samacharsecretary.com

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की पत्रकारवार्ता

रायपुर श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन  द्वारा आज  प्रेस वार्ता में  जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है। विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिकांे को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि अवगत कराया गया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।          उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।        मंत्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस  को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।           उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।            मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।                 श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।  कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा। देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।             शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी,  जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

अमेरिका-ईरान जंग का साइड इफेक्ट: पाकिस्तान पर मंडराया तिहरा संकट, सेना प्रमुख आसिम मुनीर अलर्ट

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को यह कहकर और हवा दे दी है कि प्रदर्शनकारी संस्थाओं पर कब्जा करें, मदद पहुंच रही है। अब इस बात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों को किस तरह की मदद पहुंचाने जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई का भी प्लान बना रहा है। दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका को दो टूक कहा है कि वह चुप बैठने वाला नहीं है और किसी भी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा।   इन सबके बीच, पाकिस्तान टेंशन में आ गया है। वह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से परेशान है। पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को अब चिंता सता रही है कि अगर ईरान और अइमेरिका के बीच जंग छिड़ी तो उसकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पहले से ही कई मोर्चों पर बदहाली झेल रहे पाकिस्तान में अब नए मोर्चों पर हालात बिगड़ने की आशंका के बीच पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने आपात बैठक की है। दो सीमाई मोर्चों पर दबाव सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हाई लेवेल मीटिंग में ISI प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल असीम मलिक, साउदर्न कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम, मिलिट्री इंटेलिजेंस प्रमुख, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ और अन्य वरिष्ठ जनरल शामिल हुए। इस बैठक में सबसे बड़ी चिंता पाकिस्तान–ईरान सीमा को लेकर जताई गई है। अधिकारियों ने चेताया कि पाकिस्तान पहले ही अफगानिस्तान के साथ डूरंड लाइन पर तनाव झेल रहा है और ऐसे में ईरान सीमा पर नया संकट देश के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अमेरिका मांग सकता है पाकिस्तानी ठिकाने? सूत्रों के मुताबिक, बैठक में इस आशंका पर भी गंभीर चर्चा हुई कि अगर अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो वह पाकिस्तान से हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की मांग कर सकता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के लिए फैसला लेना बेहद मुश्किल होगा, क्योंकि इससे देश के भीतर राजनीतिक विरोध और क्षेत्रीय तनाव, दोनों बढ़ सकते हैं। पाक के अंदर अशांति और विद्रोह का डर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ईरान-अमेरिका जंग में अगर पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया तो उसे आंतरिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि देश की लगभग 30 फीसदी आबादी शिया है, जो ईरान के प्रति सहानुभूति रखती है। ऐसे में अगर ईरान पर अमेरिकी हमला होता है या वहां सत्ता परिवर्तन की कोशिश होगी। इससे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर शियाओं का विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकता है। इसके अलावा, ईरान से शरणार्थियों के आने से सीमा पर दबाव और बढ़ सकता है। हाई अलर्ट पर पाक सेना सूत्रों के अनुसार, जनरल आसिम मुनीर ने सभी वरिष्ठ कमांडरों को हाई अलर्ट पर रहने और हालात पर करीबी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं ISI प्रमुख को ईरान, तुर्की, कतर, यूएई, सऊदी अरब और अमेरिका के साथ राजनयिक और सुरक्षा स्तर की बातचीत तेज करने को कहा गया है, ताकि हालात को बिगड़ने से रोका जा सके। क्षेत्रीय अस्थिरता की चेतावनी खुफिया आकलन में कहा गया है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर और तुर्की पहले ही अमेरिका को यह संदेश दे चुके हैं कि ईरान पर हमला पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने मानना कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार आगे बढ़ती है और पाकिस्तान पर सहयोग का दबाव डालती है, तो इस्लामाबाद को गंभीर रणनीतिक और राजनीतिक नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। देश के भीतर एकजुटता की कोशिश ऐसे में बाहरी दबावों के बीच पाकिस्तान की सेना ने घरेलू मोर्चे पर भी तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, सेना मुख्यालय में नेशनल पैग़ाम-ए-अमन कमेटी के तहत धार्मिक विद्वानों का एक प्रतिनिधिमंडल बुलाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एकजुट संदेश देने पर ज़ोर दिया गया है। बैठक में यह भी कहा गया कि भारत और सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे कथित मनोवैज्ञानिक युद्ध का जवाब एक साझा राष्ट्रीय नैरेटिव से दिया जाना चाहिए।

बड़े भाई के दही-चूड़ा भोज से नदारद रहे तेजस्वी, तेज प्रताप का आया हल्का-फुल्का बयान

पटना बिहार के पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया, जिसमें कई नेताओं ने शिरकत की। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी अपने बेटे के आवास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद दिया। हालांकि, तेज प्रताप के छोटे भाई एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। पिता के भोज में आने पर तेज प्रताप खुश नजर आए, तो भाई के नहीं आने पर उन्होंने चुटकी ले ली।   पटना में अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान बुधवार को तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनके दही-चूड़ा भोज में पिता (लालू) और राज्यपाल आए। दोनों ने आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि बड़े-बुजुर्ग से आशीर्वाद लेते हुए कुछ नया काम करना है। इसके बाद पूरे बिहार में यात्रा निकालेंगे। खबर लिखे जाने तक तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई के घर भोज में नहीं पहुंचे। जब तेज प्रताप से इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा- तेजस्वी को न्योता भेज दिया, छोटे भाई हैं, थोड़ा लेट से सोकर उठते हैं। घर जाकर तेजस्वी को न्योता दिया था न्योता एक दिन पहले तेज प्रताप अपनी मां राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर गए थे और मां-पिता के साथ ही अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को भी दही-चूड़ा भोज का न्योता दिया था। दरअसल, अनुष्का यादव से रिलेशन की बात सामने आने के बाद पिछले साल तेज प्रताप यादव को लालू ने आरजेडी और अपने परिवार से बेदखल कर दिया था। इसके बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम से नई पार्टी बनाई और अकेले बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा। हालांकि, वह खुद महुआ सीट से चुनाव हार गए और उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। अब तेज प्रताप अपनी बिहार समेत अन्य राज्यों में अपनी राजनीतिक जड़ें मजबूत करने में जुटे हैं। इसी क्रम में दही-चूड़ा भोज में उन्होंने एनडीए, महागठबंधन समेत सभी दलों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया।  

तीसरी पारी पर ब्रेक! दिग्विजय सिंह राज्यसभा से बाहर—राजनीतिक मोहभंग या कांग्रेस का मास्टरप्लान?

भोपाल 2 बार राज्यसभा के सांसद रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार अपर हाउस में जाने से मना कर दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म होने वाला है। एमपी में कांग्रेस विधायकों की संख्या को देखें तो वो आसानी से तीसरी बार राज्यसभा जा सकते हैं, लेकिन उन्होंने कहा है- 'मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं।' दिग्विजय सिंह के ऐलान के बाद कई सवाल बन रहे हैं, जिनमें से दो की चर्चा तेजी से हो रही है। पहला- अगर दिग्विजय सिंह नहीं तो कौन जा रहा है राज्यसभा? दूसरा- क्या उनका राज्यसभा से मोहभंग हो गया है या फिर कांग्रेस में कोई सीक्रेट प्लान बन रहा है?   उनकी जगह कौन जा रहा है राज्यसभा? उनकी जगह या फिर कौन राज्यसभा जा रहा है, इसका जवाब दिग्विजय सिंह ने गोल-मोल करते हुए दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान, जब उनसे पूछा गया- 'मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आपको पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राज्यसभा सीट से अनुसूचित जाति के किसी सदस्य को भेजा जाना चाहिए'- इस पर आपका क्या कहना है? इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा- “ये मेरे हाथ में नहीं है।” कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति की तरफ इशारा अब दूसरा सवाल उठ रहा है क्या दिग्विजय सिंह का मोहभंग हो गया है या कांग्रेस और राहुल गांधी कोई सीक्रेट प्लान पर काम कर रहे हैं? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिग्विजय सिंह द्वारा अपना नाम पीछे खींच लेना 'व्यक्तिगत निर्णय नहीं' है। ये 'कांग्रेस आलाकमान की सोची समझी रणनीति' है बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस केवल सदन में सरकार को घेरने की बजाय धरातल पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश में जुटी है। इसी क्रम में युवाओं को आगे लाने की तैयारी हो रही है। वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जा रही हैं। विधानसभा चुनाव की चल रही है तैयारी? साल 2017-18 में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में नर्मदा परिक्रमा का आयोजन किया गया था। ये परिक्रमा करीब 3300 किलोमीटर लंबी थी। इसे कांग्रेस के लिए मजबूती के तौर पर देखा गया था। जैसे राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के द्वारा कार्यकर्ताओं और लोगों पहुंच बनाई थी, ठीक ऐसा ही प्रभाव नर्मदा परिक्रमा का देखने को मिला था। इसका प्रभाव 2018 के एमपी विधानसभा चुनाव में देखने को मिला था। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार फिर दिग्विजय सिंह से कोई बड़ा जनसंपर्क अभियान कराया जा सकता है। ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में संगठन और नए नेताओं को मजबूत दिशा दे सके। दिग्विजय सिंह की हार-जीत का सफर आपको बताते चलें कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा नाम हैं। वो 1993 से 2003 तक लगातार 2 बार एमपी के सीएम रहे हैं। हालांकि 2003 में कांग्रेस की सत्ता गई तो उनकी राजनीति में विराम सा लग गया था। लेकिन एक दशक की शांति के बाद 2013 में उनकी फिर वापसी हुई और 2014 से राज्यसभा के सांसद हैं। इस बीच 2019 और 2024 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  

MEA की एडवाइजरी: ईरान में बिगड़ते हालात, भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह

 नई दिल्ली ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता, हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षा हालात के मद्देनजर भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक-चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, कारोबारी हों या पर्यटक-उपलब्ध साधनों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ें. दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह एडवाइजरी भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2025 को जारी की गई सलाह का ही विस्तार है. जारी एडवाइजरी में कहा गया, "ईरान में लगातार बदलते हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे कमर्शियल फ्लाइट्स समेत उपलब्ध किसी भी परिवहन माध्यम से ईरान छोड़ दें." भारतीय दूतावास ने यह भी दोहराया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ (PIOs) पूरी सतर्कता बरतें, किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें, ताकि हालात से जुड़े ताजा अपडेट मिलते रहें. दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े सभी दस्तावेज-जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र-हमेशा अपने पास और आसानी से उपलब्ध रखें. साथ ही, किसी भी तरह की सहायता की जरूरत पड़ने पर तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है. आपात स्थिति के लिए भारतीय दूतावास ने नंबर भी जारी किए हैं. दूतावास के अनुसार, भारतीय नागरिक इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +98932179359. ईरान में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, हिंसा और सुरक्षा कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिसके चलते विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. वहीं अमेरिका ईरान को लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहा है.

लालू से मिलने और तेजस्वी के नहीं पहुंचने पर पर गदगद दिखे तेज प्रताप

पटना. मकर संक्रांति के अवसर पर जनशक्ति जनता दल के मुखिया और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप की दही-चूड़ा पार्टी से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पार्टी में न सिर्फ सभी पार्टियों के नेता शिरकत कर रहे हैं, बल्कि लालू परिवार भी एक होता दिखाई दे रहा है। खास बात ये थी कि इस भोज में राजद के प्रमुख लालू यादव शामिल हुए और उन्होंने तेज प्रताप को आशीर्वाद दिया, तो तेज प्रताप ने भी अपनी भावना व्यक्त की। तेज प्रताप ने कहा कि अगर तेजू भैया की दावत सुपर डुपर हिट नहीं होगी, तो किसकी होगी। दही-चूड़ा की शानदार दावत का आयोजन किया गया था। हमारे माता-पिता हमारे लिए भगवान हैं, इसलिए मुझे उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा। सब लोग आएंगे। वो थोड़ा लेट सोकर उठते हैं: तेज प्रताप भाई तेजस्वी के अभी तक नहीं पहुंचने पर तेज प्रताप ने कहा कि हमने निमंत्रण पत्र दे दिया है, हमारे छोटे भाई हैं वो थोड़ा लेट सोकर उठते हैं। वह भी आएंगे। तेज प्रताप के इस बयान से यह भी साफ हो गया है कि इस भोज में नेता प्रतिपक्ष और तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव भी शिरकत करेंगे। इसको लेकर तेज प्रताप के बड़े मामा प्रभुनाथ यादव ने भी बयान दिया है। प्रभुनाथ यादव ने कहा, "मैं अपने भांजे को आशीर्वाद देने दही-चूड़ा की दावत में आया हूं ताकि वह तरक्की करे और लोगों की सेवा करे। मैं अपने बड़े भांजे को आशीर्वाद देने आया हूं। पूरा परिवार इकट्ठा होगा।"

अयोध्या के साधु-संत भड़के राहुल गांधी पर, कहा— कालनेमि जैसा आचरण

अयोध्या लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के राम मंदिर में दर्शन को लेकर चल रही अटकलों पर अयोध्या के संतों और महंतों ने प्रतिक्रिया दी। हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि जो व्यक्ति हिंदुओं को हिंसक कहे, जो यह कहे कि युवा मंदिर लड़कियों को छेड़ने के लिए जाते हैं, जिनकी पार्टी राम मंदिर के विरोध में 17 वकील खड़े कर दे, जो हमेशा सनातन की संस्कृति की अवहेलना करे, लेकिन राम मंदिर का विरोध करने वाली पार्टी के नेता आते हैं तो स्वागत है। कालनेमि से सचेत होने की जरूरत है। जब ये सत्ता में होते हैं तो सनातन पर प्रहार करते हैं। हनुमानगढ़ी के देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि देखिए, सूचना मिली है कि वे आ सकते हैं। स्वागत योग्य है। देर ही सही, राम की शरण में आ रहे हैं, कल्याण होगा। रामलला का दर्शन कर रहे हैं तो उनकी पार्टी का भी कल्याण होगा। किसी भी राजनीतिक दल को राम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा कि राहुल गांधी तो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। सद्बुद्धि कहां से आ गई कि वे राम मंदिर आ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राम पर सवाल उठाने वाले क्यों आ रहे हैं। यह राहुल गांधी की मानसिकता को दिखाता है कि वे राम विरोधी हैं। कभी कहते हैं हिंदू हिंसा फैलाता है, राम के वजूद पर सवाल उठाते हैं। वे राजनीति से प्रेरित होकर आ रहे हैं। सीताराम दास महाराज ने कहा कि राहुल गांधी के डीएनए में खोट है। समय-समय पर गिरगिट की तरह रूप बदलने वाले शुद्ध कालनेमी हैं। यूपी चुनाव को देखते हुए राम मंदिर आ रहे हैं। मैं पूछता हूं कि वे राम प्राण प्रतिष्ठा में क्यों नहीं आए। वे राम सेतु के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। भगवान राम का दर्शन करने से उनका कल्याण नहीं होगा। इनकी पार्टी के लोग साधु-संतों पर अभद्र टिप्पणी करते हैं। इन्हें सनातन कभी स्वीकार नहीं करेगा। ये मजार पर चादर चढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जो राम को काल्पनिक कहते थे, जो राम सेतु को काल्पनिक मानते हैं, अब राम की शरण में जाने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है?

बेजल-लेस स्क्रीन और दमदार साउंड के साथ Haier TV

नई दिल्ली जाने-माने होम अप्‍लायंसेज ब्रैंड हायर ने Flipkart पर अपने नए स्‍मार्ट टीवी लॉन्‍च किए हैं। इन्‍हें Haier H5E सीरीज 4K अल्‍ट्रा HD स्‍मार्ट Google TV के तहत लाया गया है। नए हायर टीवी बेजल-लेस स्‍क्रीन ऑफर करते हैं। इनमें डाउन-फायरिंग स्टीरियो स्पीकर्स लगे हैं। कंपनी का कहना है कि बेजल-लेस स्‍क्रीन पर एकदम साफ 4K अल्‍ट्रा एचडी विजुअल्‍स नजर आएंगे। शानदार डॉल्‍बी ऑडियो साउंड दिया जाएगा। खास बात है कि कंपनी ने 25990 रुपये की शुरुआती कीमत में इन टीवी को उतारा है। यह 43 इंच टीवी के दाम है। Haier H5E Series 4K Ultra HD की कीमत Haier H5E Series 4K Ultra HD को 43 इंच, 50 इंच, 55 इंच, 65 इंच स्‍क्रीन साइज में लाया गया है।     43 इंच मॉडल के दाम 25990 रुपये हैं।     50 इंच वाला स्‍मार्ट टीवी 32990 रुपये में लाया गया है।     55 इंच मॉडल की कीमत 38990 रुपये है।     65 इंच मॉडल को 57990 रुपये में लिया जा सकेगा। Haier H5E Series 4K Ultra HD टीवी के फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस Haier H5E सीरीज के सभी मॉडलों में 4K रेजॉलूशन वाला बेजल लेस डिस्‍प्‍ले दिया गया है। दावा है कि इसमें शार्प और डिटेल्‍ड विजुअल्‍स उभरते हैं। कंपनी ट्रू 4K रेजॉलूशन की बात कह रही है और HDR10 सपोर्ट दिया गया है। यह दर्शाता है कि सभी टीवी में ज्‍यादा क्‍लीयर इमेज मिलेगी। कॉन्‍ट्रास्‍ट भी बेहतर होगा। कलर्स में एकदम रियल नजर आएंगे। बच्‍चों के लिए किड्स मोड सभी नए हायर टीवी में किड्स मोड दिया गया है। इससे यह तय करना आसान हो जाएगा कि बच्‍चों को क्‍या कंटेंट दिखाना है। हायर टीवी में 178 डिग्री वाइड व्‍यूइंग एंगल है। इसका फायदा यह होगा कि किसी भी साइड से देखने पर एक जैसी पिक्‍चर क्‍वॉलिटी मिलेगी। ये MEMC टेक्‍नोलॉजी के साथ आते हैं जो ओरिजिनल फ्रेम्‍स के बीच एक्‍स्‍ट्रा फ्रेम को जोड़कर उन्‍हें स्‍मूथ बनाता है और मोशन ब्‍लर को कम करता है। इससे ऐक्‍शन सीन ज्‍यादा रियल नजर आते हैं। 2 जीबी रैम, 32 जीबी स्‍टोरेज Haier H5E सीरीज में 7 मल्टी पिक्चर मोड्स दिए गए हैं। इससे यूजर्स को यह चुनने की सुविधा मिलती है कि वो क्या देख रहे हैं। इस फीचर से फिल्में ज्‍यादा सिनेमैटिक लगती हैं। रही बात साउंड की तो, नए हायर टीवी में 20W डाउन-फायरिंग स्‍टीरियो स्‍पीकर्स दिए गए हैं। इनमें डॉल्‍बी ऑड‍ियो का सपोर्ट है। सराउंड साउंड दिया गया है, जिससे डायलॉग्‍स एकदम क्‍लीयर सुनाई देंगे। नए हायर टीवी में 2 जीबी रैम, 32 जीबी इंटरनल स्‍टोरेज है। 2.4GHz और 5GHz डुअल बैंड वाई-फाई सपोर्ट दिया गया है। इससे ब्लूटूथ 5.1 को सपोर्ट करने वाले हेडफोन, स्पीकर और अन्य एक्सेसरीज आसानी से कनेक्‍ट हो जाती हैं। इसमें 4 HDMI पोर्ट्स और 2 USB पोर्ट्स के साथ, गेमिंग कंसोल, साउंडबार, सेट-टॉप बॉक्स और स्टोरेज डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकता है।

गोपालगंज में जल-जीवन-हरियाली अभियान में 230 पुराने तालाबों का होगा जीर्णोद्धार

गोपालगंज. जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत इस साल 230 तालाबों का जीर्णाेद्धार कराया जाएगा। जिले में पूर्व में चिह्नित किए गए 887 तालाबों में से पहले चरण में 198 तालाबों की दशा को सुधारने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। दूसरे चरण में इन तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद उनका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। लगातार गिरते जलस्तर में सुधार की पहल के बाद जिले में जल जीवन हरियाली योजना के तहत जिले में 3100 तालाबों को चिह्नित कर उनका जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया गया था। पहले चरण में एक एकड़ से अधिक 887 तालाबों को चिह्नित कर उनका जीर्णोद्धार करने का काम बीते साल में शुरू किया गया। अब 198 तालाबों के जीर्णोद्धार का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। अब इन तालाबों में पानी भी मौजूद रहने लगा है। इस साल शेष बचे 693 तालाबों में से 230 तालाबों के जीर्णोद्धार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। सभी पंचायत में एक-एक मॉडल तालाब निर्माण की योजना मनरेगा के तहत जिले की सभी 230 पंचायतों में एक-एक मॉडल तालाब बनाने की योजना पर भी काम प्रारंभ किया गया है। इन तालाबों में साल के 12 माह तक लगातार पानी का स्तर सामान्य बनाए रखने के लिए विद्युत चालित पंप लगाए जाने की योजना है, ताकि तालाबों में कभी भी पानी की कमी जैसी समस्या पैदा नहीं हो। इस योजना के तहत 13 पंचायत में तालाब निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। पानी भरने के लिए लगेगा विद्युत चालित पंप वैसे तालाब जिनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, वहां गर्मी के दिन भी पानी की कमी नहीं होगी। इसके तहत संबंधित तालाब के आसपास मोटर चालित पंप लगाए जाएंगे। पंप के सहारे ऐसे तालाब में गर्मी के दिन में पानी भरने की व्यवस्था होगी। ताकि इन तालाबों में सालों भर पानी भरा रह सके। भव्य दिखेंगे चिह्नित किए गए पुराने तालाब पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के दौरान इस बात का भी ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है कि तालाब की भव्यता कहीं से भी कम नहीं दिखे। इसके लिए तालाब के चारों ओर पौधों को लगाने की भी योजना है, ताकि पेड़ की छाया के साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखा जा सके।

सहरसा में 52 करोड़ की लागत से क्वालिटी और टाइम लिमिट में बनाएं सड़क: सांसद

सहरसा. खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेश वर्मा ने मंगलवार को सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले निर्माणाधीन एसएच-95 और 412 करोड़ की लागत से बन रहे डेंगराही घाट पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद, महिषी प्रखंड के झाड़ा पंचायत में 52 करोड़ की लागत से बनने वाली बहोरबा से बेलडाबर सड़क का जायजा लिया। सांसद ने खगड़िया जिले के प्रसिद्ध मां कात्यायनी मंदिर में पूजा अर्चना की और फिर एसएच-95 का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद इंजिनियरों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली। सांसद ने कहा कि इस सड़क के बन जाने से खगड़िया और सहरसा का सीधा जुड़ाव होगा। निरीक्षण के दौरान साम्हरखुर्द पंचायत के मुखिया दारा सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सांसद से एसएच-95 को साम्हरखुर्द से जोड़ने की मांग की। सांसद ने इस पर अपने निधि से सड़क देने का आश्वासन दिया। इसके बाद, सांसद का काफिला डेंगराही घाट पहुंचा, जहां पुल निर्माण कर रहे कंपनी के कर्मियों से बातचीत की। ग्रामीणों ने पुल की गुणवत्ता और नक्शे पर आपत्ति जताई, जिस पर सांसद ने पटना में इंजिनियरों से चर्चा करने का आश्वासन दिया। झाड़ा पंचायत में ग्रामीणों ने बहुरबा-बेलडाबर सड़क का मुद्दा उठाया, जिस पर सांसद ने कहा कि यह सड़क एक वर्ष में पूरी कर ली जाएगी।