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SC ने आवारा कुत्तों के विवाद में सुरक्षित किया फैसला, वकीलों को दिए 7 दिन

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिनमें आवारा कुत्तों के मामले में दिए गए पहले के आदेश में बदलाव की मांग की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से एक हफ्ते के अंदर अपनी लिखित दलीलें जमा करने को कहा है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सभी राज्यों के सभी पक्षों, नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) द्वारा दी गई दलीलों के आखिरी दौर की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।   इससे पहले कुत्ते पालने वालों, कुत्ते के काटने की घटनाओं के पीड़ितों, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से पेश हुए वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने कल कुछ राज्यों द्वारा दायर किए गए अस्पष्ट हलफनामों पर नाराजगी जताई थी। बार एंड बेंच के मुताबिक, स्वतः संज्ञान मामले में कोर्ट ने आज NHAI से एक ऐप बनाने का भी आग्रह किया, जिसके ज़रिए लोग हाईवे पर आवारा जानवरों को देखने की रिपोर्ट कर सकें। कोर्ट ने कहा, "आप एक ऐप क्यों नहीं बनाते ताकि कोई भी जानवर को देखकर उसकी तस्वीर खींचकर अपलोड कर सके? आपके पास विज़ुअल्स होंगे।" इस पर NHAI के वकील ने जवाब दिया, "हम ऐसा करेंगे।" देश में सिर्फ 76 मान्यता प्राप्त स्टेरिलाइज़ेशन सेंटर खास बात यह है कि जैसे ही सुनवाई खत्म होने वाली थी, AWBI के वकील ने कोर्ट को बताया कि देश में सिर्फ 76 मान्यता प्राप्त स्टेरिलाइज़ेशन सेंटर हैं, जबकि विभिन्न राज्यों के डेटा से पता चलता है कि 883 आवारा कुत्तों के स्टेरिलाइज़ेशन सेंटर हैं। वकील ने कहा, “कुछ आवेदन पेंडिंग हैं। 250 से ज़्यादा आवेदन हैं… राज्यों द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार 883 चल रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक हमारी तरफ से मान्यता नहीं दी गई है।” कोर्ट ने आखिर में पूछा, "जिन सेंटरों को आपने (AWBI) मान्यता नहीं दी है, उनमें क्या हो रहा है?" इससे AWBI के वकील ने स्टेरिलाइज़ेशन के कुछ डेटा में विसंगति की ओर इशारा किया, जिससे शायद यह पता चलता है कि संख्या उतनी सटीक नहीं थी जितनी दावा किया गया था। इससे यह चिंता भी बढ़ी कि स्टेरिलाइज़ेशन के लिए तय फंड उन लोगों द्वारा लिया जा रहा था जो असल में ऐसा काम नहीं कर रहे थे। कई राज्यों ने इस बारे में जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है। जहां कुत्ते कम वहां स्टेरिलाइज़ेशन ज्यादा वकील ने कहा, "आश्चर्यजनक डेटा है। जहां कुत्तों की आबादी कम है जैसे उत्तराखंड में, वहां स्टेरिलाइज़ेशन ज़्यादा है (रिपोर्ट किए गए स्टेरिलाइज़ेशन की संख्या कुत्तों की आबादी की संख्या से ज़्यादा है)।" इस पर कोर्ट ने कहा, “कारण साफ हैं। हर कोई इसके बारे में जानता है। कितनी ग्रांट दी जाती है।” इसके बाद वकील ने कहा, "जितना कम कहा जाए, उतना अच्छा।" इस पर कोर्ट ने कहा, "हां। कम कहना ही बेहतर है।" कोर्ट ने आगे कहा, "AWBI से बस यही अनुरोध है कि जो भी आवेदन पेंडिंग हैं, आप उन्हें प्रोसेस करें, और या तो उन्हें रिजेक्ट करें या एक तय समय के अंदर उन्हें मंज़ूरी दें।"  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री शर्मा और मंत्री नेताम ने दी शुभकामनाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों की सहभागिता रही। एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजेता छात्रों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। राष्ट्रीय विजेता दल से आज उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री   विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात कर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है। विद्यार्थियों ने ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, ग्रामीण समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान प्रस्तुत कर अपनी उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया है। उपमुख्यमंत्री   शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्रों द्वारा मॉक ग्राम सभा सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण विकास, निर्णय-प्रक्रिया तथा स्थानीय समस्याओं पर व्यावहारिक चर्चा की गई। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने इन विषयों पर गहन समझ और प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। विजेता दल को प्रशस्ति पत्र के साथ संस्थान के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। आदिम जाति विकास मंत्री   रामविचार नेताम ने भी इस उपलब्धि को जनजातीय अंचलों में शिक्षा के सशक्तिकरण का सकारात्मक परिणाम बताया। वहीं आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव   सोनमणि बोरा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सु  निहारिका बारिक तथा संचालक पंचायत विभाग सु  प्रियंका महोबिया ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव एवं सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।

राज्यपाल पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन

ध्वनि, अनुशासन और परंपरा का अनुपम संगम, बीटिंग द रिट्रीट भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन गुरुवार को ऐतिहासिक ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के साथ हुआ। जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में इस भव्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस ब्रास बैंड एवं आर्मी ब्रास बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियों से संयम, एकरूपता और सैन्य परंपरा की गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘बीटिंग द रिट्रीट’ सैन्य एवं अर्ध सैनिक बलों की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के साथ केवल भोपाल में ही इस ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्य सूचना आयुक्त श्री विजय यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला, महानिरीक्षक पुलिस श्री इरशाद वली, कमांडेंट सातवीं वाहनी श्री हितेश चौधरी सहित आर्मी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल के आगमन पर पुलिस ब्रास बैंड द्वारा स्वागत धुन प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात निरीक्षक श्री सुनील कटारे के नेतृत्व में आयोजित ब्रास बैंड कॉन्सर्ट में “वंदे-मातरम्” से आरंभ होकर, “मेरे देश की धरती”, “पंख होते तो उड़ आती रे”, “पल-पल दिल के पास”, “तेरी झलक अशर्फी”, “ये देश है वीर जवानों का”, “अजीब दास्तां है ये”, “ये शाम मस्तानी”, “संदेशे आते हैं”, “हे अपना दिल तो आवारा” की प्रस्तुति पुलिस बैंड द्वारा दी गई। सदाबहार और आधुनिक गीतों की लोकप्रिय धुनों के अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्र भक्ति फ्यूज़न की अंतिम प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से आयोजन स्थल उत्साह से भर उठा। मध्यांतर के बाद पुलिस और आर्मी बैंड की संयुक्त प्रस्तुति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। बैंड डिस्प्ले में मास्ड बैंड, आर्मी ब्रास बैंड और पुलिस ब्रास बैंड ने फेनफेयर, क्विक मार्च और स्लो मार्च पर सटीक तालमेल के साथ मार्च पास्ट किया। रिट्रीट से पूर्व मास्ड बैंड की ड्रम रोल प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समारोह के अंतिम चरण में उप निरीक्षक सुश्री सुनीति सिंह के नेतृत्व में महिला टुकड़ी ने ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज का अवरोहण किया। “सारे जहाँ से अच्छा” की मधुर धुन, राष्ट्रगान तथा रंगीन रोशनी और आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ।  

CJI की दो टूक: ऐसा हुआ तो सब पर केस बनेगा— सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनने से किया इनकार

नई दिल्ली देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई थी कि घरेलू कामगारों या घरेलू सहायकों को न्यूनतम मजदूरी पाने का मौलिक अधिकार है पेन थोजिलालारगल संगम और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने जैसे नीतिगत फैसले राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इस पर न्यायपालिका का हस्तक्षेप सीमित है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आशंका जताई कि यदि घरेलू कामगारों के लिए अनिवार्य न्यूनतम वेतन तय किया गया, तो इसके उलटे परिणाम हो सकते हैं। CJI ने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो हर घर मुकदमे में फंस जाएगा।” इसके आगे मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “न्यूनतम वेतन तय होते ही हर घर मुकदमेबाजी में फंस जाएगा। लोग घरेलू कामगार रखना ही बंद कर देंगे। ट्रेड यूनियनें हर घर को अदालत तक घसीटेंगी।” इसके साथ ही CJI ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई उद्योगों में ट्रेड यूनियनों के हस्तक्षेप के बाद रोजगार के अवसर घटे हैं और घरेलू कामगारों के मामले में भी ऐसा ही हो सकता है। मौलिक अधिकार की दलील पर कोर्ट ने जताई चिंता हालांकि, सुनवाई के दौरान पीठ ने माना कि यह तर्क आकर्षक लगता है कि न्यूनतम वेतन के बिना घरेलू कामगारों के समानता, गैर-भेदभाव और निष्पक्ष रोजगार से जुड़े अधिकार (अनुच्छेद 14, 15, 16) प्रभावित होते हैं, लेकिन कोर्ट ने आगाह किया कि अति-सक्रिय ट्रेड यूनियनें इन कामगारों को और बदतर हालात में छोड़ सकते हैं। CJI ने कहा, “कृपया इसके परिणामों पर विचार करें। ट्रेड यूनियनें अंत में इन्हें छोड़ देंगी और इनके पास कहीं जाने की जगह नहीं बचेगी।” एजेंसियों के शोषण पर भी सवाल बार एंड बेंच के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू कामगारों को रोजगार देने वाली एजेंसियों की भूमिका पर भी चिंता जताई। मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में भी पहले एजेंसियों के जरिए कामगार रखे गए थे। उन्होंने कहा, “हम एजेंसियों को 40,000 रुपये प्रति कर्मचारी देते थे, लेकिन उन गरीब लड़कियों को सिर्फ 19,000 रुपये मिलते थे। यही वजह है कि भरोसा टूटता है।” उन्होंने कहा कि कई आपराधिक घटनाएं भी तब सामने आती हैं, जब घरेलू कामगार एजेंसियों के माध्यम से रखे जाते हैं, न कि सीधे मानवीय संपर्क के आधार पर। याचिका पर अदालत का रुख अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता जिस तरह का आदेश चाहते हैं, उसके लिए कानून में संशोधन जरूरी होगा और ऐसा निर्देश देना न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा, “जब तक विधायिका से कानून बनाने को नहीं कहा जाता, तब तक कोई प्रभावी आदेश पारित नहीं किया जा सकता। ऐसा निर्देश देना इस अदालत के लिए उचित नहीं है।” हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यों को घरेलू कामगारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और शोषण रोकने के लिए उपयुक्त तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। क्या थी याचिका याचिका में मांग की गई थी कि घरेलू कामगारों को न्यूनतम वेतन का मौलिक अधिकार घोषित किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम या वेज कोड, 2019 से बाहर रखने को असंवैधानिक ठहराया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि सिंगापुर जैसे देशों में घरेलू कामगारों के लिए छुट्टी और अन्य अधिकार अनिवार्य हैं। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि घरेलू कामगारों के लिए कोई कल्याणकारी कानून नहीं हैं। उन्होंने असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय आर्थिक नीतियों के मामलों में बेहद सतर्क रहता है।

राज्य शिक्षा केन्द्र ने घोषित किए जिला स्तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड के परिणाम

1 से 20 फरवरी के बीच विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शी शिक्षकों को किया जाएगा सम्मानित भोपाल प्रदेश के समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 8 तक के विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, बौद्धिक विकास एवं शैक्षिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित शैक्षिक ओलम्पियाड के जिला स्तरीय परिणाम राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा घोषित कर दिए गए हैं। घोषित परिणामों के अनुसार प्रत्येक जिले से प्रत्येक विषय एवं प्रत्येक कक्षा से एक प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को जिला विजेता के रूप में चयनित किया गया है। जिला स्तर पर 1 से 20 फरवरी 2026 के बीच सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। विजेता विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शी शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में कुल 32 विद्यार्थियों को जिला स्तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड विजेता के रूप में सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शैक्षिक ओलम्पियाड के अंतर्गत जिला स्तर की परीक्षाएं दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2026 को प्रदेश के समस्त विकासखंडों पर आयोजित की गई थीं, जिनमें लगभग 2 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे।  

भारत बनेगा इस्लामिक देशों का कूटनीतिक मंच, 22 अरब राष्ट्र जुटेंगे—किन मुद्दों पर होगी बात?

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में इस सप्ताह के अंत में मुस्लिम देशों का जमावड़ा लगने जा रहा है। भारत आगामी शनिवार को राजधानी दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा जिसमें अरब लीग के सभी 22 अरब देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बता दें कि यह बैठक दस साल बाद हो रही है। वहीं यह बात भी अहम है कि यह पहली बार होगा जब भारत इस बैठक की मेजबानी करने जा रहा है।   जानकारी के मुताबिक अरब देशों के विदेश मंत्री, राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अरब लीग सचिवालय इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया है कि इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात मिलकर करेंगे। इसमें अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भी भाग लेंगे। वहीं बैठक से पहले शुक्रवार को भारत और अरब वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत भी होगी। एजेंडे में क्या? दोनों पक्षों की दूसरी बैठक दस सालों के अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक के दौरान मंत्रियों ने सहयोग के पांच प्राथमिक क्षेत्रों-अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति-की पहचान की थी और इन क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों का प्रस्ताव रखा था। वहीं शनिवार को होने वाली बैठक से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और भारत-अरब साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाने की अपेक्षा होगी। अरब लीग में पर्यवेक्षक की भूमिका में भारत गैरतलब है कि भारत 22 सदस्य देशों वाले पैन-अरब संगठन अरब लीग में पर्यवेक्षक की भूमिका में है। वहीं भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली सर्वोच्च संस्थागत व्यवस्था है। इस साझेदारी को मार्च 2002 में औपचारिक रूप दिया गया था जब भारत और अरब लीग के बीच संवाद प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग महासचिव अमर मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। 2013 में इसकी संरचनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इसमें संशोधन भी किया गया।  

कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की दिशा में आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 अहम कदम साबित होगा : मंत्री टेटवाल

आईटीआई संबद्धता मानदंड-2025 पर हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला नई दिल्ली, म.प्र. और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि हुए शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे सीधे रोजगार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना रोजगारोन्मुख कौशल विकास संभव नहीं है। नवीन आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इसी दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है, जो प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और उद्योग-उपयोगी बनाएगा। यह बात राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने ग्लोबल स्किल पार्क में आईटीआई संबद्धता-2025 पर आयोजित कार्यशाला में कही। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए संबद्धता मानदंडों से प्रशिक्षण प्रणाली में एकरूपता आएगी और संस्थानों के संचालन में स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कौशल प्रशिक्षण केवल संख्या तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उद्योग से प्रासंगिकता भी सुदृढ़ हो। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने राज्य संचालनालयों, शासकीय एवं निजी आईटीआई प्रबंधन तथा उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इन संबद्धता मानदंडों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर यह राज्य-स्तरीय कार्यशाला मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण बोर्ड द्वारा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नवीन संबद्धता मानदंडों की स्पष्ट, व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यशाला में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि संशोधित मानदंडों के माध्यम से आईटीआई संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। नए आईटीआई की स्थापना, ट्रेड एवं यूनिट की स्वीकृति, नवीनीकरण, निरीक्षण व्यवस्था और मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं स्पष्ट किया गया है, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलेगी। कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कौशल विकास को वास्तविक रोजगार से जोड़े जाने पर सार्थक संवाद हुआ। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इस समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनेंगे। कार्यशाला में केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (डीजीटी) नई दिल्ली, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, शासकीय एवं निजी आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत से जुड़े हितधारकों की सहभागिता रही। महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), नई दिल्ली के प्रतिनिधियों द्वारा संबद्धता मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें प्रक्रियाओं और प्रावधानों की चरणबद्ध रूप से जानकारी दी गई।  

एआई का उपयोग समस्या के समाधान के लिए करें विद्यार्थी: प्रभात मलिक

रायपुर. भारत बनेगा एआई में अग्रणी राष्ट्र: प्रो. ओ.पी. व्यास विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल इंडिया की प्रमुख पहलों से अवगत कराने के लिए आज यहाँ नवा रायपुर स्थित ट्रिपल आई.टी. के सभागार में एक दिवसीय डिजिटल इंडिया जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न हुई। यह कार्यशाला नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय भारत एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास, डायरेक्टर ट्रिपल आईटी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान युग में अत्यंत तीव्र गति से परिवर्तित टेक्नॉलॉजी के इस दौर में विद्यार्थियों को बदलती तकनीक से अवगत करना हमारे लिए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि एआई सिर्फ चौट-बॉट तक सीमित नहीं रहेगा भविष्य में एआई एजेंट विकसित हो रहा है जो कि स्वतः निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान प्रदान करेगा। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि वर्तमान में एआई का ज्यादातर उपयोग विकसित राष्ट्रों में किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत भारत एआई में अग्रणी राष्ट्र अवश्य बनेगा।  कार्यशाला को संबोधित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी   प्रभात मलिक ने कहा कि एआई का उपयोग अपने अध्ययन तक सीमित न करते हुए स्टार्टअप, इनोवेशन के लिए किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को अपने इनोवेशन स्किल से समस्या के समाधान नवीन उपाय मिले और नए तरीके से सोचने की क्षमता में वृद्धि हो। यह क्षमता अध्ययन उपरांत संबंधित इंडस्ट्रीज़ में सही फील्ड के चयन और प्रोफेशनल कैरियर के विकास में सहायता प्रदान करेगी।   प्रभात मलिक ने विद्यार्थियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि चिप्स में इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।  आईआईएसईआर डाटा साइंस सेंटर, मोहाली के सलाहकार   अतुल त्रिपाठी ने युवा इंजीनियर्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा देश को तकनीकी रुप से सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए नवीन सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि देश के डिफेंस सिस्टम मज़बूत बनाने के लिए नवीन प्रौद्योगिक के उपयोग द्वारा नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाएं।    उल्लेखनीय है कि यह कार्यशाला तीन सत्रों में आयोजित की गई। मुख्य अतिथि प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास और चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी   प्रभात मलिक के साथ-साथ ट्रिपल आईटी अकादमिक शाखा के डीन प्रोफेसर  निवास के. जी., चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी   मयंक अग्रवाल, एआई साइंटिस्ट   हर्षित कुमार, आईआईटी के डॉ. सौम्यजीत प्रमाणिक, चिप्स के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी   अनुपम आशीष टोप्पो और एन. ई. जी. डी. भारत सरकार के प्रतिनिधि डॉ. आशीष जायसवाल भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न तकनीकी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

WPL में आज बड़ा टकराव! MI vs GG मैच तय करेगा प्लेऑफ की किस्मत

वडोदरा मौजूदा चैंपियन और दो बार की विजेता मुंबई इंडियंस की टीम महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में शुक्रवार को जब गुजरात जॉइंट्स से भिड़ेगी तो दोनों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा। दोनों टीमें इस मैच में जीत हासिल कर प्लेऑफ में अपनी जगह सुरक्षित करने की कोशिश करेंगी। गुजरात जॉइंट्स फिलहाल 8 अंकों के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है और उसका नेट रन रेट -0.271 है। वह मुंबई इंडियंस (छह अंक, नेट रन रेट +0.146) और दिल्ली कैपिटल्स (छह अंक, नेट रन रेट -0.164) से दो अंक आगे है। GG बड़े अंतर से जीती तो प्लेऑफ क्या, सीधे फाइनल में पहुंचेगी गुजरात जॉइंट्स का भाग्य अब उसके अपने हाथों में है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली मुंबई इंडियंस पर जीत उसे डब्ल्यूपीएल प्लेऑफ में जगह दिला देगी, जबकि रिकॉर्ड अंतर से जीत उसे सीधे फाइनल में पहुंचा सकती है। अगर गुजरात जॉइंट्स हारी तो? हालांकि मामूली अंतर से मिली हार भी जॉइंट्स के अभियान को समाप्त कर सकती है। अगर गुजरात जॉइंट्स शुक्रवार को मुंबई इंडियंस से हार भी जाती है, तब भी उसके प्लेऑफ में पहुंचने की थोड़ी संभावना बनी रहेगी, लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब यूपी वॉरियर्स गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और फिर दिल्ली कैपिटल्स को हरा दे। गुजरात जॉइंट्स की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने पिछले सभी आठ मुकाबलों में हार चुकी है, जिससे कप्तान एशले गार्डनर का काम और भी मुश्किल हो गया है। उसकी टीम हार के इस सिलसिले को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध होगी लेकिन मुंबई इंडियंस भी अपना रिकॉर्ड और बेहतर करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। गुजरात जॉइंट्स की टीम फिलहाल लय में है। दिग्गज सोफी डिवाइन के शानदार प्रदर्शन से उसने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स को तीन रन से हराया था। मुंबई इंडियंस ने भी पिछले मैच में आरसीबी को 15 रन से पराजित किया था जिससे निश्चित तौर पर उसका मनोबल बढ़ा हुआ होगा। अगर मुंबई इंडियंस हारी तो? मुंबई इंडियंस की तरफ से पिछले मैच में नैट साइवर-ब्रंट ने इस प्रतियोगिता के इतिहास में पहला शतक बनाया था। उन्होंने हेली मैथ्यूज के साथ मिलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। मैथ्यूज ने गेंद से भी अपनी छाप छोड़ी और तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए। मुंबई इंडियंस को इन दोनों विदेशी खिलाड़ियों से फिर से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मुंबई इंडियंस के लिए यह सकारात्मक पहलू है कि जितनी भी टीम प्लेऑफ में जगह बनाने की दौड़ में उनमें उसका नेट रन रेट सबसे बेहतर है। ऐसे में अंक बराबर होने पर मुंबई इंडियंस को फायदा मिलेगा जबकि गुजरात जॉइंट्स हार जाने पर अगर मगर की कठिन डगर में चला जाएगा। अगर हरमनप्रीत की टीम गुजरात जॉइंट्स से हार जाती है, तो उसे उम्मीद करनी होगी कि दिल्ली अपने आखिरी लीग मैच में यूपी वॉरियर्स से हार जाए। ऐसे में नेट रन रेट मायने रखेगा। टीम इस प्रकार हैं गुजरात जॉइंट्स: एशले गार्डनर (कप्तान), डैनी व्याट-हॉज, बेथ मूनी (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, शिवानी सिंह (विकेटकीपर), कनिका आहूजा, सोफी डिवाइन, किम गार्थ, अनुष्का शर्मा, आयुषी सोनी, काशवी गौतम, राजेश्वरी गायकवाड़, जिन्तिमणि कलिता, तनुजा कंवर, रेणुका सिंह ठाकुर, जॉर्जिया वेयरहम। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), पूनम खेमनार, हेली मैथ्यूज, राहिला फिरदौस (विकेटकीपर), मिल्ली इलिंगवर्थ, अमनजोत कौर, अमेलिया केर, नैट साइवर-ब्रंट, सजीवन सजना, निकोला कैरी, संस्कृति गुप्ता, सैका इशाक, शबनीम इस्माइल, क्रांति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, त्रिवेणी वशिष्ठ। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

शहर विकास की मजबूत नींव: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और महापौर संजूदेवी राजपूत ने किया भूमिपूजन

रायपुर.  02 करोड़ से वार्ड क्र. 56 में बनेगा नाला, 38 लाख रू. से सरदार पटेल चौक का होगा सौंदर्यीकरण नगर निगम  कोरबा के वार्ड क्र. 56 लाटा में 02 करोड रूपये से नाला का निर्माण किया जाएगा, तो वहीं दूसरी ओर 38 लाख रूपये की लागत से सरदार वल्लभभाई पटेल चौक में सौंदर्यीकरण का कार्य होगा। आज प्रदेश के  उद्योग,, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री   लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके द्वारा किया गया।       नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा दर्री जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 56 में पी.एम.ए.वाई. साईट से लाटा तालाब तक 02 करोड रूपये की लागत से आर.सी.सी. नाला का निर्माण तथा वार्ड क्र. 58 में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल चैक में सौदर्यीकरण का कार्य 38 लाख रूपये की लागत से कराया जाना हैं। आज पृथक-पृथक आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रमों में उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन व महापौर  संजूदेवी राजपूत के द्वारा किया गया। इस मौके पर सभापति   नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड पार्षदगण व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।  प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक निर्णयों से बढ़ा देश का सम्मान  इस अवसर पर उद्योग मंत्री    देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी देश के हित में लिए गए अपने ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं, उनके निर्णयों से विश्वस्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है तथा विश्व मंे भारत की प्रतिष्ठा व विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है, उनके मार्गदर्शन में एक ओर जहाॅं देश के चहुमंुखी विकास को तेज गति मिली है, वहीं दूसरी ओर उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ो परिवार लाभांवित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री   देवंागन ने आगे कहा कि अपने सहज, सरल स्वभाव की छबि रखने वाले प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय की अगुवाई मंे छत्तीसगढ़ राज्य विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है, उन्होने कहा कि 15 वर्षो तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे डाॅ.रमन सिंह के द्वारा प्रारंभ कराई गई विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया था, अब इन योजनाओं को मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय के द्वारा पुनः प्रारंभ कराया गया है, साथ ही जनहित की नई योजनाएं क्रियान्वित कराई गई हैं, जिनसे प्रदेश के लाखों परिवार लाभांवित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री   देवांगन ने कहा कि जहाॅं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो यहाॅं पर निगम के सभी 67 वार्डो मंे बिना किसी भेदभाव के लगातार विकास कार्य जारी हैं, विगत 02 वर्षो के दौरान यहाॅं 800 करोड़ रूपये के विकास कार्यो को स्वीकृत दी जा चुकी है, जिसमें अनेक कार्य प्रगतिरत या पूर्णता की ओर है तथा बडे़ पैमाने पर विकास कार्य प्रारंभ भी कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री   देवंागन ने वार्ड क्र. 56 में सार्वजनिक मंच निर्माण की घोषणा एवं सी.सी. रोड निर्माण की घोषणा भी की।  कोरबा की विकास यात्रा ने पकड़ ली है रफ्तार  इस अवसर पर महापौर  संजूदेवी राजपूत ने अपने  उद्बोधन  मे कहा कि विगत कुछ वर्षेा से रूकी हुई कोरबा की विकास यात्रा अब रफ्तार पकड़ चुकी है, वार्ड व बस्तियों में निरंतर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, क्षेत्र की जनता जनार्दन की विकास संबंधी जो भी मांग या आवश्यकता सामने लाई जाती है, उस पर त्वरित कार्यवाही हो रही है, जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है, और मुझे खुशी है कि कोरबा की इस विकास यात्रा में प्रदेश के मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री   अरूण साव व उद्योग मंत्री तथा कोरबा के लोकप्रिय विधायक   लखनलाल देवांगन का पूरा-पूरा आशीर्वाद व मार्गदर्शन हम सबको प्राप्त हो रहा है।  जनता की उम्मीदों पर खरे उतर रहे उद्योग मंत्री व महापौर   इस अवसर पर सभापति   नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह हम सबके लिए गौरव का विषय है कि कोरबा की जनता ने जिस विश्वास व उम्मीद से उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन व महापौर   संजूदेवी राजपूत को अपना आशीर्वाद प्रदान किया था, उन पर अपना विश्वास दिखाया था, आज उद्योग मंत्री   देवांगन व महापौर   राजपूत जनता जनार्दन की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतर रहे हैं। उन्होने कहा कि मैं कामना करता हूॅं कि उद्योग मंत्री   देवांगन व महापौर    राजपूत को कोरबा की जनता का लगातार आशीर्वाद व स्नेह प्राप्त होता रहे।      भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान पार्षद  नरेन्द्र देवंगन के साथ ही वार्ड पार्षद विनम्र तिवारी,   सुखविन्दर कौर, एम.आई.सी.सदस्य फिरतराम साहू, पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, किशन केंवट, जनक राजपूत, मण्डल  अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व पार्षद राधेलाल यादव, बुधवारसाय यादव, कविता राजपूत, संजय कुर्मवंशी, रतन सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर साहू, पूर्व एल्डरमेन तुलसी ठाकुर, नारायण सिंह ठाकुर, लक्ष्य चतुर्वेदी, नरेन्द्र पाटनवार, अनिल यादव, राज जायसवाल, किशोर साहू, विजय मिर्री, भूपेन्द्र साहू, विजय अग्रवाल, प्रमोद शुक्ला, नीलम दुग्गल, नीलम शुक्ला, उषा ठाकुर, गजाधर यादव, राकेश राय, टेकलाल वर्मा, करीम शेख, ओम यादव, उमेश साहू, पूर्णिमा महंत, बंधन महंत, विनय कुमारी तिवारी, रमेश जादूगर, सुबोध सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।