samacharsecretary.com

राजेश राम के सामने कांग्रेस कार्यालय बना रणक्षेत्र, कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट

मधुबनी बिहार कांग्रेस में आतंरिक कलह अब खुलकर सामने आने लगा है। मधुबनी में कांग्रेस दफ्तर में उस वक्त हड़कप मच गया। जब पार्टी कार्यकर्ता आपस में भि़ड़ गए। इस दौरान जमकर लात-घूंसे चले। पार्टी का झंडा लेकर ही एक-दूसरे पर टूट पड़े। हैरानी की बात ये कि हंगामा वक्त हुआ जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी मौजूद थे। इसके अलावा वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि चुनाव में मिली हार की समीक्षा बैठक चल रही थी। जब ये हंगामा हुआ।   इसी दौरान संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। नौबत मारपीट की आ गई। इस दौरान लाठीबाजी भी होने लगी। किसी तरह वहां मौजूद अन्य लोगों ने मामले को संभालने की कोशिश की। लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे. घटना के बाद कांग्रेस कार्यालय में तनाव का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बैठक में टिकट बंटवारे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मार-पिटाई होने लगी। आपको बता दें इससे पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। बात अगर बिहार विधानसभा चुनाव की करें तो कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ही खराब रहा था। 61 सीटों पर लड़कर सिर्फ 6 सीटें जीतने में पार्टी सफल रही थी। जिसके बाद पार्टी की रणनीति को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। पार्टी के ही कई नेताओं ने टिकट बंटवारे में भेदभाव और उगाही तक के आरोप लगाए थे।

शादी में इमरान खान का गीत गाने पर बवाल, कव्वाल समेत 7 लोग हिरासत में

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं तो उनके समर्थकों का भी बुरा दौर चल रहा है। एक कव्वाल को पाकिस्तानी पंजाब की पुलिस ने सिर्फ इसलिए अरेस्ट कर लिया क्योंकि उसने अपने गाने में इमरान खान का नाम लिया था। यह बात पाकिस्तानी एजेंसियों को इतनी नागवार गुजरी कि उसे गिरफ्तार ही कर लिया गया। इस मामले में दर्ज एफआईआर में थानाध्यक्ष जमीरुल हसन ने आरोप लगाया कि कव्वाल फराज अमजद खान ने एक गाना गया था, जिसमें कैदी नंबर 804 का जिक्र किया। इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं और उनका कैदी नंबर 804 ही है। FIR में कहा गया कि यह सीधे तौर पर एक सरकारी आयोजन को राजनीतिक रंग देने का मामला है।   इस मामले में जब कव्वाल की लाहौर के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज शाहजेब डार के समक्ष पेशी हुई तो उन्होंने कहा कि यह गाना मेरी ओर से पेश नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि दर्शकों में से ही कुछ लोगों ने ऐसे गाने की डिमांड रखी, तभी मैंने गाया था। फराज ने कहा कि मेरा तो किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। कव्वाल ने कहा कि मुझे इस मामले में अग्रिम जमानत दी जाए और यदि आवश्यकता पड़ती है मैं जांच में हर तरह का सहयोग करने के लिए तैयार हूं। शुरुआती दलीलों के बाद जज ने कव्वाल को 13 जनवरी तक के लिए बेल दी है और पुलिस से मामले का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। लाहौर के इस वाकये के अलावा एक और घटना गुजरांवाला जिले में हुई है। यहां पुलिस ने एक शादी से 7 लोगों को हिरासत में ले लिया। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने विवाह समारोह के दौरान इमरान खान के पोस्टर लहराए और उनके समर्थन में नारेबाजी की। इस मामले में पुलिस ने वैमनस्यता पैदा करने, शांति भंग करने और जनता में सरकार के प्रति विद्रोह पैदा करने के आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया है। शादी से क्यों उठा लिए गए 7 लोग, इमरान की तस्वीर दिखाने पर ऐक्शन इन लोगों को 14 दिन की हिरासत में रखने का फैसला लिया गया है। फिलहाल इन्हें गुजरांवाला जेल में भेज दिया गया है। बता दें कि पाकिस्तान में इन दिनों इमरान खान के समर्थकों की शामत आई हुई है। पाकिस्तान की सेना भी पीटीआई के खिलाफ और राजनीतिक नेतृत्व से भी पूर्व पीएम की अदावत चल रही है। ऐसे में इमरान खान के नाम पर समर्थन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट

पारदर्शिता और समय की बचत के लिए सभी मंत्री नई व्यवस्था का लें लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में हुआ महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन ई-प्रशासन में नवाचार से प्रसन्न हुए मंत्रि-परिषद सदस्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों को डिजिटलाइज किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।  

खनन क्षेत्र में मध्यप्रदेश बना अग्रणी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं, गत पखवाड़े की प्रमुख उपलब्धियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही सरकार के आने वाले तीन वर्ष के प्रमुख लक्ष्यों से भी अवगत करवाया। वर्ष-2026 की मंत्रिपरिषद की प्रथम बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कैलेंडर वर्ष 2026 की बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रियों को कैलेंडर वर्ष 2026 प्रारंभ होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन अनुसार जनकल्याण के कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश राष्ट्र की प्रगति में भागीदार बनेगा और नागरिकों के हित में योजनाओं और परियोजनाओं के व्यवस्थित क्रियान्वयन में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार के 2 वर्ष के सफल कार्यकाल के लिए बधाई भी दी। खनन क्षेत्र में अग्रणी बना मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को बताया कि वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश 32 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में अग्रणी रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश की पारदर्शी नीतियों, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है। खनिज नीलामी वर्ष 2025 में देशभर में नीलाम किए गए 141 खनिज ब्लॉकों में से 32 खनिज ब्लॉकों की नीलामी मध्यप्रदेश में हुई, जो देश में सर्वाधिक है। खान एवं खनिज विकास (एमएमडीआर) संशोधन अधिनियम, 2025 और इससे जुड़े नियमों में किए गए बदलावों से खनिज अन्वेषण, नीलामी, निवेश और स्थानीय विकास को अभूतपूर्व गति मली है। चूना, पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे प्रमुख खनिजों की नीलामी से सीमेंट, स्टील और संबद्ध उद्योगों को मजबूती मिली है। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गत 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट का शुभारंभ किया।इसमें 2 लाख करोड़ रूपए से अधिक लागत से विभिन्न औद्योगिक और निर्माण इकाइयों के भूमि-पूजन हुआ है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने 5,810 करोड़ रूपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। यही नहीं, 860 वृहद औद्योगिक इकाईयों के लिए 725 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। इसी अवसर पर विशेष प्रदर्शनी में 'निवेश से रोजगार-अटल संकल्प' विषय पर चित्रों का संयोजन किया गया। मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक विकास की झलक प्रदर्शनी में देखने को मिली। पोखरण परमाणु परीक्षण जैसी ऐतिहासिक उपलब्धि को भी प्रदर्शित किया गया। प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के संबोधनों और उनकी जीवन यात्रा और विचारधारा को भी प्रदर्शित किया गया। वर्ष-2026 कृषि वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2026 – कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। प्रदेश में किसान कल्याण, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, राजस्व, ऊर्जा, नवकरणीय ऊर्जा से जुड़े आयामों पर विशेष कैलेंडर आगामी 11 जनवरी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जारी किया जाएगा। इसी दिन 1100 ट्रैक्टरों की रैली भी निकलेगी। जनवरी से दिसम्ब्र तक सभी विभागों की गतिविधियों का निर्धारण कर जिला एवं संभाग स्तर पर कार्यक्रम होंगे। आगामी तीन वर्ष का लक्ष्य निर्धारित कर गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन रहा ऐतिहासिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में गत 2 जनवरी को जहां गीता भवन का लोकार्पण हुआ, वहीं अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में देश-दुनिया से आए करीब 125 विद्वानों के व्याख्यान भी हुए। पद्मभूषण स्वामी रामभद्राचार्य सहित अनेक संत और विद्वतजन सम्मेलन में शामिल हुए। सुंदरकांड से सम्मानित पाठ में व्यापक भागीदारी रही। प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का सिलसिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने गत 23 दिसम्बर को पीपीपी मॉडल पर प्रदेश के धार और बैतूल में बनने वाले मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया। देश में ये मेडिकल कॉलेज इस मॉडल पर निर्मित होने वाले प्रथम मेडिकल कॉलेज होंगे। नवाचार का सिलसिला निरंतर चलेगा। आगामी 23 जनवरी को कटनी और पन्ना में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास की तैयारी की जा रही है। प्रदेश में चिकित्सा जगत में यह नई उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए। इसके पहले वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। वर्तमान में इनकी संख्या 33 हो गई है। राष्ट्रीय पेसा सम्मेलन और मध्यप्रदेश के व्यंजनों का प्रचार-प्रसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विशाखापटनम में हाल ही में राष्ट्रीय पेसा दिवस पर पेसा सम्मेलन का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश के चयनित 9 जिलों की 20 महिला सरपंच प्रतिनिधियों ने पेसा महोत्सव में हिस्सा लिया। प्रदेश के 20 जनजातीय बहुल क्षेत्रों से चयनित 9 जिलों अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, अनूपपुर, उमरिया एवं डिंडोरी से कुल 152 सदस्य पेसा महोत्सव में शामिल हुए। इस सम्मेलन में प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में उपयोग में लिए जाने वाले पारम्परिक व्यंजनों का प्रचार-प्रसार भी हुआ। खासतौर पर मोटे अनाज ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी के ताजा शुद्ध और स्वादिष्ट पकवान सम्मेलन में पसंद किए गए। विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिभागियों ने मध्यप्रदेश के तिल, गुड और महुए के लड्डू भी प्रसंद किए।  

पीएम जनमन योजना की निरंतरता के लिए 795 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति

ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना लागत 922 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से खकनार तहसील के 42 ग्रामों की 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना लागत 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 ग्रामों की 34 हजार 100 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी और 22 हजार 600 कृषक परिवारों को लाभ मिलना अनुमानित है। पीएम जनमन योजना की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके तहत 1,039 किमी सड़क का निर्माण एवं 112 पुल निर्माण किया जायेगा। यह योजना 22 जिलों में निवासकरने वाली 3 विशेष जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए लागू है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि- परिषद ‌द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जायेगा। ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये है। योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ‌द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा आरंभ की गई वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण कार्य नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जा रहा हैं। उसका सम्पूर्ण स्वामित्व नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड का होगा। इन परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व, कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। कंपनी द्वारा वर्तमान में 2 परियोजनाएं वित्त पोषित की जा रही है, जिसमें नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्‌देशीय परियोजना लागत 2,489 करोड़ 65 लाख रुपये और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना लागत 1,520 करोड़ 92 लाख रूपये शामिल है। बैठक में मंत्रि-परिषद के सदस्यों और उनके भारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट के लिए टैबलेट प्रदान किये गये एवं प्रशिक्षण दिया गया।  

मतदाताओं का बड़ा फैसला: पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले प्रधान प्रत्याशी का होगा सामाजिक बहिष्कार

लखनऊ यूपी के पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में चुनाव को लेकर हलचल तेज है। इस बीच बागपत जनपद से एक खबर है। यहां के ढिकौली गांव में जिला जाट सभा की पंचायत में पंचों के साथ-साथ आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान किसी भी कीमत पर शराब नहीं बांटने की शपथ ली।   पंचायत में शराब बांटने वाले प्रत्याशी का सामाजिक बहिष्कार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। जिला जाट सभा अध्यक्ष, अधिवक्ता सोमेन्द्र ढाका के आवास पर रविवार को नशा मुक्त समाज के संकल्प के साथ आयोजित की गई इस पंचायत में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी ढाका ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को दी। पंचायत आयोजक सोमेंद्र ढाका ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शराब मुक्त बनाने के लिए यह पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें किसान नेता अन्नू मलिक, रामछेल पंवार, विक्रम आर्य, संदीप प्रधान, विनय ढाका, जयकुमार और राजू के अलावा खाप मुखिया, प्रत्याशी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पंचायत में समाज सुधार के लिए नशे को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया गया और सभी से इस दिशा में संकल्प लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में यदि कोई प्रत्याशी शराब का वितरण कर समाज को दूषित करने का प्रयास करेगा, तो उसका मिलकर बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों ने कहा कि चुनाव में हार स्वीकार्य है, लेकिन शराब बांटकर जीत हासिल करना स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि कोई शराब के नाम पर वोट मांगने आएगा तो उसे गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

