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गुप्तारघाट पर रावण वध, हनुमान व जटायु स्टेच्यू तैयार

अयोध्या  अयोध्या में गुप्तारघाट का वैभव पुनः लौट रहा है। पर्यटन विकास तेजी से हो रहा है। योगी सरकार की रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप आने वाले दिनों में गुप्तारघाट का हर एक नजारा त्रेता युग को जोड़ता दिखेगा। क्योंकि सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल इस महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पर तीसरे चरण का विकास कार्य अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। विशेष रूप से यहां बन रहा ओपन एयर थियेटर संभवतः होली तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस थियेटर के साथ रावण वध, हनुमान और जटायु की भव्य मूर्तियां भी तैयार हो चुकी हैं, जो रामायण की भावना को जीवंत रूप से दर्शाएंगी। गुप्तारघाट ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि भगवान श्री राम ने इसी घाट से जल समाधि ली थी और यहां अंतिम बार सरयू नदी में प्रवेश किया था। राम भक्तों के लिए यह स्थान आस्था का केंद्र है। योगी सरकार ने इसे विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। पहले दो चरणों में बड़े पैमाने पर विकास हो चुका है, जिसमें घाट का सौंदर्यीकरण, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं, आधुनिक पार्क, योग-ध्यान केंद्र आदि शामिल हैं। अब तीसरे चरण में कुल 1833.63 लाख रुपये (लगभग 18.34 करोड़) की लागत से अंतिम छोर का काम चल रहा है। जानिए, क्या क्या बन रहा है तीसरे चरण में तीसरे चरण में मुख्य रूप से पार्किंग क्षेत्र, पाथवे, टिकट घर, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, किचन के फिनिशिंग कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही इंटरप्रिटेशन सेंटर, अन्य स्ट्रक्चरल म्यूरल्स (भित्ति चित्र), बाउंड्री वॉल का काम भी तेजी से चल रहा है। सबसे आकर्षक हिस्सा ओपन एयर थियेटर है, जहां फिनिशिंग, विद्युतीकरण और हॉर्टिकल्चर का कार्य जारी है। इस थियेटर में रामायण से जुड़े नाटक, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रामलीला जैसे आयोजन होंगे। यहां रावण वध का दृश्य, हनुमान जी की विशाल प्रतिमा और जटायु की मूर्ति पर्यटकों को राम कथा की याद दिलाएंगी। ये मूर्तियां पहले से ही तैयार हैं और थियेटर के परिसर में स्थापित की जा रही हैं। मनोरंजन का प्रमुख केंद्र भी बनेगा गुप्तारघाट आगामी दिनों में गुप्तारघाट न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र बन जाएगा। योगी सरकार का फोकस अयोध्या को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने पर है। राम मंदिर के बाद गुप्तारघाट का यह विकास राम नगरी की चमक को और बढ़ाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु सरयू के किनारे शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। ओपन एयर थियेटर से शाम के समय रामायण आधारित प्रदर्शन देखना एक अनोखा अनुभव होगा। फरवरी में परियोजना पूरा करने का लक्ष्य यह परियोजना पर्यटन विभाग की है। यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड इस परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है। अयोध्या परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अब तक 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना में कुछ विलंब हुआ है, क्योंकि कार्यों में बढ़ोतरी की गई। मूल लक्ष्य से दो महीने पीछे चल रही यह परियोजना अब फरवरी 2026 में पूरी हो जाएगी। होली के आसपास या होली तक (मार्च 2026) यह ओपन एयर थियेटर और पूरा परिसर श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

7 साल बाद रिया चक्रवर्ती की वापसी, सुशांत केस के बाद लगे इंडस्ट्री बायकॉट के बाद नया अध्याय

