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मौनी अमावस्या का विवाद: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का रथ रोकने से भड़के समर्थक, बैरियर क्षतिग्रस्त

प्रयागराज मौनी अमावस्या पर संगम तट पर लगे माघ मेला-2026 में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह 9 बजे तक ही करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी स्नान पर्व पर आस्था की डुबकी लगा ली थी। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई। इस बीच मौनी अमावस्या पर राजसी स्नान की तरह जुलूस निकालने पर पुलिस ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को संगम के पहले रोक दिया। प्रशासन ने 17/18 जनवरी की रात 12 बजे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर रखा है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि रथ की अनुमति नहीं ली गई थी। उधर, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस पर संतों से मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पैदल जाने का अनुरोध किया था लेकिन लोग दर्शन के लिए टूट पड़ते हैं, इससे भगदड़ की स्थिति हो जाती है। रथ रोके जाने पर शंकराचार्य समर्थकों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोंकझोंक होने लगी। इसी दौरान सूचना आई कि पुल नंबर चार का बैरियर टूट गया है। कहा गया कि शंकराचार्य के समर्थकों ने इसे तोड़ा है। हालांकि शंकराचार्य ने समर्थकों द्वारा बैरियर तोड़े जाने के आरोपों को निराधार बताया है।   संगम पर हंगामे के चलते पुलिस ने पब्लिक को डायवर्ट भी किया है। आरएएफ ने कतार लगाकर भीड़ को डायवर्ट किया। पुलिस और शंकराचार्य के समर्थकों के बीच बहस की सूचना पर बड़ी संख्या में अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि जुलूस के साथ संगम तट पर जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति की और पुलिस प्रशासन पर मनमानीपूर्ण रवैए का आरोप लगाया। काफी देर तक चली खींचतान के बाद पुलिस ने समर्थकों को वहां से खदेड़ दिया। रथ अकेला रह गया तो पुलिसकर्मी खुद बाहर ले गए। तड़के चार बजे से चल रहा है स्नान माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज है। इस मौके पर प्रयागराज के संगम स्थल पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं। ब्रह्म मुहूर्त में तड़के चार बजे से स्नान शुरू हुआ जो दिन भर चलता रहेगा। स्थानीय प्रशासन के अनुमान के मुताबिक इस साल तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे। एक दिन पहले से ही उमड़ने लगे थे श्रद्धालु इस स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम एक दिन पहले ही संगमनगरी में पहुंच गया। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो दोपहर बाद काफी बढ़ गया। शाम को तो स्थिति यह हो गई थी कि लग रहा था मानो शनिवार को ही मौनी अमावस्या हो। सिर पर गठरी लादे हुए लोग मेले के भीतर प्रवेश करते हुए दिखाई दिए। प्रशासनिक अफसरों का अनुमान है कि रविवार को स्नान के लिए साढ़े तीन से चार करोड़ श्रद्धालु आएंगे। वहीं, अफसरों का यह भी दावा है कि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले शनिवार शाम छह बजे तक 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है। मेला क्ष्रेत्र में भीड़ बढ़ने पर लागू किए गए प्रतिबंध शनिवार को दोपहर बाद जब मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी तो पुलिस और मेला प्रशासन ने उन प्रतिबंधों को लागू कर दिया, जो भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए हैं। जीटी जवाहर और तिकोनिया चौराहे से ही वाहनों का प्रवेश रोका गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज व एसपी मेला नीरज पांडेय दोपहर 12:30 बजे संगम वॉच टावर पहुंचे और भीड़ का आकलन करते हुए दिखाई दिए। दिनभर संगम पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा और स्नान का क्रम भी जारी रहा। रविवार की भीड़ से बचने के लिए श्रद्धालुओं ने पर्व से एक दिन शनिवार को ही स्नान कर लिया। दोपहर एक बजे पांटून पुल पर इतने श्रद्धालु हो गए थे कि बहुत धीरे-धीरे चलना पड़ रहा था। पांटून पुल दो से संगम आने और तीन से झूंसी जाने वाले पुलों पर केवल पैदल श्रद्धालु ही दिख रहे थे।  

ग्रैप-4 की वजह से दिल्ली-NCR में गाड़ियों पर रोक

दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में हवा एक बार फिर जहरीली हो गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार जाने के बाद एक बार फिर पाबंदियों का दौर लौट गया है। हालात बिगड़ते देख 24 दिन बाद दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 लागू किया गया है। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर में कई तरह की पाबंदियां लागू हो गईं। एक तरफ जहां लाखों गाड़ियों पर प्रतिबंध लग गया है तो दूसरी तरफ स्कूलों के खुलने का रास्ता भी बाधित हो गया है। क्यों लागू किया गया ग्रैप-4 कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के मुताबिक, शनिवार शाम चार बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 400 पर था जो रात 8 बजे बढ़कर 428 पहुंच गया। तेजी से बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए सीएक्यूएम की इमर्जेंसी बैठक बुलाई गई। पश्चिमी विक्षोभ और हवा की धीमी गति की वजह से प्रदूषण में और तेजी से वृद्धि की संभावना को देखते हुए ग्रैप-4 की पाबंदियों को लगाने का फैसला किया गया। दिल्ली में ग्रैप 1, 2 और 3 के चरण पहले से ही लागू हैं। इसके साथ ही अब ग्रैप 4 की पाबंदियां भी लागू कर दी गई हैं। दिल्ली में ट्रकों पर पाबंदी ग्रैप-4 लागू रहने के दौरान दिल्ली में डीजल से चलने वाले ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं, सेवाओं वाले ट्रकों को छूट मिलेगी। इन गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री नहीं दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड बीएस-VI से कम स्टैंडर्ड की गाड़ियों की राजधानी में एंट्री नहीं होगी। इसका मतलब है कि यदि आपकी कार नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम आदि में रजिस्टर्ड है और BS-VI से कम की है तो इसे दिल्ली नहीं ले जा सकते हैं। हालांकि, सीएनजी गाड़ियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं है। इस नियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। एनसीआर में किन वाहनों पर रोक BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर दिल्ली, गरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में पाबंदी रहेगी। निर्माण कार्यों पर रोक दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक रहेगी। हाईब्रिड मोड में स्कूल 10वीं और 10वीं को छोड़कर अन्य सभी क्लास के लिए स्कूलों को हाईब्रिड मोड में चलाया जाएगा। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में नर्सरी से 9वीं और 11वीं क्लास के बच्चों के लिए फिजिकल के साथ ऑनलाइन क्लास की सुविधा रहेगी। हालांकि, मौसम और प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए संबंधित सरकारें और जिला अधिकारी छुट्टियां अथवा समय में बदलाव आदि को लेकर आदेश भी जारी कर सकते हैं। 24 दिन बाद फिर लौटीं सबसे कड़ी पाबंदियां प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप 4 की पाबंदियां सबसे ज्यादा सख्त हैं। पिछले साल 13 दिसंबर को तेजी से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रैप चार की पाबंदियां लगाई गई थीं। बाद में जब प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार हुआ तो 24 दिसंबर को ग्रैप चार की पाबंदियां वापस ले ली गईं थी। मगर शनिवार को एक बार फिर से ग्रैप 4 की पाबंदियां लगाने की जरूरत पड़ गई।

गोवा में 2 रूसी महिलाओं की हत्या से सनसनी

मुंबई. गोवा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 37 वर्षीय रूसी नागरिक एलेक्सी लियोनोव पर 2 रूसी महिलाओं की हत्या का आरोप है। पुलिस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया, जब उसकी लिव-इन पार्टनर एलेना कस्थनोवा का शव उत्तर गोवा के अरंबोल में किराए के कमरे से मिला। महिला का गला रेता गया था और उसके हाथ रस्सी से पीछे बंधे हुए थे। पड़ोसियों ने चीखें सुनकर मौके पर पहुंचकर लैंडलॉर्ड को सूचना दी, जिसके बाद लियोनोव पहले मंजिल से कूदकर भागा, लेकिन पुलिस ने उसे सुबह 4 बजे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने न केवल इस हत्या को कबूल किया, बल्कि एक अन्य रूसी महिला एलेना वानीवा की हत्या का भी खुलासा किया, जिसका शव मोरजिम गांव में बरामद हुआ। गोवा पुलिस का मानना है कि वानीवा की हत्या 14 जनवरी की रात हुई थी और दोनों हत्याओं में एक ही पैटर्न था- गला रेतना और हाथ बांधना। पूछताछ में लियोनोव ने और भी कई हत्याओं की बात कबूल की है, जिसमें गोवा के बाहर की घटनाएं भी शामिल हैं। उसने पुलिस को एक तीसरी महिला की हत्या के बारे में बताया, जो असम की 40 वर्षीय महिला है। पुलिस के अनुसार, इस महिला को नशीला पदार्थ देकर मारने का दावा किया गया है। हालांकि, आरोपी अपने बयानों में बार-बार बदलाव कर रहा है। पुलिस का कहना है कि वह नशीले पदार्थों के लंबे प्रभाव में हो सकता है। इसलिए सभी दावों की सत्यता की जांच की जा रही है। 14 दिनों की पुलिस हिरासत में आरोपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक 2 रूसी महिलाओं के शव बरामद हुए हैं। तीसरे मामले की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और सबूतों से होनी बाकी है। गोवा पुलिस ने अलग-अलग मामलों में हत्या के तहत केस दर्ज किए हैं। पेरनेम की न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लियोनोव को दो रूसी महिलाओं की हत्या के मामले में 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी सबूत जुटा रही है, जिसमें हत्या का हथियार और अन्य फोरेंसिक डिटेल्स शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी के दावों की पुष्टि होने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

एकनाथ शिंदे के दांव से बीजेपी की बढ़ सकती है ‘BMC मेयर’ वाली टेंशन!

मुंबई. मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव परिणामों के बाद अब सत्ता के समीकरणों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार किसी भी स्थिति में मुंबई पर अपना मेयर बिठाने का संकल्प लिया था। 89 सीटें जीतकर बीजेपी इस सपने के करीब भी पहुंच गई है, लेकिन सत्ता की चाबी अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों में नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने बीजेपी की मजबूरी को भांपते हुए एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। खबर है कि शिंदे गुट की ओर से मुंबई के मेयर पद की मांग की जा सकती है। तर्क यह दिया जा रहा है कि यह वर्ष बालासाहेब ठाकरे का जन्मशताब्दी वर्ष है। शिंदे गुट इस मौके पर बालासाहेब की इच्छा पूरी करने का हवाला देते हुए बीजेपी से ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग कर सकता है। इसके अलावा, स्थायी समिति के अध्यक्ष पद और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी शिंदे सेना अपना दावा ठोक सकती है। बीजेपी के लिए शिंदे अनिवार्य बीएमसी में बहुमत के लिए 114 पार्षदों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति के मुताबिक, बीजेपी की 89 सीटें, शिंदे सेना की 29 सीटें, ठाकरे गुट की 65 सीटें और मनसे की 6 सीटें हैं। बीजेपी के पास 89 सीटें हैं, लेकिन बिना शिंदे गुट के 29 पार्षदों के वह बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर सकती। इसी बढ़त का फायदा उठाकर अब शिंदे सेना सौदेबाजी की तैयारी में है। होटल पॉलिटिक्स की शुरुआत एकनाथ शिंदे ने कल ही अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के 'ताज लैंड्स एंड' होटल में शिफ्ट कर दिया है। सत्ता स्थापना की प्रक्रिया पूरी होने तक ये सभी पार्षद वहीं रहेंगे। शिंदे के इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और इसे बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। फडणवीस की प्रतिक्रिया मेयर पद को लेकर मचे घमासान पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हमें पूर्ण बहुमत मिला है। ऊपर वाले ने ही तय किया है कि मुंबई में महायुति का ही मेयर बनेगा। शिंदे साहब और हम साथ बैठकर सब तय करेंगे और मुंबई को बेहतर तरीके से चलाएंगे।" पार्षदों को होटल में रखने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि जैसे हमने अपने पार्षदों को साथ बुलाया, वैसे ही उन्होंने भी किया होगा। अब हमें तोड़-फोड़ की कोई जरूरत नहीं है।

