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सिनेमा में आस्था की नई प्रस्तुति, मुख्यमंत्री ने ‘गोदान’ फिल्म का ट्रेलर किया लॉन्च

रायपुर. मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का किया ट्रेलर लॉन्च मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का ट्रेलर लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म-'गोदान' के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।  मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म-'गोदान' का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।  मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि हमें गौमाता के महत्व के प्रति जन-जन को जागरूक करना है। गाय के गोबर से बनी जैविक खाद ही ऑर्गेनिक खेती का आधार है। दो घंटे 9 मिनट की इस फिल्म के माध्यम से गौ संवर्धन का संदेश दर्शकों तक पहुंचेगा। फिल्म का माध्यम एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक बड़े दर्शक वर्ग तक सकारात्मक संदेश को पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म के पोस्टर तथा गीत ' गौमाता के प्राणों को बचा लो देशवासियों' का भी लॉन्च किया। उन्होंने पंचगव्य उत्पाद के गिफ्ट पैक का भी विमोचन किया। गौमाता की महत्ता को अभिव्यक्त करने वाली कामधेनु फिल्म प्रोडक्शंस की फिल्म गोदान 6 फरवरी को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  इस अवसर पर   अजीत महापात्र,   शांतनु शुक्ला, फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक   विनोद चौधरी, डॉ आईपी सिंह,   सुबोध राठी सहित अन्य गणमान्यजन और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सियासी संकट गहरा, CM सिद्धारमैया ने राज्यपाल को केंद्र के खिलाफ सुनाई आपत्ति

बेंगलुरु कर्नाटक की राजनीति में ग्रामीण रोजगार को लेकर हंगामा जारी है। मनरेगा (MGNREGA) को हटाने के आरोप में कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं। बेंगलुरु में राजभवन चलो आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को खत्म करके वीबी-जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) योजना लागू करना चाहती है, जिससे ग्रामीण गरीबों का रोजगार छिन जाएगा। बाद में कांग्रेस नेताओं ने एक सरकारी बस में सवार होकर लोक भवन (पूर्व में राजभवन) पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को ज्ञापन सौंपा।   विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार गारंटी की व्यवस्था को खत्म कर रही है और पंचायतों के अधिकारों को कमजोर कर रही है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वीबी-जी राम जी में 'राम' शब्द का मतलब दशरथ राम या सीता राम नहीं है। इसका अर्थ है 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)'। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, जिसे मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरू किया था, आजीविका और रोजगार का अधिकार देता था। उन्होंने मौजूदा सरकार पर इसे नष्ट करने का आरोप लगाया। सिद्धारमैया ने आगे आरोप लगाया कि एमजीएनआरईजीए जनता का अधिकार था, लेकिन अब नहीं रहा। इसमें दिव्यांगजनों सहित लगभग पांच करोड़ लोगों को ग्रामीण इलाकों में रोजगार मिल रहा था। अब केंद्र सरकार तय करेगी कि कौन सा काम किया जाएगा, जबकि पहले यह पंचायतें तय करती थीं। उन्होंने कहा कि पंचायतों की भूमिका बुरी तरह सीमित कर दी गई है। पहले हर पंचायत को करीब एक करोड़ रुपये मिलते थे, अब उन्हें इससे वंचित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम तब तक लड़ेंगे जब तक वीबी-जी राम जी योजना रद्द नहीं हो जाती और एमजीएनआरईजीए दोबारा लागू नहीं हो जाता। वीबी-जी राम जी रोजगार की गारंटी नहीं देता, जैसा कि एमजीएनआरईजीए देता था। भाजपा पर ग्रामीण भारत पर हमला करने का आरोप लगाते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक गांवों का विकास नहीं होगा, राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता। एमजीएनआरईजीए को खत्म करके भाजपा ने महात्मा गांधी की हत्या दूसरी बार कर दी है। उन्होंने राज्य के हर गांव में लोगों से आंदोलन करने का आह्वान किया। वहीं, कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को खत्म करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एमजीएनआरईजीए को समाप्त करना चाहती है। मैं कर्नाटक सरकार से आग्रह करता हूं कि पंचायत केंद्रों का नाम बदलकर महात्मा गांधी केंद्र कर दिया जाए। उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि एमजीएनआरईजीए को रद्द करके भाजपा ने अपने लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर ली है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग वीबी-जी राम जी को स्वीकार नहीं करेंगे और रोजगार गारंटी कानून खत्म करने के लिए भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री चौहान का बस्तर आर्ट प्रतीक चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान के मध्य छत्तीसगढ़ के किसानों के सशक्तिकरण, कृषि विकास एवं ग्रामीण आजीविका से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में  प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचलों में संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास से वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की पहल की प्रशंसा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

नवादा-बांका में मिले पर्याप्त भंडार से पत्थर-स्टोन चिप में बिहार बनेगा आत्मनिर्भर

पटना. बिहार सरकार ने पड़ोसी राज्यों से होने वाली पत्थर आपूर्ति पर निर्भरता कम करने का निर्णय लिया है। सरकार ने राज्य के कई पहाड़ी जिलों में बड़े पैमाने पर पत्थर खनन की योजना बनाई है। लक्ष्य है कि निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक कच्चा माल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो, जिससे लागत कम हो और विकास की रफ्तार तेज हो सके, लेकिन इसके पूर्व संबंधित जिलों में स्थित पहाड़ों का सर्वेक्षण होगा। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे योजना अमल में लाई जाएगी। खान एवं भू-तत्व विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी क अनुसार, खनन विभाग ने बीते दिनों नवादा, शेखपुरा, औरंगाबाद और कैमूर के अलावा बांका और गया जिले में सर्वे कराया था। जिसमें यह जानकारी सामने आई है कि इन जिलों की पहाडिय़ों में पर्याप्त मात्रा में पत्थर उपलब्ध हैं। विभाग ने इन जिलों को खनन की दृष्टि से उपयुक्त मानते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। निर्णय अमल में आने पर न सिर्फ राज्य की निर्माण परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि खनन से जुड़े रोजगार के अवसर भी स्थानीय लोगों को मिल सकेंगे। जानकारी के अनुसार, अकेले बांका के शंभूगंज अंचल में लगभग 20 एकड़ पहाड़ी क्षेत्र को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र से लाखों टन पत्थर निकलने की संभावना है। यदि पर्यावरणीय स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो यहां जल्द ही खनन कार्य शुरू किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर पत्थर उपलब्ध होने से सड़क, पुल, भवन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी। साथ ही, खनन से मिलने वाली रायल्टी और अन्य शुल्क राज्य से राजस्व में बढ़ोत्तरी भी होगी। अधिकारियों का कहना है कि खनन कार्य पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे।

राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी कलाकारों का सम्मान

रायपुर. गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का गौरव प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति से स्नेहपूर्ण मुलाकात के दौरान कलाकार भावविभोर और अभिभूत नजर आए। राष्ट्रपति   द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की झांकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि झांकी के माध्यम से देश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण, मेहनत और जीवंत प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया भी कहा। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देगा। राष्ट्रपति से मुलाकात करने वालों में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल के नेतृत्व में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल में जेनू राम सलाम, लच्छू राम, जैतू राम सलाम, राजीम सलाम, दिनेश करंगा, जयनाथ सलाम, मानसिंग करंगा, चन्द्रशेखर पोटाई, धनश्याम सलाम, जगनाथ सलाम, सुरेश सलाम तथा घोड़लापारा, ग्राम नयनार निवासी दिलीप गोटा शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की इस पारंपरिक कला टोली ने अपनी लोक-संस्कृति और नृत्य शैली से राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

