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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं, बाकी 5 आरोपियों को मिली राहत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी है. हालांकि शीर्ष अदालत ने इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को जमानत दे दी. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि दिल्ली दंगों में इन दोनों आरोपियों की भूमिका अन्य से अलग थी. इस दोनों की भूमिका इस पूरे मामले के षड्यंत्र के केंद्र में दिखती है. ऐसे में इनको जमानत नहीं दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि आदेश काफी विस्तृत है, इसलिए केवल कुछ महत्वपूर्ण अंश ही पढ़े जाएंगे. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि मामले में त्वरित सुनवाई बेहद आवश्यक है. बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि जांच और ट्रायल में हुई देरी के लिए अभियोजन यानी दिल्ली पुलिस जिम्मेदार है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की इसी टिप्पणी में शरजील और उमर के लिए उम्मीद दिख रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो सकता है कि मामले की त्वरित सुनवाई हो और सुनवाई के दौरान ये दोनों निर्देश पाए जाते हैं तो उनको राहत मिल सकती है. 5 आरोपियों को दर्जनभर शर्तों पर जमानत सर्वोच्च अदालत ने गुलफिशा फातिमा, मेरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी है। अदालत ने कहा कि इन अभियुक्तों को जमानत दिए जाने से उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों में किसी प्रकार की ढील या कमजोरी नहीं मानी जाएगी। इन्हें कुछ शर्तों (लगभग 12 शर्तें) के अधीन जमानत पर रिहा किया जाएगा। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है, तो ट्रायल कोर्ट अभियुक्तों को सुनवाई का अवसर देने के बाद जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा। हाई कोर्ट ने भी जमानत से किया था इनकार आरोपियों ने फरवरी 2020 के दंगों की 'बड़ी साजिश' रचने से जुड़े मामले में जमानत से इनकार के दिल्ली हाई कोर्ट के 2 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष न्यायालय का रुख किया था। 10 दिसंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता, अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल एसवी राजू और वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा के बीच लंबी दलीलें चली थीं। दिल्ली पुलिस ने इन दलीलों के साथ किया था जमानत याचिका का विरोध दिल्ली पुलिस ने उमर, शरजील और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि फरवरी 2020 में दंगे अचानक नहीं हुए थे बल्कि भारत की संप्रभुता पर हमला करने के लिए पूर्व नियोजित तरीके से इन्हें अंजाम दिया गया था। उमर, शरजील और अन्य आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1967 और तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि वे 2020 के दंगों के 'सरगना' हैं, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। शरजील इमाम और उमर खालिद की तरफ से क्या दलीलें शरजील इमाम की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने अदालत में कहा था, 'वह आतंकवादी नहीं हैं, जैसा कि प्रतिवादी (पुलिस) ने उन्हें कहा है। वह राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं, जैसा कि सरकार ने कहा है। वह इस देश के नागरिक हैं, जन्म से नागरिक हैं और उन्हें अब तक किसी भी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है।' उन्होंने दलील दी कि इमाम को 28 जनवरी, 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जो कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से पहले की बात है। उमर खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि फरवरी 2020 में जब दंगे भड़के थे तब उनका मुवक्किल दिल्ली में नहीं था और उसे इस तरह कैद में नहीं रखा जा सकता। गुलफिशा फातिमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने अदालत को बताया कि कार्यकर्ता ने छह साल जेल में बिताए हैं और उन्होंने मुकदमे में देरी को 'आश्चर्यजनक और अभूतपूर्व' बताया। खालिद, इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि फरवरी 2020 के दंगे कोई स्वतःस्फूर्त घटना नहीं थे, बल्कि भारत की संप्रभुता पर एक 'सुनियोजित, पूर्व नियोजित और सुनियोजित' हमला थे। फैसले में कहा गया कि देरी न्यायिक जांच को और अधिक सख्त बनाने का एक कारण बनती है. आदेश में कहा गया, “अनुच्छेद 21 संवैधानिक व्यवस्था में केंद्रीय स्थान रखता है. विचाराधीन कैद को सजा के रूप में नहीं माना जा सकता. स्वतंत्रता से वंचित करना मनमाना नहीं होना चाहिए. यूएपीए एक विशेष कानून है, जो यह तय करता है कि ट्रायल से पहले जमानत किन परिस्थितियों में दी जा सकती है.” सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि उमर खालिद और शरजील इमाम की स्थिति अन्य आरोपियों से गुणात्मक रूप से अलग है. यह अदालत की प्रमुख टिप्पणियों में से एक है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम यूएपीए की धारा 43(डी)(5) के तहत निर्धारित कसौटी पर खरे नहीं उतरते. ऐसे में इन दोनों की याचिकाएं खारिज की जाती है. पांच अन्य आरोपियों को राहत सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सोमवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े यूएपीए मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. लेकिन दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने इसी मामले में गल्फिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी.

