samacharsecretary.com

पीट-पीटकर बुजुर्ग की हत्या करने वाला SDM गिरफ्तार

बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हंसपुर गांव में रामनरेश की हत्या के आरोप में पुलिस ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और कुसमी क्षेत्र के एसडीएम करुण डहरिया तथा तीन अन्य विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया पुलिस को जानकारी मिली है कि रविवार देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के शासकीय वाहन में सवार होकर हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। जब वह गांव के करीब थे तब उन्होंने वहां ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और डंडे से उनकी पिटाई शुरू कर दी। इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत इस घटना में राम उर्फ रामनरेश, अजीत राम और आकाश अगरिया को चोट पहुंची। घटना के बाद तीनों को कुसमी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने रामनरेश को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो लोगों का इलाज किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया तथा मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उत्खनन रोकने गए थे पुलिस अधीक्षक ने बताया, ''पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी है कि वह क्षेत्र में बॉक्साइट का अवैध उत्खनन रोकने गए थे। लेकिन एसडीएम अपने साथ निजी व्यक्तियों को क्यों लेकर गए थे, इसकी जांच की जा रही है।'' घटना की जानकारी मिलने के बाद सर्व आदिवासी समाज, स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने मृतक परिवार को मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कुसमी में चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण जब अपने खेत की सिंचाई कर वापस लौट रहे थे तब एसडीएम और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया, ''घटना से आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम करने की कोशिश की। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उन्हें लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।'' पूर्व सीएम ने बोला हमला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे प्रशासनिक आतंकवाद कहा है तथा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बघेल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भाजपा के सुशासन में चल रहे 'प्रशासनिक आतंकवाद' ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने पांच-छह लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी। एसडीएम और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा। पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।''

F-5 वाला राफेल और भारत-फ्रांस डील: मैक्रों के दौरे के पीछे की वजह क्या है?

नई दिल्ली  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आ चुके हैं. इमैनुएल मैक्रों आज यानी मंगलवार को मुंबई पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज उनकी मुलाकात और बैठक होगी. इमैनुएल मैक्रों और मोदी की मुलाकात से रक्षा और तकनीक की दुनिया में हलचल मचने वाली है. इमैनुएल मैक्रों चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. इसका मुख्य मकसद भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. मगर उनकी यात्रा सबसे बड़ा फोकस है 3.25 लाख करोड़ रुपये की महाडील. जी हां, भारत और फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ रुपए की राफेल वाली मेगा डिफेंस डील होने वाली है. यह डील भारतीय वायुसेना को 114 आधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों से लैस करेगी. इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा न केवल डिप्लोमेसी का प्रतीक है, बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम को गति देने वाली सौगात भी है. अब सवाल है कि आखिर यह डील इतनी बड़ी क्यों है, और ‘F-5 वाला राफेल’ क्या बला है? इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का बैकग्राउंड देखें तो भारत और फ्रांस के रिश्ते पहले से ही मजबूत हैं. 2016 में 36 राफेल जेट्स की पहली डील के बाद दोनों देशों ने कई प्रोजेक्ट्स पर हाथ मिलाया. मसलन स्कॉर्पीन पनडुब्बियां. अब 2026 में यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि चीन की बढ़ती आक्रामकता और पाकिस्तान की हरकतों के बीच भारत अपनी हवाई ताकत को दोगुना करना चाहता है. इमैनुएल मैक्रों भी मानते हैं कि भारत फ्रांस का सबसे बड़ा साझेदार है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत राफेल की ताकत का सबूत देख चुका है. यही कारण है कि इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का मुख्य फोकस राफेल डील ही है. यह डील न सिर्फ रक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-फ्रांस साझेदारी की गारंटी भी बनेगी. भारत-फ्रांस के बीच बड़ी डील यह भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी हथियार खरीद है. रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हाल ही में राफेल डील को हरी झंडी दी. डील के तहत फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदे जाएंगे. इनमें से 18 विमान सीधे फ्रांस से ‘ऑफ-द-शेल्फ’ खरीदे जाएंगे यानी तैयार माल की तरह. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इसकी कुल लागत करीब 30 अरब यूरो (लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये) है. इसमें विमानों के अलावा रखरखाव, ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स और मिसाइल सिस्टम जैसे स्कैल्प भी शामिल हैं. यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को 50 फीसदी तक बढ़ा देगी, क्योंकि वर्तमान में 36 राफेल ही हैं. राफेल डील में क्या अहम? इस डील में एक चीज सबसे अहम है, वह है राफेल का एफ-5 वर्जन. जी हां, राफेल एक फ्रेंच लड़ाकू विमान है. यह ‘मल्टी-रोल’ वाला विमान है. जल, थल और नभ तीनों जगह कारगर. राफेल के अलग-अलग वर्जन हैं. जैसे F3, F4. अब नई डील में F4 और F5 वेरिएंट्स आ रहे हैं. भारत-फ्रांस के बीच राफेल डील की सबसे खास बात ये है कि इनमें से 24 विमान ‘सुपर राफेल’ होंगे. इन एडवांस्ड जेट को ही F-5 वर्जन कहा जा रहा है. अभी भारत के पास जो राफेल हैं, वे F-3 वेरिएंट के हैं. ये राफेल 4.5 जेनरेशन फाइटर माने जाते हैं. अभी जो डील होने जा रही है, इनमें ज्यादातर राफेल F-4 वर्जन के होंगे. यह अधिक एडवांस सिस्टम और अपग्रेड टेक्नोलॉजी के साथ आएंगे. जबकि F-5 राफेल एक ‘सुपर अपग्रेड वर्जन’ है. यह छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसा होगा. क्या है एफ-5 वाला राफेल? इसमें एडवांस्ड सेंसर, स्टील्थ फीचर्स (जो रडार से छिप जाएं), AI-बेस्ड ऑटोनॉमी (खुद फैसले लेना) और ‘किल-वेब’ तकनीक है, जो कई विमानों को एक साथ जोड़कर दुश्मन को निशाना बनाती है. F5 में नए इंजन, बेहतर मिसाइलें और ड्रोन इंटीग्रेशन होगा. भारत को 24 ‘सुपर राफेल’ भी मिलेंगे, जो F5 के प्रोटोटाइप हैं. फ्रांस इसे 2030 तक डिलीवर करेगा. यह डील सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है. भारत को राफेल डील के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलेगा, जिससे हम खुद राफेल जैसे विमान बना सकेंगे. आज क्या-क्या होगा?     भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 फरवरी 2026 को मुंबई जा रहे हैं. यहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलेंगे. पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17-19 फरवरी 2026 तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर हैं. वे भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा.     17 फरवरी को दोपहर करीब 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे. इस मीटिंग के दौरान, वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा करेंगे. उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसे नए और उभरते क्षेत्र में और डाइवर्सिफाई करने पर फोकस होगी. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक इंपॉर्टेंस के मुद्दों पर भी विचारों का लेन-देन करेंगे.     शाम करीब 5:15 बजे, दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, रिसर्चर्स और दूसरे इनोवेटर्स की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे. मैक्रों के दौरे पर क्या-क्या होगा? इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है. दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे. इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा. राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. और क्या-क्या होने की संभावना?     मोदी और मैक्रो की द्विपक्षीय बैठक के बाद करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना     रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र में होगा समझौता     मुंबई में दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का संयुक्त उद्घाटन करेंगे, जो 2026 तक दोनों देशों में मनाया जाएगा.     भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा     भारत सरकार ने हाल ही में फ्रांस से … Read more

राज्यपाल के अभिभाषण पर जोरदार चर्चा, इंदौर हादसों पर सत्र में हंगामा, मप्र में विधानसभा की कार्यवाही शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन के हंगामेदार होने के आसार है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। यह प्रावधान वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति के लिए लाया जा रहा है। 18 फरवरी को वर्ष 2026-27 का मुख्य बजट पेश किया जाएगा। सत्र के आज भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। पहले दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया था।  कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौत का मुद्दा उठाया था, आज फिर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18 फरवरी को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।  नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को लेकर विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक गंदा पानी लेकर विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मप्र विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू, इंदौर में हुई मौतों पर कांग्रेस का प्रदर्शन मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन के हंगामेदार होने के आसार है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। यह प्रावधान वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति के लिए लाया जा रहा है।  तिलहन संघ कर्मचारियों के वेतनमान का मुद्दा भी सदन में उठा विधानसभा में विधायक केशव देसाई ने न्यायालय के आदेश के बाद भी तिलहन संघ के कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने का मामला उठाया। इस सवाल का जवाब सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की बजाय नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कोर्ट के आदेश जारी हो रहे हैं, वैसे-वैसे सरकार कार्रवाई कर रही है। शासन के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के कर्मचारियों के वेतनमान निर्धारण के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को छठा वेतनमान दिए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अपील और अवमानना के प्रकरण लंबित हैं, इसलिए कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ कहा जा सकेगा। भाजपा को शर्म आनी चाहिए- कांग्रेस विधायक उज्जैन के तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि इंदौर प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरे विश्व में शर्मसार किया है। दूषित पानी पीने से लगभग 35 से 40 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति देकर ऊपर भेज दिया गया। इन मासूम लोगों की मौत के लिए जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। बीजेपी को शर्म आना चाहिए। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर ध्यानाकर्षण कांग्रेस विधायक आतिफ अकील भोपाल में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या और नियंत्रण में कमी को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं वरिष्ठ भाजपा विधायक जयंत मलैया दमोह जिले के अंतर्गत सीतानगर सिंचाई परियोजना की मूल डीपीआर में किए गए परिवर्तन की जांच को लेकर जल संसाधन मंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक आज शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मंत्रियों और विधायकों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। विपक्ष के सवालों का प्रभावी जवाब देने और मुख्य बजट को लेकर तैयारी पर विशेष जोर रहेगा। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में कांग्रेस पहले ही अपनी रणनीति तय कर चुकी है। ऐसे में आज सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।   

राज्य सरकार ने 11 महीने में लिया 72,900 करोड़ का कर्ज, बजट से एक दिन पहले फिर बढ़ेगा बोझ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष में कर्ज का नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को विधानसभा में तीसरा अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ ही सरकार बाजार से 5,600 करोड़ रुपये और उधार उठाने जा रही है। इसके बाद 11 माह में लिया गया कुल कर्ज बढ़कर 72,900 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से राजस्व सृजन करने वाली परिसंपत्तियां विकसित हुई हैं, जिससे दीर्घकाल में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।  चार चरणों में लिया जाएगा कर्ज सरकार चार अलग-अलग अवधियों के लिए ऋण जुटाएगी। इसमें 1,200 करोड़ रुपये आठ वर्ष के लिए, 1,400 करोड़ रुपये तेरह वर्ष के लिए, 1,600 करोड़ रुपये उन्नीस वर्ष के लिए और 1,400 करोड़ रुपये तेईस वर्ष के लिए जाएगा। इन सभी ऋणों का भुगतान अर्धवार्षिक किस्तों में किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।  फरवरी माह में लगातार तीसरे सप्ताह कर्ज लिया जा रहा है। इसी महीने अब तक कई किश्तों में उधारी ली जा चुकी है। 10 फरवरी को 5,000 करोड़ और 3 फरवरी को 5,200 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए गए थे। नए ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल उधार की संख्या 40 तक पहुंच जाएगी। राशि जुटाने के लिए राज्य सरकार प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की नीलामी करेगी। यह प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 को मुंबई स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के फोर्ट कार्यालय में आयोजित होगी। बोली प्रक्रिया आरबीआई के ई-कुबर (Core Banking Solution) प्लेटफॉर्म पर सुबह 10:30 से 11:30 बजे के बीच पूरी की जाएगी। प्रतिभूतियां न्यूनतम 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर जारी की जाएंगी। 

क्रिकेट धमाका: सुपर 8 में जगह बनाने वाली 5 टीमें तय, बाकी 3 स्थान के लिए मची जोरदार प्रतिस्पर्धा

नई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में खेलने वाली 8 में से 5 टीमों के नाम फाइनल हो चुके हैं. भारत, श्रीलंका, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने अगले दौर में जगह बनाई. इस वक्त सिर्फ 3 टीमें आगे जा सकती है और अपने अपने ग्रुप में सभी बेहतर करके आखिरी 8 में जगह बनाने की कोशिश में है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे के अगले मुकाबले तय करेंगे कि वो सुपर 8 में जाएंगे या सफर खत्म हो जाएगा. भारत: ग्रुप ए में 6 अंक, +3.050 एनआरआर भारत ने रविवार को कोलंबो में पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर आठ में जगह पक्की की. भारत अब तक टूर्नामेंट में अजेय रहा है और तीन में से तीन मैच जीते हैं. तीसरी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की तलाश में भारत ने 2026 की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ की थी. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन बनाकर टीम के 29 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई. हार्दिक पंड्या के ऑलराउंड प्रदर्शन से नामीबिया के खिलाफ 93 रन से जीत मिली, वहीं ईशान किशन की धमाकेदार 77 रन की पारी ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच भारत की झोली में डाल दिया. श्रीलंका: ग्रुप बी में 6 अंक, +2.462 एनआरआर को-होस्ट श्रीलंका के लिए अब तक टूर्नामेंट शानदार रहा है. आयरलैंड के खिलाफ 20 रन की जीत से अभियान की शुरुआत की और उसके बाद लगातार मजबूत प्रदर्शन किया. कंडी में ओमान को 105 रन से हराया. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबदबा दिखाया. ओपनर पथुम निसांका ने 52 गेंद में नाबाद 100 रन बनाकर टीम को 182 रन के लक्ष्य को दो ओवर रहते आठ विकेट से जीत दिलाई और सुपर आठ में जगह पक्की की. वेस्टइंडीज: ग्रुप सी में 6 अंक, +1.820 एनआरआर वेस्टइंडीज की दमदार बल्लेबाजी लाइन-अप टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही चर्चा में थी और अब तक बल्लेबाजों ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए लगातार तीन जीत दिलाई हैं. शुरुआत स्कॉटलैंड के खिलाफ 35 रन की जीत से हुई और नेपाल के खिलाफ नौ विकेट से जीत के साथ क्वालीफाई किया. इंग्लैंड के खिलाफ प्रदर्शन सबसे खास रहा, जहां शेरफेन रदरफोर्ड की अगुवाई में टीम ने 196/6 रन बनाए और इंग्लैंड को 166 रन पर समेट दिया. दक्षिण अफ्रीका: ग्रुप डी में 6 अंक, +1.477 एनआरआर शनिवार को दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराकर अपनी जीत की लय बरकरार रखी. कप्तान एडेन मार्करम ने सिर्फ 44 गेंदों में 86 रन की शानदार पारी खेली. अभियान की शुरुआत कनाडा के खिलाफ की, जहां बल्लेबाजों ने मिलकर 213 रन बनाए. कप्तान मार्करम ने अर्धशतक लगाया, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स ने तेज रन जोड़े. लुंगी एनगिडी ने चार विकेट लेकर 57 रन से जीत दिलाई. अफगानिस्तान के खिलाफ डबल सुपर ओवर में चार रन से रोमांचक जीत दर्ज की. इंग्लैंड: ग्रुप सी में 6 अंक, +0.201 एनआरआर इंग्लैंड ने नेपाल के खिलाफ करीबी जीत के बाद इटली के खिलाफ हाई-स्कोरिंग मुकाबला जीतकर ग्रुप स्टेज खत्म किया. अब तक चार मैचों में सबसे अच्छी जीत स्कॉटलैंड के खिलाफ पांच विकेट से मिली. वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा. इटली के खिलाफ 202/7 का स्कोर बनाया और इटली को 24 रन से हाराया. सुपर 8 की रेस में कौन सी टीमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे की टीमें अब भी रेस में बनी हुई है. इनको अपने मैच जीतने के अलावा दूसरी टीमों के नतीजे पर निर्भर रहना होगा. कौन सी टीमें पूरी तरह या लगभग बाहर स्कॉटलैंड, नेपाल, ओमान, नामीबिया, इटली, कनाडा की टीमें पूरी तरह से बाहर हो चुकी हैं जबकि अफगानिस्तान, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, यूएई ने एक-एक मैच जीता है और उनको अब भी चमत्कार की उम्मीद है.  

आस्था, संस्कृति और रामकथा से आलोकित हुआ राजिम कुंभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में  सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा। इस अवसर पर अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी। उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

42 स्व-सहायता समूह करेंगे रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण कार्य

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार  रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

ईसाई पादरियों पर ग्राम सभा के ‘प्रवेश प्रतिबंध’ बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

रायपुर. सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में ग्राम सभाओं द्वारा गांव के प्रवेश द्वारों पर लगाए गए उन होर्डिंग/नोटिस बोर्डों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी, जिनमें ईसाई पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर रोक का उल्लेख था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने आज सुनवाई के बाद याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही ग्राम सभाओं के पक्ष में फैसला बरकरार रहा। इस फैसले को ग्राम सभाओं की बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। मामले में छत्तीसगढ़ पंचायत विभाग ने भी पक्ष रखा और ग्राम सभाओं की कार्रवाई का समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्राम सभा को सुप्रीम कोर्ट से जीत मिली है। ग्रामीण अपनी संस्कृति को बचाने के लिए ऐसा कर सकते हैं।

‘आपातकाल और युवा’ विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार

 'आपातकाल और युवा' विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार  इमरजेंसी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर: भोपाल में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल वर्ष 1948 में स्थापित देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी द्वारा आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। "इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा" विषय पर केंद्रित यह विचार संगोष्ठी 19 फरवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 02:00 बजे से रायसेन रोड स्थित "सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी" परिसर भोपाल में आयोजित होगी। सत्ता और संगठन के प्रमुख चेहरों की होगी मौजूदगी***  इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। वहीं, मुख्य वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश जोशी (उपाख्य भैयाजी जोशी) अपने विचार साझा करेंगे। उनके संबोधन में आपातकाल के संघर्ष और वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए इसके सबक पर विशेष ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। कार्यक्रम की रूपरेखा को साझा करते हुए हिन्दुस्थान समाचार के क्षेत्रीय संपादक डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन में अतिथियों का विशिष्ट पैनल शामिल है, जिसमे विशिष्ट अतिथि: राजेंद्र शुक्ला (उपमुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन) एवं कैलाश सोनी (पूर्व राज्यसभा सदस्य), अध्यक्षता: अरविन्द भालचंद्र मार्डीकर (अध्यक्ष, हिन्दुस्थान समाचार समूह) एवं स्वागताध्यक्ष: डॉ. हरप्रीत सलूजा *(चेयरमैन, सैम ग्रुप, भोपाल) रहेगे।  क्यों खास है यह आयोजन* ? आपातकाल (1975-77) भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है, जिसने देश की राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दिशा बदल दी थी। 50 साल बाद, आज की युवा पीढ़ी को उस समय के संघर्ष, प्रेस की आजादी पर लगे अंकुश और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की कहानी बताना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। हिन्दुस्थान समाचार, जो स्वयं भारतीय पत्रकारिता के मूल्यों का संवाहक रहा है, इस चर्चा के माध्यम से इतिहास और भविष्य के बीच एक सेतु बनाने का प्रयास कर रहा है। उक्त जानकारी बड़वानी प्रतिनिधि राजेश राठौड़ ने बताया कि  इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा विषय पर दिनांक  19 फरवरी 2026 (गुरुवार) दोपहर 02:00 बजे से सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायसेन रोड, भोपाल मे आयोजन संपन्न होगा।

CM साय ने बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का बढ़ाया आत्मविश्वास

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है. उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है. मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है. मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी. लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है. यह स्वाभाविक है. यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं.     मेरे प्यारे बच्चों,     परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए-आप अकेले नहीं हैं। हम सब आपके साथ हैं।     परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 17, 2026 उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है. लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें. आपने पूरे वर्ष मेहनत की है. हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएं, समय का संतुलन बनाए रखें. पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे.