samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष, CM विष्णु देव साय ने रणनीति और समन्वय पर जोर दिया

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और नक्सलवाद उन्मूलन पर विस्तार से चर्चा की. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य नेताओं से मुलाकात की. मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बार-बार "डबल इंजन की सरकार" की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अब नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट रणनीति, समन्वय और समयबद्ध लक्ष्य के साथ काम हो रहा है. केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिख रहा है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नक्सलवाद को लेकर स्पष्ट रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय की कमी थी. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में गंभीरता नहीं थी. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर रही है. साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय समय में पूरा होगा. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है. मुख्यमंत्री साय ने ये भी दावा किया कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय हो रहा है. सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से हिंसा अब एकमात्र विकल्प नहीं रही. अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ रही है. पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास विकास परियोजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, जिसके तहत अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का सर्वे और मैपिंग शुरू कर दिया गया है. नक्सलवाद के खत्म होने पर निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है. इसका जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले एक साल में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं. साथ ही सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पर भी काम शुरू कर दिया गया है. डबल इंजन की सरकार में मिली स्पष्ट दिशा नक्सलवाद खत्म करने में केंद्र सरकार ने जितनी रुचि अब दिखाई है, क्या वो पहले भी इतनी सचेत थी? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को स्पष्ट दिशा, निरंतरता और समयबद्ध लक्ष्य मिला है. केंद्र सरकार ने नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने का जो संकल्प लिया है, वह अब जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे रहा है और तय समय में लक्ष्य पूरा होने की दिशा में काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले नक्सलवाद के खिलाफ न तो इतनी स्पष्ट रणनीति थी और न ही केंद्र-राज्य के बीच ऐसा समन्वय दिखता था. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं थी, जिसकी जरूरत इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए होती है. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद के समूल निवारण के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने अपने जवाब में केंद्र की वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए "डबल इंजन" मॉडल की सफलता को रेखांकित किया.

ठंड का कहर! IMD ने किया दो दिनों के लिए घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी

नई दिल्ली उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। राजधानी नई दिल्ली में दिन का तापमान गिरा है और राजस्थान के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम है। कश्मीर में भी तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में घाटी के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या हिमपात का पूर्वानुमान जताया है। IMD ने 5-6 जनवरी को उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या हिमपात का अनुमान जताया गया है। इसने बताया कि उत्तराखंड के कुछ इलाकों में 6 जनवरी को बारिश या हिमपात हो सकता है। आईएमडी ने कहा कि अगले तीन दिन मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिसके बाद अगले चार दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। अगले पांच दिनों में गुजरात में न्यूनतम तापमान बढ़ने की संभावना है। भारत के शेष हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव का पूर्वानुमान नहीं है, जहां ठंड का प्रकोप बना रहेगा। सुबह और शाम के वक्त घने कोहरे की मार अभी जारी रहने वाली है। 6 जनवरी तक और बिगड़ेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 2 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक है। 6 जनवरी तक शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा। वहीं, राजस्थान में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है। सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। न्यूनतम तापमान लूणकरनसर में 2.8 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली में 4 डिग्री सेल्सियस और सिरोही, पाली व चूरू में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। शीतलहर का प्रकोप और तेज कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप और तेज हो गया है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किये गए तापमान से कम है। उत्तरी कश्मीर का प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग सबसे सर्द स्थान बना हुआ है। गुलमर्ग में लगातार दूसरी रात न्यूनतम तापमान शून्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में यह 0-5 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है।

दिल्ली यात्रा के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को छत्तीसगढ़ में स्वागत करने का न्योता दिया

