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सीमा हैदर का असर भारी, गुलाम को पीछे हटना पड़ा एक मोर्चे पर

ग्रेटर नोएडा चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है।   चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है। एक तरफ जहां सीमा हैदर यूट्यूब से होने वाली कमाई से सचिन का ना सिर्फ घर चला रही है, बल्कि नया मकान भी बनवा दिया है तो दूसरी तरफ गुलाम उसे गाली दे-देकर थक चुका है। हैदर ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली है। दरअसल, सीमा हैदर के भारत आने के बाद जब वह पकड़ी गई तो मीडिया और सोशल मीडिया में वह बहुत चर्चित हो गई। इस बीच सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर ने भी सोशल मीडिया पर एंट्री मारी। सीमा की तरह वह भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मशहूर हो गया। एक तरफ लोग सीमा की प्रेम कहानी सुनते तो दूसरी तरफ गुलाम हैदर की झुंझलाहट को देखते थे। लाइक्स, कॉमेंट और व्यूज के जरिए होने वाली कमाई ने हैदर को भी एक नया रोजगार दे दिया था। गुलाम हर दिन वीडियो बनाने लगा। कभी लाइव आकर तो कभी लंबे-लंबे वीडियो बनाकर व्यूज बटोरने लगा। वह कभी सीमा हैदर को गालियां देता, कभी उसका नाम लेकर थूकता, कभी अपने बच्चों को वापस पाने की तड़प दिखाता, कभी भारत सरकार से बच्चों की वापसी के लिए गुहार लागाता था। इधर से सीमा कुछ कहती तो अगले दिन गुलाम उसका जवाब लेकर हाजिर होता था। सीमा के डांस वीडियो, सचिन के संग रोमांस, सचिन के बच्चे की मां बनने आदि से जुड़े वीडियो पर गुलाम हर दिन यूट्यूब लाइव करने लगा। शांत पड़ चुका है गुलाम हैदर एक तरफ सीमा के व्यूज बढ़ते चले गए तो दूसरी तरफ एक ही बात को हर दिन दोहराने की वजह से गुलाम हैदर के व्यूज घटने लगे। धीरे-धीरे वह कम वीडियो बनाने लगा और अब पिछले एक महीने से पूरी तरह शांत पड़ चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक के साथ ही उसने यूट्यूब पर भी आना बंद कर दिया है। गुलाम हैदर आखिरी बार करीब एक महीने पहले यूट्यूब पर लाइव हुआ था और तब उसने सीमा की बजाय बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर अपनी भड़ास निकाली थी। डॉ. नुसरत का हिजाब हटाए जाने से वह बौखलाया हुआ था। इधर यूट्यूब की कमाई से सीमा की बल्ले-बल्ले एक तरफ जहां गुलाम हैदर शांत पड़ चुका है तो दूसरी तरफ सीमा हैदर पूरी तरह एक व्लॉगर बन चुकी है। बच्चों को पालने से लेकर बाहर जाने, घर के कामकाज से जुड़े वीडियो बनाकर वह यूट्यूब से अच्छी कमाई कर रही है। सीमा ने कभी अपनी कमाई का खुलासा तो नहीं किया लेकिन हाल हमें उसने एक बार फिर कहा कि यूट्यूब की कमाई से ही सचिन का घर चल रहा है और उन्होंने नया मकान भी बनवा लिया है। सचिन दूसरी बार पिता बनने जा रहा है तो सीमा छठे बच्चे को जन्म देने वाली है।

तारिक रहमान के सत्ता में आने से बदलेगा भारत-बांग्लादेश समीकरण, हिन्दुओं पर क्या असर?

ढाका पड़ोसी देश की कमान संभालने जा रहे नए नेतृत्व ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' नीति की बात कही है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से प्रेरित बताई जा रही है। पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक दिन पहले (12 फरवरी को) हुए संसदीय चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत हासिल की है। कुल 299 में से 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है। इन नतीजों से स्पष्ट है कि तारिक रहमान अब बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। तारिक रहमान ने इन चुनावों में जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी के गठबंधन को करारी शिकस्त दी है। इस राजनीतिक बदलाव का असर केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पड़ोसी भारत और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर भी इसका साफ असर पड़ सकता है। भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद भारत ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही बांग्लादेश के नए नेतृत्व को बधाई देकर यह संकेत दिया कि वह संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहता है। यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में ठंडापन आ गया था। भारत की नजर में BNP को अक्सर कट्टरपंथी विचारधारा वाली जमात-ए-इस्लामी के मुकाबले ज्यादा लोकतांत्रिक विकल्प माना जाता रहा है। बांग्लादेश फर्स्ट नीति और संतुलन की रणनीति पड़ोसी देश की कमान संभालने जा रहे नए नेतृत्व ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' नीति की बात कही है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से प्रेरित बताई जा रही है। इसका मतलब यह हो सकता है कि बांग्लादेश भारत, चीन और पाकिस्तान, तीनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करेगा। यह भारत के लिए राहत की बात हो सकती है क्योंकि अंतरिम सरकार के दौरान मोहम्मद यूनुस प्रशासन का जोर पाकिस्तान और चीन के साथ नजदीकी बढ़ाने पर रहा था। ऐतिहासिक तनाव बनाम व्यावहारिक मजबूरी भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4000 किलोमीटर लंबी सीमा, व्यापार, बिजली आपूर्ति और कनेक्टिविटी जैसे मजबूत संबंध हैं। इसलिए दोनों देशों के लिए सहयोग जरूरी माना जाता है, चाहे दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद क्यों न हों। हालांकि बांग्लादेश की नई युवा पीढ़ी में भारत को लेकर संदेह भी बढ़ा है, खासकर तब से जब शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं। भारत की कूटनीतिक सक्रियता दूसरी तरफ, भारत ने पिछले एक साल में BNP नेतृत्व के साथ संबंध सुधारने की कोशिश तेज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बीमारी के समय समर्थन जताया था। पिछले साल, जब तारिक की मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रही थीं, तो प्रधानमंत्री मोदी ने सबके सामने चिंता जताई और भारत का सपोर्ट ऑफर किया। BNP ने तुरंत शुक्रिया अदा करते हुए इसका जवाब दिया था। कुछ दिनों बाद, खालिदा ज़िया की मौत के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर 2024 की अशांति के बाद ढाका जाने वाले पहले भारतीय नेता बने और तारिक रहमान से मिले। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पर्सनल लेटर भी उन्हें सौंपा था। PM मोदी ने भेजा बधाई संदेश शुक्रवार को PM मोदी तारिक रहमान को बधाई देने वाले पहले नेताओं में से एक थे। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मज़बूत करने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूँ।" साफ है कि पीएम मोदी ने पुराने कड़वे अतीत को पीछे छोड़ते हुए, सावधानी से द्विपक्षीय संबंधों को तेजी से आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए क्या संकेत? हाल के वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं को लेकर चिंता रही है। ऐसे में ये अटलें लगना स्वाभाविक है कि नए नेतृत्व को लेकर हिन्दुओं के लिए क्या संकेत हैं। दरअसल, रहमान ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि धर्म व्यक्तिगत है लेकिन राज्य सभी नागरिकों का है। अगर तारिक रहमान की यह नीति जमीन पर लागू होती है, तो बांग्लादेश के लगभग 8% हिंदू समुदाय के लिए सुरक्षा और भरोसा बढ़ सकता है।

सक्ती वन परिक्षेत्र एवं उड़नदस्ता की संयुक्त कार्रवाई

रायपुर. जैजैपुर क्षेत्र के दो आरा मिल सीलबंद वन संरक्षण एवं अवैध लकड़ी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। वनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में सक्ती वन परिक्षेत्र की टीम एवं उड़नदस्ता दल ने संयुक्त रूप से जैजैपुर क्षेत्र में संचालित आरा मिलों पर छापामार कार्रवाई करते हुए दो आरा मिलों को सीलबंद कर दिया। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार हलेश्वर कुमार साहू, तुषार तथा गोपाल प्रसाद चंद्रा जैजैपुर द्वारा संचालित आरा मिलों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेखों एवं वैधानिक प्रावधानों की जांच की गई। जांच उपरांत अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित आरा मिलों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध कटाई एवं लकड़ी के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों के विरुद्ध आगे भी सतत अभियान जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने सभी आरा मिल संचालकों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी

रायपुर. बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री  शर्मा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई                  गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण   गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है।  उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में  शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है। अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं। गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है। राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई  शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है। अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य         गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी … Read more

SC का बड़ा आदेश: हिमाचल में इस तारीख तक हर हाल में होंगे पंचायत और निकाय चुनाव

हिमाचल सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को आंशिक राहत देते हुए राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की अंतिम समय-सीमा 31 मई 2026 तय कर दी है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया हर हाल में 31 मई तक पूरी की जाए और इसमें किसी तरह की अनिश्चित देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी। इसमें 30 अप्रैल 2026 तक चुनाव संपन्न कराने की समय-सीमा तय की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए चुनाव की अंतिम तारीख 31 मई कर दी, लेकिन यह भी साफ किया कि आरक्षण रोस्टर 31 मार्च 2026 तक हर हाल में अंतिम रूप देकर लागू किया जाए। अदालत ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अनिश्चित काल तक टाला नहीं जा सकता और प्रशासनिक कठिनाइयों के बावजूद तय समय-सीमा के भीतर चुनाव कराना राज्य की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने क्या दलील दीं? सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि इस बार कड़ी सर्दी, भारी बर्फबारी, कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूटने और दूरदराज जनजातीय इलाकों में आवागमन बाधित रहने के कारण जमीनी स्तर पर चुनाव की तैयारियां समय पर पूरी करना मुश्किल हो रहा था। सरकार ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा तय समय-सीमा में आरक्षण की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध नहीं था। राज्य सरकार ने यह भी प्रश्न उठाया कि आपदा जैसी परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के तहत चुनाव प्रक्रिया को सीमित अवधि के लिए स्थगित करने की कितनी अनुमति है। हालांकि अदालत ने राज्य की दलीलों को सीमित रूप से स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव तय समय के भीतर कराना अनिवार्य है और इन्हें अनिश्चित काल तक टालना उचित नहीं है।अदालत के इस आदेश के बाद अब ध्यान राज्य निर्वाचन आयोग पर रहेगा, जिसे संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 मार्च तक आरक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी और 31 मई 2026 तक पंचायत और नगर निकाय चुनाव संपन्न कराने होंगे। जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद प्रदेश की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके अनुसार एक फरवरी से पंचायतों की सभी शक्तियां प्रशासकों के पास हैं। कार्यकाल पूरा हो चुका है सरकार की अधिसूचना के अनुसार अधिकांश पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो गया है, हालांकि लाहौल-स्पीति जिले के केलांग उपमंडल की पंचायतों, चंबा जिले के पांगी उपमंडल की पंचायतों और कुल्लू जिले की चार ग्राम पंचायतों को फिलहाल इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। समय पर चुनाव न हो पाने के कारण यह अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है। समितियों का गठन किया गया है राज्य सरकार ने पंचायतों के संचालन के लिए समितियों का गठन किया है। इनमें ग्राम पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी को अध्यक्ष और पंचायत सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भी संबंधित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों को सदस्य और सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय कार्य बिना बाधा जारी रह सकें।

राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने ग्राम बैहाटोला में 25 लाख लागत के मंगल भवन का किया भूमिपूजन

अनूपपुर.  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने आज जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बैहाटोला में 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मंगल भवन का भूमिपूजन किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, वैवाहिक तथा सामुदायिक आयोजनों के लिए एक सुलभ, सुव्यवस्थित एवं सर्वसुविधायुक्त स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि यह मंगल भवन विशेष रूप से कम आय वर्ग के नागरिकों को कम खर्च में आयोजन की सुविधा प्रदान करेगा। इससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। ऐसे सामुदायिक भवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए समारोहों को अधिक सुविधाजनक, किफायती एवं व्यवस्थित बनाकर जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र हितग्राही को सीधे लाभान्वित कर रही है। किसानों के कल्याण हेतु बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय मांगों की पूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मती ममता मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

आयुष्मान कार्ड योजना गरीबों के लिए वरदान- राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल

अनूपपुर. मध्य प्रदेश शासन की कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर एवं संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत एवं मध्य प्रदेश को विकसित बनाने का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा देखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड योजना लागू की गई है, जो गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध कराया जाता है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल कोतमा में निजी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का परम कर्तव्य है कि मरीज अपनी पीड़ा लेकर आए और उपचार के पश्चात स्वस्थ एवं संतुष्ट होकर वापस जाए, यही चिकित्सक की वास्तविक उपलब्धि होती है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयर एम्बुलेंस योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ डॉक्टर की अनुशंसा एवं कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर पात्र हितग्राहियों को सरलता से उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि कोतमा के विश्वनाथ गोस्वामी सहित अन्य हितग्राही भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शहडोल संभाग में वर्तमान समय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संभाग में मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जहां 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, सभी इन सेवाओं का लाभ लें और स्वस्थ रहें। स्वास्थ्य शिविर में 518 मरीजों ने लिया निःशुल्क उपचार का लाभ*  राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने स्वास्थ्य शिविर के दौरान दंत चिकित्सा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र परीक्षण एवं जनरल चेकअप सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। प्रभारी मंत्री ने स्वयं भी बीपी एवं शुगर का भी जांच कराया। शिविर में लगभग 518 लोगों ने पंजीयन कराकर निःशुल्क परीक्षण एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत कोतमा श्री अभिषेक सिंह, नगर पालिका परिषद कोतमा के पार्षद राजेंद्र सोनी सहित श्री पुष्पेंद्र जैन, श्री  हनुमान गर्ग सहित जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।

गर्मी में पावर कट से बचने की बिजली कंपनियों ने की खास तैयारी

पटना. बिहार में इस बार लोगों को गर्मी के दौरान बिजली से जुड़ी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. बढ़ती गर्मी और संभावित बिजली की मांग को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की खास रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की संचालन और रखरखाव समीक्षा बैठक हुई. ऊर्जा सचिव ने क्या आदेश दिया? जानकारी के मुताबिक, बैठक में गर्मियों के लिए बिजली प्रबंधन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में ऊर्जा सचिव ने कहा कि पीक लोड के दौरान भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए ट्रांसफॉर्मरों, फीडरों और ग्रिड उपकेंद्रों की पूर्व-रखरखाव योजना पर सख्ती से अमल किया जाए. हॉट-लाइन मेंटेनेंस की गति तेज करने, कमजोर और दोषपूर्ण लाइनों की पहचान कर तत्काल मरम्मत और स्टैंडर्ड संचालन प्रक्रिया के शत-प्रतिशत पालन करने का आदेश दिया गया. इन्हें किया गया अलर्ट इसके साथ ही उन्होंने यह क्लियर किया कि गर्मी में फॉल्ट और ब्रेकडाउन की स्थिति न्यूनतम रखने के लिए फील्ड लेवल पर टीमें अलर्ट मोड में रहें. ऊर्जा सचिव ने बिजली लाइनों पर कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर भी जोर दिया. बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मियों के लिए तैयारियों की जानकारी दी. बढ़ सकता है बिजली का बोझ जानकारी के मुताबिक, बिहार में लोगों पर बिजली बिल का बोझ बढ़ सकता है. 1 अप्रैल 2026 से बिजली की नई दरें लागू हो सकती हैं. बिहार विद्युत विनियामक आयोग को राज्य की दोनों बिजली कंपनियों (साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन) की तरफ से टैरिफ प्रस्ताव भेजा गया है. इसके साथ ही बिजली के रेट में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं.

‘PMO बने सेवा तीर्थ?’ AAP नेता का हमला, बोले– अब पूजा ही बाकी रह गई है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ करने पर आप नेता संजय सिंह ने तंज कसा है। कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 साल में कोई काम तो नहीं किया है, लेकिन अब अपने कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखकर बता दिया कि वह भगवान का अवतार हैं। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं और उनकी पूजा करें। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर उनकी पूजा करें, PM ऑफिस का नाम सेवा तीर्थ करने पर AAP नेता का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ करने पर आप नेता संजय सिंह ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 साल में कोई काम तो नहीं किया है, लेकिन अब अपने कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखकर उन्होंने बता दिया कि वह भगवान का अवतार हैं। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं और उनकी पूजा करें। आप सांसद ने कहा कि पिछले 12 साल में देश की जनता को ना महंगाई से राहत मिली और ना ही युवाओं को रोजगार मिला है। मोदी जी सिर्फ इमारतें बनवा रहे हैं, लेकिन उन इमारतों में कोई काम नहीं हो रहा है। वो जहां बैठेंगे वहां लोग तीर्थ के रूप में जाएंगे आप नेता ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि सेवा तीर्थ का मतलब है कि वे भगवान का अवतार हैं, आम इंसान तो हैं नहीं। वो जहां बैठेंगे वहां लोग तीर्थ के रूप में जाएंगे। काम-धाम तो कुछ होना नहीं है। 12 साल हो गया ना 24 करोड़ रोजगार मिला नौजवानों को, ना काला धन आया, ना 15 लाख मिला और ना 15 अगस्त 2022 तक सबको पक्का मकान मिला। आप सांसद ने कहा कि मोदी जी किस प्रकार से देश की सेवा कर रहे हैं, यह एक बड़ा सवालिया निशान है। बाकी वो अपने आप को अवतार मानते हैं। नॉन बाइलॉजिकल हैं। जहां वो बैठेंगे वह तीर्थ स्थान ही माना जाएगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मैं तो समझता हूं कि लोग नारियल लेकर जाएं उनके पास। 12 साल में तो हमें कुछ दिखता नहीं सारे मंत्रालयों के लिए एक ही कर्तव्य भवन बनाने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि कर्तव्य क्या हो रहा है। कर्तव्य भवन बना लीजिए, सेवा तीर्थ बना लीजिए, लोगों से कहिए कि नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं, लेकिन काम क्या हो रहा है। काम तो बताइए। आपने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने को कहा था, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी, काला धन आएगा और 15 लाख मिलेगा, आपने कहा था कि 15 अगस्त 2022 तक सबको पक्का मकान मिलेगा। आप नेता ने कहा कि काम क्या हो रहा है। सेवा क्या हो रहा है आपके माध्यम से। क्या कर रहे हैं आप। आप पूंजीपतियों की सेवा कर रहे हैं। बड़े-बड़े लोगों को, अंबानी और अडाणी को करोड़ों कमवा रहे हैं। इमारते बनवाने से थोड़े ही न काम होगा। 12 साल में तो हमें कुछ दिखता नहीं है कि काम हो रहा है। वंदे मातरम् से इनका कोई लेना-देना नहीं वंदे मातरम् पर उन्होंने कहा कि इससे उनका लेना-देना क्या है। क्या इनके पुरखों ने कभी वंदे मातरम् गाकर जेल काटी है। क्या अंग्रेजों ने कभी उन पर धारा लगाई है। मैंने आरएसएस के चार लोगों के नाम पूछे थे जो वंदे मातरम् गाकर जेल गए थे, आज तक वे नहीं बता सके। वंदे मातरम् से इनका कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, एक नई चीज परोसी जा रही है, ताकि लोग पुरानी चीजें भूल जाएं। वंदे मातरम् आप दिनभर गाते रहिए, हमें कोई परेशानी नहीं है। आप नेता ने सवाल किया कि वंदे मातरम् देश के कितने लोगों को आती है। उन्होंने कहा कि इस देश के 99 प्रतिशत लोगों को पूरा वंदे मातरम् नहीं आती, तो क्या वे देशभक्त नहीं हैं। जो हमारा मजदूर है, रिक्शे वाला है, ऑटो वाला है, क्या वो देशभक्त नहीं है। ये सब सिर्फ बंगाल के चुनाव के लिए हो रहा संजय सिंह ने कहा कि भाजपा का एक काला इतिहास है जो देश के लोगों को जानना चाहिए। भाजपा ने नागपुर के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा झंडा नहीं फहराया, जो इनकी मातृ संस्था है आरएसएस। दूसरा इनका काला इतिहास है कि 28 दिसंबर 1949 में पांचजन्य में एक लेख छपा है जिसमें राष्ट्र गान जन-मन-गण को मनोरंजन का एक चीज बताया गया है। तो क्या भाजपा अपने पूर्वजों के इन गुनाहों के लिए देश से माफी मांगेगी। आप नेता ने कहा कि ये सब सिर्फ बंगाल के चुनाव के लिए हो रहा है, जिसे देश की जनता को समझ जाना चाहिए।