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अवैध गांजा परिवहन का भंडाफोड़, बाइक से मादक पदार्थ ले जा रहा आरोपी गिरफ्तार

पखांजूर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा का अवैध परिवहन कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में “नशा मुक्त अभियान” के तहत की गई. थाना पखांजूर पुलिस को गुरुवार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पीव्ही 21 दुर्गापुर निवासी गुरूपद विश्वास (33 वर्ष) बिना नंबर की लाल-काले रंग की एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल में गांजा छुपाकर महाराष्ट्र की ओर से ग्राम पेनकोडों मार्ग होते हुए अपने गांव की ओर आ रहा है. एएसआई बिन्दुलता देवांगन के नेतृत्व में गठित टीम ने ग्राम पीव्ही 37 रूपनगर चौक तिराहा मेन रोड पर घेराबंदी कर संदेही को रोका. तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल की डिक्की में एक पिंक रंग के फूलदार झोले के अंदर प्लास्टिक में पैक 885 ग्राम गांजा, एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया. आरोपी के विरुद्ध NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(A) के तहत अपराध क्रमांक 34/2026 पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर कांकेर जेल भेज दिया गया.

अयोध्या कोर्ट परिसर खाली, बम धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अयोध्या   राम नगरी अयोध्या में कचहरी को बम से उड़ाए जाने की धमकी से शुक्रवार की दोपहर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोपहर पौने एक बजे सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स पहुंच गई। कचहरी को खाली कर कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बमरोधी दस्ते, स्नेफर डॉग्स के साथ सर्च अभियान में शामिल है।वरिष्ठ अफसर ने मौके पर पहुंचकर सभी अदालतों एवं अधिवक्ताओं के के बस्ते को खाली करा लिया।लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल किसी तरह की कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। एक फोटो स्टेट की दुकान के पास लावारिस झोले को भी चेक किया गया।  

बिजली दरों में बदलाव पर जनता की राय जरूरी, 17–18 फरवरी को क्षेत्रीय जनसुनवाई आयोजित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर जनसुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण और पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर दो दिन ऑनलाइन जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है। इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई होगी। वहीं 18 फरवरी को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जनसुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

कश्मीर पर भारत का स्टैंड देख तिलमिलाया पाकिस्तान, US से लगाई मदद की गुहार

इस्लामाबाद संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए भारत के एक मानचित्र ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। इस मानचित्र में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारतीय क्षेत्र के भीतर दिखाया गया था। इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से संपर्क कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यह घटना पाकिस्तान के लिए भारी शर्मिंदगी का कारण बनी है। मैप के सार्वजनिक होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने तुरंत हरकत में आते हुए अमेरिकी अधिकारियों के सामने यह मामला उठाया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने एक ब्रीफिंग में कहा कि यह चित्रण गलत है और संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा मान्यता प्राप्त क्षेत्र के प्रतिनिधित्व के अनुरूप नहीं है। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा, "मैप कुछ हैंडल्स द्वारा लगाया गया था। हमने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया। उन्हें एहसास हुआ कि नक्शा गलत था।" पाकिस्तान का तर्क है कि जम्मू-कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय मानचित्र, जो पाकिस्तानी और भारतीय क्षेत्रों को अलग करता है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा कानूनी रूप से स्वीकृत है। अमेरिका ने हटाया पोस्ट विवाद बढ़ने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय ने उस पोस्ट को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पूरी तरह से हटा दिया। पाकिस्तान ने इस बात पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका ने आवश्यक सुधार किए। अंद्राबी ने कहा, "हम संतोष व्यक्त करते हैं कि अमेरिकी पक्ष ने हमारे क्षेत्र के कानूनी UN-स्वीकृत मानचित्र को उजागर करने के लिए आवश्यक सुधार किए, जो स्पष्ट रूप से जम्मू-कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र के रूप में चित्रित करता है, जिसका निपटारा UNSC प्रस्तावों के अनुसार UN-प्रशासित जनमत संग्रह के माध्यम से किया जाना है।" व्यापार समझौते के बीच आया मानचित्र यह घटना तब घटी जब भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले सप्ताह एक व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा की, जिसमें टैरिफ को कम स्तर पर रीसेट किया गया। समझौते के विवरण जारी करते समय, USTR कार्यालय ने भारत का एक मानचित्र प्रकाशित किया था जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) सहित पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र को देश का हिस्सा दिखाया गया था। मानचित्र में अक्साई चिन भी शामिल था, जिस पर चीन दावा करता है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देंगे 514 खिलाड़ियों को करोड़ों की स्कॉलरशिप

पटना. बिहार सरकार ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष 514 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। उत्कर्ष, सक्षम और प्रेरणा छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी कर सूची जारी कर दी गई है। उत्कर्ष योजना में 18 खिलाड़ी उत्कर्ष योजना के तहत 18 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इन्हें सालाना 20 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी।सक्षम योजना के तहत 129 खिलाड़ियों को सालाना 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। यह राशि उनके प्रशिक्षण और तैयारी में सहायक होगी। प्रेरणा स्कॉलरशिप के तहत 367 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। इसमें 269 खिलाड़ी मशाल प्रतियोगिता और 98 खिलाड़ी ऑनलाइन आवेदन के जरिए चुने गए हैं। तीन लाख तक की वार्षिक सहायता प्रेरणा योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को सालाना 3 लाख रुपये तक मिलेंगे। यह राशि स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, ट्रेनिंग और डाइट पर खर्च की जा सकेगी। खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए यात्रा व अन्य खर्च में भी मदद मिलेगी। इससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी। मुख्यमंत्री देंगे प्रमाण पत्र बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभी चयनित खिलाड़ियों को पटना में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने बताया कि एक साल पहले शुरू हुई योजना का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। इस पहल से राज्य में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और उभरती प्रतिभाओं को आर्थिक चिंता से मुक्ति मिल सकेगी।

25311 पदों की बिहार इंटर लेवल भर्ती, 2023 में जारी विज्ञापन की आज लास्ट डेट

बिहार कर्मचारी चयन आयोग की बीएसएससी सेकेंड इंटर लेवल भर्ती 2023 के लिए आवेदन की आज लास्ट डेट है। इस भर्ती के तहत 25311 पदों पर भर्ती होगी। रजिस्ट्रेशन करने व फीस जमा कराने की अंतिम तिथि आज 13 फरवरी 2026 है। फॉर्म भरकर पूरी तरह सब्मिट करने की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2026 कर दी गई है। आपको बता दें कि यह भर्ती 2023 में निकली थी। तब से इस भर्ती में कई बार पद बढ़ चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि भी कई बार बढ़ाई जा चुकी है। इस भर्ती में करीब 33 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। बार बार आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने से परीक्षा तिथि का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थी भड़क गए हैं। उनका कहना है कि बार बार फॉर्म रीओपन करके डेट बढ़ाई जा रही है। इस भर्ती का सरकार ने मजाक बना दिया है। आपको बता दें कि पहली इंटरस्तरीय परीक्षा के लिए 2014 में विज्ञापन निकाला था। इसका फाइनल रिजल्ट सात साल में पूरा हुआ था। क्या है योग्यता – 12वीं (इंटर)पास। कुछ पदों के लिए इंटर के साथ कंप्यूटर पर टाइपिंग की योग्यता भी मांगी गई है। कैसे होगा इस भर्ती में चयन अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक लिखित परीक्षा, मुख्य परीक्षा, स्किल टेस्ट से होगा। परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी। एग्जाम पैटर्न – प्रीलिम्स एग्जाम ऑब्जेक्टिव टाइप होगा। प्रीलिम्स में सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, गणित, मानसिक क्षमता से प्रश्न पूछे जाएंगे। कुल 150 प्रश्न होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक कटेगा। पेपर 2 घंटा 15 मिनट की होगी। इंटर लेवल प्रीलिम्स एग्जाम पासिंग मार्क्स- सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स 40 फीसदी, बीसी के लिए 36.5 फीसदी, एमबीसी के लिए 34 फीसदी, एससी एसटी के लिए 32 फीसदी हैं। नॉर्मलाइज्ड पद्धति से जारी होगा रिजल्ट विभिन्न शिफ्टों में परीक्षा होने की स्थिति में रिजल्ट नॉर्मलाइज्ड पद्धति से जारी होगा। वैकेंसी से पांच गुना उम्मीदवारों को पीटी में पास किया जाएगा। ये अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में बैठेंगे। सभी वर्गों के लिए आवेदन फीस- 100 रुपये बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा के आवेदन की स्थिति मुख्य रजिस्ट्रेशन अवधि (2023) – पहली बार आवेदन 27 सितंबर 2023 से शुरू हुई। – पहली विस्तारित तिथि- 11 नवंबर 2023 तक – अंतिम विस्तारित तिथि- 11 दिसंबर 2023 (यह पहली बार की प्रक्रिया का अंतिम समय था) – डॉक्यूमेंट अपलोड और सुधार (सुधार विंडो-2024) – फॉर्म भरने के बाद, आयोग ने सभी अभ्यर्थियों के लिए डॉक्यूमेंट अपलोड करना अनिवार्य कर दिया। सुधार का मौका दिया। इसे तीन बार बढ़ाया गया। – पहली बार- 18 जनवरी से 18 फरवरी 2024 तक किया गया। – दूसरी बार- इसे बढ़ाकर 18 मार्च 2024 किया गया। – तीसरी बार- इसे फिर से बढ़ाकर 11 जून 2024 तक किया गया। फॉर्म का फिर से खुलना (रिओपन- 2025-26) – हाल ही में आयोग ने पदों की संख्या बढ़ाकर 24,492 कर दी है। नए अभ्यर्थियों के लिए फॉर्म भरने का पोर्टल फिर से खोल दिया है। – रिओपन तिथि- 15 अक्टूबर 2025 – अंतिम तिथि (वर्तमान): अब इसे बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 तक कर दिया गया है। आवेदन तिथि में विस्तार – प्रारंभिक आवेदन तिथि (संशोधित)- 15 अक्टूबर 2025 – पहली बार विस्तार (शुल्क)- 25 नवंबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 तक – (आवेदन)- 27 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक – दूसरी बार विस्तार (शुल्क)- 15 दिसंबर 2025 से 13 जनवरी 2026 तक – (आवेदन) 18 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक- नवीनतम विस्तार (शुल्क और आवेदन) : 13 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 तक-(शुल्क) और 15 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 (आवेदन) – पदों की संख्या में वृद्धि : शुरुआत में 11,098 पद थे, जिन्हें बढ़ाकर 12,199, फिर 23,175 और अंततः 24,492 कर दिया गया है।  

कोपा डेल रे सेमीफाइनल: एटलेटिको मैड्रिड ने बार्सिलोना को 4-0 से रौंदा

मैड्रिड कोपा डेल रे सेमीफाइनल के पहले चरण में एटलेटिको मैड्रिड ने डिफेंडिंग चैंपियन बार्सिलोना को 4-0 से करारी शिकस्त देकर फाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए। घरेलू मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में डिएगो सिमेओने की टीम ने पहले हाफ में ही चार गोल दागकर मैच लगभग एकतरफा कर दिया। मैच के छठे मिनट में बार्सिलोना के गोलकीपर जोआन गार्सिया की बड़ी गलती का एटलेटिको ने फायदा उठाया और बढ़त बना ली। इसके बाद 14वें मिनट में शानदार मूव के जरिए एंटोइन ग्रीजमैन ने दूसरा गोल दागा। 33वें मिनट में जूलियानो सिमेओने के क्रॉस पर एडेमोला लुकमैन ने तीसरा गोल किया। पहले हाफ के अंत से ठीक पहले लुकमैन और जूलियन अल्वारेज़ की बेहतरीन साझेदारी ने चौथा गोल दिलाया। हालांकि पहले हाफ में बार्सिलोना ने 70 प्रतिशत बॉल पजेशन रखा, लेकिन एटलेटिको के तेज काउंटर अटैक के सामने वह बेअसर साबित हुआ। दूसरे हाफ में कोच हांसी फ्लिक ने रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को मैदान पर उतारा, लेकिन इससे भी टीम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। 52वें मिनट में पाउ क्यूबर्सी ने फ्री-किक पर मिले रीबाउंड को गोल में बदला, लेकिन लंबी वीएआर समीक्षा के बाद इसे ऑफसाइड करार दिया गया। मैच के 86वें मिनट में एलेक्स बेएना को पीछे से गिराने पर बार्सिलोना के खिलाड़ी को पहले पीला कार्ड दिया गया, जिसे बाद में वीएआर की मदद से सीधे लाल कार्ड में बदला गया। एटलेटिको के डिफेंडर मार्कोस योरेंटे ने कहा, “यह पागलपन था, खासकर बार्सा के खिलाफ। टीम ने हर चीज सही की — डिफेंस मजबूत रखा, हाई प्रेसिंग की और स्पेस का बेहतरीन इस्तेमाल किया।” अब इस मुकाबले का दूसरा चरण 3 मार्च को कैंप नोउ में खेला जाएगा। इस सेमीफाइनल के विजेता का सामना फाइनल में रियल सोसिएदाद या एथलेटिक बिलबाओ से होगा। फिलहाल रियल सोसिएदाद 1-0 की बढ़त के साथ दूसरे चरण में उतरेगा।  

परंपरागत खेती से बदलाव: ब्राम्ही की खेती से किसानों की बढ़ी आय

रायपुर. धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद फसल है l  यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और आयुर्वेद में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार में मांग बहुत है। छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड जैसे संस्थानों द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर सीधे खरीद (Buy Back) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है l  धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान       छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के प्रयासों से राज्य के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान        बोर्ड द्वारा संचालित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती योजना के अंतर्गत किसानों को ब्राम्ही की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ब्राम्ही एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी लागत कम और लाभ अधिक है। एक बार रोपण करने के बाद 3 से 4 वर्षों तक हर तीन माह में इसकी कटाई की जा सकती है। ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क संबंधी औषधियों तथा सौंदर्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। ब्राम्ही की खेती से किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक शुद्ध लाभ      जहां धान की खेती में प्रति एकड़ लागत अधिक और मुनाफा सीमित होता है, वहीं ब्राम्ही की खेती में सालाना लागत लगभग 21 हजार रुपये तक आती है और एक वर्ष में लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन से किसानों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि किसान अब ब्राम्ही की खेती को लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। किसानों को ब्राम्ही के लिए बाजार की चिंता नहीं बोर्ड द्वारा किसानों को ब्राम्ही की रोपण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक लागत और कम हो गई है। साथ ही किसानों की उपज के विक्रय की समस्या को दूर करते हुए पहले से ही क्रय अनुबंध की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती। रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में ब्राम्ही की खेती        ब्राम्ही की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि अत्यंत उपयुक्त है। यह नमी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है, जहां अन्य फसलों में नुकसान की आशंका रहती है। इसी कारण अब किसान धीरे-धीरे धान के साथ वैकल्पिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक ब्राम्ही की खेती कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम ब्राम्ही छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और निरंतर प्रयासों से औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, रोपण सामग्री और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।  औषधीय की खेती में छत्तीसगढ का अग्रणी स्थान     राज्य में औषधीय पौधों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ साथ छत्तीसगढ़ में उत्पादित ब्राम्ही और अन्य औषधीय पौधों की मांग भविष्य में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बढ़ेगी और राज्य औषधीय खेती के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। ब्राम्ही की खेती से आत्मनिर्भर बनता किसान वन विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के किसान नई सोच के साथ खेती कर रहे हैं। ब्राम्ही की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है।

खेजड़ी आंदोलन खत्म, पेड़ों की अवैध कटाई रोकने को विशेष कानून की तैयारी

बीकानेर बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में पिछले 11 दिनों से जारी महापड़ाव गुरुवार देर शाम समाप्त हो गया। लंबे समय से खेजड़ी संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्थानीय लोगों ने सरकार के फैसले के बाद धरना खत्म करने की घोषणा की। 12 फरवरी की शाम सरकार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचा। इसमें मंत्री केके बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और पब्बाराम बिश्नोई शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्व सचिव की ओर से लिखित आदेश जारी कर सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध कटाई पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण को लेकर घोषणा की गई थी, जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खेजड़ी संरक्षण के लिए विशेष कानून लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित विधेयक के जरिए अवैध कटाई पर सख्त प्रावधान, नियमित निरीक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर नजर आ रहे हैं। सरकार का कहना है कि मरुस्थलीय क्षेत्रों में खेजड़ी का विशेष पारिस्थितिक महत्व है और इसे संरक्षित करना प्राथमिकता में शामिल है। सरकार के निर्णय के बाद संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने आभार जताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से खेजड़ी संरक्षण की मांग की जा रही थी और अब सरकार की पहल से सकारात्मक संदेश गया है। कब, क्या-क्या हुआ? 2 फरवरी : पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशाल जनसभा के साथ महापड़ाव शुरू। हजारों पर्यावरण प्रेमी देशभर से पहुंचे। 3 फरवरी : 29 संतों सहित 363 पर्यावरण प्रेमी आमरण अनशन पर बैठे। 4 फरवरी : आमरण अनशन करने वालों की संख्या 537 पहुंची, महापड़ाव स्थल पर अस्थायी अस्पताल बनाया गया। 5 फरवरी : संसद और विधानसभा में गूंजी खेजड़ी संरक्षण की आवाज। मुख्यमंत्री का संदेश लेकर प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, आमरण अनशन समाप्त हुआ। 6 फरवरी : प्रदेशभर में खेजड़ी कटाई पर रोक की मांग पर अड़े पर्यावरण प्रेमी, क्रमिक अनशन शुरू। 8 फरवरी : संतों का प्रतिनिधिमंडल जयपुर में मुख्यमंत्री से मिला। 9 फरवरी : महापड़ाव जारी रखने की घोषणा। 10 फरवरी : शहर में कलश यात्रा निकाली गई। 11 फरवरी : संतों ने मांग पूरी होने पर महापड़ाव स्थगित करने का शपथ पत्र दिया, मौन जुलूस निकाला। 12 फरवरी : सरकार के निर्देश जारी होने के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा। खेजड़ी संरक्षण कानून की तैयारी, प्रशासन अलर्ट राजस्व विभाग के निर्देशों के बाद अब प्रदेशभर में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खेजड़ी कटाई रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही विशेष कानून लाकर खेजड़ी संरक्षण को स्थायी रूप से मजबूत किया जाएगा।

हरियाणा में अब CET अंकों के आधार पर होगी ग्रुप-D के पदों पर भर्ती

चंडीगढ़. जरूरी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। अब ग्रुप डी पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) के आधार पर होगा। सामाजिक, आर्थिक के आधार मिलने वाले अंकों का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए पिछली परीक्षाओं में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट सूची 95 अंकों पर तैयार होगी। इस संबंध में सरकार ने वीरवार को अधिसूचना जारी की। जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती व सेवा शर्तें) अधिनियम-2018 की धारा-26 में संशोधन किया गया है। अब नई व्यवस्था के तहत सीईटी का कुल स्कोर 100 प्रतिशत सीईटी अंकों पर आधारित होगा। ग्रुप डी के पदों के लिए सीईटी के पाठ्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया है। पहले भाग में 75 प्रतिशत अंक होंगे। उनमें सामान्य जागरूकता, तर्क, अंग्रेजी, हिंदी शामिल रहेंगे। हरियाणा से संबंधित विषयों के लिए 25 अंक रहेंगे जिसमें हरियाणा से संबंधित सामान्य ज्ञान, इतिहास, साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति से संबंधित सवाल होंगे।