रायपुर  छत्तीसगढ़  के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय CM Vishnudev Sai Delhi Visit के बाद देर रात राजधानी रायपुर लौटे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने दिल्ली प्रवास को राज्य हित में महत्वपूर्ण बताया और दौरे की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े आगामी बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे राष्ट्रपति ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री साय ने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से बस्तर की आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। CM Vishnudev Sai Delhi Visit के दौरान खेल और युवा विकास से जुड़े विषय भी प्रमुखता से उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया और राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर मिलना राज्य के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलेगा। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की और उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती और राज्य विकास को लेकर चर्चा हुई। नक्सलवाद पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च तक नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है। छत्तीसगढ़ इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है और सुरक्षा बलों व प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह CM Vishnudev Sai Delhi Visit छत्तीसगढ़ के विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक उत्थान के लिए बेहद लाभकारी रहा है, जिससे राज्य को केंद्र का निरंतर सहयोग मिल रहा है।  

“परीक्षा पे चर्चा 2026” में पालकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ रहा प्रथम

रायपुर. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है। 'परीक्षा पे चर्चा' में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है। इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है। परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है। इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया। पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है। सामूहिक प्रयास का परिणाम – “परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त की गई यह उपलब्धि पूरे राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने का जो संदेश दिया गया है, उसे छत्तीसगढ़ ने दिल से अपनाया है। कुल पंजीयन में देश में चौथा स्थान और पालक सहभागिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे यहां अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ी है और वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।” – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई मिसाल, सीएम विष्णदेव साय बोले- राज्य बना रोल मॉडल

रायपुर  छत्तीसगढ़ में ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के लिए आवेदन जारी हैं. अभिभावक 11 जनवरी तक आवेदन भर सकते हैं. देश में सबसे ज्यादा आवेदन छत्तीसगढ़वासियों ने भरे हैं. अब तक 81,533 से अधिक अभिभावकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राज्य ने परीक्षा को तनाव नहीं, बल्कि उत्सव बनाने की सोच अपनाई है. छत्तीसगढ़ इस मामले में देश का रोल मॉडल बन गया है. सीएम साय ने कहा कि पालक अब सिर्फ अंकों के दबाव में नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण पर ध्यान दे रहे हैं.     परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाने की सोच- छत्तीसगढ़ बना देश का रोल मॉडल।     ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में पालक सहभागिता के पंजीयन में अब तक देश में प्रथम स्थान पर बने रहना छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है।     81,533 से अधिक अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि हमारे पालक… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में परीक्षा को सकारात्मक अनुभव बनाने के इस अभियान को छत्तीसगढ़ ने पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू किया है. इस पहल में विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक की साझा भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है. अभिभावक 11 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं और इस अभियान को और मजबूत बना सकते हैं. मुख्यमंत्री साय का जनदर्शन कार्यक्रम रायपुर में 8 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर CM साय जनता की समस्याएं सुनेंगे और छत्तीसगढ़वासियों से सीधा संवाद करेंगे. इस कार्यक्रम में जनता की समस्याओं का निराकरण भी किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ में पारम्परिक भोजन को बढ़ावा दें धमतरी में पहली बार होगा मिलेट्स महोत्सव

धमतरी. जिले में पोषण सुरक्षा, किसान समृद्धि एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा पहली बार “मिलेट्स महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल पर यह आयोजन 5 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित होगा। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं आम नागरिकों को मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती, पोषण मूल्य, स्वास्थ्य लाभ एवं विपणन संभावनाओं से व्यापक रूप से अवगत कराना है। यह आयोजन जिले को स्वस्थ समाज और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक नई पहचान दिलाने की ओर अग्रसर करेगा। महोत्सव के दौरान जिले में उत्पादित कोदो, कुटकी, रागी सहित विभिन्न प्रकार के मिलेट्स एवं उनसे तैयार पोषक, स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उपस्थित नागरिक इन व्यंजनों का स्वाद लेकर मिलेट्स आधारित खानपान को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इस अवसर को और भी गरिमामयी बनाते हुए पद्मश्री सम्मानित डॉ. खादर वल्ली विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वे किसानों एवं नागरिकों को मिलेट्स के नियमित सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, जीवनशैली में इसके महत्व, मधुमेह, हृदय रोग एवं पाचन संबंधी समस्याओं में इसकी भूमिका तथा वैज्ञानिक खेती एवं विपणन के अवसरों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मिलेट्स में प्रचुर मात्रा में फाइबर, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन एवं आवश्यक खनिज तत्व पाए जाते हैं। यह फसल कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली, जलवायु अनुकूल एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, जिससे किसानों की लागत घटने के साथ उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले के कृषकों, महिला समूहों, युवाओं एवं आमजन से इस ऐतिहासिक मिलेट्स महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सहभागिता निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स को जन-आंदोलन का रूप देकर ही स्वस्थ समाज, समृद्ध किसान और सशक्त जिले की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में एसआई और प्लाटून कमांडर भर्ती के दस्तावेज सत्यापन व शारीरिक माप परीक्षण कल से

