samacharsecretary.com

अंबेडकर कामधेनु योजना एवं स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 का प्रभावी रूप से संचालन सुनिश्चित करें : राज्यमंत्री

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने सोमवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 के क्रियान्वयन को लेकर भी गहन चर्चा की। राज्यीमंत्री श्री पटेल ने योजना एवं नीति के प्रभावी संचालन, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा पशुपालकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

देश के दिल से जुड़ें, मध्यप्रदेश है अनंत संभावनाओं का केंद्र हम निवेशकों के लिए तैयार कर रहे हैं आदर्श वातावरण अपने आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार है निवेशकों के साथ जयपुर में हुआ राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट-2026   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आईडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है।  समिट में मध्यप्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्यप्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है। सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज श्री सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। … Read more

खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है : मालती राय

महापौर श्रीमती राय ने 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का किया उद्घाटन 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलने वाली स्पर्धा में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी ले रहे भाग, दिखाएंगे हुनर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा स्पार्धा का आयोजन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल जिले में 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। सोमवार को महापौर श्रीमती मालती राय ने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है। भोपाल आए वि‍भिन्न राज्यों के खिलाड़ियों से मेरा आग्रह है कि वे प्रतियोगिता के साथ-साथ भोपाल शहर का भ्रमण भी करें। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि भोपाल की पहचान झीलों की नगरी के रूप में है। खिलाड़ी बोट क्लब में जाकर शिकारा भ्रमण का आनंद लें। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने भोपाल आए सभी खिलाड़ियों का स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया। इससे पूर्व विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपने-अपने दल के साथ परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। 32 राज्यों के 1051 प्रतिभागी ले रहे भाग पर्धा में उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, केरल, झारखंड, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, गोवा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश सहित देश के 32 राज्यों के 880 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें 433 बालक एवं 447 बालिका खिलाड़ी शामिल हैं। साथ ही 171 कोच भी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 1051 प्रतिभागी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। तीन जगहों पर हो रही स्पर्धा 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग स्पगर्धा का आयोजन 3 जगहों पर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी, बिसनखेड़ी में पीप एवं पिस्ट्ल साइड, बाल भवन श्यामला हिल्सा में ओपन साइड एवं सरस्वती शि‍शु मंदि‍र शारदा विहार में केरवा डेम रोड में ओपन साइड स्पर्धा शामिल है।

वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये चलेगा ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II

प्रदेश में 10 जनवरी से 15 फरवरी तक वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II अभियान चलाया जायेगा भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाडे ने वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये 10 जनवरी से 15 फरवरी तक ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II चलाये जाने के आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश में वाइल्ड ट्रैप-II में कार्यवाही करने के लिये प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व, 63 सामान्य वन मण्डल एवं 11 परियोजना मण्डलों ने वन्य-जीवों के अवैध शिकार के शिकारियों तथा मांस के शौकीन व्यक्तियों द्वारा अपनाये जाने वाले फंदा, विद्युत करंट, स्नेयर ट्रैप, खटका जैसे साधन से शिकार करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन वाइलड लाइफ-II चलाया जायेगा। श्री अंबाडे ने दिशा-निर्देशों में कहा है कि ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैक-II में प्रदेश के प्रत्येक वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में एक उप वन मण्डल स्तर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये, जो ऑपरेशन से संबंधित निर्धारित प्रारूप में जानकारी एक सप्ताह में ऑनलाइन दर्ज करेगा। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप- II की अवधि एक माह 5 दिवस की होगी। सम्पूर्ण वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में सघन गश्ती दिन और रात्रि में सप्ताह में न्यूनतम 3 दिवस परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधीनस्थ 2 दिवस वन मण्डलाधिकारी, उप वन मण्डलाधिकारी और एक दिवस क्षेत्र संचालक, मुख्य वन संरक्षक अनिवार्य रूप से करेंगे। इनमें सभी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। गश्ती के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों एवं शिकारी, घुमक्कड़ समुदाय के डेरों की चेकिंग, सर्चिंग की जाये। सर्चिंग के दौरान निकटतम डॉग स्क्वाड दस्ता भी साथ रखे जायें और मेटल डिटेक्टर उपकरण का भी उपयोग किया जाये। गश्ती के दौरान वन राजस्व सीमा से लगे वन क्षेत्र एवं कृषि क्षेत्र की बागड़/फैंसिंग में सर्चिंग की कार्यवाही की जाये। प्रदेश में वर्तमान में 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड एवं एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वाड कार्यरत हैं। इनकी सहायता से वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र से जाने वाली विद्युत लाइन के नीचे या उसके समीप गश्ती की जाये तथा आवश्यकता अनुसार स्थानीय विद्युत विभाग के अमले को भी साथ में रखा जाये। शिकार के लिये लगाये गये फंदे, फैलाये गये विद्युत करंट वायर, वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र पर पाये जाने पर प्रकरण में आये साक्ष्यों के आधार पर विधिवत जप्ती कर अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। संबंधित ग्रामों में वन्य-प्राणी के अवैध शिकार को रोकने के लिये प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही ग्राम, नगर में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी लेकर उसे वन परिक्षेत्र में संधारित आरोपी निगरानी पंजी में दर्ज किया जाये। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II के अंतर्गत वन मण्डल/टाइगर रिजर्व/वन विकास मण्डल में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा प्रतिदिन वन मण्डलाधिकारी या सक्षम अधिकारी करेंगे। प्रत्येक सप्ताह संबंधित मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्र संचालक, क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक द्वारा मॉनीटरिंग की जायेगी। प्रत्येक 7 दिवस में की गई कार्यवाही की जानकारी मुख्यालय को भेजा जाना सुनिश्चित किया जाये।  

हिमाचल में रैगिंग पर सख्ती: मुख्यमंत्री ने पीड़ित छात्रा के लिए न्याय का किया वादा

शिमला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज की एक छात्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता दर्शाते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रा के माता-पिता से फोन पर बात की और गहरी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर अशोक कुमार और तीन अन्य छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक उपाय के तौर पर, एसोसिएट प्रोफेसर को जांच के नतीजे आने और अनुशासनात्मक कार्रवाई होने तक निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पारदर्शी, गहन और समयबद्ध जांच के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि सरकार परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी है और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी दोषियों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाए। एक दिन पहले, सरकार ने विभागीय जांच के नतीजे आने तक एसोसिएट प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया था। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आदेशों में कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान अशोक कुमार का मुख्यालय शिमला स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय में रहेगा और वे उच्च अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।

ई-केबिनेट एप्लीकेशन : मंत्री एवं भारसाधक सचिवों को मिलेंगे टैबलेट

 भोपाल राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करते हुए मंत्रि-परिषद की 6 जनवरी को आयोजित होने वाली बैठक में समस्त मंत्रीगण एवं भारसाधक सचिव को टेबलेट प्रदाय किए जा रहे हैं। बैठक में मंत्रि-परिषद सदस्य एवं भारसाधक सचिव को ई-केबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में प्रस्तुतीकरण एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकें। प्रारंभिक चरण में कुछ मंत्रि-परिषद् बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल-दोनों फार्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके उपरांत यह पूर्णतः डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। ई-केबिनेट एप्लीकेशन एक आधुनिक तकनीक, कागज रहित , सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली है, जिससे मंत्रीगण कभी भी कहीं भी अपनी सुविधा अनुसार मंत्रि-परिषद् की कार्यसूची देख सकेंगे। ई-केबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की भी बचत होगी। साथ ही ई-केबनेट एप्लीकेशन के माध्यम से पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन भी देखा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1960 से अभी तक के सभी मंत्रि-परिषद् निर्णयों को डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अग्रेषित विषयों पर प्राथमिकता से करें कार्यवाही : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित उन प्रस्तावों की समीक्षा की, जिन्हें अभिमत के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अग्रेषित किया गया है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला से चर्चा कर संबंधित प्रकरणों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विषयों पर त्वरित रूप से अग्रिम कार्यवाही की जा सके।  

इतिहास और राष्ट्रगौरव की चेतना का स्रोत बनेगा पीएम मोदी का लेख: स्वामी अवधेशानंद गिरि

