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आज का राशिफल 11 फरवरी: ग्रहों की चाल बदलेगी इन राशियों की किस्मत

मेष 11 फरवरी के दिन स्वयं की तुलना दूसरों से न करें। लव लाइफ में रोमांस रहेगा। नेटवर्किंग या पुराने दोस्तों की मदद से नए अवसर मिल सकते हैं। विद्यालय में स्टूडेंट्स की सफलता का राज रहेगा कि वे रट्टा मारने के बजाय दीप लर्निंग पर फोकस करें। वृषभ 11 फरवरी के दिन जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय सोच समझकर प्लान करना चाहिए। सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। आप अपने अपने सभी पेंडिंग काम पूरा करने के लिए मोटिवेटेड महसूस करेंगे। मिथुन 11 फरवरी के दिन ऑफिस में लोग आपकी मेहनत और प्रयासों की तारीफ करेंगे। आपको पैसों के मामले में लाभ हो सकता है। कुछ की जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन साथ ही आपका कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा। कर्क 11 फरवरी के दिन रोमांटिक रोमांच के लिए खुद को तैयार रखें। सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए तैयार रहें क्योंकि लव का कनेक्शन स्ट्रॉंग होगा। आपको ट्रैवल या ड्राइव करते समय सावधान रहना चाहिए। सिंह 11 फरवरी के दिन तुरंत डीसीजन लेने से बचने के लिए सावधानी बरतें। लाइफ में बैलेंस बनाकर रखना बेहद जरूरी है। रोमांटिक रहें। हो सकता है कि आप आपके जैसी ही ज्ञान की इच्छा रखने वाले किसी व्यक्ति की ओर आकर्षित हों। कन्या 11 फरवरी के दिन बाहर कोई संबंध तलाशने से पहले अपनी जरूरतों को समझना जरूरी है। एक ऐसी जीवनशैली विकसित करें, जो आपको खुशी का एहसास दे, चाहे कोई शौक सीखने के माध्यम से, अपने दोस्तों के साथ रहने या नई चीजों की खोज करने के माध्यम से। तुला 11 फरवरी के दिन याद रखें कि अगर आप दया के साथ मुश्किलों का सामना करते हैं तो आप अधिक शक्तिशाली हो सकते हैं। विलासिता की इच्छा महसूस कर सकते हैं। किसी अजनबी के साथ आपकी बात-चीत रोमांचकारी हो सकती है। वृश्चिक 11 फरवरी के दिन अपने दिल को अप्रत्याशित संबंधों के लिए खुला रखें। ब्रह्मांड आपके लिए रोमांचकारी अवसर लाने की साजिश कर रहा है। इसलिए आपको अपना दिमाग खुला रखना होगा और उस पल को कैद करने के लिए तैयार रहना होगा। धनु 11 फरवरी के दिन आपको कुछ कठिनाइयों का अनुभव हो सकता है। किसी भी असहमति या गलतफहमी से मेच्योरिटी के साथ निपटें। अपने साथी के दृष्टिकोण पर पूरा ध्यान दें और अपनी बात व्यक्त करते समय समझ के साथ रिस्पॉन्स दें। मकर 11 फरवरी के दिन आपको अपने रिश्तों में पर्सनल ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित करने का एक दुर्लभ अवसर दिया गया है। अपने बारे में अधिक जानने और दूसरों की अपेक्षाओं के आगे झुके बिना सकारात्मक बदलाव करने के इस अवसर का लाभ उठाएं। कुंभ 11 फरवरी के दिन जैसे-जैसे आप खुशी महसूस करेंगे, आप उन लोगों के लिए स्वाभाविक रूप से आकर्षक हो जाते हैं, जो आपके साथ रहना चाहते हैं। अपनी खुशियों को प्राथमिकता देते हुए नए लोगों से मिलने के लिए खुद को तैयार रखें। मीन 11 फरवरी के दिन खुद के बॉस बनने और सभी चीजों में प्यार का अनुभव करने के अवसर के रूप में लें। ब्रह्मांड आपको सामाजिक दुनिया के बंधनों से मुक्त होने के लिए आमंत्रित करता है। स्वयं द्वारा बनाए गए रूल्स से मुक्त रहें।

मंत्री परमार ने, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की उज्जैन में स्थापना के लिए किया आग्रह

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रताप राव जाधव से भेंट कर, प्रदेश में संचालित आयुष विभाग अंतर्गत समस्त गतिविधियों से अवगत कराया। इस दौरान मंत्री  परमार ने, केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के तारतम्य में, प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की उज्जैन में स्थापना के लिए केंद्रीय आयुष मंत्री से अनुरोध किया। प्रदेश के लिए दो नवीन आयुर्वेद महाविद्यालयों एवं एक होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना, प्रदेश में वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच अन्य केंद्रों की स्थापना एवं टीकमगढ़ में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए भी आग्रह किया। इस दौरान केंद्रीय आयुष मंत्री  जाधव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत हुई गतिविधियों के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा एवं सराहना की। मंत्री  परमार के नेतृत्व में पहुंची आयुष विभाग की टीम ने, केंद्रीय मंत्री  जाधव से प्रदेश में आयुष अन्तर्गत संचालित गतिविधियों के अवलोकन के लिए आमंत्रित भी किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सचिव वैद्य  राजेश कोटेचा ने, प्रदेश को अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने के लिए आश्वस्त भी किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन भी उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि पिछले दो वर्ष में प्रदेश सरकार द्वारा 8 नवीन आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित किया जा रहे हैं, इनमें से 7 आयुर्वेद महाविद्यालयों का वित्तीय पोषण, भारत सरकार अंतर्गत राष्ट्रीय आयुष मिशन से प्राप्त हुआ है। इसके साथ प्रदेश के लिए खजुराहो में योग संस्थान स्थापित किए जाने और नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश के एकलव्य स्कूलों में पोषण वाटिका स्थापित किए जाने के लिए भी केंद्रीय वित्तीय सहायता का अनुरोध किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डबरा की घटना में मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए एवं गंभीर तीन घायलों को एक–एक लाख रुपए देने के दिये निर्देश

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को ग्वालियर जिले के डबरा में हुई दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दुर्घटना में एक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए एवं गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को एक – एक लाख रुपए की सहायता देने के निर्देश दिये है। साथ ही गंभीर सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार कराने के निर्देश भी दिए। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर मती रुचिका चौहान ग्वालियर स्थित एप्पल अस्पताल एवं जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर पहुँचीं और घटना में घायल मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि घायलों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। कलेक्टर मती चौहान ने इसके पश्चात डबरा पहुंचकर नवग्रह शक्ति पीठ पर आयोजित कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया एवं अधिकारियों को आवश्यक पुख्ता प्रबंध करने के दिशा-निर्देश दिए।  

विधायक का अंडरग्राउंड रहस्य: ‘मूसा गैंग’ से डर का हवाला, पुलिस ने मना किया दावा

 मऊगंज मऊगंज से भाजपा विधायक पिछले एक महीने से छिप कर बैठे हैं. विधायक ने सोशल मीडिया में इसकी वजह मूसा गैंग का खतरा होना बताया है. जबकि पुलिस का दावा है कि जिले में इस तरह का कोई गैंग नहीं है. उधर भाजपा सांसद ने विधायक के 'अवकाश' पर होने की बात कह कर राजनीतिक गलियारों में नई बहस का मुद्दा दे दिया है. आखिर बार भाजपा विधायक 4 जनवरी 2026 को विवादित जमीन के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे थे. विधायक को जमकर विरोध का सामना करना पड़ा. उग्र भीड़ के आगे विधायक जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए. इस जमीन का प्रकरण न्यायालय में चल रहा है. मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने किसी कदर विधायक को भीड़ से बचा कर निकला. इसके बाद से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल अचानक गायब को गए.  हाल ही में विधायक ने एक बयान जारी किया है. उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया है, इसलिए वह क्षेत्र से दूर हैं. विधायक ने कहा है कि उन्हें मूसा गैंग से जान का खतरा है. जबकि एसपी दिलीप सोनी ने इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका दावा है कि जिले में कोई भी इस तरह की गैंग नहीं है.  उधर, इस मुद्दे विधायक की पार्टी के ही सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक के अवकाश में होने की बात कह कर राजनीतिक गलियारों में नई बहस बना दी है. सांसद ने कहा कि हर किसी को काम से आराम पाने के लिए अवकाश लेना चाहिए, विधायक ने भी लिया है. विधायक के गायब होने की खबर से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है. स्थानीय विधायक के गायब होने की असल वजह मूसा गैंग नहीं, बल्कि निजी जमीन का विवाद मान रहे है. सत्ताधारी दल के विधायक ने इस मामले में भूस्वामी के खिलाफ जिंदा जलाकर मारने की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने कई के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी, बावजूद इसके विधायक अभी भी नाराज हैं.  

सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास-मंत्री टंक राम वर्मा सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास

रायपुर खिलौरा को मिली विकास की सौगात, राजस्व मंत्री ने किए डेढ़ करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा मंगलवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम खिलौरा पहुंचे, जहां उनके प्रथम आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री  वर्मा ने ग्राम खिलौरा में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।        लोकार्पित कार्यों में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रार्थना शेड, 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी, 3 लाख रुपये की लागत से रंगमंच उन्नयन, 5 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम अहाता तथा 5 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन (बाल समाज) शामिल हैं। वहीं, 10 लाख रुपये और 9.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पीडीएस भवन के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। पूरे प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने से लोगों में खुशी और विश्वास का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर समृद्धि की बयार बह रही है। मंत्री  वर्मा ने उपस्थित स्कूली बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।   इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

नसरीन शेख मालेगांव की नई मेयर, बुर्के में दिखी और अब जनता जानना चाह रही है उनकी पावर

मालेगांव मालेगांव नगर निगम (MMC) के मेयर चुनाव में इस्लाम पार्टी की नसरीन शेख (Nasreen Sheikh) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उन्‍हें लेकर सोशल मीडिया पर बुर्के वाली मेयर के रूप में चर्चाएं इन दिनों आम हैं. नसरीन शेख ने शिवसेना (शिंदे गुट) की उम्मीदवार लता घोडके को हराकर यह पद हासिल किया है. नसरीन बानो शेख मालेगांव की सक्रिय राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से जमीनी स्तर पर जुड़ी रही हैं. वह मूल रूप से एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं लेकिन उनका परिवार राजनीति में काफी प्रभावशाली रहा है. • पारिवारिक व्यवसाय और पृष्ठभूमि: नसरीन शेख का परिवार पारंपरिक रूप से पावरलूम (Powerloom) व्यवसाय से जुड़ा हुआ है. मालेगांव एक बुनकर बहुल शहर है जहां उनके परिवार का अच्छा-खासा व्यापारिक आधार है. • शिक्षा: नसरीन शेख की शुरुआती और उच्च शिक्षा मालेगांव में ही हुई है. स्थानीय स्तर पर उन्हें एक शिक्षित और जागरूक महिला के रूप में पहचाना जाता है. नसरीन शेख स्नातक (Graduate) हैं. उन्होंने अपनी शिक्षा मालेगांव के ही शिक्षण संस्थानों से पूरी की है. वह उर्दू और मराठी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखती हैं. • राजनीतिक करियर: नसरीन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत नगरसेवक के रूप में की थी. वह ‘इस्लाम पार्टी’ के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचीं. उनकी पार्टी ने इस बार मालेगांव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ गठबंधन (मालेगांव सेक्युलर फ्रंट) कर सत्ता हासिल की है. नसरीन शेख दिवंगत पूर्व विधायक रशीद शेख की बहू हैं. उनके पति शेख खालिद भी राजनीति में सक्रिय हैं. उनके परिवार के सदस्य आसिफ शेख (पूर्व विधायक) ने ही ‘इस्लाम पार्टी’ (ISLAM Party) की स्थापना की है. उनकी सास ताहिरा शेख भी 2012 और 2022 के बीच मालेगांव की मेयर रह चुकी हैं. यानी मेयर का पद उनके परिवार के लिए नया नहीं है. जीत का समीकरण: कैसे बनीं मेयर? मालेगांव नगर निगम में कुल 84 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 43 पार्षदों के समर्थन की जरूरत थी. नसरीन शेख को अपनी पार्टी के 35 पार्षदों के अलावा सपा और कांग्रेस का साथ मिला. उम्मीदवार            पार्टी          मिले वोट नसरीन शेख    इस्लाम पार्टी       43 लता घोडके    शिवसेना (शिंदे)    18 सैलरी और नगर निगम का बजट मालेगांव नगर निगम का बजट शहर के बुनियादी ढांचे और बुनकर समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित रहता है. • मेयर की सैलरी: महाराष्ट्र के नगर निगम नियमों के अनुसार, मेयर को सीधा ‘वेतन’ नहीं बल्कि मानदेय (Honorarium) और भत्ते मिलते हैं. यह राशि लगभग 20,000 से 25,000 रुपये प्रति माह के बीच होती है. इसके अलावा उन्हें सरकारी आवास, गाड़ी और अन्य प्रोटोकॉल सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. • नगर निगम बजट: मालेगांव नगर निगम का वार्षिक बजट लगभग 700 से 900 करोड़ रुपये के बीच रहता है. यह बजट मुख्य रूप से जलापूर्ति, सड़क निर्माण और सफाई व्यवस्था के लिए आवंटित किया जाता है. नसरीन शेख के साथ नई टीम नसरीन शेख के साथ शान-ए-हिंद निहाल अहमद (समाजवादी पार्टी) को डिप्टी मेयर चुना गया है. यह मालेगांव के इतिहास में पहली बार है जब मेयर और डिप्टी मेयर दोनों ही महिलाएं हैं. नसरीन शेख ने अपनी प्राथमिकता में शहर की सफाई व्यवस्था और हॉस्पिटल्स की स्थिति को सुधारना बताया है.