होर्डिंग्स विवाद में मंत्री सोंध नंगे पांव सतनाम वाहेगुरु का जाप करते पहुंचे

अमृतसर. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध सोमवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने के लिए अमृतसर पहुंच गए हैं। मंत्री नंगे पांव ‘सतनाम वाहेगुरु’ का जाप करते हुए हेरिटेज स्ट्रीट से श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंचे और माथा टेका। तस्वीर विवाद को लेकर पांच सिंह साहिबानों द्वारा स्पष्टीकरण देने के लिए उन्हें अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में तलब किया गया था। पेशी के बाद तरुणप्रीत सिंह सोंध ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का हर आदेश उन्हें सिर-माथे स्वीकार है। उन्होंने कहा कि गुरु घर के समक्ष उनका सिर हमेशा झुका है और वे सिख मर्यादा का पूर्ण सम्मान करते हैं। सरकार के खिलाफ सख्त फैसला ले सकते हैं पांच सिंह साहिबान श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब पर 5 जनवरी को तख्तों के पांच सिंह साहिबान की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में पावन स्वरूप प्रकरण पर एक बार फिर विस्तार से विचार किया जाएगा और पंजाब सरकार की कथित दखलअंदाजी पर कड़ा रुख अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार सिंह साहिबान इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अथवा सिख संगठनों को पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने या पंथक संगठनों की तत्काल संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश दे सकते हैं। एसजीपीसी पहले ही सरकार पर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाती रही है। मंत्री सौंद की पेशी भी एजेंडे में बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पंजाब सरकार के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया गया है। उन पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी के अवसर पर गुरु साहिब से संबंधित आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगाए जाने का आरोप है। सिंह साहिबान मंत्री सोंध को अपना पक्ष रखने का अवसर देंगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर धार्मिक सजा सुनाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। सीकेडी प्रधान को भी बुलावा इसी दिन चीफ खालसा दीवान के प्रधान डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर को भी सिंह साहिबान के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे संगठन के अमृतधारी और गैर-अमृतधारी सदस्यों की सूची सौंपने को कहा गया है। पंथक और धार्मिक हलकों में इस बैठक को लेकर खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि आज होने वाले फैसले सरकार और पंथक संस्थाओं के संबंधों की दिशा तय कर सकते हैं।

मकर संक्रांति विशेष: सूर्य देव को अर्घ्य देते समय न करें ये भूल, वरना नहीं मिलेगा शुभ फल

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे ‘उत्तरायण’ की शुरुआत माना जाता है. इस दिन दान-पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान के साथ-साथ सूर्य उपासना का विधान है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और कष्टों का निवारण होता है. लेकिन, अर्घ्य देते समय कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है. सूर्य देव को अर्घ्य देने का तरीका ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: संक्रांति के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान कर साफ या लाल रंग के वस्त्र धारण करें. तांबे के लोटे का प्रयोग: सूर्य को जल देने के लिए हमेशा तांबे के पात्र का ही उपयोग करें. अन्य धातुओं (जैसे प्लास्टिक या स्टील) का उपयोग वर्जित है. जल में मिलाएं ये चीजें: लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें लाल फूल, कुमकुम, अक्षत (सादे चावल) और थोड़ा काला तिल जरूर डालें. मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है. अर्घ्य देने की मुद्रा: दोनों हाथों से लोटे को पकड़कर अपने सिर के ऊपर ले जाएं और धीरे-धीरे जल की धार छोड़ें. दृष्टि का ध्यान: जल गिरते समय आपकी दृष्टि जल की धार के बीच से सूर्य देव पर होनी चाहिए. इससे निकलने वाली किरणें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती हैं. परिक्रमा: अर्घ्य देने के बाद उसी स्थान पर खड़े होकर तीन बार क्लॉकवाइज (घड़ी की दिशा में) परिक्रमा करें. भूलकर भी न करें ये गलतियां ! पैरों में जल गिरना: सबसे बड़ी गलती यह होती है कि अर्घ्य देते समय जल के छींटे पैरों पर पड़ते हैं. इससे बचने के लिए किसी गमले या बड़े बर्तन में जल अर्पित करें और बाद में उसे पौधों में डाल दें. देर से अर्घ्य देना: मकर संक्रांति पर दोपहर में अर्घ्य देना लाभकारी नहीं माना जाता. कोशिश करें कि सूर्योदय के एक घंटे के भीतर ही जल अर्पित कर दें. बिना जूते-चप्पल के रहें: अर्घ्य देते समय पैर नंगे होने चाहिए. जूते या चप्पल पहनकर सूर्य देव को जल देना अपमानजनक माना जाता है. मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सूर्य उपासना, पुण्य संचय और आत्मशुद्धि का महापर्व माना जाता है. यह पर्व उस शुभ क्षण का प्रतीक है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण होते हैं.धार्मिक दृष्टि से इसे देवताओं का दिन और सकारात्मक ऊर्जा का आरंभ माना गया है. भगवान सूर्य इस दिन अपने पुत्र शनि देव के घर जाते हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है. इस दिन खिचड़ी का दान करना और तिल-गुड़ का सेवन करना बेहद शुभ माना जाता है.

झारखंड में ग्राउंडवाटर भंडार बढ़ा

रांची. नए साल में झारखंड में भूगर्भजल के संरक्षण के प्रयास तेज होंगे। पेयजल स्वच्छता विभाग, नगर निकाय, स्थानीय प्रशासन सब मिलकर राज्य के भूगर्भजल स्तर को बचाने का प्रयास 2026 में करेंगे। मानसून में हुई औसत से 15 प्रतिशत अधिक बारिश ने राज्य के जलस्रोत में बढ़ोतरी की है। 7046 क्यूबिक मीटर का जल भंडार बढ़कर आठ हजार क्यूबिक मीटर तक पहुंचा है। केंद्रीय भूगर्भ जल संस्थान के सहायक परामर्शी विनय मिश्रा ने बताया कि इस भंडार को बचाने के किए कृषि कार्य में डीप बोरिंग के जल का प्रयोग रोकना होगा। इसके साथ ही साल 2026 में वर्षा जल संरक्षण के प्रयास तेज करने होंगे। तालाबों समेत छोटे बड़े बांधों के जलग्रहण क्षेत्र को बढ़ाना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नए साल में वाटर रिचार्ज सिस्टम को दुरुस्त करने में लगेंगे। इससे जलस्तर बना भी रहेगा और रिचार्ज भी होता रहेगा। कच्चे चेकडैम जल संरक्षण में सहायक जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत अभियंता कुशध्वज महतो ने बताया कि झारखंड जैसे राज्य में पठारी संरचना होने से कच्चे चेकडैम जल संरक्षण में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि 2026 में कच्चे चेकडैम बनाने के लिए राज्य सरकार के विभागों के अलावा निजी प्रयास पर भी जोर देना होगा। इसके लिए सहायता राशि देकर कच्चे चेकडैम को प्रोत्साहन देना होगा। इससे राज्य का जलभंडार बरकरार रहेगा। उन्होंने बताया कि भारी बारिश का चक्र राज्य में दस से पंद्रह साल के अंतराल पर आता है। मानसून की बारिश को संजोकर इस भंडार को बनाए रखना होगा।

प्रयागराज माघ मेले के दौरान रेलवे का बड़ा कदम, कई ट्रेनों को मिलेगा अस्थाई ठहराव—यहां देखें टाइम शेड्यूल

 चंदौली संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में एक तरफ जहां श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ हो रही है तो वहीं, दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है. इसी क्रम में भारतीय रेलवे द्वारा माघ मेला के दौरान श्रद्धालु यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का 02 मिनट का अस्थाई ठहराव 01 जनवरी से 20 फरवरी, 2026 तक दिए जाने का फैसला किया है. पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने इस संदर्भ में बताया कि संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला के दौरान पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का अस्थाई ठहराव दिया जा रहा है. ताकि श्रद्धालुओं को संगम नगरी पहुंचने में सुविधा मिल सके.  देखें ट्रेनों की लिस्ट: > गाड़ी संख्या 20941 बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 01.58 बजे पहुंचकर 02.00 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या12382 नई दिल्ली-हावड़ा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 02.13 बजे पहुंचकर 02.15 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या12669 चेन्नई-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 02.28 बजे पहुंचकर 02.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22434 आनन्द विहार टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 04.28 बजे पहुंचकर  04.30 बजे छूटेगी. श्रद्धालुओं का स्मार्ट साथी बनेगा 'मेला रेल सेवा' ऐप, मिलेगी हर मदद > गाड़ी संख्या12165 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 04.43 बजे पहुंचकर 04.45 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.03 बजे पहुंचकर 09.05 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11059 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.03 बजे पहुंचकर 09.05 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 18205 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 11.18 बजे पहुंचकर 11.20 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22550 प्रयागराज जं0-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 15.28 बजे पहुंचकर 15.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11071 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बलिया एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 16.28 बजे पहुंचकर 16.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22584 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 18.34 बजे पहुंचकर 18.36 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22468 गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 20.48 बजे पहुंचकर 20.50 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम-अयोध्या कैण्ट एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 22.56 बजे पहुंचकर 22.58 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22969 ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 23.23 बजे पहुंचकर 23.25 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 14231 प्रयागराज संगम-बस्ती एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 05.07 बजे पहुंचकर 05.09 बजे छूटेगी. >  गाड़ी संख्या 22549 गोरखपुर-प्रयागराज जं0 एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 22.58 बजे पहुंचकर 13.00 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 14232 बस्ती-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.36 बजे पहुंचकर 09.38 बजे छूटेगी.

झारखंड के होनहारों ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में मारी बाजी

रांची. टेंडर हार्ट की पूर्व छात्रा हर्षिता ने यूपीएससी मुख्य परीक्षा 2023 में 410वां रैंक हासिल कर पूरे विद्यालय को गौरवांवित किया है। 2017 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली हर्षिता ने नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई टेंडर हार्ट से की है। बचपन से मेधावी रहीं हर्षिता ने अपनी सफलता में अपने स्कूल के योगदान को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। हर्षिता ने टेंडर हार्ट की संस्थापिका गार्गी मंजू एवं विद्यालय परिवार द्वारा प्राप्त उचित मार्गदर्शन को श्रेष्ठ बताया। झारखंड टॉपर बनीं स्‍वाति यूपीएससी की परीक्षा में जमशेदपुर की बिटिया ने सफलता हासिल की है। मानगो थाना क्षेत्र के कालिका नगर निवासी पूर्व थल सैनिक (सीएमपी) संजय शर्मा व आशा देवी की पुत्री स्वाति शर्मा को अखिल भारतीय स्तर पर 17 वां रैंक प्राप्त हुआ है। यह रैंक प्राप्त कर वह झारखंड टाॅपर बनी हैं। स्वाति शर्मा ने कहा कि झारखंड के विकास के लिए नई सोच के साथ काम करेंगी। युवाओं में देश और राज्य में परिवर्तन लाने की क्षमता है। चौथे प्रयास में प्रेरणा हुईं सफल साउथ ऑफिस पाड़ा डोरंडा निवासी प्रेरणा सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 271वां स्थान प्राप्त किया है। प्रेरणा सिंह की मां ममता सिंह पशुपालन विभाग में कार्यरत हैं, उन्होंने बताया कि चौथे प्रयास में उनकी बेटी ने सफलता प्राप्त की।

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा कदम: IRCTC घोटाले में लालू यादव की याचिका पर जारी किया नोटिस

नईदिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. हाईकोर्ट ने कथित आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामले में लालू यादव द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है. इस मामले में कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी जवाब मांगा है. दरअसल लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे. लालू यादव का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का आदेश गलत है और उनके खिलाफ बिना पुख्ता आधार के आरोप लगाए गए हैं. इसी को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. सीबीआई के जवाब का इंतज़ार हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह इस मामले में अपना जवाब दाखिल करे. इसके बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई करेगी. आईआरसीटीसी घोटाले का मामला रेलवे से जुड़े एक टेंडर और होटलों के संचालन से संबंधित है. यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे. सीबीआई ने इस मामले में जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था. कब है अगली सुनवाई अब इस केस की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी. उस दिन हाईकोर्ट सीबीआई के जवाब और लालू यादव की दलीलों को सुनकर आगे का फैसला करेगा. इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है. आईआरसीटीसी घोटाला क्या है? आरोप है कि रेलवे के होटल का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया और बदले में लालू प्रसाद यादव के परिवार को सस्ती कीमत पर कीमती जमीन दिलाई गई. जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे सरकार को नुकसान हुआ और कुछ निजी लोगों व एक राजनीतिक परिवार को फायदा मिला. इसी कारण सीबीआई और ईडी ने इसे भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला माना है. यह मामला किस समय का है? यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे. होटल का ठेका किसे दिया गया था? रांची और पुरी के दो रेलवे होटल पहले आईआरसीटीसी को दिए गए, फिर इन्हें निजी कंपनी सुजाता होटल्स को लीज पर दिया गया. जांच एजेंसियों का क्या आरोप है? एजेंसियों का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया. बदले में क्या मिला, ऐसा आरोप है? आरोप है कि पटना की एक कीमती जमीन राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को बाजार भाव से काफी कम कीमत पर दी गई. इस मामले में कौन-कौन आरोपी हैं? लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, कुछ आईआरसीटीसी अधिकारी और निजी कारोबारी आरोपी हैं. मामला अभी किस स्थिति में है? अक्टूबर 2025 में ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय किए. लालू यादव ने इसे दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है और मामला अभी विचाराधीन है.

झारखंड को बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान सर्वे में मिला टॉप अचीवर अवार्ड

रांची. बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान सर्वे (बीआरएपी) में झारखंड को टॉप अचीवर अवार्ड मिला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच, कुशल नेतृत्व और सार्थक प्रयासों से राज्य आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय-डीपीआइआइटी द्वारा यह अवार्ड प्रदान किया जाता है। उद्योग सचिव अरवा राजकमल, उद्योग निदेशक विशाल सागर एवं प्रबंध निदेशक, जियाडा वरुण रंजन ने अवार्ड प्राप्त करने के बाद बुधवार को झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि झारखंड को यह सम्मान बिजनेस एंट्री, कंस्ट्रक्शन परमिट, लेबर रेगुलेशन और सर्विस सेक्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला है। मुख्यमंत्री ने इस सम्मान के लिए अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि ये उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। ऐसे सम्मान से और बेहतर करने की हमें प्रेरणा मिलती है। सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास में नित्य नई ऊंचाइयों को हासिल कर रहा हमारा झारखंड मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयास का नतीजा है कि झारखंड विकास के मामले में नित्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस कड़ी में जो भी जरूरी कदम उठाने होंगे, सरकार उससे पीछे नहीं हटेगी। राज्य हित में हमारी सरकार लगातार योजनाएं बना रही है। इन योजनाओं को बेहतर क्रियान्वयन हो, इसमें हर अधिकारी की अहम भूमिका है। सभी के प्रयासों से हम एक नया और विकसित झारखंड बनाने में निश्चित तौर पर कामयाब होंगे। क्या है बिजनेस रिफार्म्स एक्शन प्लान अवार्ड केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय- डीपीआइआइटी के इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बिजनेस रिफार्म्स एक्शन प्लान का उद्देश्य प्रमुख नियामक और शासन संकेतकों पर राज्यों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना है। इसके जरिए राज्यों में प्रतिस्पर्धी और सुधार-उन्मुख कारोबारी माहौल को बढ़ावा देना है। झारखंड को यह सम्मान प्राप्त होना औद्योगिक निवेश के प्रति राज्य की मजबूत प्रतिबद्धता, नीतिगत नवाचार, डिजिटल और संस्थागत दक्षता को दर्शाता है। झारखंड आज पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापार करने में सहूलियत को बढ़ावा देने वाली पहलों के माध्यम से देश के सबसे प्रगतिशील और निवेश अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम में रेंज का पहला साइबर थाने का उद्घाटन, डिजिटल सुरक्षा को मिली नई दिशा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम में रेंज के पहले साइबर थाने का किया शुभारंभ डिजिटल अपराधों पर सख्त नियंत्रण और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को मिली मजबूती रायपुर कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध निर्णायक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज पूरे राजनांदगांव रेंज एवं जिले के प्रथम साइबर थाने का शुभारंभ किया। इस थाने को कवर्धा के पुराने पुलिस लाइन में स्थापित किया गया है, इस थाने के जिले में स्थापना को जिले की कानून-व्यवस्था एवं डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।        इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज का युग डिजिटल है और शासन से लेकर आम नागरिक तक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है, जिससे आम नागरिक, महिलाएं, वरिष्ठजन और युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना आम जनता को त्वरित न्याय, सुरक्षा और भरोसा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे अहम होता है। यदि शुरुआती घंटों में सही कार्रवाई हो जाए तो ठगी की राशि रोकी जा सकती है और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकता है। साइबर थाना के माध्यम से शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, ऑनलाइन फ्रॉड की राशि को समय रहते होल्ड करना, डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण का केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों में डिजिटल जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाएगा।       कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि साइबर थाना में एक निरीक्षक प्रभारी सहित कुल 30 प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे साइबर अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता और पेशेवर तरीके से की जा सके।       पुलिस अधीक्षक ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले में साइबर तकनीक के माध्यम से 112 ऑनलाइन ठगी मामलों में लगभग 50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं। इसके साथ ही सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 872 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए गए हैं, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल से कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना और डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।        उन्होंने बताया कि गंभीर अपराधों की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों तक शीघ्र पहुंच बनाई गई है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी आशीष शुक्ला, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप सहित अन्य पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Redmi, Realme और Poco की पहली स्मार्टफोन लॉन्चिंग इस साल, क्या होगा नया?

 नई दिल्ली नए साल की शुरुआत के साथ ही अब न्यू स्मार्टफोन लॉन्च होने जा रहे हैं. दरअसल, 6 जनवरी को रेडमी और रियलमी दोनों ही ब्रांड अपनी न्यू सीरीज के स्मार्टफोन अनवील करने जा रहे हैं. इसके बाद 8 जनवरी को Poco M8 लॉन्च होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.  भारत में 6 जनवरी को Redmi Note 15 की लॉन्चिंग है, जिसकी लॉन्चिंग डेट और कई फीचर्स को कंपनी खुद कंफर्म कर चुकी है. यह एक बेस वेरिएंट होगा और प्रो वेरिएंट को आने वाले दिनों में लॉन्च किया जाएगा. 7.35mm की थिकनेस का यूज किया जाएगा. Redmi Note 15 को लेकर कंपनी बता चुकी है कि इसमें बैक पैनल पर 108MP का प्राइमरी कैमरा दिया जाएगा. यह कैमरा कई अच्छे फीचर्स और मोड्स के साथ आएगा. इस हैंडसेट से 4K रिकॉर्डिंग की जा सकेगी. इसमें 5520mAh की बैटरी यूज की जाएगी.  Realme 16 Pro सीरीज की होगी लॉन्चिंग  भारत में 6 जून को ही Realme 16 Pro सीरीज की लॉन्चिंग होगी. इस सीरीज के तहत दो हैंडसेट को लॉन्च किया जाएगा, जिसमें Realme 16 Pro और  16 Pro+ दस्तक देंगे.   Realme 16 Pro+ हैंडसेट में कई अच्छे फीचर्स देखने को मिलेंगे. इसमें Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट, 7,000mAh की बैटरी और 80W का फास्ट चार्जर मिलेगा. इस हैंडसेट में  4D कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले का यूज किया गया है. यह फोन 12GB RAM और 512GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगा.  इस हैंडसेट में स्क्वेयर शेप का कैमरा डिजाइन दिया गया है. इसमें 200MP का अपग्रेडेड प्राइमरी कैमरा लेंस और 50MP का पेरिस्कोप लेंस दिया जाएगा. इसमें 7,000mAh की बैटरी होगी.  POCO M8 भारत में 8 जनवरी को होगा लॉन्च  POCO M8 को भारत में 8 जनवरी को लॉन्च किया जाएगा. कंपनी का दावा है कि यह इस सेगमेंट का सबसे स्लिम हैंडसेट है. इसमें 7.35mm की थिकनेस और 178 ग्राम का वजन मिलेगा.   पोको M8 में बैक पैनल पर स्क्वेयर शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा. इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है. इसके अंदर AI Magic इरेजर का यूज किया गया है.