नई दिल्ली पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने सोमवार को सोमनाथ विध्वंस के 1,000 साल पूरे होने पर पीएम मोदी के पोस्ट पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आपका यह लेख आने वाली पीढ़ियों में इतिहास-बोध और राष्ट्र-गौरव के जागरण का सबल माध्यम सिद्ध होगा। पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री, आपका यह आलेख स्मरण कराता है कि सोमनाथ केवल एक तीर्थ ही नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा का प्रतीक है। समय-समय पर आए प्रहारों के बीच भी जिस श्रद्धा और समर्पण ने इसे पुनः उठाया, वही हमारी सभ्यता का अदम्य साहस है। आपका यह लेख आने वाली पीढ़ियों में इतिहास-बोध और राष्ट्र-गौरव के जागरण का सबल माध्यम सिद्ध होगा।" उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले विदेशी आक्रमणकारी गजनी के महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया था। ये आक्रमण हमारे मंदिर पर नहीं था, ये हमारी संस्कृति और उस संस्कृति पर था जो पूरा देश अपना मानता है। तब से मंदिर निर्माण के अनेक प्रयास हुए हैं। लगभग 75 वर्ष पहले इसका निर्माण हो पाया था। आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लेख भारत के गौरवशाली अतीत का स्मरण करता है। मशहूर आध्यात्मिक गुरु और पद्म भूषण से सुशोभित श्री एम ने कहा कि सोमनाथ का ज्योतिर्लिंग शुद्ध प्रकाश से बना है और उसे कोई भी नष्ट नहीं कर सकता। लगभग 1,000 वर्ष पूर्व, महमूद गजनी ने सोमनाथ को तोड़ा और उजाड़ा था, जिस दिन को हम आज पीड़ा के साथ स्मरण करते हैं। लेकिन क्या सोमनाथ को, जो स्वयं एक ज्योति है, नष्ट किया जा सकता है? आज भी हम गुजरात में सोम के भगवान को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी के विचार से सहमत हूं। 1299 में अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति अलाफ खान ने फिर मंदिर को नष्ट किया और मूर्ति के टुकड़े दिल्ली ले गया। कुछ सालों बाद हिंदू शासकों ने इसे फिर से खड़ा किया। 1394 में गुजरात के गवर्नर मुजफ्फर खान ने मंदिर को तोड़ा। 1459 में महमूद बेगड़ा ने भी सोमनाथ को अपवित्र किया। इसके बावजूद मंदिर किसी न किसी रूप में विद्यमान रहा। बता दें कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने के लिए गुजरात के सोमनाथ मंदिर में सालभर कई कार्यक्रम होंगे। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि 8 से 11 जनवरी तक मंदिर परिसर में कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

पीएम की ओर से अजमेर दरगाह में चादर चढ़ाने पर नहीं लगेगी रोक, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली अजमेर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर सालाना उर्स के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की ओर से चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले का अजमेर कोर्ट में चल रहे मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत फैसला नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों का अजमेर की अदालत में दरगाह द्वारा शंकर मोचन महादेव मंदिर पर कथित "अवैध कब्जे" के संबंध में लंबित मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह याचिका विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने दायर की थी। याचिका में कहा गया कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में पहली बार अजमेर शरीफ में चादर चढ़ाने की परंपरा शुरू की थी और इसके बाद हर साल यह परंपरा निभाई जाती रही, लेकिन यह प्रथा ना तो किसी कानून में लिखी है और ना ही यह संविधान के अनुरूप है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि इस दरगाह के स्थान पर पहले एक प्राचीन शिव मंदिर था। इस विषय पर पहले ही अजमेर कोर्ट में एक मामला विचाराधीन है। ऐसे में याचिकाकर्ता का तर्क था कि पेंडिंग केस के दौरान चादर चढ़ाने की परंपरा उस मामले को प्रभावित कर सकती है। गौरतलब है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स पर 22 दिसंबर को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की ओर से अजमेर दरगाह में चादर और फूल चढ़ाए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने सम्मान के प्रतीक के रूप में पवित्र दरगाह पर चादर चढ़ाई। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की तरफ से अलग चादर चढ़ाई थी।

बिजली चोरी के खिलाफ संभल में बड़ा अभियान, डीएम-एसपी की मौजूदगी से मचा हड़कंप

संभल यूपी के संभल में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब 4 बजे जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान चलाया। यह कार्रवाई थाना रायसत्ती और नखासा क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। तड़के शुरू हुए इस औचक अभियान में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला सड़कों पर उतरा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया। टीम ने संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर अवैध बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर नियमों के खिलाफ लगाए गए कनेक्शन पाए गए, जिनकी जानकारी संबंधित विभाग को देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आरपीएफ बल भी तैनात रहे। मौके पर एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह, एसडीएम रामानुज, सीओ असमोली कुलदीप कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, डिप्टी कलेक्टर निधि पटेल, तहसीलदार धीरेन्द्र प्रताप सिंह और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह के औचक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बिजली चोरी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, 13 दिसंबर को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मिलकर बिजली चोरी का नेटवर्क पकड़ा। अधिकारियों ने छतों पर फैले कटिया कनेक्शन और धार्मिक स्थलों पर अवैध कनेक्शन मिलने से सख्त रुख अपनाया था। इस दौरान कई घरों, मदरसों और मस्जिदों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। तकरीबन 250 से 300 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। एक छत के ऊपर से अवैध बिजली घर बनाकर लोगों को सप्लाई दी जा रही थी।