मध्‍यप्रदेश पुलिस की ऑपरेशन मुस्कान के तहत प्रभावी कार्यवाही

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 5 दिन में पुलिस टीम ने प्रदेश के विभिन्‍न जिलों से27 नाबालिग/गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। शिवपुरी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 05 नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में अपहृत नाबालिग बालक को मात्र 10 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। वहीं थाना तेंदुआपुलिस ने दो नाबालिक बालिका एवं थाना सुभाषपुरा पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को जयपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इसके अतिरिक्त थाना नरवर पुलिस ने भी अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाबकर परिजनों के सुपुर्द किया। सीहोर जिले में 04 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना आष्टा, जावर, रेहटीएवं भैरूंदापुलिस द्वारा गठित टीमों ने तकनीकी सहायता से नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया, साथ ही अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। सीधी थाना कोतवाली क्षेत्र में चीता मोबाइल टीम द्वारा 03 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया, वहीं थाना मझौली पुलिस द्वारा महाराष्ट्र एवं गुजरात से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विदिशा जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 02 नाबालिग बालिकाओं कोदस्तयाब किया गया। शमशाबाद एवं गंजबासौदा थाना पुलिस द्वारा घर से नाराज होकर चली गई नाबालिग बालिकाओं को त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। अशोकनगर जिले में थाना ईसागढ़ पुलिस द्वारा दो अलग अलग कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। बैतूल जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 02 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना कोतवाली बैतूल पुलिस द्वारा दोनों नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। उज्जैन जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा राजस्थान के सांवलियाजी से दो बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर अपहरण में प्रयुक्त वाहन जप्त किया गया तथा 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कटनी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 02 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना बरही पुलिस द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। उमरिया थाना मानपुर पुलिस टीम ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर सिलवासा (दादर एवं नगर हवेली) से 15 वर्षीय गुमशुदा बालिका को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सकुशल दस्तयाबकिया। मंदसौर थाना दलौदा पुलिस ने150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर लगभग 700 किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से 16 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाबकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसी प्रकार दतिया, देवास एवं बड़वानी पुलिस ने 01-01अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है। ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत की गई प्रदेश भर में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिगों एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूर्णतः प्रतिबद्ध, सतर्क एवं संवेदनशील है। अंतर्राज्यीय समन्वय, तकनीकी दक्षता एवं समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है।  

12 फरवरी से राजस्थान बोर्ड की परीक्षा, शिक्षा विभाग पूरी तैयारी के साथ

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

एमडीए-2026 अभियान का किया वर्चुअल शुभारंभ

भोपाल. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जे.पी. नड्डा ने 12 राज्यों के 124 जिलों के लिए ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान 2026’ का नई दिल्ली से वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की कि वे प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधियों और जिला परिषद सदस्य सहित सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दवा का सेवन केवल वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दवा पूरी मात्रा में ली जाए। केंद्रीय मंत्री  नड्डा ने कहा कि भारत सरकार 2027 तक लसीका फाइलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे अभियान के दौरान सभी आवश्यक संसाधनों और जागरूकता गतिविधियों को सुनिश्चित करें। हर नागरिक की भागीदारी और दवा का समय पर सेवन ही इस गंभीर रोग को समाप्त करने की कुंजी है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह अभियान लसीका फाइलेरिया उन्मूलन रणनीति का अहम घटक है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल सहित 12 राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों, विभागीय अधिकारियों ने वर्चुअल सहभागिता की। नागरिक स्वयं दवा का सेवन करें, परिवार जन और पड़ोसियों को भी करें जागरूक: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस अभियान को 8 जिलों – छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मऊगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड – के 12 ब्लॉकों में संचालित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अपील की है कि वे नागरिक स्वयं दवा का सेवन करें, अपने परिवार जन और पड़ोसियों को जागरूक करें और स्वयंसेवक के रूप में अभियान में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अभियान की सफलता और मध्यप्रदेश को फाइलेरिया मुक्त राज्य बनाने में निर्णायक होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि इस अभियान में सामुदायिक नेतृत्व और पंचायतों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। फायलेरिया लक्षण और बचाव फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण के लिये क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन के लिये मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है।  

मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ

रायपुर. मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक  प्रणव मरपच्ची ने की। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।