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रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा, बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी में जोड़े गए चार अतिरिक्त कोच

पश्चिम चंपारण पश्चिम चम्पारणवासियों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब क्षेत्र को दो नई ट्रेनों की सौगात मिली। नरकटियागंज जंक्शन से दरभंगा जंक्शन तथा सिकटा से मुजफ्फरपुर जंक्शन के लिए नई ट्रेनों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सांसद सुनील कुमार एवं सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर ट्रेनों को रवाना किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, रेल अधिकारी एवं रेल यात्री मौजूद रहे। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। सिकटा क्षेत्र को मिली बेहतर कनेक्टिविटी सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा कि सिकटा विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी से वंचित था। आज का दिन क्षेत्रवासियों के लिए बेहद खुशी और गौरव का दिन है। अगर यह ट्रेन सेवा पटना तक विस्तारित हो जाती, तो क्षेत्र के लोगों को और अधिक सुविधा मिलती, क्योंकि सिकटा विधानसभा क्षेत्र से पटना के लिए अब तक कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी में बढ़े चार कोच केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि नरकटियागंज से दरभंगा और सिकटा से मुजफ्फरपुर के लिए शुरू की गई ट्रेनें चम्पारणवासियों के लिए बड़ी सौगात हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बगहा से पाटलिपुत्र जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में चार अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं। नरकटियागंज में बनेगा वाशिंग पिट केंद्रीय राज्य मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि नरकटियागंज में बहुत जल्द वाशिंग पिट का निर्माण कार्य शुरू होगा। रेलवे ने इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वाशिंग पिट तैयार होने के बाद नरकटियागंज से दूर-दराज के शहरों के लिए नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुल जाएगा। शाम की ट्रेन सेवा शुरू कराने का आश्वासन नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर के लिए शाम के समय कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि रेलवे इस दिशा में भी प्रयास करेगा, ताकि शाम के समय भी पटना एवं मुजफ्फरपुर के लिए ट्रेन सेवा शुरू की जा सके। नई ट्रेन सेवाओं के शुभारंभ से चम्पारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  

बिहार के रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज, 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें और खत्म होंगे फाटक

पटना बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक गुड न्यूज है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए दो लेन पुल से ट्रेनों की आवाजाही जून में शुरू हो जाएगी। इस पुल के चालू होने से दानापुर और सोनपुर मंडल के बीच ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इसके बाद पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। इसकी जानकारी पूर्व मध्य रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए 'गेम चेंजर' बनेगा नया पुल जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे इस पुल के दोनों ओर रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि झाझा-पटना की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों या राजेंद्र पुल पर चढ़ने वाली गाड़ियों के कारण मेन लाइन का परिचालन बाधित नहीं होगा। यह बुनियादी ढांचा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के लिए 'गेम चेंजर' साबित होने वाला है। कवच तकनीक से 160 किमी की स्पीड का लक्ष्य रेल मंत्रालय ने 'मिशन रफ्तार' के तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में चिह्नित किया है। पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) से प्रधानखंटा खंड के बीच 294 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक 'कवच' सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे होगा तय: जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि अगले एक वर्ष में इस खंड में कवच स्थापित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे (गाजियाबाद से डीडीयू) और पूर्व रेलवे (आसनसोल और हावड़ा मंडल) में भी कवच का काम जारी है। जैसे ही इन तीनों रेलवे जोन में कवच सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा, पटना होकर दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी, जिससे पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। अंडरपास और आरओबी निर्माण से खत्म होंगे फाटक रेलवे परिचालन को और अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहा है। पूर्व मध्य रेल के जीएम ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 41 जगरों पर अंडरपास और छोटे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। अब 71 और जगहों पर ऐसे ही छोटे ओवर ब्रिज और अंडरपास का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।  

आम आदमी को राहत: नॉन-एसी कोच बढ़ाने के साथ रेलवे दे रहा भारी सब्सिडी

नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच की संख्या बढ़ा रहा है। सरकार के अनुसार, किराए को कम रखने के लिए प्रति यात्री औसतन करीब 45 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, कुल कोचों में करीब 70 प्रतिशत जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। इसके अलावा, 2024-25 में लगभग 1,250 नए जनरल कोच जोड़े गए हैं और 2025-26 में करीब 860 और कोच जोड़े जाने की योजना है। रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देता है। वहीं, मुंबई जैसे उपनगरीय इलाकों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि माल ढुलाई (फ्रेट) में भी बड़ा इजाफा हुआ है। यह 2013-14 के 1,055 मिलियन टन से बढ़कर अब लगभग 1,650 मिलियन टन हो गया है, जिससे भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण तेजी से बढ़ा है और अब लगभग 47,000 किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई हो चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा है। ट्रैक निर्माण में भी तेजी आई है। पहले जहां करीब 15,000 किलोमीटर ट्रैक बनाए गए थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब 35,000 किलोमीटर हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे ने बड़ा काम किया है। रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या करीब 4,000 से बढ़कर 14,000 हो गई है। वहीं, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 1,500 किलोमीटर से बढ़कर 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है। रेल मंत्री ने बताया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत ट्रैक और ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) की मेंटेनेंस, नई तकनीक और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एलएचबी कोच (ज्यादा सुरक्षित कोच) की संख्या तेजी से बढ़ी है और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जोड़े गए हैं। इसके अलावा, लोकोमोटिव (इंजन) की संख्या करीब 12,000 तक पहुंच गई है और वैगन (माल ढुलाई डिब्बे) की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो गई है। सरकार ने परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत सिस्टम बनाया है। रेल मंत्री ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) में भी तेजी से काम हुआ है। अब तक करीब 2,800 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार हो चुका है, जहां रोजाना लगभग 480 मालगाड़ियां चल रही हैं।

सफर होगा आसान! यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे उतारेगा लगभग 1500 ट्रेनें

नई दिल्ली होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मार्च महीने में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये संख्या मांग बढ़ने पर 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है। आपको बता दें कि पिछले साल 2025 में 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे का यह कदम सुनिश्चित करता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा। इस बार के अभियान में हर जोन ने यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेन परिचालन में वृद्धि की है। आइए जानते हैं कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलेंगी।   पूर्व मध्य रेलवे     पूर्व मध्य रेलवे इस होली पर सबसे ज्यादा 285 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     यह जोन बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है।      इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय भारी भीड़ में यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है। पश्चिम रेलवे     पश्चिम रेलवे ने 231 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।      मुंबई और गुजरात से जुड़े मार्गों पर यह ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।     इसकी वजह से यात्रियों को भीड़-भाड़ से बचते हुए यात्रा का बेहतर अनुभव मिल सकेगा।  मध्य रेलवे     मध्य रेलवे 209 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     ये विशेष ट्रेनें मुख्य रूप से मध्य भारत के प्रमुख शहरों और छोटे कस्बों के बीच यात्रा को आसान बनाएंगी। दक्षिण मध्य रेलवे     दक्षिण मध्य रेलवे कुल 160 ट्रेनें चलाएगा।     ये जोन हैदराबाद, विजयवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है और यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन परिचालन करेगा। उत्तर रेलवे     उत्तर रेलवे 108 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा।     दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मार्गों पर ये ट्रेनें होली के अवसर पर यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे उत्तर पश्चिम रेलवे 71 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     राजस्थान और आसपास के राज्यों में इन ट्रेनों से यात्रा आसान और सुरक्षित होगी। उत्तर मध्य रेलवे     उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 66 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है।     यह जोन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम करेगा।     दोनों जोन 62-62 स्पेशल ट्रेनें चलाएंगे।     ये ट्रेनें पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय क्षेत्रों में त्योहार के समय यात्रियों को सुविधा देंगी।       दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR): 47 ट्रेनें     पश्चिम मध्य रेलवे (WCR): 43 ट्रेनें     दक्षिण रेलवे (SR): 39 ट्रेनें     दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR): 15 ट्रेनें      कोंकण रेलवे (KR): 9 ट्रेनें      पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR): 2 ट्रेनें  

प्रयागराज माघ मेले के दौरान रेलवे का बड़ा कदम, कई ट्रेनों को मिलेगा अस्थाई ठहराव—यहां देखें टाइम शेड्यूल

 चंदौली संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में एक तरफ जहां श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ हो रही है तो वहीं, दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है. इसी क्रम में भारतीय रेलवे द्वारा माघ मेला के दौरान श्रद्धालु यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का 02 मिनट का अस्थाई ठहराव 01 जनवरी से 20 फरवरी, 2026 तक दिए जाने का फैसला किया है. पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने इस संदर्भ में बताया कि संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला के दौरान पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का अस्थाई ठहराव दिया जा रहा है. ताकि श्रद्धालुओं को संगम नगरी पहुंचने में सुविधा मिल सके.  देखें ट्रेनों की लिस्ट: > गाड़ी संख्या 20941 बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 01.58 बजे पहुंचकर 02.00 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या12382 नई दिल्ली-हावड़ा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 02.13 बजे पहुंचकर 02.15 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या12669 चेन्नई-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 02.28 बजे पहुंचकर 02.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22434 आनन्द विहार टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 04.28 बजे पहुंचकर  04.30 बजे छूटेगी. श्रद्धालुओं का स्मार्ट साथी बनेगा 'मेला रेल सेवा' ऐप, मिलेगी हर मदद > गाड़ी संख्या12165 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 04.43 बजे पहुंचकर 04.45 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.03 बजे पहुंचकर 09.05 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11059 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.03 बजे पहुंचकर 09.05 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 18205 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 11.18 बजे पहुंचकर 11.20 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22550 प्रयागराज जं0-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 15.28 बजे पहुंचकर 15.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11071 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बलिया एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 16.28 बजे पहुंचकर 16.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22584 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 18.34 बजे पहुंचकर 18.36 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22468 गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 20.48 बजे पहुंचकर 20.50 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम-अयोध्या कैण्ट एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 22.56 बजे पहुंचकर 22.58 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22969 ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 23.23 बजे पहुंचकर 23.25 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 14231 प्रयागराज संगम-बस्ती एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 05.07 बजे पहुंचकर 05.09 बजे छूटेगी. >  गाड़ी संख्या 22549 गोरखपुर-प्रयागराज जं0 एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 22.58 बजे पहुंचकर 13.00 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 14232 बस्ती-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.36 बजे पहुंचकर 09.38 बजे छूटेगी.

रेलवे को 34 लाख रुपये का नुकसान, चादर और टॉवल ले जाने वाले यात्रियों की बढ़ती चोरी

भोपाल  रेलवे में यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर चोरी की मार लगातार बढ़ती जा रही है। बीते दो वर्षों में ट्रेनों से लिनन सामान की चोरी के कारण रेलवे को 34 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा चोरी सफेद बेडशीट की हुई है, जिससे अकेले इसी एक आइटम में 20 लाख रुपये से ज्यादा की क्षति दर्ज की गई है। दो साल में हजारों लिनन आइटम गायब वित्तीय वर्ष 2024-25 में सफेद बेडशीट, पिलो कवर, कंबल और तकिये समेत कुल 11,709 लिनन आइटम चोरी हुए, जिससे रेलवे को 23.01 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसमें सफेद बेडशीट की चोरी सबसे ज्यादा हुई। वहीं, अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 के बीच भी 11,682 लिनन आइटम गायब पाए गए, जिनकी कीमत 11.74 लाख रुपये से अधिक आंकी गई। पीक सीजन में बढ़ती हैं चोरी की घटनाएं रेलवे सूत्रों के अनुसार पीक सीजन, यानी विंटर और समर सीजन में चोरी की घटनाएं ज्यादा होती हैं। खासतौर पर स्पेशल ट्रेनों में नियमित चेकिंग की कमी के कारण चोरों को मौका मिल जाता है। बिहार रूट की ट्रेनों में चोरी की शिकायतें अधिक बिहार रूट की ट्रेनों में चोरी की शिकायतें अधिक सामने आती हैं, जबकि अगरतला एक्सप्रेस और हमसफर ट्रेनों में भी ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं। लंबे रूट की ट्रेनों में भीड़ और सफर की अवधि ज्यादा होने से चोरी की आशंका बढ़ जाती है। नियमित अभियान के बावजूद नुकसान चोरी रोकने के लिए रेलवे द्वारा नियमित अभियान चलाए जाते हैं। प्रत्येक कोच में अटेंडेंट की तैनाती की जाती है, जिससे काफी हद तक चोरी पर नियंत्रण रहता है। इसके बावजूद यदि चोरी होती है तो संबंधित अटेंडेंट से वसूली की जाती है। साथ ही स्टॉफ पूरी सतर्कता से काम करता है, लेकिन यात्रियों की भीड़ और पीक सीजन में चुनौती बढ़ जाती है।     रेलवे द्वारा कंबल धुलाई और यात्रियों में वितरण की जाने वाली लिनन व्यवस्था का ठेका निजी कंपनी को दिया गया है। रेलवे बोर्ड की ओर से लिनन सामान उपलब्ध कराए जाने के बाद यदि किसी प्रकार की चोरी होती है, तो उसकी कटौती संबंधित ठेकेदार के बिल से की जाती है। इसके साथ ही यात्रियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे रेलवे की लिनन सामग्री उपयोग करने के बाद उसे ट्रेन में ही छोड़कर जाएं, ताकि अन्य यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सके और सरकारी संपत्ति सुरक्षित रह सके।     – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा का यह रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

हिसार रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी सुरक्षा में लाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है और कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी। हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।

रेलवे का बड़ा निर्णय, ट्रेन में सफर करने वालों पर पड़ेगा सीधा असर

जालंधर एक रेलवे स्टेशन पर फर्जी अनारक्षित टिकट में बदलाव कर धोखाधड़ी का प्रयास करने का मामला सामने आया था जिसके बाद रेलवे द्वारा सर्तकता बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अनारक्षित रेल टिकटों में हेराफेरी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष टिकट चैकिंग अभियान शुरू किया गया है। डी.आर.एम. संजीव कुमार के दिशा-निर्देशों पर चैकिंग स्टॉफ को सर्तकता अपनाने को कहा गया। इन निर्देशों के अनुसार टिकट जांच कर्मचारियों को अनारक्षित टिकटों की गहन जांच करने और ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा गया है, जिनमें यात्री संख्या में परिवर्तन करना, एक ही टिकट का एक से अधिक बार उपयोग करना अथवा किसी अन्य प्रकार की धोखाधड़ी शामिल हो। अधिकारियों ने कहा कि अभियान के दौरान टिकटों की सख्ती से जांच की जा रही है। प्रमुख ट्रेनों, स्टेशनों में चल रही चैकिंग के दौरान सभी टिकट जांच कर्मचारियों को प्रत्येक अनारक्षित टिकट की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह विशेष टिकट जांच सीनियर अधिकारियों की अध्यक्षता में संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि अनारक्षित टिकटों में हेराफेरी रोकने के लिए यह सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों के हितों की रक्षा करना, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना तथा रेलवे व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। 

नए साल पर रेलवे का बड़ा फैसला: 25 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, देखें नई सूची

