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RS सीट पर उद्धव सेना और पवार में खींचतान

मुंबई. महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में राज्यसभा की एकमात्र सीट को लेकर दावेदारी का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने इस सीट पर अपना दावा ठोंक कर गठबंधन के भीतर आगामी राजनीतिक सौदेबाजी के संकेत दे दिए हैं। शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने पार्टी के विधायकों की संख्या का हवाला देते हुए कहा कि यह सीट उनके हिस्से में आनी चाहिए। उन्होंने कहा- अगर आप विधायकों की संख्या देखें, तो राज्यसभा की यह सीट हमारे हिस्से में आती है। MVA के भीतर चर्चा निश्चित रूप से इसी दिशा में आगे बढ़ेगी। हालांकि, आदित्य ठाकरे ने यह भी साफ किया कि शिवसेना (UBT), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बीच अभी तक औपचारिक रूप से सीटों के बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं हुई है। शरद पवार की दावेदारी और शिवसेना का रुख MVA के पास विधानसभा में इतना ही संख्याबल है कि वह महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से केवल एक सीट ही जीत सकता है। ऐसे में यह सवाल अहम हो गया है कि इस सीट पर कौन सा दल अपना उम्मीदवार उतारेगा। गुरुवार को ही शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने जानकारी दी कि NCP (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। पवार का वर्तमान कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राउत ने कहा- जब मैंने शरद पवार से बात की, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से राज्यसभा में लौटने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। जब उनके जैसा कोई वरिष्ठ नेता इस तरह का इरादा दिखाता है, तो गठबंधन के भीतर इस पर गंभीरता से चर्चा करने की आवश्यकता होती है। इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि शिवसेना (UBT) और कांग्रेस शरद पवार की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन MVA के भीतर व्यापक सीट-बंटवारे के तहत शिवसेना विधान परिषद की एक सीट की मांग कर सकती है। उद्धव ठाकरे के लिए विधान परिषद की मांग संजय राउत ने यह भी बताया कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद में दोबारा प्रवेश करने का आग्रह किया है। उद्धव ठाकरे का विधान परिषद का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है। राउत ने कहा- यह मेरा व्यक्तिगत विचार है और कई सहयोगी सहमत हैं कि संगठनात्मक और विधायी मामलों के लिए विधायिका में उद्धव ठाकरे की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक-दो दिन में फैसला होने की संभावना है। विधानसभा का गणित और चुनाव की स्थिति भारत निर्वाचन आयोग ने 16 मार्च को राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए मतदान की घोषणा की है। विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के आधार पर, महाराष्ट्र की सात सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) चार सीटें जीतने की स्थिति में है। वहीं, उसके सहयोगी दल- शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) एक-एक सीट हासिल कर सकते हैं। यदि MVA एकजुट रहता है, तो वह केवल एक सीट जीत सकता है। एक उम्मीदवार को चुने जाने के लिए 37 प्रथम-वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान विधानसभा की स्थिति:     BJP: 131     शिवसेना (शिंदे): 57     NCP (अजित पवार): 40     शिवसेना (UBT): 20     कांग्रेस: 16     NCP (शरद पवार): 10     निर्दलीय और अन्य: 12 इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि गठबंधन के सहयोगियों को सामूहिक निर्णय पर पहुंचने से पहले अपने राजनीतिक रुख स्पष्ट करने चाहिए।

IAS कपल ने ट्रेनिंग में मुलाकात कर DM चैंबर में की शादी

नई दिल्ली. चकाचौंध, भारी-भरकम खर्च और शाही शादियों के दौर में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो युवा अधिकारियों ने सादगी की एक नई इबारत लिखी है। 2023 बैच के आईएएस अधिकारी माधव भारद्वाज और अदिति वार्ष्णेय ने बिना किसी शोर-शराबे और पारंपरिक आडंबर के एक-दूसरे का हाथ थामकर समाज को सादगी का संदेश दिया है। 18 फरवरी को राजस्थान के अलवर स्थित मिनी सचिवालय में इन दोनों अधिकारियों ने कोर्ट मैरिज की। इस विवाह की खास बात यह रही कि इसमें न कोई बैंड था, न कोई पुजारी और न ही कोई लंबी-चौड़ी बारात। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी की यह कानूनी प्रक्रिया अलवर की जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की मौजूदगी में संपन्न हुई। माधव और अदिति ने कलेक्टर के चैंबर में ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस सादे समारोह में केवल उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य ही मौजूद थे। जैसे ही अधिकारियों और कर्मचारियों को इस शादी की खबर मिली, वे भी इस खास पल के गवाह बनने के लिए वहां एकत्र हो गए। वर्तमान में माधव भारद्वाज अलवर में ही उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर तैनात हैं, जबकि अदिति वार्ष्णेय गुजरात के जामनगर में SDM के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। ट्रेनिंग से शुरू हुआ सफर दोनों की प्रेम कहानी और साथ चलने का फैसला मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान शुरू हुआ। ट्रेनिंग के दौरान दोस्ती हुई और धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि न केवल उनके विचार मिलते हैं, बल्कि जनसेवा को लेकर उनका दृष्टिकोण भी एक जैसा है। इसी आपसी समझ और समान मूल्यों ने उनके बंधन को जीवन भर के रिश्ते में बदल दिया। उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वे अपनी शादी में फिजूलखर्ची से बचेंगे। अदिति वार्ष्णेय ने पहले ही प्रयास में हासिल की 57वीं रैंक उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली अदिति ने अपनी स्कूली शिक्षा बिशप कॉनराड स्कूल से पूरी की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज से बीए ऑनर्स किया। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए अपनी पोस्ट-ग्रेजुएशन बीच में ही छोड़ दी थी। अदिति की सफलता की कहानी बेहद खास है क्योंकि उन्होंने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 57वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने सामान्य अध्ययन के लिए कोई कोचिंग नहीं ली थी। अदिति ने इस उपलब्धि के साथ अपनी मां का वह सपना पूरा किया, जो वह खुद के लिए देखती थीं। माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ बने अधिकारी दूल्हे माधव भारद्वाज का सफर भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं रहा। कंप्यूटर साइंस में बीटेक (MNNIT प्रयागराज) और IIM अहमदाबाद से एमबीए करने के बाद माधव माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनी में प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। कोरोना महामारी के दौरान जब वे 'वर्क फ्रॉम होम' कर रहे थे, तब उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में वे मात्र 3 नंबरों से चूक गए, लेकिन हार नहीं मानी। दूसरे प्रयास में उन्होंने 536वीं रैंक हासिल की और देश सेवा के अपने सपने को सच कर दिखाया। अदिति के पिता दिनेश वार्ष्णेय ने बताया कि हालांकि कोर्ट मैरिज सादगी से हुई है, लेकिन जल्द ही बरेली में एक पारंपरिक समारोह का आयोजन भी किया जाएगा ताकि रिश्तेदार और परिचित इस खुशी में शामिल हो सकें।

ट्रंप की बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में भारत की तरफ से शामिल हुईं नामग्या खंपा

