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चौंकाने वाली रिपोर्ट: ईरान में हिंसक दमन में हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए

ईरान ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब पूरे देश को हिला कर रख दिया है। शुरुआत आर्थिक मुद्दों जैसे महंगाई और रियाल की गिरावट से हुई थी, लेकिन जल्द ही यह सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं। एक नई रिपोर्ट दावा करती है कि सरकार की कड़ी कार्रवाई में कम से कम 16,500 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 3 लाख 30 हजार से अधिक घायल हुए हैं। अधिकांश पीड़ित 30 वर्ष से कम उम्र के युवा हैं। यह रिपोर्ट जमीन पर मौजूद डॉक्टरों के हवाले से तैयार की गई है।   अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने 3,090 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी शामिल हैं। साथ ही 22 हजार से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अशांति में कई हजार मौतें हुई हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपराधी बताते हुए प्रदर्शनकारियों को अमेरिका का फुट सोल्जर करार दिया। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि घायलों में सिर, गर्दन और छाती पर गोली। यह बात सैन्य-ग्रेड हथियारों के इस्तेमाल को दर्शाती है। डिजिटल अंधेरे के कवर में नरसंहार बताया जर्मन-ईरानी नेत्र सर्जन प्रोफेसर अमीर परस्ता ने इसे डिजिटल अंधेरे के कवर में नरसंहार कहा है। तेहरान के प्रमुख अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार हजारों आंखों की चोटें दर्ज की गईं, जिसमें 700 से 1,000 लोग अपनी आंखें खो चुके हैं। कई मौतें खून की कमी से हुईं, क्योंकि सुरक्षा बलों ने कुछ मामलों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की इजाजत नहीं दी। प्रोफेसर परस्ता ने कहा कि अधिकारी रुकने तक मारते रहेंगे और यही हो रहा है। यह क्रैकडाउन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक तक पहुंच गया है, जिसे कुछ विशेषज्ञों ने नरसंहार जैसा बताया है। ईरान में कई हफ्तों से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिसने सूचना के प्रवाह को पूरी तरह रोक दिया है और देश को दुनिया से अलग-थलग कर दिया है।  

क्या तेजस्वी बनेंगे RJD के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष? लालू यादव की बीमारी के बीच सियासी हलचल तेज

पटना राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) की कमान पूरी तरह से तेजस्वी यादव के हाथों में आने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनित किया जाएगा। लालू प्रसाद यादव अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जानकारी मिल रही है कि 25 जनवरी को इसका ऐलान कर दिया जाएगा। विदेश यात्रा से लौटने के बाद तेजस्वी यादव ऐक्शन में हैं। आगामी रणनीति और विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा की जा रही है। पटना में तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर कोर केमेटी और लोकसभा, राज्यसभा सदस्यों के साथ बैठक की। तेजस्वी को राजद में लालू यादव के बाद नंबर टू का दर्जा पहले से प्राप्त है। पार्टी में नीति निर्धारण हो या कोई बड़ा फैसला, यह काम तेजस्वी यादव ही करते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ही लालू प्रसाद यादव ने यह पावर तेजस्वी को सौंप दिया था। विधानसभा चुनाव में टिकट काटने से लेकर बांटने तक का काम उन्होंने ही किया। कार्यकारी अध्यक्ष का पद मिल जाने के बाद उनकी ताकत और बढ़ जाएगी। 25 जनवरी को पार्टी कार्यसमिति की बैठक पटना में बुलाई गई है। इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसी बैठक में तेजस्वी यादव की नई जिम्मेदारी की घोषणा हो सकती है। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वे अक्सर बीमार रहते हैं। इसे देखते हुए तेजस्वी के हाथों में पार्टी की कमान सौंपे जाने की चर्चा हो रही है। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा है कि यह लालू प्रसाद की मजबूरी है। वंशवादी परंपरा के तहत वे अपनी कुर्सी परिवार से बाहर के किसी पार्टी नेता को नहीं दे सकते। जदयू प्रवक्ता मनीष कुमार ने कहा है कि तेजस्वी यादव चाहे कुछ भी बन जाएं पर वे बिहार की जनता से दूर हो चुके हैं। वे बिहार वासियों के प्रति उदासीन रहते हैं।  

मनोज तिवारी के घर लाखों की चोरी का खुलासा, भरोसेमंद नौकर निकला आरोपी, इस गलती से पकड़ा गया

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी के मुंबई स्थित फ्लैट में हुई चोरी के मामले में अंबोली पुलिस ने सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनोज तिवारी का पूर्व कर्मचारी है, जिसे लगभग दो साल पहले काम से निकाल दिया गया था। यह चोरी मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित शास्त्री नगर इलाके के सुंदरबन अपार्टमेंट में हुई। पिछले 20 वर्षों से उनके साथ रह रहे मनोज तिवारी के मैनेजर प्रमोद जोगेंद्र पांडे ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।   चोरी की यह वारदात दो किस्तों में हुई। जून 2025 में अलमारी से 4.40 लाख रुपये गायब हुए थे, लेकिन तब चोर का पता नहीं चल सका था। इसके बाद 15 जनवरी 2026 की रात को फिर से 1 लाख रुपये की चोरी हुई। ऐसे पकड़ा गया आरोपी बिना ताला टूटे बार-बार पैसे गायब होने पर मैनेजर को शक हुआ, जिसके बाद दिसंबर 2025 में घर के अंदर गुप्त रूप से CCTV कैमरे लगवाए गए। 15 जनवरी 2026 को रात करीब 9 बजे CCTV फुटेज में देखा गया कि पूर्व कर्मचारी सुरेंद्र शर्मा बड़े आराम से फ्लैट में दाखिल हुआ। उसके पास घर, बेडरूम और अलमारी की डुप्लीकेट चाबियां थीं। फुटेज में उसे अलमारी से पैसे निकालते हुए देखा गया। पहचान होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अंबोली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर चोरी की गई राशि की बरामदगी और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।  

उड़ते विमान के बाथरूम में मिली धमकी, बम की सूचना के बाद लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग

लखनऊ आसमान में उड़ते विमान में बम की सूचना से हड़कंप मच गया। दिल्ली से बागडोगरा के लिए उड़ान भर रही इस फ्लाइट की लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह फ्लाइट इंडिगो की है। फ्लाइट के बाथरूम में टिश्यू पेपर पर लिखा था कि फ्लाइट में बम है। यह टिश्यू पेपर एक यात्री ने देखा तो उसने तत्काल क्रू मेंबर को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पॉयलट ने इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत मांगी। लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान के कोने-कोने को चेक किया जा रहा है। फ्लाइट में 230 यात्री, दो पायलट और पांच क्रू मेंबर सवार थे।   इंडिगो एयरलाइंस की 6E-6650 फ्लाइट से रविवार की सुबह करीब 8:46 बजे एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को बम की सूचना मिली। यह सूचना मिलते ही लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी की गई। लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद इसे आइसोलेशन वे पर पार्क कराया गया। विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर रोककर सघन जांच कराई जा रही है। विमान के कोने-काने की जांच की जा रही है। फिलहाल, अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु न मिलने से यात्रियों, क्र मेंबर और अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। क्या बोली पुलिस इस बारे में एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड और बीडीएस टीम से विमान की चेकिंग कराई जा रही है। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। टिश्यू पेपर पर बम की सूचना किसने लिखी, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस इस घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। 24 जनवरी से नहीं जाएगी लखनऊ से अजमेर की सीधी फ्लाइट उधर, उड़ान’ योजना की रीजनल कनेक्टिविटी के अन्तर्गत शुरू की गई एक और फ्लाइट बंद हो रही है। छोटी एयरलाइंस की लखनऊ से किशनगढ़ यानी अजमेर की सीधी फ्लाइट 24 जनवरी के बाद नहीं जाएगी। इसके पीछे यात्रियों को परिचालन कारण बताया गया है। लखनऊ से किशनगढ़ (अजमेर) के बीच सीधी उड़ान सेवा वर्ष 2024 की 16 फरवरी को शुरू हुई थी। इस रूट पर स्टार एयर एकमात्र एयरलाइन है जो सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करती है। लखनऊ से फ्लाइट एस5-223 दिन में 10:45 बजे लखनऊ से रवाना हो कर 12:05 बजे किशनगढ़ पहुंचती है। वहीं, दिन में 3:35 बजे फ्लाइट एस5-222 किशनगढ़ से उड़ान भरकर 4:55 बजे लखनऊ पहुंचती है। दोनों शहरों के बीच मात्र 1 घंटा 20 मिनट का समय लेती है। यह फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन (मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार) संचालित होती है।  

माता-पिता की सीख ने गढ़ा व्यक्तित्व: ‘कितना भी बदल जाओ…’ बोले NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपने माता-पिता से मिली सीख को याद करते हुए कहा कि कितना भी बदल जाओ, लेकिन अपनी परंपराएं कभी मत भूलना। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित रैबार-7 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान के साथ उत्तराखंड के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सीडीएस चौहान और डोभाल ने मंच पर अपनी बात रखते हुए जोर दिया कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना बहुत जरूरी है।   उत्तराखंड की पत्रिका रैबार-7 की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में एनएसए अजीत डोभाल ने गढ़वाली भाषा में ही अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रैबार गढ़वाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ “संदेश” होता है। यह विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित पारंपरिक संचार प्रणाली का प्रतीक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए NSA डोभाल ने इस शब्द के गहरे सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला और आधुनिक विकास की दौड़ में स्थानीय परंपराओं के खो जाने को लेकर आगाह किया। रैबार मजबूत संचार तंत्र डोभाल ने कहा, “रैबार शब्द गढ़वालियों के लिए एक महत्वपूर्ण भावना है। यह एक ऐसा संचार तंत्र है, जो भले ही अनजान हो, लेकिन पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद है।” आधुनिक तकनीक आधारित संचार प्रणालियों से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “आज कई तरह की संचार प्रणालियां हैं, लेकिन उनमें भावनाएं नहीं हैं।” उन्होंने मंच से मजाक में कहा कि आज भले ही एयर इंडिया की फ्लाइट कैंसल हो जाए, लेकिन रैबार कभी कैंसल नहीं हो सकता। स्थानीय लोगों तक पहुंचे विकास का लाभ समावेशी और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील विकास की जरूरत पर जोर देते हुए NSA ने कहा कि विकास का लाभ केवल निवेशकों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड का विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ उत्तराखंडियों को या वहां निवेश करने वालों को मिले।” पर्यटन विकास का स्वागत करते हुए भी डोभाल ने इसके दुष्प्रभावों को लेकर चेताया। माता-पिता से मिली सीख याद की उन्होंने कहा, “अगर उत्तराखंड पांच सितारा पर्यटन स्थल बनता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन कहीं न कहीं हमारी संस्कृति खो सकती है।” अपने निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेज कर रखने की सीख दी। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया कि चाहे हम कितना भी बदल जाएं, अपनी परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। यही रैबार है।” 2047 के भारत में उत्तराखंड की भूमिका कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में उत्तराखंड की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा, “जब भारत 2047 में एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तो क्या उत्तराखंड केवल उसका लाभ उठाएगा या उसमें योगदान भी देगा?” सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए जनरल चौहान ने कहा, “हमें सामूहिक प्रयास करने चाहिए, ताकि हमारे राज्य का विकास हमारे देश के विकास की गति और स्तर के अनुरूप हो।” उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड को केवल योगदानकर्ता ही नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “कभी-कभी मुझे लगता है कि इस पहल में हमें सिर्फ योगदान नहीं देना चाहिए, बल्कि नेतृत्व भी करना चाहिए।”

इंडोनेशिया में यात्री विमान लापता होने से अफरा-तफरी

जावा. इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा और सुलावेसी द्वीप के बीच स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र के पास पहुंचते समय एक क्षेत्रीय यात्री विमान का ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। विमान में 11 व्यक्ति सवार थे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि खोज एवं बचाव अभियान जारी है। परिवहन मंत्रालय प्रवक्ता एंडाह पूर्णमा सारी ने बताया कि इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट द्वारा संचालित टर्बोप्रॉप एटीआर 42-500 विमान योग्याकार्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी जा रहा था, तभी वह रडार से गायब हो गया। बढ़ीं उम्मीदें विमान का आखिरी बार अपराह्न 1:17 बजे दक्षिण सुलावेसी प्रांत के एक पहाड़ी जिले मारोस के लेआंग-लेआंग क्षेत्र में पता चला था। सारी ने एक बयान में कहा कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी इकाइयों के सहयोग से कई खोज और बचाव दल लगाये गए हैं। माउंट बुलुसाराउंग पर पर्वतारोहियों द्वारा बिखरे हुए मलबे, इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट के चिह्न से मेल खाने वाले लोगो और घटनास्थल पर आग को देखने की सूचना के बाद मलबे का पता लगाने की उम्मीदें बढ़ गईं। कौन थे विमान में सवार दक्षिण सुलावेसी के हसनुद्दीन सैन्य कमांडर मेजर जनरल बंगुन नावोको ने कहा कि इस बारे में सूचना अधिकारियों को दे दी गई है और बचाव दल उक्त क्षेत्र तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और इसकी पुष्टि कर रहे हैं। सारी ने कहा कि एटीसी के अंतिम निर्देशों के बाद, रेडियो संपर्क टूट गया और नियंत्रकों ने आपातकालीन संकट की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने अपनी खोज उन पहाड़ों के आसपास केंद्रित की, जहां माना जाता है कि विमान सुल्तान हसनुद्दीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के अपने मार्ग से भटक गया था। उन्होंने बताया कि विमान में चालक दल के आठ सदस्य और समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के तीन यात्री सवार थे।

वोट बैंक बंटा तो मजबूत हुआ BJP-शिंदे गठबंधन, विपक्ष की टूट से 32 सीटों का नुकसान

मुंबई मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के नतीजों के विश्लेषण से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। विपक्षी दलों उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने का सीधा फायदा सत्ताधारी भाजपा और एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 32 वार्डों में विपक्षी मतों के विभाजन के कारण महायुति की राह आसान हो गई। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) द्वारा जारी उम्मीदवार-वार मतदान डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि बिखरे हुए विपक्ष के कारण भाजपा 21 वार्डों में जीत दर्ज की है। शिंदे की शिवसेना को 10 वार्डों में जीत हासिल हुई है। वहीं, अजीत पवार की NCP को सिर्फ एक वार्ड में लाभ मिला है। गठबंधन का गणित और फ्रेंडली फाइट चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस का साथ छोड़कर अपने चचेरे भाई राज ठाकरे (MNS) के साथ गठबंधन किया था। इसके जवाब में कांग्रेस ने प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के साथ हाथ मिलाया। दो वार्डों (173 और 225) में तो स्थिति और भी खराब रही, जहां शिवसेना (UBT) के उम्मीदवारों को बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा क्योंकि शिंदे गुट के साथ 'फ्रेंडली फाइट' के चलते विपक्षी वोट बंट गए। इन वार्डों में बिगड़ा खेल आपको बता दें कि मुंबई की दहिसर (पश्चिम) सीट से शिवसेना (शिंदे) की रेखा यादव ने जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार को यहां 5,070 वोट मिले। इसी सीट पर शिवसेना (UBT) को 4,314 वोट मिले। जिससे शिंदे सेना 2,474 वोटों से जीत गई। अंधेरी (पश्चिम) का भी यही हाल देखने को मिला। भाजपा के उम्मीदवार रूपेश सावरकर ने जीत दर्ज की है। यहां शिवसेना (UBT) को 8,655 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस ने इस वार्ड में 4,380 वोट काटे। बीजेपी मात्र 538 वोटों से जीती। घाटकोपर की बात करें तो अश्विनी माटे (BJP) ने जीत दर्ज की। यहां एमएनएस को 6,793 वोट मिले। कांग्रेस ने 6,467 वोट हासिल किए, जिससे विपक्ष हार गया। मानखुर्द और धारावी जैसे इलाकों में भी विपक्षी फूट का असर दिखा। मानखुर्द (वार्ड 135) में बीजेपी ने AIMIM और शिवसेना UBT के बीच बराबर वोट बंटने का फायदा उठाकर जीत हासिल की। उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को 24 सीटें जीतने पर बधाई दी, लेकिन गठबंधन टूटने के नुकसान पर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने बस इतना कहा, "राजनीति में अगर-मगर पर बात नहीं की जा सकती।" उनके खेमे का मानना है कि 'मराठी वोट' एकजुट करने के लिए मनसे के साथ जाना जरूरी था। मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत का रुख इसके विपरीत है। सचिन सावंत ने कहा, "अगर गठबंधन बरकरार रहता तो नतीजे अलग होते। लेकिन उद्धव जी ने राज ठाकरे के साथ जाने का फैसला किया। हमारे लिए ठाकरे भाइयों के साथ जाना संभव नहीं था।" उन्होंने स्वतंत्र चुनाव लड़ने के फैसले को सही ठहराया।  

एआर रहमान के बयान से मचा सियासी तूफान, BJP और VHP ने जताई कड़ी आपत्ति

मुंबई ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के बॉलीवुड में पिछले 8 सालों से कम काम मिलने के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें कम काम मिल रहा है और यह इंडस्ट्री में पावर शिफ्ट की वजह से हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसमें सांप्रदायिक बात भी शामिल हो सकती है, हालांकि यह उनके सामने सीधे नहीं आया। रहमान ने कहा, 'मैं काम की तलाश में नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे काम की ईमानदारी से काम खुद आए। मुझे लगता है कि चीजों की तलाश में जाना एक अभिशाप जैसा है।' उन्होंने बताया कि वे दक्षिण से बॉलीवुड में स्थापित होने वाले पहले संगीतकार थे और लंबे समय तक सफल रहे। लेकिन पिछले आठ सालों में स्थिति बदल गई है।   एआर रहमान ने कहा, 'अब गैर क्रिएटिव लोग फैसले ले रहे हैं और यह सांप्रदायिक बात भी हो सकती है, लेकिन मेरे सामने नहीं। मुझे चाइनीज व्हिस्पर्स (कानाफूसी) के जरिए पता चलता है कि आपको बुक किया गया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने 5 कंपोजर हायर कर लिए। मैंने कहा कि अच्छा है, मुझे परिवार के साथ आराम करने का समय मिलेगा।' उन्होंने 1990 के दशक में बॉलीवुड में एंट्री के समय किसी पूर्वाग्रह का सामना नहीं करने की बात कही। रहमान ने कहा, 'शायद तब मुझे पता नहीं चला, या भगवान ने छिपा दिया। लेकिन पिछले 8 सालों में पावर शिफ्ट की वजह से शायद ऐसा हो रहा है।' केंद्रीय मंत्री का क्या जवाब केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने एआर रहमान के दावे को बिल्कुल गलत करार दिया। उन्होंने कहा, 'रहमान का यह कहना कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें फिल्म म्यूजिक इंडस्ट्री में सपोर्ट नहीं मिल रहा, पूरी तरह झूठ है। देश ने उन्हें नंबर वन म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में स्वीकार किया है और सपोर्ट किया है।' उन्होंने जोर दिया कि देश के लोग कभी रहमान को धर्म की नजर से नहीं देखते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने धर्म पर टिप्पणी की। VHP की तीखी प्रतिक्रिया विश्व हिंदू परिषद ने भी एआर रहमान पर निशाना साधा। राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ऐसा लगता है कि एआर रहमान भी उस गुट के लीडर बन गए हैं, जिसके लीडर कभी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी थे। बंसल ने कहा, 'हामिद अंसारी ने 10 साल तक संवैधानिक पदों पर फायदा उठाया और रिटायर होने पर भारत को नीचा दिखाया। रहमान को पूरे देश और हिंदुओं ने बहुत प्यार किया। काम न मिलने की वजह खुद में ढूंढने की बजाय वे सिस्टम को बदनाम कर रहे हैं और पूरी इंडस्ट्री को बदनाम कर रहे हैं। वे क्या साबित करना चाहते हैं?' बंसल ने आगे कहा कि वे कभी हिंदू थे। उन्होंने इस्लाम क्यों कबूल किया? अब घर वापसी कर लें। शायद फिर से काम मिलना शुरू हो जाए। ऐसे छोटे-मोटे बयान राजनेता दे सकते हैं, कलाकार को नहीं शोभा देते।  

अब केवल कन्फर्म टिकट! वंदे भारत स्लीपर व अमृत भारत, एक्सप्रेस में RAC व्यवस्था खत्म, स्लीपर किराया अपडेट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक बनाने के लिए अपने टिकटिंग और कोच नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब कुछ चुनिंदा श्रेणियों की ट्रेनों में आरएसी (RAC) सीट का प्रावधान पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को आधी सीट पर सफर करने की मजबूरी से निजात मिलेगी। रेलवे के द्वारा अमृत भारत और वंदे भारत (स्लीपर) ट्रेन में आरएसी टिकट की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई है।   रेलवे बोर्ड ने 9 जनवरी को जारी अपने सर्कुलर में कहा, "वंदे भारत स्लीपर के लिए न्यूनतम चार्ज होने वाली दूरी 400 किमी होगी। इस ट्रेन के लिए सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसलिए RAC/वेटलिस्टेड/आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा। सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के दिन से उपलब्ध होंगी।" इसके अलावा भारतीय रेल जल्द ही जनवरी 2026 से बिल्कुल नई अमृत भारत II एक्सप्रेस शुरू करने की घोषणा करेगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक हालिया पत्र के अनुसार, इन नई ट्रेनों का किराया स्ट्रक्चर और बुकिंग नियम पिछली अमृत भारत ट्रेनों से थोड़े अलग होंगे। नए नियमों के तहत, बेसिक किराया नहीं बदला है, लेकिन न्यूनतम दूरी के नियमों को अपडेट किया गया है। नए नियमों के अनुसार, स्लीपर क्लास के लिए कम से कम 200 किमी का किराया देना होगा, जो 149 रुपये है। सेकंड क्लास के लिए, न्यूनतम किराया 50 किमी तय किया गया है, यानी 36 रुपये। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लगेंगे। अगर कोई यात्री सिर्फ 100 किमी की यात्रा करता है, तो भी उसे स्लीपर क्लास में 200 किमी का न्यूनतम किराया देना होगा। इसके अलावा, अब स्लीपर क्लास में सिर्फ तीन कैटेगरी के कोटा मिलेंगे। महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति और सीनियर सिटिजन। इस ट्रेन में कोई दूसरा कोटा लागू नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने सीनियर सिटिजन और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए लोअर बर्थ शुरू की हैं। सिस्टम 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के पुरुषों और 45 साल या उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को लोअर बर्थ देने की कोशिश करेगा। बर्थ का अलॉटमेंट उपलब्धता के आधार पर होगा।  

अपराधियों पर प्रशासन का वार, कोटा में हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा का घर जमींदोज

कोटा कोटा के नामी हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा के घर आज बुलडोजर आ धमका। प्रशासन ने पहले ही उसके मकान को अवैध बताकर कुछ रोज पहले घर गिराने वाली नोटिस चिपका दी थी। आदिल का यह अवैध घर 225 गज में बना है जिसे अब गिराया जा रहा है। मौके पर भारपी पुलिस बल भी मौजूद रहा। हाल ही में अपने अपराध से खौफ पैदा करे चुके आदिल को पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ा था। इस कार्रवाई में उसके साथी भी चोटिल हुए थे।   कौन है आदिल मिर्जा? आदिल मिर्जा का यह घर कोटा के अमृतखेड़ी गांव में बना है। आलीशान घर पहले से अवैध घोषित है और बावड़ी श्रेणी की जमीन पर बना है। आदिल मिर्जा अपराध जगत में एक कुख्यात नाम है। इसके खिलाफ कुल 34 मामले दर्ज हैं। आदिल मूल रूप से सांगोद का निवासी है। नाबालिग होते ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले आदिल पर जानलेवा हमला करने, पुलिस पर फायरिंग, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, महामारी अधिनियम, दंगा, डकैती, चोरी, धार्मिक भावनाएं भड़काना और राज कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। सांगोद थाने में दर्ज इन मामलों के अलावा आदिल के खिलाफ मोडक, कनवास, नयापुरा और कैथूनीपोल थानों में भी केस दर्ज हैं। पहले ही बता दिया था होगी बुलडोजर वाली कार्रवाई आदिल और उसके तीन दोस्तों को बीते दिनों गिरफ्तार करने के बाद इस नामी हिस्ट्रीशीटर के संपत्तियों की जांच की गई जिसमें उसके इस अवैध मकान की बात सामने आई थी। सांगोद में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। नगर पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा सांगोद तहसीलदार जतिन दिनकर के अनुसार, अमृत खेड़ी गांव की एक जमीन, जो सरकारी रिकॉर्ड में 'बावड़ी' के नाम पर दर्ज है और नगर पालिका की संपत्ति है, उस पर अवैध रूप से मकान बनाया गया है। पुलिस और प्रशासन ने इस आलीशान घर पर नोटिस चिपका दिया था। आदिल को 3 दिन की मोहलत दी गई है कि वह खुद अपना अतिक्रमण हटा ले। अगर तय समय (नोटिस की मियाद) तक कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर देगा। पुलिस की जांच जारी थानाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अपराधी आदिल मिर्जा की सभी संपत्तियों की गहराई से जांच की जा रही है। इसी जांच के दौरान पता चला कि उसने सरकारी जमीन कब्जाकर अपना घर खड़ा किया है, जिस पर अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।