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भोपाल में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान की शुरुआत, 1.16 लाख वोटरों की जांच आज से शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक लाख से ज्यादा ऐसे मतदाता हैं, जो निर्वाचन आयोग के डिजिटल नक्शे पर लापता हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो सोमवार से आपकी नागरिकता और मतदान के अधिकार की सुनवाई शुरू हो रही है। दरअसल, भोपाल की मतदाता सूची का शुद्धिकरण अभियान चल रहा है। इस प्रक्रिया में 1,16,925 मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनका पता डिजिटल मैप से मेल नहीं खा रहा है। आसान भाषा में कहें तो सरकारी रिकॉर्ड में आप हैं, पर आपका घर कहां है, इसकी सटीक मैपिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे नो मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई सोमवार से शुरू हो रही है। सोमवार सुबह से भोपाल के सभी 85 वार्ड कार्यालयों, तहसील और नजूल दफ्तरों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इन नो-मैपिंग मतदाताओं की दलीलें सुनेंगे। जिला निर्वाचन कार्यालय अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को उनके घर पर नोटिस थमा चुका है। वहीं आपके इलाके के बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस बांट रहे हैं ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। 4.38 लाख नाम कटे, अब आपकी बारी यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। प्रशासन अब तक सूची से 4.38 लाख फर्जी या अपात्र नाम काट चुका है। ऐसे में अगर आपके पास नोटिस आया है और आप सुनवाई में नहीं पहुंचते, तो मुमकिन है कि अगली बार आप पोलिंग बूथ पर अपना नाम न ढूंढ़ पाएं। बीएलओ पर काम का बोझ बढ़ा है। सर्वर की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन एक जागरूक नागरिक के नाते यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने वार्ड कार्यालय पहुंचें। याद रखिए, आपकी एक छोटी-सी लापरवाही आपको लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव यानी मतदान से बाहर कर सकती है। एक तरफ नाम काटे जा रहे हैं तो दूसरी तरफ नए जोड़े जा रहे हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय का अनुमान है कि दो लाख नए मतदाता इस बार जुड़ेंगे। फार्म-6 का वितरण जारी है। सुनवाई में जाते समय साथ रखें ये दस्तावेज अगर आपको नोटिस मिला है, तो वार्ड दफ्तर खाली हाथ न जाएं। आपको भारत की नागरिकता प्रमाणित करने के लिए ये दस्तावेज दिखाने होंगे।     आधार कार्ड या पासपोर्ट।     निवास प्रमाण पत्र (बिजली बिल/राशन कार्ड)।     आयु का प्रमाण।     जारी किया गया नोटिस। वोटर आईडी अपडेट नहीं कराने से नौ-मैपिंग की समस्या     लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का पारदर्शी होना अनिवार्य है। कई बार लोग घर बदल लेते हैं पर वोटर आईडी अपडेट नहीं कराते, जिससे नो-मैपिंग की समस्या आती है। यह सुनवाई आपकी पहचान को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने का एक मौका है। – भुवन गुप्ता, उप निर्वाचन अधिकारी  

शीतलहर और घने कोहरे ने मचाई हलचल, पचमढ़ी में बर्फ, नौगांव में पारा 1 डिग्री, 19 जिलों में स्कूल बंद

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। अरब सागर से आई नमी और उत्तर भारत की सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश को 'कोल्ड डे' जैसी स्थिति में डाल दिया है। आलम यह है कि सुबह में भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 33 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम बनी हुई है। राजगढ़ 5 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए 13 जिलों के स्कूलों में अवकाश और समय परिवर्तन के आदेश जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी कोहरे का अलर्ट जारी किया है।  पिछले 3 दिन से पूरा मध्य प्रदेश कोहरे की आगोश में है। भोपाल में सुबह 6 से 7 बजे के बीच इतना घना कोहरा था कि 20 मीटर बाद कुछ दिखाई नहीं दिया। सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। पचमढ़ी में गाड़ियों की सीट पर बर्फ की परत जमी मिली। छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा।  खजुराहो, गुना, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, सागर, जबलपुर, नौगांव, दतिया, धार, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, रीवा, सतना, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सीधी, मंडला, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। कोहरे की वजह से बड़वानी जिले में सोमवार सुबह सांची दूध का टैंकर पलट गया। हादसे में हेल्पर कन्हैयालाल मुजाल्दे (35) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर अमजद अहमद शेख (35) गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा है। मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा देरी से चल रही है। सर्द हवाओं की वजह से सर्दी भी तेज हो गई है। ज्यादातर जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे आ गया है। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा। इन 19 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित     इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्‌टी।     उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्‌टी।     मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्‌टी।     शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी, 7 से स्कूल।     अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।     रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्‌टी।     आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।     भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।     टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, सोमवार को अवकाश।     नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।     मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।     जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद; परीक्षाएं यथावत।     दमोह: प्री प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।     डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश। भोपाल और धार में बदली स्कूल टाइमिंग     भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9.30 बजे के बाद खुलेंगे।     धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9.30 बजे के बाद संचालित होंगी, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत रहेगा।

अनिल कपूर की आइकॉनिक फिल्म ‘नायक’ का सीक्वल तैयार, प्रोड्यूसर ने कहा- ‘जब समय आता है…’

मुंबई         बॉलीवुड के 'एवरग्रीन' एक्टर अनिल कपूर ने यूं तो अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में की हैं. लेकिन उनकी एक ऐसी फिल्म जिसे सबसे ज्यादा याद किया जाता है, वो है 'नायक'. साल 2001 में आई ये फिल्म कई लोगों को पसंद आई थी. इसकी कहानी ने आम जनता के दिल को इस तरह छुआ था कि ये फिल्म बाद में जाकर कल्ट साबित हुई.  'नायक' का बन रहा सीक्वल, कब होगा अनाउंस? 'नायक' फिल्म को तमिल डायरेक्टर शंकर ने बनाया था. ये उन्हीं की 1999 में आई तमिल फिल्म 'मुधलवन' का ऑफिशियल रीमेक थी. जिसमें रानी मुखर्जी, परेश रावल, अमरीश पुरी, जॉनी लीवर और सौरभ शुक्ला जैसे जाने-माने एक्टर्स शामिल थे. 'नायक' तब बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक ही चली थी. लेकिन अब इस फिल्म का 25 सालों बाद सीक्वल अनाउंस हुआ है.  प्रोड्यूसर दीपक मुकुट, जिन्होंने 'सनम तेरी कसम' जैसी हिट रोमांटिक फिल्म बनाई है, उन्होंने 'नायक 2' को कंफर्म किया है. उनके पास फिल्म के कॉपीराइट्स हैं. उनका खुलासा है कि वो इस फिल्म को अनिल कपूर के साथ मिलकर प्रोड्यूस करने वाले हैं, जो इसमें एक्टिंग भी करते नजर आएंगे.  HT को दिए इंटरव्यू में दीपक मुकुट ने कहा, 'अनिल कपूर और मैं मिलकर ये फिल्म बना रहे हैं. अभी इसके बारे में कुछ ज्यादा कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी कई सारी बातचीत और चर्चाएं चल रही हैं. हां, नायक फिल्म का सीक्वल बनने वाला है और हम दोनों मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस भी कर रहे हैं.' प्रोड्यूसर ने बॉम्बे टाइम्स को भी एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें वो बताते हैं कि फिल्म अभी स्क्रिप्टिंग स्टेज पर है. जैसे ही स्क्रिप्ट लॉक हो जाएगी, इसकी शूटिंग शुरू होगी. दीपक मुकुट का कहना है कि वो जल्द 'नायक 2' का सीक्वल ऑफिशियली अनाउंस करने वाले हैं. उन्होंने कहा, 'ये एक लीगेसी प्रोजेक्ट है. लगभग 25 साल हो गए हैं. हर फिल्म की अपना एक किस्मत होती है. जब उसका समय आता है, तो वो हो ही जाती है. और हमें लगा कि अब इसे करने का अच्छा समय है. हमारी आपस में समझ बनी हुई है और हम सब मिलकर इसे कर रहे हैं. इसके अलावा मैं ज्यादा कुछ नहीं बोल पाऊंगा.' बात करें अनिल कपूर के प्रोजेक्ट्स की, तो एक्टर जल्द यश राज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की अगली फिल्म 'अल्फा' में नजर आने वाले हैं. इसके अलावा वो 'सूबेदार' फिल्म में भी नजर आएंगे, जो अमेजन प्राइम वीडियो पर जल्द रिलीज होगी.

