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अजान और लाउडस्पीकर विवाद पर मंत्री दानिश अंसारी का पलटवार, बोले- मुस्लिमों को गुमराह कर रही सपा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में रमजान के पवित्र महीने से पहले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां समाजवादी पार्टी (सपा) इसे पाबंदी के तौर पर पेश कर रही है, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियम सबके लिए समान हैं। योगी सरकार के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दल मुसलमानों को डराकर और गुमराह करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है। कहा कि लाउडस्पीकर पर कोई मनाही नहीं है। क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत कल विधानसभा में हुई, जब सपा विधायक कमाल अख्तर ने मांग की कि रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार की सूचना देने के लिए मस्जिदों पर लाउडस्पीकर बजाने की विशेष अनुमति दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि त्योहारों पर सरकार छूट देती है। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ही धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाउडस्पीकर की परंपरा उस दौर की है जब घड़ियां नहीं होती थीं, अब इसकी वैसी आवश्यकता नहीं है। दानिश अंसारी का सपा पर प्रहार आज इस मुद्दे पर सफाई देते हुए मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि लाउडस्पीकर पर कोई पूर्ण पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी के नेताओं को भ्रामक बयान देने में मज़ा आता है। मैं जिम्मेदारी से कहता हूं कि मानक के अनुसार और प्रशासन से विधिवत अनुमति लेकर मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्च, सभी जगहों पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति है।" दानिश अंसारी ने उदाहरण देते हुए कहा, "हम अभी विधानसभा परिसर में खड़े हैं। अगर आप शाम को लोकभवन के सामने मुख्य गेट पर जाएंगे, तो आपको मगरिब की अजान साफ़ सुनाई देगी। यह इस बात का प्रमाण है कि लाउडस्पीकर बज रहे हैं, लेकिन वे तय मानकों और डेसिबल सीमा के भीतर हैं।" सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार केवल सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन कर रही है, जो रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के शोर को प्रतिबंधित करती है। उन्होंने कहा कि हर धार्मिक स्थल इन नियमों का पालन कर रहा है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज यूपी का मुसलमान खुशहाल और समृद्ध है, लेकिन सपा उन्हें काल्पनिक डर दिखाकर विकास की मुख्यधारा से दूर रखना चाहती है। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे सपा के बहकावे में न आएं और प्रदेश की शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना है।  

दयाल ने संभाला पदभार प्रो. मनोज दयाल बने माखनलाल यूनिवर्सिटी के नए कुलपति, उच्च शिक्षा में नए विज़न की उम्मीद

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में प्रो. मनोज दयाल ने संभाला कुलपति का पदभार प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर रायपुर के संभागायुक्त महादेव कावरे ने कुलपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।  कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत, अद्भुत संगठन शिल्पी और त्याग-सादगी की प्रतिमूर्ति कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर प्रशासनिक एवं अकादमिक कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से परिचय प्राप्त किया। प्रो. दयाल ने ग्रंथालय में शोधार्थियों एवं पीजी विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनके शोध कार्यों की जानकारी ली। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन रेडियो संवाद 90.8 एफएम में उन्होंने शुभकामना संदेश रिकॉर्ड किया तथा टेलीविजन स्टूडियो और विभिन्न संकाय भवनों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में संचालित पाठ्यक्रमों की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद कर शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने नवागत कुलपति का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

GOT यूनिवर्स में बड़ा ट्विस्ट: House of the Dragon 3 के टीज़र में Ned Stark की वापसी, फैंस हुए एक्साइटेड

लॉस एंजिल्स वेब सीरीज की दुनिया के कालजयी शो 'गेम ऑफ थ्रोन्‍स' के फैंस के 15 साल पुराने जख्‍मों पर मरहम लगने वाला है। GOT के पहले ही सीजन में हर दिल उस वक्‍त बुरी तरह दुखा था, जब विंटरफेल के लॉर्ड नेड स्‍टार्क की हत्‍या कर दी गई थी। शो के शुरुआती एपिसोड्स में ही जहां हर किसी को यह लग रहा था कि नेड स्‍टार्क ही 'किंग्‍स लैंडिंग' में आगे चलकर सिंहासन संभालेंगे, उसी समय यह घटना किसी सदमे की तरह घटी। राजा रॉबर्ट बैराथियोन के सिपहसालार नेड स्‍टार्क पर देशद्रोह का झूठा आरोप लगा और फिर जोफ्रे बैराथियोन के आदेश पर सरेआम उन्‍हें मौत की सजा दी गई। लेकिन अब मेकर्स एक बार फिर से इस चहेते किरदार को पर्दे पर वापस लाने की तैयारी में हैं। 'गेम ऑफ थ्रोन्‍स' के प्रीक्‍वल 'द मैड किंग' में नेड स्‍टार्क की वापसी होगी। यही नहीं, कुछ और चहेते किरदार भी लौटेंगे। यह खबर ऐसे समय में आई है, जब 'हाउस ऑफ द ड्रैगन सीजन 3' का टीजर भी रिलीज हुआ है। OTT पर इन दिनों जहां Knight Of The Seven Kingdoms की धूम मची हुई है, वहीं 'हाउस ऑफ द ड्रैगन 3' के टीजर और 'द मैड किंग' नाटक की खबरों ने GOT फैंस के बीच खलबली मचा दी है। इससे पहले कि हम नए टीजर की बात करें, बता दें कि मेकर्स वेस्टरोस के फैंस के लिए 'गेम ऑफ थ्रोन्स: द मैड किंग' नाम का एक नया प्रीक्वल प्‍ले लाने की तैयारी में हैं। इसका स्ट्रैटफोर्ड-अपॉन-एवन में रॉयल शेक्सपियर कंपनी के रॉयल शेक्सपियर थिएटर में इसका वर्ल्ड प्रीमियर होगा। ऐसे में अब उम्‍मीद जगने लगी है कि थ‍िएटर में प्‍ले के बाद OTT पर भी इस प्रीक्‍वल को जल्‍द शुरू किया जाएगा। वेस्टरोस और भी बुरे और खतरनाक दिनों की ओर जॉर्ज आरआर मार्टिन की किताब 'फायर एंड ब्लड' से लिया गया शो, 'हाउस ऑफ द ड्रैगन' चर्चित सीरीज 'गेम ऑफ थ्रोन्स' की घटनाओं से लगभग दो सदी पहले हाउस टार्गेरियन के हिंसक इतिहास को दिखाता है। इसके सीजन 3 के टीजर में हम देखते हैं कि वेस्टरोस और भी बुरे और खतरनाक दिनों की ओर बढ़ रहा है। HBO की ओर से रिलीज किए एक मिनट के टीजर में टार्गेरियन सिविल वॉर का माहौल। टीजर की शुरुआत, एमोंड टार्गेरियन के आयरन थ्रोन पर कब्‍जा करने से होती है। पिछले सीजन की क्रूर घटनाओं में किंग एगॉन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी शांत, मजबूत मौजूदगी एक सख्त शासन और आगे और खून-खराबे की ओर एक जरूरी कदम का इशारा करती है। रेनेरा टार्गेरियन की बढ़ी ताकत, अब धधकेगा आसमान टीजर में हम आगे क्वीन एलिसेंट हाईटॉवर किंग्स लैंडिंग से चुपचाप निकलती हुई दिखती हैं, शायद वह अपने बचपन की साथी से दुश्मन बनी रेनेरा टार्गेरियन के साथ शांति बनाने की आखिरी कोशिश में है। ऐसा लगता है कि रेनेरा ने नए ड्रैगन-राइडर्स को इकट्ठा करके अपनी बात पक्की कर ली है, जिससे उसकी सेना को अब काफी बढ़त मिल गई है। धधकते आसमान और झुलसे हुए युद्ध के मैदानों की झलक बताती है कि आने वाला समय बड़े पैमाने पर तबाही लेकर आने वाला है। 'द मैड किंग' प्‍ले में रॉबर्ट बैराथियोन और जेमी लैनिस्टर भी दूसरी ओर, 'गेम ऑफ थ्रोन्स: द मैड किंग' प्‍ले में नेड स्टार्क, रॉबर्ट बैराथियोन और जेमी लैनिस्टर जैसे चहेते किरदार फिर से एक साथ आ रहे हैं। दर्शकों के लिए यह टारगेरियन राजवंश के इतिहास के एक अहम मोड़ साबित होने वाला है। फिलहाल इसे एक प्ले के रूप में तैयार किया जा रहा है। जिसका निर्माण जॉर्ज आरआर मार्टिन ही कर रहे हैं। यह पहली बार है जब उनके एपिक फैंटेसी यूनिवर्स को उन्‍होंने थिएटर के लिए अडैप्ट किया है। 'गेम ऑफ थ्रोन्स: द मैड किंग' का प्‍लॉट 'द मैड किंग' की कहानी गेम ऑफ थ्रोन्स की घटनाओं से एक दशक से भी पहले की है। यह हैरेनहाल के उस खतरनाक टूर्नामेंट पर फोकस करती है, जब बड़े पैमाने पर रॉबर्ट के विद्रोह को भड़काने वाली चिंगारी उठी थी। यही चिंगारी बाद में आग बनी और टारगेरियन की सत्ता का पतन हुआ। 'गेम ऑफ थ्रोन्‍स' के इस प्रीक्‍वल का स्टेज अडैप्टेशन डंकन मैकमिलन ने लिखा है। डोमिनिक कुक इसे डायरेक्ट कर रहे हैं। क्रिएटिव टीम के मुताबिक, यह नाटक पॉलिटिकल टेंशन, छिपी वफादारी और भावनाओं के बीच दरार को दिखाएगा।

मंगला पशु बीमा योजना में 21 हजार पशुओं का होगा बीमा

जयपुर. राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशु पालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार भी जिले में 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान सरकार ने छोटे पशुपालकों को पशु हानि से बचाने के लिए मंगला पशु बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत पशु पालक 2 बड़े पशु गाय, भैंस अथवा 10 छोटे पशु बकरी भेड़ का निःशुल्क बीमा करवा सकते हैं। योजना के तहत बीमा का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को कोई प्रीमियक शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार योजना के तहत पशु के बीमारी, प्राकृतिक आपदा व अन्य कारण से मृत्यु होने जाने पर अधिकतम 40 हजार रुपए की बीमा राशि दी जाती है। लॉटरी में चयनित पशुओं को पशुपालन विभाग हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करता है। पहले फेज के दौरान भी विभाग को 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य मिला था। जिसके तहत विभाग ने जिले में लगभग 20 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया था, लेकिन इन रजिस्ट्रेशनों में पशु पालकों के गलफत के कारण लगभग 4 से 5 हजार रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए थे। यानी विभाग गत सीजन 16 हजार पशुओं का ही आंकड़ा प्राप्त कर सका था। जिसमें सबसे ज्यादा 15 हजार 383 पंजीयन भैंसों के किए गए थे। इसके बाद 2 हजार 990 गाय, 2 हजार 103 बकरी और 656 भेड़ों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे। अभी तक 36 प्रतिशत ही कार्य गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग को 21 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य मिला है। जिसके तहत अभी तक जिले भर में 8,478 पशुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिसमें धौलपुर ग्रामीण क्षेत्र में 2,073 तो शहरी क्षेत्र में 169 पशुओं का बीमा योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इसके अलावा राजखेड़ा में ।,266, सैंपऊ में ।,177, सरमथुरा ग्रामीण में 565 तो शहरी में 46, बसेड़ी में 679, बाड़ी में 1063 मनियां में 33 पशुओं का रजिस्ट्रेशन सहित टोटल 7 हजार 71 पशुओं के पंजीयन कराया गया हैं। देखा जाए तो अभी तक लगभग 36 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। मार्च 2026 तक रखी है समय सीमा शासन ने योजना के तहत लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्च तक की समय सीमा रखी है। समय सीमा को देखते हुए पशुओं के रजिस्ट्रेशन का कार्य धीमा ही लग रहा है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लक्ष्य हासिल नहीं होने पर रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को फिर बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कि विभाग लक्ष्य को हासिल कर सके। गत वर्ष शुरू हुई मंगला पशु बीमा योजना राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत गत वर्ष की थी। मंगला पशु बीमा योजना में पशु की अकाल मृत्यु पर जनाधार कार्डधारक पशुपालक को बीमा क्लेम के रूप में 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना में पशुपालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम भी नहीं देना होता है यानी योजना निःशुल्क है। मंगला पशु बीमा योजना का द्वितीय चरण प्रारंभ मंगला पशु बीमा योजना द्वितीय चरण प्रारंभ हो गया है। पहले चरण की तरह इस चरण में भी लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके। डॉ. संतराम मीणा, संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सालय धौलपुर

