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दिव्यांग धरम सिंह पटेल और उलख राम पटेल चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर स्कूटी पाकर लाभार्थियों में हर्ष, उपमुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने विधायक कार्यालय कवर्धा में दो दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमरौडी निवासी  धरम सिंह पटेल और ग्राम खिरसाली निवासी  उलख राम पटेल को स्कूटी की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है। स्कूटी मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी तथा वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे। इस अवसर पर  धरम सिंह पटेल ने बताया कि वे विद्युत विभाग में अस्थाई रूप से ऑपरेटर का कार्य करते हैं। पहले उन्हें कार्य में जाने में बहुत असुविधा हुआ करती थी आवश्यक गतिविधियों के लिए आवागमन में किसी पर निर्भर रहना पड़ता था, अब स्कूटी मिल जाने से वे अपने अनुसार कार्य पर जा आ सकेंगे। उलख राम पटेल ने बताया कि वे कपड़े सिलने का कार्य करते हैं ऐसे में स्कूटी मिल जाने से उन्हें अपने कार्य में बहुत आसानी होगी। दोनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर आज उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई जिससे वे खुश हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने दोनों को वाहन चलाने का भी अभ्यास करवाया और दोनों का स्वागत कर उत्साहवर्धन किया। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी नागरिक सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। उल्लेखनीय है कि अब तक उपमुख्यमंत्री  शर्मा की पहल से 100 से अधिक दिव्यांग लोगों को सहायक उपकरण लगे स्कूटी प्रदान की गई है। इस अवसर पर राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  संतोष पटेल,  नरेन्द्र मानिकपुरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  मनहरण कौशिक,  भुखन साहू,  रामबिलास चंद्रवंशी,  विजय पाटिल  रवि राजपुत, मती सतविंदर पाहुजा, मती विजय लक्ष्मी तिवारी,  लाला राम साहू सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर 2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के मर्दापाल में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को 2 करोड़ 18 लाख 47 हजार रुपए की लागत वाले कुल 36 विकास कार्यों की सौगात दी। साथ ही वन मंत्री ने मर्दापाल में भूमिपूजन कार्यक्रम से पहले गांव के मड़ई मेला में सम्मिलित होकर भंगा राम मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।          वन मंत्री  कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी ग्रामवासियों को पारंपरिक भंगाराम माता मावली माघ मड़ई मेला की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आगे भी ग्रामीण अंचल के जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए विकसित भारत जी राम जी योजना को और अधिक प्रभावी बनाया गया है जिसके तहत अब लोगों को 125 दिन की रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाएगा। वन मंत्री ने शिविर में पंचायत विभाग के विकसित भारत जीरामजी योजना पर आधारित स्टॉल के साथ- साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया और ग्रामीणों से कहा कि विभागों के स्टॉल में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जनपद पंचायत की अध्यक्ष मती अनिता कोर्राम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।  विभिन्न ग्राम पंचायतों के 36 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन          वन मंत्री  केदार कश्यप ने मर्दापाल में विभिन्न ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार हेतु कुल 218.47 लाख रुपये की लागत से 36 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, आंगनबाड़ी भवन, सीसी सड़क, नाली निर्माण तथा पुलिया निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा कई गांवों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे।   भूमिपूजन कार्यों में ग्राम बयानार में पनका समाज हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में 5 लाख, मुंगवाल में पंचायत भवन के पास घोटुल निर्माण लागतं 3 लाख, नरिहा में राजबेड़ा मंदिर के समीप सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 20 लाख, पेरमापाल में ग्राम पंचायत पेरमापाल स्कूलपारा में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागतं 6 लाख, जोगीआड़वल में कोरहाबेडा में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, तोड़म में मनीराम के खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 7 लाख, मड़ागांव में शिव मंदिर पारा में सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 3 लाख, पेरमापाल में दुलारदई माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, खण्डाम में डोंगरीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, खण्डाम में आवास प्लाट पारा में रंगमंच कार्य निर्माण लागत 3 लाख, बोटीकनेरा में राजू सोनी के घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, नगरी में गांवकीन माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, कचोरा में ग्राम पंचायत कचोरा डोंगरीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 5 लाख, मर्दापाल में अटल सद्भावना भवन कार्य में लोहार पारा लागत 5 लाख, मर्दापाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल में मरीज एवं परिजनों हेतु शेड निर्माण लागत 4 लाख, मर्दापाल में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य लेपस (मानिकपुरी समाज भवन) से सुरेश घर तक 200 मीटर में 16.19 लाख, चांगेर में टेमरूभाठा में कोटकरीन पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, बड़ेकुरूषनार में नारायण कश्यप घर से सुखनाथ लोहार घर के बीच 1.50 पुलिया निर्माण में 6 लाख, बड़ेकुरूषनार में तेलीपारा पंचायत भवन के पास 02 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, हसलनार में उप स्वास्थ्य केंद्र हसलनार में मरीज एवं परिजनों हेतु शेड निर्माण लागत 2 लाख का कार्य शामिल है। इसी प्रकार हसलनार में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में प्लाटपारा में मुरिया पारा लागत 6 लाख, जोड़ेंगा में पोहमार पटेल पारा अटल सद्भावना भवन लागत 5 लाख, जोड़ेंगा में पंचायत भवन के पास सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, खड़पड़ी में टोड़ाबेडा में अटल सद्भावना भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, कोरमेल में मुख्य मार्ग से बड़ामुंडा मार्ग में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, मटवाल में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 4 लाख, पदनार में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 6.50 लाख, तुमड़ीवाल में खासपारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 6.50 लाख, पुसपाल में स्कूल से पुजारी मार्ग में डारा खेत के पास पुलिया निर्माण लागत 6.50 लाख, हथकली में पंचायत भवन से हासेल मार्ग हेमचंद घर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख, हसलनार में हसलनार करागुड़रापारा में सांस्कृतिक भवन निर्माण लागत 5 लाख, कुधुर में डोंगरा देव पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, टेकापाल में स्कूल पारा से कुंगारपाल के बीच 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, बेतबेंड़ा में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य मुख्य मार्ग 300 मीटर लागत 23.28 लाख, हंगवा में तोतर रोड में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख और कांगा में कांगा कारीदेलगिन माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य लागत 3 लाख रुपए का भूमिपूजन कार्य शामिल है।          इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मती यशोदा कश्यप, सरपंच मती जयंती कश्यप सहित पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना, कहा- रोकने की राजनीति बंद करें

पंजाब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला है। हरियाणा के सीएम नायब सैनी आज अमृतसर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरुओं की पावन और इतिहासिक धरती को नम्न किया। सीएम सैनी ने कहा कि, पंजाब में ड्रग्स तेजी से फैल रहा हैं और सरकार सिर्फ एडवर्टाइजमेंट पर पैसा खर्च कर रही है। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार चाहती है कि कोई यहां न आए। सीएम सैनी ने कहा कि मेरे पंजाब में जगह-जगह प्रोग्राम प्लान किए गए हैं, लेकिन यहां की सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इन प्रोग्राम को रोकने की कोशिश कर रही है। नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार को ठोकवा जवाब देते हुए कहा कि पंजाब में प्रोग्रामों को रोका जा रहा है, आप रोकने का काम न करें, बल्कि अपना काम करें। अगर आप काम करेंगे तो लोग आपकी आवाज बनेंगे और अगर आप करप्शन में लिप्त होंगे तो पूरा पंजाब आपके खिलाफ खड़ा हो जाएगा। सीएम सैनी ने कहा कि इन्होंने जो झूठे वादे पंजाब के लोगों से किए थे, आज उनकी पोल खुल गई है। सीएम सैनी ने आगे कहा कि, इन्होंने जमीनी लेवल पर कुछ काम नहीं किया है। ये कांग्रेस से भी बुरे हैं। नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का है। उन्होंने युवाओं को पंजाब की मज़बूती के लिए BJP की सरकार बनाने का मैसेज दिया। यही नहीं गैंगस्टर कल्चर पर बोलते हुए सीएम सैनीने कहा कि, पंजाब में युवा को निराशा और नशे के अंधकार में धकेला जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने विश्वास की जमीन को बंजर बनाया है। वहीं कांग्रेस ने नशा गांव-गांव तक पहुंचाया है। आम आदमी पार्टी पंजाब का शोषण कर रही है। हमें हरियाणा के वादे पूरे किए हैं। आम आदमी पार्टी ने पंजाब का कोई वादा पूरा नहीं किया है। हमने हरियाणा के किसानों को मजबूत किया है। सैनी ने कहा कि, पंजाब में गैंगस्टर कल्चर फैल रहा है। पंजाब सरकार ने गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा दिया है। पंजाब सरकार ने गैंगस्टर कल्चर को हवा दी है। 2027 में बीजेपी सरकार गैंगस्टर प्रथा खत्म करेगी। जब बीजेपी सरकार बनेगी तब गैंगस्टर प्रथा खत्म होगी। 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा ने शनिवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के अंतर्गत प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने बताया कि शनिवार को पूरे प्रदेश में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 है। इनमें पुरुष मतदाता 2 करोड़ 79 लाख 4 हजार 975, महिला मतदाता 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 तथा थर्ड जेंडर मतदाता 904 हैं। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अंतिम मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी सौंपी गई। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं अथवा किसी प्रकार का संशोधन है, वे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही जिन युवाओं ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, वे भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।  झा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  संजय वास्तव एवं  राजेश यादव उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों में आम आदमी पार्टी से  शैलेन्द्र नागले, बहुजन समाज पार्टी से  पूर्णेन्द्र अहिरवार एवं  नरेश बनपुरिया, भारतीय जनता पार्टी से विधायक  भगवान दास सबनानी,  रजनीश अग्रवाल एवं  एस.एस. उप्पल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से  पी.वी. रविचंद्रन तथा कांग्रेस पार्टी से  जे.पी. धनोपिया उपस्थित रहे। 

गुजरात में शादी से पहले माता-पिता को मिलेगा मैसेज, सरकार का नया प्रस्ताव – आप क्या सोचते हैं?

अहमदाबाद  गुजरात सरकार ने राज्य के मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट में एक ऐसा संशोधन प्रस्तावित किया है, जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है. गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एलान किया कि अब शादी का सर्टिफिकेट लेने के लिए सिर्फ दूल्हा-दुल्हन की मर्जी काफी नहीं होगी. इस प्रक्रिया में अब ‘परिवार’ को भी कानूनी रूप से शामिल किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि इससे परिवारों के बीच होने वाले विवादों और धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगेगी. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बालिग युवाओं के निजी फैसलों में सरकार या परिवार का दखल होना चाहिए? आप इस बारे में क्या सोचते हैं? क्या शादी के लिए माता-पिता को जानकारी देना प्राइवेसी का उल्लंघन है? प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अब शादी का आवेदन करते समय एक ‘डिक्लेरेशन’ देना होगा. इसमें कपल्स को यह साफ बताना होगा कि उनके माता-पिता को इस शादी के बारे में पता है या नहीं. इसके बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी होगी कि वह 10 दिनों के अंदर माता-पिता को व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दे. सरकार इसे पारदर्शिता का नाम दे रही है, लेकिन कई लोग इसे प्राइवेसी में सेंध मान रहे हैं. क्या आपको लगता है कि एक बालिग नागरिक को अपनी शादी की सूचना घर पर देने के लिए कानूनन मजबूर किया जाना चाहिए? 30 दिनों का लंबा इंतजार और डिजिटल वेरिफिकेशन नए सिस्टम में अब शादी का सर्टिफिकेट तुरंत नहीं मिलेगा. आवेदन जमा करने के बाद 30 दिनों का अनिवार्य गैप रखा गया है. इस दौरान शादी की तस्वीरें, इनविटेशन कार्ड और गवाहों का पूरा डेटा सरकारी पोर्टल पर अपलोड होगा. सरकार का तर्क है कि इससे फर्जी शादियों पर रोक लगेगी. लेकिन प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के लिए यह 30 दिन भारी पड़ सकते हैं, क्योंकि इस दौरान उन पर पारिवारिक दबाव बढ़ने की आशंका रहती है. क्या यह लंबी प्रक्रिया सिस्टम को और ज्यादा जटिल नहीं बना देगी? आपकी इस पर क्या राय है? कागजी कार्रवाई का बढ़ता बोझ अब सिर्फ लड़का-लड़की के डॉक्यूमेंट्स से काम नहीं चलेगा. आवेदन के साथ दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता के आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट भी मांगे जा सकते हैं. इसके अलावा, शादी की फोटो और गवाहों का वेरिफिकेशन भी अनिवार्य होगा. यह सब कुछ एक डिजिटल डेटाबेस का हिस्सा बनेगा. कुछ लोगों का कहना है कि इससे क्राइम रेट कम होगा, जबकि कुछ इसे गैर-जरूरी कागजी कार्रवाई बता रहे हैं. क्या आपको लगता है कि इतने ज्यादा दस्तावेजों की मांग करना सही कदम है? क्या इस फैसले से सामाजिक ताना-बाना वाकई मजबूत होगा? सरकार का दावा है कि कई कम्युनिटी ग्रुप्स ने इस बदलाव की मांग की थी ताकि माता-पिता की भावनाओं का सम्मान हो सके. गुजरात सरकार मानती है कि परिवार समाज की सबसे छोटी और अहम इकाई है, इसलिए इसे बचाना जरूरी है. हालांकि, कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का संविधान हर बालिग को अपनी मर्जी से साथी चुनने का हक देता है. ऐसे में क्या यह नया नियम संविधान के मूल अधिकारों से टकराएगा? क्या सामाजिक मूल्यों को बचाने के लिए कानून का सहारा लेना उचित है? गुजरात सरकार ने इस प्रस्ताव पर 30 दिनों के लिए जनता की राय मांगी है. एक तरफ वे लोग हैं जो मानते हैं कि माता-पिता को सूचना देने से भागकर शादी करने के बाद होने वाली अनहोनी कम होगी. दूसरी तरफ वे युवा हैं जो इसे अपनी आजादी पर हमला मान रहे हैं.

अदियाला जेल से सनसनीखेज दावा: इमरान खान को मानसिक रोगी बनाने की प्लानिंग, लीक ऑडियो से बढ़ा विवाद

इस्लामाबाद पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। उनके समर्थकों के बीच यह आशंका तेज़ हो रही है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो क्लिप ने इस विवाद को और भड़का दिया है। यह ऑडियो पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ लकी बिष्ट द्वारा शेयर किया गया  है, जिसमें पाकिस्तान सरकार, प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।   ऑडियो में दावा किया गया है कि जेल प्रशासन पर सरकारी एजेंसियों और सेना से जुड़े तत्वों का प्रभाव है तथा इमरान खान को कथित रूप से “ शारीरिक और मानसिक रूप से धीरे-धीरे कमजोर” करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों और पलटवारों के बीच पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर नजर आ रही है।  उनके परिवार और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार बताया है। इससे पहले इमरान खान की बहन उज्मा खान ने प्रेस वार्ता में कहा कि हालिया जेल मुलाकात के दौरान इमरान ने संदेश दिया—यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सेना प्रमुख Asim Munir जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और गृह मंत्री Mohsin Naqvi मिलकर उन्हें “धीरे-धीरे मारने” की योजना बना रहे हैं। अलीमा खान ने दावा किया कि इमरान की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और उन्हें निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। नूरीन खान ने भी सेना नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे “कानून के बिना राज” बताया।   प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे पीटीआई का राजनीतिक स्टंट बताया।सरकार द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की आंखों की रोशनी चश्मे के साथ सामान्य स्तर तक सुधर रही है। रिपोर्ट में उनकी सेहत को स्थिर बताया गया है। अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की गिरफ्तारी और मुकदमों को लेकर पहले ही पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बना हुआ है। उनकी पार्टी समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें – डिप्टी CM शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा से मरीजों को अन्यत्र रेफर न किए जाने के प्रयास हों, तृतीयक स्तर की उन्नत चिकित्सा सेवाएं यही उपलब्ध हों। यह प्रयास हो कि बाहर के मरीज भी यहाँ इलाज के लिए आएं। रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के लिए चार सीटों की स्वीकृति हो गई है। अब यहाँ डीएम की भी पढ़ाई होगी। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। यहाँ के चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ द्वारा पूरी लगन व मेहनत से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रदेश भर में इस अस्पताल द्वारा किए गए चिकित्सा इलाज की चर्चा है। यह अस्पताल प्रदेश के अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीजों को इलाज की सुविधा देने वाला अस्पताल बना है। अब इस अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के पद स्वीकृत हुए हैं। शीघ्र ही यहाँ अन्य विभागों में एमसीएच की सीटें भी स्वीकृत होंगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति व उनको मिलने वाले इंसेन्टिव के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नियत समयावधि पूर्ण करने पर चिकित्सकों को अगले पद पर तत्काल पदोन्नति दें। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों व स्टाफ से अपेक्षा की कि इसी तरह मनोयोग से मरीजों का इलाज करते रहें। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वर्ष 2020 में 155, वर्ष 2021 में 1749, वर्ष 2022 में 2501, वर्ष 2023 में 2846, वर्ष 2024 में 2254 एवं वर्ष 2025 में 2327 एंजियोग्राफी की गईं। जबकि वर्ष 2020 में 80, वर्ष 2021 में 832, वर्ष 2022 में 1595, वर्ष 2023 में 1685, वर्ष 2024 में 1500 व 2025 में 1371 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब तक 29 मरीजों की ओपेन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है। इसी प्रकार अस्पताल में 8 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, डॉ. मनोज इंदुलकर, अधीक्षक संजय गांधी डॉ. राहुल मिश्रा, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी डॉ. अक्षय वास्तव सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे।  

यूथ कांग्रेस प्रोटेस्ट पर खुलासा: नेपाल के जेन-जी मूवमेंट से जुड़ाव, कोर्ट में दिल्ली पुलिस का बयान

नई दिल्ली दिल्ली में आयोजित किए गए एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शनिवार को कोर्ट ने पांच दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। कोर्ट में चारों आरोपियों को पेश किया गया और दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन करने वाले ये कार्यकर्ता नेपाल के जेन-जी आंदोलन से प्रेरित थे। कुछ समय पहले नेपाल में हुए जेन-जी आंदोलन से वहां की सरकार गिर गई थी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन के पीछे एक बड़ी साजिश थी। पुलिस ने यूथ कांग्रेस के नेताओं की कस्टडी की मांग करते हुए कोर्ट से कहा, ''यह एक बड़ी साजिश है। इन्होंने नेपाल के जेन-जी विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा ली हुई थी। आरोपियों का एक-दूसरे से आमना-सामना करवाना है और फिर डिजिटल सबूतों को भी देखना है। यह अहम जांच है।'' ऐसा कहते हुए पुलिस ने कोर्ट से चारों आरोपियों की पुलिस कस्टडी की मांग की। कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस हिरासत दे दी। वहीं, आरोपियों के वकील ने कहा, “प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण था, किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिखी।'' सभी कथित अपराधों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। आरोपी के वकील ने कहा कि एफआईआर एक पॉलिटिकल चाल से ज्यादा कुछ नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि वे पढ़े-लिखे लोग हैं और उनके पास डिग्री है। इस बीच, सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने देश विरोधी नारे लगाए, और कहा कि उन्होंने पीएम के खिलाफ मैसेज वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी मांगते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि इंटरनेशनल नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए गए। कोर्ट ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर से पूछा कि पांच दिन की कस्टडी क्यों चाहिए। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर ने कहा कि गहरी साजिश है, दूसरे आरोपी मौके से भाग गए, और सही जांच के लिए कस्टडी चाहिए। आरोपी के वकील ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण नहीं था। अर्नेश कुमार की गाइडलाइंस को फॉलो नहीं किया गया। प्रॉसिक्यूशन ने बेल अर्जी का विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट से यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के फंडिंग की भी जांच होगी। यह भी पता लगना पड़ेगा कि जो टीशर्ट इन कार्यकर्ताओं ने पहनी थी, उसे किसने फाइनेंस किया। बता दें कि यूथ कांग्रेस के नेताओं की टी शर्ट पर पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड, इंडिया अमेरिका ट्रेड डील और एप्स्टीन फाइल्स जैसे मैसेज लिखे हुए थे। कई नेताओं ने अपनी टी-शर्ट उतारकर भारत मंडपम में हुए एआई समिट में प्रदर्शन किया था। यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा का हमला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कांग्रेस और राहुल गांधी पर एक बार फिर हमला बोलते हुए विपक्षी पार्टी की युवा इकाई द्वारा यहां 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में किए गए विरोध प्रदर्शन को देशद्रोह बताया और आरोप लगाया कि ''लश्कर-ए-राहुल के सिपाहियों'' ने देश की छवि खराब करने की कोशिश की। विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ''कांग्रेस ने जो किया है वह सिर्फ राजनीति नहीं है। इसे महज नकारात्मक राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता, यह देशद्रोह के बराबर है।'' त्रिवेदी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, ''अब तक राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के बारे में अपमानजनक, आपत्तिजनक और निंदनीय बयान देते थे। अब लश्कर-ए-राहुल के झंडाबरदार और सिपाही विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।''  

राज्यमंत्री गौर ने किया करीब 2 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिनमें मालीखेड़ी विसर्जन घाट का उन्नयन प्रमुख है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि मालीखेड़ी विसर्जन घाट को 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पक्का प्लेटफॉर्म, सुरक्षा रेलिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गोविन्दपुरा में वार्ड 72 के मालीखेड़ी में सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा मेन रोड स्थित दुर्गा मंदिर के चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 7 लाख 18 हजार रुपये है। वार्ड 72 की लीलाधर कॉलोनी में आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 2 लाख 86 हजार रुपये है। वार्ड 72 के गीता नगर में शंकर जी मंदिर के पास रिटेनिंग वॉल निर्माण, गीता नगर पार्श्व धाम स्थित कम्युनिटी हॉल में शेड निर्माण तथा बिहारी कॉलोनी में रोड एवं आंगनवाड़ी के पास आरसीसी नाली निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया गया, जिनकी कुल लागत 15 लाख रुपये है। वार्ड 72 के अटल नेहरू नगर में बालाजी मंदिर से आंगनवाड़ी तक, श्री महावीर हनुमान मंदिर के पास सड़क निर्माण तथा अप्रोच रोड से मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 13 लाख रुपये है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।  

स्मार्टफोन यूजर्स अलर्ट! Google Gemini बनकर स्कैमर्स चुरा रहे पर्सनल डिटेल्स, जानें कैसे रहें सुरक्षित

नई दिल्ली क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी तरह स्कैमर्स भी गूगल जेमिनी (Google Gemini) का इस्तेमाल करके आपको अपना निशाना बना सकते हैं। NOD32 एंटीवायरस बनाने वाली कंपनी ESET के रिसर्चर्स ने PromptSpy नाम का एक नया एंड्रॉयड मैलवेयर खाजा है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि मैलवेयर यूजर्स को मैनिपुलेट करने के लिए गूगल जेमिनी का इस्तेमाल करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रेडिशनल मैलवेयर हार्ड कोडेड इंस्ट्रक्शन पर निर्भर करता है। PromptSpy पहला ऐसा एंड्रॉयड मैलवेयर है, जो जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करता है। आइये, इस नए मैलवेयर के बारे में डिटेल में जानते हैं और इससे बचने का तरीका भी बताते हैं। क्या है PrompySpy ? एंड्रॉयड मैलवेयर ऐड फ्रॉड के लिए स्क्रीनशॉट को एनालाइज करते हैं और इस तरह के काम करने के लिए वे मशीन लर्निंग मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। ESET का कहना है कि PrompySpy आपकी स्क्रीन की जानकारी पाने के लिए Gemini का इस्तेमाल करते हैं। वे स्क्रीन की जानकारी जेमिनी को भेजता है और AI चैटबॉट से पूछता है कि आगे क्या करना है। कैसे काम करता है मैलवेयर? रिसर्चर्स का कहना है कि इस तरह मैलवेयर अलग-अलग एंड्रॉयड डिवाइस और इंटरफेस के हिसाब से काम करता है। वे अब पहले से लिखी गई स्क्रिप्ट पर निर्भर नहीं रहते हैं। पहले इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके कुछ ही डिवाइस पर काम करते थे, लेकिन अब जेमिनी के जरिए स्कैमर्स अलग-अलग डिवाइस के पैटर्न को समझ लेते हैं और जेमिनी से आगे बढ़ने की प्रक्रिया भी पूछ लेते हैं। AI का करता है इस्तेमाल आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एंड्रॉयड डिवाइस में एक ऐसा फीचर होता है, जिससे यूजर ऐप्स को “लॉक” या “पिन” कर सकते हैं ताकि जब आप सभी ऐप्स को बैकग्राउंड से हटाएंगे तो वे मेमोरी से साफ ना हों। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों के फोन्स में यह विभिन्न तरह से काम करता है। यहीं PromptSpy AI का इस्तेमाल करता है। मैलवेयर स्क्रीन पर क्या है, इसकी जानकारी Gemini को XML फॉर्मेट में भेजता है, जिसमें UI एलिमेंट, टेक्स्ट लेबल, क्लास टाइप और स्क्रीन कोऑर्डिनेट शामिल हैं। एंड्रॉयड की इस सर्विस का होता है इस्तेमाल इसके बाद गूगल का AI चैटबॉट JSON में किसी ऐप को लॉक या पिन करने के निर्देश भेजकर जवाब देता है। फिर PromptSpy एंड्रॉयड की एक्सेसिबिलिटी सर्विस का इस्तेमाल करके यह काम करता है। ऐसे बचें Google का सुझाव है कि यूजर्स को अपने डिवाइस पर प्ले प्रोटेक्ट चालू करना चाहिए, क्योंकि यह सिक्योरिटी फीचर उनके डिवाइस को मैलवेयर से इन्फेक्ट होने से बचाने में मदद कर सकता है।