सस्ती और दमदार! 80,000 रुपये तक की छूट पर मिल रही है इस SUV की खरीदारी, कीमत 6 लाख से कम

मुंबई  नए साल की शुरुआत के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में ग्राहकों के लिए बेहतरीन ऑफर्स का दौर शुरू हो गया है। हुंडई ने जनवरी 2026 में अपने कई मॉडलों पर आकर्षक डिस्काउंट ऑफर जारी किए हैं और इसी कड़ी में कंपनी की पॉपुलर माइक्रो एसयूवी Hyundai Exter भी जबरदस्त बेनिफिट्स के साथ उपलब्ध है। कंपनी की ओर से दी जा रही जानकारी के अनुसार इस एसयूवी पर ग्राहकों को कुल मिलाकर 80,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है और 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा। ग्राहक इससे जुड़ी पूरी जानकारी और सटीक ऑफर्स के लिए अपने नजदीकी हुंडई डीलरशिप से संपर्क कर सकते हैं। Hyundai Exter वर्तमान समय में माइक्रो एसयूवी सेगमेंट की सबसे आकर्षक कारों में से एक मानी जाती है और भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला Tata Punch जैसी मजबूत कार से होता है। एक्सटर के आकर्षक डिजाइन, फीचर्स और किफायती प्राइस सेगमेंट की वजह से कंपनी इसे नए ग्राहकों तक और ज्यादा पहुंचाना चाहती है और यही वजह है कि नए साल में इस पर इतना बड़ा ऑफर दिया जा रहा है। अगर इसके इंजन और परफॉर्मेंस की बात करें तो Hyundai Exter में 1.2 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया जाता है जो लगभग 83bhp की पावर और 114Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। यही नहीं, कंपनी इसमें CNG का विकल्प भी देती है, जिससे यह बजट और माइलेज दोनों के लिहाज से खरीदारों के लिए बेहद आकर्षक बन जाती है। फीचर्स की बात करें तो एक्सटर में 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, क्रूज कंट्रोल, सिंगल पेन सनरूफ जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं। सुरक्षा के लिहाज से कार में 6 एयरबैग शामिल किए गए हैं, जो इस सेगमेंट में इसे और मजबूत बनाते हैं। कीमत की बात करें तो Hyundai Exter की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 5.68 लाख रुपये से शुरू होकर 9.61 लाख रुपये तक जाती है। ऐसे में डिस्काउंट के बाद यह एसयूवी और भी ज्यादा किफायती साबित होती है और 6 लाख रुपये से कम बजट में SUV लेने वालों के लिए यह बड़ा मौका बन सकता है।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण पंजाब में शुरू, नशे के आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू

मोहाली पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। इस चरण में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का फील्ड स्टाफ गांवों और शहरों में घर-घर जाकर नशे से जुड़े आंकड़े एकत्र करेगा और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। मोहाली में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने बताया कि इस अभियान के तहत नशा छोड़ चुके युवाओं को प्रेरक वक्ता के रूप में समाज के बीच लाया जाएगा। ये युवा अपने अनुभव साझा कर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और खासतौर पर युवाओं को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा नशे की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और समाज की सक्रिय भागीदारी से इस समस्या को जड़ से खत्म करना है।  स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक करीब 20 हजार नशा पीड़ित युवाओं को नशे की लत से बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि कई नशा मुक्ति केंद्रों में अब नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं, जो पहले चरण की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में नशा रोकथाम के साथ-साथ पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रियों ने पंचायतों, विभागीय कर्मचारियों और आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके।

ओवैसी ने शरद पवार के सांसद बनने पर उठाए सवाल, क्या इस बार नहीं बन पाएंगे सांसद?