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर (गृह पुलिस विभाग) भर्ती परीक्षा 2024 के अंतर्गत अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह प्रक्रिया 06 जनवरी से 06 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण परीक्षा जिला सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, रायपुर एवं राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में निर्धारित केंद्रों पर संपन्न होगी। अभ्यर्थियों के लिए प्रातः 07:00 बजे रिपोर्टिंग समय निर्धारित किया गया है, जबकि शारीरिक माप परीक्षण प्रातः 08:00 बजे से प्रारंभ होगा। आयोग ने बताया कि उक्त परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र दिनांक 26 दिसम्बर 2025 को जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइटwww.psc.cg.gov-inसे डाउनलोड कर सकते है, एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आयोग द्वारा जानकारी दी गई है कि अभ्यर्थियों को पृथक से प्रवेश पत्र व्यक्तिशः नहीं भेजी जाएगी।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का रायपुर और बिलासपुर में कल से होगा चयन ट्रायल

रायपुर. छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं। नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। इच्छुक खिलाड़ी मोबाइल नम्बर +91-8871419609 पर फोन कर या वेबसाइटhttp://sportsyw.cg.gov.inके माध्यम चयन ट्रायल संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायलस्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की मूल कॉपी (Original Copy) साथ लाने को कहा है। रायपुर में होंगे वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे नौ बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल बिलासपुर में बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव स्टेडियम में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तीरंदाजी और एथलेटिक्स के ट्रायल होंगे। बिलासपुर के सरकंडा स्थित जिला खेल परिसर में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तैराकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।

रायपुर में स्वच्छ क्लोरीनयुक्त पेयजल की घरों में हो रही आपूर्ति

रायपुर. नगर पालिक निगम के जल विभाग द्वारा विजय नगर चौक के पास पेयजल वितरक पाईप लाईन में लीकेज को ट्रेस होने के बाद तत्काल सुधार लिया गया और उसके बाद आज सुबह से नगर निगम के महर्षि वाल्मीकि वार्ड अंतर्गत सेल्स टैक्स कॉलोनी, महामाया विहार, पिंक सिटी, गायत्री नगर, विजय नगर में रहवासी नागरिकों के घरों में स्वच्छ क्लोरीन युक्त पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे, जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर आज सुबह से नगर निगम जल विभाग, नगर निगम जोन 3 एवं जोन 9 जल कार्य विभाग की टीमों द्वारा महर्षि वाल्मीकि वार्ड अंतर्गत सेल्स टैक्स कॉलोनी, महामाया विहार, विजय नगर, पिंक सिटी, गायत्री नगर के घरों में घर -घर जाकर नलों में आ रहे पेयजल में क्लोरीन की मात्रा की जाँच की जा रही है. सभी घरों के नलों के पानी में क्लोरीनयुक्त पेयजल जाँच में पाया गया है. सभी घरों में स्वच्छ पेयजल आ रहा है. किसी भी घर में गन्दा पानी आने की शिकायत नहीं मिली है. नगर निगम के जोन 3 और 9 के जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्षेत्र की सभी नालियों की अभियान चलाकर अगले एक सप्ताह में सफाई करवाकर कचरा एवं गन्दगी बाहर निकालकर नालियों का निकास सुगम बनाने का कार्य प्राथमिकता से सतत मॉनिटरिंग करवाकर करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैँ.वहीं जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को सफाई अभियान के दौरान नाली के भीतर पाईप लाईन दिखते ही इसकी जानकारी नगर निगम जल विभाग के अधिकारियों को तत्काल देने कहा गया है, ताकि तत्काल नाली के भीतर से पाईप लाईन को बाहर निकाला जा सके. नगर निगम जल विभाग के जल विभाग, जोन 3 और जोन 9 के अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्षेत्र में नालियों के भीतर से जा रही पाईप लाईन को अतिशीघ्र अभियानपूर्वक ट्रेस करके उन्हें नालियों के बाहर निकालने का कार्य क्षेत्र के रहवासियों से सहयोग लेकर करवाने के निर्देश दिए हैँ. इंदौर जैसी घटना शहर में कहीं भी na हो, इस हेतु विशेष सतर्कता लगातार बनाये रखने अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. नगर निगम जल विभाग ने महर्षि वाल्मीकि वार्ड के रहवासियों से वार्ड क्षेत्र में स्थित नालियों के भीतर से जा रही पाइप लाइन को अतिशीघ्र बाहर निकालने के कार्य में रायपुर नगर निगम ज़ल विभाग, जोन 3 और जोन 9 जल विभाग के अमले को सहयोग देने की अपील की है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे ‘बाबू जीः’ मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन   सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा ‘बाबू जी’ का कार्यकालः सीएम योगी  कल्याण सिंह जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में पढ़ा राष्ट्रवाद का पाठः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि ‘बाबू जी’ अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। उतर प्रदेश में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री थे कल्याण सिंह  मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बाबू जी’ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री थे। 1991 में जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली, तब यहां अव्यवस्था, अराजकता, गुंडागर्दी थी और आतंकी गतिविधियां सिर उठा रही थीं। गांवों, गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। एक ओर कुव्यवस्था थी तो दूसरी ओर 500 वर्षों की गुलामी को दूर करने के लिए हिंदू समाज छटपटा रहा था।  ‘बाबू जी’ का कार्य देख प्रदेशवासियों को हुआ विश्वास- सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा यूपी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पहली बार भाजपा की  सरकार की कमान अपने हाथ में ली थी। जब उन्होंने कार्य शुरू किया तो कुछ ही महीने में प्रदेशवासियों के मन में यह विश्वास सुदृढ़ होने लग गया था कि उत्तर प्रदेश सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा, लेकिन उन्हें अस्थिर करने की साजिशें होने लगी। अव्यवस्था फैलानी शुरू हो गईं।  सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा ‘बाबू जी’ का कार्यकाल मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन चरम की ओर बढ़ा तो रामभक्तों, पूज्य संतों की भावना का सम्मान करते हुए अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के प्रति उन्होंने सत्ता को बलिदान करने में संकोच नहीं किया। उनकी सरकार गई, लेकिन गुलामी के ढांचे को हटाने के जिस प्रण के साथ राम भक्त आगे बढ़े थे, उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर प्रभु राम के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करने में तनिक भी देर नहीं लगाई। बाबू जी का कार्यकाल यूपी सरकार के सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा।  कल्याण सिंह जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में पढ़ा राष्ट्रवाद का पाठ  सीएम योगी ने कहा कि आज हर भारतवासी बाबू जी को याद करता है। उनका जन्म किसान परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा। आजीवन उसे जीवन का मंत्र बनाया और उस मिशन के लिए समर्पित होकर लगातार कार्य करते रहे और अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। विधायक, मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के रूप में उनकी सेवाएं देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगी।  इस दौरान स्व. कल्याण सिंह के पुत्र व पूर्व सांसद राजवीर सिंह, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, सांसद सतीश गौतम, मुकेश राजपूत, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, स्व. कल्याण सिंह के पौत्र व बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।