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तंबाकू पर सख्ती: सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह बैन, पढ़ाई में जुड़ेगा एंटी-टोबैको पाठ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि: दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।      बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है: प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।    किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं: चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।      सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।      तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

वन मंत्री केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण

रायपुर बस्तर में खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन आगामी 22 मार्च को किया जाएगा। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप ने बस्तर हेरिटेज मैराथन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। कलेक्टर बस्तर ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी और 42 किमी की दौड़ प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता चित्रकोट जलप्रपात से प्रारंभ होकर कुरुषपाल तक 21 किमी जाकर वापस चित्रकोट में समाप्त होगी। पाँच किलोमीटर की दौड़ चित्रकोट से मारडूम चौक तक, दस किमी की दौड़ एसटीएफ कैम्प से वापस चित्रकोट तक होगी। वन मंत्री  कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन किया जा रहा है स यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की पहल है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी का आह्वान किया।  इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप, विधायक  विनायक गोयल, पूर्व विधायक  लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नमो भारत की स्पीड का कमाल, सराय काले खां से बेगमपुल तक 39 मिनट में पहुंचेंगे यात्री

नई दिल्ली नमो भारत ट्रेन के लिए सराय काले खां स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुका है। 22 फरवरी से आम यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। सराय काले खां से मेरठ तक का सफर महज 55 मिनट में तय होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ में इस पूरे कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इस बीच, नमो भारत स्पेशल ट्रेन सराय काले खां स्टेशन से बेगम पुल स्टेशन तक महज 39 मिनट में पहुंच गई। अभी 11 स्टेशनों के बीच सर्विस प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम की 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर पर सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद, गुलधर, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ जैसे 16 प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। नमो भारत कॉरिडोर पर अभी दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ तक 11 स्टेशनों के बीच सर्विस दी जा रही हैं। पूरे दिल्ली-एनसीआर को फायदा होगा 22 फरवरी को पूरा कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ ही नहीं बल्कि फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा के लाखों लोगों को भी इससे काफी फायदा मिलेगा। मेरठ के चार फ्लोर का बेगमपुल स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां हर तरह की वह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे कि यात्री अपने गंतव्य तक सफर करते हुए आनंद ले सकें। मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर का अद्भुत नमूना है सराय काले खां स्टेशन सराय काले खां स्टेशन मॉडर्न इंफ्रास्टक्चर का एक अद्भुत नमूना है। स्टेशन में 6 प्लेटफार्म और 4 ट्रैक, 18 एस्केलेटर और सीसीटीवी कैमरे हैं। स्टेशन आधुनिक सुविधाओं जैसे एस्केलेटर, लिफ्ट और वातानुकूलित वेटिंग एरिया से सुसज्जित है। स्टेशन में 6 प्रवेश और निकास द्वार भी हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक होंगे। सराय काले खां स्टेशन नमो भारत कॉरिडोर के सबसे बड़े स्टेशनों में से एक है। यात्रा के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव की संभावना एनसीआरटीसी यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने इस स्टेशन को एक आधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया है। यहां से यात्री रेलवे, बस, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से आसानी से जुड़ सकेंगे। 'नमो भारत' ट्रेन सेवा से दिल्ली-एनसीआर में लोगों के यात्रा करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है।

छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है। राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक  योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा  और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ  कौशिक नाईक एवं  वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के  अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान के विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष

जयपुर. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान की छात्र राजनीति के कद्दावर चेहरे विनोद जाखड़ को NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह न केवल विनोद जाखड़ के लिए, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है क्योंकि NSUI के 55 साल के इतिहास में पहली बार है जब कमान राजस्थान के किसी नेता को सौंपी है। विनोद जाखड़ वर्तमान में राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर जनवरी 2024 में विनोद जाखड़ को राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान: छात्र हितों का संघर्ष: उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस (RSS) के कार्यक्रमों के विरोध से लेकर छात्रसंघ चुनाव बहाली तक कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। जेल और संघर्ष: छात्र हितों की लड़ाई में उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के 'यूथ विजन' में फिट बैठने के कारण उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्थान की राजनीति पर क्या होगा असर? विनोद जाखड़ की इस नियुक्ति के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं: जातीय समीकरण: कांग्रेस ने एक दलित युवा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। युवा नेतृत्व: राजस्थान से पहली बार किसी का इस पद पर पहुँचना, प्रदेश के अन्य युवा छात्र नेताओं के लिए दिल्ली के दरवाजे खोलने जैसा है। संघर्ष की कहानी विनोद जाखड़ की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। जयपुर के पास एक साधारण परिवार में जन्मे विनोद के पिता पेशे से मिस्त्री (प्लास्टर का काम करने वाले) हैं। बचपन का संघर्ष: जब विनोद 7 साल के थे, उनका परिवार काम की तलाश में जयपुर शिफ्ट हो गया। शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा उसी स्कूल में प्राप्त की जहाँ उनके पिता मजदूरी करते थे। बाद में राजस्थान यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। दलित चेहरा: विनोद जाखड़ एससी (SC) वर्ग से आते हैं और वे राजस्थान कॉलेज के पहले दलित अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2018 की वो 'ऐतिहासिक' जीत विनोद जाखड़ की असली पहचान साल 2018 के राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव से हुई। उस समय NSUI ने विनोद को टिकट नहीं दिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। उन्होंने न केवल चुनाव जीता बल्कि पूरे प्रदेश की छात्र राजनीति में अपनी साख जमा ली। जीत के बाद वे पुनः कांग्रेस और NSUI के साथ जुड़ गए।  

जेल में बंद सुशील कुमार को राहत मिलेगी या नहीं? हाईकोर्ट ने पुलिस को भेजा नोटिस

नई दिल्ली पहलवान सागर धनखड़ की मौत के मामले में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। इस मामले पर 4 मई को सुनवाई होगी। पहलवान सुशील कुमार ने छह फरवरी को रोहिणी कोर्ट के नियमित जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पहलवान सुशील कुमार मई 2021 में हुए सागर हत्याकांड में आरोपी हैं और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के मामले में 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी थी और एक सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सागर धनखड़ के पिता द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को स्वीकार किया था। याचिका में सुशील कुमार को जमानत देने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुशील कुमार और अन्य लोगों पर 4 मई, 2021 को कथित संपत्ति विवाद को लेकर शहर के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग स्थल में हरियाणा के रोहतक के रहने वाले पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों सोनू और अमित कुमार पर कथित रूप से हमला करने का आरोप है। सागर धनखड़ की मौत के बाद 18 दिनों तक फरार रहने के बाद सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, 18 दिनों तक चले इस लुका-छिपी के खेल के दौरान सुशील कुमार ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की यात्रा की थी। आखिर में उन्हें दिल्ली के मुंडका इलाके में गिरफ्तार किया गया था, जहां वे कुछ नकदी लेने गए थे और उन्होंने एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से स्कूटी भी उधार ली थी। अक्टूबर 2022 में, दिल्ली की एक निचली अदालत ने सुशील कुमार और 17 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिससे उनके मुकदमे की शुरुआत हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने सुशील कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे, जिनमें हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।  

बांग्लादेश में सत्ता बदलाव का असर: तारिक रहमान सरकार के बड़े कदम से भारत संग संबंध पटरी पर

नई दिल्ली मोहम्मद यूनुस की रवानगी होते ही बांग्लादेश और भारत के संबंध सुधरने लगे हैं। शुक्रवार को तारिक रहमान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बंद पड़ीं वीजा सेवाओं को फिर से बहाल कर दिया। बांग्लादेश ने नई दिल्ली में अपने हाई कमीशन में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सर्विस लगभग दो महीने बाद फिर से शुरू कर दी है। इंडिया टुडे के मुताबिक, शुक्रवार सुबह वीजा सर्विस फिर से शुरू कर दी गईं। यह डेवलपमेंट बांग्लादेश में पिछले दिनों बनी बीएनपी की सरकार के ऑफिस संभालने के तीन दिन बाद हुआ है। रहमान के दौर में दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार आने की संभावना है।

RJD के 14 सवालों का बिहार सरकार ने दिया जवाब

पटना. 19 फरवरी को आरजेडी के एक्स अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर किया गया था. इसमें लड़कियों के साथ राज्य के अलग-अलग जिलों में 14 आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया गया. राजद की ओर से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे. इस पोस्ट का जवाब आज बिहार सरकार की तरफ से दिया गया.     ज़िंदा ही तो हो, कोई मुर्दा तो नहीं!     कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते?     कुर्सी ही तो है, कोई अर्थी तो नहीं!     बेपरवाह भाजपा नीतीश सरकार     और लचर कानून व्यवस्था का हाल!     बिहार की बच्चियों के लिए एक एक साँस है मुहाल!! pic.twitter.com/BNWoP3vpCu     — Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) February 19, 2026 14 घटनाओं में कार्रवाई का किया जिक्र बिहार सरकार की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी किया गया. इस प्रेस रिलीज में उन 14 घटनाओं का जिक्र किया गया, जिसको लेकर राजद ने सवाल उठाया था. इसके साथ ही सभी मामलों में क्या कुछ कार्रवाई की गई, उसे बताया गया. बिहटा में 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में अभियुक्त गुड्डू कुमार की गिरफ्तारी की गई. किशनगंज में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया. इस तरह से एक-एक कार्रवाई गिनवाई गई. राबड़ी देवी ने आज फिर उठाया सवाल बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. विपक्ष का तरफ से लगातार आपराधिक घटनाओं से जुड़े मुद्दे को उठाया जा रहा है. शुक्रवार को भी लड़कियों के साथ अपराध का मुद्दा राबड़ी देवी ने उठाया. राबड़ी देवी ने कहा, बिहार में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहा है. कई मामलों में तो हत्याएं भी की जा रही हैं. इस दौरान राबड़ी देवी ने दावा किया कि 35 लड़कियों के साथ फरवरी महीने में ही ऐसी घटना हुई. इन मामलों में सरकार ने क्या कार्रवाई की? सरकार ने दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाया? इस तरह से राबड़ी देवी ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया. सदन की कार्यवाही से पहले राजद के विधायकों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर हंगामा किया था. आज सत्र की कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे. लेकिन थोड़ी ही देर बाद वे चले गए.

रेस्क्यू ऑपरेशन सफल: रिहायशी इलाके से पकड़ा गया मगरमच्छ, अब जंगल सफारी में सुरक्षित

रायपुर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल सफारी में मिला नया आश्रय छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में वन विभाग ने एक और सराहनीय कार्य किया है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम हरदी में तालाब में फंसे एक विशाल मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रूप से जंगल सफारी, नवा रायपुर में नया आश्रय दिया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। ग्राम हरदी के ग्रामीण तालाब में सामूहिक रूप से मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनके जाल में एक मगरमच्छ फंस गया। ऐसी स्थिति में घबराहट या किसी दुर्घटना की आशंका हो सकती थी, लेकिन ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिक्षेत्र सहायक गितेश बंजारे और टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की सलाह पर उसे जंगल सफारी, नवा रायपुर में सुरक्षित छोड़ा गया, जहां उसके लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। ग्रामीणों की सजगता बनी मिसाल       ग्राम हरदी के लोगों ने पहले भी अक्टूबर 2025 में हाथी के रेस्क्यू के दौरान जिम्मेदारी निभाई थी। इस बार भी उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए वन विभाग का पूरा सहयोग किया।   वन विभाग के कर्मचारियों नेहरू निषाद, भागी यादव, पीलू निषाद, राकेश ध्रुव तथा हरदी वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। शासन की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव राज्य शासन की वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं और जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि अब ग्रामीण तत्काल सूचना देकर वन्यजीवों की सुरक्षा में भागीदार बन रहे हैं। इससे न केवल वन्यजीवों की जान बच रही है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आ रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और शासन के निर्देशानुसार ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।         यह सफलता की कहानी बताती है कि जब शासन, प्रशासन और ग्रामीण मिलकर कार्य करते हैं, तो वन्यजीव संरक्षण का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम राज्य के स्थापना दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम राज्य के 39वें स्थापना दिवस पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामना करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं से समृद्ध अरुणाचल प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से सुसज्जित मिजोरम निरंतर विकास, शांति और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे। उल्लेखनीय है कि दोनों ही राज्यों की स्थापना 20 फरवरी 1987 को हुई थी। पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से पहले यह दोनों ही अंचल केंद्र शासित प्रदेश हुआ करते थे।