मुंबई   लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के संसदीय भविष्य को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि पवार के पास दोबारा राज्यसभा में जाने के लिए जरूरी विधायक नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि आने वाले समय में इसे लेकर बड़ा 'तमाशा' होगा। AIMIM चीफ की तरफ से यह दावा ऐसे समय पर किया गया है, जब महाराष्ट्र में BMC समेत कई बड़े निकायों के चुनाव होने हैं। पवार का कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है। ओवैसी ने कहा, 'पवार साहब का राज्यसभा टर्म कब तक का है? मार्च तक। उसके पास उनके पास ताकत कहां है। उनके गठबंधन में इतने विधायक कहां हैं। अगर वह जाते हैं, तो कैसे जाएंगे। यह तो उनको पूछना चाहिए…। अगर वह दोबारा राज्यसभा जाएंगे पवार साहब तो कैसे जाएंगे? नंबर चाहिए न। तो पता चल जाएगा आपको। अभी तमाशा होगा देखिए।' कई दिग्गजों का कार्यकाल पूरा होगा इन राज्यसभा चुनावों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि इसमें कई नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें केंद्र सरकार में मंत्री एवं विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल है। अगर मंत्री फिर से चुनकर नहीं आते हैं तो उनका सरकार में रहना मुश्किल हो जाएगा और अन्य प्रमुख नेताओं के लिए भी दिक्कतें बढ़ेगी। जिन प्रमुख नेताओं कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बी एल बर्मा, जॉर्ज कुरियन आदि शामिल है। इनके अलावा प्रेमचंद गुप्ता, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले, रामगोपाल यादव, नीरज शेखर, राम जी, शक्ति सिंह गोहिल, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, तिरुचि शिवा और मनोनीत सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई शामिल है। सबसे ज्यादा दस सीटें उत्तर प्रदेश में रिक्त होंगी 2026 में जिन 72 सीटों के लिए चुनाव होंगे उनमें अप्रैल में 37 सीटों के लिए, जून में 23 सीटों के लिए, जुलाई में एक सीट के लिए और नवंबर में 11 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। अप्रैल माह में जिन 37 सीटों के लिए चुनाव होंगे, उनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल शामिल है, जबकि नवंबर में होने वाले 11 सीटों के चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश की 10 सीटें होगी। इसके अलावा जून में होने वाले 23 सीटों के चुनाव में आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य हैं।

संभल में बिजली विभाग की छापेमारी, अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन सील

संभल   जहां संभल में बीते दिन रविवार को मस्जिद से लेकर मदरसे पर सुबह से लेकर शाम तक कार्रवाई चली तो आज संभल में पुलिस और प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू किया है. राय सत्ती थाना क्षेत्र में आज सुबह 5 बजे से व्यापक छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई में बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं. डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात है. प्रशासन का कहना है कि छापेमारी के दायरे में धार्मिक स्थल भी आ सकते हैं और बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले से जुड़ी पल-पल की अपडेट पढ़ने के लिए लाइव से जुड़े रहे… बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी को किया जा रहा चार्ज, JE ने पकड़ा संभल में बिजली विभाग की टीम ने राय सत्ती इलाके में अवैध रूप से चल रहे ई रिक्शा बैटरी चार्जिंग स्टेशन को पकड़ा है. जहां पर अवैध रूप से बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग की जा रही थी. बिजली विभाग ने इस जगह से कई चार्जिंग इक्विपमेंट बरामद करते हुए इसे सील कर दिया. बिजली विभाग के JE दीपक कुमार से बातचीत करते हुए न्यूज18 इंडिया ने पूरी जानकारी ली है. यह घर किसका है इसके बारे में बिजली विभाग को भी जानकारी नहीं मिल पाई थी लेकिन उनका कहना था कि उन्होंने यहां पर बाहर से एक बिजली के पोल से आई हुई बड़ी केबल को पकड़ा था जो एक बड़े हॉल के कमरे से आ रही थी और यहां पर ई रिक्शा को गुपचुप तरीके से चार्ज किया जा रहा है. हम इसे सील कर रहे हैं.  संभल में बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई, डीएम बोले- डेढ़ करोड़ का लाइन लास रोका गया संभल में बिजली चोरी के मामले को लेकर डीएम ने बताया कि रायसत्ती और सराय तरीन में छापेमारी के दौरान कई अवैध कनेक्शन पकड़े गए. पिछले एक साल में संभल प्रशासन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के लाइन लास को रोकने में सफलता हासिल की है. अभियान में मुस्तफा मस्जिद में बिजली चोरी पकड़ी गई, वहीं कुछ ई-रिक्शे अवैध रूप से चार्जिंग कर रहे थे. इसके अलावा डेरी में भी अवैध कनेक्शन का खुलासा हुआ. सांसद बर्क के इलाके रायसत्ती-नखासा में बिजली चोरी पर प्रशासन ने मारा छापा संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क के ग्रहक्षेत्र रायसत्ती और नखासा से शुरू हुए अभियान में डीएम और एसपी के नेतृत्व में अधिकारी और कर्मचारी घर-घर और दुकानों में बिजली चोरी की जांच कर रहे हैं. अब कार्रवाई सराय तरीन इलाके में भी पहुंच चुकी है, जहां नबाबखेल मोहल्ले में टीमें सक्रिय हैं और प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.  रायसत्ती और सराय तरीन के बाद अब किन इलाकों में होगी छापेमारी, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन और बिजली विभाग की कार्रवाई जारी है. बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि आज रायसत्ती इलाके में दूध के एक बड़े कारोबार के परिसर में अवैध कनेक्शन पकड़ा गया. इसके अलावा सराय तरीन और अन्य क्षेत्रों में भी टीमों ने सर्च ऑपरेशन किया. इस अभियान में डीएम और एसपी की मौजूदगी रही, और सात टीमों ने मिलकर छापेमारी की. अभी कुछ इलाके और हैं जिन्हें चिन्हित किया जाना है. उन्होंने कहा कि आज तीन से चार प्रमुख क्षेत्रों में सर्च किया गया और अब तक 5-6 घरों में अवैध बिजली कनेक्शन पाए गए हैं. हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले एक साल में चलाए गए अभियान के चलते लोगों में जागरूकता बढ़ी है. अब लोग मीटर और स्मार्ट मीटर लगवा रहे हैं और बिजली का बिल समय पर भर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि बिजली चोरी पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इससे बिजली के सही उपयोग में काफी सुधार आएगा. : सराय तरीन में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई, डीएम-एसपी की मौजूदगी में हो रही चेकिंग राय सत्ती के बाद अब सराय तरीन इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है. डीएम और एसपी की मौजूदगी में बिजली विभाग की टीमें घर-घर जाकर बिजली चोरी की जांच कर रही हैं. करीब 60-70 गाड़ियों से अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं. सराय तरीन के नबाबखेल मोहल्ले में चल रही इस चेकिंग से इलाके में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने बताया कि अवैध कनेक्शन और कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस पैनी नजर के चलते इलाके के लोग भी पुलिस और बिजली विभाग की कार्रवाई को गंभीरता से देख रहे हैं.  

