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मृणाल ठाकुर ने खोला राज़: वैलेंटाइन डे पर होगी शादी, धनुष के साथ बनेगी नई शुरुआत

मुंबई  बॉलीवुड गलियारों में धनुष और मृणाल ठाकुर के रोमांस के चर्चे हैं. सिर्फ रोमांस ही नहीं, अब तो ये भी कहा जाने लगा कि दोनों शादी कर रहे हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि धनुष और मृणाल 14 फरवरी को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. अब एक्ट्रेस की शादी का सच खुद उन्हीं की जुबानी पता चल गया है. जानते हैं कि शादी की बातों में कितनी सच्चाई है.  धनुष से शादी करेंगी मृणाल? मृणाल ठाकुर कई दफा धनुष संग रिश्ते को लेकर सफाई दे चुकी हैं. पर इस बार लोगों ने उनकी शादी ही फिक्स करा दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो सच में वैलेंनटाइन डे (14 फरवरी) को धनुष से शादी कर रही हैं? ABP संग बातचीत में एक्ट्रेस ने शादी की खबरों का सच बताया है. उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने इनवाइट ही नहीं किया.  एक्ट्रेस से कहा गया कि सोशल मीडिया पर वेडिंग डेट भी आ गई है. वो कहती हैं कि आ गई? मुझे किसी ने इनवाइट ही नहीं किया. मुझे भी बुला लेते. मृणाल से पूछा गया कि अपनी शादी की खबरें आप देख रही होंगी, बताइए कि देखा है या नहीं? इस पर वो कहती हैं कि हां देखा है. ये सब देखकर हंसती भी हूं और उन लोगों को शुक्रिया कहना चाहूंगी, जो लोग मेरा फ्री का पीआर कर रहे हैं. पर वो वैसा नहीं है, जैसा आप समझ रहे हैं. 14 फरवरी को आप खुद ही देख लीजिएगा.  एक्ट्रेस से पूछा गया कि आपको मोहब्बत है या नहीं. इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि वो पर्सनल सवाल है. उन्होंने कहा कि नहीं है यार… मेरी शादी का न्योता श्रीगणेश और ऑडियंस को सबसे पहले जाएगा.  इन स्टार्स संग भी जुड़ चुका है नाम  ये पहला मौका नहीं है जब मृणाल की शादी की चर्चा हो रही है. इससे पहले बादशाह, शरद त्रिपाठी, अर्जित तनेजा, कुशाल टंडन और सिद्धांत चतुर्वेदी संग भी उनका नाम जोड़ा चुका है. यही नहीं, कुछ महीने पहले उन्हें क्रिकेटर श्रेयस अय्यर संग भी लिंकअप किया जा रहा था. लेकिन हर बार उनके लिंकअप की खबरें अफवाह निकलीं.  अब देखते हैं कि 14 फरवरी को मृणाल, धनुष की दुल्हन बनेंगी या ये भी अफवाह होगी. वर्कफ्रंट की बात करें, तो मृणाल, सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ 'दो दीवाने सहर में' में नजर आएंगी. फिल्म 20 फरवरी को रिलीज हो रही है. 

अरावली की गोद में सोना समेत दुर्लभ खनिज मिलने के दिखे संकेत

उदयपुर. अरावली की गोद में छिपा खजाना अब सामने आने को है। उदयपुर-सिरोही-आबूरोड से जुड़ी अंबाजी (गुजरात) की पर्वत श्रृंखला में 100 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडार होने का आकलन किया गया है। कॉपर, गोल्ड, लेड, जिंक और सिल्वर जैसे कीमती खनिजों की मौजूदगी ने क्षेत्र को देश के बड़े माइनिंग हॉटस्पॉट के रूप में उभारा है। इसी संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जीएमडीसी) ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के भू-विज्ञान विभाग के साथ रिसर्च और कंसलटेंसी का एमओयू किया है। दो साल के इस करार के तहत अंबाजी क्षेत्र में खनिज खोज और माइनिंग की कवायद शुरू की है। भू-विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों की देखरेख में 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की योजना बनाई गई है। इसमें पहले चरण में करीब 140 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इस परियोजना के लिए जीएमडीसी ने एक विशेष सोसायटी गठित कर उदयपुर के वैज्ञानिकों को खनिजों की खोज और उनके फैलाव के वैज्ञानिक आकलन की जिम्मेदारी सौंपी है। विशेषज्ञों की टीम संभालेगी कमान इस परियोजना का नेतृत्व भू-विज्ञान विभाग के रिटायर्ड प्रो. हर्ष भू और प्रो. रितेश पुरोहित कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में डॉ. हरीश कपासिया, डॉ. निरंजन मोहंती, डॉ. टी.के. बिनवाल और प्रो. के.के. शर्मा की टीम काम कर रही है। शोध कार्य के लिए विभाग की अत्याधुनिक लैब का उपयोग किया जाएगा, वहीं भू विज्ञान विभाग के ही 7 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट देकर उन्हें सीधे रिसर्च से जोड़ा गया है। प्रकृति और आस्था रहेगी सुरक्षित खनन को लेकर पर्यावरणीय चिंताओं पर प्रो. रितेश पुरोहित ने कहा कि अंबाजी क्षेत्र पहाड़ों, जंगलों और मंदिरों से घिरा हुआ है, इसलिए प्रकृति से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। ज्यादातर खनन कार्य अंडरग्राउंड होगा, जिससे पहाड़ और वन क्षेत्र सुरक्षित रहेंगे। राजस्थान के लिए भी खुलेंगे नए द्वार भू-विज्ञान वैज्ञानिकों का मानना है कि अंबाजी की पर्वत श्रृंखला राजस्थान के सिरोही समेत कई जिलों से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां दुर्लभ खनिजों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। अरावली की चट्टानों में छिपे इस खजाने की वैज्ञानिक खोज न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि सुरक्षित और संतुलित माइनिंग का नया मॉडल भी पेश कर सकती है।

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध शराब कारोबार पर कड़ा प्रहार

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध निरंतर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। श्योपुर एवं कटनी जिलों में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई कर 67 लाख 34 हजार रूपये की शराब एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। श्योपुर जिले में की गई कार्रवाई के तहत थाना देहात पुलिस ने राजस्थान–श्योपुर सीमा क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक से अंग्रेजी शराब की 635 पेटियां, कुल 4863 बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई, जिसे ट्रक सहित जब्‍त किया गया। जब्‍त की गई शराब और ट्रक की अनुमानित कीमत 58 लाख 90 हजार रूपए है। प्रकरण में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कटनी जिले में मुखबिर से सूचना प्राप्‍त हुई कि एक कार से कुछ व्‍यक्ति अवैध शराब लेकर कटनी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम देवरी टोला पर वाहन चेकिंग लगाई। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक द्वारा वाहन को तेज गति से बायपास रोड मैहर की ओर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर आरोपी वाहन को खड़ा करके फरार हो गए। मौके पर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें देशी मदिरा की 24 पेटियां, कुल 216बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई। जिसे कार सहित (अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 44 हजाररूपए), जब्‍त किया गया। विवेचना के दौरान 01 आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दोनों मामलों में अवैध शराब की आपूर्ति एवं परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।  

मुख्य सचिव ने रेल परियोजनाओं की समीक्षा की

रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में स्थित रेल परियोजनाओं संबंधी समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं के कार्यों की गति, नई रेल्वे लाईनों के कार्यों की स्थिति, सहित परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और फारेस्ट क्लीयरेंस, सर्वे, मुआवजा अवार्ड, जमीन के बदले जमीन, नामांतरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि जहां पर रेल परियोजनाएं हैं वहां अपने स्तर पर रेल्वे परियोजनाओं के लिए जरूरी कार्यवाही शीघ्रता से पूर्ण करें, जिससे रेल्वे अपनी के काम की शुरूआत कर सकें। इसी तरह से सीएसईबी द्वारा विद्युत उपयोगिताओं के स्थानांतरण हेतु संयुक्त सर्वें एवं स्टीमेट के कार्यों में तेजी लाने कहा गया है।  बैठक में जिला मनेन्द्रगढ़ एवं सूरजपुर के अंतर्गत बोरीढांड रेल्वे लाईन दोहरीकरण, बिलासपुर-दाधापारा-बिल्हा-दागोरी चौथी लाईन परियोजना, कोरबा-बलौदा-राजनांदगांव परियोजना, निपनिया-भाटापारा चौथी लाईन सहित रावघाट-जगदलपुर नई सिंगल लाईन सहित राज्य की अन्य रेल परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से चर्चा की गई। सामान्य प्रशासन विभाग एवं रेल परियोजनाओं के सचिव रजत कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित रेल्वे, वन विभाग, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर जिले के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम शामिल हुए।

धनबाद मेयर चुनाव के लिए भाजपा ने घोषित किया प्रत्याशी

धनबाद. धनबाद नगर निगम में मेयर चुनाव को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना गया है। वैसे कई भाजपा समर्थक दावेदार हैं। 4 फरवरी की शाम तक दावेदारों का सारा खुलासा हो जाएगा। उसके बाद मान-मनौवल का काम भाजपा की ओर से शुरू किया जाएगा। इससे पहले धनबाद नगर निगम के लिए भाजपा की ओर से संजीव अग्रवाल के नाम की घोषणा हो चुकी है। चिरकुंडा में नेता की पत्नी को समर्थन  चिरकुंडा नगर पंचायत के लिए भी पूर्व नगर पंचयात अध्यक्ष डब्ल्यु बाउरी की पत्नी बर्नाली बाउरी को अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है। यहां भी स्थिति धनबाद नगर निगम के दावेदारी की तरह है। आगामी फरवरी 2026 के चुनावों को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर रणनीति और कमान संभालने की तैयारी तेज है। धनबाद में प्रतिष्ठा की जंग धनबाद नगर निगम चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपनी बिसात बिछा दी है। इसे केवल एक स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि पार्टी के लिए प्रतिष्ठा की जंग माना जा रहा है। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और प्रमंडलीय प्रभारी इस चुनाव की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। पार्टी ने धनबाद क्षेत्र के लिए विधायक राज सिन्हा, और पूर्व मंत्री अमर बाउरी, बिरंची नारायण जैसे दिग्गजों की एक रायशुमारी समिति बनाई है, ताकि कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनाव में काम किया जा सके। नामांकन में शामिल होंगे प्रदेश अध्यक्ष सहित कई दिग्गज धनबाद नगर निगम व चिरकुंडा नगर पंचायत के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी चार फरवरी को नामांकन का समय तय किया गया है। इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित भाजपा के कई बड़े नेता शामिल होंगे। साथ ही वैसे लोगों के लिए भी प्रतिष्ठा दांव पर है कि वे परिवार वाद के नामांकन में शामिल होते हैं या फिर अपनी दावेदारी वापसी करते है। इसमें सांसद ढुल्लू महतो की पत्नी सावित्री देवी, झरिया विधायक रागनी सिंह की पति व पूर्व विधायक संजीव सिंह को लेकर भी धनबाद की जनता देख रही है। 4 फरवरी को दाखिल करेंगे नामांकन  इधर भाजपा धनबाद महानगर जिला मंत्री सह मीडिया प्रभारी पंकज सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी धनबाद नगर निगम चुनाव में मेयर पद के भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव अग्रवाल आगामी 4 फरवरी 2026 (मंगलवार) को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे। पंकज सिन्हा की अपील पंकज सिन्हा ने कहा कि धनबाद नगर निगम चुनाव में जनता का व्यापक समर्थन भाजपा समर्थित प्रत्याशी श्री संजीव अग्रवाल जी को मिल रहा है। उनके नेतृत्व में धनबाद में विकास, स्वच्छता, पारदर्शिता एवं जनकल्याण को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान—कौशल उन्नयन से ही युवा बनेंगे आत्मनिर्भर

रायपुर. कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। साय ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, इन उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले का आयोजन करें। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव विकासशील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक हेतु विकसित ज्तंपदमम थ्ममकइंबा मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (वीटीपी) एवं 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से आईटीआई के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की हिस्सेदारी न्यूनतम 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग सचिव रजत कुमार, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरूण अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया: 7 फरवरी से समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीकरण शुरू

7 फरवरी से शुरू होगा समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होगा। किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान-पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन के लिए नहीं रखा जायेगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक का नाम खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए ताकि किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

शिवराज सिंह चौहान को बड़ी कानूनी राहत, विवेक तन्खा के साथ समझौते से खत्म हुआ मानहानि मामला

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट में राहत मिल गई है. शिवराज चौहान के खिलाफ मानहानि के मामले वापस लिए जाएंगे. यानी कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा चौहान के खिलाफ मानहानि के मुकदमे वापस लेंगे. तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मुद्दे पर उनका चौहान से समझौता हो गया है. इसके तहत वो शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आपराधिक मानहानि व सिविल सूट वापस ले रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निस्तारण कर सुनवाई बंद कर दी. कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान समेत तीन बीजेपी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.  इसी मुकदमे को रद्द कराने की मांग को लेकर शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज  समेत तीनों नेताओं को निचली अदालत मे पेशी से छूट दे दी थी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इनकी गुहार ठुकराते हुए पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान के अलावा वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. तन्खा का आरोप है कि इन तीनों नेताओं ने मीडिया मे उनके खिलाफ बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेक तंखा ने स्पष्ट किया कि उनका चौहान के साथ समझौता हो गया है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निस्तारण कर दिया. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कार्यवाही इससे पहले, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि: इस चरण पर शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सामग्री को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, IPC की धारा 499 के तहत सद्भावना और सार्वजनिक हित जैसे अपवादों से जुड़े प्रश्नों का निर्णय ट्रायल के दौरान ही हो सकता है, मजिस्ट्रेट को संज्ञान के स्तर पर केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इसके बाद, 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी जमानती वारंट से शिवराज सिंह चौहान को राहत दी थी, बशर्ते वे कार्यवाही में सहयोग करें। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली चौहान की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था, जिसमें हाईकोर्ट ने शिकायत को रद्द करने से इनकार किया था। अब, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के चलते, सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया और आपराधिक मानहानि मामले से जुड़ी कार्यवाही समाप्त हो गई।

दिल दहला देने वाला मामला: रायसेन में युवती की हत्या, ग्रामीणों की पिटाई के बाद आरोपी की मौत

रायसेन  रायसेन जिले में एक युवती से कथित तौर पर दुष्कर्म के प्रयास में विफल रहने के बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी. घटना के चंद घंटों बाद ही आरोपी युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद किया गया. इसके बाद यह मामला उलझ गया, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.  जानकारी के अनुसार, यह घटना रायसेन जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सुल्तानपुर थानांतर्गत भरतीपुर गांव में सोमवार 2 फरवरी 2026 को हुई. सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि 20 वर्षीय शिवानी रोजाना की तरह अपने पिता को खाना देने खेत पर जा रही थी. इस दौरान 25 वर्षीय आरोपी प्रकाश सिंह भिलाडा ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की.  उन्होंने बताया कि युवती के विरोध करने पर आरोपी प्रकाश ने ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया. युवती की हत्या की खबर मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में गुस्साए लोग आरोपी की तलाश करने लगे.  पुलिस ने भी आरोपी की तलाश शुरू की, इसी बीच शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी का शव घोघरा नदी के पास बरामद किया गया.  भाई के लिए खाना लेकर निकली थी युवती पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवती सोमवार दोपहर अपने भाई के लिए खेत पर खाना लेकर घर से निकली थी। रास्ते में गांव का ही प्रकाश सिंह भिलाड़ा उसे मिला, जिसने उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। जबरदस्ती की कोशिश, विरोध पर हमला युवती ने इसका कड़ा विरोध किया तो आरोपी ने धारदार हथियार बका से उसके जबड़े और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से पीड़िता की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद आरोपी लड़की को घसीटते हुए खेत के अंदर ले गया। मौके पर युवती के शरीर के निचले कपड़े नहीं थे, जिससे उसके साथ रेप की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच कर रही है। आरोपी मौके से फरार, ग्रामीणों ने पकड़ लिया वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी की तलाश में निकल पड़े और कुछ ही दूरी पर कमरोरा क्षेत्र की घोघरा नदी के पास आरोपी घायल हालत में मिला। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घायल हालत में अस्पताल भिजवाया गया। इलाज के दौरान आरोपी की भी मौत अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात आरोपी युवक प्रकाश सिंह भिलाड़ा ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि मृतक युवती और आरोपी युवक के घर आमने-सामने स्थित हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने इस मामले में युवती के परिजन की ओर से हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं आरोपी युवक की मौत के मामले में भी परिजन की शिकायत पर अलग से जांच की जा रही है। 6 लोग हिरासत में, पुलिस पूछताछ कर रही पुलिस ने घटना से जुड़े मामले में 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनता देख पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों के घर आमने-सामने, पहले से पहचान थी बताया जा रहा है युवती कुछ साल पहले बाड़ी में रहकर पढ़ाई करती थी। इस दौरान युवक के संपर्क में आई थी। दोनों के घर भी आमने-सामने हैं। गांव में पुलिस बल तैनात  सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया है. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी युवक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.  

मंत्री सारंग बोले—विकसित भारत की नींव हैं युवा

भोपाल. सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को एक निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा संवाद- बजट 2026 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होकर युवाओं से संवाद किया। मंत्रीसारंग ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं केंद्रीय बजट वर्ष 2026–27 के प्रमुख प्रावधानों, सरकार की दूरदृष्टि और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंत्री सारंग ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला है। इसमें 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। यह बजट GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है जो युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला, किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला तथा मध्यम और गरीब वर्ग को सशक्त करने वाला है। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्षश्याम टेलर, जिला अध्यक्षरविंद्र यति, जेएलयू के वॉइस चांसलर डॉ. विवेक खरे सहित बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। युवाओं के लिए अवसर सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। बजट 2026 में विशेष रूप से युवाओं की सहभागिता और नेतृत्व को केंद्रित किया गया है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन है। यही कारण है कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। यह बजट इसी स्पष्ट नीयत का प्रमाण है, जहां हर योजना, हर निवेश और हर सुधार के केंद्र में महिला की गरिमा, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को रखा गया है। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना और हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट है। यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित है बल्कि गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए भी केंद्रित है। केंद्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावकारी बजट प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि इस बजट को एक सशक्त भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस बजट की भावना को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं।