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17 जनवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल और किस राशि की किस्मत में आएगा बड़ा बदलाव

मेष राशि: आपको ना कहना मुश्किल लगता है, भले ही इससे अक्सर परेशानी हो जाती है। इस समय मेष राशि वालों को दूर से बात करना लाभ देगा। कल के दिन आप खश रहेंगेऔर आपको निवेश को लेकर खास सावधना रहना चाहिए। कुल मिलाकर आपका दिन आज बहुत अच्छा है। वृषभ राशि के लिए आज सोशल होना जरूरी है। आपको इस समय सोशल पार्टी या एक्टिविटी में भाग लेना चाहिए। इसमें शामिल होने से आपको निकट भविष्य में पहचान मिलेगी। आज आप महत्वपूर्ण लोगों से मिल करेंगे। इस समय आपको पॉलिटिक्ल चीजों में डिप्लोमेटिक होना है। अनावश्यक बहसों में न पड़ें। मिथुन पब्लिक लाइफ में आज मिथुन राशि वाले आज सफलता पाएंगे। आप आज पूरे दिन बिजी रहेंगे। आपके लिए थोड़ी बेचैनी भी रहेगी। इस दौरान आपको अपनी हेल्थ को लेकर खास ध्यान देना है। पारिवारिक नेटवर्क के कारण आपको नए बिजनेस ऑफर मिल सकते हैं। कर्क कर्क वालों की लवलाइफ आज अच्छी रहेगी आपको आज प्यार के पल मिलेंगे। सिगंल लोगों की लाइफ में कोई नया व्यक्ति आएगा, या संभवतः कोई पुराना प्यार जिससे आप अब भी आकर्षित हैं। इस समय धान लाभ के भी मौके बन रहे हैं। सिंह इस समय सिंह राशि के लोग लोगों की मदद करेंगे। आज अनावश्यक बहसों में न पड़ें। आप इस समय बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं, इसलिए जो आप चाहते हैं वो पा सकते हैं। आप डिटेल्स को अच्छे से देख लेते हैं, इसलिए बिजनेस आपके लिए अच्छा रहेगा। कन्या राशि वालों के लिए आज प्यार और समझदारी से काम लेने का दिन है। अगर आपका ब्रैकअप हुआ है, तो आपकी समझदारी अतीत के किसी टूटे रिश्ते को फिर से अच्छा करेगी। आज आप महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क करेंगे। आपके विरोधी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं। तुला राशि के लोगों को आज बहुत सावधान रहने की जरूरत है। आपको अप्रत्याशित स्रोत से धन प्राप्ति होगी। इस समय आपका साथी प्रेरणा का स्रोत है।नए प्रेम संबंध आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाएंगे और आपको नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे। धनु राशि के लोगों के परिवार में अचानक कॉम्पिटीशन बढ़ सकता है। आप इस पर ज्प्रयादा ना बोलें, रिएक्शन को शांत रखें। जमीन या संपत्ति खरीदने का अच्छा मौका आज आपको मिल सकता है। वृश्चिक अपनी घटती सेविंग्स लेकर आप स्ट्रैस महसूस कर रहे हैं। आप किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं जो आपके लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। इसलिए किसी को लेकर जल्दबाजी न करें, वरना आपको अपनी ईमानदारी से समझौता करना पड़ सकता है। मकर कोई ऊंची पोस्ट वाला व्यक्ति आपकी मदद करेगा। आज आपको लोग काफी पसंद करेंगे। आग और नुकीली चीजों से दूर रहें, चोट लग सकती है। आज खर्चे अधिक रहेंगे और अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिलेंगे। कुंभ आज लवलाइफ में थोड़ी दिक्कत आपके सामने आ सकतीहै। आपकी बात को आपका गलत समझ सकता है, इससे बात बिगड़ सकती है।किसी औपचारिक अवसर पर आपकी मुलाकात किसी खास व्यक्ति से हो सकती है। मीन राशि वालों के लिए आज हेल्थ को लेकर दिक्कत हो सकती है। आपको सिरदर्द और वायरल फीवर जैसा महसूस हो सकता है। आज धन की स्थिति पहले से अच्छी होगी। अचानक मिली अप्रत्याशित आय से आपके खातों में मौजूद घाटे की भरपाई हो सकती है।

