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ट्रेन की होली स्पेशल अपडेट: छुट्टी से पहले यह खबर जरूर पढ़ें!

नई दिल्ली होली त्योहार से करीब दो महीने पहले ही रेल यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। नई दिल्ली से पटना, दरभंगा, जयनगर, प्रयागराज और रांची जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ने वाली ट्रेनों में टिकटों की तेज बुकिंग देखी जा रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और रिजर्व क्लास की अधिकांश सीटें भर चुकी हैं, जिससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, कई गाड़ियों में न तो कन्फर्म टिकट उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त वेटिंग टिकट। ऐसे में यात्रियों के पास अब RAC टिकट या फिर स्पेशल ट्रेनों का विकल्प ही बचा है। होली के मौके पर नौकरी और पढ़ाई के कारण दूसरे शहरों में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में अपने घर लौटते हैं, जिससे बिहार के प्रमुख रूटों पर हर साल भारी भीड़ देखी जाती है। कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर ये है बेहतर विकल्प! पटना, दरभंगा, सहरसा और मोकामा जैसे रूटों पर यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहती है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों के संचालन की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर नियमित रूप से ट्रेन उपलब्धता की जांच करें। आम तौर पर टिकट बुकिंग यात्रा तिथि से करीब 120 दिन पहले खुल जाती है। कन्फर्म टिकट नहीं मिलने की स्थिति में RAC टिकट एक बेहतर विकल्प हो सकता है, जिससे यात्रा की अनुमति मिल जाती है। रेलवे यात्रियों के लिए सुझाव रेलवे यात्रियों को यह भी सुझाव दे रहा है कि वे त्योहार स्पेशल ट्रेनों पर नजर रखें। इन ट्रेनों की जानकारी IRCTC के माध्यम से जारी की जाती है। वहीं, कोच चयन करते समय ध्यान रखने की सलाह दी गई है कि एसी कोचों में सीटें जल्दी भर जाती हैं, जबकि स्लीपर क्लास में टिकट मिलने की संभावना तुलनात्मक रूप से अधिक रहती है।  

केंद्रीय बजट में महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए समावेशी दृष्टिकोण : सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देना सरकार की संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल संरक्षण से जुड़ी पहलों को मजबूती मिलने से जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इससे न केवल महिलाओं की सामाजिक–आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ‘सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करेगा, साथ ही राज्यों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार केंद्रीय बजट के प्रावधानों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।  

सूरजकुंड मेले में उपराष्ट्रपति ने चखा गोहाना का जलेबा का स्वाद

फरीदाबाद. सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के पहले दिन ही गोहाना का जलेबा ने मेले की चौपाल पर मिठास भर दी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंच पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण को जलेबा का स्वाद लेने के लिए जलेबा परोसा। सीएम ने कहा कि इसकी मिठास अपनत्व का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जलेबा का स्वाद लेते हुए का कि यह मिठाई नहीं बल्कि हरियाणा की संस्कृति की पहचान और आत्मनिर्भरता की गौरव गाथा है। क्योंकि यह खास जलेबा सिर्फ इसी प्रदेश में मिल सकती है। उपराष्ट्रपति की इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलेबी हमारे प्रदेश की लोकसंस्कृति से भी जुड़ी है। मंच पर मौजूद पर्यटन मंत्री ने कहा कि जलेबा का स्वाद ही ऐसा हैं। जो इसको पूरे देश में खास बना देता हैं। सूरजकुंड मेला हर प्रोडेक्ट को लोकल टू ग्लोबल बना देता हैं। इस मेले में आकर ही गोहाना का जलेबा राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। गोहाना की जलेबी से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इस दौरान इजिप्ट के एंबेसडर कामिल जायद गलाल और डिप्टी एंबेसडर दालिया तांतवे ने भी जलेबा का स्वाद लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने इसे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।

विकास और जनकल्याण को समर्पित बजट : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट विकास और जनकल्याण को समर्पित है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का यह बजट देश के समग्र विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण, कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल है। बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से राज्यों को लाभ पहुँचाने का स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है, जिससे मध्यप्रदेश को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विकास में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री  सिलावट ने कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई, कृषि, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र सरकार का विशेष फोकस प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इससे जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। मंत्री  सिलावट ने प्रधानमंत्री  मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त करता है।  सिलावट ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से केंद्रीय बजट के प्रावधानों का मध्यप्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।  

नौकरियों की नई राह! बजट 2026 में पर्यटन सेक्टर को बूस्ट, 50 बड़े टूरिस्ट स्पॉट्स को बनाया जाएगा वर्ल्ड-क्लास

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए देश के विभिन्न वर्गों को कई सौगातें दीं, जिसमें रोजगार, शिक्षा, कृषि, और छोटे शहरों के विकास पर फोकस किया गया। बजट में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल के विकास और नए 5 पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की गई। रोजगारपरक विकास के लिए सरकार ने पर्यटन को लेकर गहन कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "महायान/वज्रयान परंपराओं का एक सभ्यतागत संगम है। जहां अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध परिपथों के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं। इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा व्याख्या केंद्र, संपर्क, और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी। दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एकीकृत पूर्वी तटीय औद्योगिक गलियारे का विकास होगा और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पर्यटन स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव है। साथ ही पूर्वोदय राज्यों में 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। मंदिरों और मठों के विकास के अलावा बजट में रोजगार प्रेरित विकास के लिए पर्यटन को भी महत्व दिया गया है, जिसमें देश में शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से चैलेंज मोड माध्यम से विकसित किया जाएगा। तीर्थ और पर्यटन स्थलों के होटलों की अवसंरचना को एचएमएल में शामिल किया जाएगा। पर्यटन स्थलों के साथ रोजगार के विकास के लिए होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण दिया जाएगा। युवाओं के लिए गहन कौशल विकास की शुरुआत होगी और आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, खासकर वे स्थान जो भगवान बुद्ध के जीवन काल से संबंधित हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ पर्यटक समूहों के लिए वीजा शुल्क छूट भी देने का प्रस्ताव है और ई-वीजा की सुविधाओं की शुरुआत का भी प्रस्ताव है।

भारत अंडर-19 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में पहुंचा

नई दिल्ली भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। पाकिस्तान को नॉकआउट में पहुंचने के लिए 253 रन का टारगेट 33.3 ओवर में हासिल करना था। टीम 167 तक ही पहुंच सकी। अब मैच जीतकर भी पाकिस्तान सेमीफाइनल से बाहर ही रहेगा। बुलवायो में रविवार को पहले बैटिंग करते हुए भारत ने 252 रन बनाए थे। पाकिस्तान ने 38 ओवर के बाद 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बना लिए हैं। हुजैफा अहसान (4 रन) और अब्दुल सुभान (1 रन) पिच पर मौजूद हैं। आयुष म्हात्रे ने फिफ्टी लगाने वाले उस्मान खान को LBW किया। उन्होंने अहमद हुसैन को भी पवेलियन भेजा। विहान मल्होत्रा ने अली हसन बलोच को कैच कराया। कप्तान फरहान यूसुफ 38 रन बनाकर आउट हुए, उन्हें आरएस अम्ब्रिश ने कैच कराया। हमजा जहूर 42 रन बनाकर आउट हुए, उन्हें कनिष्क चौहान ने बोल्ड किया। हेनिल पटेल ने समीर मिन्हास को चौथे ओवर में LBW कर दिया। वे 9 रन बनाकर आउट हुए। समीर ने ही एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ 172 रन बनाए थे। वेदांत त्रिवेदी ने 68 रन बनाकर टीम को 200 के करीब पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी 22 गेंद पर 30 रन ही बना सके। कप्तान आयुष म्हात्रे खाता भी नहीं खोल पाए। आखिर में कनिष्क चौहान और खिलन पटेल ने फिफ्टी पार्टनरशिप कर स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। पाकिस्तान से अब्दुल सुभान ने 3 और मोहम्मद सय्याम ने 2 विकेट लिए।

हरियाणा का राखीगढ़ी 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल

चंडीगढ़/हिसार. हरियाणा की धरती पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान राखीगढ़ी अब एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर है। केंद्रीय बजट में किए गए एलान के बाद राखीगढ़ी को देश के 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की सूची में शामिल करने की घोषणा हुई है। इस फैसले के साथ ही राखीगढ़ी केवल खुदाई और शोध का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि इसे संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आम लोगों से जोड़ने के लिए चयनित पुरातात्विक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी नीति के तहत हिसार जिले की राखीगढ़ी को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथ-वे, सूचना तंत्र और गाइड की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आने वाले लोग सभ्यता के अवशेषों के साथ उसका ऐतिहासिक संदर्भ भी समझ सकें। बजट से पहले भी बनी थी जमीन यह पहला मौका नहीं है जब बजट में राखीगढ़ी का जिक्र हुआ हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में पहले ही राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जा चुकी है। उस घोषणा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां खुदाई और संरक्षण के कार्यों को गति मिली, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को और मजबूती मिली है। इन बिंदुओं से समझें बजट के बाद राखीगढ़ी को मिलने वाली नई पहचान को – देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया जाएगा  – संरक्षित टूरिज्म साइट के रूप में विकास, पाथ-वे और गाइड की व्यवस्था – पहले से घोषित 500 करोड़ के आवंटन से संरक्षण और खुदाई को बल – सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा टूरिज्म के नजरिये से क्या बदलेगा बजट के बाद राखीगढ़ी में केवल खोदाई स्थल नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यटन ढांचा विकसित करने की योजना है। परिसर के भीतर पाथ-वे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। प्रशिक्षित गाइड नियुक्त किए जाएंगे, जो सभ्यता, खुदाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्राचीन जीवन-शैली को समझाने का प्रयास किया जाएगा। क्यों खास है राखीगढ़ी राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। यहां अब तक हजारों साल पुराने मानव कंकाल, मकानों की दीवारें, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें और जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिल चुके हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह नगर सुव्यवस्थित शहरी योजना और तकनीकी समझ के साथ विकसित हुआ था। नदी से नगर तक की कहानी इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली के किनारे बसा था। माना जाता है कि इसी नदी की सहायक धाराओं के सूखने के बाद इस नगर का पतन हुआ। खुदाई में मिले सूखे नदी-तल, कुएं और जल संरचनाएं इस थ्योरी को मजबूती देती हैं।

स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध राष्ट्र की पहचान, फिट इंडिया पर डॉ. मांडविया का बड़ा संदेश

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इंडियन नेवी हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री के 2047 तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष एक विकसित राष्ट्र के रूप में मनाए। यही संकल्प उन्होंने हम सभी को दिया है। इसके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि देश के नागरिक स्वस्थ रहें। नागरिकों को स्वस्थ रखने के लिए हम फिट इंडिया मूवमेंट चला रहे हैं। स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। इसी लक्ष्य को पाने के लिए हम फिट इंडिया मूवमेंट को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।” हाफ मैराथन की वजह से दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की थी। कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक को रेगुलेट किया गया था। एडवाइजरी के मुताबिक, तय रास्तों पर सुबह 4:45 बजे से 9 बजे तक ट्रैफिक मूवमेंट रेगुलेट की गई। इमरजेंसी गाड़ियों को बिना किसी रुकावट के जाने का निर्देश था। हाफ मैराथन की 21.01 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ अलग-अलग समय पर आयोजित की गई। 21.01 किमी की दौड़ सुबह 5.30 बजे, 10 किमी की दौड़ सुबह 6.30 बजे और 5 किमी की दौड़ सुबह 7.30 बजे शुरू हुई। सभी दौड़ों के रूट जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होकर लोधी रोड, लाला लाजपत राय मार्ग, मथुरा रोड, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और जनपथ जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरे और अंत में वापस स्टेडियम आकर समाप्त हुए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की थी कि वे प्रभावित सड़कों से यथासंभव बचें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से पहले से यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई थी। इंडियन नेवी हाफ मैराथन का आयोजन फिटनेस, स्वस्थ लाइफस्टाइल और सशस्त्र बलों और आम लोगों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।  

खेलकूद शारीरिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा को देते हैं बढ़ावा : प्रधान मुख्य वन संरक्षक अम्बाडे

आईएफएस मीट–2026 के अंतर्गत खेलकूद प्रतियोगिताएँ हुईं उत्साहपूर्वक भोपाल आईएफएस मीट–2026 में शनिवार 31 जनवरी 2026 को एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ। खेल प्रतियोगिताएँ अत्यंत उत्साहपूर्ण, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुईं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाडे ने कहा कि खेलकूद आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आपसी सौहार्द, सहयोग और संगठनात्मक एकता को भी सुदृढ़ करते हैं। श्री अम्बाडे ने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन एवं निष्पक्षता की शपथ दिलाई। खेलकूद कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती डॉ. कल्पना अम्बाडे द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शपथ के दौरान प्रतिभागियों ने पूर्ण ईमानदारी, अनुशासन एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने, सभी नियमों का पालन करने, निर्णायकों एवं आयोजकों का सम्मान करने तथा जीत–हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए आपसी सौहार्द, एकता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने का संकल्प लिया। खेल प्रतियोगिता में वॉलीबॉल, क्रिकेट, रस्साकशी, पतंगबाजी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें लेमन रेस, बोरा रेस, फ्रॉग रेस, म्यूजिकल चेयर, ट्रेजर हंट आदि शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों एवं उनके परिजन ने अत्यंत उत्साह एवं खेल भावना के साथ सहभागिता की। प्रतिभागियों के जोश और पारिवारिक सहभागिता ने पूरे आयोजन को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया। खेलकूद प्रतियोगिता में आईएफएस अधिकारी एवं उनके परिजन शामिल हुए  

सल्फास के साथ अब नहीं होगी हजारों लोगों की मौत!

चंडीगढ़. PGI के डॉक्टरों ने देश के सबसे खतरनाक जहरों में से एक माने जाने वाले सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) पॉइज़निंग के इलाज में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की इस अहम रिसर्च से इस जानलेवा जहर से पीड़ित मरीजों के बचने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। PGI की यह स्टडी देश की पहली ऐसी क्लिनिकल रिसर्च है, जिसमें यह साबित हुआ है कि इंट्रावीनस लिपिड इमल्शन (IV लिपिड) नाम की थेरेपी सल्फास जहर में जान बचाने में असरदार साबित हो सकती है। इस रिसर्च के नतीजे इंटरनेशनल जरनल मेडिकल एंड फार्माकोलॉजिकल साइंसेज के यूरोपियन रिव्यू  में प्रकाशित हुए हैं, जिससे PGI के इस काम को दुनिया भर में पहचान मिली है। सल्फास पॉइज़निंग, जो अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जहर है, खासकर उत्तर भारत के खेती वाले राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह ज़हर गलती या आत्महत्या के मामलों में बड़ी संख्या में मौतों के लिए ज़िम्मेदार रहा है। अब तक इसका कोई पक्का और असरदार इलाज नहीं था, जिससे मरीज़ों की हालत अक्सर बहुत गंभीर हो जाती थी। यह रिसर्च PGI के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में की गई जिसका मार्ग दर्शन प्रो. संजय जैन, इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रमुखी प्रो.संजय जैन ने की थी। इस अध्यन की अगुवाई एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. मंदीप सिंह भाटिया ने की थी जबकि डॉ. सौरभ चंद्रभान शारदा को-इन्वेस्टिगेटर थे। रिसर्च को PGI के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेल से फंडिंग मिली, जो इंस्टीट्यूशन के रिसर्च और इनोवेशन के लिए मज़बूत वचनबद्धता को दिखाता है। नई उम्मीद, आने वाले समय में बचा सकती है हज़ारों जानें  रिसर्च में पता चला है कि जिन मरीज़ों को नॉर्मल इलाज के साथ  आई.वी. लिपिड थेरेपी दी गई, उनमें मौत का खतरा काफी कम हो गया। इसके अलावा, मरीज़ों में खून की गंभीर एसिडिटी जल्दी ठीक हो गई, ब्लड प्रेशर बेहतर कंट्रोल में आ गया और दिल से जुड़ी दिक्कतों में भी सुधार देखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह थेरेपी समय पर दी जाए, तो मरीज़ की हालत को बिगड़ने से रोका जा सकता है।