AI फोटो-वीडियो डालना अब जोखिम भरा? आज से लागू हुए इंटरनेट के 3 नए नियम, जानना जरूरी

नई  दिल्ली अगर आप सोशल मीडिया पर एआई (AI) से बनी तस्वीरें या वीडियो शेयर करने के शौकीन हैं तो आज से आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित 'आईटी (डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम 2021' के नए संशोधन आज यानी 20 फरवरी 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं। अब इंटरनेट पर किसी भी भ्रामक या एआई कंटेंट को बिना लेबल के पोस्ट करना आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकता है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'AI Impact Summit' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीपफेक और फेब्रिकेटेड कंटेंट को समाज के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने साफ किया कि एआई कंटेंट के लिए 'वॉटरमार्किंग' और सोर्स स्टैंडर्ड तय करना अब समय की मांग है। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी पर और ज्यादा सतर्क रहने पर जोर दिया। क्या है सिंथेटिकली जेनरेटेड कंटेंट (SGI)? नए नियमों के अनुसार एआई या कंप्यूटर द्वारा तैयार या मॉडिफाई किया गया कोई भी कंटेंट जो किसी वास्तविक व्यक्ति, स्थान या घटना जैसा दिखता हो उसे SGI माना जाएगा। ऐसे कंटेंट को शेयर करने से पहले 'वॉटरमार्क' या लेबल लगाना अनिवार्य है ताकि लोग समझ सकें कि यह असली नहीं है। सामान्य फोटो या वीडियो एडिटिंग को इस दायरे से बाहर रखा गया है। लागू हुए ये 3 बड़े बदलाव     अनिवार्य लेबलिंग: एआई कंटेंट पर लगा 'AI Label' एक बार लगने के बाद हटाया नहीं जा सकेगा।          प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी: फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (X) जैसे प्लेटफॉर्म्स को एआई कंटेंट पहचानने के लिए विशेष टूल्स बनाने होंगे। बिना वेरिफिकेशन के ऐसा कंटेंट अपलोड नहीं होगा।     नियमित चेतावनी: सोशल मीडिया कंपनियां हर 3 महीने में अपने यूजर्स को एआई के गलत इस्तेमाल पर होने वाली सजा और जुर्माने के बारे में अलर्ट भेजेंगी। नो-गो जोन: इन पर है सख्त पाबंदी सरकार ने कुछ श्रेणियों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट, फर्जी दस्तावेज, हथियार बनाने की जानकारी और किसी की छवि बिगाड़ने वाले डीपफेक वीडियो बनाने पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सख्त कानून और भारी जुर्माना नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। अगर सरकार किसी कंटेंट को हटाने का निर्देश देती है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उसे 3 घंटे के भीतर हटाना होगा (जो पहले 36 घंटे था)। शिकायतों पर रिस्पॉन्स देने की समय सीमा को घटाकर मात्र 12 घंटे कर दिया गया है।  

महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील

रायपुर महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के रिलीज के पहले दिन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने फिल्म देखी। इस फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को दर्शाती है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है। राजवाड़े ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें।

सुकमा का ट्रांसफॉर्मेशन—नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब बन रहा आत्मनिर्भरता का मॉडल

रायपुर आकांक्षा प्रोजेक्ट के तहत 35 युवा रोजगार हेतु चेन्नई रवाना नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले सुकमा जिले से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने हेतु चेन्नई के लिए रवाना हुए। यह अवसर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संचालित प्रयासों का परिणाम है। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर युवाओं में उत्साह, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। एमओयू के माध्यम से रोजगार के अवसर जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चेन्नई स्थित ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज के साथ एक विशेष एमओयू किया है। इस साझेदारी के माध्यम से सुदूर अंचलों के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिन्हें अब तक अवसरों की सीमित उपलब्धता के कारण प्रतिस्पर्धात्मक मंच नहीं मिल पाता था। *महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम* चयनित युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। पहली बार जिले से बाहर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना सुदृढ़ हुई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सुकमा का प्रत्येक युवा कौशलयुक्त बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच प्राप्त हो। ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा निवासी सोड़ी बसंती ने बताया कि यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है। पहली बार घर से बाहर जाकर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी।बोरगुड़ा निवासी सोनिया नुप्पो ने जिला प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि सुकमा जिला प्रशासन भविष्य में भी रोजगार मेलों, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान से आगे बढ़कर सुकमा को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी श्री कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कोटा में 22 बीघा वन भूमि पर बने हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण ध्वस्त

कोटा. राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है। कोटा शहर में शुक्रवार सुबह वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रानपुर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क के अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया। टीम ने वन विभाग की जमीन पर किए गए पक्के और कच्चे निर्माण को हटाया। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क ने लंबे समय से वन विभाग की करीब 22 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। ​हिस्ट्रीशीटर ने सरकारी जमीन पर मकान, बाड़े और खेती जैसी गतिविधियाँ संचालित कर रही थी। ऐसे में कोटा शहर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी अतिक्रमण हटाया और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। आगे भी जारी रहेगा अभियान उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से हार्डकोर अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों को सख्त संदेश दिया जा रहा है कि कानून सर्वोपरि है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और माफिया तत्वों पर लगाम कसने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अवैध हथियारों के साथ किया था गिरफ्तार गौरतलब है कि रानपुर थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 7 हथियार और 27 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इनमें दो देसी पिस्टल मय मैगजीन, चार अतिरिक्त मैगजीन तथा पांच देसी कट्टे शामिल थे।

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 7 दिन तक 1.50 लाख रुपए का कैशलेस उपचार

रायपुर पीएम राहत योजना के तहत प्रावधान परिवहन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने आज सभी जिले के पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सचिव  एस. प्रकाश ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को योजना के तहत 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाए।  परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों के उपचार संबंधी भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिए जाएं। परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है। योजना का उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में उपचार उपलब्ध कराकर पीड़ितों की जान बचाना है। राज्य सरकार द्वारा योजना के त्वरित क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा, जिससे अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे। बैठक में एनआईसी के राज्य अधिकारी  अरविंद यादव और  अमित देवांगन ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति और वीडियो के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में बस्तर, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी सहित सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप परिवहन आयुक्त  मनोज कुमार ध्रुव तथा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) से  दिनेश टांक भी उपस्थित थे।

मिर्ज़ा एजाज़ बेग, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष चुने गये

रायपुर  छ.ग. राज्य हज कमेटी के सदस्य श्री मिर्ज़ा एजाज बेग को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी का अध्यक्ष चुना गया है। इस संबंध में छ.ग. शासन पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा आज अधिसूचना जारी की गई है। हज कमेटी अधिनियम 2002 की धारा 21 की उपधारा (1) में निहित प्रावधान अनुसार छ.ग. राज्य हज कमेटी के नामांकित सदस्यों द्वारा सर्वसम्मती से हज कमेटी के अध्यक्ष पद पर श्री मिर्ज़ा एजाज बेग का चुनाव किया गया। उसके पश्चात राज्य शासन द्वारा अधूिसचना जारी कर उन्हे अध्यक्ष घोषित किया गया है । हज कमेटी में श्री मिर्ज़ा एजाज बेग को अध्यक्ष बनाये जाने से मुस्लिम समाज में उत्साह और हर्ष का माहौल है । आज जुमा नमाज के पश्चात हजरत गरीब नवाज़ मस्जिद संजय नगर के मुतवल्ली मोहम्मद अली एवं मस्जिद कमेटी के मेम्बरान एवं मुस्लिम समाज के लोगो ने गर्मजोशी से श्री बेग का स्वागत किया। श्री मिर्ज़ा एजाज बेग ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी, मान. मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल जी एवं पार्टी के समस्त वरिष्ठजनो का आभार व्यक्त किया है।