प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित रायपुर,  छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री  साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं।  जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिये हुई पहली रजिस्ट्री

– सुगम दर्शन का सपना होगा साकार, ब्रज में बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार – हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कॉरिडोर निर्माण का रास्ता हो रहा साफ मथुरा  कान्हा की नगरी वृन्दावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के भक्तों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। भव्य और दिव्य 'श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर' के निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को भूमि की पहली रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना से न केवल दर्शन सरल होंगे, बल्कि समूचे ब्रज क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। गोस्वामी परिवार ने सहर्ष की पहली रजिस्ट्री श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए आज बिहारी पुरा क्षेत्र की संपत्ति संख्या- 25 के एक भाग (69.26 वर्ग मीटर) की रजिस्ट्री तहसीलदार सदर के पक्ष में की गई। यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने इस पुनीत कार्य हेतु सहर्ष अपनी भूमि का विक्रय- विलेख (सेल डीड) निष्पादित किया। जिला मजिस्ट्रेट चन्द्र प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी डॉ० पंकज कुमार वर्मा के प्रयासों से हुई यह पहली रजिस्ट्री कॉरिडोर निर्माण के संकल्प को धरातल पर उतारने की शुरुआत है। परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मेल उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार गठित इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता में प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति ने मंदिर के गोस्वामियों, सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ निरंतर बैठकें कर सभी के सुझावों को इस योजना में शामिल किया है। यह कॉरिडोर वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस भव्य निर्माण से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिलेगी और ठाकुर जी के भक्तों के लिए दर्शन की राह आसान हो जाएगी। प्रस्तावित कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सुगम प्रवेश- निकासी द्वार बनाए जाएंगे, जिससे संकरी गलियों में होने वाली भीड़ का दबाव कम होगा। धार्मिक पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार कॉरिडोर के निर्माण से वृन्दावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा। नए होटलों, रेस्टोरेंटों और दुकानों के खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। समिति ने यह भी घोषणा की है कि जो लोग स्वेच्छा से कॉरिडोर हेतु अपनी जमीन पहले प्रदान करेंगे, उन्हें भविष्य में दी जाने वाली सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी। सुरक्षित और सुविधाजनक होंगे ठाकुर जी के दर्शन अभी तक श्रद्धालुओं को वृंदावन की संकरी गलियों के कारण भारी परेशानी और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता था। कॉरिडोर बनने के बाद श्री बांके बिहारी जी के दर्शन अत्यंत सुलभ हो जाएंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल वृन्दावन की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आधुनिक तीर्थयात्रियों की जरूरतों को भी पूरा करेगा। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस पवित्र कार्य में सभी अपना सहयोग दें ताकि ब्रज की महिमा वैश्विक पटल पर और अधिक चमके। हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी में शामिल समिति में मा० न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद/ अध्यक्ष अशोक कुमार जी, मा० जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेवानिवृत्त)/ सदस्य मुकेश मिश्रा जी, मा० जिला एवं सत्र न्यायाधीश मथुरा/ सदस्य विकास कुमार जी, मुंसिफ / सिविल जज मथुरा/ सदस्य शिप्रा दुबे जी, जिला मजिस्ट्रेट / कलेक्टर / सदस्य सचिव चन्द्र प्रकाश सिंह जी, सदस्य/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार जी, नगर आयुक्त मथुरा- वृन्दावन नगर निगम/ सदस्य जग प्रवेश जी, सदस्य/ उपाध्यक्ष मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण लक्ष्मी एन जी, सदस्य/ अधीक्षण पुरातत्वविद् भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा डॉ० स्मिता एस० कुमार जी, गोस्वामी राजभोग समूह से शैलेन्द्र गोस्वामी पुत्र श्री ब्रजनाथ गोस्वामी एवं श्रीवर्धन गोस्वामी पुत्र श्री जुगल किशोर गोस्वामी, गोस्वामी शयन भोग समूह से श्री दिनेश कुमार गोस्वामी पुत्र श्री बिहारीलाल गोस्वामी एवं श्री विजय कृष्ण गोस्वामी (बब्बू) पुत्र श्री बाल कृष्ण गोस्वामी शामिल है।

