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सुषील मोदी की प्रतिमा का मुख्यमंत्री नीतीश ने किया अनावरण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राजेन्द्र नगर स्थित सुषील मोदी स्मृति पार्क में पूर्व उप मुख्यमंत्री पद्मभूषण स्व0 सुषील कुमार मोदी की जयंती समारोह में शामिल हुये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्व0 सुषील कुमार मोदी जी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया और पुष्प अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी, बिहार विधान सभा अध्यक्ष डाॅ0 प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेष नारायण सिंह, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चैधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, सहकारिता मंत्री डाॅ0 प्रमोद कुमार, सांसद रविषंकर प्रसाद, भाजपा के प्रदेष अध्यक्ष संजय सरावगी, विधायक प्रमोद कुमार, विधायक संजीव चैरसिया, विधायक संजय गुप्ता, विधायक रत्नेष कुषवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी, विधान पार्षद कुमुद वर्मा, स्व. सुषील कुमार मोदी की धर्मपत्नी जेसी जाॅर्ज, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष नंद किषोर यादव, पूर्व विधायक अरूण कुमार सिन्हा, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति तथा राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इसके पष्चात् मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में आयोजित स्व0 सुषील कुमार मोदी के जयंती कार्यक्रम में शामिल हुये। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्व0 सुषील कुमार मोदी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उप मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी, बिहार विधान सभा अध्यक्ष डाॅ0 प्रेम कुमार, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चैधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे, उद्योग मंत्री डाॅ0 दिलीप कुमार जायसवाल, सांसद राधा मोहन सिंह, भाजपा के प्रदेष अध्यक्ष संजय सरावगी, भाजपा के संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े, विधायक संजय गुप्ता, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी, स्व0 सुषील कुमार मोदी की धर्मपत्नी जेसी जाॅर्ज, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति तथा राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ शिक्षक राजेश साहू का घर

रायपुर. बलौदा बाजार भाटापारा जिले के संजय नगर कॉलोनी निवासी और पेशे से शिक्षक राजेश साहू के जीवन में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक नई रोशनी लेकर आई है। सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना के विज्ञापन से प्रेरित होकर राजेश ने बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की और इस योजना की महत्ता को समझते हुए तत्काल अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल सिस्टम लगवाने का निर्णय लिया। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के तहत उन्हें न केवल सुलभ किस्तों में सिस्टम लगाने की सुविधा मिली, बल्कि नियमानुसार सरकार से आकर्षक सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त हुआ। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब राजेश साहू का घर पूरी तरह सौर ऊर्जा से ऊर्जित हो रहा है, जिससे उन्हें हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल की चिंता से हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया है। इस सकारात्मक बदलाव और आर्थिक राहत से उत्साहित होकर शिक्षक राजेश साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई के दौर में बिजली खर्च से बचाने का एक बेहतरीन माध्यम भी है।

जितेंद्र 224 मत से जीते, 340 मतदाताओं ने चुना अहीरयादव समाज का नया अध्यक्ष

जितेंद्र 224 मत से जीते,340 मतदाताओं ने चुना अहीरयादव समाज का नया अध्यक्ष भोपाल  राजधानी भोपाल के बरखेड़ी क्षेत्र में अहीर यादव समाज के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव रविवार का संपन्न्प हुई। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें समाज के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जितेंद्र यादव ने 224 मतों से जीत दर्ज की।  मतगणना के बाद घोषित परिणामों में जितेंद्र यादव को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ। जीत के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा और दोनों प्रत्याशियों कस फूल-मालाओं से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जितेंद्र यादव ने समाज के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे यादव समाज के हित, एकता और विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। वहीं समाज के विशाल यादव, एकवोकेट विनोद यादव, गेंदा पहलवान, श्याम यादव सहित सभी समाजनों ने बधाई दी। चुनाव अधिकारी बीडी यादव यादव ने बताया कि 359 में से 340 लोगों ने मतदान किया। जिसमें 5 मत निरस्त किए। जिसमें 224 मत विजय प्रत्याशी और 111 प्रतिद्वंद्वी को मिले।

