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जाते-जाते यूनुस के बिगड़े बोल, भारत और ‘सेवन सिस्टर्स’ पर दिया भड़काऊ बयान

ढाका बांग्लादेश के निवर्तमान अंतरिम सरकार प्रमुख Muhammad Yunus ने अपने विदाई भाषण में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसने एक बार फिर भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई तल्खी पैदा कर दी है। यूनुस ने भारत के ‘सेवन सिस्टर्स’ को नेपाल और भूटान जैसे संप्रभु देशों के साथ जोड़कर पेश किया, जिसे कई विश्लेषकों ने कूटनीतिक असंवेदनशीलता करार दिया। राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिए गए भाषण में यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश का समुद्र केवल सीमा नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ने का द्वार है और नेपाल, भूटान व ‘सेवन सिस्टर्स’ के साथ मिलकर इस क्षेत्र में “विशाल आर्थिक संभावनाएं” हैं। लेकिन भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग पहचान के रूप में पेश करना नई दिल्ली को नागवार गुजरा। यह बयान ऐसे समय आया है जब 2024 में Sheikh Hasina के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के रिश्ते पहले ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यूनुस लगातार भारत की क्षेत्रीय संवेदनशीलताओं को नजरअंदाज करते रहे हैं। इससे पहले मार्च 2025 में चीन यात्रा के दौरान यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को “लैंडलॉक्ड” बताते हुए बांग्लादेश को उनका “समुद्र का एकमात्र संरक्षक” कहा था। इस बयान पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने इसे “आपत्तिजनक और निंदनीय” बताया था।यूनुस के बयानों के बाद अप्रैल 2025 में भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांस-शिपमेंट सुविधा वापस ले ली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने साफ कहा था कि यह फैसला भारत के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर बढ़ते दबाव और लॉजिस्टिक अव्यवस्थाओं के कारण लिया गया। इसी बीच बांग्लादेश के भीतर हालात लगातार बिगड़ते गए। जुलाई 2024 के आंदोलन के बाद देश में हिंसा, अपराध, मॉब लिंचिंग और अल्पसंख्यकों खासतौर पर हिंदुओं पर हमलों में तेजी आई। महिलाओं के खिलाफ अपराध भी बढ़े हैं। यूनुस सरकार ने कानून-व्यवस्था बहाल करने का वादा किया था, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद हालात काबू में नहीं आ सके।विशेषज्ञों का मानना है कि यूनुस का कार्यकाल न केवल आंतरिक अस्थिरता बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति में भी विफलताओं का प्रतीक बन गया है। जहां एक ओर देश में इस्लामी कट्टरपंथ और अव्यवस्था बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी देशों के साथ गैर-जिम्मेदार बयानबाज़ी बांग्लादेश को और अलग-थलग कर सकती है।

त्योहार में घर जाना होगा आसान! दिल्ली से कोलकाता रूट पर 26 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट देखें

नई दिल्ली होली के त्योहार पर घर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। त्योहार के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं। यात्रियों की सुविधा और सुगम सफर सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने देश के विभिन्न प्रमुख रूटों पर 'होली स्पेशल' ट्रेनों के संचालन का आधिकारिक निर्णय लिया है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, कोलकाता, हावड़ा, नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे बड़े स्टेशनों से बिहार और झारखंड के विभिन्न शहरों के लिए ये ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हावड़ा और कोलकाता से बिहार के लिए विशेष ट्रेनें हावड़ा और रक्सौल के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए गाड़ी संख्या 03043 और 03044 का परिचालन किया जाएगा। यह ट्रेन 28 फरवरी से 15 मार्च के बीच हर शनिवार हावड़ा से और रविवार को रक्सौल से चलेगी। इसके अलावा एक और स्पेशल ट्रेन 03045 और 03046 भी इसी रूट पर मार्च के शुरुआती दिनों में उपलब्ध रहेगी। सीतामढ़ी, दरभंगा और समस्तीपुर के रास्ते चलने वाली इन ट्रेनों से उत्तर बिहार के यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। इसी तरह सियालदह और मधुबनी के बीच भी विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा हुई है। गाड़ी संख्या 03183 सियालदह से 28 फरवरी और 7 मार्च को रवाना होगी, जबकि वापसी में 03184 मधुबनी से 1 और 8 मार्च को चलेगी। कोलकाता से मधुबनी के लिए भी अलग-अलग तिथियों पर गाड़ी संख्या 03185, 03187 और 03188 का परिचालन सुनिश्चित किया गया है ताकि मिथिलांचल जाने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सके। दिल्ली और आनंद विहार से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें देश की राजधानी से बिहार के विभिन्न जिलों में लौटने वालों के लिए रेलवे ने आनंद विहार और नई दिल्ली से कई महत्वपूर्ण ट्रेनें जोड़ी हैं। आनंद विहार से शेखपुरा के लिए गाड़ी संख्या 04070 का संचालन 20 फरवरी से 6 मार्च के बीच विभिन्न तारीखों पर किया जाएगा। यह ट्रेन पटना और बिहारशरीफ होते हुए जाएगी। नई दिल्ली से बरौनी के बीच रोजाना चलने वाली स्पेशल ट्रेन 04054 और 04053 भी 20 फरवरी से 8 मार्च तक उपलब्ध रहेगी, जो गोरखपुर और हाजीपुर के रास्ते अपना सफर तय करेगी। सुपौल और सीतामढ़ी जाने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रबंध हैं। नई दिल्ली-सुपौल स्पेशल ट्रेन (04060/04059) 20 फरवरी से रोजाना चलेगी। वहीं दिल्ली से सीतामढ़ी के लिए 26 फरवरी और 5 मार्च को विशेष ट्रेन संचालित होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए आनंद विहार से लौकहा बाजार के बीच भी गाड़ी संख्या 04014 और 04013 का संचालन फरवरी के अंत और मार्च के पहले हफ्ते में किया जाएगा। दक्षिण और अन्य राज्यों से जुड़ने वाले रूट झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते बिहार आने वाले यात्रियों के लिए दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग स्पेशल ट्रेन (08753/08754) का ऐलान किया गया है। यह ट्रेन रांची, बोकारो और धनबाद होते हुए मधुबनी पहुंचेगी। राजस्थान की ओर जाने वालों के लिए हावड़ा से खातीपुरा (जयपुर) के बीच गया और डीडीयू के रास्ते विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। साथ ही, दिल्ली से ओडिशा जाने वाले यात्रियों के लिए आनंद विहार-खोरधा रोड स्पेशल ट्रेन का संचालन 27 फरवरी से 4 मार्च तक प्रतिदिन किया जाएगा, जिससे टाटानगर और भुवनेश्वर जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इन सभी ट्रेनों के चलने से न केवल नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा, बल्कि यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट से भी छुटकारा मिल सकेगा। यात्री इन ट्रेनों के समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। जयपुर रूट पर भी विशेष सेवा हावड़ा से खातीपुरा (जयपुर) के बीच भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। यह ट्रेन झाझा, किउल, नवादा, गया और डीडीयू जैसे स्टेशनों पर रुकते हुए यात्रियों को राजस्थान तक पहुंचाएगी। वापसी के लिए भी निर्धारित तारीखों पर सेवा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की तारीख और समय की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जरूर जांच लें। होली के दौरान भीड़ अधिक रहने की संभावना है, इसलिए समय से पहले टिकट बुक कराना बेहतर रहेगा। होली के अवसर पर चलाई जा रही इन स्पेशल ट्रेनों से हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और वे त्योहार अपने परिवार के साथ आराम से मना सकेंगे।

सीमा-सचिन बने छठी बार माता-पिता, घर में आई खुशियों की बहार

रबूपुरा रबूपुरा में रह रही पाकिस्तान से आई महिला सीमा हैदर ने मंगलवार को दूसरे बच्चे को जन्म दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में सीमा ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सीमा हैदर और सचिन के घर फिर गूंजी किलकारी, छठे बच्चे को दिया जन्म ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में रह रही पाकिस्तान से आई महिला सीमा हैदर छठी बार मां बनी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में सीमा ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद रबूपुरा पहुंचने पर सचिन के परिजनों ने बेटे के जन्म की खुशी में मिठाई बांटी। पिछले साल सीमा ने बेटी को जन्म दिया था। जोकि करीब ग्यारह महीने की हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की रहने वाली सीमा हैदर पबजी गेम खेलने के दौरान कस्बा रबूपुरा के रहने वाले सचिन मीणा के संपर्क में आई थी। उसके बाद दोनों में प्यार हो गया और तीन साल पहले सीमा अपने चार बच्चों को लेकर नेपाल के रास्ते भारत आ गए। वह रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही थी। इसका खुलासा होने पर सीमा हैदर के साथ सचिन मीणा व उसके पिता को भी जेल जाना पड़ा था। मामला महीनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा था। पिछले साल 18 मार्च को सीमा ने सचिन मीणा की बेटी को जन्म दिया था। इसके करीब ग्यारह माह बाद अब उसके बेटा पैदा हुआ है। हालांकि सचिन मीणा और उसके परिजनों ने इस संबंध में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। यूट्यूब पर हैं दो मिलियन सब्सक्राइबर सीमा और सचिन मीणा सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। दोनों यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ब्लॉग व तरह तरह की वीडियो बनाकर डालते रहते हैं। दोनों के यूट्यूब चैनल पर दो मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वहीं उनके इंस्टाग्राम पर भी फॉलोवर की संख्या एक मिलियन है।

महिला संबंधी अपराधों की जांच को बेहतर बनाने प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

भोपाल  महिला सुरक्षा शाखा पुलिस मुख्यालय द्वारा आज नवीन पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में “महिला अपराधों की विवेचना में सुधार” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला एवं बाल अपराधों की विवेचना को ओर अधिक प्रभावी, त्रुटिरहित एवं तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ बनाना था। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा), उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा), महिला थाना प्रभारी तथा उप निरीक्षक स्तर के विवेचक सहित कुल 62 पुलिस अधिकारी प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यशाला का शुभारंभ विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) श्री अनिल कुमार द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचना के दौरान दोनों पक्षों को सुनते हुए समस्त साक्ष्यों का समुचित संकलन एवं विश्लेषण किया जाए तथा पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने पर ही अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने विवेचकों को निर्देशित किया कि वे अपने पुराने प्रकरणों के निर्णयों का गंभीरता से अध्ययन करें और उनमें हुई त्रुटियों से सीख लेकर भविष्य की विवेचनाओं में सुधार करें। उन्होंने महिला थानों में आने वाली पीड़िताओं एवं शिकायतकर्ताओं की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई पर विशेष बल दिया। साथ ही दोषमुक्ति की दर कम करने, प्रभावी साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करने तथा पुलिस, अभियोजन एवं अन्य सहयोगी इकाइयों के मध्य बेहतर समन्वय और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रतिभागियों से विस्तृत चर्चा की। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए गए। बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में आयु निर्धारण विषय पर श्रीमती किरणलता केरकेट्टा, उप पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा); पॉक्सो एक्ट पर सुश्री मनीषा पटेल, एडीपीओ (पुलिस आयुक्त कार्यालय भोपाल); डीएनए सैम्पल के प्रकार एवं सैम्पलिंग के दौरान सावधानियों पर डॉ. ए.के. सिंह, फोरेंसिक विशेषज्ञ; यौन उत्पीड़न के मामलों में साइबर की भूमिका पर श्री प्रणय नागवंशी, एसपी (सायबर); तथा विवेचना को सुदृढ़ बनाने की प्रक्रिया पर सुश्री प्रियंका उपाध्याय, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला अभियोजन संचालनालय भोपाल एवं सुश्री अर्चना तिवारी, उप निरीक्षक, नगरीय भोपाल द्वारा जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को पॉक्सो एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधान, साक्षी संरक्षण योजना, पीड़िता की पहचान के प्रकटीकरण पर रोक तथा पीड़िता के अधिकारों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही डीएनए प्रोफाइलिंग, डीएनए फिंगरप्रिंट, सैम्पलिंग की वैज्ञानिक प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्य एवं साइबर फोरेंसिक के उपयोग, यौन उत्पीड़न मामलों में शिकायत की प्रक्रिया तथा विवेचना को सुदृढ़ बनाने और त्रुटियों से बचने के उपायों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।  

