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सेना के अस्पताल में लगा बड़ा मेडिकल कैंप, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने किया उद्घाटन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज आर्मी हॉस्पिटल में आयोजित विशाल मेडिकल कैंप का शुभारंभ किया। यह मेडिकल कैंप देश की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से आयोजित किया गया। शुभारंभ के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया तथा मरीजों के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने न केवल मरीजों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इस मेडिकल कैंप के माध्यम से पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को हृदय रोग, हड्डियों से संबंधित रोगों सहित विभिन्न चिकित्सकीय समस्याओं के उपचार और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और निष्ठा से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं और भारत निरंतर सशक्त बन रहा है। दिया कुमारी ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक की बेटी हूँ। अनुशासन, सेवा, त्याग और देशभक्ति के संस्कार बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं। सैनिक परिवारों का दर्द, संघर्ष और गौरव मैंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। इसलिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा मेरे लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और आत्मिक कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित होने वाले आर्मी डे समारोह की शुरुआत आज से इस मेडिकल कैंप के साथ की गई है। राजस्थान में पहली बार हो रही आर्मी डे परेड को लेकर आमजन में भारी उत्साह है। जयपुर में इस भव्य परेड का आयोजन होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर साउथ-वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिन्दरजीत कौर, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।  

डायरी में छुपा था जीवन बदल देने वाला राज़, प्रेमानंद महाराज ने खुद लिखा था

वृंदावन के श्री प्रेमानंद जी महाराज अक्सर जीवन और आध्यात्म से जुड़ी कई बातें साझा करते रहते हैं। उन्होंने हाल ही में जीवन का वो गहरा रहस्य भी बताया है, जो कहीं ना कहीं हम सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। महाराज जी कहते हैं कि ये बात उन्हें प्रभावित कर गई कि उन्होंने इसे अपनी डायरी तक में नोट कर लिया था। महाराज जी ने डायरी में क्या लिखा प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि वो अपनी डायरी में संत महापुरुषों की बातें नोट करते हैं। एक बात उन्हें इतनी प्रभावशाली लगी कि उन्होंने तुरंत उसे लिख लिया। ये बात थी कि आप जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं। आज जो भी कुछ आप अपने बारे में सोच रहे हैं, वो सब कुछ आपके लिए संभव हो सकता है। जैसा सोचोगे वैसा ही बनोगे महाराज जी कहते हैं कि वो अक्सर इसी बात को पढ़ते रहते थे कि जैसा बनना है वैसा सोचो, जैसा सोचोगे वैसा ही बनोगे। महाराज जी कहते हैं कि अगर आपने किसी चीज का प्रण कर लिया है और आपको खुद पर विश्वास है कि आप वो कर लेंगे, तो हर हाल में वो चीज संभव है। हमेशा पॉजिटिव सोच रखें महाराज जी आगे कहते हैं कि हमेशा पॉजिटिव सोच रखो। उदहारण के लिए अगर आप सोचते हैं कि इस जन्म में भगवान की प्राप्ति नामुमकिन है, तो गारंटी के साथ आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। देर से सही, पूरा होता है संकल्प प्रेमानंद जी कहते हैं कि उदाहरण के लिए अगर आपने ठान लिया है कि भगवत प्राप्ति आपको इसी जन्म में करनी है, तो संकल्प आपके भीतर बैठ जाएगा। किसी गलती की वजह से अगर इस जन्म में आपका संकल्प पूरा ना भी हो, तो अगले जन्म में आप उसे जरूर हासिल कर लेंगे। जिंदगी में लागू होता है ये सिद्धांत प्रेमानंद जी महाराज का बताया ये छोटा सा वाक्य, अगर आप अपनी जिंदगी में लागू कर लें, तो पूरी लाइफ बदल सकता है। किसी भी चीज की शुरुआत सबसे पहले आपके मन से होती है। वो कहते हैं ना कि मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। सोच बनाती है जीवन आपकी सोच ही कहीं ना कहीं आपका जीवन गढ़ती है। अगर आप सोचते पॉजिटिव हैं, तो देर से ही सही आपकी लाइफ भी ऐसी ही बनेगी। इसलिए बुरे समय में भी कोशिश करें कि बेहतर सोच रखें। क्योंकि आज जो आप सोच रहे हैं वो कल आपकी हकीकत भी बन सकता है।