धन्यवाद से विवाद तक: Grok ने बदल दिया PM मोदी के संदेश का मतलब

नई दिल्ली एआई पर पूरी तरह से भरोसा करना किस तरह से परेशान करने वाला हो सकता है। इसकी बानगी सोमवार को देखने को मिली। गणतंत्र दिवस के मौके पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पीएम मोदी को गर्मजोशी भरा बधाई संदेश दिया था। इसके जवाब में पीएम मोदी ने मालदीव की भाषा में ही उनका धन्यवाद किया। विवाद तब खड़ा हो गया, जब ग्रोक एआई ने इसका गलत अनुवाद पेश किया और एक मित्रवत पोस्ट को राजनीतिक रूप से संवेदनशील पोस्ट में बदल दिया।   मूल रूप से मालदीव की स्थानीय धिवेही भाषा में लिखे गए पीएम मोदी के इस पोस्ट का ऐसा अनुवाद किया कि सोशल मीडिया यूजर्स भी हक्के-बक्के रह गए। दरअसल, यह पूरा मामला मुइज्जू के बधाई संदेश पर पीएम मोदी की धन्यवाद टिप्पणी पर हुआ। पीएम मोदी के बधाई संदेश का अनुवाद खोलने पर ग्रोक ने इसे बताया, "सुकुरिया, रायथुन मजलिस। भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह मालदीव में आयोजित किए गए और मालदीव सरकार ने इसमें भाग लिया। यह सुकुरिया सरकार जनता के भारत-विरोधी अभियानों में भी शामिल रही है। यहां तक कि दो भारत-विरोधी अभियानों में भी वह विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रही है।” लाइव हिन्दुस्तान ने भी इस गलत अनुवाद को देखा था। हालांकि बाद में ग्रोक ने इसे बदल दिया। वर्तमान में गोर्क द्वारा इसका अनुवाद अलग दिखाया जा रहा है, जो कि इस प्रकार है, "धन्यवाद, राष्ट्रपति मुइज्जू। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आपने जो हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ सम्मान और आदर के साथ दी हैं, उन्हें मैं कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार करता हूँ। हम दोनों देशों के नागरिकों के हित में साथ मिलकर किए जा रहे कार्यों को आगे भी जारी रखेंगे। मैं सभी मालदीव नागरिकों के लिए खुशहाल और समृद्ध भविष्य की कामना करता हूँ।” ग्रोक द्वारा इस तरह से गलत अनुवाद दिखाने को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच में काफी तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक यूजर ने ग्रोक को प्रोपेगेंडा से भरा हुआ बताया। वहीं, दूसरे ने बाकी एआई चैटबोट से इसकी तुलना करते हुए कहा कि ग्रोक केवल एक चैटबोट नहीं बल्कि हेरफेर और प्रोपेगेंडा से भरा हुआ है। आपको बता दें, यह प्रतिक्रिया इसलिए और भी ज्यादा ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि कुछ समय पहले तक भारत और मालदीव के रिश्ते सही नहीं थे। वर्तमान राष्ट्र्पति मुइज्जू ने चुनाव में जीत के पहले इंडिया आउट का कैंपेन भी चलाया था। वह लगातार भारत विरोधी बयान भी देते आए हैं। हालांकि, कुछ समय से दोनों देशों के रिश्ते फिर से सामान्य होते नजर आए हैं।  

युवाओं के भविष्य को संवारने की पहल, विद्यार्थियों को मिल रहा बहुआयामी प्रशिक्षण

भोपाल.  प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं कौशल विकास का दिया जा रहा प्रशिक्षण प्रदेश के शासकीय स्‍कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को स्‍कूल जीवन से ही भविष्‍य के अवसर प्राप्‍त हो, इसके लि‍ए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय हाई एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में 27 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक 5 दिवसीय करियर मेला एवं करियर काउंसलिंग अभि‍यान चलाया जा रहा है, जिसकी मंगलवार से शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान, लोक शिक्षण संचानालय मध्यप्रदेश द्वारा यूनिसेफ एवं म.प्र. राज्‍य ओपन बोर्ड/ओपन स्कूल के सहयोग से किया जा रहा है। विद्यार्थियों को सही कैरियर चयन एवं उनके उज्ज्वल भविष्य निर्माण की दिशा में विभाग की यह पहल एक महत्वपूर्ण पहल है। पांच दिवसीय कैरियर मेलों और काउंसलिंग सत्रों में विद्यार्थियों को करियर के विविध विकल्पों की जानकारी के साथ ही शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं कौशल आधारित मार्गदर्शन दि‍या जाएगा। उन्हें जीवन कौशल, करियर योजना एवं भविष्य की तैयारी के लिए सक्षम विभाग द्वारा सक्षम बनाया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्‍न शासकीय सेवाओं एवं उच्च शिक्षा के अवसरों से भी परिचित कराया जा रहा है। विभाग की इस पहल से लगभग 21 लाख विद्यार्थियों के लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम में ओपन स्कूल के माध्यम से यूट्यूब लाइव सत्र एवं वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें विद्यालय स्तर पर टीवी/प्रोजेक्टर/मोबाइल/टैब से विद्यार्थियों को दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध करियर काउंसलर विद्यालयों में जाकर काउंसलिंग सत्र आयोजित कर रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक एवं तकनीकी नोडल शिक्षक की नियुक्ति भी की गई है।  

कैमूर में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के 8027 लाभार्थियों का होगा वेरिफिकेशन

कैमूर/भभुआ. जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस के अंतर्गत पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रखंडों में सर्वे किया गया था। सर्वे का कार्य विभाग के दिशा- निर्देश के तहत 10 जनवरी से 15 मई तक कर्मियों के द्वारा किया गया था। सर्वे सूची में शामिल लोगों की पात्रता के सत्यापन के लिए 29 जनवरी 2026 तक पदाधिकारी व कर्मियों के द्वारा अभियान चलाकर सर्वे किया जा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सत्यापन करने के लिए मात्र तीन दिनों का समय शेष बचा हुआ है। तीन दिनों के अंदर 8027 लोगों की पात्रता की जांच की जानी है। इस संबंध में एमआईएस पदाधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि विभाग के दिशा- निर्देश के अनुसार आवास योजना की सूची में शामिल लोगों की पात्रता का सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद चिह्नित किए गए अपात्र परिवारों का नाम सूची से हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि जिले में पीएम आवास योजना के लाभुकों की पात्रता की जांच का कार्य पदाधिकारियों के द्वारा कई चरणों में की जा रही है। जिला स्तर पर सत्यापन कार्य की समीक्षा उप विकास आयुक्त व निदेशक डीआरडीए के माध्यम से की जा रही है।

एकतरफा मुकाबला: भारत ने जिम्बाब्वे को दी करारी शिकस्त, विहान और सूर्यवंशी चमके

क्रिकेट .  भारत और जिम्बाब्वे के बीच मंगलवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर सिक्स मुकाबला खेला गया। भारत ने बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में 353 का टारगेट देने के बाद जिम्बाब्वे को 204 रनों से रौंदा। जिम्बाब्वे की टीम 37.4 ओवर में 148 रनों पर ढेर हुई। कप्तान सिम्बाराशे मुडजेंगेरे (3) और ओपनर ध्रुव पटेल (8) समेत जिम्बाब्वे के सात प्लेयर दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके। मेजबान जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन लीरॉय चिवौला (77 गेंदों में 62, सात चौके, एक सिक्स) ने जोड़े। उन्होंने कियान ब्लिगनॉट (73 गेंदों में 37) के संग चौथे विकेट के लिए 69 और टाटेंडा चिमुगोरो (29 गेंदों में 29) के साथ पांचवे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी की। जिम्बाब्वे ने विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन विकेट पावरप्ले में गंवा दिए थे, जिससे टीम उबर नहीं सकी। भारत के लिए कप्तान आयुष म्हात्रे और उद्धव मोहन ने तीन-तीन शिकार किए। आरएस अंबरीश के हिस्से में दो विकेट आए। खिलन पटेल और हेनिल पटेल को एक-एक सफलता मिली। इससे पहले, भारत ने टॉस गंवाने के बाद निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान प 352 रन जुटाए। विहान मल्होत्रा ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 107 गेंदों में सात चौकों के दम पर 109 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी (30 गेंदों में 52, चार चौके, चार सिक्स) ने तूफानी अर्धशतक ठोका। विकेटकीपर अभित्रान कुंडू ने भी अर्धशतक लगाया। उन्होंने 62 गेंदों में 61 रन बटोरे, जिसमें पांच चौके और एक सिक्स है। कुंडू ने विहान के साथ पांचवें विकेट के लिए 113 रनों की पार्टनरशिप की। ओपनर एरोन जॉर्ज ने 23, कप्तान आयुष म्हात्रे और आर अंबरीश ने 21-21 और वेदांत त्रिवेदी ने 15 रनों का योगदान दिया। खिलन पटेल ने 12 गेंदों में 30 रन जोड़े और भारत को 350 तक पहुंचाया। उन्होंने एक चौका और तीन छक्के लगाए। कनिष्क चौहान के बल्ले से तीन रन निकले। जिम्बाब्वे की ओर से टाटेंडा चिमुगोरो ने तीन, पनाशे मजाई और सिम्बाराशे मुडजेंगेरे ने दो-दो विकेट लिए। ध्रुव पटेल को विकेट मिला। भारतीय टीम सुपर सिक्स राउंड में अपना अगला मैच एक फरवरी को पाकिस्तान के विरुद्ध खेलेगी। IND 352/8 (50 ओवर) ZIM 148/10 (37.4 ओवर) – जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर चुनी बॉलिंग – भारत ने पावरप्ले में एक विकेट पर 99 रन बनाए – वैभव सूर्यवंशी ने 24 गेंदों में फिफ्टी लगाई – वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुश म्हात्रे 11वें ओवर में आउट – वेदांद त्रिवेदी 15 बनाकर लौटे – 25 ओवर में भारत ने चार गंवाकर 173 रन जोड़े – 29 ओवर में भारत ने 200 का आंकड़ा छुआ – अभिज्ञान कुंडू ने 48 गेंदों में फिफ्टी जमाई – विहान मल्होत्रा ने 57 गेंदों में पचासा बनाया – अभिज्ञान कुंडू 62 गेंदों में 61 रन बनाकर लौटे – कनिष्क चौहान महज तीन रन बना सके – भारत ने 46वें ओवर में 300 रन पूरे किए – आरएस अंबरीश ने 21 रनों की पारी खेली – विहान मल्होत्रा ने 104 गेंदों में शतक लगाया – जिम्बाब्वे ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवाए – लीरॉय चिवौला ने 64 गेंदों में फिफ्टी जमाई भारत ने 204 रनों से जीता मैच भारत ने 204 रनों से मैच अपने नाम कर लिया है। आयुष म्हात्रे ने 37वें ओवर में जिम्बाब्वे को डबल झटका दिया। उन्होंने कप्तान सिम्बाराशे मुडजेंगेरे को तीन के निजी स्कोर पवेलियन भेजा। भारतीय कप्तान ने टाटेंडा चिमुगोरो को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने 29 गेंदों में 29 रनों की पारी खेली। वहीं, उद्धव ने अगले ओवर में दो विकेट निकाले और जिम्बाब्वे को ढेर किया। उन्होंने ताकुदजवा माकोनी (1) और वेबस्टर माधिधी (0) का शिकार किया।  चिवौला बने उद्धव मोहन का शिकार जिम्बाब्वे की आधी टीम ढेर हो गई है। उद्धव मोहन ने 34वें ओवर में लीरॉय चिवौला का शिकार किया। चिवौला ने 77 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली, जिसमें एक चौका और दो सिक्स हैं। आयुष म्हात्रे ने 35वें ओवर में माइकल ब्लिगनॉट को बोल्ड किया, जिनका खाता नहीं खुला। चिवौला ने ठोकी फिफ्टी चिवौला ने भारत के खिलाफ फिफ्टी ठोकी है। उन्होंने मुश्किल हालात में 64 गेंदों में पचासा पूरा किया।  खिलन पटेल ने तोड़ी साझेदारी खिलन पटेल ने भारत को चौथे सफलता दिलाई है। उन्होंने 27वें ओवर में कियान ब्लिगनॉट और लीरॉय चिवौला की 69 रनों की साझेदारी तोड़ी। खिलन ने ब्लिगनॉट को बोल्ड किया। उन्होंने 73 गेंदों में चार चौकों की मदद से 37 रनों की पारी खेली। चिवौला 42 रन बनाकर टिके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू)

राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक बिजली, प्राणों की समान है महत्वपूर्ण 60 हजार करोड़ रूपए लागत के यह समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का बनेंगे आधार अनूपपुर में स्थापित होंगे नए पॉवर हाउस टोरेंट, अदाणी और हिन्दुस्थान थर्मल ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के साथ किया अनुबंध भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के श्री जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के श्री एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के श्री रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।