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हरियाणा पुलिस ने की डिजिटल स्ट्राइक, 1,018 आपत्तिजनक लिंक रिपोर्ट किए, 583 लिंक हटाए गए

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा डिजिटल अभियान शुरू किया है। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से की जा रही है। सोशल मीडिया पर अक्सर आपत्तिजनक, राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी और भ्रामक कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था, जिससे तनाव और भ्रम फैल रहा था, इसलिए एक समन्वित कार्रवाई जरूरी हो गई थी। इसी उद्देश्य से साइबर हरियाणा टीम ने लगभग एक महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी शुरू की, और यह अभियान अभी भी जारी है। इस अभियान के तहत, अब तक कुल 1,018 आपत्तिजनक लिंक और प्रोफाइल की रिपोर्ट की गई है, जिनमें से 583 को सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा पहले ही हटा दिया गया है या ब्लॉक कर दिया गया है। बाकी 435 समीक्षा के विभिन्न चरणों में हैं और जल्द ही हटा दिए जाएंगे। ये आंकड़े सोशल मीडिया पर व्यवस्था बनाए रखने में हरियाणा पुलिस की गंभीरता और त्वरित कार्रवाई को साफ तौर पर दिखाते हैं। अभियान के दौरान, साइबर टीम हर रोज ऐसे पोस्ट, वीडियो, लिंक और प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें गलत जानकारी, भड़काऊ भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली सामग्री है। जैसे ही ऐसी सामग्री का पता चलता है। आईटी एक्ट की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया जाता है, जिसमें तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाता है। इस प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। देश भर में संदिग्ध ट्रेडिंग और निवेश ऐप्स और चैनलों के बढ़ते संचालन को नियंत्रित करने के लिए, साइबर हरियाणा ने 12 जनवरी को एक विशेष और सुव्यवस्थित अभियान शुरू किया। इस पहल के तहत, अब तक 28 ऐसे ऐप्स और चैनलों की पहचान की गई है। इनमें से 14 को पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है, जबकि बाकी 14 सोशल मीडिया इंटरमीडियरी द्वारा अंतिम समीक्षा और हटाने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों के लिए डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और ऑनलाइन घोटालों पर काफी हद तक रोक लगाएगी। आने वाले दिनों में, एक सुरक्षित डिजिटल माहौल पक्का करने के लिए ऐसे धोखेबाज़ ऐप्स के खिलाफ और भी ज्यादा सख्त और असरदार कार्रवाई की जाएगी। अजय सिंघल ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस सोशल मीडिया पर झूठी या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ बहुत सख्त है और किसी भी हालत में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया युवाओं और समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और एक भी गुमराह करने वाली या भड़काऊ पोस्ट सद्भाव और शांति के लिए सीधा खतरा बन सकती है। डीजीपी ने आगे कहा कि साइबर हरियाणा टीमें लगातार अलर्ट हैं और संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश करने से पहले किसी भी नए ऐप को वेरिफाई करें और बिना वेरिफाई किए संवेदनशील कंटेंट शेयर करने से बचें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अगर किसी को कोई संदिग्ध पोस्ट, लिंक या ऐप दिखे, तो उसे तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। एडीजीपी साइबर शिबाश कबीराज ने कहा कि इस अभियान का मुख्य मकसद एक सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल माहौल बनाना है ताकि सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज़िम्मेदारी से किया जा सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म है, जिसका अगर जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो यह समुदाय को जोड़ने, जानकारी फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकता है। इस सोच के साथ, पुलिस नागरिकों को अलर्ट रहने, वेरिफाई की गई जानकारी शेयर करने और संदिग्ध या गुमराह करने वाले कंटेंट को फॉरवर्ड करने से बचने के लिए प्रोत्साहित करती है। पुलिस का मानना ​​है कि जनता के सहयोग और जागरूकता से यह अभियान और भी ज्यादा असरदार होगा, जिससे सभी मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल इकोसिस्टम बनाने में मदद करेंगे। डीजीपी ने दोहराया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कानून लागू करने का चल रहा अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा। उन्होंने फिर से कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषण, गलत जानकारी और ऑनलाइन धोखाधड़ी की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर सख्त, समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। धोखाधड़ी वाले इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप्स के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को कम समय में ज्यादा रिटर्न का वादा करके फंसाते हैं, उन्हें अपनी स्कीमों में फंसा लेते हैं और कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। डीजीपी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध ऐप, लिंक या वेबसाइट के जरिए पैसे ट्रांसफर न करें, और कोई भी फाइनेंशियल फैसला लेने से पहले किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म की सच्चाई को अच्छी तरह से वेरिफाई करें। उन्होंने आगे अनुरोध किया कि लोग सतर्क रहें और साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। डीजीपी ने आगे कहा कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में पीड़ितों को तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना चाहिए या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, ताकि धोखाधड़ी से ट्रांसफर की गई रकम को समय पर दूसरे बैंक खातों में जाने से रोका जा सके और अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके। –आईएएनएस

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के खम्हारडीह ( ऐश्वर्या विंड मिल ) स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुंचकर स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल समाजसेवा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्रीविजय शर्मा, विधायक राजेश मूणत, विधायक सम्पत अग्रवाल, छगन मुंदड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हस्तशिल्प भारतीय सभ्यता की आत्मा और अर्थव्यवस्था की शक्ति: शेखावत

जयपुर. एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट द्वारा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी उपस्थित रहे। शेखावत ने कहा कि भारत की शिल्प, काष्ठ एवं रंग कला हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता की जीवंत पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने में नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्पियों की रचनात्मकता पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित हुई है। यह कला न केवल कौशल का प्रतीक है, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ी सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति भी है। विविधताओं से समृद्ध है भारतीय कला जगत संस्कृति मंत्री ने कहा कि आज क्रिएटिव इकोनॉमी के विभिन्न आयामों में हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई पहचान मिली है। जहां कुछ देशों की कला सीमित शैलियों तक केंद्रित है, वहीं भारतीय हस्तशिल्प विविधताओं से परिपूर्ण और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। हस्तशिल्प उद्योग रोजगार और समावेशन का माध्यम शेखावत ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले क्षेत्रों में शामिल है। ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की ओर भारत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार हस्तशिल्प उद्योग सहित समस्त व्यापारिक क्षेत्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। संस्कृति मंत्री ने कहा कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन में सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी की भावना से कार्य कर रही है, ताकि कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में एपीसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश रावत, निर्मल भंडारी, हंसराज बाहेती, नरेश बोथरा सहित जनप्रतिनिधि एवं हस्तशिल्प उद्यमी उपस्थित रहे।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत, पांच नई अमृत भारत ट्रेनों का शेड्यूल जारी, इन सुविधाओं का मिलेगा फायदा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने नए साल के अवसर पर आम जनता को आधुनिक और किफायती यात्रा का बड़ा उपहार दिया है। पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) जंक्शन के रास्ते चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट और शेड्यूल गुरुवार रात जारी कर दिए गए। कुल पांच नई ट्रेनों में से तीन इस महत्वपूर्ण जंक्शन से होकर गुजरेंगी, जबकि दो अन्य को अलग रूटों पर चलाया जाएगा। 17 और 18 जनवरी को होगा उद्घाटन इन ट्रेनों का औपचारिक उद्घाटन 17 और 18 जनवरी को प्रस्तावित है। यह पहल विशेष रूप से त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए की गई है। इससे पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के बीच कनेक्टिविटी न केवल सुगम होगी, बल्कि काफी मजबूत भी हो जाएगी। क्या है अमृत भारत की खासियत? अमृत भारत एक्सप्रेस को 'आम आदमी की ट्रेन' कहा जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता इसमें इस्तेमाल की गई 'पुश-पुल' तकनीक है। ट्रेन के आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन होने के कारण इसकी स्पीड (Acceleration) बेहतर होता है, जिससे समय की बचत होती है। यह एक गैर-वातानुकूलित (Non-AC) ट्रेन है, लेकिन इसमें दी गई कई सुविधाएं इसे खास बनाती हैं। इस पर एक नजर डालते हैं।     झटका मुक्त यात्रा और आरामदायक सीटें।     हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट।     सुरक्षा के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरे।     स्वच्छ और आधुनिक डिजाइन के शौचालय। इन रूटों व स्टेशनों से होगी अमृत भारत ट्रेन की शुरुआत     1. हावड़ा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस     2. सियालदह-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस     3. पनवेल-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस     4. डिब्रूगढ़-गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस     5. कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस (इसका उद्घाटन 18 जनवरी को होगा)  

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष पहल, शहर में निःशुल्क बस सेवा शुरू

रायपुर रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में भाग लेने से वंचित न रह जाए। निःशुल्क बस सेवा से शहरवासियों को उत्सव स्थल तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन तीनों दिनों में बसों का संचालन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे आमजन बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल हो सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 15 बसें इस निःशुल्क सेवा के अंतर्गत चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने और लौटने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि दर्शकों को कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। बसों की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है कि भीड़ के समय भी सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए बस संचालन हेतु कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोगों को उत्सव स्थल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।निःशुल्क बस सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों में आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। समय-सारणी जारी होते ही इसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो। उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि परिवहन की किसी भी असुविधा के बिना लोग इस उत्सव का हिस्सा बन सकें। इस पहल के माध्यम से रायपुर साहित्य उत्सव को एक व्यापक जन-सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार

गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 40 साल पुराने रासायनिक कचरे का हुआ निष्पादन, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का होगा विकास परिसर की वायु पूर्ण स्वच्छ, मुख्यमंत्री ने बिना मास्क पहने किया मुआयना यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बनाएंगे भोपाल गैस त्रासदी स्मारक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइट (एमआईसी) गैस का रिसाव एक भीषण दुर्घटना थी। घटना में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां के रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर यूनियन कार्बाइड परिसर का विकास करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से इस परिसर में स्मारक निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना, संचालक गैस राहत स्वतंत्र कुमार सिंह, निगमायुक्त श्रीमती संस्कृति जैन और गैस त्रासदी राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फैक्ट्री परिसर के समुचित विकास के लिए करेंगे सभी जरूरी प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ इस परिसर के भी समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना किसी सेफ्टी मास्क के गए और फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस भीषण त्रासदी के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भाग जाने में मदद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का मिटाने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अब हमारी सरकार माननीय न्यायालय के मार्गदर्शन में परिसर में स्मारक बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी। इसमें सभी पक्षों को चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी। प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित आस-पास के 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के दायरे में आएंगे। ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को हरसंभव प्रयास कर दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने महिला के अनुरोध पर रूकवाया अपना काफिला…. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का सघन मुआयना करने के बाद लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आरिफ नगर में पूजा कर रही एक महिला ने रोका। महिला के अनुरोध पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री से महिला ने अनुरोध किया कि भगवान भोलेनाथ को 2 अगरबत्ती लगा दीजिए। महिला ने अगरबत्ती जलाकर मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति पर महिला के आग्रह पर अगरबत्ती लगाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां क्षेत्रीय महिलाओं से आत्मीयता से पूछा कि सब ठीक है, लाड़ली बहना के पैसे मिल रहे हैं ? इस पर लाड़ली बहनों ने कहा कि हाँ, उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल जा रहे बच्चों से भी बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली बच्चों के साथ खुद सेल्फी लेकर उन सबको खुश कर दिया। आरिफ नगर में एक महिला श्रीमती मंजु बाई ने बताया कि उसके पति बीमार हैं। कुछ आर्थिक मदद कर दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती मंजु को दिलासा दी और एक अन्य महिला श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा सहित दोनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हज़ार रुपए मौके पर ही मंजूर कर दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम कमिश्नर भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन को इन दोनों महिलाओं के बैंक खाता नंबर नोट कर जल्द से जल्द बीमारी सहायता राशि उन्हें पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर … Read more

विराट रामायण मंदिर में स्थापित हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, सीएम नीतीश ने देखी ऐतिहासिक घटना

मोतिहारी विश्व के सबसे बड़े और चर्चित शिवलिंग को 54 दिनों की कड़ी साधना के बाद मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित कर दिया गया। बनारस और पटना के पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ मंडप में विधि-विधान से पूजा के बाद रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना कार्य शनिवार (17 जनवरी 2026)संपन्न हुआ। महावीर मंदिर ट्र्स्ट पटना की अगुआई में मोतिहारी के कल्याणपुर पंचायत के कैथवलिया गांव में शिवलिंग स्थापना के ऐतिहासिक क्षणों के गवाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत लाखों लोग बने। विश्व के करोड़ों लोगों ने इंटरनेट पर पूरेविधान को ऑनलाइन भी देखा। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और आचार्य किशोर कुणाल के पु्त्र शायन कुणाल और उनकी पत्नी सांसद शाम्भवी चौधरी ने यजमान की भूमिका में भोलेनाथ का आवाहन किया। बनारस, अयोध्या व हरिद्वार से पहुंचे आचार्यों ने विधि- विधान से पूजा संपन्न कराई। अयोध्या से पधारे 21 बटुकों ने स्वास्ति वाचन किया तो भक्ति और मंत्रोच्चार से वातावरण पवित्र हो गया। मंडप में पूजन के बाद शिवलिंग की पूजा और आरती की गई। दो क्रेन की मदद से शिवलिंग को उठाकर कर चबूतरे पर स्थापित करने में 30 मिनट का समय लगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार व ऋचाओं से कैथेवलिया के जानकीनगर में बन रहे विराट रामायण मंदिर का इलाका गूंज उठा। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ मंदिर का भ्रमण किया और निर्माण कार्य का जायजा लिया। प्राण प्रतिष्ठा विधान में शामिल होने के लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सर्दी और कच्चे रास्तों की चुनौती देते हुए आस पास के कई जिलों से लोग कैथवलिया पहुंचे। 8 जनवरी को महाबलीपुरम से शिवलिंग पहुंचने के दिन से ही कैथवलिया में मेला लगा है। माना जा रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मेट्रिक टन वजन वाला है जो ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है। तामिलनाडु के महाबलीपुरम में इसका निर्माण कराया गया। 96 चक्के वाले ट्रक से इसे 21 नवम्बर को वहां से रवाना किया गया। रास्ते भर शिवलिंग की पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की गई।

प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान: भाजपा सरकार बनते ही घुसपैठियों पर होगा कड़ा एक्शन

मालदा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा टाउन से कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पीएम ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "…देश के प्रधान सेवक के रूप में मैं बंगाल के लोगों की पूरी ईमानदारी से सेवा का प्रयास कर रहा हूं, मैं चाहता हूं कि बंगाल के हर बेघर के पास अपना पक्का घर हो… लेकिन ऐसा नहीं हो रहा, यहां की TMC सरकार बहुत ही निर्दयी है, केंद्र सरकार गरीबों के लिए जो पैसा भेजती है उसे यहां TMC के लोग लूट लेते हैं। TMC के लोग बंगाल के गरीबों के दुश्मन हैं, उन्हें आपकी तकलीफों की चिंता नहीं है, वे अपनी तिजोरी भरने में जुटे हैं।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं चाहता हूं कि देश के बाकी राज्यों की तरह बंगाल के लोगों को भी 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिले यहां आयुष्मान भारत योजना लागू हो लेकिन आज बंगाल देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां यह योजना लागू नहीं होने दी गई… ऐसी पत्थर दिल सरकार, ऐसी निर्मम सरकार, ऐसी सरकार की बंगाल से विदाई जरूरी है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भाजपा ने पूरे देश में सुशासन और विकास का नया मॉडल विकसित किया है, आज पूरे देश में जनता इसे अपना आशीर्वाद दे रही है। कल ही महाराष्ट्र में शहरी निकाय चुनाव के नतीजे आए हैं जिसमें भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है, खासतौर पर महाराष्ट्र की राजधानी और दुनिया के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक BMC में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड विजय मिली है। कुछ दिन पहले तिरुवनंतपुरम में भी पहली बार भाजपा के मेयर बने हैं यानि जहां कभी भाजपा के लिए चुनाव जीतना असंभव माना जाता था वहां भी आज भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है, यह दिखाता है कि देश का वोटर, देश की जेन Z भाजपा के विकास मॉडल पर कितना विश्वास करती है। मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि इस बार बंगाल के लोग भी भाजपा को भारी बहुमत से विजय बनाएंगे।" मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "आज हमारा देश 2047 तक विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकास बहुत जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत की राजनीति करने वालों ने जकड़ कर रखा था। भाजपा ने इन राज्यों को नफरत की राजनीति करने वालों के चंगुल से मुक्त किया है… पूर्वी भारत के राज्यों का विश्वास अगर किसी के साथ है तो उस पार्टी का नाम है भाजपा।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "ओडिशा में पहली बार भाजपा ने सरकार बनाई है, त्रिपुरा ने भाजपा पर विश्वास किया है, असम ने भी बीते चुनाव में भाजपा को ही समर्थन दिया है और कुछ दिन पहले बिहार में भी एक बार फिर भाजपा-NDA की सरकार बनी है यानि बंगाल की हर दिशा में भाजपा के सुशासन की सरकार है। अब बंगाल में सुशासन की बारी है, इसलिए मैंने बिहार चुनाव की जीत के बाद ही कह दिया था कि अब बंगाल में भी विकास की गंगा बहेगी और भाजपा यह काम करके रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कुछ देर पहले पश्चिम बंगाल से जुड़े कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है, नई रेल सेवाएं पश्चिम बंगाल को मिली है, इन परियोजनाओं से यहां के लोगों के लिए यात्रा आसान होगी और व्यापार-कारोबार में भी आसानी होगी…आज से भारत में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो रही है। यह नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रा को और आरामदायक बनाएगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "मालदा वह जगह है जहां प्राचीन ज्ञान की गूंज है, राजनीति और संस्कृति की चेतना है, मालदा बंगाल की समृद्धि का एक बड़ा केंद्र रहा है। मैं सबसे पहले बंगाल के महान सपूत सुवेंदु शेखर रॉय को नमन करता हूं, जिनके प्रयासों से मालदा की पहचान बची रही। आज भी मालदा अपने रेशम, लोक संगीत और बौद्धिक चेतना की वजह से जाना जाता है। 