इंदौर में दूषित पानी का कहर, 17वीं मौत—भागीरथपुरा में 9416 की जांच, 20 नए मरीज मिले, हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

 इंदौर  इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप मचा हुआ है. भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17वीं मौत हो गई है. रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है. उन्हें एक जनवरी को उल्टी-दस्त के चलते एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया गया था. दो जनवरी को आईसीयू में एडमिट किया गया. दो दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और रविवार दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई. इंदौर के दूषित पानी से बच्चों पर भी खतरा बना हुआ है. चाचा नेहरू अस्पताल में बीमार बच्चों का इलाज किया जा रहा है. करीब 12 बच्चों का इलाज चल रहा है. रविवार को AIIMS और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की टीम बच्चों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंची थी. टीम ने बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई. टीम बच्चों में बीमारी के लक्षणों की भी जांच करेगी. AIIMS के डॉक्टरों ने बच्चों की ब्लड कल्चर रिपोर्ट और स्टूल जांच की रिपोर्ट के साथ उन्हें दी जाने वाली मेडिसिन की रिपोर्ट भी ली. रविवार को स्वास्थ्य ठीक होने के बाद तीन बच्चों को डिस्चार्ज किया गया था. वहीं, बॉम्बे हॉस्पिटल में 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से 4 मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। रविवार रात तक की स्थिति में 7 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। अब तक कुल 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए, जिनमें से 256 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज जारी है। इधर, प्रभावित क्षेत्र में 4 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग ने 2354 घरों का सर्वे किया। 9416 लोगों की जांच की गई, जिनमें 20 नए मरीज मिले हैं। जबकि 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप लिया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी ने बताया कि क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक घर में 10 ओआरएस पैकेट और 30 जिंक की गोलियां बांटी गई हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए क्लीन वाटर बॉटल की किट भी बांटी गई है। 17 टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं। इन टीमों में जन अभियान परिषद के सदस्य, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, सुपरवाइजर और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं। भागीरथपुरा के परिवारों पर संकट दूषित पानी कांड के बाद भागीरथपुरा के कइयों परिवारों पर संकट भी देखने को मिल रहा है. 28 साल के अमित मेर इंदौर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडस्ट्रियल इलाके की एक ऑटोमोबाइल फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं. वह 28 दिसंबर से काम पर नहीं गए हैं क्योंकि उनकी 50 वर्षीय मां रामकली की दूषित पानी पीने से मौत हो गई. अमित ने कहा कि वह करीब 400 रुपये रोज कमाते थे. मां की मौत के बाद वह काम पर जाने की हालत में नहीं हैं. उन्हें घर पर रुकना पड़ रहा है. कमाई का कोई जरिया नहीं है. पीड़ित परिवारों पर दोहरी मार भागीरथपुरा में ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे स्तर पर काम करने वाले लोग रहते हैं. रोजाना की मेहनत और उससे मिले थोड़े से पैसों से ही उनका गुजारा होता है. परिवार में किसी न किसी व्यक्ति की बीमारी के चलते उनपर दोहरी मार पड़ रही है. अस्पताल का खर्च और काम पर न जाने की वजह से आय न होना, दोनों ही उनकी मुसीबतें बढ़ा रहा है. मरीज की सेहत के साथ खिलवाड़ बीना सावरिया इंदौर के भागीरथपुरा में रहती हैं. उन्होंने बताया कि अभी भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उनके पति प्रकाश प्रजापति की तबीयत खराब थी. भागीरथपुरा में ही आरोग्य केंद्र पर दिखाया था. वहां पर डॉक्टरों ने पर्चे पर पांच दवाइयां लिखीं और चार दवाई देकर उन्हें भेज दिया. उन्हें बताया भी नहीं कि एक दवाई नहीं है. वह घर आ गए और पिछले तीन दिनों से उनके पति दवाई खा रहे थे. जब आराम नहीं हुआ, तो मेडिकल दुकान पर गए, जहां मेडिकल संचालक ने कहा कि इसमें जो सबसे महत्वपूर्ण दवाई थी, वह तो आप नहीं खा रहे हैं. उसके बाद उन्होंने मेडिकल से दवाई ली तब जाकर तबीयत ठीक हुई. कर्ज लेकर लगवाएंगे RO उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि जब दवाई उपलब्ध नहीं थी, तो फिर क्यों मरीज को नहीं बताया गया. इससे बड़ा खिलवाड़ और क्या हो सकता है. उन्होंने कहा कि RO का पानी खरीदकर पी रहे हैं. परिवार की चिंता है. घर में छोटे बच्चे हैं. अब कर्ज लेकर घर पर RO लगवाएंगे. कर्ज लेना मजबूरी है क्योंकि जल ही जीवन है. निगम के टैंकर और नर्मदा के पानी पर भरोसा नहीं है. यहां का पानी जहर बन चुका है. कोलकाता से आए वैज्ञानिक लेंगे सैंपल इधर, इंदौर के स्मार्ट सिटी कार्यालय में रविवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें कलेक्टर ने भागीरथपुरा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें कार्य कर रही हैं। कोलकाता से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और वैज्ञानिक डॉ. गौतम चौधरी सैंपल लेकर वैज्ञानिक तरीके से जांच करेंगे। इसके लिए टीम भागीरथपुरा क्षेत्र से पानी के रैंडम सैंपल एकत्रित करेगी। पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेजी से जारी भागीरथपुरा इलाके में पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। बोरिंग में भी लीकेज की जांच की जा रही है। रहवासी ललित ने बताया कि फिलहाल पीने के पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। साफ पानी की मांग को देखते हुए अब गलियों में बिसलरी से भरी गाड़ियां भी घूमने लगी हैं। महापौर बोले- पूरा प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्र में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- फिलहाल सभी की प्राथमिकता एक ही है कि पूरी ताकत के साथ मिलकर लोगों की सेवा की जाए। पूरा प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्र में मौजूद है और जैसे ही किसी मरीज की सूचना मिलती है, उसे तुरंत इलाज दिलाने और अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जा रही है। महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जल लाइनों का सर्वे कराने और जहां से भी शिकायतें मिलें, उन्हें 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए … Read more

सोमनाथ: आक्रमण से पुनर्निर्माण तक, 1000 साल की यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी की भावनात्मक कलम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर के बार-बार विध्वंस और इसके पुनर्निर्माण की कहानी पर एक भावुक ब्लॉग लिखा है. भारत के गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर को पहली बार 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के हाथों विध्वंस का सामना करना पड़ा, जिसमें पवित्र ज्योतिर्लिंग को खंडित कर दिया था. इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी (1299), जफर खान (1395) और औरंगजेब (1706) जैसे मुगल शासकों ने भी हिंदू आस्था के इस प्राचीन केंद्र पर हमले किए. हर विध्वंस के बाद मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रयास किए गए. भारत की स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर इसका आधुनिक स्वरूप निर्मित हुआ.  पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा, 'सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है. भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है. द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है. ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है…सौराष्ट्रे सोमनाथं च…यानी ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है. ये इस पवित्र धाम की सभ्यतागत और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है.' उन्होंने आगे लिखा, 'शास्त्रों में ये भी कहा गया है: सोमलिङ्गं नरो दृष्ट्वा सर्वपापैः प्रमुच्यते। लभते फलं मनोवाञ्छितं मृतः स्वर्गं समाश्रयेत्॥ अर्थात्, सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है. मन में जो भी पुण्य कामनाएं होती हैं, वो पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है. दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ, जो करोड़ों लोगों की श्रद्धा और प्रार्थनाओं का केंद्र था, विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था. वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए बहुत महत्व रखता है क्योंकि इस महान तीर्थ पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं. जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण किया था, इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था. यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था.'   पीएम मोदी ने सोमनाथ पर हमले को मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि इतनी बार विध्वंस का सामना करने के एक हजार वर्ष बाद आज भी यह मंदिर पूरे गौरव के साथ खड़ा है. साल 1026 के बाद समय-समय पर इस मंदिर को उसके पूरे वैभव के साथ पुन:निर्मित करने के प्रयास जारी रहे. मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में आकार ले सका. संयोग से 2026 का यही वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का भी वर्ष है. 11 मई 1951 को इस मंदिर का पुनर्निर्माण सम्पन्न हुआ था. तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में हुआ वो समारोह ऐतिहासिक था, जब मंदिर के द्वार दर्शनों के लिए खोले गए थे. उन्होंने लिखा कि 1026 में एक हजार वर्ष पहले सोमनाथ पर हुए पहले आक्रमण, वहां के लोगों के साथ की गई क्रूरता और विध्वंस का वर्णन अनेक ऐतिहासिक स्रोतों में विस्तार से मिलता है. जब इन्हें पढ़ा जाता है तो हृदय कांप उठता है. हर पंक्ति में क्रूरता के निशान मिलते हैं, ये ऐसा दुःख है जिसकी पीड़ा इतने समय बाद भी महसूस होती है. हम कल्पना कर सकते हैं कि इसका उस दौर में भारत पर और लोगों के मनोबल पर कितना गहरा प्रभाव पड़ा होगा. सोमनाथ मंदिर का आध्यात्मिक महत्व बहुत ज्यादा था. ये बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर खींचता था. ये एक ऐसे समाज की प्रेरणा था जिसकी आर्थिक क्षमता भी बहुत सशक्त थी. हमारे समुद्री व्यापारी और नाविक इसके वैभव की कथाएं दूर-दूर तक ले जाते थे.   पीएम मोदी ने लिखा कि सोमनाथ पर हमले और फिर गुलामी के लंबे कालखंड के बावजूद आज मैं पूरे विश्वास के साथ और गर्व से ये कहना चाहता हूं कि सोमनाथ की गाथा विध्वंस की कहानी नहीं है. ये पिछले 1000 साल से चली आ रही भारत माता की करोड़ों संतानों के स्वाभिमान की गाथा है, ये हम भारत के लोगों की अटूट आस्था की गाथा है. 1026 में शुरू हुई मध्यकालीन बर्बरता ने आगे चलकर दूसरों को भी बार-बार सोमनाथ पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित किया. यह हमारे लोगों और हमारी संस्कृति को गुलाम बनाने का प्रयास था. लेकिन हर बार जब मंदिर पर आक्रमण हुआ, तब हमारे पास ऐसे महान पुरुष और महिलाएं भी थीं जिन्होंने उसकी रक्षा के लिए खड़े होकर सर्वोच्च बलिदान दिया. और हर बार, पीढ़ी दर पीढ़ी, हमारी महान सभ्यता के लोगों ने खुद को संभाला, मंदिर को फिर से खड़ा किया और उसे पुनः जीवंत किया. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा, 'महमूद गजनवी लूटकर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति हमारी भावना को हमसे छीन नहीं सका. सोमनाथ से जुड़ी हमारी आस्था, हमारा विश्वास और प्रबल हुआ. उसकी आत्मा लाखों श्रद्धालुओं की भीतर सांस लेती रही. साल 1026 के हजार साल बाद आज 2026 में भी सोमनाथ मंदिर दुनिया को संदेश दे रहा है, कि मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज हमारे विश्वास का मजबूत आधार बनकर खड़ा है. वो आज भी हमारी प्रेरणा का स्रोत है, वो आज भी हमारी शक्ति का पुंज है. ये हमारा सौभाग्य है कि हमने उस धरती पर जीवन पाया है, जिसने देवी अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूति को जन्म दिया. उन्होंने ये सुनिश्चित करने का पुण्य प्रयास किया कि श्रद्धालु सोमनाथ में पूजा कर सकें.'   प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि 1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद भी सोमनाथ आए थे, वो अनुभव उन्हें भीतर तक आंदोलित कर गया. 1897 में चेन्नई में दिए गए एक व्याख्यान के दौरान उन्होंने अपनी भावना व्यक्त की. उन्होंने कहा, 'दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिर और गुजरात के सोमनाथ जैसे मंदिर आपको ज्ञान के अनगिनत पाठ सिखाएंगे. ये आपको किसी भी संख्या में पढ़ी गई पुस्तकों से अधिक हमारी सभ्यता की गहरी समझ देंगे.' इन मंदिरों पर सैकड़ों आक्रमणों के निशान हैं, और सैकड़ों बार इनका पुनर्जागरण हुआ है. ये बार बार नष्ट किए गए, और हर बार अपने ही खंडहरों से फिर खड़े हुए. … Read more

ट्रंप की मोदी को लेकर फिर से तारीफ, लेकिन क्या यह भारत के लिए नई परेशानी का संकेत है?

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखता है, तो अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा- ‘अगर भारत रूस के तेल के मुद्दे पर सहयोग नहीं करता है, तो हम उस पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत ने रूस से तेल की खरीद में काफी हद तक कटौती की है.’ डोनाल्ड ट्रंप की यह नई चेतावनी ऐसे समय आई है, जब पहले से वॉशिंगटन में रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि रूस से तेल खरीदना उसकी घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए जरूरी है लेकिन ट्रंप लगातार इस बात का दबाव बना रहे हैं. भारत पर पहले से ही 50 फीसदी टैरिफ लगा चुके ट्रंप ने इसे और भी बढ़ाने की धमकी दी है. क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप? डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान उस फोन कॉल के कुछ ही हफ्तों बाद आया है, जिसमें ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपस में बातचीत की थी. तब दोनों नेताओं ने टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव के बावजूद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था. अब ट्रंप ने इस मामले पर फिर से भारत को धमकी दी है, हालांकि एक बार फिर उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ भी की. ट्रंप ने कहा – ‘वे मुझे खुश करना चाहते थे. पीएम मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं. उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था, ऐसे में उन्हें मुझे खुश करना जरूरी लगा.’ हालांकि ट्रंप ने लगातार ये भी कहा कि भारत अगर रूस से तेल खरीदना कम नहीं करता, तो वे भारत पर जल्द ही टैरिफ बढ़ा सकता है. डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं? भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच व्यापार विवाद सुलझाने के लिए नई बातचीत भी शुरू हुई. भारत-अमेरिका की ट्रे़ड डील पर बात इस साल की शुरुआत में शुरू हुई थी, लेकिन अमेरिका ने जब भारतीय सामान पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया, तो ये डील अटक गई थी. डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि भारत, रूस से तेल लेना बंद कर दे और ऐसा नहीं करने पर वे टैरिफ बढ़ाने की धकी फिर दे रहे हैं. अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले के बाद तेल का मुद्दा एक बार फिर उठा है. वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा माना जाता है. अमेरिकी प्रतिबंधों और निवेश की कमी की वजह से इसका उत्पादन कम हो गया है, जिसे अब ट्रंप बढ़ाना चाहते हैं.