चोरी करने घुसा था एग्जॉस्ट फैन से, बीच में फंसा चोर; पुलिस ने किया रेस्क्यू

कोटा आपने यह कहावत तो खूब सुनी होगी कि आसमान से गिरा खजूर में अटका। राजस्थान के कोटा में हुई हालिया घटना पर यह एकदम मुफीद बैठती है। कोटा के एक घर में चोर को चोरी करना महंगा पड़ गया या कहिए चोर की गजब बेइज्जती हो गई। घुसा तो चोरी के बहाने ही लेकिन जिस जगह से घुसा वही उसके लिए मुसीबत बन गई। सूने घर को साफ करने का मंसूबा एग्जॉस्ट फैन के छेद ने पूरा नहीं होने दिया और वह उस छेद में ऐसा फंसा कि निकल ही नहीं पाया। बाद में घरवालों ने पुलिस को बुलाकर उसे इस छेद से बाहर निकाला। अब चोरी की ये अनोखी घटना सोशल मीडिया पर वायरल है।   पूरी घटना जानिए अब घटना को पूरी तफ्शील से जानते हैं। कोटा में रहने वाले सुभाष कुमार रावत ने बताया कि वह पत्नी के साथ 3 जनवरी को खाटू श्याम जी दर्शन करने के लिए गए थे और 4 जनवरी की रात को घर लौटे। जब सुभाष स्कूटी लेकर घर के अंदर जा रहे थे तभी उसकी रोशनी में रसोई के एग्जॉस्ट के छेद में एक व्यक्ति फंसा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर-शराबे की आवाज सुनकर एक चोर तो मौके से भाग गया पर उसका साथी एग्जॉस्ट में फंस गया। एक कार भी बाहर खड़ी थी जिसमें पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था। शोर शराबा सुनकर आस-पड़ोस के लोग जाग गए और घर में घुसकर चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आए दिन संदिग्ध व्यक्ति घूमते हुए नजर आते हैं। इस मामले में बोरखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू कर दी है। पुलिस की लापरवाही पर लोगों की नाराजगी स्थानीय लोगों ने पुलिस की लापरवाही पर भी अपनी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि कई बार इस इलाके में गश्त के लिए पुलिस से अपील की गई, लेकिन उसके बावजूद भी यहां पर पुलिस की गाड़ियां नहीं आती है। आज सतर्कता की वजह से एक घर में बड़ी चोरी होने से बच गई। चोरी की वारदातें कोटा शहर में लगातार बढ़ रही है।

एक साल में 10 लाख AI एक्सपर्ट! केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया मेगा प्लान