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मंगलवार को सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्‍वशासी महाविद्यालय भोपाल में कोचिंग संस्थानों के नियमों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने की। बैठक में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्देश एवं राष्‍ट्रीय कार्यबल के अनुक्रम में उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में विद्यार्थियों की आत्‍महत्‍या की रोकथाम एवं मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संरक्षण के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पैरा-37 के तहत कोचिंग सेंटरों के लिए नि‍यम अधि‍सूचित किए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा  राजन ने विद्यार्थियों, बैठक में सहभागिता करने वाले विभिन्न-विभागों के प्रतिनिधियों, कोचिंग सेंटर संचालकों एवं समिति सदस्यों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान भोपाल जिले के बीएसएस कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई। अपर मुख्य सचिव  राजन ने कहा कि विद्यार्थियों में बढ़ती मानसिक दबाव की स्थिति को गंभीरता से समझते हुए घटनाओं की प्रभावी रोकथाम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों को भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए और विद्यार्थियों को सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों और मानसिक समस्याओं का सामना नहीं कर पाते, जिसके कारण गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। इसलिए सभी संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों के हित में एक प्रभावी नि‍यम तैयार किया जाना है, जिससे मानसिक दबाव से उत्‍पन्‍न होने वाली गंभीर परिस्‍थ‍ितियों को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी उच्‍च शि‍क्षण संस्‍थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर जारी किए गए हेल्‍पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शि‍त किए जाएं। साथ ही व्‍यापक स्‍तर पर इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए। बैठक के दौरान राज्य में संचालित सभी कोचिंग संस्‍थानों का पंजीकरण, बेहतर संचालन, निर्धारित मानकों का पालन, कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी शुल्क व्यवस्था, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए एक समयबद्ध और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर चर्चा की गई। साथ ही सुझाव प्राप्‍त किए गए। यह बैठक प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के संचालन को सुव्यवस्थित, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उच्च शिक्षा आयुक्त  प्रबल सिपाहा ने कहा कि विद्यार्थियों को यह जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि उनके लिए ऐसे माध्यम उपलब्ध हैं, जहां वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर उचित सहयोग और परामर्श मिलने से विद्यार्थियों को मानसिक दबाव से उबरने में सहायता मिलती है और सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। बैठक में एम्स के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तन्यम जोशी ने प्रजेंटेशन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में गृह, जिला न्‍यायालय भोपाल, विधि एवं विधायी कार्य, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण और एडि‍शनल डीसीपी पुलि‍स और एनएलआईयू के प्रतिनिधि उपस्‍थ‍ित रहे। 

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने 26/11 शहीदों को नमन किया, मुंबई में दिखी भावनात्मक झलक

नई दिल्ली फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और प्रथम महिला Brigitte Macron ने सोमवार को मुंबई पहुंचते ही 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति मैक्रों ने पुष्पांजलि अर्पित कर आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा संकल्प को रेखांकित किया। 26/11 के नाम से कुख्यात इस आतंकी हमले में 10 आतंकवादियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई में घुसपैठ कर चार दिनों तक दहशत फैलाई थी। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक घायल हुए थे, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। फ्रांसीसी राष्ट्रपति की यह भारत की चौथी यात्रा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनके स्वागत में कहा कि यह दौरा भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी ने लिखा कि दोनों देशों की बातचीत से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और वैश्विक प्रगति को मजबूती मिलेगी। मुंबई हवाईअड्डे पर राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस यात्रा के दौरान दोनों नेता ‘Year of Innovation 2026’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे, जिससे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।   राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी के बीच रक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग पर विस्तृत बातचीत प्रस्तावित है। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों पर दोनों देशों का फोकस रहेगा। इसके बाद दोनों नेता दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे India AI Impact Summit 2026 में भाग लेंगे। 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित यह सम्मेलन ‘People, Planet और Progress’ के तीन सूत्रों पर आधारित है और ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन है। यह दौरा फरवरी 2025 में पेरिस में आयोजित AI Action Summit की निरंतरता माना जा रहा है, जहां भारत और फ्रांस ने वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में अपनी संयुक्त भूमिका को मजबूत किया था।  

योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक : रूपनारायण सिन्हा

रायपुर. छत्तीसगढ़ योग आयोग एवं  रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय शिक्षक एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ योग भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परंपरा है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने गहन शोध एवं अनुभव के आधार पर विकसित किया है। जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के स्वाभाविक व्यवहार का अध्ययन कर विभिन्न योग आसनों की रचना की गई, जो आज भी मानव जीवन को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।यह बात छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष  रूपनारायण सिन्हा ने कही। वे  रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी रायपुर में आयोग एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्ष  सिन्हा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नियमित योगाभ्यास अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है, जिसे योग के माध्यम से सहज रूप में प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रसेवा एवं राष्ट्रप्रेम को जीवन का सर्वोच्च आदर्श बताते हुए भावी शिक्षकों से स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शाल एवं पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात भारतीय परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। उक्त सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र संकाय अंतर्गत संचालित बी.एड. तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत 289 विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों को योग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें विद्यालय स्तर पर योग शिक्षण हेतु सक्षम बनाना है। इस अवसर पर आर्य समाज बैजनाथपारा रायपुर के प्राचार्य  योगीराज साहू, प्रति-कुलाधिपति प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य, कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, लेखा अधिकारी  गौरव देवांगन, परिवीक्षा अधिकारी  रविकांत कुंभकार, अधिष्ठाता शिक्षा संकाय प्रो. अभिषेक वास्तव, डॉ. ज्योति साहू सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

राज्यपाल के अपर सचिव भार्गव का विदाई समारोह सम्पन्न

भोपाल राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने राज्यपाल के स्थानांतरित अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव को विदाई दी। इस अवसर पर राज्यपाल की ओर से प्रमुख सचिव ने  भार्गव को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। विदाई समारोह लोकभवन में मंगलवार को आयोजित किया गया था। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने  भार्गव के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलने के लिए बधाई दी। उन्होंने  भार्गव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने आशा जताई कि लोकभवन के साथ  भार्गव का सम्पर्क और संवाद निरंतर बना रहेगा। राज्यपाल के स्थानांतरित अपर सचिव  भार्गव ने लोकभवन में बिताए गए समय को अपने प्रशासनिक जीवन का महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय अध्याय बताया। लोकभवन परिवार के सहयोग, पारस्परिक विश्वास एवं टीम भावना के कारण ही वे अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सके। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार माना। विदाई कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने  भार्गव के कार्यकाल को अत्यंत प्रभावी, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताया। वक्ताओं ने कहा कि  भार्गव ने अपने दायित्वों का निर्वहन उच्च प्रशासनिक दक्षता, समन्वय क्षमता एवं संवेदनशील कार्यशैली के साथ किया। उन्होंने लोकभवन में विभिन्न महत्त्वपूर्ण आयोजनों एवं संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। सभी ने  भार्गव के सौम्य व्यक्तित्व, सरल व्यवहार एवं निर्णय क्षमता की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि  भार्गव ने सदैव कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जो सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका सम्मान कर उन्हें गरिमामय एवं भावभीनी विदाई दी। विदाई समारोह का संचालन आई.टी. प्रमुख  जितेन्द्र पाराशर ने किया। आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाउस होल्ड मती शिल्पी दिवाकर ने किया। इस अवसर पर लोकभवन के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

समुद्री ताकत का प्रदर्शन: विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू देखेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार से आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी और 18 फरवरी को यहां आयोजित होने वाले 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा' (आईएफआर) का अवलोकन करेंगी। राष्ट्रपति का आज शाम यहां पहुंचने का कार्यक्रम है। पीआईबी द्वारा सोमवार को जारी की एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, "भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 और 18 फरवरी को आंध्र प्रदेश का दौरा करेंगी तथा 18 फरवरी को विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा' का अवलोकन करेंगी।" इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के भी शामिल होने की संभावना है। भारतीय नौसेना द्वारा 15 से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम में आईएफआर की मेजबानी की जा रही है। यह पहली बार है जब भारत इसकी मेजबानी 'मिलन अभ्यास' और 'आयन्स कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स' के साथ कर रहा है। इसका उद्देश्य सामूहिक समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक सहयोग को सुदृढ़ करना है। विशाखापत्तनम शहर दूसरी बार आईएफआर की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले यह यहां 2016 में किया गया था। इस समुद्री सम्मेलन में 100 से अधिक देश अपने जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और प्रतिनिधिमंडलों के साथ भाग लेंगे, जो वैश्विक नौसैनिक शक्ति, सहयोग और भारत के विस्तारित समुद्री दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। 

हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना

भोपाल. डायल-112 केवल आपात सेवा नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय, साहस और मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त प्रतीक है। हरदा जिले में भूसे से भरे ट्रक में लगी आग पर डायल-112 जवानों की सूझबूझ और तत्काल कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। दिनांक 16 फरवरी 2026 को रात्रि 2:18 बजे हरदा जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत टिमरनी रोड स्थित गिरिराज वेयर हाउस के पास खड़े भूसे से भरे एक ट्रक में आग लगने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक 400 संदीप कुजूर एवं पायलट मोहित ने देखा कि ट्रक में रखे भूसे के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए एफआरव्ही वाहन में उपलब्ध अग्निशमन यंत्र का उपयोग किया तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया। इस साहसिक कार्रवाई के दौरान आग बुझाते समय आरक्षक संदीप कुजूर का पैर आग की लपटों से झुलस गया, किंतु उन्होंने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए जन-सुरक्षा सुनिश्चित की। डायल-112 जवानों की त्वरित और साहसिक कार्यवाही से बड़ा हादसा टल गया। डायल-112 हीरोज द्वारा विषम परिस्थितियों में प्रदर्शित यह साहस और समर्पण पुलिस की जन-सेवा भावना को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करता है।