सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थकेयर सर्विस का फायदा उठा सकते हैं, जिसमें अभी 212 सरकारी हॉस्पिटल, केंद्र सरकार के आठ हॉस्पिटल और 600 से ज्यादा प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत लिस्टेड हॉस्पिटल की संख्या समय के साथ और बढ़ने की उम्मीद है।

पंजाब के CM मान आज 560 सब इंस्पेक्टरों को देंगे नियुक्ति पत्र

जालंधर. मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को जालंधर में नई भर्ती किए गए सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कार्यक्रम पीएपी कांप्लेक्स में होगा। मुख्यमंत्री शनिवार दोपहर जालंधर पहुंचेंगे। वह जिन 560 नव नियुक्त सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति सौंपने आ रहे हैं उनकी भर्ती की घोषणा नौ सितंबर 2021 को की गई थी। भर्ती परीक्षा सितंबर 2022 में हुई थी। नवंबर 2022 में फिजिकल टेस्ट और दस्तावेजों की जांच के बाद यह नाम चयनित हुए हैं। तकनीकी एवं सहायक सेवा वर्ग वाले सब इंस्पेक्टरों को अभी इंतजार करना पड़ेगा इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान तकनीकी एवं सहायक सेवा वाले 267 सब इंस्पेक्टर भी चयनित किए गए हैं। मुख्यमंत्री जनरल ड्यूटी के 560 सब इंस्पेंक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप देंगे, लेकिन 267 तकनीकी एवं सहायक सेवा वर्ग वाले सब इंस्पेक्टरों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के जालंधर दौरे से राजनीतिक हलचल भी रहेगी। वह पीएपी कैंपस में पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान सांसद सुशील रिंकू और विधायक भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री जालंधर में चल रहे विकास कार्यों पर डीसी और निगम कमिश्नर से रिपोर्ट ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चाहल ने कहा कि पुलिस की सुरक्षा चाक चौबंद है। हर तरफ निगरानी रखी जा रही है। पूरी नाकाबंदी करवाई जाएगी। सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। वहीं नगर निगम ने शहर में मेन सड़कों की सफाई के लिए टीमें लगा रखी हैं। पीएपी चौक के आसपास भी व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है।

बीसीसीआई ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टी-20 मैचों का प्रस्ताव नकारा, SLC चेयरमैन का बयान

मुंबई  श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने हाल ही में चक्रवात ‘दित्वाह’ से हुए भारी नुकसान और जनहानि के बाद राहत कार्यों के लिए भारतीय टीम के खिलाफ दो विशेष चैरिटी टी-20 मैचों का आयोजन करने का सुझाव दिया था। यह मुकाबले 27 और 29 दिसंबर को प्रस्तावित थे, ताकि इससे होने वाली कमाई का उपयोग प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जा सके। हालांकि, बीसीसीआई ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा के मुताबिक, व्यावसायिक मसलों पर दोनों बोर्डों के बीच समय पर तालमेल नहीं बैठ सका, जिसके कारण इन चैरिटी मैचों को रद्द करना पड़ा। भले ही चैरिटी मुकाबलों के लिए सहमति नहीं बनी, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम का पूर्व निर्धारित श्रीलंका दौरा प्रभावित नहीं होगा। अगस्त महीने में टीम इंडिया श्रीलंका का दौरा करेगी, जहां वह दो टेस्ट और दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला खेलेगी। शम्मी सिल्वा ने इस बात की पुष्टि की है कि यह द्विपक्षीय सीरीज अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इस दौरे के जरिए क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों देशों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। चक्रवात पीड़ितों की सहायता के लिए श्रीलंका बोर्ड ने अब अन्य विकल्पों पर ध्यान केंद्रित किया है। अगले सप्ताह दांबुला में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि राहत कोष में दी जाएगी। साथ ही भविष्य के लिए कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान को उन्नत बनाया जा रहा है, जिसमें भारत और इटली से मंगाए गए उपकरणों की मदद से नई फ्लडलाइट्स लगाई जा रही हैं। बोर्ड की योजना इस स्टेडियम की क्षमता बढ़ाने और यहां भविष्य में डे-नाइट टेस्ट आयोजित करने की है। बता दें कि साल 2026 के टी-20 विश्व के कुछ मैच श्रीलंका में भी खेले जाएंगे, जिसके लिए स्टेडियम को बेहतर बनाने की तैयारी चल रही है। श्रीलंका क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों को लेकर भी एसएलसी पूरी तरह सक्रिय है। कोलंबो स्थित ऐतिहासिक सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) मैदान का नवीनीकरण किया जा रहा है। श्रीलंका इसी मैदान पर 7 फरवरी को पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच होने वाले विश्व कप के पहले मुकाबले की मेजबानी करेगा। इसके अतिरिक्त इस मैदान पर चार और मैच खेले जाएंगे।

इंदौर नगर निगम में नया बदलाव: आईएएस क्षितिज सिंघल बने कमिश्नर, भागीरथपुरा कांड के बाद दिलीप यादव का स्थानांतरण

 इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों की मौत के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया है। इनकी जगह पर अब आईएएस क्षितिज सिंघल नए आयुक्त होंगे। वे वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में सिंघल मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। दिलीप यादव के साथ ही अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और निगम के जल कार्य विभाग में पिछले 12 सालों से जमे प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल से हुई दुखद घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश के अन्य स्थानों में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए समयबद्ध सुधारात्मक कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी 16 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त, जिला कलेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर पूरे प्रदेश की समीक्षा की गई है।  

सीएम मान के नेतृत्व में पंजाब को मिला ‘टॉप अचीवर’ पुरस्कार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने आज व्यापार सुधार कार्य योजना (बी आर ए पी ) 2024 के अंतर्गत पंजाब को "टॉप अचीवर" पुरस्कार से सम्मानित किया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान पंजाब सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने भारत के पाँच प्रमुख सुधार क्षेत्रों — व्यवसाय प्रारंभ , निर्माण परमिट प्राप्तकर्ता, निवेश आकर्षण, क्षेत्र-विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ , और सेवा प्रबंधन— में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डी पी आई आई टी ) ने पंजाब को "टॉप अचीवर" घोषित करते हुए उसकी पारदर्शी, कुशल और निवेशक-हितैषी व्यावसायिक नीतियों की सराहना की है। यह सम्मान राज्य में व्यवसाय करने में सुगमता के क्षेत्र में पंजाब की अग्रणी भूमिका की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के चलते पंजाब निरंतर औद्योगिक विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पारदर्शी शासन, उद्योग-हितैषी नीतियाँ और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में लगातार निवेश आ रहा है। पंजाब के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल ने औद्योगिक निवेश को बड़ी गति दी है। मार्च 2022 में मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक राज्य को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 4.7 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति के कारण पंजाब आज अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों के परिणामस्वरूप पंजाब अब जापान, अमेरिका, जर्मनी, यू.के., यू.ए.ई., स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, और स्पेन जैसे विकसित देशों से भी निवेश आकर्षित कर रहा है। सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब न केवल भारत बल्कि विश्व के पसंदीदा निवेश स्थलों में तेजी से उभर रहा है। कारोबार करने में सुगमता के मामले में भी पंजाब अग्रणी स्थान पर है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा आरंभ किया गया ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम बन गया है, जो 150 से अधिक व्यावसायिक सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान करता है और ऑफलाइन आवेदन की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त करता है। पंजाब की यह उपलब्धि राज्य की उद्योग-हितैषी सोच, प्रशासनिक दक्षता और निवेशक विश्वास का प्रतीक है।

3 IAS व 5 IPS अधिकारियों को पंजाब सरकार ने दी पदोन्नति

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने 3 (IAS) अधिकारियों को पदोन्नत किया है। यह पदोन्नति 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। जिन अधिकारियों को प्रमोट किया गया है, उनमें घनश्याम थोरी, कुमार अमित और विमल कुमार सेतिया के नाम शामिल हैं। जिन्हें पंजाब सरकार में सचिव स्तर पर पदोन्नत किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि ये तीनों अधिकारी आगामी आदेशों तक अपने वर्तमान पदों पर कार्य करते रहेंगे और उच्च वेतनमान का लाभ प्राप्त करेंगे। इसी तरह पंजाब सरकार ने चार IPS अधिकारियों को आईजीपी पद पर पदोन्नति दी है। आईजीपी पद पर पदोन्नत होने वाले IPS अधिकारियों में जगदाले नीलांबरी विजय, राहुल एस., बिक्रम पाल सिंह भट्टी, राजपाल सिंह शामिल हैं, जबकि  इंदरबीर सिंह का नाम आईजीपी पद के लिए सील्ड कवर में रखा गया है, क्योंकि उनके विरुद्ध आपराधिक एवं विभागीय कार्यवाही लंबित है। यह सील्ड कवर केवल कार्यवाही के अंतिम निपटारे के बाद ही खोला जाएगा। एक IPS अधिकारी को ADGP पद पर पदोन्नति पंजाब सरकार के गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी किए हैं। जानकारी अनुसार कौस्तुभ शर्मा, IPS को यह पदोन्नति दी गई है। जबकि दो अधिकारियों के नाम सील्ड कवर में रखे गए हैं, जिनमें गौतम चीमा व परमराज सिंह उमरानंगल के नाम शामिल है। आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध लंबित मामलों के निपटारे के बाद ही सील्ड कवर खोला जाएगा।

इंदौर में हुई मौतों के मामले में CM मोहन यादव की कड़ी प्रतिक्रिया, ‘सीवर पानी वाले बैक्टीरिया’ की जांच जारी

इंदौर  देश के सबसे साफ और स्‍वच्‍छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई. शौचालय मिश्रित पानी पीने के कारण बीमार पड़े लोगों में से 200 अभी भी अस्‍पताल में भर्ती हैं, जबकि 32 आईसीयू में हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर के नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटा दिया और अतिरिक्त आयुक्त रोहित सिसोनिया को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई त्रासदी के मामले में सरकार की पहली बड़ी कार्रवाई है. इस घटना में 29 दिसंबर से लोग बीमार पड़ने लगे थे. स्‍थानीय लोगों ने इसके खिलाफ स्‍थानीय प्रशासन से शिकायत भी की थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने से कई परिवार उजड़ गए. इंदौर के भगिरथपुरा क्षेत्र में पानी की सप्लाई दूषित होने के कारण डायरिया और पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलीं. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस बीमारी से चार लोगों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाने का आदेश दिया. साथ ही अतिरिक्त नगर आयुक्त रोहित सिसोनिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दूसरी तरफ, इस मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सरकार ने हाई कोर्ट में 40 पन्नों की स्‍टेटस रिपोर्ट पेश की है. सरकार ने अदालत को बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और नए मामलों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हो रही . साथ ही मिनट-टू-मिनट निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है.  जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी – CM मोहन यादव   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से पैदा हुए संकट को लेकर अधिकारियों की लापरवाही की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य सरकार दूषित पेयजल के कारण इंदौर के भागीरथपुरा में हुई घटना में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में कड़े फैसले लिए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस घटना के बाद दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त रोहित सिसोनिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है. इसके साथ ही इंदौर नगर निगम के आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं. इंदौर में हुई मौतों के पीछे 'सीवर पानी वाले' बैक्टीरिया, अब तक क्या पता चला इंदौर में एक ऐसी त्रासदी सामने आई है जो दिल दहला देने वाली है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल ने कहर बरपाया है, जहां सीवर जैसी गंदगी वाले बैक्टीरिया पानी में घुस गए। इस पानी को पीने से कम से कम 10 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा मरीज अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। हजारों लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सब कुछ शुरू हुआ 25 दिसंबर से, जब लोगों ने पानी में अजीब सी बदबू और गंदगी की शिकायत की। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जांच में पता चला कि मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज था, और ऊपर बने एक शौचालय का गंदा पानी सीधे सप्लाई में मिल गया। लैब रिपोर्ट्स ने कन्फर्म किया कि पानी में वो बैक्टीरिया मिले जो आमतौर पर सीवर और मानव अपशिष्ट में पाए जाते हैं। महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि शुरुआती टेस्ट में असामान्य बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, लेकिन पूरी कल्चर रिपोर्ट का इंतजार है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'पिछले कई हफ्तों से समस्या थी, लेकिन 25 दिसंबर को हालात बिगड़ गए। पानी पीते ही पेट में आग सी लगती थी।' इंदौर जल त्रासदी मौतों का बढ़ता आंकड़ा और मरीजों की तादाद आधिकारिक तौर पर मौतें 4 बताई जा रही हैं, लेकिन मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने खुद माना कि उन्हें 10 मौतों की जानकारी है। स्थानीय लोग तो 14 तक का दावा कर रहे हैं। अब तक 2456 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त के शिकार हुए, 162 से अधिक अस्पताल में भर्ती। कई मरीज ICU में हैं, और इलाका लगभग खाली हो चुका है। परिवार वाले अपनों का इलाज कराने अस्पतालों में डेरा डाले हुए हैं। सरकार पर उठे सवाल, NHRC और हाईकोर्ट की सख्ती लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करने का खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया और मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस थमा दिया। दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने कहा, 'निवासियों ने कई दिनों से गंदे पानी की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।' इंदौर बेंच ऑफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी सरकार से घटना की पूरी डिटेल्स मांगी हैं। कोर्ट ने साफ पानी की सप्लाई और मरीजों का इलाज सुनिश्चित करने के आदेश दिए। सीएम की मदद और कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता और सभी मरीजों का मुफ्त इलाज घोषित किया। लीकेज ठीक करने, पाइपलाइन साफ करने और नई लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है। दूषित पानी पीने से बीमार पड़े लोगों का क्‍या है हाल सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 294 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. इनमें से 93 मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है. बाकी 200 मरीजों में से 32 अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी मरीजों को जरूरी इलाज दिया जा रहा है. जमीनी स्तर पर जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं. इन टीमों का उद्देश्य नए मरीजों की पहचान करना और बीमारी को फैलने से रोकना है. लोगों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां मुफ्त बांटी जा रही हैं ताकि लक्षण … Read more