गोल्ड कप ओपन चेस टूर्नामेंट: दौसा में रुद्रांश पंचोली की शानदार जीत

दौसा जिला शतरंज संघ और कार्तिकेय चैस ऐकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में गोल्ड कप ओपन चैस टूर्नामेंट विज़न क्लासेज आगरा रोड में हुआ। टूर्नामेंट को रुद्रांश पंचोली ने अविजीत रहते हुये 6 में से 5.5 अंक बनाकर जीता। उन्हें चमचमाती ट्रॉफी और एक साइकिल ईनाम में मिली। दूसरे स्थान पर आशीष छीपा रहे उन्हें एक मिक्सर जूसर और ट्रॉफी दी गई, उन्होंने 5 अंक बनाये। तीसरे स्थान पर धनञ्जय राजमिश्र रहे। उन्हे प्रेशर कुकर और ट्रॉफी मिली। इस टूर्नामेंट में एक रनिंग ट्रॉफी भी रखी गई है। जिसे तीन बार जीतने वाले खिलाडी को वह ट्रॉफी दी जायेगी। पूर्व में कुछ खिलाडी इसे एक-एक बार जीत चुके है।  अन्य विजेताओं को भी आकर्षक गिफ्ट हेम्पर ट्रॉफी के साथ दी गई। टूर्नामेंट में बेहतर परिणाम अर्जित करने वाले कार्तिकेय चैस ऐकेडमी के खिलाडी शिवांश शर्मा मिक्सर जूसर और ट्रॉफी जीतकर दूसरे स्थान पर रहे। युवराज मीना को कोल्ड वाटर कैंपर और ट्रॉफी हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। दिव्यांश शर्मा को हॉट केस और ट्रॉफी ईनाम में मिली। इस टूर्नामेंट में 6 चक्र 20+10 के टाइम कंट्रोल से खेले गये। सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरुप मैडल दिया गया।अध्यक्ष कृष्णगोपाल शर्मा ने बताया कि टूर्नामेंट में प्रविष्टि केवल दौसा जिले के खिलाड़ियों को ही दी गई।टूर्नामेंट के चीफ अर्बीटर मुकेश गुर्जर रहे। पारितोषक के. जी. शर्मा, गणेश जैमन, समता मीना, कार्तिकेय जोशी, कमलेश भादूका, पंकज मिश्र ने वितरित किए।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने टुंडली गांव में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का शिलान्यास किया

अंबाला हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज प्रात: अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुंडली और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि नया भवन पहले से बड़ा और भव्य होगा तथा अधिक श्रद्धालु भवन में बैठ पाएंगे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले अरदास में हिस्सा लिया और नींव पत्थर रखा। ”बोले सो निहाल” जयकारों के बीच श्रद्धापूर्वक गुरुद्वारे के भवन का नींव पत्थर रखा गया। इससे पहले, गांव टुंडली में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह व अन्य ने उनका स्वागत किया। मंत्री अनिल विज को सिरोपा पहनाकर उन्हें सम्मानित भी किया गया। गुरुद्वारा बाज साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा बाज साहिब का वर्तमान भवन कई दशक पुराना है और छोटा है। अब नया भवन पहले से बड़ा और भव्य बनाया जा रहा है जिसकी आज शुरूआत की गई है। इस अवसर पर गांव टुंडली से बाबा बचित्तर सिंह, बलबीर सिंह, रघुबीर सिंह, लखविंद्र सिंह, अजैब सिंह, कुलबीर सिंह, नायब सिंह, धीर सिंह के अलावा जसबीर सिंह जस्सी, सुदर्शन सिंह सहगल, रणधीर सिंह, रामबाबू याद, डा. ऋषिपाल, गुरप्रीत सिंह, जसमेर सिंह, रोशन सिंह बरनाला, उधम सिंह, गुरविंद्र सिंह, तरविंद्र सिंह बंटी, गुरदीप सिंह जनेतपुर, बलदेव सिंह, शमशेर सिंह, लाल सिंह, पाल सिंह, बलकार सिंह, रतन सिंह टुंडली, चौड सिंह, कुलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

तेल उत्पादन बढ़ाने में जूझेगा वेनेजुएला, इस देरी से भारत की ऑयल कंपनियों को हो सकता है फायदा

नई दिल्ली वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, लेकिन इसके बावजूद वहां तेल का उत्पादन बहुत कम है। इसकी मुख्य वजहें तकनीकी ज्ञान की कमी, कम निवेश, राजनीतिक दखल, खराब प्रबंधन, भ्रष्टाचार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हैं। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक इन कारणों की वजह से वेनेजुएला अपने तेल भंडार का सही उपयोग नहीं कर पा रहा है। नए साल की शुरुआत में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर हमला करने के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पीएल कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है कि मादुरो वर्ष 2013 में राष्ट्रपति बने थे और तब से वे ज्यादातर फैसले अध्यादेशों के जरिए लेते रहे हैं। हालिया घटनाक्रम के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कुछ समय के लिए अस्थिरता देखने को मिल सकती है। पीएल कैपिटल के रिसर्च एनालिस्ट स्वर्णेंदु भूषण ने कहा कि वेनेजुएला के पास सबसे बड़ा तेल भंडार है, जो अनुमानित 303.8 अरब बैरल (2020) है। इसके बाद सऊदी अरब का स्थान आता है, जिसके पास लगभग 297.5 अरब बैरल तेल का भंडार है। इसके बाद कनाडा, ईरान और इराक के पास क्रमशः 168.1 अरब बैरल, 157.8 अरब बैरल और 145 अरब बैरल तेल है, जो वेनेजुएला और सऊदी अरब से काफी कम हैं। वहीं, अगर तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो दुनिया में सबसे ज्यादा तेल खपत करने वाला देश अमेरिका है, जिसके पास मात्र 68.8 अरब बैरल का तेल भंडार है, जो बहुत कम है। इतना बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद वेनेजुएला का तेल उत्पादन निराशाजनक है। नवंबर 2025 में वेनेजुएला में प्रतिदिन केवल 10 लाख बैरल तेल का उत्पादन हुआ। इसके मुकाबले अमेरिका में रोजाना लगभग 1 करोड़ 37 लाख बैरल और सऊदी अरब में 97 लाख बैरल तेल का उत्पादन हुआ। भूषण ने कहा कि वेनेजुएला का मौजूदा उत्पादन, एक दशक पहले के उत्पादन का केवल एक-तिहाई रह गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1970 में वेनेजुएला दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल था। उस समय वहां प्रतिदिन 37 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता था, जो उस दौर में अमेरिका के 117 लाख बैरल प्रति दिन और तत्कालीन सोवियत संघ के 71 लाख बैरल प्रति दिन से पीछे था, लेकिन उस समय भी सऊदी अरब के 39 लाख बैरल प्रति दिन के बाद वेनेजुएला का अहम स्थान था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा कोई जादुई तरीका नहीं है जिससे वेनेजुएला का तेल उत्पादन अचानक बढ़ जाए। उत्पादन में सुधार के शुरुआती संकेत दिखने में भी कम से कम तीन से छह महीने लग सकते हैं। कम समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकता है। रूस और चीन की प्रतिक्रिया के आधार पर तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी भी संभव है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल होने के कारण मौजूदा हालात में भारत की तेल खोज और उत्पादन करने वाली कंपनियों ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को फायदा हो सकता है। वहीं, तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) कम तेल कीमतों के कारण अपनी कमाई बनाए रख सकती हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि हाल ही में सिगरेट पर टैक्स बढ़ाए जाने के बाद पेट्रोल और डीजल पर भी टैक्स बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो तेल कंपनियों को इसका बोझ उठाना पड़ सकता है। इसलिए मौजूदा स्थिति में निवेश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तोरखम सीमा बंद होने से नाराज़ लोग सड़कों पर, खैबर पख्तूनख्वा में विरोध

इस्लामाबाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के लांडी कोटल इलाके में अपनी मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। लोगों की मांग है कि तोरखम बॉर्डर को फिर से तुरंत खोल दिया जाए। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार रविवार को ऑल बॉर्डर्स कोऑर्डिनेटर्स काउंसिल के बैनर तले लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, कबीलाई बुजुर्ग, दिहाड़ी मजदूर, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और सिविल सोसायटी के लोग शामिल रहे। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अक्टूबर से अफगानिस्तान के साथ बॉर्डर बंद होने से सीधे तौर पर प्रभावित हुए अलग-अलग संगठनों और ग्रुप्स के प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, लोगों ने कहा कि तोरखम बॉर्डर बंद होने की वजह से हजारों लोगों की आर्थिक रूप से हत्या हुई है। इनमें से ज्यादातर वो लोग थे जो पूरी तरह से बॉर्डर पार के व्यापार पर निर्भर थे। उन्होंने तोरखम बॉर्डर को मध्य एशिया का एक जरूरी बिजनेस गेटवे बताया और कहा कि यह बॉर्डर क्रॉसिंग हजारों परिवारों के लिए एक आर्थिक हब का काम करता था और इसी से उनकी रोजी-रोटी जुड़ी हुई थी। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, बॉर्डर बंद होने से शहर में सभी कमर्शियल गतिविधियां बंद हो गई हैं। लोगों ने कहा कि बॉर्डर बंद होने से सैकड़ों परिवारों को बहुत ज्यादा गरीबी और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपना गुजारा करने के लिए लोन लेने पर मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान से अपील की है कि वे आपसी व्यापार को राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों से न जोड़ें और लोगों को बॉर्डर के दोनों तरफ बार-बार आने-जाने दें। उन्होंने कहा, "हम यह भी मांग करते हैं कि प्रभावशाली कबायली बुजुर्गों और व्यापार प्रतिनिधियों को भविष्य में पाक-अफगान शांति और व्यापार बातचीत का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने पहले भी दोनों देशों के बीच मुश्किल मुद्दों को सुलझाने में हमेशा मदद की है।" पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में यह खबर आई थी कि पाकिस्तान में दिहाड़ी मजदूरों और कुलियों को तोरखम बॉर्डर के लगातार बंद होने की वजह से आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव के कारण इन लोगों की पार्ट-टाइम नौकरियां चली गई थीं। इनमें से ज्यादातर मजदूर पंजाब और सिंध में नौकरी ढूंढ रहे हैं, जबकि दूसरों ने अपने रोज के खर्चों को चलाने के लिए रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे उधार लिए हैं। स्थानीय मीडिया ने बताया कि उनके पास फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं। इसकी वजह से उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है और कुछ लोगों ने हालात से उबरने के लिए ड्रग्स लेना शुरू कर दिया है। डॉन के अनुसार, मंसूर अली ने कहा कि गरीबी की वजह से उसने अपना एफएससी कंप्यूटर साइंस कोर्स बीच में ही छोड़ दिया। शख्स ने थोड़े से पैसे में बॉर्डर पॉइंट और टैक्सी स्टैंड के बीच अफगान और पाकिस्तानी नागरिकों का सामान ढोना शुरू कर दिया। तोरखम लेबरर्स एंड पोर्टर्स एसोसिएशन के नेता अली शिनवारी को डर है कि युवा बेरोजगार मजदूर प्रतिबंधित आतंकवादी समूह में शामिल हो सकते हैं। आतंकी संगठन ऐसे निराश युवाओं की खराब हालत का फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमें यह भी डर है कि कुछ युवाओं को ड्रग पेडलर के तौर पर काम पर रखा जाएगा क्योंकि नारकोटिक्स डीलर उन्हें अच्छी तनख्वाह देते हैं।" पिछले साल अक्टूबर में, पाकिस्तानी सेना के डूरंड लाइन के पास हमले करने के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ सभी व्यापार रूट बंद कर दिए थे। पाकिस्तान के हमलों के जवाब में, अफगान सेना ने भी हमले किए। व्यापार का रूट बंद होने के बाद, अफगानिस्तान के आर्थिक मामलों के उपप्रधानमंत्री, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर अखुंद ने उद्योगपतियों और व्यापारियों से पाकिस्तान के बजाय दूसरे व्यापारिक मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की।

समाधान योजना में लापरवाही पर ट्रांसफर नहीं डिमोशन होगा: ऊर्जा मंत्री तोमर

किसानों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें मंत्री ने की समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा भोपाल समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने तथा कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं डिमोशन किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्री श्री तोमर ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की। समाधान योजना में अव्वल आने पर मिलेंगे 50 हजार ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रूपये का इनाम दिया जायेगा। कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार रूपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जायेगी। 2 लाख से अधिक के बकायादारों से सीई,एसई बात करें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रूपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें। अभी तक जमा हुये 578 करोड़ रूपये समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपये जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा। सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जायें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है। इस दौरान एम.डी. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनय द्विवेदी, एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 नवाचारों का किया शुभारंभ

ऊर्जा मंत्री ने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी किया उद्घाटन भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से बिजली उपभोक्ताओं, पेंशनधारकों एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिये पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तीन नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। मंत्री श्री तोमर ने नालंदा अभिलेख कक्ष, क्यूआर फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ और पेंशन मित्र पुस्तिका का विमोचन किया। नालंदा अभिलेख कक्ष (रिकॉर्ड रूम) मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा आधुनिक एवं कम्प्यूटरिकृत रिकॉर्ड रूम तैयार किया गया है। रिकॉर्ड को नमी, धूप, शीलन, दीमक और जीर्ण-शीर्ण होने से बचाने के लिये उच्च गुणवत्ता के प्लास्टिक बॉक्स में रखा गया है। रिकॉर्ड का वर्गीकरण करते हुए विभागवार अलग-अलग रैक्स में इंडेक्सिंग की गई जिससे कम्प्यूटर में आसानी से सर्च किया जा सकता है। दूसरी ओर मुख्यालय में पुराना रखा हुआ रिकॉर्ड अब एक ही छत की नीचे होगा और सभी कार्यालयों के कॉरिडोर और स्टोर रूम साफ-सुथरे और व्यवस्थित होंगे। रिकॉर्ड रूम में कैमरे और फायर सेफ्टी यंत्र लगाये गये हैं। रिकॉर्ड रूम में मानव संसाधन विभाग की 7000, कार्य विभाग के 6000, क्रय एवं भण्डार के 4500, वाणिज्य विभाग के 6000, वित्त विभाग के 3000 एवं अन्य विभागों के लगभग 6000 इस प्रकार कुल लगभग 32,000 से अधिक फाईलों का संधारण किया गया है। रिकॉर्ड रूम बनाने से महत्वपूर्ण फाइलें, रजिस्टर, आदेश, नक्शे आदि सुरक्षित रहेंगे हैं। आग, नमी, दीमक, चोरी एवं क्षति से संरक्षण संभव हो सकेगा। क्यू आर फीडबैक प्रणाली मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के तकनीकी नवाचार क्यूआर फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया है। इसे कंपनी के सभी कार्यालयों जैसे वितरण केंद्र, सब-स्टेशन, उप संभाग, संभाग, लेखा कार्यालय, वृत्त, क्षेत्रीय कार्यालय, कॉर्पोरेट कार्यालय के परिसर में उपभोक्ताओं के सुलभ स्थान जैसे मेन गेट, सूचना पटल, कॉरिडोर, उपभोक्ता काउंटर एवं अधिकारियों/ कर्मचारियों के केबिन के बाहर चस्पा किया जायेगा। इसमें उपभोक्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके मात्र 1 से 2 मिनट में अधिकारियों/ कर्मचारियों के व्यवहार, उनकी कार्य प्रणाली और कार्यालयीन स्वच्छता के बारे में अपने अनुभव और सुझाव सीधे प्रबंधन तक पहुँचा सकेंगे। यह प्रणाली शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सकारात्मक सुझावों और अनुभवों के आधार पर समग्र सेवा-गुणवत्ता एवं व्यवस्था में सुधार लाने का साधन बनेगी। 'पेंशन मित्र' पुस्तिका मंत्री श्री तोमर ने कहा कि 'पेंशन मित्र' पुस्तिका कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। यह पुस्तिका पेंशन संबंधी नियमों, आदेशों और प्रक्रियाओं को सरल, सहज और एकीकृत रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे पेंशनधारकों को भटकना न पड़े और उन्हें अपने अधिकारों की स्पष्ट जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। साथ ही पेंशन मित्र पुस्तिका का एआई आधारित डिजिटल चैटबॉट का भी शुभारंभ किया गया है, जिसमें पेंशनधारक पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, भत्ते एवं अन्य लाभ से संबंधित कोई भी सवाल पूछेंगे तो जरूरत के मुताबिक अनुकूल उत्तर तुरंत मिलेगा, जो उनके प्रकरणों के निराकरण में सुविधाजनक होगा। सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट मंत्री श्री तोमर ने कहा कि म. प्र. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमि., जबलपुर द्वारा सिंथेटिक टेनिस कोर्ट का उद्घाटन किया गया है, जो टेनिस खेलने वाले खिलाडियों के लिए वरदान साबित होगा, साथ ही इससे नये खिलाड़ी भी खेलने के लिए प्रेरित होंगे। पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रयासों एवं सभी नवाचारों के लिये ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी तथा उनकी टीम के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  

प्रसूति स्वास्थ्य में ऐतिहासिक बदलाव: पंजाब सरकार की पहल से आम आदमी क्लीनिक बने गर्भवती महिलाओं का सहारा

चंडीगढ़ आने वाली पीढ़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रसूति स्वास्थ्य देखभाल को सफलतापूर्वक विकेंद्रित किया है और आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) गर्भवती महिलाओं के लिए नई जीवन रेखा के रूप में उभर रहे हैं। एक विशेष प्रोटोकॉल-आधारित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू करने के मात्र चार महीनों के अंदर सेवाएं हासिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और हर महीने लगभग 20,000 गर्भवती महिलाएं इन क्लीनिकों में पहुंच रही हैं। इस पहल की सफलता को साझा करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पहले ही एक यूनिक रैफरल सिस्टम के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 500 निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को सूचीबद्ध करके राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को विभिन्न स्कैन: जिनकी कीमत आम तौर पर 800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होती है – की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। इस सुविधा से मात्र 120 दिनों के छोटे समय में पंजाबी परिवारों को अनुमानित 1 करोड़ रुपये की बचत हुई है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाओं ने अपना पहला एंटे-नेटल चेक-अप करवाया है और लगभग 60 प्रतिशत से कम ने सिफारिश अनुसार पूरे चार चेक-अप करवा लिए हैं, जबकि राज्य में माताओं की मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 90 रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इन आंकड़ों ने राज्य भर में एक व्यापक, पहुंचयोग्य गर्भावस्था देखभाल मॉडल की तुरंत आवश्यकता को उजागर किया। पंजाब में हर साल लगभग 4.3 लाख प्रसव होते हैं, जिससे माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जल्दी पता लगाना, नियमित निगरानी और समय पर रैफरल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले तीन सालों में, मान सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जो पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभरे हैं, जिसमें 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट और रोजाना लगभग 70,000 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, सरकार ने लगभग चार महीने पहले ए.ए.सीज़. के माध्यम से एक विस्तृत, प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू किया। इस सुधार के तहत, सभी जरूरी एंटे-नेटल चेक-अप अब आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध हैं। इनमें एच.आई.वी. और साइफिलिस स्क्रीनिंग, खून के सभी टेस्ट, शुगर, थायरॉइड, हेपेटाइटिस, भ्रूण की दिल की धड़कन, कोलेस्ट्रॉल और हीमोग्लोबिन मूल्यांकन जैसे रूटीन और महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं। यदि अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है तो ए.ए.सी. डॉक्टर द्वारा रैफरल स्लिप जारी की जाती है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि, लगभग 5,000 महिलाओं को हर महीने उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में पहचाना जा रहा है ताकि निरंतर ट्रैकिंग, केंद्रित सहायता और विशेषज्ञ देखभाल के लिए उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए समय पर रैफरल किया जा सके। इस सुधार से मरीज के अनुभव में भी काफी सुधार हुआ है। महिलाएं अब गर्भावस्था से संबंधित ज्यादातर टेस्ट अपने घरों के नजदीक ही करवा सकती हैं, जिससे बड़े अस्पतालों में जाना और लंबी कतारों की परेशानी से बचते हुए मिनटों में चिकित्सकीय सलाह ले सकती हैं और बिना किसी वित्तीय बोझ के अल्ट्रासाउंड सेवाओं तक पहुंच कर सकती हैं। जन्म से पहले की पहली जांच से लेकर जन्म के बाद के फॉलो-अप तक, यह पहल तकनीकी, मानक क्लीनिकल प्रोटोकॉल, रैफरल प्रणालियों और कम्युनिटी-स्तरीय सहायता को एकीकृत करके पूरी गर्भावस्था देखभाल को मजबूत बनाती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कहा कि यह पहल जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई के तहत, पंजाब एक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हर मां को घर के नजदीक मानक देखभाल मिले। सालाना 4.3 लाख गर्भावस्थाओं के साथ, आम आदमी क्लीनिकों में गर्भावस्था देखभाल सेवाओं का विस्तार एक परिवर्तनकारी कदम है और भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।” सरकार का मानना है कि यह पहल पिछले कुछ सालों में माताओं और बच्चे के स्वास्थ्य में पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला भौगोलिक स्थिति, आय या जागरूकता की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही राज्य भर में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए स्वास्थ्य परिणामों में लगातार सुधार किया जा रहा है।

ठंड से कांपा झारखंड, शीतलहर के चलते 8 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी, मौसम विभाग की चेतावनी

रांची  झारखंड में नए साल के साथ शुरू हुआ अत्यधिक सर्दी का सितम बरकरार है। ठंड और शीतलहर ने जनजीवन बेहाल कर रखा है। ऐसे मौसम में स्कूल जाने वाले छात्रों को जिला प्रशासन की ओर से बड़ी राहत दी गई है। 8 जनवरी तक राज्य के सभी स्कूल बंद ठंड और शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। विभाग ने 6 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2026 तक प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी कक्षाएं बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश राज्य में चल रहे सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) और निजी स्कूलों पर लागू होगा। कोई स्कूल अगर इसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियम उल्लंघन के चलते कार्रवाई की जाएगी। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी इन दिनों स्कूल आएंगे और अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए गैर-शैक्षणिक कार्य करेंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में किसी स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षा निर्धारित है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकारी अपने स्तर से परीक्षा संचालन को लेकर फैसला ले सकते हैं। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार झारखंड में भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने 5, 6 और 7 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने का पूर्वानुमान जारी किया है जिससे आगामी तीन-चार दिनों तक ठंड का असर बढ़ने की पूरी संभावना है। बीते रविवार को राजधानी में दिनभर धूप-छांव की आंख मिचौली देखने को मिली। खिली धूप नहीं रहने से ठंड का असर देखने को मिला। वहीं, जिले के बाहरी क्षेत्रों में अहले सुबह घने कोहरे का असर भी दिखा। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालांकि, शीतलहर होने के बावजूद लोगों की भीड़ शहर के पार्कों में देखने को मिल रही है।