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में भारत ने भी हिस्सा लिया। भारत की ऑब्जर्वर के तौर पर इसमें नामग्या शोदेन खांपा ने हिस्सा लिया जो कि वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास की प्रभारी राजनयिक हैं। अमेरिका के शांति भवन में 'बोर्ड ऑफ पीस' की यह बैठक आयोजित की गई थी। 'डोनाल्ड जे ट्रंप इंस्टिट्यूट ऑफ पीस' में आयोजित इस बैठक में भारत की निरीक्षक के दौर पर नामग्या खम्पा ने हिस्सा लिया। भारत ने सीधे तौर पर इस बोर्ड में शामिल नहीं हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि इस बैठक में 40 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। कई देशों के राष्टराध्यक्ष भी उद्घाटन बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ खुद बैठक में गए थे। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका इस बोर्ड के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर देगा, जिसके सदस्यों में अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, हंगरी, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे 27 देश शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम की आलोचना की संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय बैठक न्यूयॉर्क में गुरुवार को होने वाली थी, लेकिन जब ट्रंप ने उसी दिन बोर्ड की बैठक की घोषणा कर दी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों बैठकों में शामिल होने की योजना बना रहे राजनयिकों की यात्रा प्रभावित हो सकती है, तो सुरक्षा परिषद की बैठक एक दिन पहले आयोजित कर दी गई। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि संयुक्त राष्ट्र की सबसे शक्तिशाली संस्था और ट्रंप की नई पहल के बीच एजेंडे के टकराव और समानांतर प्रयासों की संभावना है। वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता करने की इस नई पहल की व्यापक महत्वाकांक्षाओं को लेकर कुछ देशों में चिंता है कि कहीं यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका को चुनौती देने या उसके समकक्ष बनने की कोशिश न करे। संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में शामिल पाकिस्तान एकमात्र ऐसा सदस्य है जिसने 'बोर्ड आफ पीस' की बैठक में शामिल होने का न्यौता स्वीकार किया है। ब्रिटेन, इजराइल, जॉर्डन, मिस्र और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों ने भी सुरक्षा परिषद की इस बैठक में हिस्सा लिया। पिछले सप्ताह कई अरब और इस्लामी देशों ने अनुरोध किया था कि इनमें से कुछ देशों के अधिकारियों के वाशिंगटन रवाना होने से पहले गाजा और वेस्ट बैंक के मुद्दे पर चर्चा की जाए। संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने कहा, ''अधिग्रहण संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सबसे बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह राष्ट्रपति ट्रंप की योजना का भी उल्लंघन है और जारी शांति प्रयासों के लिए खतरा पैदा करता है।"

MP में महुआ से बनी मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी फ्री कराने की होगी कोशिश

भोपाल. प्रदेश के आदिवासियों के स्व-सहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए उनके राज्यों की हेरिटेज अथवा विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री किया जाएगा। यह प्रविधान आबकारी नीति 2026 में किया गया है। इसके साथ ही शराब ठेके में साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (एफडी) मान्य नहीं की जाएगी। प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान/ई बैंक गारंटी ही मान्य होंगी। 2021-22 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महुआ को हेरिटेज लिकर के रूप में मान्यता दी गई है। इसके तहत पारंपरिक महुआ से हेरिटेज मदिरा बनाने के लिए सरकार द्वारा आदिवासी स्वयं सहायता समूहों को लाइसेंस, आधुनिक प्रशिक्षण और कर छूट दी जा रही है। इसे अन्य राज्यों में प्रोत्साहित करने के लिए नीति में प्रविधान किया गया है कि कोई राज्य यदि महुआ से बनी मप्र की मदिरा को ड्यूटी फ्री करता है तो यहां भी उनके उत्पाद को ड्यूटी फ्री किया जा सकेगा। आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि प्रदेश की सभी 3,553 शराब दुकानों की नीलामी ई-टेंडर और ई-आक्शन के माध्यम से होगी। दुकानें आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नीलाम होंगी। आरक्षित मूल्य के आधार पर जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। नीति में शराब की ड्यूटी दरें, विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी है। शराब विनिर्माताओं को पूर्व वर्षों की तरह अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है। विनिर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे। देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रविधान किया गया है।

नए पीएम तारिक रहमान पर भड़के यूनुस के समर्थक?

ढाका. बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान को कुर्सी संभाले अभी तीन दिन ही बीते हैं कि उनपर मोहम्मद यूनुस के ही समर्थक आरोप लगाने लगे हैं। अंतरिम सरकार में मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाने वाले यूनुस के समर्थक नाहिद इस्लाम ने तारिक रहमान पर शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग और भारत के साथ मिलीभगत के आरोप लगा दिए हैं। दरअसल प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान ने भारत से रिश्ते दुरुस्त करने की कवायद की है। इसके अलावा बांग्लादेश में कई जगहों पर आवामी लीग के दफ्तर फिर से खुले हैं। यह बात मोहम्मद यूनुस के समर्थकों को रास नहीं आ रही है। बता दें कि नाहिद इस्लाम नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोक हैं। उनकी पार्टी ने ही जुलाई 2024 में शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए थे। इसी का फायदा उठाकर बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरा दी गई और फिर अंतरिम सरकार गठित कर दी गई। मोहम्मद यूनुस की अगुआई वाली अंतरिम सरकार में भारत के खिलाफ खूब अजेंडे चलाए गए। इसके अलावा अल्पसंख्यकों पर हमले भी आम हो गए। मोहम्मद यूनुस ने खुलकर पाकिस्तान के साथ करीबी बढ़ाई और भारत की आलोचना भी की। शेख हसीना से करने लगे तारिक रहमान की तुलना अब तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदलने लगे तो यूनुस के समर्थकों में खलबली मची हुई है। नाहिद इस्लाम ने कहा कि इस चुनाव में भारत, आवामी लीग और बीएनपी मिले हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर बीएनपी भी आवामी लीग वाली राजनीति फिर से लाने की कोशिश करेगी तो उसका भी विरोध होगा। नाहित इस्लाम ने कहा कि आखिर देश में आवामी लीग के कार्यालय फिर कैसे खुल रहे हैं। इसपर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, सरकार को चाहिए कि आवामी लीग के सारे दफ्तर तुंरत बंद करवाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह काम उनकी पार्टी करेगी। उन्होंने शेख हसीना को फासीवादी बताते हुए कहा कि उन्हें अब बांग्लादेश में कभी पैर जमाने का मौका नहीं मिलेगा। भारत के साथ संबंध सुधारना चाहता है बांग्लादेश मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में भारत के साथ बांग्लादेश के संबंध हद दर्जे तक खराब हो गए थे। हालांकिअब बांग्लादेश के नए खेल मेंत्री ने भी बीसीसीआई से संबंध सुधारने की इच्छा जताई है। वहीं बांग्लादेश की अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट प्रथम आलो के मुताबिक बीएनपी के आने के बाद कई जिलों में आवामी लीग के दफ्तर खोले गए हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में इस चुनाव में पार्टी चुनाव ही नहीं लड़ पाई।

पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज नक्शे से होगा डूब क्षेत्र में आने वाले वन क्षेत्रों का सत्यापन

भोपाल. मध्य प्रदेश में बांध और सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का सत्यापन अब पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज आधिकारिक नक्शों के आधार पर किया जाएगा। वन विभाग ने जल संसाधन विभाग को स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर अपलोड वन भूमि मानचित्र को ही सत्यापन का आधार बनाया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्र की सटीक पहचान और क्षतिपूर्ति प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके। इस पहल का उद्देश्य भारत सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म का शासकीय कार्यों में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और परियोजनाओं की स्वीकृति में लगने वाला समय भी घटेगा। एकीकृत डाटा से मिलेगी सटीक जानकारी पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर वन भूमि के साथ-साथ रेलवे, राजस्व, जल संसाधन, सिंचाई, नदियां, खनन और सड़क नेटवर्क से जुड़ी जानकारी भी एकीकृत रूप से उपलब्ध है। इससे किसी परियोजना के लिए अलग-अलग विभागों में फाइलें भेजने की आवश्यकता कम होगी। आपदा प्रबंधन में भी कारगर पोर्टल पर भूस्खलन जोन, बाढ़ संभावित क्षेत्र, आबादी का स्वरूप, ऊंचाई, स्कूल, अस्पताल, परिवहन नेटवर्क, गोदाम, दूरसंचार नेटवर्क और मिट्टी की स्थिति जैसे डेटा मैप किए गए हैं। यह जानकारी आपदा प्रबंधन के दौरान जिला प्रशासन को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी। जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित इस प्लेटफॉर्म से डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का सत्यापन अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगा, जिससे विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।

Virat Kohli की RCB को 16,500 करोड़ का ऑफर देकर बॉस बनेंगे अवराम ग्लेजर

भोपाल/इंदौर. कौन होगा Virat Kohli की RCB का नया बॉस अदार पूनावाला को पछाड़ इस दिग्गज ने दिया 16,500 करोड़ रुपये का ऑफर! आईपीएल की चर्चित फ्रेंचाइजी RCB को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। मौजूदा मालिक समूह टीम में हिस्सेदारी या पूरी बिक्री के विकल्प पर विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है और बोली की रकम हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। RCB की बिक्री की चर्चा क्यों? RCB, यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की सब्सिडियरी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत आती है। मालिकाना हक रखने वाली कंपनी टीम में आंशिक या पूर्ण हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। फ्रेंचाइजी की संभावित वैल्यूएशन करीब 2 बिलियन डॉलर (लगभग 17 हजार करोड़ रुपये) तक आंकी जा रही है। बड़े नामों की एंट्री अब तक 9-10 बड़े निवेशक RCB को खरीदने में रुचि दिखा चुके हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ Adar Poonawalla भी संभावित खरीदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म्स जैसे Blackstone Inc. और Carlyle Group Inc. का नाम भी चर्चा में है। Avram Glazer ने लगाई बड़ी बोली Avram Glazer ने RCB के लिए लगभग 1.8 बिलियन डॉलर (करीब 16.5 हजार करोड़ रुपये) की बोली लगाई है। Avram Glazer, इंग्लिश फुटबॉल क्लब Manchester United के सह-मालिक हैं। उनका परिवार NFL टीम Tampa Bay Buccaneers का भी मालिक है। ग्लेजर परिवार पहले भी IPL में निवेश की कोशिश कर चुका है, लेकिन 2021 में एक्सपेंशन फ्रेंचाइजी की बोली में सफलता नहीं मिली थी। मौजूदा मालिक कौन? RCB की मौजूदा मालिक Diageo PLC है। Diageo ने विजय माल्या के स्पिरिट्स कारोबार का अधिग्रहण करने के बाद टीम पर नियंत्रण हासिल किया था। विजय माल्या का दौर RCB की स्थापना के बाद शुरुआती मालिक Vijay Mallya थे। मार्च 2016 में उन्होंने टीम के डायरेक्टर पद और बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। विराट कोहली का कनेक्शन भारतीय स्टार बल्लेबाज Virat Kohli लंबे समय से RCB का हिस्सा रहे हैं और टीम की पहचान उनसे जुड़ी रही है।

कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा मौतों पर उमंग सिंगार को याद दिलाई ‘औकात’

भोपाल. गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान विवाद बढ़ गया। उद्योगपति अदाणी का नाम लिए जाने पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की। इसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे प्रस्तुत करेंगे। बहस तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इसके बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया। सात बार स्थगित हुई कार्रवाई स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री ने मांगी माफी हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही। आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 19, 2026 भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों का कर्तव्य राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना। विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। जांच में मिले ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया राजेंद्र शुक्ल ने सदन में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में मरीजों के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया पाए गए।

लाउड स्पीकर पर आरती पर दो पक्षों में जमकर पथराव

जबलपुर. जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील (MP News) में गुरुवार रात करीब नौ बजे आपसी विवाद के बाद दो पक्ष भिड़ गए। एक धार्मिक स्थल के बाहर लगी रैलिंग टूटने से लोग आक्रोशित हो गए। इससे दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ लोगों के आंशिक घायल होने की सूचना है। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और अश्रु गैस के गोले भी छोड़े। तनाव को देखते हुए मौके पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय पहुंचे। अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस ने हालात नियंत्रण का दावा करते हुए जांच के बाद मामला दर्ज करने की बात कही है।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: बर्फीली वादियों में दिखेगा स्पोर्ट्स पॉलिसी का दम

गुलमर्ग गुलमर्ग में होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स का अगला संस्करण सरकार की ‘खेलो भारत’ नीति का आदर्श उदाहरण बनने वाला है। 23-26 फरवरी के दौरान आयोजित होने वाले संस्करण से पहले पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलनी शुरू हो गई है। पिछले साल जुलाई में केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा शुरू की गई खेलो भारत नीति का मकसद भारत के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है, साथ ही आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए बड़े इवेंट्स का फायदा उठाना है। आधारभूत संरचना का विकास, प्रतिभा की पहचान और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को बढ़ावा देकर, यह नीति पर्यटन, उत्पादन और खेल तकनीक जैसे जुड़े हुए क्षेत्र को भी बढ़ावा देना चाहती है। गुलमर्ग में खेलों का आयोजन होता रहा है। इससे यात्रियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। विंटर ओलंपियन समेत भारत के टॉप स्कीयर के हिस्सा लेने से, इस इवेंट ने पूरे इलाके में जोश भर दिया है, खासकर उन लोगों में जिनकी रोजी-रोटी खेल पर्यटन पर निर्भर करती है। स्थानीय व्यापार में सक्रियता बढ़ी है। शीन वुड्स टैंगमर्ग के एक होटल मालिक आबिद ने कहा कि इवेंट से हफ्तों पहले बुकिंग बढ़ गई थी। मध्य प्रदेश, हरियाणा, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर के एथलीटों से भरी लॉबी की ओर इशारा करते हुए वे कहते हैं, “हमारे लिए, यह सिर्फ पर्यटन से कहीं ज्यादा है। यह हमारी पहचान है। जब गेम्स होते हैं, तो गुलमर्ग देश के दिल जैसा लगता है। आप अलग-अलग भाषाएं सुनते हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरा देश एक कमरे में है।” गुलमर्ग में विंटर गेम्स के विकास में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2020 के पहले एडिशन में 1,123 एथलीटों ने हिस्सा लिया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर मेडल सूची में सबसे ऊपर था। 2021 में हिस्सा लेने वाले एथलीट बढ़कर 1,208 हो गए, जिसमें मेजबान इलाके ने 18 स्वर्ण पदक जीते। 2023 संस्करण में 1,395 एथलीट के साथ सबसे ज्यादा लोग आए, क्योंकि जम्मू और कश्मीर ने 26 स्वर्ण, 25 रजत और 25 कांस्य पदक जीते। हालांकि 2024 और 2025 संस्करण में कम इवेंट और प्रतिभागी थे। आर्मी, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसी टीमों ने अच्छा परफॉर्म किया था। जैसे-जैसे छठा एडिशन पास आ रहा है, पूरा ध्यान प्रयोग की जगह विरासत बनाने पर आ गया है। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, कश्मीर में घरेलू यात्रियों की संख्या 2024 में लगभग 26 लाख की तुलना में 2025 में काफी कम होकर लगभग 10.47 लाख रह गई। हालांकि, पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस साल नए साल की भीड़ और विंटर गेम्स को लेकर बढ़ते उत्साह की वजह से यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी हुई है। गुलमर्ग के 2,300 होटल और हट बेड इवेंट के समय के लिए पहले से ही 50 प्रतिशत से ज्यादा बुक हो चुके हैं। होटल और रिजॉर्ट के अलावा, खेल आय के मौके भी दे रहे हैं। कोंगदूरी की ढलानों पर, स्लेज खींचने वाले अल्ताफ हुसैन और मुहम्मद रफीक यात्रियों की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे हैं। हुसैन कहते हैं, “यह हमारा सीजन है। जब खेल शुरू होते हैं, तो गुलमर्ग में जान आ जाती है।” उन्होंने कहा, “आमतौर पर दूरी और समय के हिसाब से हर यात्री पर हम 500 रुपये से 1,500 रुपये कमाते हैं। पीक टाइम में प्रतिदिन की कमाई 1,500 रुपये से 3,000 रुपये तक होती है।” 2026 संस्करण में चार श्रेणियों स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री), और स्नोबोर्डिंग में खेल आयोजित किए जाएंगे। खेलो इंडिया विंटर गेम्स सिर्फ एक प्रतियोगिता से कहीं ज्यादा बनकर उभर रहा है। यह इस बात का एक ठोस सबूत है कि खेल नीति कैसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे सकती है, राष्ट्रीय खेल संस्कृति को मजबूत कर सकती है, और गुलमर्ग को भारत की विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल के तौर पर अपनी जगह फिर से पक्की कर सकती है।