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यौन शोषण-मर्डर केस में आज रोहतक जेल से बाहर निकलेंगे राम रहीम

रोहतक/चंडीगढ़. रोहतक की सुनारिया जेल से नए साल में पहली बार डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। उसे 40 दिन की पैरोल मिली है। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद राम रहीम पैरोल मिलने के बाद सोमवार दोपहर तक सिरसा डेरे के लिए रवाना होंगे। डेरा मुखी राम रहीम इससे पहले 15 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाने के लिए जेल से बाहर आया था। राम रहीम 2017 से जेल में है। 25 अगस्त 2017 को 2 साध्वियों के यौन शोषण केस में राम रहीम को 20 साल कैद हुई। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्र कैद की सजा हुई। डेरा मैनेजर रणजीत सिंह के हत्या मामले में अक्टूबर 2021 में CBI कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। लग्जरी गाड़ियों का काफिला पहुंचेगा लेने 40 दिन की पैरोल मिलने के बाद 5 जनवरी को सुनारिया जेल से गुरमीत राम रहीम को लेने के लिए सिरसा डेरे से दोपहर तक लग्जरी गाड़ियों का काफिला पहुंचेगा। कड़ी सुरक्षा के बीच रामरहीम सिरसा के लिए रवाना होगा। उसका लग्जरी गाड़ियों का काफिला सिरसा से निकल चुका था, जिसमें दो बुलेट प्रूफ लैंड क्रूजर, 2 फॉरच्यूनर व 2 अन्य गाड़ियां शामिल है। सिरसा डेरे में ही रहेगा राम रहीम डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम अब तक 14 बार जेल से बाहर आ चुका है। राम रहीम को 15वीं बार 40 दिन पैरोल मिली है। राम रहीम इस बार उत्तर प्रदेश में बागपत के बरनावा आश्रम में नहीं जाएंगे, बल्कि वह सिरसा स्थित डेरे में ही रहेगा। रामरहीम की सुरक्षा के लिए डेरे के आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

अगर भारत नहीं आना तो… बांग्लादेश विवाद पर हरभजन सिंह का दो टूक जवाब

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के चलते देशभर में मुस्तफिजुर को आईपीएल 2026 से बहार करने की मांग उठ रही थी। कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस बांग्लादेशी गेंदबाज को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा था। इस मुद्द की गंभीरता को समझते हुए बीसीसीआई ने केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने को कहा। बीसीसीआई का यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को पसंद नहीं आया। उन्होंने बीसीसीआई के इस फैसले पर रिएक्ट करते हुए भारत में अगले महीने होने वाले अपने टी20 मैच को बाहर शिफ्ट करने के लिए आईसीसी से मांग कर डाली। बीसीबी ने आईसीसी को खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला दिया।   इन सभी घटनाओं पर अब टीम इंडिया के पूर्व वर्ल्ड कप विनिंग स्पिनर हरभजन सिंह ने बयान दिया है। भज्जी का कहना है कि बांग्लादेश में जो कुछ हुआ वह गलत है। हम भारत में सबका स्वागत करते हैं, लेकिन अगर बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता तो यह उनकी मर्जी है। मीडिया से बात करते हुए हरभजन सिंह ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में हुई अलग-अलग घटनाओं की वजह से बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता। बांग्लादेश में जो कुछ हुआ वह गलत है। ICC को उनकी रिक्वेस्ट पर फैसला लेना चाहिए। हम भारत में सबका स्वागत करते हैं, लेकिन वे (बांग्लादेश) यहां आना चाहते हैं या नहीं, यह उनकी मर्जी है।" बता दें, टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रही है। बांग्लादेश ने इस टूर्नामेंट के लिए स्क्वॉड का भी ऐलान कर दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार उनके तीन मैच कोलकाता में तो एक मुकाबला मुंबई में आयोजित है। हालांकि रिपोर्ट्स है कि बीसीसीआई बीसीबी की रिक्वेस्ट के बाद नए शेड्यूल पर काम कर रहा है।  

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी को भाजपा ने पंजाब विधानसभा का चुनावी माहौल बनाने की सौंपी जिम्मेदारी

