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SpiceJet की उड़ानों पर रोक: बांग्लादेश के फैसले के पीछे क्या है कारण?

ढाका हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया, सूत्रों ने बताया कि बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश ने एयरलाइन को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बकाया राशि के स्वरूप के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। बांग्लादेश ने स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया है क्योंकि बजट एयरलाइन ने अभी तक बकाया भुगतान नहीं किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। बांग्लादेशी हवाई क्षेत्र उपलब्ध न होने के कारण, एयरलाइन कोलकाता से गुवाहाटी सहित कुछ उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपना रही है। संपर्क करने पर, स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि एयरलाइन परिचालन और प्रक्रियात्मक मामलों पर संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है, जिसमें दिशा-निर्देशन संबंधी शुल्क भी शामिल हैं। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ''ये उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे हैं और हम इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए रचनात्मक रूप से काम कर रहे हैं। हमारी उड़ान सेवाएं अप्रभावित हैं और हम नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखे हुए हैं।'' हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया, सूत्रों ने बताया कि बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश ने एयरलाइन को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बकाया राशि के स्वरूप के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इस मुद्दे पर टिप्पणी मांगने के लिए बांग्लादेश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएबी) को भेजे गए ईमेल का भी तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। बृहस्पतिवार को फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों से पता चला कि कोलकाता से गुवाहाटी और इंफाल जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ानें बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर रही थीं और गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबे मार्ग अपना रही थीं। दोपहर के कारोबार में, बीएसई पर स्पाइसजेट के शेयर लगभग एक प्रतिशत गिरकर 16.81 रुपये पर आ गए। पिछले सप्ताह, स्पाइसजेट ने दिसंबर 2025 में समाप्त तीन महीनों में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा होने की सूचना दी, क्योंकि लागत में वृद्धि और एकमुश्त खर्चों ने बजट एयरलाइन के मुनाफे पर भारी असर डाला।  

योजना क्रियान्वयन में लापरवाही नहीं चलेगी, 100% उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के विकास कार्यों को प्रमुखता दे। मुख्य सचिव  जैन ने मंत्रालय में कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और निर्माण कार्यों को समय अवधि में पूर्ण करें। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में योजना बनाकर क्रियान्वयन में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव  जैन ने ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना में चयनित गांवों को बुनियादी सुविधाओं, गौपालन और डेयरी विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और "आदर्श ग्राम" के रूप में विकसित करने के लिए 31 मार्च तक विजन डॉक्यूमेंट को पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में उन्होंने पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोतों को विकसित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव  जैन ने जल जीवन मिशन में एकल नल जल योजना की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड कलेक्टर्स को कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के नवीन स्वीकृत भवनों के लिए निवाड़ी, पांढुर्ना, नीमच, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड को शीघ्रता से भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र है जो समाज के भविष्य को प्रभावित करते है। प्रदेश और समाज के विकास के लिए इन दोनों क्षेत्र में काम करना आवश्यक है। शिक्षा विभाग की योजनाओं की जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाने और ड्राप आउट को जीरो करने पर जोर दिया। उन्होंने शाला के बाहर के चिन्हांकित बच्चों में से एजुकेशन पोर्टल 3.0 में दर्ज विद्यार्थियों के प्रोफाइल प्रतिशत बढ़ाने पर जबलपुर संभाग और पन्ना एवं बालाघाट जिले की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य प्रदेश में किया जाना है, इसलिए जनगणना कार्य की अवधि को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र संचालित करें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि बच्चों का एलिमेंट्री प्री स्कूल एजुकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। यही पढ़ाई उनके आईक्यू में परिलक्षित होती है, इसलिए आगनबाड़ी में 3-6 वर्ष के बच्चों के पंजीयन को बढ़ाये। गाँव में जाकर सैंपलिंग चेकिंग करें पालकों से वन टू वन चर्चा करे। इसके लिए अपने जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास के अधिकारियों के समन्वय से कार्य कराये। मुख्य सचिव  जैन ने 8 मार्च, महिला दिवस तक सभी शासकीय शालाओं में बालिका शौचालय के निर्माण को पूर्ण करने के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने शासकीय विद्यालयों के भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल कराये और जरूरी होने पर बच्चों को दूसरे भवन में स्थानांतरित भी करें। रोजगार, उद्योग और निवेश से संबंधित केंद्र और राज्य की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को देने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और संत रविदास स्वरोजगार योजना आदि की जिलों में क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिए निर्देशित किया। मुख्य सचिव  जैन ने 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला के उत्पादों को जीआई टैग दिलवाने के प्रयास करें। उत्पादों की मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि कारीगरों के कौशल संवर्धन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आवश्यकतानुसार एक से अधिक उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' में शामिल करने के लिए भी प्रस्ताव भेजे। मुख्य सचिव  जैन ने डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की पहल के अंतर्गत जिलो में 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिये। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि इसमें जितना अधिक कार्य किया जाएगा प्रदेश के लिए उतना अच्छा होगा। यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है। सभी कलेक्टर अपने जिलों में इस कार्य को प्राथमिकता दें। मुख्य सचिव  जैन ने सुशासन, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, संकल्प से समाधान, सीएम हेल्पलाइन का समय सीमा में निराकरण, कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषकों को योजनाओं का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। बैठक में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि उपस्थित रहें।  

एपस्टीन विवाद ने पकड़ा तूल, किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू गिरफ्तार

ब्रिटेन एपस्टीन मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स के छोटे भाई पूर्व प्रिंस एंड्रयू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ब्रिटेन की थेम्स वैली पुलिस ने पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट में वुड फार्म से एंड्रयू को गिरफ्तार किया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और लगभग आठ सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी दिन में पहले पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित वुड फार्म पर पहुंचे और प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से 30 लाख से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज जारी किया गया था। इन दस्तावेजों में ऐसे ईमेल शामिल हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि एंड्रयू ने 2010 में जेफ्री एपस्टीन के साथ गोपनीय व्यापारिक जानकारियां साझा की थीं। गौर करने वाली बात यह है कि यह लेन-देन दिवंगत वित्त प्रबंधक को बाल यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराये जाने के दो साल बाद हुआ था। इसके अलावा फाइलों के ईमेल सुझाव देते हैं कि पूर्व प्रिंस एंड्रयू ने सिंगापुर, हांगकांग और वियतनाम के दौरों से संबंधित रिपोर्टों के साथ-साथ अफगानिस्तान में निवेश के संभावित अवसरों के बारे में संवेदनशील जानकारी भी साझा की थी। फाइलों के अनुसार, कुछ सामग्रियां एंड्रयू के तत्कालीन सलाहकार से प्राप्त होने के कुछ ही मिनटों बाद आगे भेज दी गयी थीं। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या आधिकारिक गोपनीयता नियमों का उल्लंघन किया गया था। उस समय एंड्रयू एक सरकारी व्यापार प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत था। यह एक ऐसा पद था, जहां संवेदनशील वाणिज्यिक और राजनीतिक जानकारी की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य था। पूर्व प्रिंस ने लगातार किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दस्तावेजों की नवीनतम खेप जारी होने के बाद से कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। ब्रिटेन में 'टेम्स वैली पुलिस' के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे इस बात का आकलन कर रहे हैं कि क्या औपचारिक जांच शुरू करने का कोई ठोस आधार है। राजशाही विरोधी अभियान समूह 'रिपब्लिक' की दर्ज करायी गयी शिकायत की अधिकारी समीक्षा कर रहे हैं। इसमें सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार के आधिकारिक गोपनीयता कानूनों के संभावित उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। वरिष्ठ शाही सदस्यों ने भी खुद को इस विवाद से दूर रखने की कोशिश की है। प्रिंस विलियम और वेल्स की प्रिंसेज कैथरीन के प्रवक्ता ने कहा कि लगातार हो रहे खुलासों से यह दंपती 'गहरी चिंता' में है और उनका ध्यान 'पीड़ितों पर केंद्रित' है। बता दें कि एंड्रयू विंडसर ने 2019 में एपस्टीन के साथ अपने संबंधों से उपजे भारी विवाद और आलोचनाओं के बीच सार्वजनिक कर्तव्यों से दूरी बना ली थी। 2022 में उन्होंने वर्जीनिया ग्यूफ्रे से वित्तीय समझौता किया था। ग्यूफ्रे ने उन पर तब यौन शोषण करने का आरोप लगाया था, जब वह किशोर थीं। इन आरोपों से एंड्रयू ने बार-बार इनकार किया था। तब 2022 में ही एंड्रयू से उनकी सैन्य उपाधियां और 'हिज रॉयल हाईनेस' शैली का उपयोग करने का अधिकार छीन लिया गया था। ग्यूफ्रे ने पिछले साल आत्महत्या कर ली थी।

खंडवा के डायल-112 हीरोज: संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की मिसाल

भोपाल  डायल-112 आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और विश्वास का सशक्त माध्यम बन रही है। खंडवा जिले में डायल-112 जवानों ने सूझबूझ और करुणा का परिचय देते हुए घर की राह भटके 07 वर्षीय दिव्यांग बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया। 18 फरवरीको खंडवाजिले के थाना मूंदी क्षेत्र अंतर्गत छलायी गाँव के पास सड़क पर एक 07 वर्षीय बालक मिलने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि बालक परिजनों के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है और पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना मूंदी क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक अमित चौहानएवं पायलट नासिर खानने बालक को संरक्षण में लिया। प्रारंभिक बातचीत और निरीक्षण में पाया गया कि बालक बोलने में असमर्थ (दिव्यांग) है तथा अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है। डायल-112 जवानों ने अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ बालक की देखभाल सुनिश्चित की। इसके पश्चात डायल-112एफआरव्ही वाहन के साथ बालक को लेकर आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ एवं परिजनों की तलाश में जुटे। स्थानीय नागरिकों से संपर्क और पूछताछ के दौरान बालक के परिजनों के परिचित मिले, जिनसे आवश्यक जानकारी प्राप्त कर बालक के परिजनों से संपर्क किया गया। डायल-112 जवान बालक को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन से चौकी लेकर पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को उसके पिता के सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय सेवा पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के मूल्यों को सुदृढ़ करती है।  

बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपितों के विरूद्ध बिजली कंपनी ने दर्ज कराई एफआईआर

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल शहर वृत्त के पूर्व शहर संभाग अंतर्गत शर्मा कॉलोनी में बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कंपनी के सुल्तानिया रोड कार्यालय प्रबंधक  धनराज सिंह ने बताया कि शर्मा कालोनी निवासी  अनूप कुमार द्वारा विद्युत देयक बकाया 55,818 रुपए जमा नहीं किया जा रहा था। विद्युत कर्मचारियों द्वारा मीटर सर्विस लाइन निकालने के दौरान मौके पर मौजूद  मनोज कुमार एवं उनके भाई  यशवंत कुमार के द्वारा विद्युत कंपनी के अधिकारी जूनियर इंजिनियर  धनराज सिंह, और कर्मचारी  प्रशांत सिंह,  शाकिब अली,  आदिल,  ज़ीशान एवं गार्ड  उमेश आर्मड के साथ गाली गलौज एवं बदसलूकी की गई। बाहस्त्रोत कर्मचारी आदिल को सर्विस लाइन निकालने के दौरान पत्थर से हमला किया गया, जिस कारण उसके पीठ एवं सर पर चोट आई है। मौके पर हंगामा करके सभी विद्युत कर्मियों को घेर लिया गया था। तदुपरांत शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी को कॉल पर अवगत कराने पर पुलिस बल ने बीच बचाव किया एवं मीटर सर्विस लाइन को जप्त किया गया। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आरोपितों  मनोज कुमार तथा  यशवंत कुमार के खिलाफ शाहजहांनाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 296(ए), 115(2), 132, 351(2), 3(5) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना शाहजहांनाबाद ने भी प्रकरण पर संज्ञान लेकर विवेचना शुरू कर दी है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तुरन्त एफ.आई. आर. कराने के निर्देश दिए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर / पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।  

बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर आयोजित

अनूपपुर महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से संकल्प से समाधान अभियान तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत परिवहन विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बालिकाओं और महिलाओं के लिए निःशुल्क पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें विधिवत ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती प्रीति रमेश, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी, जिला परिवहन अधिकारी  सुरेंद्र गौतम, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग मती मंजूषा शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर और संकल्प महाविद्यालय अनूपपुर की छात्राओं ने भी शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी ने कहा कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ वाहन चलाने के लिए सक्षम बनाना है। इससे महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी और वे शिक्षा, रोजगार और अन्य गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगी। शिविर के दौरान बालिकाओं को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग और सुरक्षित वाहन संचालन संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी सक्षम बनाती है। शिविर में 114 बालिकाओं/महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए।

राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी की रणनीति क्या—एक सीट पर दांव या NDA करेगी पूरा कब्जा?

नई दिल्ली राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को 10 राज्यों में होने वाले चुनाव के ऐलान के साथ बिहार में यह चर्चा तेज हो गई है कि राज्य की 5वीं सीट के लिए लालू यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कैंडिडेट उतारेगी या सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को वॉकओवर दे देगी। बिहार से 5 राज्यसभा सांसद हरिवंश, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद गुप्ता और एडी सिंह का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। लालू यादव की पार्टी से जिन दो सांसद प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है, वो दोनों राजद के खजाने के मजबूत खंभे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद 243 सीटों की विधानसभा में 202 विधायक एनडीए के पास हैं। बचे हुए 41 एमएलए में महागठबंधन के 35 ही हैं। बाकी 6 असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के हैं। राज्यसभा सांसद चुनाव के तय नियमों के अनुसार इन 5 सीट पर होने वाले चुनाव में 41 विधायकों का वोट हासिल करने वाला ही संसद पहुंच पाएगा। एनडीए कैंप में बीजेपी के 89, जेडीयू के 85, लोजपा-आर के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 कुल 202 विधायक हैं। एनडीए कैंप से तीन सांसद रिटायर हो रहे हैं, जिनमें दो जेडीयू के हरिवंश और रामनाथ गुप्ता जबकि तीसरे रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा खुद हैं। एनडीए के पास 202 विधायक हैं तो चार सीट तो उनकी पक्की है। सारा मसला 5वीं सीट को लेकर फंस रहा है, जिसे जीतने के लिए एनडीए के पास जरूरत से 3 वोट कम हैं। 41-41 वोट के हिसाब से एनडीए के 164 विधायक 4 सांसद जिता सकते हैं। इसके बाद एनडीए के पास 38 वोट बचते हैं, जो 5वीं सीट के लिए सीधे तौर पर काफी नहीं हैं। लेकिन मजेदार बात यह भी है कि एनडीए से बाहर पूरे विपक्ष के पास कुल 41 वोट ही है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास राजद के 25, कांग्रेस के 6, सीपीआई-एमएल के 2, सीपीएम और आईआईपी के 1-1 कुल 35 विधायक ही हैं। इसके पास एक सांसद को जिताने के 41 वोट से 6 कम वोट हैं। विपक्ष में एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक हैं, लेकिन वो विपक्षी गठबंधन के साथ रहें, तभी राजद के एक सांसद की मुश्किल से बात बन सकती है। लालू और तेजस्वी के सामने मुश्किल ये है कि राज्यसभा लड़ना है तो पहले तो वो प्रेमचंद गुप्ता और एडी सिंह में से किसी को कैंडिडेट चुनें। उसके बाद ओवैसी और मायावती के विधायकों का समर्थन भी हासिल करें। लेकिन, 5वीं सीट के लिए राजद के चुनाव लड़ते ही विपक्षी विधायकों के बीच खेला होने का खतरा बहुत ज्यादा है। एनडीए का सबसे बड़ा दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस खेल में अपना हुनर पहले के राज्यसभा चुनावों में भी दिखा चुकी है। बिहार में एनडीए के नेता रह-रहकर राजद और कांग्रेस में टूट की बातें करते ही रहते हैं। इस बार राज्यसभा चुनाव में तेजस्वी के राजनीतिक सूझ-बूझ और समन्वय की परीक्षा हो सकती है, अगर वो राजद की तरफ से एक सीट के लिए कैंडिडेट देते हैं। बीजेपी की राजनीति के तौर-तरीकों से यह तय है कि एनडीए 5 की 5 सीट लड़ेगी। अगर तेजस्वी किसी को लड़ाते हैं तो चुनाव में कुल 6 कैंडिडेट होंगे और फिर वोटिंग हो जाएगी। नजदीकी नंबर के जटिल खेल में वोटिंग को अपने पक्ष में करना बीजेपी को बहुत अच्छे से आता है। महागठबंधन में तोड़-फोड़ हो या मायावती या ओवैसी की पार्टियों में, ऑपरेशन लोटस की सूरत में तेजस्वी को नुकसान के गंभीर आसार हैं। इसलिए चर्चा यह होने लगी है कि राजद विपक्ष को एकजुट रखने की कीमत पर चुनावी एडवेंचर से दूर रह सकता है।  

कठिन समय में सुरक्षा और सम्मान की गारंटी — पुलिस मुख्यालय और भारतीय स्टेट बैंक की संयुक्त पहल

भोपाल . मध्यप्रदेश पुलिस की कल्याण शाखा द्वारा पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के आर्थिक कल्याण के उद्देश्य से लागू की गई पुलिस वेतन पैकेज योजना का लाभ अब प्रदेश के अनेक परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम भारतीय स्टेट बैंक , दमोह मुख्य शाखा द्वारा पुलिस वेतन पैकेज योजना के तहत स्वर्गीय आरक्षक श्री प्रदीप रैकवार के आकस्मिक निधन पर उनके नामिनी को 1 करोड़ रूपए की दुर्घटना बीमा दावा राशि का भुगतान किया गया। स्वर्गीय श्री प्रदीप रैकवार थाना रनेह, जिला दमोह में पदस्थ थे,जिनका कुछ माह पूर्व एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था। मध्यप्रदेश पुलिस और एसबीआई के बीच संपन्न हुए एमओयू के तहत सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

“भारतीय कौशल” को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है : मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत हमेशा से "कौशल" का देश रहा है। भारत में, कौशल परम्परागत रूप से विद्यमान रहा है और यही कौशल अतीत में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी रहा है। आज भी ग्रामीण भारत में, कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। ग्रामीण भारत के इस परंपरागत कौशल को वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता अनुरूप, आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  परमार ने कहा कि उद्योगजगत एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य खाई को पाटने के लिए सतत् कार्य कर रहे हैं। इसके लिए तकनीकी शिक्षा में, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण किए जा रहे हैं। उद्योगों को इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव बल तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार गुरुवार को भोपाल स्थित क्रिस्प संस्थान (सेंटर फॉर रिसर्च एंडइंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉर्मेंस) में, बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सीएसआर अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर परियोजना "स्वावलंबन" के समापन समारोह में, प्रशिक्षित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत को पुनः विश्वमंच पर अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए, युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण अपनाना होगा।  परमार ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने वाले भी तैयार हों और रोजगार देने वाले भी तैयार हों, इसके लिए स्टार्टअप संस्कृति और स्किल आधारित रोजगार ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।  परमार ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रिस्प संस्थान के प्रयासों की सराहना की।  परमार ने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की संस्कृति प्रचलन में हैं। स्वदेशी के भाव को आत्मसात करने से, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार होगी।  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए सभी के संकल्पित प्रयासों एवं पुरुषार्थ की आवश्यकता है। समारोह में मंत्री  परमार ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं चयनित युवाओं को जॉब ऑफर पत्र वितरित किए। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे में जॉइनिंग के लिए चयनित युवाओं की बस को शुभकामनाओं सहित हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान ने इसे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ज्ञातव्य है कि "स्वावलंबन" परियोजना के प्रथम चरण में भोपाल में 95 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इनमें सभी 95 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इनमें से 80 प्रशिक्षित युवाओं ने समारोह उपरांत जॉब जॉइन करने के लिए पुणे के लिए प्रस्थान किया है। इस अवसर पर संचालक क्रिस्प  अमोल वैद्य, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  शिरीष चंदेकर एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी)  अय्तोदा किरण. एस सहित बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) एवं क्रिस्प संस्थान के विभिन्न पदाधिकारीगण, प्रशिक्षित एवं चयनित युवा उपस्थित थे।  

दुर्गम शेडो एरिया में पुलिस की कार्यवाही

भोपाल. प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही सख्त एवं निरंतर कार्यवाहियों के क्रम में खरगोन पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। ऑपरेशन “प्रहार” के अंतर्गत खरगोन पुलिस द्वारा चौकी हेलापडावा, थाना चैनपुर क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से 5900 गांजे के पौधे, कुल वजन 2979 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 49 लाख 4 हजार 200रूपए(लगभग एक करोड़ उनचास लाख चार हजार दो सौ रुपये) का अवैध मादक पदार्थ जप्त किया है।यह कार्रवाई दुर्गम एवं शेडो एरिया (नो मोबाइल नेटवर्क जोन) में की गई, जहाँ पुलिस टीम को कई घंटों तक कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण)  अनुराग एवं उप पुलिस महानिरीक्षक निमाड़ रेंज खरगोन  सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक खरगोन  रविन्द्र वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  बिट्टू सहगल के मार्गदर्शन में की गई। दिनांक 18 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर चौकी हेलापडावा थाना चैनपुरपुलिस ने ग्राम सेन्द्रीयाघाटीगुवाडा स्थित खेत से कुल 5500 गांजे के पौधे, कुल वजन 2811 किलोग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 55 हजार रूपए का जप्त किए। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने ग्राम तिखलीबैडीपीडीजामली स्थित खेत से कुल 400 गांजे के पौधे, कुल वजन 168 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 8 लाख 49 हजार 200रूपए काजप्त किया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध पूर्ण गंभीरता, रणनीतिक योजना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है।