जयपुर भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आम नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान से एक मेगा स्किलिंग अभियान की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य मात्र एक वर्ष में देश के 10 लाख युवाओं को एआई कौशल प्रदान करना है। यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार योग्य बनाएगा, बल्कि छोटे व्यवसायों में उत्पादकता बढ़ाने और दैनिक जीवन में एआई के उपयोग को बढ़ावा देगा। मंत्री ने कहा कि तेजी से हो रहे 5G रोलआउट की तरह ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रतिभा विकास और एआई कौशल विकास का काम भी उतनी ही तेजी से होगा।   मंत्री ने एआई की तुलना बिजली से की राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मंत्री वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोजमर्रा की जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन गई है, ठीक उसी तरह जैसे कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट और मोबाइल फोन द्वारा संचालित पिछली तकनीकी क्रांतियां थीं। उन्होंने कहा कि एआई एक समान पैमाने के परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है, और इसकी भविष्य की भूमिका की तुलना बिजली से की, जिसने एक समय में हर घर और व्यक्ति तक पहुंचकर समाजों को नया रूप दिया था। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्वव्यापी होने वाली है और हर व्यक्ति, घर और इमारत तक पहुंचेगी। इसके संभावित लाभों पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि इस तकनीकी बदलाव को अपनाना चाहिए और इसे दैनिक जीवन में एकीकृत करना चाहिए। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए मंत्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री का एक स्पष्ट और सुस्पष्ट दृष्टिकोण है, जो समाज के व्यापक हित के लिए एआई के उपयोग पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का पहला मार्गदर्शक सिद्धांत एआई का लोकतंत्रीकरण है, यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक नागरिक को प्रौद्योगिकी तक पहुंच और इसके उपयोग का समान अवसर प्राप्त हो। भारत के एआई मिशन को मिल चुकी है वैश्विक मान्यता मंत्री ने कहा कि भारत के एआई मिशन को वैश्विक मान्यता मिल चुकी है और कई देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लोकतंत्रीकरण के भारत के मॉडल का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मिशन का एक प्रमुख स्तंभ किफायती कंप्यूटिंग अवसंरचना उपलब्ध कराना है। जीपीयू की उच्च लागत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हर किसी के लिए इतने महंगे संसाधनों का मालिक होना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कई पश्चिमी देशों में, बड़ी-बड़ी कंपनियां 3.50 से 4 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे की दर से सेवाएं प्रदान करके एआई कंप्यूटिंग पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में उच्च गुणवत्ता वाली कंप्यूटिंग सुविधाओं को बहुत कम लागत पर उपलब्ध कराने का विचार प्रस्तुत किया है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र, स्टार्टअप, युवा, वैज्ञानिक और इंजीनियर वित्तीय बाधाओं के बिना विश्व स्तरीय कंप्यूटिंग संसाधनों का उपयोग कर सकें। मंत्री वैष्णव ने कहा कि एआई मिशन के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लोकतंत्रीकरण को समर्थन देने के लिए 38000 जीपीयू पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने इस पहल को 'कॉमन कंप्यूट' की परिकल्पना बताया। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के नवीनतम एआई इंडेक्स का भी हवाला दिया, जिसमें भारत को चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता में शीर्ष तीन देशों में स्थान दिया गया है। मंत्री वैष्णव के अनुसार, यह इंडेक्स एआई के विकास, तैनाती और अनुसंधान में हुई प्रगति का मूल्यांकन करता है।  

‘हमें भारत की जरूरत’—अमेरिका के रवैये को लेकर इस देश की अपील, राजदूत का बड़ा बयान

ढाका बांग्लादेश में एक के बाद एक हिंदू मौत के घाट उतारे जा रहे हैं। इस बीच एक बांग्लादेशी नेता का चौंकाने वाला बयान है। यह नेता हैं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के मिर्जा फखरुल इस्लाम। फखरुल इस्लाम ने कहा है कि हिंदुओं की हत्याएं छोटी और मामूली घटना है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में सोमवार को भी दो हिंदू व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इससे पहले चार अन्य हिंदूओं की भी हत्या हो चुकी है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं में काफी डर है। ‘मुसलमानों के साथ भी हो रहा’ फखरुल इस्लाम ने यहां तक कह डाला कि यह सब मीडिया का पैदा किया है। सीएनएन-न्यूज18 के मुताबिक उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं की हत्याओं की घटनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। फखरुल ने कहा कि यह सिर्फ छोटी-मोटी घटनाएं हैं। बीएनपी नेता ने आगे कहा कि हिंसा की घटनाएं किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं हैं। मुसलमानों को भी मारा जा रहा है और उनके साथ भी रेप की घटनाएं हो रही हैं। फखरुल ने भारत की विदेश नीति पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत को अवामी लीग के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियों से भी संपर्क करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि असल मुद्दा क्रिकेट या अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि विदेश मामलों के मंत्री एस जयशंकर द्वारा दिया गया संदेश है।   एक के बाद एक हत्याएं फखरुल इस्लाम की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब बांग्लादेश में एक के बाद एक हिंदुओं को मौत के घाट उतारा जा रहा है। सोमवार रात 40 वर्षीय किराना दुकानदार सारथ मणि चक्रवर्ती पर तेज हथियारों से हमला किया गया। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पिछले करीब 18 दिनों में यह छठवीं घटना है, जिसमें किसी हिंदू को मौत के घाट उतारा गया है। कुछ दिन पहले ही चक्रवर्ती ने बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा पर फेसबुक पर लिखा था और अपने जन्मस्थान को मौत की घाटी बताया था। सोमवार को ही राणा प्रताप बैरागी को भी मार डाला गया।  

स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर, प्रदेश में नवाचार का माहौल बना रही सरकार : भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में मानवता के लिए एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है। उन्होंने एआई को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि इसके विवेकपूर्ण उपयोग से सरकार ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन को और अधिक व्यापक एवं जन केन्द्रित बना रही है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है और विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं को एआई के उभरते क्षेत्र में सहभागी बनने के लिए राजस्थान में आमंत्रित भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश एआई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री का मानना है कि एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी में राष्ट्रीय शक्ति और समृद्धि का आधार है। एआई देश की नीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक संरचना को बेहतर स्वरूप दे रहा है। एआई-एमएल पॉलिसी से नवाचार को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तकनीक और स्टार्टअप के सशक्त इकोसिस्टम के निर्माण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा लाई गई एआई-एमएल पॉलिसी से एआई सिस्टम अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और निजता-संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनेंगे। इस नीति से सार्वजनिक सेवा वितरण अधिक त्वरित, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी होगा तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान की प्रक्रिया सरल की जाएगी, प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा तथा स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योग, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों को भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। 5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, राजस्थान में डेटा सेंटर की स्थापना केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संगठनों के सहयोग से नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके तहत राज्य में 5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, आने वाले समय में राजस्थान में डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही आवश्यक प्रक्रियाएं प्रारंभ होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष फोकस के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। बीकानेर से जैसलमेर और सीमावर्ती इलाकों तक रेल नेटवर्क को मजबूत करने के कार्य प्रगति पर हैं, जिससे सुरक्षा, विकास और संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा। डिजिफेस्ट स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल गेटवे मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिफेस्ट ने स्टार्टअप्स को निवेशकों से, विद्यार्थियों को अवसरों से और उद्योग को सरकार से जोड़ डिजिटल राजस्थान का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल गेटवे साबित हो रहे हैं, जहां फंडिंग के साथ-साथ विश्वस्तरीय मेंटर्स का मार्गदर्शन भी मिल रहा है। एआई-एमएल, फिनटेक, एग्रीटेक, एआर-वीआर और प्रॉपटेक जैसे क्षेत्रों में विचार-विमर्श से नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। राजस्थान में हर माह 81 हजार करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन शर्मा ने कहा कि राजस्थान में 6 करोड़ 50 लाख से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं और हर माह औसतन 81 हजार करोड़ रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं। ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन एंटी वायरस के माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी, डेटा सेंटर नीति 2025, अटल इनोवेशन स्टूडियो, स्टार्टअप लॉन्चपैड, लीप प्रोग्राम और सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग जैसी पहलों से प्रदेश में रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। एआई के विस्तार के साथ-साथ भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए निवेश समझौतों में से बड़ी संख्या में परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। निवेश अनुकूल वातावरण, नई नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और राजनिवेश पोर्टल के कारण राजस्थान निवेशकों के लिए शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ है। प्रवासी राजस्थानियों के लिए बनाई गई नीति और विभाग से उन्हें प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिल रहा है। एआई जीवन का अभिन्न अंग बनेगा, जन-जन तक पहुंचेगी कंप्यूट सुविधा – केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में मानव जीवन का अभिन्न अंग बनेगा और हर व्यक्ति, हर घर तथा हर उद्यम तक इसकी पहुंच होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एआई को समावेशी, सुलभ और जनोपयोगी बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं।