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कौन बनेगा मुंबई का मेयर? शिंदे की चाल ने BMC की राजनीति में बढ़ाया रोमांच

मुंबई मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव परिणामों के बाद अब सत्ता के समीकरणों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार किसी भी स्थिति में मुंबई पर अपना मेयर बिठाने का संकल्प लिया था। 89 सीटें जीतकर बीजेपी इस सपने के करीब भी पहुंच गई है, लेकिन सत्ता की चाबी अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों में नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने बीजेपी की मजबूरी को भांपते हुए एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। खबर है कि शिंदे गुट की ओर से मुंबई के मेयर पद की मांग की जा सकती है।   तर्क यह दिया जा रहा है कि यह वर्ष बालासाहेब ठाकरे का जन्मशताब्दी वर्ष है। शिंदे गुट इस मौके पर बालासाहेब की इच्छा पूरी करने का हवाला देते हुए बीजेपी से ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग कर सकता है। इसके अलावा, स्थायी समिति के अध्यक्ष पद और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी शिंदे सेना अपना दावा ठोक सकती है। बीजेपी के लिए शिंदे अनिवार्य बीएमसी में बहुमत के लिए 114 पार्षदों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति के मुताबिक, बीजेपी की 89 सीटें, शिंदे सेना की 29 सीटें, ठाकरे गुट की 65 सीटें और मनसे की 6 सीटें हैं। बीजेपी के पास 89 सीटें हैं, लेकिन बिना शिंदे गुट के 29 पार्षदों के वह बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर सकती। इसी बढ़त का फायदा उठाकर अब शिंदे सेना सौदेबाजी की तैयारी में है। होटल पॉलिटिक्स की शुरुआत एकनाथ शिंदे ने कल ही अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के 'ताज लैंड्स एंड' होटल में शिफ्ट कर दिया है। सत्ता स्थापना की प्रक्रिया पूरी होने तक ये सभी पार्षद वहीं रहेंगे। शिंदे के इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और इसे बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। फडणवीस की प्रतिक्रिया मेयर पद को लेकर मचे घमासान पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हमें पूर्ण बहुमत मिला है। ऊपर वाले ने ही तय किया है कि मुंबई में महायुति का ही मेयर बनेगा। शिंदे साहब और हम साथ बैठकर सब तय करेंगे और मुंबई को बेहतर तरीके से चलाएंगे।" पार्षदों को होटल में रखने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि जैसे हमने अपने पार्षदों को साथ बुलाया, वैसे ही उन्होंने भी किया होगा। अब हमें तोड़-फोड़ की कोई जरूरत नहीं है।  

सीरीज का तीसरा मैच: इंदौर वनडे में अर्शदीप के बाद हर्षित का कहर, न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर ढेर

इंदौर भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला इंदौर को होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी रही है। टीम में एक बदलाव भी देखने को मिला है। प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप सिंह को चुना गया है। न्यूजीलैंड की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारतीय टीम ने वडोदरा में सीरीज का पहला मैच जीता था, लेकिन राजकोट में दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम ने दमदार वापसी करते हुए सीरीज बराबर की। भारतीय टीम मार्च 2019 के बाद अपने घरेलू मैदान पर कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं हारी है। ऑस्ट्रेलिया ने उस समय 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए भारत को 3-2 से हराया था। ऐसे में इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के लिए शुभमन गिल के नेतृत्व वाली टीम को मैच में तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। कॉनवे बने हर्षित का शिकार डेवन कॉनवे को हर्षित राणा ने पवेलियन भेज दिया। हर्षित राणा ने रोहित शर्मा के हाथों डेवन कॉनवे को आउट किया। इस तरह दोनों ओपनर 7 गेंदों के भीतर पवेलियन लौट गए। हेनरी निकोलस को अर्शदीप ने बोल्ड किया हेनरी निकोलस को पहले ही ओवर में अर्शदीप सिंह ने क्लीन बोल्ड कर दिया। वे पहली गेंद का सामना कर रहे थे और पवेलियन लौट गए। भारत का खाता पहले ही ओवर में खुल गया।

लन्दन की मेयर कैंडिडेट बोलीं- बुर्के वाली महिलाओं की हो जांच

लंदन. लंदन के लिए मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम ने बुर्के पर सुझाव देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। रिफॉर्म यूके की ओर से कैंडिडेट लैला ने कहा कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पुलिस द्वारा रोक कर तलाशी ली जानी चाहिए। साल 2018 में होने वाले लंदन मेयर चुनाव के लिए लैला को उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खुले समाज में चेहरा ढकने की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं। एक पॉडकास्ट में बात करते हुए लैला ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि एक खुले समाज में आपको अपना चेहरा ढकने की जरूरत है। मैंने एक बुर्का पहनी हुई महिला पर केस चलाया है। अगर कोई अपना चेहरा छिपा रहा है तो यह मान लेना चाहिए कि वह ऐसा किसी आपराधिक कारण से कर रहा है।'' उन्होंने बताया कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं और वह चेहरे को ढकने पर बैन लगाना चाहती हैं। द स्टैंडर्ड पॉडकास्ट के लिए एक इंटरव्यू में, लैला ने कहा, "अगर मैं कर पाती, तो मैं चेहरा ढकने पर बैन लगा देती, लेकिन मैं इसे स्टॉप एंड सर्च का एक कारण बनाना चाहूंगी।'' 'मुस्लिम शहर नहीं है लंदन' लैला कनिंघम ने पिछले जून में सीपीएस प्रॉसिक्यूटर के पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उन्होंने टोरीज पार्टी छोड़कर नाइजल फराज की रिफॉर्म यूके पार्टी में शामिल होने के बाद भड़काऊ राजनीतिक बयान दिए थे। पिछले हफ्ते उन्हें 2028 के चुनावों के लिए पार्टी की लंदन मेयर उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया। वह इस मई में शहर भर में होने वाले चुनावों में रिफॉर्म पार्टी को पहली लंदन काउंसिल का कंट्रोल दिलाने की कोशिश का नेतृत्व भी करेंगी। इस हफ़्ते की शुरुआत में द स्टैंडर्ड को दिए एक इंटरव्यू में, कनिंघम ने कहा कि लंदन को ब्रिटिश ही रहना चाहिए और यह मुस्लिम शहर नहीं है। 'कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है' उन्होंने कहा कि वह लंदन में यहूदी-ईसाई संस्कृति और ब्रिटिश संस्कृति को और ज्यादा मनाते हुए देखना चाहेंगी, खासकर ईस्टर पर, जिसे उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे शहर में ईस्टर एग हंट के साथ मनाया जा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि बुर्का पहनने से पुलिस को रोकने और तलाशी लेने का सही कारण मिलता है, तो उन्होंने कहा, ''हां, कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है। वे धार्मिक नहीं हैं। वे एक थोपी गई परंपरा का हिस्सा हैं और उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।''

‘अपवित्र कर दिया’ का आरोप: स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर में युवक की हरकत पर विवाद

  अमृतसर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में एक मुस्लिम युवक न पवित्र सरोवर के पानी से वुजू किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में युवक को सरोवर में पैर डुबोए, मुंह कुल्ला करते और नाक साफ करते देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों ने इसे सरोवर को गंदा करने और सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया। सिख समुदाय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पवित्र स्थल के प्रति अपमान करार दिया, क्योंकि सरोवर केवल स्नान और धार्मिक डुबकी के लिए है, जबकि वुजू के लिए अलग से बहते पानी की व्यवस्था मौजूद है।   शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मानन ने कहा कि हिंदू और सिख समुदाय मर्यादा जानते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के लोग कभी-कभी गलती कर बैठते हैं। एसजीपीसी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। आरोपी युवक की पहचान दिल्ली निवासी सुभान रंगरेज के रूप में हुई, जो खुद को मुस्लिम शेर कहता है। विवाद बढ़ने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वहां मौजूद किसी ने उसे रोका या बताया। वीडियो वायरल होने पर क्या बोला आरोपी आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वर्ण मंदिर घूमना चाहता था और सिख धर्म के प्रति गहरा सम्मान रखता है। एक अन्य वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर को भारत की एकता का प्रतीक बताया, जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सब भाई-भाई की तरह रहते हैं। उसने टोपी पहनने के बावजूद किसी की ओर से आपत्ति न करने की बात कही और कहा कि वह दोबारा जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भक्ति का प्रदर्शन बताया, लेकिन अधिकांश ने इसे अनजान होने के बावजूद गलत करार दिया। एसजीपीसी ने सभी से अपील की है कि वे मर्यादा का पालन करें और स्थल को पर्यटन स्थल की तरह न इस्तेमाल करें।  

बेअदबी विवाद गरमाया: AAP MP ने पीएम मोदी से कपिल मिश्रा के खिलाफ ऐक्शन लेने की अपील की