उत्तर बस्तर कांकेर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की प्रचार वैन को कलेक्टर ने किया रवाना

उत्तर बस्तर कांकेर. खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया‘ ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल 6 से 8 जनवरी को रायपुर और बिलासपुर में किया जाएगा। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु वैन को कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इसके लिए जिले के अधिकाधिक युवक-युवतियों को पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। जिला खेल अधिकारी ने बताया कि ‘खेलो इंडिया‘ ट्राइबल गेम्स में हिस्सा लेने के लिए क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से किया जा सकता है। ऑनलाइन पंजीयन, ट्रायल स्थल पर ऑफलाइन पंजीयन भी होगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी जनजातीय खिलाड़ी इसमें भाग ले सकते हैं। चयन ट्रायल में हिस्सा लेने हेतु अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड की मूल कॉपी के साथ उपस्थित होना होगा। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ की मेजबानी में हो रहे है। यह भी बताया गया कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं। सात खेल विधाओं में किया जाएगा ट्रायल इस संबंध में बताया गया कि नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायल स्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की मूल कॉपी साथ लाने कहा है। रायपुर में वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे 9 बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे 9 बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। इसी प्रकार 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे 09 बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा। बिलासपुर में 7 से 8 जनवरी तक एथलेटिक्स, तीरंदाजी एवं तैराकी खेलो के लिए चयन ट्रायल होंगे।

वॉरियर्स ने बनाया अपना नया कप्तान यूपी वॉरियर्स ने WPL 2026 के लिए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग को कप्तान बनाया, जीत की नई उम्मीद

लखनऊ  वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL 2026) का चौथा सीजन 9 जनवरी से शुरू होने वाला है. उससे पहले यूपी वॉरियर्स (UP-W) ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग को अपना नया कप्तान बना दिया है. फ्रेंचाइजी ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इसकी जानकारी दी. इससे पहले भारतीय महिला टीम के दिग्गज ऑफ-स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा यूपी वॉरियर्स की कप्तान थीं. दीप्ति शर्मा ने WPL के पिछले सीजन 2025 में नियमित कप्तान और मेग की पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टीम-मेट, विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली की गैरमौजूदगी में फ्रेंचाइजी का नेतृत्व किया था. मेग WPL के तीनों सीजन दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान रहीं और तीनों बार उन्होंने अपनी टीम को फाइनल में भी पहुंचाया, लेकिन कभी वो खिताब नहीं जीत सकीं. क्रिकेट फैंस को हैरानी तब हुई तब WPL के चौथा सीजन से पहले दिल्ली ने अपनी कप्तान को ही रिलीज कर दिया जिसके बाद यूपी ने उनको मेगा ऑक्शन 1.9 करोड़ रुपये में साइन कर लिया. यूपी वॉरियर्स के हेड कोच ने क्या कहा? यूपी वॉरियर्स के हेड कोच अभिषेक नायर ने कहा, 'हमें पूरा भरोसा है कि वह (मेग लैनिंग) इस सीजन में टीम की रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी. मेग अपने साथ अनुभव, स्पष्टता और शांति का एक दुर्लभ संयोजन लाती हैं जो उन्हें एक लीडर के तौर पर अलग बनाता है. खेल की उनकी समझ, दबाव वाले मैच को संभालने की क्षमता और खिलाड़ियों के साथ जुड़ने की क्षमता उन्हें इस समूह के लिए आदर्श कप्तान बनाती है.' कप्तानी मिलने के बाद मेग लैनिंग ने क्या कहा? कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद मेग लैनिंग ने कहा, 'यूपी वॉरियर्स का कप्तान बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है. जैसे-जैसे WPL अपने चौथे सीजन में प्रवेश कर रहा है, यह देखना अविश्वसनीय है कि लीग कैसे विकसित हुई है, क्रिकेट की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और रोमांचक नई प्रतिभाओं का उभरना हर साल स्तर को बढ़ाता जा रहा है. यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव और भारतीय खिलाड़ियों के मजबूत मिश्रण वाला एक प्रतिभाशाली समूह है, और मैं आने वाली चुनौती के लिए बहुत उत्साहित हूं. हम सब मिलकर कड़ी मेहनत करेंगे और खुद को ट्रॉफी उठाने का हर मौका देंगे.' सबसे सफल कप्तानों में से एक 33 वर्षीय मेग को महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में से एक माना जाता है. उन्होंने अपनी कप्तानी के कार्यकाल में ऑस्ट्रेलिया को दोनों व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में कुल पांच वर्ल्ड कप खिताब और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक दिला चुकी हैं. मेग लैनिंग का WPL करियर WPL में, मेग ने अपनी पिछली टीम दिल्ली कैपिटल्स (DC) को तीनों सीजन में फाइनल तक पहुंचाया, लेकिन 2023, 2024 और 2025 में वह रनर-अप रहीं. हालांकि, मेग ने 2023 WPL में ऑरेंज कैप जीती थी, जब उन्होंने टॉप पर भारतीय ओपनर शैफाली वर्मा के साथ एक जबरदस्त पार्टनरशिप की थी. अब तक के अपने WPL करियर में, उन्होंने 27 मैच खेले हैं और 127.10 के स्ट्राइक रेट से 952 रन बनाए हैं, जिसमें 9 हाफ-सेंचुरी शामिल हैं. UPW, जिसने अभी तक WPL नहीं जीता है, 10 जनवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में गुजरात जायंट्स के खिलाफ अपने 2026 अभियान की शुरुआत करेगी.

टी.आई.ई समिट से मध्यप्रदेश और राजस्थान के युवाओं को मिलेंगे बेहतर रोजगार अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.आई.ई समिट से मध्यप्रदेश और राजस्थान के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर विमानतल पर मीडिया से की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आईटी सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी सभी सेक्टर में विकास कार्यों को गति देते हुए भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश और राजस्थान भाई-भाई हैं। दोनों राज्य अपनी साझा विरासत का संरक्षण करते हुए साझा विकास के लिए निरंतर प्रगतिशील हैं। तकनीक के इस समय में आईटी का विशेष महत्व है। इसके दृष्टिगत दोनों राज्यों में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, इस उद्देश्य से स्टार्ट-अप, इनोवेटर्स और उद्योगपतियों से संवाद के लिए जयपुर में टी.आई.ई. ग्लोबल समिट आयोजित की जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने पड़ौसी राज्य राजस्थान के साथ वर्षों पुराने विवाद को खत्म कर पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जयपुर विमानतल पर मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े हितधारकों के साथ साझा करेंगे। वे इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा करेंगे और वहां मौजूद स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों और दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। यह सहभागिता 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हुए समझौते के अनुरूप है। समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित और प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा, जो राज्य को अगली सेपीढ़ी की तकनीक, डिजिटल इनोवेशन और उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में केंद्रित है। साथ ही यह पहल भारत के टियर-2 शहरों में प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।  

HC ने जारी किए नए दिशा-निर्देश, अधिकारियों को सुनवाई के दौरान खड़ा रहना नहीं होगा जरूरी, अपमानजनक टिप्पणियों पर रोक

भोपाल  दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान सरकारी अधिकारियों के साथ सम्मानजनक और पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकारी पदाधिकारियों की स्वीय उपसंजाति नियम-2025 के तहत न्यायालय में उपस्थित अधिकारियों को पूरी सुनवाई के दौरान खड़े रहने की बाध्यता नहीं होगी। न्यायालय के समक्ष उत्तर देते समय अथवा बयान दर्ज कराते समय ही उन्हें खड़े रहना पड़ेगा। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि न्यायालयों को कार्रवाई के दौरान किसी अधिकारी के शारीरिक स्वरूप, शैक्षिक पृष्ठभूमि, सामाजिक स्थिति या परिधान को लेकर अपमानजनक या अनुचित टिप्पणी करने से बचना चाहिए। अनावश्यक रूप से न्यायालय में तलब न किया जाए कोर्ट में सम्मान और व्यावसायिकता का वातावरण बनाए रखना अनिवार्य बताया गया है। न्यायालयों में अधिकारियों के सम्मानजनक व्यवहार के तय नए मानकों में कहा गया है कि अधिकारियों को अनावश्यक रूप से न्यायालय में तलब न किया जाए। दरअसल, शासन से जुड़े मामलों में कई बार विभाग के प्रमुख सचिव व राज्य के मुख्य सचिव तक को तलब कर लिया जाता है। नए नियमों के तहत अब आवश्यक होगा तभी उन्हें तलब किया जाएगा। नए नियम में क्या कहा गया है? नए नियम में कहा गया है कि यदि विवाद से जुड़े मुद्दों का समाधान शपथ पत्रों और दस्तावेजों के आधार पर संभव है, तो व्यक्तिगत उपस्थिति को नियमित या सामान्य प्रक्रिया के रूप में नहीं अपनाया जाना चाहिए। किसी अधिकारी को केवल उन्हीं मामलों में तलब किया जाना चाहिए, जहां न्यायालय को प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो कि आवश्यक जानकारी नहीं दी जा रही है, तथ्य छुपाएं जा रहे हैं या गलत तरीके से प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसके लिए सुनवाई से कम से कम एक दिन पहले न्यायालय की रजिस्ट्री या संबंधित जिला न्यायालय द्वारा अधिकारी को ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए लिंक भेजा जाना अनिवार्य होगा। यदि भौतिक उपस्थिति आवश्यक हो, तो इसके कारण आदेश में स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएंगे और अधिकारी को पर्याप्त पूर्व सूचना दी जाएगी। न्यायिक कार्यवाहियों को तीन श्रेणियों में किया वर्गीकृत हाई कोर्ट ने लंबित मामलों के निपटारे की प्रकृति के आधार पर न्यायिक कार्यवाहियों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी साक्ष्य-आधारित मामलों की है, जिनमें दस्तावेज या मौखिक साक्ष्य की आवश्यकता होती है और ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी की भौतिक उपस्थिति आवश्यक हो सकती है। दूसरी श्रेणी संक्षिप्त कार्यवाहियों की है, जो मुख्य रूप से शपथ पत्रों और अभिलेखों पर आधारित होती हैं। तीसरी श्रेणी गैर-प्रतिकूल कार्यवाहियों की है, जिनमें नीति या तकनीकी विषयों को समझने के लिए अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी हो सकती है। अवमानना मामलों में संयम बरतने के निर्देश अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ करते समय न्यायालय को संयम और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आमतौर पर पहले नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए। नीतिगत और जटिल मामलों में न्यायालय को आदेशों के अनुपालन के लिए युक्तियुक्त समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सरकार को किसी आदेश के पालन के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो, तो वह समय सीमा में संशोधन के लिए न्यायालय से अनुरोध कर सकती है, जिस पर विचार किया जा सकता है। 

हेमचंद के परिवार को मिला प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का घर

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास देने के विज़न के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ज़मीनी स्तर पर लोगों की ज़िंदगी बदल रही है। इसी का जीवंत उदाहरण हैं नगर पंचायत फरसगांव, जिला कोंडागांव के वार्ड क्रमांक 4 निवासी हेमचंद नाग, जिन्होंने इस योजना के माध्यम से अपने पिता तिरकू राम नाग को पक्का मकान उपहार में दिया। हेमचंद नाग ने बताया कि उनका पुराना मकान बांस और मिट्टी से बना हुआ था, जो बरसात के दिनों में बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाता था। कमजोर दीवार के कारण परिवार के सभी सदस्यों पिता, पत्नी और दो बच्चों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हालात ऐसे हो गए थे कि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें अपने पिता को कुछ समय के लिए भाई के घर भेजना पड़ा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुँचाने की नीति के तहत, वार्ड स्तर पर जानकारी के दौरान हेमचंद नाग को योजना से जोड़ा गया। नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से आवास स्वीकृत हुआ और 29 वर्गमीटर क्षेत्रफल का पक्का मकान 3.05 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ। गृह प्रवेश के शुभ अवसर पर हेमचंद नाग ने सबसे पहले अपने पिता के हाथों विधिवत पूजा करवाई और भावनाओं के साथ यह पक्का मकान उन्हें समर्पित किया। नया घर देखकर पिता भावुक हो उठे। हेमचंद नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विज़न केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास पहुँचाना है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पार्षद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पंचायत के समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

जींद पहुंची देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

चंडीगढ़. हरियाणा में 2 सप्ताह बाद जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया तय हो गया है। जींद जंक्शन से दो स्टेशनों का सफर जहां मात्र 5 रुपए में होगा, वहीं इसका सोनीपत तक का एकतरफा किराया 25 रुपए तय हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 26 जनवरी से पहले करने की तैयारी है। रेलवे फिलहाल 20 व 21 जनवरी को इस ट्रेन को चलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके संचालन की फाइनल डेट अभी तय होनी है। हाइड्रोजन ट्रेन कई मायनों में इस रूट पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों से अलग है। यात्रियों में भी इसमें सफर को लेकर उत्साह है। दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन भारत की यह ट्रेन 'मेक इन इंडिया' का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया गया है। क्षमता: 10 कोच वाली यह ट्रेन एक साथ 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। शक्ति: यह 2400 किलोवाट (1200 हॉर्स पावर की दो पावर कार) क्षमता वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। रफ़्तार: इसकी अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है। ईंधन दक्षता: 360 किलो हाइड्रोजन में यह 180 किमी का सफर तय करेगी। जहाँ डीजल ट्रेन 1 किमी के लिए 4.5 लीटर ईंधन लेती है, वहीं यह मात्र 2 किलो हाइड्रोजन में उतनी ही दूरी तय करेगी। पर्यावरण के लिए वरदान यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है क्योंकि यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर चलती है। इससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। भारत अब जर्मनी, जापान और स्वीडन जैसे चुनिंदा देशों की कतार में शामिल होकर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का 8वां देश बन गया है। ये बोले रेलवे अधिकारी… जींद रेलवे स्टेशन पर अधीक्षक (व्यवसायिक) धीरज बुटानी ने कहा कि अभी तक हाइड्रोजन ट्रेन का बीट चार्ट नहीं आया है, लेकिन टिकट दरें डीएमयू के समान ही रहेंगी। यह ट्रेन छह स्टेशनों पर रुकेगी। अब तक सफर दो घंटे का है, यह ट्रेन एक घंटे में ही यात्रियों को सोनीपत पहुंचाएगी। जींद से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन में कुल 8 बोगी होंगी। जींद से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन में कुल 8 बोगी होंगी। ट्रेन में आठ AC बोगियां लगेंगी ट्रेन में दो डीपीसी (ड्राइवर पावर कार) और आठ यात्री बोगियां हैं। जल्द ही जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का लोड चेक के लिए फाइनल ट्रायल होगा। उसके बाद रेलवे आरडीएसओ (रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) और ग्रीन एच कंपनी के अधिकारी रिपोर्ट बनाएंगे। इस रिपोर्ट पर पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। सभी बोगी मेट्रो की स्टाइल में एसी होंगी। सभी गेट बंद होने के बाद ही ट्रेन चल सकेगी। इसमें सुरक्षा को लेकर कई तरह के इंतजाम किए गए हैं।

बलौदा बाजार कलेक्टर ने की धान खरीदी और उठाव में तेजी लाने के दिए निर्देश

बलौदा बाजार. कलेक्टर दीपक सोनी ने शुक्रवार को खाद्य, सहकारिता,कृषि एवं अन्य सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने समिति एवं उपार्जन केंद्रों से तेजी से धान उठाव करने एवं बिचौलियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केंदो से शीघ्र धान उठाव कराएं ताकि जाम की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने ट्रांसपोर्टर से प्रतिदिन 200 ट्रक धान उठाव के लिये लगाने तथा जो मिलर धान उठाव में रूचि नहीं ले रहे उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। सहकारिता एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिये बिचौलियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिये। बताया गया कि जिले के सभी 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी जारी है एवं अब तक 92505 किसानों से 445876 मेट्रिक टन धान खरीदी एवं 163617मीट्रिक टन का उठाव किया गया है।