चंडीगढ़. पंजाब में 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने रणनीति तेज कर दी है। चुनाव से पहले राज्य में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी पार्टी हाईकमान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंपी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रविवार को पहली बार पंजाब जाकर सीधे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री पटियाला जिले की घनौर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। यह पहला मौका होगा जब वे पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से औपचारिक संवाद करेंगे। इससे पहले वे पंजाब में किसान समूहों, सामाजिक संगठनों, युवा वर्ग और कारोबारी संस्थाओं के साथ अलग-अलग बैठकों में शामिल होते रहे हैं। रविवार के दौरे में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सिर्फ पटियाला तक सीमित नहीं रहेगा। पटियाला से लौटने के बाद वे अपने कैंप कार्यालय में पंजाब के करीब 200 उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे मोहाली में आयोजित विशाल सामूहिक श्री सुंदरकांड पाठ में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सैनी लगातार पंजाब में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। पटियाला में होने वाले उनके कार्यक्रम पर आम आदमी पार्टी की खास नजर है। पंजाब दौरे से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने निहंग संप्रदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। राजनीति में तेजी से बढ़ा कद करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कद हरियाणा की राजनीति में तेजी से बढ़ा है। उनकी कार्यशैली और सक्रिय राजनीतिक भूमिका के चलते वे पार्टी हाईकमान की नजर में ऊर्जावान और प्रभावी मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं। यही कारण है कि हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारकों में भी शामिल किया। इन सभी पहलुओं को देखते हुए हाईकमान ने अब पंजाब की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। पंजाबी गायकों से भी लगातार संवाद पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री सैनी पंजाब के चर्चित गायकों से भी नियमित रूप से मुलाकात कर रहे हैं। इन बैठकों में वे हरियाणा सरकार की फिल्म नीति पर चर्चा करने के साथ पंजाब के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को लेकर फीडबैक भी लेते हैं। पिछले छह महीनों में वे मनकीरत औलख, मिका सिंह, इंद्रजीत निक्कू और गुरदास मान से मुलाकात कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने सतिंदर सरताज को विशेष तौर पर अपने आवास पर आमंत्रित किया जहां उन्होंने हिंद की चादर गीत भी सुना। इसलिए पंजाब में सैनी को अहम मान रही भाजपा हरियाणा और पंजाब सामाजिक, सांस्कृतिक और कारोबारी रूप से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री सैनी की ननिहाल पंजाब में है और वे राज्य की बोली, संस्कृति और सामाजिक संरचना को भली-भांति समझते हैं। पंजाब के कई क्षेत्रों में सैनी समाज का प्रभाव भी माना जाता है। शांत स्वभाव, संतुलित छवि और जरूरत पड़ने पर आक्रामक राजनीतिक शैली के चलते भाजपा को उम्मीद है कि नायब सिंह सैनी पंजाब में पार्टी के लिए उपयोगी चेहरा साबित हो सकते हैं। लंबे समय से भाजपा को पंजाब में ऐसे नेतृत्व की तलाश थी जो स्वभाव से सबको साथ लेकर चल सके, इस कसौटी पर सैनी फिट बैठते हैं। पूर्व सैनिकों के मुद्दों के लिए प्रदेश सरकार तत्पर: सीएम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों के समाधान को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से तत्पर है। शनिवार को सीएम ने पश्चिमी कमान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय का भी अवलोकन किया जहां उन्होंने कमान के गौरवशाली इतिहास, प्रमुख सैन्य अभियानों, वीरता गाथाओं व विकसित सैन्य परंपराओं की जानकारी हासिल की। पश्चिमी कमान पहुंचने पर प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने उनका स्वागत किया। कमान के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवाद के दौरान सीएम को कमान की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन राहत, युवा संपर्क कार्यक्रम, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सिस्टम व नई प्रौद्योगिकियों के बारे में बताया गया।