टिमरनी में बच्चों द्वारा खोली गई पुस्तकालय, डॉ. श्रीकांत गंगवार ने किया उद्घाटन

टिमरनी टिमरनी में कुछ बच्चों ने मिलकर एक पुस्तकालय की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस पुस्तकालय का उद्घाटन डॉ. श्रीकांत गंगवार एवं मीनाक्षी यादव, शासकीय महाविद्यालय टिमरनी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान भग्या रच वेलफेयर फाउंडेशन,  जो कि डॉक्टरों की एक सामाजिक संस्था है, के द्वारा पुस्तकालय के लिए कॉपी व अन्य स्टेशनरी सामग्री दान की गई। साथ ही संस्था का यह मानना है कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है, इसी को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन द्वारा पुस्तकालय परिसर में डस्टबिन भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में शिक्षा और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा देते हैं।  भग्या रच वेलफेयर फाउंडेशन, का यह कदम सामाजिक सरोकारों की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

रांची में अतिक्रमण कर बनाए 50 निर्माण बुलडोजर से तोड़े

रांची. व्यस्त मार्ग रातू रोड में नगर निगम की इन्फोर्समेंट टीम की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। पांच घंटे से अधिक समय तक न्यू मार्केट चौक से पिस्का मोड़ तक सड़क के एक छोर से अतिक्रमण हटाया गया। 50 से अधिक अवैध संरचना को ध्वस्त किया गया। दुकान-प्रतिष्ठान के बाहर सीढ़ियों पर किए गए अतिक्रमण और निर्माण को ढाह दिया गया। दुकान के ऊपर लगे शेड को भी हटाया गया। टीम ने अभियान के क्रम में दो दर्जन से अधिक ठेला-खोमचा, स्टील के काउंटर, टेबल-कुर्सी, बेंच, बांस-बल्ली व लोहे के चदरे समेत अन्य सामान को जब्त किया। कई जगहों पर दुकानदारों ने अभियान का विरोध का प्रयास किया, लेकिन टीम की ओर से व्यवस्था के अलावा कार्रवाई के संबंध में बताए जाने पर ऐसे लोग पीछे हट गए। नालों पर सामान नहीं रखने की दी गई सख्त हिदायत अभियान के क्रम में प्रतिष्ठान संचालक एवं दुकानदारों को फिर से अतिक्रमण करने और नालियों पर सामान रखने समेत शेड को सड़क तक विस्तार देने के मामले पकड़ में आने पर कठोर कार्रवाई को चेताया। निगम का यह प्रयास है कि सार्वजनिक सड़क अतिक्रमण मुक्त रहे और फुटपाथ पर किसी तरह का कब्जा नहीं हो। बताया गया कि अवैध अतिक्रमण को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।