भोपाल  भारतीय रेलवे नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों के समय में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जिसमें भोपाल रेल मंडल की कुल 25 ट्रेनों के समय में बदलाव किया जाएगा, जिससे कई ट्रेनों के मार्ग और गति में बदलाव देखने को मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पहले से ही समय-सारणी जारी कर दी है। देखें ये है टाइम टेबल 12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस पहले रात 10:00 बजे प्रस्थान करती थी, अब रात 9:55 बजे करेगी। 22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस पहले 11:05 PM बजे रात में प्रस्थान करती थी अब 11:00 PM पर करेगी 19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस पहले 5:00 PM और अब 5:10 PM 14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस पहले: 4:55 PM अब 4:40 PM 12197 भोपाल–ग्वालियर एक्सप्रेस पहले 3:15 PM अब: 3:10 PM 19712 भोपाल–जयपुर एक्सप्रेस पहले 4:35 PM अब 4:30 PM 22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस पहले 3:50 PM अब 3:40 PM 01665 रानी कमलापति–अगरतल्ला स्पेशल पहले 3:40 PM अब 3:20 PM गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने का भी समय बदला 12185 रानी कमलापति–रीवा पहले 8:00 AM अब 7:55 AM 11272 भोपाल–इटारसी पहले 12:30 PM अब: 1:15 PM 11602 कटनी–बीना पहले 7:05 PM अब: 8:00 PM 18236 बिलासपुर–भोपाल पहले 5:18 PM अब 5:00 PM 51884 ग्वालियर–बीना पहले 4:25 PM अब: 4:20 PM 11603 कोटा–बीना पहले 4:55 PM अब 4:50 PM इटारसी स्टेशन और अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों में समय में बदलाव 18234 बिलासपुर–इंदौर पहले 1:25 AM / 1:40 AM और अब 1:35 AM / 1:40 AM 12577 दरभंगा–मैसूर पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22351 सहरसा–बेंगलुरु पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22353 पटना–बेंगलुरु पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22642 निजामुद्दीन–कन्याकुमारी पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM   संत हिरदाराम नगर स्टेशन से जाने वाली ट्रेनों में बदलाव 17606 भगत की कोठी–कचीगुड़ा पहले 4:30 PM / 4:35 PM और 4:25 PM / 4:30 PM 18234 बिलासपुर–इंदौर पहले 4:28 AM / 4:30 AM और 4:53 AM / 4:55 AM 19339 दाहोद–भोपाल पहले 3:20 PM / 3:22 PM और 3:30 PM / 3:32 PM बीना स्टेशन 12185 रानी कमलापति–रीवा, पहले 12:30 AM / 12:35 AM और अब: 12:25 AM / 12:30 AM रूठियाई स्टेशन 14814 भोपाल–जोधपुर, पहले: 11:15 PM / 11:20 PM और अब 11:25 PM / 11:30 PM  

भारतीय रेलवे ने किया नया रिकॉर्ड, एलएचबी कोचों के उत्पादन में 18% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली   भारतीय रेलवे ने उच्च तकनीक वाले लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के उत्पादन में लगातार बेहतरी दिखाई है, जो यात्रियों के लिए बेहतर सुरक्षा, सुविधाजनक यात्रा और रेलवे के बेहतर कार्य प्रदर्शन को दर्शाते हैं।    चालू वित्त वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान कुल 4,224 एलएचबी कोच बनाए गए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है, जब केवल 3,590 कोच बनाए गए थे। रविवार को रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, उत्पादन में यह वृद्धि रेलवे के विभिन्न कारखानों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बेहतर उत्पादन योजना का परिणाम है। इस अवधि में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने 1,659 एलएचबी कोच बनाए, जबकि रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) ने 1,234 कोच और कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) ने 1,331 कोच बनाए, जिससे कुल मिलाकर एलएचबी कोचों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। दीर्घकालिक तुलना में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति हुई है। 2014 से 2025 तक भारतीय रेलवे ने 42,600 एलएचबी कोच बनाए, जो 2004 से 2014 के बीच बने 2,300 कोच से 18 गुना ज्यादा है। यह विस्तार सुरक्षा मानकों और कम रख-रखाव की विशेषताओं के कारण एलएचबी कोचों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। एलएचबी कोच आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक यात्री कोच हैं, जो जर्मन डिजाइन से विकसित हैं और आधुनिक सुविधाएं जैसे स्टेनलेस स्टील बॉडी, एडवांस्ड डिस्क ब्रेक्स और 160 किमी/घंटा तक की उच्च गति प्रदान करते हैं। इन कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग डिवाइस जैसे सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जो पुराने आईसीएफ कोचों की जगह लेते हैं और राजधानी और शताबदी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में इस्तेमाल होते हैं। भारतीय रेलवे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो रही है और आयात पर निर्भरता कम हो रही है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य उत्पादन क्षमता को और बढ़ाना है, ताकि देश की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।