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2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पांचवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया सीएम योगी ने

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: सीएम योगी राप्तीनगर विस्तार स्पोर्ट्स सिटी योजना के एलआईजी व ईडब्ल्यूएस आवंटियों को सीएम के हाथों मिला आवंटन पत्र गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कैसे होता है, आज गोरखपुर उसका मॉडल बन चुका है। विकास कैसे होना चाहिए, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश यह साबित कर रहा है। आज गोरखपुर में सब कुछ है और उत्तर प्रदेश में भी। सीएम योगी शनिवार को वार्ड नंबर-22 जंगल तुलसीराम के बिछिया कॉलोनी में बने शहर के पांचवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। यह कल्याण मंडपम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को देवाधिदेव महादेव की उपासना के महापर्व महाशिवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज विकास के कार्य हर स्तर पर किए जा रहे हैं। अभी केंद्र और प्रदेश सरकार के बजट में युवाओं, महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक तबके के लिए ढेर सारी स्कीम आई हैं। ये ढेर सारी स्कीम समय-समय पर प्रारंभ होगी तो उसका लाभ प्रदेशवासियों के साथ गोरखपुरवासियों को भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम की आवश्यकता और इसके महत्व को समझाते हुए कहा कि आज से 15-20 साल पहले तक लोग शादी-विवाह के लिए सड़क पर टेंट लगाकर आयोजन करते थे। तब आबादी कम थी, यातायात के साधन कम थे तो कोई समस्या नहीं होती थी। लेकिन, अब घराती हो या बराती, सबको ऐसा स्थान चाहिए, जिससे किसी को असुविधा न हो। हर व्यक्ति महंगे होटल या मैरिज हाउस का खर्च नहीं उठा सकता। अब होटल और मैरिज हाउस जैसी अत्याधुनिक सुविधा कल्याण मंडपम में मिनिमम यूजर चार्ज पर उपलब्ध हो रही है। इतना ही नहीं, कई बार एक ही दिन में हजारों शादियां होने से भी कल्याण मंडपम की उपयोगिता बढ़ रही है। सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर महानगर में पांच कल्याण मंडपम बन गए हैं। इसके अलावा पांच अन्य मंडपम जंगल बेनी माधव,  बशारतपुर, नकहा नम्बर दो, महादेव झारखंडी और सेमरा में बन रहे हैं। अधिकतर में उन्होंने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज लोकार्पित बिछिया के कल्याण मंडपम के लिए उन्होंने दो करोड़ रुपये अपनी विधायक निधि से दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक कार्यों के लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण की निधि के साथ ही पार्षद, महापौर, विधायक और सांसद निधि का भी इस्तेमाल हो रहा है। कल्याण मंडपमों से वास्तविकता में गरीबों का कल्याण होगा और रोजगार का सृजन भी होगा। नया मॉडल बन रहा बिछिया सीएम योगी ने कहा कि पहले बिछिया की क्या स्थिति थी, सभी जानते हैं। सड़कों की समस्या थी तो जलभराव की भी। अब यहां की सड़कें ऐसी हैं कि जाम लगेगा ही नहीं। यहां से गुजरने वाला जो गोड़धोइया नाला पहले आम दिनों में कीचड़ से पटा रहता था और बरसात में जलभराव का कारण बनता था, वह जलनिकासी का मॉडल बनेगा। नाला बन जाने, एसटीपी चालू हो जाने के बाद लोग उसे देखने आएंगे। बिछिया अच्छी सड़कों और जलनिकासी का नया मॉडल बन रहा है। हर तबके को मिल रही आवास की सुविधा अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर तबके को आवास की सुविधा मिल रही है। राप्तीनगर विस्तार में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बन रहा है और हर तबके के लिए आवास की सुविधा भी दी जा रही है। ऐसे ही आवास की सुविधा अन्य जगहों पर भी उपलब्ध करवाई जा रही है। मानीराम के पास भी बहुत बड़ी हाउसिंग स्कीम आ रही है। आज सबकुछ है गोरखपुर में सीएम योगी ने कहा कि आज गोरखपुर में सबकुछ है। यहां एम्स आ गया है, मेडिकल कॉलेज सुदृढ़ हो गया है। फर्टिलाइजर कारखाना चल गया है। यहां हर तरफ अच्छी सड़कें और फोरलेन की कनेक्टिविटी है। गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर के लिए फोरलेन सड़कें हैं। यहां बाईपास भी बन रहे हैं। अब जाम नहीं लगने पाएगा। जाम से जड़ता आती है, इसलिए गोरखपुर को जाम से मुक्त बनाना है। इसके लिए गोरखपुर के लोग लगातार सहयोग कर अपना योगदान देते हैं। इसके चलते ही विकास के अच्छे परिणाम सामने आते हैं। अब गोरखपुर में उद्योग भी लग रहे हैं। पिछली सरकारें बेईमानी करती थीं, बीमारी लाती थीं अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि पिछली सरकारें बेईमानी करती थीं और बीमारी लाती थीं। हम लोगों ने बेईमानी को रोका है और बीमारी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। आज इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी नहीं है। लेकिन, यह हम सबका दायित्व है कि शुद्धता और स्वच्छता पर ध्यान दें। गंदगी न होने दें, कूड़ा सड़क या नाली में न फेकें। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। पर्यावरण बचाएंगे तभी आपको पर्यावरण बचाएगा मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की सीख देते हुए कहा कि आप पर्यावरण को बचाएंगे तभी पर्यावरण आपको बचाएगा। दिल्ली की हालत देखिए, वहां घुटन भरी जिंदगी हो गई है। ऐसा लगता है कि जैसे गैस चैंबर में हों। एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी खराब स्थिति में है। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होती है। डॉक्टर बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों को घर से बाहर जाने से मना करते हैं, जबकि गोरखपुर में कितना शानदार माहौल है। कहीं कोई दिक्कत नहीं, कहीं कोई दमघोंटू माहौल नहीं। जब हम धरती माता के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करेंगे तो धरती माता भी उसी प्रकार का आशीर्वाद देकर कल्याण करेंगी। हम सबको योगदान देना होगा, गंदगी न करनी है और न ही करने देनी है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होने देना है। जो न माने, उसके बारे में प्रशासन को बताएं सीएम योगी ने कहा कि रामगढ़ताल इतना अच्छा बन गया है, लेकिन कुछ लोग आज भी वहां झूठे पत्तल, डिब्बे आदि डाल देते हैं। इससे गंदगी होगी, मच्छर पनपेंगे, बीमारी होगी। इन सबसे बचना चाहिए और कोई गलत कर रहा तो उसको रोकना भी चाहिए। अगर वह … Read more

IND vs PAK मैच अपडेट: पाकिस्तान ने चुनी गेंदबाजी, भारत पर बड़ी पारी का दबाव

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में टी20 विश्व कप मैच खेला जा रहा है। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले बांग्लादेश के प्रति एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करने का फैसला लिया था। लेकिन कुछ दिन बाद यू टर्न लेते हुए मैच खेलने के लिए राजी हो गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद , बांग्लादेश और श्रीलंका क्रिकेट के बीच हफ्तों तक लंबी बातचीत हुई। टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान की टीमें कागज के साथ मैदान पर भी काफी मजबूत हैं और इस वजह से इस बार फैंस को कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को मिल सकता है। हालांकि प्रेमदासा स्टेडियम की पिच के रिकॉर्ड को देखते हुए ये उम्मीद लगाई जा रही है कि ये मैच हाईस्कोरिंग नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला उसी पिच पर खेला जाएगा, जहां जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। वहीं सूर्यकुमार यादव ने बताया है कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलेंगे। टी20 विश्व कप में किसका पलड़ा भारी टी20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़े अंतर से दबदबा बनाया हुआ है। टी20 विश्व कप में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 8 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से भारत ने सात जीते हैं और एक मुकाबला पाकिस्तान ने अपने नाम किया है। पाकिस्तान ने विश्व कप में पिछली बार भारत को 2021 में 10 विकेट से हराया था। वहीं भारत ने न्यूयॉर्क में खेले गए पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 6 रनों की रोमांचक जीत हासिल की थी। T20 WC 2026 में भारत-पाकिस्तान का प्रदर्शन सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने अपने पहले मुकाबले में अमेरिका को 29 रनों से हराकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया था। वहीं सलमान अली आगा की अगुवाई में पाकिस्तान ने नीदरलैंड को करीबी मुकाबले में तीन विकेट से मात दी थी। दूसरे मैच में भारत ने नामीबिया को 93 रनों से करारी शिकस्त दी थी। जबकि पाकिस्तान ने अपने दूसरे मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ 32 रनों से जीत हासिल की। टीमें : भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती । पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।

दुर्ग जिला पंचायत की बैठक में अनुपस्थित पंचायत सचिवों का वेतन काटने का आदेश

दुर्ग. जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद पंचायत धमधा के ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक हुई. इसमें अनुपस्थित धमधा क्षेत्र के 16 ग्राम पंचायत सचिवों के एक दिन का वेतन काटने आदेश जारी किया गया. वहीं दो पंचायत सचिवों को नोटिस जारी की गई है. बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), ग्राम संपदा ऐप, समर्थ पोर्टल, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्वच्छ भारत मिशन, विभिन्न पेंशन योजनाओं तथा महतारी योजना अंतर्गत भुगतान एवं ट्रांजैक्शन प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की ग ई T योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं तकनीकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए. समीक्षा के दौरान कुछ पंचायत सचिवों के बैठक में अनुपस्थित पाए जाने पर इसे कार्य के प्रति लापरवाही मानते हुए उनके एक दिवस के वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया. यह आदेश तत्काल प्रभाव लागू होगा तथा माह फरवरी 2026 के वेतन में से एक दिवस की कटौती किए जाने कहा गया है. इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत पंगबंधी के पंचायत सचिव को समर्थ पोर्टल में कार्य नहीं करने के कारण निलंबन नोटिस जारी किया गया. वहीं ग्राम पंचायत रहटादाह के पंचायत सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लापरवाही के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. फुण्डा पंचायत के रोजगार सहायक को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्य में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसी प्रकार ग्राम पंचायत फुण्डा में अतिक्रमण कर आवास निर्माण किए जाने की शिकायत पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा को 3 दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए गए आवास निर्माण में रुचि नहीं लेने वाले 146 हितग्राहियों के प्रकरण राशि वसूली हेतु तहसील कार्यालय को प्रेषित किए गए हैं. संबंधित प्रकरण 2 दिवस के भीतर जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं. बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को गति देगी एआई कौशल क्रांति

    प्रदेश सरकार लाखों युवाओं के लिए शुरू करेगी एआई और इमर्सिव तकनीकों का व्यापक प्रशिक्षण अभियान डिजिटल अवसंरचना से डिजिटल दक्षता तक, टैबलेट बने कौशल विकास का माध्यम, निवेश और उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की रणनीति भविष्य के रोजगारों की ठोस रणनीति और तैयारी के साथ आगे बढ़ने को तैयार उत्तर प्रदेश लखनऊ,  योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते कुछ वर्षों में विकास की जिस नई कार्यसंस्कृति को स्थापित किया है, उसका केंद्र बिंदु केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि ह्यूमन कैपिटल (मानव पूंजी) का सशक्तीकरण भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना प्रदेश में 25 लाख युवा शक्ति को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित कर उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने का व्यापक अभियान है। योगी सरकार का स्पष्ट मत है कि 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा केवल संसाधनों की नहीं, बल्कि कौशल की है। प्रदेश में पहले चरण में डिजिटल अवसंरचना को मजबूत किया गया। बड़ी संख्या में युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराए गए, ताकि डिजिटल पहुंच सुनिश्चित हो सके। अब उसी आधार को मजबूत करते हुए सरकार इन उपकरणों को कौशल विकास के प्रभावी माध्यम में बदल रही है। एप्लिकेशन आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक और उद्योगोन्मुख शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे सीधे रोजगार या कारोबार से जुड़ सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान केवल बजट का आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है। योगी सरकार युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं, दक्ष और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में एआई और उन्नत तकनीकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश अपने युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना रहा है। सरकार का यह प्रयास व्यापक आर्थिक रणनीति से जुड़ा हुआ है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है। डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के साथ अब आवश्यकता कुशल मानव संसाधन की है। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जब स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे तो उद्योगों को भी गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। इस योजना की विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवा भी डिजिटल माध्यम से उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय असमानता कम करने में मदद मिलेगी और प्रदेश के हर हिस्से में समान अवसर उपलब्ध होंगे। योगी सरकार की सबका साथ सबका विकास की अवधारणा इसी प्रकार की योजनाओं के माध्यम से साकार हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रोजगार का स्वरूप तकनीक आधारित होगा। ऐसे में यदि राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर कौशल उन्नयन किया जाता है तो यह बेरोजगारी की चुनौती को काफी हद तक कम कर सकता है। योगी सरकार का यह कदम युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करेगा और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। भविष्य में इसके लाभ -युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, जिससे वे उभरते एआई आधारित उद्योगों में सीधे रोजगार पा सकेंगे -प्रदेश में निवेश करने वाली कंपनियों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी -स्वरोजगार और स्टार्टअप की संभावनाएं बढ़ेंगी, क्योंकि तकनीकी रूप से दक्ष युवा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे -ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी एआई और उन्नत डिजिटल तकनीकों में 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना केवल कौशल विकास कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का ये कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अगले दशक के लिए रीडिफाइन करने वाला है।  इससे प्रदेश की युवा शक्ति नौकरी तलाशने वाली भीड़ नहीं, बल्कि इनोवेशन और निवेश को आकर्षित करने वाली दक्ष कार्यशक्ति में बदलेगी। मनिन्द्र अग्रवाल, डायरेक्टर, आईआईटी, कानपुर

गर्लफ्रेंड को लेकर 12वीं के छात्र का स्कूल के सामने से अपहरण

बिलासपुर. शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्कूली छात्रों के बीच गर्लफ्रेंड को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि 12वीं के एक छात्र को स्कूल के सामने ही चाकू की नोक पर अगवा कर मारपीट की गई। मामले में पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ अपहरण और मारपीट का अपराध दर्ज किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि अपहरण करने वालों में दो छात्र नाबालिग हैं, जबकि एक छात्र केवल दो माह पहले ही बालिग (18 वर्ष) हुआ है। तीनों स्कूली छात्र हैं। मेडिकल एजेंसी संचालक व अमेरी रोड, देवेंद्र नगर निवासी हर्ष द्विवेदी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार उनका बेटा यज्ञ द्विवेदी, जो सिविल लाइन क्षेत्र के अमेरी चौक स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र है, 11 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान स्कूल के सामने सफारी वाहन (CG 10 N 7511) से पहुंचे तीन स्कूली छात्रों ने उसे रोका और गाली-गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपियों में से एक ने यह कहते हुए विवाद किया कि वह उसकी गर्लफ्रेंड से बात क्यों करता है। विरोध करने पर आरोपियों ने यज्ञ के गले पर चाकू अड़ा दिया और जबरन वाहन में बैठा लिया। इसके बाद छात्र को गोविंदम पैलेस के पीछे ले जाकर मारपीट की गई। तीन आरोपी, दो नाबालिग बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों में से केवल एक छात्र उसी स्कूल में पढ़ता है, जबकि बाकी उसके दोस्त हैं। एक आरोपी कक्षा 9वीं का छात्र है, दूसरा 12वीं में पढ़ता है। तीनों में से दो नाबालिग हैं, जबकि एक छात्र दो माह पहले ही बालिग हुआ है। पहले से चल रहा था विवाद यह भी सामने आया है कि छात्रों के बीच पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। यह भी चर्चा है कि आहत छात्र द्वारा एक आरोपी को मैसेज कर बुलाया गया था, जिसके बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया। हालांकि पुलिस इन बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही करेगी। सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। दूसरी ओर, आहत छात्र को चोटें आई हैं। सफारी गाड़ी और बेसबॉल बैट जब्त पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त सफारी गाड़ी समेत मारपीट में इस्तेमाल हुई बेसबॉल बैट भी जब्त की है। दोनों नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है तथा एक बालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जांच के बाद सारे तथ्य सामने आ सकेंगे।

नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र की मंजूरी

सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी विस्तार को हरी झंडी परी चौक से बॉटनिकल गार्डन का सफर भी होगा आसान, यात्रा समय घटेगा योगी सरकार की शहरी कनेक्टिविटी रणनीति को मिलेगा बल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंचेगा लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे। इसके संचालन में आने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगी। यह कॉरिडोर नोएडा से ग्रेटर नोएडा की यात्रा भी सुगम बनाएगा। इस फैसले को उत्तर प्रदेश में शहरीकरण और औद्योगिक विकास के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के शहरी विकास और निवेश प्रोत्साहन मॉडल में मजबूत कनेक्टिविटी को आधार स्तंभ माना गया है और यह परियोजना उसी रणनीति का विस्तार मानी जा रही है। यह नया कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे नोएडा व ग्रेटर नोएडा के निवासियों को सीधे दिल्ली और अन्य प्रमुख ट्रांजिट हब से जुड़ने का लाभ मिलेगा। इससे दिल्ली एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक पहुंच और सुगम होगी। एक्सटेंशन कॉरिडोर से नोएडा के कई प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सेक्टर-142 स्थित एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल, सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा, सेक्टर-145 में माइक्रोसॉफ्ट, सेक्टर-157 में टीसीएस, सेक्टर-126 में हैवेल्स, सेक्टर-132 में इंफोसिस और एडोबी, सेक्टर-135 में कॉग्निजेंट तथा सेक्टर-127 में ओरेकल जैसे बड़े संस्थानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस विस्तार से जुड़ेंगे। सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय, सेक्टर-91 का पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-44 का महामाया बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अब मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से कनेक्ट होंगे। इसके अलावा बॉटनिकल गार्डन और सेक्टर-93 पार्क जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इस विस्तार से सड़क यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। मेट्रो को सड़क परिवहन का प्रभावी विकल्प बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की बचत होगी। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से जीवाश्म ईंधन आधारित परिवहन पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। “बुनियादी ढांचे के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिस तरह से नोएडा व ग्रेटर नोएडा विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों का हब बन रहे हैं, यह नया मेट्रो रूट दिल्ली व नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को सुगम कर नए निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों को भी बल देगा। योगी सरकार का लक्ष्य नोएडा और ग्रेटर नोएडा को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाना है। यह परियोजना उसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सतत शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है।” –    शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ

रोहतक दोहरे हत्याकांड में 10 के खिलाफ केस दर्ज

रोहतक. हरियाणा के रोहतक जिले में गांव पोलंगी में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मृतकों के बड़े भाई जगमेंद्र उर्फ नान्हा सुरक्षा कारणों से अपने दोनों भाईयों का अंतिम संस्कार गांव में न कर रोहतक के शीला बाईपास स्थित श्मशान घाट में किया। जगमेंद्र ने कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में चार टीमों का गठन किया है और लगातार छापेमारी की जा रही है। जगमेंद्र ने बताया कि दो वर्ष पहले ट्रैक्टर से टक्कर मारने की घटना के बाद रंजिश शुरू हुई थी। तब से लगातार धमकियां मिल रही थीं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जगमेंद्र ने बताया कि घटना के समय वह कोर्ट की तारीख पर गया हुआ था। सुबह करीब 11:15 बजे जब वह घर लौटा तो माहौल बदला हुआ था। बाहर कुछ लोग खड़े थे और अंदर से रोने की आवाजें आ रही थीं। जैसे ही वह आगे बढ़ा, कुछ लोगों ने कहा कि ये भी आ गया। इसके बाद उसे भाईयों की हत्या की जानकारी मिली। सुबह घर से निकलते समय भाईयों से सामान्य बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि खाना खा लेना और प्लॉट में लगी सब्जियों को पानी दे देना। भाईयों ने हंसते हुए जवाब दिया था कि इस बार कोर्ट से लंबी तारीख लेकर आना। किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। मृतक कर्मबीर भगवान में गहरी आस्था रखता था और 40 दिन के व्रत पर था, जिनमें से 12 दिन पूरे हो चुके थे।

राजधानी भोपाल में आग से हड़कंप: फर्नीचर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, कई दमकल गाड़ियां जुटीं

भोपाल राजधानी के कस्तूरबा नगर स्थित चेतक ब्रिज के पास रविवार दोपहर करीब सवा चार बजे एक फर्नीचर की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जो करीब सात से आठ किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। उस धुंए का देखकर हर किसी के मन में यही बात उठ रही थी कि इतनी भीषण आग कहां लग गई। फायर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रही है। दमकल कर्मियों के सामने खड़ी हो गई चुनौती चूंकि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर का सामान रखा था, इसलिए आग की ऊंची लपटों ने दमकल कर्मियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। फिलहाल हादसे में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और निगम की दमकलें एक के बाद एक मौके पर पहुंच रही हैं।

श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

₹382 करोड़ की योजना में ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी  लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक का किया जा रहा निर्माण प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 की होगी, कुल 4,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ लखनऊ  शहरी क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुल स्वीकृत धनराशि का 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में जारी किया जा चुका है। इससे निर्माण कार्य को गति मिली है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में यह परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए कुल ₹382 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सीएंडडीएस को दी गई जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में सीएंडडीएस को इस परियोजना का कार्यदायी संस्थान नामित किया है। विभागीय स्तर पर भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक समेत कुल आठ छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 महिलाओं की होगी। इस प्रकार कुल 4,000 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर इन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, भोजनालय, सामान्य बैठक कक्ष तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यह है कि रोजगार के लिए शहरों में आने वाली महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके। महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में प्रस्तावित छात्रावास के लिए आवश्यक अनुमति के लिए प्रक्रिया जारी है। संबंधित प्राधिकरणों से स्वीकृति प्राप्त होते ही वहां भी निर्माण कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न उद्योगों, सेवा क्षेत्रों, निजी संस्थानों और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। आवास की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उनके सामने बड़ी समस्या बनती हैं। इस परियोजना के माध्यम से सरकार न केवल सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करा रही है, बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम भी उठा रही है। महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। योगी सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और उन्हें कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समयसीमा के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के शहरी श्रमबल को मजबूती मिलेगी और कामकाजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। सुरक्षित और किफायती छात्रावास व्यवस्था महिलाओं को रोजगार के अवसरों से जुड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

सूरजकुंड मेले में वूलन सिल्क व कॉटन के कारपेट कर रहे दर्शकों को आकर्षित

फरीदाबाद. 39 में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज आखिरी दिन है। हरियाणा के गवर्नर समापन करेंगे। वहीं मेले की समाप्ति को देखते हुए शुक्रवार को 2 लाख मेला पर्यटक मेला देखने आए। भारी संख्या में मेला दर्शक मेला प्रांगण में पहुंच रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कारपेट लेकर आए क्राफ्ट मैन ने बताया कि मेले में उनके हैंडमेड और मशीन मेड कारपेट की भरी मांग बनी हुई है और मेला दर्शक इसे खरीद रहे हैं। खरीददारों ने भी बताया कि उनके डिजाइन यूनिक हैं और ऐसी क्वालिटी मार्केट में देखने को नहीं मिलती, इनके दाम भी वाजिब हैं। स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कार्पेट लेकर आए क्राफ्ट मैंने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए कारपेट की लाइफ 50 साल से भी ज्यादा है और इनमें नेचुरल कलर का प्रयोग किया गया है, जहां हैंडमेड कारपेट की लाइफ अधिक है। वहीं मशीनी कारपेट की लाइफ थोड़ी कम होती है। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध हैं और मेला दर्शक इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं। वहीं कारपेट खरीद रही महिलाओं ने बताया कि इनके द्वारा बनाए गए कारपेट बहुत ही यूनिक है और आम मार्केट में यह नहीं मिलते। इनके दाम भी वाजिब है और डिजाइन भी खूबसूरत है। इसलिए हम अपने घर के लिए कारपेट पसंद कर रहे हैं। एक अन्य महिला ने बताया कि उसने यहां से कारपेट खरीदे हैं और उनकी क्वालिटी जहां बेहतरीन है।