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पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद चिंतामणि महाराज

रायपुर पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद  चिंतामणि महाराज बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत राजपुर के सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद, सांसद सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला पशु रोगी कल्याण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम वर्चुअल रूप से जुड़े। इस दौरान सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक मती उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक मती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष मती हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी  आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर  आर.एन. पाण्डेय, जनपद एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। पीएम जनमन की सड़कों का मापदंडों के अनुरूप हो निर्माण: सांसद  चिंतामणि महाराज मंत्री  नेताम ने सांसद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कहा कि शराब पीकर और तेज गति से वाहन चलाने वालों पर सख्ती के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने हाट-बाजारों में भी प्रचार-प्रसार कर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने सुझाव दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना से बचने के लिए अनिवार्य रूप से हेलमेट एवं चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट की उपयोगिता सुनिष्चित करने को कहा। उन्होंने बैठक में पिछले वर्ष स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण हो चुके कार्यों की भी जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ मती नयनतारा सिंह तोमर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के महत्वपूर्ण कार्यों एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के अनुमोदन की जानकारी दी। उन्होंने डीएमएफ मद के अंतर्गत प्राप्त राशि एवं व्यय, कार्यों की प्रगति और महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।  सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा के संबंध में जनजागरूकता लाने और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने नाली निर्माण और पानी निकासी की उचित व्यवस्था के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालक आवष्यक दस्तावेजों के साथ यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाए यह सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता ना बरती जाए। पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर ने आगामी कार्ययोजना के बारे में अवगत कराते हुए जानकारी दी कि योजनाबद्ध तरीके से अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट और दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी। जिला पशु रोगी कल्याण समिति की बैठक में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने अब तक हुए कार्यों एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पंजीयन शुल्क के निर्धारण, आवश्यक संसाधनों के क्रय और विभागीय कार्यों के लिए तकनीकी मशीनों की खरीदी के संबंध में चर्चा कर इनके अनुमोदन हेतु प्रस्ताव रखे गए। 

माघ मेले की घटना पर अविमुक्तेश्वरानंद का कटाक्ष, बोले—बटुक पूजन से नहीं मिलेगा प्रायश्चित

वाराणसी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है। उन्होंने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे। कहा कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु- संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे। कहा कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं।

यूपी विधान परिषद में गंगा क्रूज मुद्दे पर तीखी बहस, सरकार ने दी सफाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में वाराणसी की गंगा नदी पर संचालित सरकारी और निजी क्रूजों को लेकर बुधवार को जोरदार चर्चा हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष के सवालों का विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में प्रश्न उठाते हुए पूछा कि वाराणसी में कितने सरकारी और निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं, उनके संचालन के मानक क्या हैं और क्या संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस पर मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में 5 सरकारी और 2 निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनके संचालन के मानक भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए गए हैं और उनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण संबंधी विधेयक पारित किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया। इसके बाद 6 दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और सदन को उपलब्ध कराने में कोई आपत्ति नहीं है। चर्चा के दौरान मंत्री ने विपक्ष पर पर्याप्त जानकारी के अभाव में सवाल उठाने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि अगर थोड़ा पढ़ लेते तो यह प्रश्न नहीं उठता। उनके इस बयान से सदन में कुछ देर के लिए राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन का परिणाम है। उनके अनुसार, वाराणसी समेत प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक नगर पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

20 फरवरी को रिलीज होगा ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का बहुप्रतीक्षित टीज़र

मुंबई, फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स के मेकर्स ने नया पोस्टर जारी करते हुए ऐलान किया है कि फिल्म का टीज़र 20 फरवरी सुबह 9:35 बजे रिलीज होगा। पोस्टर में यश अपने किरदार राया के रूप में खून से लथपथ बर्फीले तूफान के बीच खड़े दिखते हैं। चेहरा आधा छुपा हुआ, हाथ में बोतल, और चारों तरफ बिखरा हुआ अनदेखी तबाही का मंजर। पूरा फ्रेम ऐसा लगता है जैसे किसी मदहोश, खतरनाक और रहस्यमयी दुनिया की झलक हो, जहाँ हर कदम पर सस्पेंस है। टीज़र की घोषणा ऐसे वक्त आई है जब टॉक्सिक देश की सबसे ज्यादा चर्चित और बेसब्री से इंतज़ार की जाने वाली फिल्मों में शामिल है। मेकर्स ने किरदारों को धीरे-धीरे सामने लाकर और सीमित जानकारी साझा करके उत्सुकता को चरम पर पहुँचा दिया है। 20 फरवरी को दर्शकों को पहली बार इस अंधेरी दुनिया की करीबी झलक मिलेगी। खास बात यह है कि टीज़र सिर्फ एक ही भाषा में रिलीज होगा, जिससे फिल्म की कच्ची, तीखी और प्रभावशाली तस्वीरें खुद दर्शकों से बात कर सकें। फिल्म में कियारा आडवाणी नादिया के रूप में सधे हुए और भावनात्मक अंदाज़ में नजर आएंगी। हुमा कुरैशी एलिज़ाबेथ बनकर दमदार और खतरनाक छवि में दिखेंगी। नयनतारा गंगा के किरदार में एंट्री लेते ही कहानी की ताकत का समीकरण बदल देती हैं। तारा सुतारिया रेबेका के रूप में खूबसूरत लेकिन रहस्यमयी हैं, वहीं रुक्मिणी वसंत मेलिसा के किरदार में संतुलित और प्रभावशाली आभा के साथ नजर आएंगी। आखिरी और सबसे धमाकेदार खुलासा था यश के किरदार राया का, जिनका डायलॉग “डैडीज़ होम…” सिर्फ कहानी में एंट्री नहीं, बल्कि बड़े पर्दे पर उनकी वापसी का ऐलान भी है। फिल्म की कहानी यश और गीतू मोहनदास ने मिलकर लिखी है और निर्देशन भी गीता मोहनदास ने किया है। इसे कन्नड़ और अंग्रेजी में साथ-साथ शूट किया गया है, जबकि हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम समेत कई भाषाओं में डब किया जाएगा। तकनीकी टीम भी बेहद मजबूत है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिनेमैटोग्राफर राजीव रवि कैमरे के पीछे हैं, संगीत दिया है रवि बसरूर ने, एडिटिंग की कमान संभाली है उज्ज्वल कुलकर्णी ने और प्रोडक्शन डिजाइन तैयार किया है टीपी आबिद ने। एक्शन सीक्वेंस हॉलीवुड के मशहूर एक्शन डायरेक्टर जे जे पेरी की देखरेख में तैयार हुए हैं, साथ ही राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक्शन डायरेक्टर्स अंबारीव और केचा खम्फकडी भी इस भव्यता को नई ऊंचाई देते नजर आएंगे। फिल्म को वेंकट के नारायण और यश ने केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। टॉक्सिक 19 मार्च 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

घर बैठे बना करोड़पति! भारतीय मूल के आरोपी ने अमेरिकी कंपनी को लगाया लाखों डॉलर का चूना

नई दिल्ली फर्जीवाड़े के कई मामले आपने सुने होंगे, लेकिन यह मामला सुनकर आपकी आंखें भी चौंधिया जाएंगी कि ऐसा भी संभव है। अमेरिका में भारतीय मूल के करण गुप्ता (47 वर्ष) को अपने 'जीवन भर के दोस्त' को नौकरी पर रखकर कंपनी से 12 लाख डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ( DOJ) और मिनेसोटा जिले के अटॉर्नी कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, करण गुप्ता पर वायर फ्रॉड की साजिश, 10 काउंट्स में वायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के आरोप सिद्ध हुए हैं। बताया गया कि करण गुप्ता यूनाइटेडहेल्थ ग्रुप की सहायक कंपनी ऑप्टम में सीनियर डायरेक्टर ऑफ डेटा एनालिटिक्स के पद पर कार्यरत थे। डीओजे के अनुसार, 2015 में गुप्ता ने अपने अयोग्य दोस्त को एक फर्जी रिज्यूमे देकर ऑप्टम में डेटा इंजीनियरिंग या संबंधित उच्च पद पर नियुक्त करवा दिया। गुप्ता खुद उसके सुपरवाइजर बन गए। इसके बाद करीब चार साल तक उस दोस्त ने कंपनी के लिए बिल्कुल कोई काम नहीं किया। न कोई मीटिंग, न ईमेल, और कई हफ्तों तक वह अपने ऑफिशियल कंप्यूटर में भी लॉग इन नहीं करता था। फिर भी उसे 1 लाख डॉलर से ज्यादा का सालाना वेतन मिलता रहा, जो बोनस और बढ़ोतरी के साथ और बढ़ता गया। बताया गया कि करण गुप्ता खुद अपने करियर के चरम पर ऑप्टम से 2.6 लाख डॉलर से अधिक सालाना कमाते थे। दोस्त ने अपनी सैलरी का आधे से ज्यादा हिस्सा गुप्ता को रिश्वत (Kickback) के रूप में दिया। रिश्वत की रकम ट्रांसफर करने के लिए शुरुआत में दोस्त न्यू जर्सी में रहते हुए अपने बैंक से कैश निकालता और गुप्ता के न्यू जर्सी बैंक खाते में जमा करता, ताकि गुप्ता कैलिफोर्निया से उस तक पहुंच सके। बाद में दोस्त ने नया चेकिंग अकाउंट खोला, उसे ऑप्टम के डायरेक्ट डिपॉजिट के लिए लिंक किया और गुप्ता को डेबिट कार्ड भेज दिया। गुप्ता कैलिफोर्निया के एटीएम से इस रकम को नकद निकाल लेता था। कैसे हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया जब 2019 में गुप्ता को किसी अन्य धोखाधड़ी के मामले में ऑप्टम ने बर्खास्त कर दिया। कंपनी की जांच में यह 'घोस्ट एम्प्लॉयी' स्कीम सामने आई और मामला संघीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। एफबीआई के मिनियापोलिस फील्ड ऑफिस के कार्यवाहक विशेष एजेंट रिक इवानचेक ने कहा कि गुप्ता ने अपने भरोसे के पद का दुरुपयोग कर एक फर्जी कर्मचारी की नियुक्ति की और अमेरिका की सबसे बड़ी हेल्थकेयर प्रदाता कंपनी से सैकड़ों हजारों डॉलर की ठगी की।  

श्रमदान से करेंगे स्वच्छता के लिए जागरूक

रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय में स्वच्छता के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का संकल्प नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का आज प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा राज्य के नवा रायपुर में बेहतरीन डिजिटल संग्रहालय बनकर तैयार हुआ है। इनका रख-रखाव तथा रंगरोदन करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने संग्रहालय को स्वच्छ और साफ-सुथरे (नीट एण्ड क्लीन) रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय का अवलोकन करने राज्य के विभिन्न जिलों, देश के अन्य राज्यों सहित विदेशों से भी पर्यटक आ रहे हैं। संग्रहालय के बनने से प्रदेश का मान सम्मान देश-दुनिया में बढ़ा है।   बोरा ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी संकल्प ले कि महीने में कम से कम एक दिन संग्रहालय में श्रम दान करेंगें और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी श्रमदान करने आएंगे। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि जनजातीय संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा।  इस दौरान आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ राज्य अंत्याव्यवसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम, सयुक्त सचिव  बी. के. राजपूत, कार्यपालन अभियंता  त्रिदिप चक्रवर्ती, रायपुर जिला के सहायक आयुक्त  शरदचन्द्र शुक्ला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स तथा आर्टिस्ट उपस्थित थे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई है। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने इस दौरान आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा भी लिया।

खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री  साय ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग में नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यबल मजबूत होगा तथा खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों को और गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करते हुए खनिज प्रशासन से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, टिन, डायमंड, गोल्ड और लिथियम सहित विभिन्न खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत भी हैं और सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने नवनियुक्त अधिकारियों को खनिज राजस्व वृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 नव चयनित खनि निरीक्षकों को आज मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग  पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म  रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पालतू डॉग ‘हेनरी’ पर टकराव, महुआ मोइत्रा ने HC में लगाई गुहार

नई दिल्ली TMC नेता महुआ मोइत्रा ने अपने पालतू रॉटवीलर कुत्ते 'हेनरी' की कस्टडी के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जय अनंत देहाद्रई के साथ चल रहे इस अनोखे कानूनी विवाद की पूरी जानकारी पढ़ें। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व प्रेमी जय अनंत देहाद्रई के बीच कानूनी लड़ाई अब उनके पालतू कुत्ते 'हेनरी' (रॉटवीलर नस्ल) की कस्टडी तक पहुंच गई है। महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने साकेत कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने उन्हें उनके पालतू कुत्ते हेनरी की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार कर दिया था। गुरुवार को जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने इस याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने महुआ के पूर्व प्रेमी और वकील जय अनंत देहाद्रई को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को तय की गई है। सुनवाई के दौरान देहाद्रई व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और उन्होंने तर्क दिया कि मोइत्रा की इस याचिका को शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए। कैश-फॉर-क्वेरी मामला यह पालतू कुत्ते का विवाद दोनों के बीच चल रही एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक जंग का हिस्सा है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब देहाद्रई ने आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के बदले व्यवसायी दर्शन हिरानंदानी से रिश्वत ली थी। गंभीर आरोप: देहाद्रई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि मोइत्रा ने अपने लोकसभा के लॉगिन क्रेडेंशियल हिरानंदानी को दिए थे, ताकि वह अपनी पसंद के सवाल सीधे पोस्ट कर सकें। आरोप है कि उनके द्वारा पूछे गए 61 सवालों में से 50 हिरानंदानी से संबंधित थे। संसद से निष्कासन: इन आरोपों के आधार पर लोकसभा की आचार समिति ने जांच की और उन्हें निष्कासित करने की सिफारिश की। परिणामस्वरूप, 8 दिसंबर, 2023 को महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित कर दिया गया। मोइत्रा का बचाव: उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि हिरानंदानी उनके मित्र हैं, लेकिन किसी भी तरह के 'क्विड प्रो क्वो' (लेन-देन) से इनकार किया। मानहानि का मुकदमा और कोर्ट की टिप्पणी महुआ मोइत्रा ने देहाद्रई और निशिकांत दुबे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था। हालांकि, मार्च 2024 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने तब कहा था कि यह आरोप पूरी तरह से गलत नहीं हैं कि मोइत्रा ने अपने लॉगिन क्रेडेंशियल शेयर किए और उपहार स्वीकार किए। फिलहाल यह मुख्य मामला अभी भी अदालत में लंबित है।  

निरंतर डायलिसिस सेवाओं से किडनी मरीजों को राहत, निःशुल्क योजना बनी संबल

रायपुर. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण अंचलों में भी दिखाई देने लगे हैं। विशेष रूप से किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए संचालित निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपचार का महत्वपूर्ण आधार बनकर उभर रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध हो पा रहा है और उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में किडनी रोग लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और शासन की पहल से उपचार व्यवस्था अधिक संगठित और सुलभ हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग में डायलिसिस सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 10 दिनों में यहां कुल 95 डायलिसिस सत्र आयोजित किए गए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि औसतन प्रतिदिन लगभग 10 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निरंतर उपचार व्यवस्था से मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल रही है और उनकी स्थिति की नियमित निगरानी भी की जा रही है। किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से कराना आवश्यक होता है। इस संदर्भ में प्रदेश सरकार द्वारा अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य तंत्र की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए उपचार की राह काफी आसान हुई है। प्रदेश स्तर पर भी डायलिसिस सेवाओं के विस्तार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा चिकित्सा दल की सक्रियता के कारण उपचार व्यवस्था अधिक प्रभावी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग अब केवल उपचार तक सीमित न रहकर मरीजों की समय पर पहचान, नियमित जांच और सतत उपचार व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। देवभोग में 10 दिनों के भीतर किए गए 95 डायलिसिस सत्र इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। निःशुल्क डायलिसिस योजना न केवल मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। डायलिसिस सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, उपकरणों के नियमित रखरखाव और मरीजों की सतत निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और किडनी रोग के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि गंभीर स्थितियों से समय रहते बचाव किया जा सके।

16वां लक्ष्य कप शुरू, भारत के शीर्ष एयर राइफल शूटरों का होगा महामुकाबला

मुंबई भारत के शीर्ष 20 रैंक्ड 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाज 16वें आरआर लक्ष्य कप में प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह टूर्नामेंट आरआर ग्लोबल द्वारा संचालित है और लक्ष्य शूटिंग क्लब, करनाला स्पोर्ट्स अकादमी, पनवेल, नवी मुंबई में आयोजित होगा। केवल आमंत्रण आधारित यह प्रतियोगिता 21 और 22 फ़रवरी को आयोजित की जाएगी। इसमें जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रमुख खिलाड़ी एक पेशेवर ढंग से संचालित, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए समान पोडियम अवसर होंगे, साथ ही शीर्ष स्थान पाने वालों के लिए नकद पुरस्कार और उपकरण पुरस्कार भी दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में किरण जाधव (वर्तमान नेशनल चैंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता), सोनम मस्कर (आईएसएसएफ वर्ल्ड कप पदक विजेता), पार्थ माने (वर्तमान नेशनल गेम्स चैंपियन और जूनियर वर्ल्ड चैंपियन), राजश्री संचेटी (अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और पूर्व नेशनल चैंपियन) और ओजस्वी ठाकुर (एशियन चैंपियनशिप यूथ स्वर्ण पदक विजेता) जैसे शीर्ष दावेदार हिस्सा लेंगे। सीनियर चैंपियन को 1.5 लाख रुपये और रोटेटिंग सिल्वर ट्रॉफी दी जाएगी, जो फिलहाल नेवी के किरण जाधव के पास है। जूनियर चैंपियन को 75,000 रुपये दिए जाएंगे। अन्य पोडियम फिनिशर्स के लिए भी अतिरिक्त नकद पुरस्कार होंगे। खिलाड़ियों को उपकरण साझेदार कैपापी स्पोर्ट्स और एक्सेसरीज साझेदार टिरो स्पोर्ट्स की ओर से शूटिंग उपकरण और सहायक सामग्री जीतने का अवसर भी मिलेगा।