मुंबई  सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी, लेकिन अब एक्ट्रेस एक्टिंग में धमाकेदार कमबैक करने को तैयार हैं. मंगलवार शाम मुंबई में 'नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स' इवेंट में ऐलान हुआ. रिया नेटफ्लिक्स की सीरीज 'फैमिली बिजनेस' एक्टिंग की दुनिया में वापसी कर रही हैं. इसमें अनिल कपूर और विजय वर्मा भी लीड रोल में हैं. 7 साल बाद रिया का कमबैक रिया ने इंस्टाग्राम पर शो का टीजर शेयर किया है. टीजर के कैप्शन में लिखा है- नया खून पुराने पैसों से मिला. जब इतनी ताकत दांव पर हो, तो फैमिली और बिजनेस की लाइनें धुंधली पड़ जाती हैं. देखिए फैमिली बिजनेस, जल्द आ रही है, सिर्फ नेटफ्लिक्स पर. एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर टीजर शेयर करते हुए लिखा कि 7 साल बाद. उन्होंने कैप्शन के साथ हाथ जोड़ने वाला इमोजी भी बनाया.  फैन्स ने किया रिएक्ट  रिया चक्रवर्ती के कमबैक को लेकर फैन्स को एक्साइटेड हो उठे हैं. एक्ट्रेस के चाहने वालों ने वीडियो पर कमेंट करके खुशी जाहिर की है. एक यूजर ने उनके पोस्ट पर कमेंट किया, देर आए दुरुस्त आए. दूसरे ने लिखा, रिया को स्क्रीन पर वापस देखकर बहुत खुशी हुई. वो इस कमबैक की हकदार हैं. अन्य ने कहा कि इंतजार नहीं हो रहा. एक फैन ने कहा कि रिया की जर्नी हिम्मत की मिसाल है. उन्हें सिर्फ सम्मान नहीं, माफी भी मिलनी चाहिए.  जब विवादों में आईं रिया  2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया की जिंदगी में बड़ा भूचाल आ गया था. सितंबर 2020 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उनके व्हाट्सएप पर ड्रग पेडलर्स के चैट्स मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन लंबे समय तक ट्रैवल पर पाबंदी रही. उन्हें इंडस्ट्री ने भी बायकॉट कर दिया था. एक्ट्रेस से प्रोजेक्ट्स छीन लिए गए थे.  2025 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में रिया को सभी आरोपों से क्लीन चिट दे दी, जिससे इस चैप्टर का आधिकारिक अंत हुआ. ये सब उनके लिए बहुत बड़ा झटका था.  तमाम ताने और आरोपों से गुजरने के बाद रिया एक्टिंग से धमाल मचाने के लिए तैयार हैं. 

गणना कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 10 हजार नागरिकों द्वारा लिया गया भाग

लखनऊ.  योगी सरकार की ओर से वन व वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में बढ़ाया गया कदम कारगर साबित हो रहा है। सरकार के प्रयासों का असर है कि उत्तर प्रदेश में साल दर साल राज्य पक्षी सारस का कुनबा बढ़ता जा रहा है। राज्य में प्रतिवर्ष दो बार (ग्रीष्मकालीन/शीतकालीन) सारस की गणना की जाती है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई शीतकालीन गणना में कुल 20,628 सारस पाए गए। पिछले वर्ष हुई गणना में प्रदेश में सारसों की संख्या 19,994 थी। राज्यव्यापी गणना में इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस मिले। 10 वन प्रभागों में यह संख्या 500 से अधिक रही। प्रदेश में शीतकालीन गणना कार्यक्रम में 10 हजार नागरिकों द्वारा भाग लिया गया। साल दर साल बढ़ रही सारस की संख्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पशु-पक्षी व पर्यावरण प्रेम जगजाहिर है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने विभाग को राज्य पक्षी सारस के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। 2023 में प्रदेश में 19,196 सारस मिले। 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 19,994 हो गई। अब इस शीतकालीन सत्र में प्रदेश में कुल सारसों की संख्या 20,628 दर्ज की गई है।  इटावा वन प्रभाग में मिले सर्वाधिक 3304 सारस, 10 प्रभागों में यह संख्या 500 से ऊपर रही  सारस की शीतकालीन गणना में 10 प्रभागों में इनकी संख्या 500 से ऊपर रही। इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3304 सारस पाए गए। मैनपुरी में 2899, औरैया में 1283, शाहजहांपुर में 1078, गोरखपुर में 950, कन्नौज में 826, कानपुर देहात में 777, हरदोई में 752, सिद्धार्थनगर में 736 तथा संतकबीर नगर वन प्रभाग में 701 सारस पाए गए।  29 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 100 से 500 तक रही 29 वन प्रभागों में सारस की संख्या 100 से 500 के बीच रही। रायबरेली वन प्रभाग में 480, सीतापुर में 452, उन्नाव में 385, बरेली में 380, सोहगीबरवा में 378, बाराबंकी में 345,  बांदा में 270, फिरोजाबाद में 258, बस्ती में 224, अमेठी में 181, अलीगढ़ में 177, बिजनौर में 174, गौतमबुद्धनगर में 169, दक्षिण खीरी में 168, रा.चंबल में 167, सुल्तानपुर में 162, कानपुर में 156, बहराइच व फर्रुखाबाद में 150-150, मथुरा में 135, कासगंज में 128, फतेहपुर में 127, एटा में 119, बदायूं में 115, श्रावस्ती में 109, गोंडा में 108, चित्रकूट में 106 व देवरिया वन प्रभाग के अंतर्गत 105 सारस पाए गए। 29 वन प्रभागों में 100 से कम सारस मिले राज्य में 29 वन प्रभाग ऐसे भी रहे, जहां शीतकालीन गणना में 100 से कम सारस मिले। पीलीभीत सामाजिक वानिकी में 98, हमीरपुर में 95, सोहेलवा में 88, अयोध्या में 82, कुशीनगर में 64, हाथरस में 62, अंबेडकर नगर में 59, मेरठ में 51, मुरादाबाद में 50, उत्तर खीरी में 46, बुलंदशहर में 42, कौशांबी में 40, ललितपुर में 39, अवध में 38, मुजफ्फरनगर में 32, प्रतापगढ़ में 31, कतर्नियाघाट में 28, महोबा व संभल में 25-25, आगरा में 24, नजीबाबाद में 18, उरई में 15, प्रयागराज में 14, आजमगढ़ में 12, जौनपुर में 8, मऊ में 6, पलिया में 5, रामपुर में 4 व हापुड़ में दो सारस मिले। वर्जन  उत्तर प्रदेश में सारस की ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन, दो बार गणना होती है। हाल में ही संपन्न शीतकालीन गणना में राज्य पक्षी की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मिली है। गणना से पहले वन विभाग कर्मियों द्वारा सारस बाहुल्य प्राकृतवास का सर्वेक्षण कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।   अनुराधा वेमुरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), यूपी

CM नीतीश के काफिले में सेफ्टी बढ़ाने शामिल होंगी हाईटेक एसयूवी

पटना. अब तक सादगी भरी जीवनशैली और सीमित सुविधाओं वाली गाड़ियों के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही रेंज रोवर जैसी लग्जरी और हाई-एंड एसयूवी में सफर करेंगे। यह बदलाव स्टाइल या शौक नहीं, बल्कि सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप लिया गया प्रशासनिक फैसला बताया जा रहा है। बिहार सरकार मुख्यमंत्री के काफिले के लिए चार नई रेंज रोवर गाड़ियां शामिल करने की तैयारी में है। 2.5 करोड़ की रेंज रोवर क्यों बनी पसंद सूत्रों के मुताबिक, एक रेंज रोवर की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से अधिक होगी। रेंज रोवर को दुनिया की सबसे सुरक्षित VVIP गाड़ियों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेता इसी श्रेणी की हाई-सिक्योरिटी गाड़ियों का उपयोग करते हैं। इसी मानक पर मुख्यमंत्री के लिए भी इसका चयन किया गया है। सुरक्षा का अभेद्य कवच रेंज रोवर की सबसे बड़ी खासियत इसकी बुलेट प्रूफ बॉडी और मजबूत संरचना है। इसमें मल्टी-लेयर आर्मर, बुलेट रेजिस्टेंट ग्लास और धमाके से बचाव की तकनीक होती है। आपात स्थिति में सुरक्षित एस्केप के लिए एडवांस सेफ्टी सिस्टम और हाई-ग्रेड सस्पेंशन दिया जाता है, जिससे किसी भी परिस्थिति में वाहन संतुलन बनाए रखे। एडवांस सेफ्टी और टेक्नोलॉजी इस हाईटेक एसयूवी में एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम, सैटेलाइट फोन सपोर्ट, नाइट विजन, 360-डिग्री कैमरा और एडास (ADAS) जैसे फीचर्स शामिल होते हैं। इसके साथ ही रन-फ्लैट टायर, ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसी तकनीकें इसे VVIP मूवमेंट के लिए बेहद भरोसेमंद बनाती हैं। कंफर्ट का भी रखा गया पूरा ध्यान सुरक्षा के साथ-साथ रेंज रोवर कंफर्ट के मामले में भी बेजोड़ मानी जाती है। इसमें लग्जरी सीटिंग, मल्टी-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, साउंडप्रूफ केबिन और स्मूथ राइड क्वालिटी मिलती है। लंबे सफर के दौरान थकान कम करने के लिए एर्गोनॉमिक डिजाइन और हाई-एंड इंटीरियर का खास ख्याल रखा गया है। अभी किन गाड़ियों का करते हैं इस्तेमाल वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के भीतर करीब 50 लाख रुपये की हुंडई आयोनिक 5 इलेक्ट्रिक कार से चलते हैं, जो बुलेटप्रूफ नहीं है। पटना से बाहर के दौरों में वह बुलेटप्रूफ टाटा सफारी का इस्तेमाल करते हैं। रेंज रोवर के शामिल होने से काफिले की सुरक्षा व्यवस्था एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी। जल्द काफिले में होंगी शामिल प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रेंज रोवर की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी गई है। तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद इन गाड़ियों को जल्द मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट कहना है कि इसका उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है, न कि लग्जरी का प्रदर्शन।

राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने संतों से की मुलाकात, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लिया

रायपुर. राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने त्रिवेणी संगम पर संतों से की भेंट, बिहान दीदियों द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का चखा स्वाद प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प 2026 के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम के तट पर पहुंचकर विभिन्न अखाड़ों, पीठों से पधारे पूज्य धर्माचार्यों, संतों एवं लाखों श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कुंभ की सभी व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री अग्रवाल ने कुंभ स्थल पर विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। संतों ने कुंभ की भव्यता की सराहना करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा तत्काल समाधान के निर्देश दिए।  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के स्टॉल पर पहुंचे मंत्री अग्रवाल ने स्वयं समूह की दीदियों से बातचीत की। उन्होंने दीदियों द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा और ठेठरी का स्वाद लिया तथा उनकी कुशलता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अग्रवाल ने कहा कि बिहान दीदियों की मेहनत से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि राजिम कुंभ जैसे वैश्विक आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर भी विश्व पटल पर चमक रही है।  मंत्री ने बांस और लकड़ी से बनी आदिवासी कलाकृतियों के स्टॉल पर जाकर स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की। उन्होंने मूर्तियों, शोपीस और उपयोगी वस्तुओं की बारीकी से सराहना की तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए खरीदारी भी की। अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार राजिम कुंभ के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करेगी। मंत्री अग्रवाल ने राजिम कुंभ स्थल पर बनाई गई रामवनगमन पथ की जीवंत प्रतिकृति का भी निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के पौराणिक राम वनगमन मार्ग को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाती यह प्रतिकृति श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अग्रवाल ने प्रतिकृति की बारीकी और कलात्मकता की प्रशंसा की। राजिम कुंभ कल्प 2026 की अन्य व्यवस्थाओं जैसे पानी की आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, यातायात और सुरक्षा का जायजा लेते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर विधायक रोहित साहू, गरियाबंद कलेक्टर बी एस उइके, एसडीएम विशाल महाराणा, गरियाबंद जिला प्रशासन व पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।  राजिम कुंभ कल्प 2026 छत्तीसगढ़ की सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक बन चुका है, जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर स्नान कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक-आर्थिक उत्सव के रूप में चमक रहा है।

सूरजकुंड मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने 90 हजार दर्शकों का मोहा मन

फरीदाबाद. अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में मंगलवार को खिली धूप के साथ शिल्पकारों के चेहरे भी खिल गए। सुबह से ही माैसम साफ होने की वजह से प्रत्येक गेट से दर्शक प्रवेश करते हुए नजर आए। कार्य दिवस होने के बावजूद स्टाल से लेकर फूड कोर्ट तक दर्शक खाते पीते हुए खरीदारी करते हुए दिखाई दिए। युवाओं ने विदेशी कलाकारों के साथ सेल्फी ली तो बुजुर्ग हरियाणा के अपना घर को देखते हुए नजर आए। पूर्वोतर के राज्यों के स्टाल पर भी दर्शकों ने खरीदारी की। शाम के समय मेला परिसर में निकलने वाले कार्निवल में दर्शक कलाकारों के साथ जमकर झूमे। मेला प्रबंधन की माने तो मंगलवार को मेले में 35 हजार दर्शक पहुंचे। अभी तक तीन दिनों में कुल 90 हजार दर्शक मेला देखने आ चुके हैं। मुख्य चौपाल पर गूंजा वंदे मातरम मंगलवार काे मुख्य चौपाल पर अफ्रीकाी देश काबो वर्दे के कलाकारों ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को अपनी शैली में गाकर माहौल देश भक्तिमय कर दिया। उनकी प्रस्तुति को मुख्य चौपाल पर मौजूद प्रत्येक दर्शक ने तालियां बजा कर दाद दी। इससे पूर्व कजाकिस्तान की महिला कलाकारों के नृत्य एवं गायन ने पर्यटकों को खूब मनोरंजन किया। चौपाल की दर्शकदीर्घा में बैठे भले ही कजाकी गीतों के बोल समझ न आ रहे हो, लेकिन उनका जोशीला म्यूजिक और गीत पर्यटकों को उत्साह से भर रहा था। पर्यटक अपने ही स्थान पर झूम रहे थे। वहीं मंगलवार को बृज के हाली के रसिया ने भी पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया। अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्त्र की झलक अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में पार्टनर देश मिस्र की कला को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्टाल लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से मेले में आए पर्यटकों को थीम कंट्री की संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्टाल नंबर तीन पर शिल्पकार सनर हासनीन द्वारा प्रदर्शित उत्पाद पर्यटकों को काफी पसंद आ रहे हैं। उनके स्टाल पर हैंडमेड फैब्रिक से बने कपड़े, खजूर के पेड़ के रेशों से बनी पारंपरिक टोकरियां, ऊन से तैयार पारंपरिक मिस्र के कालीन और वार सज्जा की वस्तुएं उपलब्ध है,जो मेले में आए पर्यटकों को खूब लुभा रहे है। पर्यटक इन उत्पादों की जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं। बहुरूपियों के साथ दर्शक खिंचवा रहे फोटो मेला परिसर में रावण, यमराज, पीके, गब्बर सिंह और जोकर के वेश में बहुरूपिये घूमते देखे जा सकते हैं। मेले में पहुंचने वाले पर्यटकों में उनके साथ सेल्फी का विशेष उत्साह दिखाई देता है। इन बहुरूपियों के आसपास में पर्यटकों की भीड़ नजर आती है। पर्यटक इन बहुरूपियों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं।

रैंकिंग में हलचल: सूर्या ने बढ़ाया दबदबा, ईशान ऊपर चढ़े, पाकिस्तानी स्टार बना नंबर-1 ऑलराउंडर

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को पुरुष खिलाड़ियों की ताजा टी20 रैंकिंग जारी की है। भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉप 5 की दहलीज पर पहुंच गए हैं। वह एक स्थान चढ़कर छठे पर आ गए। उनके खाते में फिलहाल 728 रेटिंग अंक हैं। सूर्या ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवे टी20 में 63 रनों की शानदारी पारी खेली। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेली गई भारत की आखिरी सीरीज में सर्वाधिक 242 रन बनाए। सूर्या को प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से नावाज गया था। भारत ने न्यूजीलैंड से 4-1 से सीरीज जीती और आगामी टूर्नामेंट की पुख्ता तैयार की।   ईशान किशन ने लगाई तगड़ी छलांग ईशान किशन ने तगड़ी छलांग लगाई है। वह 32 पायदान चढ़कर 32वें नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके खाते में 584 अंक हैं। उन्होंने पांचवे मैच में 42 गेंदों में 103 रनों की पारी खेली। यह ईशान का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला शतक था। दो साल से अधिक समय भारतीय टीम के लिए खेले ईशान ने सीरीज में कुल 242 रन बनाए। अभिषेक शर्मा की बादशाहत बरकरार है। वह 917 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अभिषेक ने न्यूजीलैंड सीरीज में 182 रन बटोरे। टॉप 10 बल्लेबाजों की सूची में चार भारतीय हैं। तिलक वर्मा (766) चौथे स्थान पर हैं। वह चोटिल होने के कारण सीरीज में नहीं खेले थे। सईम अयूब बने नंबर-1 ऑलराउंडर पाकिस्तान के सईम अयूब फिर से T20I के नंबर-1 ऑलराउंडर बन गए हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे के सिंकदार रजा (289) से नंबर-1 का ताज छीना। अयूब के 290 अंक हैं। अयूब बैटिंग लिस्ट में आठ स्थान चढ़कर 27वें पर चल गए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 119 रन बनाने के अलावा तीन विकेट चटकाए। पाकिस्तान के मोहम्मद नवाज ऑलराउंडर्स की लिस्ट में एक स्थान ऊपर चौथे नंबर पर आ गए हैं पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया का पहली घर पर सबसे छोटे फॉर्मेट की सीरीज में सूपड़ा साफ किया। भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (247) तीसरे स्थान पर हैं। शिमव दुबे नौवें पायदान पर हैं उनके 186 अंक हैं। वरुण चक्रवर्ती से इतना दूर पाकिस्तानी पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद (748) दो पायदान ऊपर गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। दाएं हाथ के गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में छह विकेट लिए हैं। वह T20I में नंबर-1 गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती से सिर्फ 28 रेटिंग अंक पीछे हैं। नवाज को भी गेंदबाजों की रैंकिंग में फायदा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी मैच में पांच विकेट लेने के बाद नवाज आठ स्थान ऊपर सातवें नंबर पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (16 पायदान ऊपर 14वें पर), इंग्लैंड के आदिल राशिद (दो स्थान चढ़कर चौथे पर) और न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनर (आठ पायदान ऊपर 23वें पर) को भी लाभ मिला है।

बाघ गणना की तैयारी तेज, कोटा परियोजना मंडल में हुआ विशेष प्रशिक्षण

रायपुर. अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा।

फरवरी में तापमान बढ़ने से पंजाब के किसानों की गेहूं फसल पर संकट

चंडीगढ़. मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पंजाब में औसतन धान की पैदावार 185 लाख टन होती है, लेकिन पिछले वर्ष बाढ़ और चाइनीज वायरस के कारण यह घटकर 156 लाख टन रह गई। पंजाब में हेक्टेयर पर धान की औसत पैदावार 6,624 किलो है, जबकि पिछले वर्ष यह 5,722 किलो प्रति हेक्टेयर रही।

क्वांटम भौतिकी के जनक आचार्य बोस को विज्ञान केंद्र में दी गई श्रद्धांजलि

रायपुर. आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने उनके सिद्धांतों को बढ़ाया आगे: प्रोफेसर शिव कुमार पाण्डेय भारत के महान वैज्ञानिक आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस जी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर पूर्व कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय थे। प्रोफेसर डॉ. एस.के. पाण्डेय ने विस्तृत व्याख्यान में बताया कि आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के सम्पूर्ण जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके बाल्यकाल, शिक्षा, शैक्षणिक जीवन एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों का क्रमबद्ध एवं प्रेरणादायी विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से क्वांटम भौतिकी के क्षेत्र में आचार्य बोस के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए बोसदृआइंस्टीन सांख्यिकी की अवधारणा को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने बोसॉन की संकल्पना, उनकी विशेषताओं तथा आधुनिक भौतिकी में उनकी भूमिका को उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बोस-आइंस्टीन संघनन जैसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणा का विकास हुआ, जिसका उपयोग आज आधुनिक भौतिकी, क्वांटम अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में किया जा रहा है।  कार्यक्रम का शुभारंभ साइंस सेंटर के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के वैज्ञानिक योगदान, उनकी मौलिक सोच तथा युवा पीढ़ी के लिए उनके प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शासकीय विद्यालय दलदल सिवनी एवं बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। इसके साथ ही बी.एड., डी.एड. विज्ञान विषय के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर के अतिरिक्त संचालक से जे.पी. रथ, सहित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।