नई दिल्ली/पंजाब दिल्ली विधानसभा के अंदर कथित बेअदबी वाला विवाद थमता नहीं दिख रह है। आतिशी के गुरु तेग बहादुर के कथित अपमान वाले वीडियो पर संग्राम जारी है। मंत्री कपिल मिश्रा समेत तमाम बीजेपी नेताओं ने इसपर आतिशी से जवाब मांगा है। खुद विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वीडियो फर्जी नहीं है। अब आम आदमी पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा की ओर से यह झूठ जानबूझकर फैलाया गया था, जिसका स्पष्ट उद्देश्य सिख धार्मिक भावनाओं को हथियार बनाकर आक्रोश पैदा करना और राजनीतिक लाभ उठाना था। यह केवल एक राजनीतिक गलतफहमी नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किया गया ईशनिंदा (धार्मिक अपमान) का कार्य है।   आप सांसद ने पीएम को पत्र में क्या लिखा? आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि भारत का इतिहास सिख गुरुओं के बेमिसाल बलिदानों से रोशन है, जिन्होंने सत्ता या सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा, मानवीय गरिमा और हर व्यक्ति के अपनी अंतरात्मा के अनुसार जीने के अधिकार के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। गुरु अर्जन देव जी की शहादत से लेकर गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान तक, गुरु परंपरा इस सभ्यता की नैतिक रीढ़ की हड्डी की तरह खड़ी है, जो अत्याचार और झूठ के सामने कभी नहीं झुकी। मलविंदर सिंह कंग ने आगे लिखा कि आपने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से गुरुओं की विरासत और उनकी अनमोल शिक्षाओं के प्रति अपनी व्यक्तिगत श्रद्धा और विश्वास व्यक्त किया है। आपके नेतृत्व में, भारत सरकार ने युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान से पवित्र 'श्री गुरु ग्रंथ साहिब' को सुरक्षित वापस लाने और उनकी रक्षा करने में असाधारण दृढ़ संकल्प और संवेदनशीलता दिखाई है। आपके इस कार्य का दुनिया भर के सिखों ने गहरा सम्मान किया और इसे भावुकता के साथ स्वीकार किया। इन कार्यों ने यह साबित किया कि आपकी प्रतिबद्धता केवल एक राजनेता के रूप में नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के रूप में है जो उस आध्यात्मिक कर्ज को समझता है जो यह देश गुरुओं का ऋणी है। फर्जी वीडियो से जानबूझकर झूठ फैलाया गया कंग ने आगे लिखा कि यही कारण है कि वर्तमान घटनाक्रम से गहरी पीड़ा और दुख हो रहा है। पंजाब और दिल्ली दोनों की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्टों ने अब यह पूरी तरह से साबित कर दिया है कि एक छेड़छाड़ की गई और फर्जी वीडियो जानबूझकर फैलाई गई थी। इसका उद्देश्य श्रीमती आतिशी पर सिख गुरुओं के बारे में अपमानजनक बातें करने का झूठा आरोप लगाना था। वैज्ञानिक जांच के नतीजे इसे स्पष्ट कर देते हैं—उनके द्वारा ऐसे कोई शब्द कभी नहीं बोले गए थे। ऐसे समय में जब सिख समुदाय पूरी श्रद्धा के साथ गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मना रहा था, जिन्होंने धर्म और दूसरों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, इस तरह की हरकतें नैतिकता का घोर उल्लंघन हैं। राजनीतिक लाभ के लिए झूठ और हेरफेर के जरिए गुरुओं की पवित्रता का सहारा लेना उनकी विरासत का एक अक्षम्य अपमान है। मलविंदर सिंह कंग ने आगे लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री जी, गुरुओं की शिक्षाओं में अटूट विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में, हम आपकी अंतरात्मा और नेतृत्व पर भरोसा करते हैं। जब आपकी अपनी पार्टी के लोग गुरु परंपरा का अपमान करने वाले कार्यों में शामिल होते हैं, तो आपकी चुप्पी या निष्क्रियता को सहमति के रूप में समझा जा सकता है। इतिहास हमें सिखाता है कि गुरुओं ने कभी भी बेअदबी, छल या अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया, चाहे वह किसी ने भी किया हो। इसलिए, हम कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की उम्मीद करते हैं, जिसमें उन्हें सभी आधिकारिक पदों से हटाना और उनके कार्यों की सार्वजनिक रूप से निंदा करना शामिल है। ऐसी निर्णायक कार्रवाई आपके नेतृत्व को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत करेगी। इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि गुरुओं की पवित्रता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और कोई भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा धर्म से ऊपर नहीं है। सिख समुदाय हमेशा इस राष्ट्र की ढाल और तलवार बनकर खड़ा रहा है। आज, वह कोई उपकार नहीं, बल्कि न्याय और नैतिक स्पष्टता चाहता है। इस समय आपका हस्तक्षेप यह पुष्टि करेगा कि जिन आदर्शों के लिए गुरुओं ने अपने प्राण त्यागे थे, वे आधुनिक भारत में भी सुरक्षित हैं।  

ग्रीनलैंड पर कब्जे के विरोध पर 8 देशों पर फूटा ट्रंप का टैरिफ बम

वाशिंगटन. ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजना पर डोनाल्ड ट्रंप का विरोध करने वाले 8 देशों पर अमेरिका ने 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड्स और फिनलैंड पर 10 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। अगर ग्रीनलैंड की खरीद वाली डील नहीं पूरी हो पाती है तो इस टैरिफ को बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच कांग्रेस के एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को डेनमार्क और ग्रीनलैंड को अपने समर्थन का आश्वासन देने की कोशिश की। ट्रंप ने धमकी दी है कि आर्कटिक के रणनीतिक द्वीप पर अमेरिका के नियंत्रण का समर्थन नहीं करने पर कड़े शुल्क लगाए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल के नेता और डेलावेयर से डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर मौजूदा बयानबाजी से डेनमार्क में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि वह हालात को शांत करना चाहते हैं। कोपेनहेगन में कून्स ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि डेनमार्क के लोग अमेरिकी लोगों में अपना विश्वास नहीं छोड़ेंगे।" उन्होंने कहा कि अमेरिका डेनमार्क और नाटो के प्रति "उन सभी कार्यों के लिए सम्मान रखता है जो हमने साथ मिलकर किए हैं।" उनकी टिप्पणियां ‘व्हाइट हाउस’ से आ रही टिप्पणियों से बिल्कुल विपरीत हैं। ट्रंप ने बार-बार यह दावा करके अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की अपनी मांगों को सही ठहराने की कोशिश की है कि चीन और रूस की ग्रीनलैंड पर नजर है, जहां महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल अप्रयुक्त भंडार मौजूद हैं। ‘व्हाइट हाउस’ ने जबरन इस क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। कून्स ने कहा, ‘‘ग्रीनलैंड को फिलहाल कोई सुरक्षा खतरा नहीं है।’’ ट्रंप कई महीनों से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण रखना चाहिए, जो नाटो सहयोगी डेनमार्क का एक अर्द्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ग्रीनलैंड का अमेरिकी नियंत्रण में न होना "अस्वीकार्य" होगा।

बांग्लादेश में पेट्रोल के पैसे मांगने पर हिंदू युवक की हत्या

ढाका. बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले 30 वर्षीय हिंदू कर्मचारी रिपन साहा की एक एसयूवी (SUV) सवार ने कुचलकर हत्या कर दी। आरोप है कि यह हमला तब हुआ जब रिपन ने पेट्रोल भरवाने के बाद बिना पैसे दिए भाग रहे ग्राहक को रोकने की कोशिश की। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे 'करीम फिलिंग स्टेशन' पर हुई। एक काली रंग की एसयूवी पंप पर आई और उसमें 5,000 टका (लगभग 3,710 भारतीय रुपये) का तेल भरवाया गया। तेल भरवाने के बाद जब ड्राइवर ने बिना भुगतान किए गाड़ी भगाना शुरू किया तो रिपन साहा उसे रोकने के लिए गाड़ी के सामने खड़े हो गए। आरोपी ने गाड़ी रोकने के बजाय रिपन के ऊपर चढ़ा दी और मौके से फरार हो गया। रिपन की मौके पर ही मौत हो गई। BNP नेता और ड्राइवर गिरफ्तार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अबुल हाशेम गाड़ी का मालिक है जो कि ठेकेदारी करता है। वह विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) का सदस्य है और इसके युवा संगठन 'जुबो दल' का पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा कार ड्राइवर कमल हुसैन को भी गिरफ्तार किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जियाउर रहमान ने पुष्टि की है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घटना का कोई सांप्रदायिक कोण है या यह केवल एक आपराधिक कृत्य था। चुनाव से पहले हिंसा का साया यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले सांप्रदायिक हिंसा तेजी से बढ़ रही है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने आरोप लगाया है कि केवल दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की गई हैं। परिषद का कहना है कि इस हिंसा का उद्देश्य अल्पसंख्यक मतदाताओं को डराना और उन्हें अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने से रोकना है। हाल ही में नरसिंगडी में एक जौहरी की हत्या और मैमनसिंह में एक हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में खिंचाव है। भारत ने बार-बार बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। रिपन साहा जैसी घटनाएं इन कूटनीतिक संबंधों को और अधिक जटिल बना रही हैं।

इंदौर में टीम इंडिया ने जीता टॉस, कीवी टीम के सामने लिया अहम निर्णय

इंदौर भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला इंदौर को होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टीम में एक बदलाव भी देखने को मिला है। प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप सिंह को चुना गया है। न्यूजीलैंड की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारतीय टीम ने वडोदरा में सीरीज का पहला मैच जीता था, लेकिन राजकोट में दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम ने दमदार वापसी करते हुए सीरीज बराबर की। भारतीय टीम मार्च 2019 के बाद अपने घरेलू मैदान पर कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं हारी है। ऑस्ट्रेलिया ने उस समय 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए भारत को 3-2 से हराया था। ऐसे में इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के लिए शुभमन गिल के नेतृत्व वाली टीम को मैच में तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम के लिए चुनौती न्यूजीलैंड, स्पिनरों के खिलाफ मिडिल ओवर (11-40) फेज में फुल-मेंबर टीमों में सबसे अच्छी बैटिंग साइड रही है, जिसमें उन्होंने सबसे कम विकेट गंवाए, उनका बैटिंग एवरेज सबसे अच्छा है, उनका रन रेट (इंग्लैंड के बाद) दूसरा सबसे अच्छा है, और इस वर्ल्ड कप साइकिल में उन्होंने सबसे कम डॉट परसेंटेज खेला है।

मुंबई में जीत, असम में जश्न: BMC चुनाव परिणाम पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के कालियाबोर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन गई है। बीते एक-डेढ़ वर्षों से भाजपा पर देश का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बिहार में चुनाव हुए। वहां 20 वर्ष बाद भी जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट दिए हैं। रिकॉर्ड सीटें जिताई हैं। दो दिन पहले ही महाराष्ट्र के बड़े शहरों में मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणाम आए हैं। मुंबई जो दुनिया के सबसे बड़े निगमों में से एक है, वहां की जनता ने पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश दिया। जीत मुंबई में हो रही है, जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के अधिकतर शहरों की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया है।'   पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ समय में जितने भी चुनाव परिणाम आए हैं, उनका जनादेश स्पष्ट है। देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है, विकास चाहता है, वो विकास और विरासत दोनों पर फोकस करता है। इसलिए वो भाजपा को पसंद करता है। उन्होंने कहा, 'इन चुनावों का एक और संदेश है। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को देश लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था वहां वो आज चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है।' नॉर्थ ईस्ट के विकास पर क्या बोले पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा हमेशा दूरी की रही है। दूरी दिलों की, दूरी स्थानों की। दशकों तक यहां के लोगों को ये महसूस होता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं। इसका असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा बल्कि भरोसे पर भी पड़ा। उन्होंने कहा, 'इस भावना को बदलने का काम भाजपा ने किया। डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता बनाया। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के माध्यम से असम को जोड़ने का काम एक साथ शुरू हुआ, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसकी परवाह नहीं की। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो असम को बहुत कम रेल बजट मिलता था। लगभग 2000 करोड़ रुपये। अब भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया गया है।' PM ने प्रकृति की सुरक्षा पर दिया जोर नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। होम स्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्त शिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैं असम के आप लोगों की, यहां की सरकार की एक और बात के लिए खासतौर पर तारीफ करूंगा। एक समय था जब काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं असम की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थी। 2013-14 में एक सींग वाले दर्जनों राइनो मारे गए। भाजपा सरकार ने तय किया था कि हम ये नहीं चलने देंगे, अब ऐसा नहीं चलेगा। हमने इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन मिले, निगरानी तंत्र सशक्त हुआ, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई। इसका सुखद परिणाम भी सामने आया। 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई है।'  

ट्विटर के बाद अब रयान एयरलाइन के पीछे पड़े एलन मस्क

लंदन. टेस्ला सीईओ एलन मस्क अक्सर अपनी बेबाकी के लिए जाते हैं। कुछ साल पहले उन्होंने ट्विटर पर ही एक पोस्ट के जरिए लोगों से पूछा कि क्या उन्हें यह खरीद लेना चाहिए। इसके बाद उन्होंने ट्विटर को खरीद भी लिया इसके बाद उसका नाम बदल का एक्स कर दिया। अब एक बार फिर से मस्क ऐसी ही एक पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, यह पूरा मामला कुछ दिन पहले शुरू हुआ था जब रयान एयर ने अपने 600 से अधिक विमानों के लिए स्टारलिंक इंटरनेट की सेवा लेने से इनकार कर दिया। बाद में जब सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के डाउन होने की खबरें आईं, तो ऐसी ही एक पोस्ट पर एयरलाइन ने एलन मस्क को टैग करते हुए पूछ लिया कि क्या आपको वाईफाई चाहिए? इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने लिखा, "क्या मुझे रयान एयर खरीद लेनी चाहिए और किसी ऐसे व्यक्ति को कमान सौंपनी चाहिए, जिसका असली में नाम रयान हो?" यह टिप्पणी देखते ही देखते वायरल हो गई। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर मजाकिया प्रतिक्रिया दी, कुछ ने इस विचार का समर्थन किया तो कुछ ने एयरलाइन खरीदने के वित्तीय जोखिमों पर मजाक किया। एक यूजर ने सलाह दी कि हां इसे खरीद लो,वहीं दूसरे ने लिखा, "इसे खरीदते समय सावधान रहना चाहिए। ये आपको इतनी कम कीमत का प्रस्ताव देंगे जो अविश्वसनीय लगेगी, और बाद में ये आपसे तरह-तरह के अतिरिक्त शुल्क वसूलेंगे।” क यूजर ने लिखा कि एक अरबपति का करोड़पति बनने का सबसे आसान तरीका है कि एक एयरलाइन खरीद लो। क्या है मस्क और रायन एयर का विवाद? स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क ने रयानएयर को उनके विमानों में स्टारलिंक इंटरनेट उपलब्ध कराने का विकल्प दिया था। हालांकि, एयरलाइन के सीईओ ओलैरी ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। आयरिश रेडियो स्टेशन न्यूस्टॉक से बात करते हुए, ओ'लेरी ने कहा कि स्टारलिंक के लिए आवश्यक एंटीना अतिरिक्त प्रतिरोध पैदा करेगा, जिससे ईंधन की लागत बढ़ जाएगी। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस सेवा पर एयरलाइन को सालाना 200 मिलियन से 250 मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है। आपको विमान के ढांचे पर एक एंटीना लगाना होगा। वजन और प्रतिरोध के कारण ईंधन की खपत बढ़ जाती है।" उन्होंने आगे कहा कि रयानएयर के यात्री छोटी दूरी की उड़ानों में वाई-फाई के लिए भुगतान करने को तैयार नहीं होंगे। ओलैरी के इन बयानों के सामने आने के बाद मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सीईओ को गलत जानकारी दी गई है। रयानएयर को स्टारलिंक उपकरण के कारण ईंधन की खपत पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी नहीं है। मस्क ने ओलैरी को वेबकूफ करार देते हुए, उन्हें निकाल देने की मांग की। उनकी इस पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए कहा कि मस्क को अब रयानएयर भी खरीद लेनी चाहिए और उसके सीईओ को भी ठीक उसी तरह हटा देना चाहिए, जैसे उन्होंने ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल को हटा दिया था। इस पर मस्क ने इसे एक अच्छा आइडिया करार दिया था। हालांकि, मस्क के इस कमेंट पर पलटवार करते हुए ओलैरी ने लिखा कि मस्क को एयरलाइन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने मस्क को एक वेबकूफ आदमी और उनके एक्स प्लेटफार्म को गंदगी का ढ़ेर करार दिया था। गौरतलब है कि रयानएयर भले ही स्टारलिंक इंटरनेट का उपयोग करने से इनकार कर दिया हो, लेकिन यूनाइटेड एयरलाइंस, कतर एयरवेज और लुफ्थांसा सहित दो दर्जन से अधिक एयरलाइंस इसे शुरू कर रही हैं। आपको बता दें, रयानएयर एक आयरलैंड की एयरलाइन है। यह एक कम बजट वाली एयरलाइन है, जो मुख्यतः पूरे यूरोप और छोटी दूरी की उड़ानों को संचालित करती है। इसकी स्थापना 1984 में हुई थी।