झारखंड के जामताड़ा में आम बगान के बीच में गेंदा फूल की खेती

रामगढ़. कुंडहित प्रखंड के बरमसिया गांव की महिला किसान ने आम बागवानी के साथ अंतरवर्तीय‎ फसल के रूप में गेंदा फूल की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। आठ किसानों के समूह ने मिलकर 25 एकड़‎ बंजर भूमि पर बिरसा मुंडा आम बागवानी योजना के तहत बागवानी की है। आम के पौधों के बीच खाली जगह देखकर विष्णुप्रिया मंडल ने उसमें अंतरवर्तीय फसल लगाने का‎ निर्णय लिया। गेंदा कम समय में तैयार होने वाली और अधिक मुनाफा देने वाली फसल है। इससे खरपतवार भी‎ कम होता है और बाग का वातावरण सुंदर बना रहता है। खेती शुरू करने से पहले उन्होंने कृषि विभाग व कृषक‎ मित्रों से सलाह ली। जैविक खाद, सिंचाई और बीज चयन पर विशेष ध्यान जैविक खाद, सिंचाई और बीज चयन पर विशेष ध्यान दिया। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही‎ महीनों में बागान गेंदे के सुनहरे फूलों से महक उठा। इतना ही नहीं, गेंदे के पौधों से कीट-पतंग भी नियंत्रित रहते हैं‎ और आम के पौधों को कोई नुकसान नहीं हुआ। गेंदे के फूलों की मांग शादी-विवाह, पूजा-अर्चना और कार्यक्रमों में‎ काफी रहती है। प्रतिदिन ग्राहक सीधे बगीचे से फूल खरीदने पहुंचते हैं। इससे गांव में रोजगार भी बढ़ा है। एक‎ अनुमान के मुताबिक दो एकड़ में हर सीजन लाखों रुपए की आमदनी संभव है। किसान बताती हैं कि पिछले वर्ष‎ भी गेंदा फूल से अच्छी आमदनी हुई थी। इस बार उन्होंने नर्सरी भी तैयार की है, जिससे अलग से कमाई हो रही है।‎ विष्णु प्रिया के साथ शेफाली मरांडी, बीरबल मरांडी, संतोष मरांडी, सुहागिनी मरांडी, आनंद मरांडी, अनिता मरांडी‎ और यशोमती मरांडी भी खेती कर रहे हैं।बरमसिया सहित आसपास के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ‎ विविध खेती की ओर बढ़ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी अंतरवर्ती खेती को आय बढ़ाने का सफल मॉडल मानते हैं।‎ अनुभव, सामूहिक प्रयास व समूह शक्ति से मिला हौसला‎ कुल आठ किसानों ने डेढ़ लाख खर्च किए। इसमें दो एकड़ इंटरक्रॉपिंग में खर्च में बीज, खाद, मजदूरी शामिल है।‎ हर सीजन 50 हजार की आमदनी संभव हो रही है। फूलों की नर्सरी से भी अतिरिक्त कमाई होती है। फूलों की‎ बिक्री से साल भर तीस हजार आय होती है। कृषि विभाग की सलाह लिया।अन्य सफल किसानों के‎ अनुभव,सामूहिक प्रयास और समूह शक्ति से हौसला मिला। कहा कि भविष्य में गुलाब, रजनीगंधा की खेती,फूल‎ प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना है।‎ कौन हैं शेफाली मरांडी‎ शेफाली मरांडी के दो संतान है 17 साल का एक पुत्र एवं 14 साल की एक पुत्री वर्तमान में दोनों पढ़ाई कर रहे हैं।‎ उनके पति भी खेती-बागवानी में सहयोग देते हैं। जब से आम की बागवानी के बीच में सीजन में गेंदा फूल की‎ व्यवसायिक खेती शुरू की, आमदनी बहुत बढ़ी है। वे क्षेत्र की दूसरे किसान और महिला कृषकों को बागवानी के‎ फायदे के बाद में बताती रहती हैं। उनके बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मां से खेती में प्रयोग करना सीख‎ रही हैं। उनका मानना है कि मेहनत व सलाह देने वाले अच्छे हो तो काम आसान हो जाता है।‎

प्रेमानंद महाराज बोलें- आसपास के लोग हमेशा आलोचना कर डिमोटिवेट करते हैं?

नई दिल्ली. आजकल का जीवन बहुत तेज है और सफलता के लिए मेहनत कर रहे लोगों को अक्सर आसपास के लोग आलोचना करके डिमोटिवेट कर देते हैं। रिश्तेदार, दोस्त या सहकर्मी नकारात्मक बातें कहकर मन को तोड़ देते हैं। ऐसे में मन उदास हो जाता है और आगे बढ़ने का जोश कम हो जाता है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज अपने सत्संगों में बार-बार इस समस्या का समाधान बताते हैं। महाराज जी कहते हैं कि आलोचना करने वाले लोग खुद जल रहे होते हैं, तुम्हें जलने की जरूरत नहीं। राधा नाम जपो और अपना काम करते रहो। आलोचना से डिमोटिवेट होना छोड़ दो। महाराज जी के उपदेश से जानते हैं क्या करें। आलोचना को दिल से ना लगाएं प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जो आपकी आलोचना करता है, वह आपके बारे में सोचकर अपना समय बर्बाद कर रहा है। ऐसे में आप अपना समय क्यों बर्बाद करेंगे? आलोचना करने वाले लोग अपनी कमजोरी छिपाने के लिए दूसरों को नीचा दिखाते हैं। महाराज जी सलाह देते हैं कि ऐसी बातों को दिल से ना लगाएं। मुस्कुराकर सुन लें और आगे बढ़ जाएं। अगर कोई कहे 'तुम कुछ नहीं कर पाओगे' तो मन में कहें 'राधे राधे, मैं कर लूंगा।' आलोचना को कानों से सुनकर दिल से निकाल दें। इससे मन मजबूत रहेगा और डिमोटिवेशन नहीं होगा। राधा नाम जप महाराज जी का सबसे बड़ा उपाय है राधा नाम जप। वे कहते हैं 'आलोचना से परेशान होने पर राधे-राधे जपें। राधा नाम में इतनी शक्ति है कि कोई नकारात्मक बात आपको छू नहीं सकती है।' जब कोई आलोचना करे तो मन में 'राधे राधे' जपें। इससे मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। महाराज जी बताते हैं कि नाम जप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भगवान की कृपा मिलती है। रोज 108 बार या जितना हो सके राधा नाम जपें। आलोचना करने वाले खुद थक जाएंगे, लेकिन आपका जोश बना रहेगा। अपना काम ईमानदारी से करते रहें प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि आलोचना करने वाले को जवाब अपनी सफलता से दें। अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करते रहें। दिखावा ना करें, बस चुपचाप आगे बढ़ें। महाराज जी उदाहरण देते हैं कि जो लोग आलोचना करते हैं, वे खुद असफल होते हैं। आप सफल हो जाएंगे, तो वे खुद चुप हो जाएंगे। आलोचना से डिमोटिवेट होने की बजाय उसे प्रेरणा बनाएं। महाराज जी कहते हैं कि भगवान सब देख रहे हैं। मेहनत का फल जरूर मिलेगा। अपना फोकस काम पर रखें, तो डिमोटिवेशन नहीं होगा। भक्ति और सत्संग से मन मजबूत बनाएं महाराज जी सलाह देते हैं कि आलोचना से परेशान हो, तो रोज सत्संग सुनें और भक्ति करें। राधा-कृष्ण की भक्ति करें, हनुमान चालीसा पढ़ें। सत्संग सुनने से मन में सकारात्मकता आती है और आलोचना का असर कम होता है। महाराज जी कहते हैं कि जब मन भगवान में लग जाता है, तो दुनिया की बातें छोटी लगने लगती हैं। भक्ति से मन इतना मजबूत हो जाता है कि आलोचना छू नहीं पाती है। परिवार और भगवान पर फोकस करें, तो डिमोटिवेशन दूर हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, आलोचना करने वाले खुद जल रहे हैं, आपको जलने की जरूरत नहीं है। राधा नाम जपें, मेहनत करें और मन शांत रखें। आलोचना से डिमोटिवेट होना छोड़ देंगे, तो जीवन में सफलता और सुख आएगा।

प्रो कुश्ती लीग 2026 में हिसार की अंतिम पंघाल बनीं सबसे महंगी भारतीय महिला पहलवान

हिसार. प्रो कुश्ती लीग (पीडब्लूएल) 16 जनवरी से एक फरवरी तक प्रस्तावित है। इसके लिए जिले की निवासी दो बार की विश्व कुश्ती चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम पंघाल को उत्तर प्रदेश डोमिनेटर्स ने 52 लाख रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। इसके साथ ही वह इस लीग में भारत की सबसे महंगी महिला पहलवान बन गईं हैं। वह भारतीय खेल प्राधिकरण हिसार के कोच प्रदीप और जेएसडब्लू के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नितीश के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास में जुटी हैं। गांव भगाना में जन्मीं अंतिम की उम्र 21 साल है। वह राम निवास पंघाल और कृष्णा की पांच संतानों में से दूसरी सबसे छोटी संतान हैं। अंतिम परिवार की सबसे छोटी बेटी हैं। चार बहनों के बाद जन्मी बेटी का नाम उनके पिता ने अंतिम रखा था। अंतिम की बड़ी बहनें सरिता, मीनू, निशा हैं, जबकि अंतिम के दो साल बाद पैदा हुए भाई अर्पित इस परिवार में सबसे छोटे सदस्य हैं। पिता रामनिवास ने बताया कि बेटी अंतिम ने उन्हें गौरवान्वित किया है। उनको खुशी है कि उनकी बेटी की प्रतिभा को पहचाना गया। अंतिम का कहना है कि अब उन्हें लीग शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। पहलवानी के लिए पिता ने बेची थी डेढ़ एकड़ जमीन अंतिम करीब 8.5 साल से अभ्यास कर रहीं हैं। अंतिम के पिता रामनिवास ने बेटी अंतिम को पहलवान बनाने के लिए जमीन तक बेच दी थी। उनकी बेटी के अभ्यास करवाने के लिए जब आर्थिक तंगी आई तो उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी। रामनिवास के मुताबिक शुरुआती दौर में जो परेशानियां हुईं, अब अंतिम के कामयाब आने के बाद उन्हें भूलकर सब खुश हैं। जापान की सुसाकी सबसे महंगी बिकी नीलामी में अंतरराष्ट्रीय पहलवानों पर भी धनवर्षा हुई। सबसे महंगी खिलाड़ी जापान की युई सुसाकी को हरियाणा थंडर्स ने 60 लाख रुपये में खरीदा है। इसलिए सुसाकी के साथ अंतिम का मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण और रोमांचक होगा। सबसे महंगे भारतीय पुरुष झज्जर जिले के गांव बिरोहड़ निवासी अमन सहरावत हैं जिनको 51 लाख रुपये में मुंबई टाइगर्स ने खरीदा है। वह दिल्ली में अभ्यास कर रहे हैं। पोलैंड के रॉबर्ट बारन को महाराष्ट्र केसरी ने 55 लाख रुपये और सुजीत कलकल को दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने 52 लाख रुपये में खरीदा है। विनेश फोगाट के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी अंतिम पंघाल ने करीब चार महीने पहले क्रोएशिया में 2025 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। 21 वर्षीय पहलवान ने कांस्य पदक के मुकाबले में स्वीडन की एम्मा माल्मग्रेन को 9-1 से हराया था। इस परिणाम के साथ अंतिम ने भारतीय कुश्ती इतिहास में अपना नाम और दर्ज करा लिया और विनेश फोगाट के बाद दो विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला पहलवान बन गईं थीं। उन्होंने इससे पहले 2023 में भी कांस्य पदक जीता था। इससे विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अंतिम ने पूर्व पहलवान विनेश फोगाट की बराबरी कर ली थी। विनेश ने प्रो लीग से 23 दिन पहले वापसी की विनेश फोगाट ने हाल ही में करीब 23 दिन पहले प्रो लीग मुकाबले से पहले संन्यास वापस लेकर कुश्ती में लौटने का फैसला लिया था। उनका कहना था कि 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक में हिस्सा लेना चाहती हैं। विनेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी थी। विनेश 2024 के पेरिस ओलंपिक में फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय पहलवान बनी थीं। हालांकि, फाइनल से पहले उनका 100 ग्राम वजन ज्यादा मिला, जिससे वे डिसक्वालिफाई हो गईं। इसके बाद उन्होंने कुश्ती को अलविदा कह दिया था। विनेश अभी जिला जींद के जुलाना क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। अंतिम पंघाल ने 55 किग्रा में जीता खिताब दो बार की विश्व चैंपियन अंतिम पंघाल ने भी अपने सामान्य 53 किग्रा की बजाय 55 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया। क्वार्टरफाइनल में उन्होंने हंसिका को 8-0 से हराया, सेमीफाइनल में अहिल्या शिंदे को 14-8 से मात दी और फाइनल में ज्योति को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

झारखंड में की रामगढ नगर परिषद के चुनाव में वार्ड आरक्षण से बदल रहा समीकरण

रामगढ़. नगर परिषद चुनाव को लेकर अब जिले में समीकरण पूरी तरह से बदल गया है। पहले तक जहां चुनाव लड़ने में किसी तरह की बाध्यता निवर्तमान पार्षदों को नहीं थी, अब वार्डाें के आरक्षण ने कई उम्मीदवारों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। उल्लेखनीय है इस बार आसन्न नगर परिषद चुनाव को लेकर यहां के 32 वार्डाें में से 15 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं। वार्डाें के आरक्षण ने कई उम्मीदवारों के अरमानों पर पानी फेर दिया है जो कल तक वार्ड पार्षद थे और अगली बार भी जोर आजमाइश करने के सपने देख रहे थे। अब मौजूदा वार्डों की स्थिति को देख या तो वे अपनी दावेदारी छोड़ रहे हैं या फिर किसी और वार्ड में संभावना तलाशने में जुटे हैं। जिन वार्डाें को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है वहां वे अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में लगे हैं। जिन संभावित प्रत्याशियों के लिए यह भी संभव नहीं हो पा रहा वे अब चुनाव से ही तौबा कर रहे हैं। नगर परिषद क्षेत्र के 32 वार्डों में से वार्ड संख्या 09 महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित किया गया है।इसी तरह वार्ड 10 अनुसूचित जनजाति की महिला उम्मीदवार के लिए, वार्ड 11 महिला, वार्ड 12 अनुसूचित जन जाति की महिला, वार्ड 14, अनुसूचित जाति की महिला, वार्ड 16 अनुसूचित जाति की महिला, वार्ड 18 अनुसूचित जन जाति की महिला, वार्ड 19 व 20 अनारक्षित महिला, वार्ड 22, 23, 24 व 25 महिला के लिए, वार्ड 27 व 31 अत्यंत पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इधर, चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन विभाग की ओर से तैयारियां जोर शोर से शुरू कर दी गई है। लगातार चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग भी जिले के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दे रहा है।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा का दिल्ली आवास पर मनाया जन्मदिन

चंडीगढ़. सांसद दीपेंद्र हुड्डा का जन्मदिन मनाने उनके दिल्ली स्थित निवास पर केक और मिठाइयों के साथ कार्यकर्ता, नेता और गणमान्य लोग पहुंचे। इनमें कांग्रेस के सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सहित अन्य लोग बधाई देने पहुंचे। हुड्डा ने सभी का स्नेह और अपनापन पाकर आभार जताया और लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वहीं, हरियाणा के अलग-अलग जिलों में भी कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनाया। कार्यकर्ताओं ने रक्तदान शिविर, भंडारे, गरीबों में राशन और फल वितरित किए। सांसद हुड्डा ने कहा कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे। हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी उन्होंने लोकसभा में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए थे। प्रदेश युवा कांग्रेस ने मनाया सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का जन्मदिन रोहतक से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का जन्मदिन हरियाणा युवा कांग्रेस द्वारा उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केक काटकर, मिठाइयां बांटकर और जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित कर जन्मदिन को खास बनाया। हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निशित कटारिया और प्रदेश मीडिया चेयरमैन प्रदीप यादव ने सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को बुके भेंटकर और केक काटकर जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने दीपेंद्र की राजनीतिक योगदान, युवाओं के प्रति उनकी सोच और हरियाणा के विकास में उनकी भूमिका को सराहा।वहीं, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया ने कहा ने कहा की दीपेंद्र सिंह हुड्डा आधुनिक सोच वाले नेता हैं, जो प्रदेश को प्रगति की नई दिशा देने का विजन रखते हैं।

इंदौर में डायरिया की हालत गंभीर, 516 बोरिंग का पानी रोकने के बाद 398 मरीज, 9 हजार से अधिक की स्क्रीनिंग

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 17 लोगों की जान चली गई। अभी भी यहां लोगों में नर्मदा और टैंकर के पानी को लेकर लोगों में डर का माहौल है। जिससे इलाके में आरओ की डिमांड बढ़ गई है।भागीरथपुरा में अब बोरिंग का पानी भी दूषित मिला है। मामला सामने आने के बाद शहर में बोरिंग के पानी के सैंपल लिए गए थे। जिनमें से 35 सैंपल फेल हो गए हैं। इनका पानी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में इलाके के 516 बोरिंग के पानी के यूज पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें 400 निजी और 116 सरकारी हैं। इसके अलावा 112 पानी की टंकियों, नलों का पानी और बोरिंग के भी रविवार को सैंपल लिए गए। जिनकी जांच निजी लैब में कराई जाएगी। निगम की खुद की एक लैब है, लेकिन वहां भी कम कर्मचारी हैं। 9 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 20 नए केस  डायरिया संक्रमण के ग्राउंड जीरो माने जा रहे भगीरथपुरा इलाके में स्वास्थ्य टीमों ने रविवार को 2,354 घरों के 9,416 लोगों की जांच की. इस दौरान 20 नए डायरिया मरीज सामने आए. 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप भी किया गया. इसी इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. जांच में जुटी ICMR से जुड़ी टीम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शंस (NIRBI) की एक टीम इंदौर पहुंच चुकी है. यह संस्थान ICMR से संबद्ध है. उन्होंने कहा कि NIRBI के विशेषज्ञ स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहयोग दे रहे हैं, ताकि संक्रमण को पूरी तरह रोका जा सके और इसके कारणों की गहराई से जांच हो सके.  डॉ. हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा इलाके के प्रत्येक घर में ओआरएस के 10 पैकेट और 30 जिंक गोलियां वितरित की गईं. पानी को शुद्ध करने के लिए क्लीन वेट की बोतल की किट प्रत्येक घरों में दी गई है. उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है. इलाके में 17 टीमें लगाई हैं. यहां 5 एंबुलेंस लगाई गई हैं. 24 घंटे डॉक्टर्स की ड्यूटी है.  मौतों के आंकड़ों पर विवाद प्रशासन ने अब तक 6 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है. हालांकि, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मृतकों की संख्या 10 बताई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि 6 महीने के बच्चे समेत 16 लोगों की मौत हुई है. 'घंटा' बयान पर सियासी बवाल मौतों को लेकर आक्रोश के बीच कांग्रेस ने पूरे मध्य प्रदेश में घंटी बजाकर प्रदर्शन किया. यह विरोध मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान को लेकर था, जिसमें उन्होंने 31 दिसंबर की रात मीडिया के सवाल पर कैमरे के सामने 'घंटा' शब्द का इस्तेमाल किया था. कांग्रेस ने इसे असंवेदनशील और अमानवीय बताते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे और न्यायिक जांच की मांग की. विजयवर्गीय के पास शहरी विकास और आवास विभाग का प्रभार है और भगीरथपुरा इलाका उनकी इंदौर-1 विधानसभा सीट में आता है. 11 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 11 जनवरी से बड़ा आंदोलन किया जाएगा. पटवारी ने इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव और संबंधित नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की. उन्होंने कहा, 16 लोगों की मौत हुई है. ये मौतें बीजेपी को मिले जनादेश की हत्या हैं. दूषित पानी से हुई मौतों की न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. पटवारी ने दावा किया कि भगीरथपुरा के लोग पिछले 8 महीनों से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टैंकरों से सप्लाई किया जा रहा पानी भी दूषित है. देवास में SDM सस्पेंड इस पूरे विवाद के बीच पड़ोसी जिले देवास में एक SDM को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि SDM ने अपने आधिकारिक आदेश में मंत्री के विवादित बयान और कांग्रेस के आरोपों का उल्लेख कर दिया. उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने SDM को गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया. अधिकारियों के मुताबिक, SDM ने कांग्रेस के ज्ञापन के एक हिस्से को जैसा का तैसा सरकारी आदेश में कॉपी कर दिया था.   ‘सिस्टम की देन है यह आपदा’ प्रसिद्ध जल संरक्षण विशेषज्ञ और मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने इन मौतों को सिस्टम से पैदा हुई आपदा करार दिया. उन्होंने कहा कि यह हैरान करने वाला है कि भारत के सबसे साफ शहर में ऐसा संकट पैदा हुआ. अगर क्लीन सिटी में यह हाल है, तो बाकी शहरों में पीने के पानी की हालत कितनी खराब होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सीवर लाइन से निकला गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल गया, जिससे उल्टी-दस्त के गंभीर मामले सामने आए. उन्होंने कहा, पैसा बचाने के चक्कर में ठेकेदार ड्रेनेज लाइन के पास ही पानी की पाइपलाइन डाल देते हैं. भ्रष्टाचार ने पूरे सिस्टम को बर्बाद कर दिया है. नर्मदा पर निर्भर इंदौर इंदौर की पानी की जरूरतें पूरी तरह नर्मदा नदी पर निर्भर हैं. नगर निगम की पाइपलाइनों के जरिए खरगोन जिले के जलूद से 80 किलोमीटर दूर से नर्मदा का पानी इंदौर लाया जाता है और एक दिन छोड़कर एक दिन घरों में सप्लाई किया जाता है. नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना में सिर्फ बिजली बिल पर हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. 'हम पानी नहीं, घी पीते हैं' इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 27 जून 2024 को एक सेमिनार में कहा था, मेयर बनने के बाद से मैं मजाक करता हूं कि इंदौर एशिया के सबसे अमीर शहरों में से एक है, क्योंकि हम 21 रुपये प्रति लीटर का पानी पीते हैं और उसे बेकार भी बहा देते हैं. हम पानी नहीं, घी पीते हैं. अब यह बयान इंदौर के जल संकट के बीच चर्चा में है. मामला सामने आने के बाद से डर का माहौल 29 दिसंबर को मामला सामने आने के बाद से इलाके में डर का माहौल है। कई लोग जहां नर्मदा का पानी भरने से बच रहे … Read more

‘पैसे बचाने के चक्कर में ड्रेनेज के पास बिछाई गई वॉटर लाइन’, इंदौर त्रासदी पर ‘वॉटरमैन ऑफ इंडिया’ ने उठाए सवाल

इंदौर जाने-माने जल संरक्षणवादी राजेंद्र सिंह ने दूषित पीने के पानी से हुई मौतों को सिस्टम की बनाई हुई आपदा बताया, और आरोप लगाया कि इस त्रासदी के लिए गहरे तक फैला भ्रष्टाचार जिम्मेदार है. मैगसेसे अवॉर्ड विजेता ने चिंता जताई कि इंदौर जैसे शहर में ऐसा संकट कैसे हो सकता है, जिसे लगातार भारत का सबसे साफ शहर माना जाता है. 'वॉटरमैन ऑफ इंडिया' कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, "अगर देश के सबसे साफ शहर में ऐसी त्रासदी हो सकती है, तो इससे पता चलता है कि दूसरे शहरों में पीने के पानी की सप्लाई सिस्टम की हालत कितनी गंभीर होगी." सरकारी अधिकारियों ने माना कि टॉयलेट से सीवेज का पानी ओवरफ्लो होकर पानी की मेन पाइपलाइन में मिल गया, जिससे उल्टी और दस्त के गंभीर मामले सामने आए. राजेंद्र सिंह ने दावा किया, "इंदौर में दूषित पीने के पानी का संकट सिस्टम की बनाई हुई आपदा है. पैसे बचाने के लिए ठेकेदार पीने के पानी की पाइपलाइन को ड्रेनेज लाइन के बहुत पास बिछाते हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार ने पूरे सिस्टम को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि इंदौर की घटना इसी भ्रष्ट सिस्टम का सीधा नतीजा है. सिंह ने कहा, "इंदौर में हर साल गिरता भूजल स्तर सबसे ज्यादा चिंता की बात है. मैं 1992 में पहली बार इंदौर गया था. तब भी मैंने पूछा था कि यह शहर नर्मदा नदी के पानी पर कब तक निर्भर रहेगा?" इंदौर का भूजल स्तर साल-दर-साल खतरनाक ढंग से गिर रहा है, जिसे उन्होंने सबसे बड़ी चुनौती बताया. ताजा अपडेट के मुताबिक, इंदौर में दूषित पीने के पानी से फैले डायरिया के प्रकोप के बीच फिलहाल 142 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 11 ICU में हैं. वहीं, संक्रमण के केंद्र भागीरथपुरा इलाके में 9 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग के दौरान 20 नए मरीज पाए गए. भागीरथपुरा में चल रहे सर्वे के दौरान स्वास्थ्य टीमों ने 2354 घरों के 9416 लोगों की जांच की, जहां दूषित पानी से आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार छह लोगों की मौत हो गई है और 20 नए मामले सामने आए हैं. प्रकोप के बाद अब तक 398 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. इनमें से 256 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं. फिलहाल 142 मरीज अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं, जिनमें से 11 ICU में भर्ती हैं.  नर्मदा लाइन के ऊपर बिछा दी ड्रेनेज, अब उजागर निगम की लापरवाही  भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई गंभीर घटना के बाद अब नगर निगम हरकत में आया है। पिछले दो दिनों से निगम की टीमें गलियों में नर्मदा जल लाइन के लीकेज की जांच कर रही हैं। इसी दौरान निगम की लापरवाही और तथाकथित इंजीनियरिंग व्यवस्था की चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। जांच में पाया गया कि क्षेत्र की अधिकांश गलियों में नर्मदा जल सप्लाई लाइन के ठीक ऊपर ड्रेनेज लाइन बिछाई गई है। यही नहीं, ड्रेनेज के चैंबर भी जल लाइन के ऊपर ही बनाए गए हैं, जिससे सीवरेज और पेयजल के मिलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया। नवंबर 2024 से जुड़ी है विवाद की जड़ इस पूरे मामले की जड़ नवंबर 2024 में डाली गई ड्रेनेज योजना से जुड़ी है। उस समय रहवासियों ने स्पष्ट रूप से मांग की थी कि ड्रेनेज लाइन घरों के पीछे मौजूद बैकलेन से बिछाई जाए, जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध है। लेकिन क्षेत्र के भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने इस प्रस्ताव का विरोध कर दिया। पार्षद व रहवासी आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ा कि पार्षद धरने पर बैठ गए। अंततः निगम ने विवाद से बचने के लिए ड्रेनेज लाइन का काम ही रोक दिया, जिसका खामियाजा अब पूरे इलाके को भुगतना पड़ रहा है। छह महीने से शिकायतें, लेकिन सुनवाई नहीं क्षेत्र के रहवासी पार्षद के रवैये को लेकर बेहद नाराज हैं। उनका आरोप है कि बीते छह महीनों से वे गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भागीरथपुरा टंकी पर निगमकर्मी की जगह पार्षद के कार्यकर्ता बैठते थे, जो शिकायत तो दर्ज करते थे, लेकिन जोनल कार्यालय के कर्मचारी शिकायत मिलने से ही इन्कार कर रहे हैं। रहवासी पुरुषोत्तम यादव का कहना है कि वे कई बार समस्या लेकर पार्षद के घर गए, लेकिन कभी गंभीरता से नहीं सुना गया। अब दूषित पानी से सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना के बाद निगम और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।