स्टार्टअप इंडिया के 10 साल : उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप क्रांति को गति देते सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का नया दौर लैब सुविधा, मेंटरशिप, टेस्टिंग और नेटवर्किंग से युवाओं को मिल रहा अवसर लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश त्वरित गति से नवाचार, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के विकास की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में 07 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस देश की तकनीकी अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। यह स्टार्टअप क्रांति को गति देने का काम कर रहे हैं। सरकार का यह कदम स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बना रहा है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इनोवेशन हब के रूप में स्थापित होने की ओर कदम बढ़ा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को आधुनिक अर्थव्यवस्था का इंजन कहा जाता है। ये ऐसे विशेषीकृत संस्थान होते हैं, जो किसी एक उन्नत तकनीक या क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण, उत्पाद, विकास और उद्योग सहयोग के केंद्र के रूप में काम करते हैं। यहां पर स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को उच्च स्तरीय लैब सुविधाएं, प्रोडक्ट परीक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग जगत से नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने थीम आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को स्वीकृति दी है। ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, मेडिटेक, टेलिकॉम, ड्रोन, एडिटिव, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा विश्वस्तरीय स्टार्टअप बना सकेंगे और प्रदेश को नए रोजगार अवसरों का बड़ा गंतव्य बनाएंगे। सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस  में चयनित प्रोडक्ट आधारित स्टार्टअप को जो सुविधाएं प्रदान की जा रही है, उनमें उच्च स्तरीय लैब, को-वर्किंग स्पेस, रिसर्च सपोर्ट, प्रोडक्ट टेस्टिंग और विशेषज्ञ मेंटरशिप शामिल हैं। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा की राह में संसाधनों का आभाव रोड़ा न बने। प्रदेश सरकार की ओर से इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता का भी मजबूत ढांचा तैयार किया है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थापित 07 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्षेत्रीय विकास को भी गति दे रहे हैं।  जिससे छोटे शहरों के युवाओं को भी विश्व स्तरीय सुविधाएं अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हो रही हैं ।

योगी सरकार के नेतृत्व में यूपी में औद्योगिक विस्तार को नई रफ्तार, डिफेंस कॉरिडोर में 1000 एकड़ भूमि आवंटन की तैयारी

झांसी, अलीगढ़, चित्रकूट और लखनऊ बने निवेशकों की पसंद करीब ₹3.5 हजार करोड़ के प्रस्तावित निवेश से औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बल ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर हो सकता है निवेश प्रस्तावित भूमि आवंटन से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार होगा उपलब्ध लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के अंतर्गत पाइपलाइन में मौजूद निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लगभग 1000 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटन की तैयारी की जा रही है। योगी सरकार की स्पष्ट डिफेंस इंडस्ट्रियल नीति, तेज निर्णय प्रक्रिया और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते देश–विदेश की कंपनियां उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। उपलब्ध प्रस्तावों के अनुसार निवेश की इच्छुक कंपनियों को विभिन्न नोड्स में भूमि आवंटन प्रस्तावित है, जिनके माध्यम से करीब ₹3.5 हजार करोड़ के निवेश की संभावना है। डिफेंस कॉरिडोर का प्रमुख केंद्र बना झांसी नोड उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत प्रस्तावित निवेश में झांसी नोड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। यहां गुडलक एस्ट्रा द्वारा 247 एकड़ भूमि पर ₹1000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। वहीं, रेडवुड ह्यूजेस द्वारा 247 एकड़ भूमि पर ₹700 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यही नहीं, सिटाडेल और गुरुत्वा जैसी कंपनियों द्वारा भी डिफेंस एंड एलाइड मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश का प्रस्ताव है। झांसी में यह निवेश बुंदेलखंड को डिफेंस इंडस्ट्रियल क्लस्टर के रूप में विकसित करने के योगी सरकार के विजन को मजबूती देगा। अलीगढ़ और चित्रकूट में हाई-टेक डिफेंस और ड्रोन सेक्टर को बढ़ावा अलीगढ़ फेज–2 नोड में स्पेसकेम, मराल और जी-1 ऑफशोर जैसी कंपनियों द्वारा केमिकल, ऑफशोर और डिफेंस सपोर्ट मैन्युफैक्चरिंग में निवेश प्रस्तावित है। चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा 209.95 एकड़ भूमि पर ₹672 करोड़ का निवेश प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, आईजी ड्रोन्स द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर में ₹100 करोड़ का निवेश प्रस्ताव है। यह निवेश चित्रकूट को योगी सरकार के डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम होगा। लखनऊ नोड में डिफेंस सपोर्ट और टेक्नोलॉजी यूनिट्स राजधानी लखनऊ स्थित डिफेंस नोड में भी नेक्सा मुंबई, इंद्रप्रस्थ और प्रोमोटेक जैसी कंपनियों द्वारा कम भूमि में उच्च तकनीक आधारित निवेश प्रस्तावित हैं। यह निवेश डिफेंस सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और सपोर्ट सिस्टम को मजबूती प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को डिफेंस कॉरिडोर में इसके अतिरिक्त भी निवेश के कई और आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिनके लिए आवश्यक भूमि के आवंटन की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। यूपीडा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसके पास डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में संभावित निवेश के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए भूमि आवंटन की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों का पालन किया जा रहा है। डिफेंस उत्पादन, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के तहत प्रस्तावित भूमि आवंटन से योगी सरकार को उम्मीद है कि हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। इससे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता तथा स्थानीय एमएसएमई व स्टार्टअप्स को डिफेंस सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को भी मजबूती देगी।

बस्तर अंचल का होगा चहुंमुखी विकास: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

कांकेर जिले को 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने सहित कई घोषणाएं रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में तेजी से विकास दृष्टिगोचर होगा। मुख्यमंत्री साय आज कांकेर जिले पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री साय ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में परलकोट क्षेत्रवासियों के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की गई, जिनमें नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने की घोषणा की। उन्होंने संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर के मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट पखांजूर से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा शुरू करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्याेें में स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने की इच्छा शक्ति के साथ लगातार विकास की ओर आगे बढ़ रही है।  साय ने बताया कि प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। दो साल की अल्पावधि में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति दी है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 08 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे विकास कार्याे कों गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। मेहनतकश किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। कार्यक्रम को कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग अंतागढ़ विधायक  विक्रमदेव उसेण्डी ने भी सम्बोधित किया।   मुख्यमंत्री साय ने नर नारायण सेवा आश्रम पहंुचे और वहां पूजा अर्चना कर तथा प्रदेशवासियांे की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण की सेवा है ध्येय से स्थापित किए गए इस आश्रम में आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वहां आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिविधानपूर्वक पूजन किया। इसके पश्चात वे पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया।     इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक  मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

18 से 20 जनवरी तक श्रवण धाम महोत्सव-2026, तैयारियां अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में भव्य होगा श्रवण धाम महोत्सव भक्ति, लोक कला और संस्कृति का संगम बनेगा श्रवण क्षेत्र धाम अनूप जलोटा और कुमार विश्वास लगाएंगे आयोजन में चार चांद सरकारी योजनाओं की झलक दिखाएंगे विभागीय स्टाल लाइट, साउंड और लेजर-शो से सजेगी श्रवण धाम की शाम अम्बेडकरनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में अम्बेडकर नगर जिले की धार्मिक और पौराणिक धरोहर श्रवण क्षेत्र धाम में तीन दिवसीय श्रवण धाम महोत्सव-2026 का शुभारंभ 18 जनवरी से होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 20 जनवरी तक चलेगा, जिसमें भक्ति, लोक कला, संस्कृति और सरकारी योजनाओं की झांकी का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा भव्य रूप से आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला स्थलीय निरीक्षण कर लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। श्रवण क्षेत्र धाम अम्बेडकरनगर की तहसील अकबरपुर (भीटी क्षेत्र) में स्थित है। इसे रामायण काल से जुड़ा पौराणिक स्थल माना जाता है। यह श्रवण कुमार की कथा से संबंधित आस्था का केंद्र है, जहां श्रद्धालु पितृभक्ति और रामभक्ति की भावना से जुड़ते हैं। महोत्सव के माध्यम से इस स्थल को रामायण सर्किट से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है, जिससे पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। तीन दिनों में भजन संध्या, रामलीला, लोक नृत्य, लोक गीत, झांकियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। शाम के समय लाइट एंड साउंड शो तथा लेजर शो का भी आयोजन प्रस्तावित है, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। प्रत्येक दिन जनपद के साथ-साथ आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे। सरकार की नीतियों की दिखेगी झलक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और नीतियों की भी झलक इस महोत्सव में दिखेगी। विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए जाएंगे, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और लाभार्थियों से संवाद होगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पर्यटन प्रचार का भी माध्यम बनेगा। अनूप जलोटा व कुमार विश्वास होंगे आकर्षण का केंद्र महोत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भी पहुंच रहे हैं। 18 की शाम भजन गायक अनूप जलोटा अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे। 19 जनवरी को कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें प्रख्यात कवि कुमार विश्वास अपनी रचनाओं से लोगों का दिल जीतेंगे। 20 जनवरी को समापन समारोह के दिन अमित दीक्षित रामजी रामलीला के दौरान अपनी प्रस्तुति देंगे। सूचना विभाग अम्बेडकरनगर द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 18 को हवन पूजन से शुरू होगा कार्यक्रम श्रवण धाम महोत्सव का शुभारंभ 18 जनवरी को सुबह नौ बजे विधिवत पूजन के साथ होगा। सुबह दस बजे स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति होगी। महोत्सव के संयोजक सत्यम गौड़ होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक की देखरेख में स्कूली बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 12 बजे के बाद महिला सशक्तिकरण व मिशन शक्ति पर विभिन्न कार्यक्रम शुरू होंगे। दोपहर साढ़े तीन बजे लट्ठमार पुष्प होली व मयूर नृत्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। शाम साढ़े चार बजे भव्य दीपोत्सव कराया जाएगा। 19 जनवरी की सुबह 11 बजे से किसानों के लिए कार्यक्रम आरम्भ होगा। 19 को ही दोपहर में राजस्थानी लोक नृत्य होगा। इसमें शकुन खान व उनकी टीम प्रस्तुति देगी। सृष्टिधर महत्व की ओर से झारखंड का लोक नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। शाम को तमसा आरती व कवि सम्मेलन होगा। 20 जनवरी की सुबह 8 बजे 10 किलोमीटर की हाफ मैराथन शुरू होगी। इसके बाद अरुण सिंह की टीम द्वारा हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। राजकीय आईटीआई द्वारा युवा सम्मेलन व जागरूकता गोष्ठी आयोजित की जाएगी। शाम 6 कला क्षेत्र फाउंडेशन की तरफ से दक्षिण भारत का लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। 8 बजे अमित दीक्षित की तरफ से रामलीला का आयोजन। इसके बाद रात 10 से 11 के बीच कार्यक्रम का समापन होगा। श्रवण धाम महोत्सव, अंबेडकर नगर के सभी कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण यूट्यूब लिंक https://youtube.com/@shrawandham-g6p?si=fq3RJbimABjN2ts0 के माध्यम से किया जाएगा। श्रद्धालु एवं दर्शक श्रवण धाम के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कार्यक्रमों को सीधे देख सकेंगे।

नल से जल : ग्रामीण जीवन में आए बदलाव परखेंगे विवि, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं

हर घर जल योजना से स्वास्थ्य सुधरा, पढ़ाई बेहतर हुई और महिलाओं को मिली नई ऊर्जा लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में चल रही इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मण्डलों में भी जल्द किया जाएगा प्रभाव का आकलन बुंदेलखंड में आए सकारात्मक नतीजों का अध्ययन करेगी आईआईटी मद्रास की टीम लखनऊ, जल जीवन मिशन के तहत लागू ‘हर घर जल’ योजना से ग्रामीण इलाकों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाकर रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा रहा है। अब इस बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से प्रभाव आकलन (इंपैक्ट असेसमेंट) कराया जाएगा। लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में यह जिम्मेदारी आईआईटी मद्रास को दिए जाने की तैयारी है। मुरादाबाद, आगरा, मेरठ तथा देवीपाटन मण्डलों में प्रभाव का आंकलन केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कराने की योजना है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मिला अवसर पाइप से पेयजल योजना के जरिए शुद्ध पानी मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य स्तर बेहतर हुआ है। बच्चों की शिक्षा में निरंतरता आई है और रोजगार के लिए होने वाला प्रवासन घटा है। सबसे अहम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। आईआईटी मद्रास की टीम इन सभी प्रभावों का धरातल पर आकलन करेगी। इसके लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से अनुरोध किया गया है। इससे पहले झांसी और चित्रकूट मण्डल में कराए गए इंपैक्ट असेसमेंट में भी यही सामने आया कि नल से जल ने ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या आसान बनाई है। गोरखपुर मण्डल में हुए अध्ययन में भी शुद्ध पेयजल आपूर्ति का सकारात्मक सामाजिक असर दर्ज किए गए हैं। बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी योजना के प्रभाव को परखा जा रहा है। अयोध्या, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर मण्डलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। यहां जल्द शुरु होगा अभियान मुरादाबाद, आगरा, मेरठ व देवीपाटन मण्डलों के लिए केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्थाओं से आकलन कराने का अनुरोध किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत कराया जा रहे व्यापक इंपैक्ट असेसमेंट से यह भी पता चल सकेगा कि नल से आया जल सिर्फ सुविधा बना या ग्रामीण बदलाव की असली धारा।

धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के प्रति सरकार प्रतिबद्ध रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया। संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ेगी प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री

  गुणवत्ता, स्वच्छता, फूड सेफ्टी और जीआई टैगिंग सर्वोच्च प्राथमिकता; युवाओं की पसंद के अनुसार स्वाद में नवाचार पर ज़ोर ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के स्तर पर सरकार करेगी प्रोत्साहित लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। ब्रांड यूपी को सशक्त बनाने में एक जनपद-एक उत्पाद  योजना की बड़ी भूमिका के बाद अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक क्यूज़ीन को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, हाथरस की रबड़ी, कासगंज का कलाकंद और मूंग का दलमा, एटा की चिकोरी, सुल्तानपुर की कड़ाहा की पूरी और कोहड़े की सब्ज़ी, बाराबंकी की चंद्रकला मिठाई, आज़मगढ़ का सफ़ेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां, अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका और सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसी पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाज़ार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी उत्पादों को खाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाए। मुख्यमंत्री ने जीआई टैगिंग को प्रोत्साहित करने, स्थानीय व्यंजनों की पहचान सुरक्षित रखने और युवाओं व आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार स्वाद-आधारित विविधता विकसित करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओसी के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान कर उन्हें क्यूज़ीन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाए। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि योजनांतर्गत उत्पादों के संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, खाद्य विविधता का विस्तार, रोजगार सृजन, वैल्यू-चेन और मार्केट लिंकेज को मजबूत करना तथा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एकीकरण शामिल है। इसके साथ ही निर्यात क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को तैयार करने की रणनीति पर भी काम किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि ब्रांडिंग रणनीति के तहत ओडीओसी लोगो के साथ जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली जोड़ी जाएगी। हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि को दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग शामिल होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग के साथ शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की उन्नत तकनीकों का उपयोग होगा। क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग के माध्यम से ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता जानकारी सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्रीय और त्योहार-थीम आधारित पैकेजिंग डिजाइनों को भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओसी योजना 'वोकल फॉर लोकल' को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यह पहल केवल योजना न रहकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किये जाएं।