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कंगना रनौत की पेशी से छूट की अर्जी कोर्ट ने खारिज की, अब हर हाल में कोर्ट में पेश होना होगा

बठिंडा बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत को पंजाब के बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कोर्ट ने उनकी पेशी से छूट की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कंगना को 15 जनवरी को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा। अगर वे पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है और उनकी जमानत भी रद्द हो सकती है। मामला क्या है? यह विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर (उर्फ बेबे महिंदर कौर) ने जनवरी 2021 में कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया (एक्स) पर महिंदर कौर की फोटो शेयर करते हुए टिप्पणी की थी कि 'ऐसी बुजुर्ग महिलाएं धरने में 100-100 रुपये लेकर आती हैं' या 'ऐसी दादी 100 रुपये में उपलब्ध हैं'। महिंदर कौर ने इसे अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया। कंगना ने दावा किया था कि यह ट्वीट गलती से रीट्वीट था और उन्होंने किसी को लक्ष्य नहीं किया, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे मानहानिकारक माना। मामला IPC की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत दर्ज है। कोर्ट की हालिया कार्यवाही 5 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कंगना रनौत कोर्ट में पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने मुंबई में प्री-शेड्यूल्ड कामकाज और आधिकारिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की। शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील रघुबीर सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह चौथी बार है जब कंगना छूट मांग रही हैं और संसद का सत्र खत्म होने के बाद भी अनुपस्थिति जानबूझकर की जा रही है, जो मुकदमे में देरी का प्रयास है। इसके बाद कोर्ट ने छूट की अर्जी खारिज कर दी और 15 जनवरी को व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्थायी छूट की उनकी पुरानी अर्जी पर भी 15 जनवरी को ही बहस होगी। पिछली कार्यवाहियां अक्टूबर 2025 में कंगना पहली बार कोर्ट में पेश हुई थीं और जमानत मिली थी। तब उन्होंने मौखिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। नवंबर 2025 में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) हो गए। कंगना ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह राहत नहीं मिली। दिसंबर 2025 में भी वे पेश नहीं हुईं और छूट मिली थी, लेकिन कोर्ट ने चेतावनी दी थी। शिकायतकर्ता के वकील रघुबीर ने कहा- कंगना की अनुपस्थिति से मुकदमा लंबा खिंच रहा है। अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। वहीं, कंगना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

एमपी वन विभाग में प्रशासनिक बदलाव, 28 IFS और 20 राज्य वन सेवा अधिकारियों के तबादले

भोपाल  मध्य प्रदेश वन विभाग ने भारतीय वन सेवा के 28 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक विभाष कुमार ठाकुर को वन मुख्यालय की संरक्षण शाखा से हटाकर अनुसंधान एवं विस्तार शाखा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, संजय टाइगर रिजर्व, सीधी के क्षेत्र संचालक अमित कुमार दुबे को एपीसीसीएफ संरक्षण, वन मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है। साथ ही, बांधवगढ़ और कान्हा टाइगर रिजर्व के उप संचालकों के भी तबादले किए गए हैं। क्षितिज कुमार बनाए गए वन संरक्षक वन विभाग मंत्रालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रूप में पदस्थ क्षितिज कुमार को भोपाल वन वृत्त का वन संरक्षक बनाया गया है। वहीं, राज्य वन विकास निगम, विभिन्न वन वृत्तों, कार्य आयोजना इकाइयों और डीएफओ स्तर पर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। वन विभाग ने इसी आदेश में प्रवर श्रेणी वेतनमान में कार्यरत राज्य वन सेवा के 20 अधिकारियों के भी तबादले किए हैं, जिससे विभागीय प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे। अधिकारी का नाम——————————मौजूदा पदस्थापना——————————–नई पदस्थापना -विभाष कुमार ठाकुर————-पीसीसीएफ संरक्षण, वन मुख्यालय भोपाल——————पीसीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार, वन मुख्यालय भोपाल -अमित कुमार दुबे————एपीसीसीएफ, क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व सीधी——–एपीसीसीएफ संरक्षण, वन मुख्यालय भोपाल -प्रफुल नीरज गुलाबराव फुलझेले—-सीसीएफ राज्य लघुवनोजन संघ भोपाल—————-सीसीएफ राज्य वन विकास निगम भोपाल -मस्तराम बघेल ——————सीसीएफ उज्जैन वृत्त————–सीसीएफ जबलपुर वृत्त -कमल अरोरा——————-सीएफ जबलपुर वृत्त——————सीएफ छिंदवाड़ा वृत्त -मधु व्ही राज——————सीएफ छिंदवाड़ा वृत्त——————सीएफ बैतूल वृत्त -आलोक पाठक—————सीएफ राज्य वन विकास निगम भोपाल————————–सीएफ उज्जैन वृत्त -बासु कनौजिया—————-सीएफ बैतूल वृत्त—————————सीएफ खंडवा वृत्त -क्षितिज कुमार—————-विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, वन विभाग———————–सीएफ भोपाल वृत्त -विपिन कुमार पटेल—————–डीएफओ अनूपपुर——————–डीएफओ कार्य आयोजना जबलपुर -प्रदीप मिश्रा———————डीएफओ इंदौर————————–डीएफओ कार्य आयोजना इकाई बैतूल -अब्दुल अलीम अंसारी———–डीएफओ नौरादेही वन्यप्राणी———————डीएफओ कार्य आयोजना इकाई सिवनी -नरेश कुमार दोहरे——————–डीएफओ रतलाम————————उप वन संरक्षक कार्यालय, वन बल प्रमुख मुख्यालय भोपाल -प्रकाश कुमार वर्मा——————उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया——————–उप संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला -अनिल चौपड़ा———————डीएफओ हरदा————————–उप वन संरक्षक कार्यालय, वन बल प्रमुख मुख्यालय भोपाल -पुनील गोयल———————उप संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला——————-उप संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी -अंकित पांडेय———————डीएफओ ग्वालियर——————–विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, वन विभाग -गौरव शर्मा———————–डीएफओ कटनी————————डीएफओ नर्मदापुरम -पुनीत सोनकर——————-डीएफओ डिंडोरी———————-डीएफओ जबलपुर -अशोक सोलंकी——————उप वन संरक्षक कार्यालय, वन बल प्रमुख मुख्यालय भोपाल————डीएफओ डिंडोरी -रजनीश कुमार सिंह————उप संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी——————–डीएफओ नौरादेही वन्यप्राणी -गर्वित गंगवार——————-डीएफओ उत्तर पन्ना—————-डीएफओ कटनी -मयंक गुर्जर———————-डीएफओ नर्मदापुरम——————उप वन संरक्षक कार्यालय, वन बल प्रमुख मुख्यालय भोपाल -स्वरूप दीक्षित——————–उप वन संरक्षक, ईको पर्यटन विकास बोर्डभोपाल——————–डीएफओ पूर्व छिंदवाड़ा -रिषी मिश्रा————————-डीएफओ जबलपुर——————–डीएफओ छतरपुर -सर्वेश सोनवानी—————डीएफओ छतरपुर———————-डीएफओ जनसंपर्क एवं विक्रय डिपो, नई दिल्ली -डेविड व्यंकटराव——————उप वन संरक्षक, राज्य वन विकास निगम भोपाल————————-डीएफओ अनूपपुर -अरिहंत कोचर डीएफओ दक्षिण बालाघाट उत्पादन—————————-डीएफओ दक्षिण बैतूल

एनीमिया मुक्त भारत अभियान में 95 लाख से अधिक की हुई जांच

चंडीगढ़. हरियाणा ने एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) अभियान के तहत उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने यहां बताया कि मई 2022 से अब तक राज्य में 95 लाख से अधिक लोगों की एनीमिया जांच की जा चुकी है। यह उपलब्धि सतत प्रयासों, विशेष अभियानों और प्रभावी निगरानी प्रणाली का नतीजा है। स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को यहां अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव आरएस ढिल्लो, निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव और एनीमिया मुक्त हरियाणा की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ़ सुनिधि करोल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा ने वर्ष 2025 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 85.2 प्रतिशत एएमबी कंपोजिट इंडेक्स स्कोर के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) में प्रदर्शन और बेहतर हुआ और 90 प्रतिशत स्कोर के साथ राज्य तीसरे स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एनीमिया उन्मूलन के प्रयासों को आगे भी मजबूत करेगी। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, कार्यक्रम की सफलता का में ‘टी-4’ मॉडल यानी टेस्ट, ट्रीट, टॉक और ट्रैक ने अहम भूमिका निभाई। इसके तहत जांच के तुरंत बाद इलाज शुरू किया जाता है। आयरन व फोलिक एसिड (आईएफए) की दवाएं दी जाती हैं। आहार परामर्श और नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाता है। इससे मरीजों में सुधार तेज़ी से होता है और बीमारी से उबरना संभव बनता है। वित्त वर्ष 2025-26 में एनीमिया की पहचान और उपचार को तेज करने के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। एनीमिया उन्मूलन सप्ताह चलाए गए, जिन्हें आगे चलकर मार्च और जुलाई 2025 में एनीमिया उन्मूलन माह के रूप में विस्तार दिया गया। इन अभियानों के तहत 17.5 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक सशक्त नारी स्वस्थ परिवार अभियान के दौरान 2.5 लाख लाभार्थियों की जांच हुई। फिर 26 दिसंबर तक चले 100 दिवसीय अभियान में अतिरिक्त 1.5 लाख लोगों की जांच की गई। सभी चिन्हित मरीजों को आईएफए सप्लीमेंट और आहार परामर्श दिया गया। आरती राव ने कहा कि यह कार्यक्रम 6 से 59 माह और 5 से 9 वर्ष के बच्चों, 10 से 19 वर्ष के किशोरों, 20 से 49 वर्ष की महिलाओं, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं तथा अन्य वयस्कों जैसे सभी संवेदनशील वर्गों को कवर करता है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में एनीमिया की दर 59.1 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत हो गई है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बैठक में स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सुनिधि करोल ने बताया कि रीयल-टाइम निगरानी के लिए एनीमिया ट्रैकिंग वेब पोर्टल विकसित किया गया है। सभी ओपीडी में नियमित स्क्रीनिंग हो रही है। प्रभावी आईईसी (जागरूकता) सामग्री तैयार की गई है। मार्च और जुलाई में 86 हजार 24 मरीजों की फॉलो-अप एचबी जांच की गई, जिनमें 55.1 प्रतिशत में एचबी स्तर सुधरा और 22.7 प्रतिशत मरीजों का एचबी सामान्य हो गया।

एमपी में बढ़ते प्रदूषण पर NGT की चिंता, सरकार से 8 शहरों पर 8 हफ्तों में रिपोर्ट की मांग

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रदूषण का ग्राफ बढ़ गया है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने भोपाल और इंदौर के साथ साथ राज्य के 8 शहरों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की है। साथ ही, बढ़ते प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार से 8 हफ्तों में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। वहीं एनजीटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा एक ज्वाइंट कमेटी भी गठित कर मामले पर संज्ञान लेने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है। एनटीजी ने भोपाल-इंदौर समेत 8 शहरों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताई है। राजधानी भोपाल में वायु गुणवत्ता तय मानकों के नीचे है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज हो रहा है, जो गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संकट है। एमपी के इन शहरों पर संकट एनजीटी ने एमपी के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, सागर और देवास में बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर कहा है कि, ये शहर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की श्रेणी में है। इनमें पीएम-10 का औसत 130-190 और पीएम 2.5 का 80-100 माइक्रोग्राम/घनमीटर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन 8 शहरों को 'नॉन-अटेनमेंट सिटी' घोषित किया है। बता दें कि, साल 2016 में 6 शहर थे, लेकिन अब इस श्रेणी में 8 शहर आ गए हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने सरकार से 8 हफ्तों में रिपोर्ट तलब की है।

हरियाणा में पांच पर्यटन परिसरों को पीपीपी मोड पर विकसित करेंगे: मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

चंडीगढ़. स्वदेश दर्शन योजना के तहत टिक्कर ताल, मोरनी और यादवेंद्र गार्डन पिंजौर के विकास के लिए 92 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए जा चुके हैं। प्रदेश के पांच पर्यटन परिसरों को सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की योजना तैयारी होगी। ढोसी की पहाड़ी पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर भी अधिकारियों के बीच मंथन किया गया। हरियाणा सिविल सचिवालय में विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक कर सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की तैयारियों और प्रदेश की प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में बताया कि 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के सिविल कार्यों का करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है जिसे 20 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और इंटरनेट जैसी जन सुविधाओं की व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि अरावली की तलहटी में लगने वाला सूरजकुंड मेला इस बार विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित होगा। मेले में देश-विदेश के शिल्पकार, कलाकृतियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सांस्कृतिक संध्याओं में विशेष रूप से हरियाणवी कलाकारों को मंच दिया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि मेले तक आने-जाने में पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर विभिन्न जिलों और अंतरराज्यीय बस अड्डों से विशेष बस रूट तय किए जाएं। साथ ही मीडिया और सामाजिक माध्यमों के जरिए मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।

पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री जोशी से रखी बड़ी मांगें

दिल्ली/चंडीगढ़. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ के नेतृत्व में पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन (PRIA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के चावल मिलिंग उद्योग से जुड़े गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया, विशेष रूप से फोर्टिफाइड राइस कर्नल (ऍफ़आरके) नीति और राज्य में गहरे भंडारण संकट के समाधान पर जोर दिया। PRIA के अध्यक्ष भारत भूषण बिंटा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा FRK नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन ने मांग की कि कम से कम मौजूदा वर्ष के लिए फोर्टिफाइड चावल की डिलीवरी को स्थगित किया जाए, यह बताते हुए कि केंद्र सरकार के पास पहले से ही देशभर के गोदामों में फोर्टिफाइड चावल का भारी भंडार मौजूद है। बिंटा ने कहा कि यदि एक वर्ष के लिए फोर्टिफाइड चावल की डिलीवरी रोक दी जाती है, तो FRK से जुड़ी जटिलताओं के कारण चावल मिलिंग उद्योग पर जो भारी दबाव बना हुआ है, वह काफी हद तक कम हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अतिरिक्त भंडार होने के बावजूद FRK पर लगातार जोर देने से मिलिंग कार्य प्रभावित हुआ है और पंजाब के चावल मिलरों पर अनावश्यक वित्तीय और परिचालन दबाव बढ़ा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और उद्योग को तत्काल राहत देने की अपील की। चर्चा के दौरान तरुण चुघ ने सुझाव दिया कि एफआरके को जारी रखने के बजाय सरकार को कम पॉलिश किए गए चावल को स्वीकार करने की नीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एफसीआई पंजाब से अत्यधिक पॉलिश किया हुआ चावल स्वीकार कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। चुघ ने जोर देकर कहा कि यदि कम पॉलिश चावल की नीति अपनाई जाती है, तो चावल की प्राकृतिक गुणवत्ता बनी रहेगी और फोर्टिफिकेशन की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो जाएगी। इससे जहां उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों को लाभ होगा, वहीं देश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा।

अंबिकापुर में मोर मकान-मोर चिन्हारी अंतर्गत आवासों का लाटरी पद्धति से हुआ आवंटन

अंबिकापुर. नगर पालिक निगम अंबिकापुर आयुक्त डी.एन. कश्यप के निर्देशन में सुभाषनगर क्षेत्र स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक “मोर मकान–मोर चिन्हारी” (AHP) अंतर्गत निर्माणाधीन आवास परियोजना में 67 पात्र हितग्राहियों को लॉटरी पद्धति से आवासों का आबंटन किया गया। यह आबंटन प्रक्रिया निर्माणाधीन स्थल पर ही पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई, जिससे हितग्राहियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव सर सहित नगर निगम के संबंधित Also Read – दुर्ग में विधवा बहू के साथ अत्याचार, टोनही कहा और चरित्र पर ससुराल वालों ने लगाया लांछन अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया, जिससे किसी भी प्रकार की आपत्ति या भ्रम की स्थिति न बने। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुभाषनगर क्षेत्र में कुल 17 ब्लॉकों में 493 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से वर्तमान में 12 ब्लॉकों के 348 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 5 ब्लॉकों के 145 आवास फिनिशिंग स्टेज में हैं, जिन्हें शीघ्र ही पूर्ण कर हितग्राहियों को सौंपे जाने की तैयारी है। नगर निगम द्वारा परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “मोर मकान–मोर चिन्हारी” योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी लॉटरी प्रणाली से आवास आबंटित किए जा रहे हैं। Also Read – गोवा दौरे पर रहेंगे CM विष्णुदेव साय अपर कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष आवासों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। लॉटरी के माध्यम से आवास मिलने पर हितग्राहियों ने शासन और नगर निगम के प्रति आभार व्यक्त किया। हितग्राहियों का कहना था कि वर्षों से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। अब उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि आगामी चरणों में भी आवास आबंटन की प्रक्रिया इसी तरह पारदर्शी ढंग से की जाएगी। शेष निर्माणाधीन आवासों के पूर्ण होते ही अन्य पात्र हितग्राहियों को भी लाभ प्रदान किया जाएगा।

पुलिस विभाग की 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर हुआ आधुनिक कंट्रोल रूम निर्माण

राम मंदिर की सुरक्षा को तैयार हुआ आधुनिक कंट्रोल रूम पुलिस विभाग की 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर हुआ आधुनिक कंट्रोल रूम निर्माण 1128.75 लाख की लागत से तैयार हुआ है प्रशासनिक भवन दिसंबर 2023 में सीएंडडीएस ने शुरू कराया था निर्माण आधुनिक कंट्रोल रूम का जल्द होगा लोकार्पण,योगी सरकार के अहम निर्णय के बाद हुआ निर्माण अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ठीक बाहर पुलिस विभाग की 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर एक आधुनिक प्रशासनिक भवन और कंट्रोल रूम का निर्माण पूरा हो चुका है। यह भवन 1128.75 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट को गृह विभाग द्वारा संचालित किया गया है। निर्माण कार्य दिसंबर 2023 में निर्माण संस्था सीएंडडीएस के माध्यम से शुरू हुआ था। जी प्लस वन मंजिला इस भवन में बेसमेंट में मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा, जहां से सीसीटीवी फुटेज, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। यह सुविधाये हैं भवन में वेद मंदिर के निकट बने भवन में आंतरिक स्थल विकास कार्य के अंतर्गत कई आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें सीसी रोड (सीमेंट कंक्रीट रोड), रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वाह्य जलमल निकासी व्यवस्था, वातानुकूलित (एयर-कंडीशन्ड) तंत्र, सबमर्सिबल पम्प के साथ बोरिंग, हाई-स्पीड लिफ्ट, पूर्ण विद्युतीकरण, मजबूत बाउंड्रीवाल, एमएस गेट और 160 केवीए का डीजल जनरेटर सेट प्रमुख है। ये सभी सुविधाएं भवन को पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा-कुशल और आपात स्थिति में आत्मनिर्भर बनाती हैं।  हर गतिविधियों पर रखी जाएगी पैनी नजर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि 98 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। बाउंड्रीवाल का कार्य प्रगति पर है। यह भवन जल्द ही लोकार्पण के लिए तैयार है। लोकार्पण के बाद इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा। यह नया भवन विशेष रूप से पुलिस विभाग द्वारा संचालित होगा और राम जन्मभूमि परिसर के आसपास की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख सकेगा।

साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल  मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में हुए शामिल रायपुर   राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।  मुख्यमंत्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है।  मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था।  उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है।  इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

BBL में आखिरी गेंद पर छक्का, 19 वर्षीय खिलाड़ी ने मेलबर्न रेनेगेड्स को दिलाई पर्थ स्कॉर्चर्स पर 4 विकेट से जीत

 पर्थ  BBL 2026 (बिग बैश लीग 2026) में मेलबर्न रेनेगेड्स ने रोमांचक मुकाबले में पर्थ स्कॉर्चर्स को चार विकेट से हरा दिया. पर्थ स्टेडियम में गुरुवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉर्चर्स की टीम 19.2 ओवर में 127 रनों पर सिमट गई. जवाब में रेनेगेड्स ने आखिरी गेंद पर जीत हासिल की. मैच के हीरो 19 साल के ओल‍िवर पीक रहे, जिन्होंने दर्शकों के शोर के बीच आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई. जीत के लिए उनकी टीम को चार रन चाहिए थे और पीक ने एरोन हार्डी की गेंद को फाइन लेग के ऊपर से स्टैंड्स में भेज दिया. इससे पहले पीक 17वें ओवर में कैच आउट दिए गए थे, लेकिन रिप्ले में गेंद जमीन को छूती दिखी और उन्हें जीवनदान मिला. इसके बाद उन्होंने कप्तान विल सदरलैंड के साथ अहम साझेदारी निभाई. गेंदबाजी में गुरिंदर संधू ने चार विकेट लेकर स्कॉर्चर्स को बड़ा स्कोर बनाने से रोका. पर्थ की ओर से एरॉन हार्डी ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए, लेकिन टीम का मिडिल ऑर्डर बुरी तरह लड़खड़ा गया और आखिरी पांच विकेट सिर्फ 16 रन में गिर गए. ओल‍िवर पीक को उनकी दमदार पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' दिया गया.  ध्यान रहे बिग बैश लीग में ऑस्ट्रेल‍िया की 8 टीमें एडिलेड स्ट्राइकर्स, ब्रिस्बेन हीट, होबार्ट हरिकेन्स, मेलबर्न रेनेगेड्स, मेलबर्न स्टार्स, पर्थ स्कॉर्चर्स, सिडनी सिक्सर्स और सिडनी थंडर खेलती हैं. इस समय होबार्ट हर‍िकेन्स 7 मुकाबलों में 5 जीतकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर हैं. टूर्नामेंट की शुरुआत 14 दिसंबर को हुई थी, जबक‍ि इसका फाइनल 25 जनवरी को होगा.