एआर रहमान के ‘काम नहीं मिल रहा’ वाले बयान पर BJP और VHP ने दावे पर उठाए सवाल

मुंबई. ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के बॉलीवुड में पिछले 8 सालों से कम काम मिलने के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें कम काम मिल रहा है और यह इंडस्ट्री में पावर शिफ्ट की वजह से हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसमें सांप्रदायिक बात भी शामिल हो सकती है, हालांकि यह उनके सामने सीधे नहीं आया। रहमान ने कहा, 'मैं काम की तलाश में नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे काम की ईमानदारी से काम खुद आए। मुझे लगता है कि चीजों की तलाश में जाना एक अभिशाप जैसा है।' उन्होंने बताया कि वे दक्षिण से बॉलीवुड में स्थापित होने वाले पहले संगीतकार थे और लंबे समय तक सफल रहे। लेकिन पिछले आठ सालों में स्थिति बदल गई है। एआर रहमान ने कहा, 'अब गैर क्रिएटिव लोग फैसले ले रहे हैं और यह सांप्रदायिक बात भी हो सकती है, लेकिन मेरे सामने नहीं। मुझे चाइनीज व्हिस्पर्स (कानाफूसी) के जरिए पता चलता है कि आपको बुक किया गया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने 5 कंपोजर हायर कर लिए। मैंने कहा कि अच्छा है, मुझे परिवार के साथ आराम करने का समय मिलेगा।' उन्होंने 1990 के दशक में बॉलीवुड में एंट्री के समय किसी पूर्वाग्रह का सामना नहीं करने की बात कही। रहमान ने कहा, 'शायद तब मुझे पता नहीं चला, या भगवान ने छिपा दिया। लेकिन पिछले 8 सालों में पावर शिफ्ट की वजह से शायद ऐसा हो रहा है।' केंद्रीय मंत्री का क्या जवाब केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने एआर रहमान के दावे को बिल्कुल गलत करार दिया। उन्होंने कहा, 'रहमान का यह कहना कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें फिल्म म्यूजिक इंडस्ट्री में सपोर्ट नहीं मिल रहा, पूरी तरह झूठ है। देश ने उन्हें नंबर वन म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में स्वीकार किया है और सपोर्ट किया है।' उन्होंने जोर दिया कि देश के लोग कभी रहमान को धर्म की नजर से नहीं देखते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने धर्म पर टिप्पणी की। VHP की तीखी प्रतिक्रिया विश्व हिंदू परिषद ने भी एआर रहमान पर निशाना साधा। राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ऐसा लगता है कि एआर रहमान भी उस गुट के लीडर बन गए हैं, जिसके लीडर कभी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी थे। बंसल ने कहा, 'हामिद अंसारी ने 10 साल तक संवैधानिक पदों पर फायदा उठाया और रिटायर होने पर भारत को नीचा दिखाया। रहमान को पूरे देश और हिंदुओं ने बहुत प्यार किया। काम न मिलने की वजह खुद में ढूंढने की बजाय वे सिस्टम को बदनाम कर रहे हैं और पूरी इंडस्ट्री को बदनाम कर रहे हैं। वे क्या साबित करना चाहते हैं?' बंसल ने आगे कहा कि वे कभी हिंदू थे। उन्होंने इस्लाम क्यों कबूल किया? अब घर वापसी कर लें। शायद फिर से काम मिलना शुरू हो जाए। ऐसे छोटे-मोटे बयान राजनेता दे सकते हैं, कलाकार को नहीं शोभा देते।

इंदौर में आज होगा भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे मैच

इंदौर. भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को होने वाले वनडे मैच से पहले ही शहर में प्रशंसकों पर क्रिकेट का खुमार चढ़ गया है। इसकी एक झलक शनिवार को देखने मिली। जब से टीमें दोनों टीमें इंदौर पहुंची हैं अपने स्टार खिलाड़ियों को एक झलक पाने के लिए प्रशंसक टीम होटल और स्टेडियम के बाहर नजर आने लगे थे। बता दें कि इस समय भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर है और इंदौर में जो भी टीम जीतेगी वह सीरीज पर कब्जा करेगी। ऐसे में इस मैच के लिए रोमांच और भी बढ़ गया है। किसी भी आयोजन को इंदौर की जनता किसी उत्सव की तरह मनाती है और शनिवार को भी नजारें अलग नहीं थे। इस मैच के लिए शहर में उत्सव का माहौल नजर आ रहा है। शनिवार को भी दिनभर होलकर स्टेडियम के आसपास की सड़कें क्रिकेट प्रशंसकों से पटी रहीं। युवाओं की संख्या इसमें ज्यादा थी। कई महिला-पुरुष अपने बच्चों को भी लेकर स्टेडियम की ओर पहुंचे थे कि किसी तरह स्टार खिलाड़ियों की एक झलक मिल जाए। बुजुर्गों की संख्या भी कम नही थी। कई प्रशंसक देर रात तक स्टेडियम के बाहर रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल की जर्सी बेच रहे दुकानदारों से पसंदीदा खिलाड़ियों की जर्सी लेते भी दिखाई दिए। प्रशंसकों से घिरी टीम भारतीय टीम दोपहर के सत्र में अभ्यास के लिए होलकर स्टेडियम पहुंची थी। तभी से स्टेडियम में किसी तरह प्रवेश करने के लिए कई प्रशंसक जुगाड़ में लगे रहे। स्थिति यह हो गई कि स्टेडियम के बाहर और रेसकोर्स रोड पर बड़ी संख्या में प्रशंसक नजर आने लगे थे। करीब चार घंटे के अभ्यास के बाद जब भारतीय टीम के खिलाड़ी बस से बाहर निकलकर होटल की ओर जा रहे थे, तो प्रशंसक स्टार खिलाड़ियों की झलक पाने के लिए उमड़ पड़े और टीम बस प्रशंसकों से घिर गई। सभी मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते रहे। वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी इन्हें काबू नहीं कर पा रहे थे। बस प्रशंसकों की इस भीड़ में धीमी गति से बमुश्किल बाहर निकली। टीम के स्टेडियम से निकलने के काफी देर बाद तक प्रशंसक वहीं डटे रहे। यह भी जानें 8वां वनडे मैच खेला जाएगा होलकर स्टेडियम में 29वां अंतरराष्ट्रीय वनडे खेला जाएगा इंदौर में 7 मैच हुए हैं इंदौर के होलकर स्टेडियम में अभी तक। सभी में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। 418 रन भारत ने बनाए थे इंदौर के होलकर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में। यह भारत का अभी तक का सर्वोच्च स्कोर है। 399 रन बनाए थे भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 में, यह होलकर स्टेडियम में भारत का दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। 2023 के बाद पहली बार न्यूजीलैंड की टीम इंदौर के होलकर स्टेडियम में वनडे मैच खेलेगी। यह इस स्टेडियम में दोनों के बीच दूसरा मैच है। 90 रनों से जीती थी भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पिछले वनडे मैच में। मैच के दौरान साफ पानी की चिंता… होलकर स्टेडियम में मैच देखने आने वाले प्रशंसकों सहित तमाम लोगों के लिए स्वच्छ पानी के विशेष प्रबंध किए गए हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) द्वारा आरओ वाटर के जार स्टेडियम परिसर में लगवाए जा रहे हैं। मैच के दौरान करीब 15 हजार पानी के जार लगाए जाएंगे, जिसमें तीन लाख लीटर पानी की खपत रहेगी। साथ ही कचरा प्रबंधन के लिए भी टीम तैनात की गई है। मैच के दौरान निकलने वाले कचरे से खाद बनाने के लिए परिसर में ही पहले चरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के प्रशासनिक अधिकारी रोहित पंडित ने बताया कि स्टेडियम में होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाती है। इस बार भी आरओ का पानी प्रशंसकों के लिए निश्शुल्क उपलब्ध रहेगा। स्टेडियम परिसर में विभिन्न स्थानों पर पानी के काउंटर लगाए गए हैं, जिससे किसी भी प्रशंसक को परेशान न होना पड़े। स्टेडियम की गैलरी में पानी या अन्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। स्टेडियम में मैच के दौरान जो भी कचरा निकलता है उसे भी खाद बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। कचरे से खाद बनाने के क्रम में एक चरण स्टेडियम में ही पूरा किया जाता है। इसके लिए भी स्वच्छताकर्मियों की पूरी टीम मुस्तैद रहेगी। हमारा उद्देश्य है कि स्टेडियम में मैच देखने आने वाले बेहतर अनुभव लेकर लौटें।

इंदौर एसआईआर में तार्किक त्रुटि वाले 5.79 लाख मतदाताओं को नोटिस

इंदौर. जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे-आपत्तियों की सुनवाई जारी है, लेकिन इस बीच निर्वाचन आयोग ने 5.79 लाख मतदाताओं को लेकर तार्किक त्रुटि निकाली है।अब इन मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। इन मतदाताओं का रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप तो हो गया हैं, लेकिन विवरणों में विसंगतियों के कारण वे संदेह के घेरे में हैं। अब इन विसंगतियों का समाधान किया जाना है। दरअसल निर्वाचन आयोग के साफ्टवेयर द्वारा मतदाताओं के रिकॉर्ड मिलान के दौरान पांच प्रकार की तार्किक त्रुटियां चिन्हित की थी। इसमें वे मतदाता अधिक है, जिनके नाम और माता-पिता के नाम 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे है। इसके अलावा शब्दों की गलती, नाम अधूरा होना, उपनाम और जन्मतिथि की त्रुटियां भी सामने आई हैं। ऐसे में आयोग ने इन मतदाताओं को संदेह के घेरे में रखा है। पहले इन मतदाताओं को नोटिस जारी नहीं करने की बात आयोग द्वारा की जा रही थी। बीएलओं द्वारा ही सुधार करने को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब आयोग ने नोटिस जारी कर सुधार करने के निर्देश दिए है। हालांकि यह प्रक्रिया किस तरह होगी, इसको लेकर जल्द ही आयोग बैठक कर दिशा निर्देश जारी करेगा। 24.20 लाख मतदाताओं ने भरे फार्म इंदाैर जिले की मतदाता सूची में शामिल 28.67 लाख मतदाताओं के फार्म भरने का कार्य 11 दिसंबर तक किया गया। इस दाैरान 24 लाख 20 हजार 171 मतदाताओं के फार्म भरकर आए, इसलिए इनकों प्रारूम मतदाता सूची में शामिल किया गया है। इसमें एक लाख 33 हजार 696 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई थी और अब इनसे दस्तावेज लिए जा रहे है।

उज्जैन व्यापार मेले की चमक से इंदौर के राजस्व में आई 8.79 प्रतिशत की कमी

उज्जैन व्यापार मेले की चमक से कम हुआ इंदौर का राजस्व, 8.79 प्रतिशत की कमी इंदौर. उज्जैन में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हुए व्यापार मेले का सीधा असर इंदौर परिवहन कार्यालय के राजस्व पर दिखाई देने लगा है। व्यापार मेले में छूट लेने की चमक के कारण इंदौर जिले में पंजीकृत होने वाले कई वाहन उज्जैन में पंजीकृत हो गए। इस वजह से वर्ष 2025 में इंदौर परिवहन कार्यालय में वाहन बिक्री में 0.30 प्रतिशत और राजस्व में 8.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 2024 की अपेक्षा बीते साल 77 करोड़ रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2025 में इंदौर में 1 लाख 98 हजार 530 वाहन पंजीकृत हुए, जिससे करीब 805 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। वहीं 2024 में 1 लाख 99 हजार 82 वाहन पंजीयन के साथ 883 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह एक वर्ष में 552 वाहन कम पंजीकृत हुए, वहीं राजस्व भी 77 करोड़ रुपये कम आया। राजस्व में आई इस गिरावट का मुख्य कारण उज्जैन व्यापार मेले को माना जा रहा है, जहां 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई महंगे वाहन पंजीकृत हुए। यही वजह है कि इंदौर, जो प्रदेश का बड़ा ऑटो मोबाइल बाजार माना जाता है, वहां के राजस्व में कमी आई। मेले के पहले लगातार बढ़ोतरी उज्जैन में दो साल से व्यापार मेला आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद से इंदौर के राजस्व में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। वर्ष 2023 में 2022 की अपेक्षा वाहन बिक्री में 17.58 प्रतिशत और राजस्व में 23.88 प्रतिशत की बढोतरी रही थी। इसके बाद 2024 में व्यापार मेला आयोजित होने के कारण वाहन बिक्री और राजस्व में कुछ कमी हुई। 2023 की अपेक्षा 2024 में वाहन बिक्री में 4.92 प्रतिशत और राजस्व में 1.72 प्रतिशत बढ़ोतरी ही दर्ज की गई। 2025 में बिक्री और राजस्व दोनों में अधिक गिरावट रही।

महू में वंदे भारत मेंटेनेंस के लिए बनेगी 94.50 करोड़ से दो नई पिट लाइन और आधुनिक शेड

महू. भविष्य में इंदौर से संचालित होने वाली वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव के लिए महू रेलवे स्टेशन को बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने यहां दो नई पिट लाइन और अत्याधुनिक तकनीक से लैस शेड के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 94 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए रक्षा संपदा विभाग से 3.48 एकड़ जमीन लेने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। भूमि हस्तांतरण के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। वर्तमान में पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत महू स्टेशन पर केवल एक पिट लाइन मौजूद है। नई स्वीकृति के बाद दो अतिरिक्त पिट लाइन बनने से कुल तीन पिट लाइन हो जाएंगी। इससे एक साथ कई ट्रेनों कीसर्विसिंग संभव हो सकेगी। निर्माणाधीन आधुनिक शेड में वंदे भारत ट्रेन की साफ-सफाई, नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी जांच की जाएगी। इससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद महू स्टेशन वंदे भारत ट्रेन के मेंटेनेंस हब के रूप में विकसित होगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और महू को रेलवे मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

ईरानी डेरे के सरदार कुख्यात राजू को रिमांड पर लेने नहीं आई पांच राज्यों की पुलिस

भोपाल. अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे के सरदार जिस कुख्यात बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने के लिए भोपाल में पांच राज्यों की पुलिस लंबे समय तक डेरा डाले रहती थी, उसके गिरफ्त में आने के बाद कोई भी पुलिस एजेंसी उसे लेने तक नहीं पहुंची। आखिरकार सात दिन की रिमांड पूरी होने के बाद भोपाल पुलिस ने राजू को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। निशातपुरा पुलिस के अनुसार राजू पर कोलकाता, पश्चिम बंगाल, गुरुग्राम, महाराष्ट्र, जयपुर और दिल्ली में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। उस पर लूट, संगठित अपराध, धोखाधड़ी और फरारी जैसे मामलों के आरोप हैं। सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था अलग-अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी और इनपुट मिलने पर भोपाल में कई बार दबिश भी दी गई थी। पिछले सप्ताह सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद भोपाल की निशातपुरा पुलिस उसे भोपाल लेकर आई। इसके बाद सात दिनों तक पुलिस ने उससे पूछताछ की, लेकिन अब तक किसी अन्य राज्य की पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा इधर, भोपाल पुलिस ने उससे सात दिन की पूछताछ की और फिर शनिवार को न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। राजू लगातार बीमारी का हवाला देकर बचता रहा। पुलिस ने उससे डोजियर भरवा लिया है, जिसमें उसके करीबी रिश्तेदारों और गुर्गों की जानकारी दर्ज की गई है। एडिशनल डीसीपी जोन-3 मलकीत सिंह ने बताया कि आरोपित से जरूरी पूछताछ हुई है। पहले राजू ने कर्नाटक के पते पर बने पासपोर्ट से विदेश जाने की बात स्वीकारी थी। हालांकि इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। 7 से अधिक राज्यों का वांटेड राजू बीते चार सालों में सात से अधिक राज्यों में वांटेड था। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। राजू सूरत में अपने साढ़ू के घर में छुपा था।