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सुप्रीम कोर्ट ने रोकी ट्रेड डील, अब नए सिरे से तय होगी बातचीत की दिशा

वाशिंगटन अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका लगने के बाद भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रस्तावित बैठक को भी नए सिरे से तय करने का फैसला किया गया है। भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में अपने मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को नए सिरे से तय करने का फैसला किया है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। फिर से तय की जाएगी तारीख भारतीय दल 23 फरवरी से तीन दिन की बैठक शुरू करने वाला था। वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत के लिए मुख्य वार्ताकार हैं। एक सूत्र ने कहा, ''भारत-अमेरिका व्यापार करार के लिए भारतीय वार्ताकारों की अमेरिका यात्रा के संदर्भ में दोनों पक्षों का मानना है कि अब यह बैठक तब होनी चाहिए जबकि दोनों पक्ष ताजा घटनाक्रमों और उसके प्रभाव का आकलन कर लें। इसके लिए दोनों पक्षों को समय चाहिए। अब इस बैठक की तारीख दोनों पक्षों की सुविधा के हिसाब से नए सिरे से तय की जाएगी।' डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले के बड़े शुल्क के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो जाता है। ट्रंप ने शुक्रवार को भारत समेत सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिन के लिए 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था। हालांकि, शनिवार को उन्होंने शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनके आर्थिक एजेंडा को एक बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी शीर्ष अदालत ने उनके द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक अधिकार कानून (आईईईपीए) का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने अगस्त, 2025 में भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया था। बाद में, रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। इससे भारत पर कुल शुल्क दर 50 प्रतिशत हो गई थी। 15 फीसदी किया टैरिफ भारत और अमेरिका इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार करार को अंतिम रूप देने के लिए रूपरेखा पर सहमत हुए। इसके तहत अमेरिका शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। साथ ही रूस से तेल खरीद के लिए लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त शुल्क को भी हटाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फिर से इन शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया है। अगर यह शुल्क अधिसूचित होता है, तो यह अमेरिका में मौजूदा एमएफएन या आयात शुल्क के अलावा होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी उत्पाद पर पांच प्रतिशत एमएफएन शुल्क लगता है, तो 15 प्रतिशत और जोड़कर यह 20 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, इस बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है कि 150 दिन के समय के बाद भारत जैसे देशों पर अमेरिकी शुल्क क्या होगा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत और आयात में 6.22 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2024-25 में, दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर था।  

डबल इंजन की रफ्तार से पश्चिम उत्तर प्रदेश में विकास का स्वर्णिम अध्याय

मेरठ/लखनऊ पश्चिम उत्तर प्रदेश की धरती पर विकास की एक नई इबारत लिखी गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में हाई-स्पीड ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर 82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ संपूर्ण कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया। यह केवल एक परिवहन परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार के उस संकल्प का साकार रूप है, जिसमें केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मिलकर प्रदेश को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और औद्योगिक कॉरिडोर के क्षेत्र में जो रफ्तार पकड़ी है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत उसका नवीनतम उदाहरण हैं। दूरी वही, लेकिन अब समय आधा दिल्ली से मेरठ की भौगोलिक दूरी लगभग 80-82 किमी है, लेकिन अब यह सफर महज 50 मिनट में तय होगा। कभी जाम और भीड़भाड़ से जूझने वाला यह मार्ग अब हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का प्रतीक बन गया है। जहां पहले दिल्ली से मेरठ आने-जाने में 3 से साढ़े तीन घंटे तक लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक रैपिड रेल प्रणाली ने समय को आधा नहीं, बल्कि लगभग एक तिहाई कर दिया है। 180 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से चलने वाली नमो भारत ट्रेन भारत के शहरी परिवहन इतिहास में नई ऊंचाई स्थापित कर रही है। दिल्ली और मेरठ अब महज दो भौगोलिक इकाइयां नहीं रहे, बल्कि ‘नमो भारत’ की रफ्तार ने उन्हें एक सशक्त, समेकित और उभरते विकास कॉरिडोर में बदल दिया है, जहां रोजगार, निवेश, शिक्षा और आवागमन के नए अवसर निरंतर विस्तार पा रहे हैं। एक ट्रैक, दो सुविधाएं: मेरठ मॉडल बना उदाहरण इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका एकीकृत मॉडल है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा विकसित इस कॉरिडोर पर हाई-स्पीड ‘नमो भारत’ और शहर के भीतर संचालित मेरठ मेट्रो, दोनों सेवाएं एक ही इन्फ्रास्ट्रक्चर ढांचे पर चल रही हैं। यह मॉडल लागत में बचत, संसाधनों के बेहतर उपयोग और तेज निर्माण का उदाहरण है। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ती मेरठ मेट्रो अब स्थानीय आवागमन को जाम मुक्त और सुगम बनाएगी। योगी सरकार का इन्फ्रास्ट्रक्चर विजन उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर साबित किया है कि जब गति मिलती है तो प्रगति अपने आप रास्ता बना लेती है। 2017 में योगी सरकार आने के बाद उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकास का आधार बनाया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट और मेट्रो परियोजनाओं की श्रृंखला ने प्रदेश को राष्ट्रीय मानचित्र पर अग्रणी बना दिया। मेरठ, जो कभी अपराध और अव्यवस्था की खबरों से जुड़ता था, आज हाई-स्पीड रेल, खेल विश्वविद्यालय, औद्योगिक निवेश और स्मार्ट शहरी परिवहन के कारण चर्चा में है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में बदली यह तस्वीर योगी सरकार की सुदृढ़ कानून व्यवस्था और विकासोन्मुखी नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। यह परियोजना “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ बिजनेस” का वास्तविक उदाहरण है। कम समय में सुरक्षित यात्रा, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं, इन सबका समन्वय प्रदेश को निवेश और विकास के लिए और अधिक आकर्षक बनाता है। नमो भारत रेल में 80% स्टाफ महिलाओं का नमो भारत रेल में लगभग 80% स्टाफ महिलाओं का होना अपने आप में ऐतिहासिक है। यह पहल नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संदेश देती है। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने वाली नीतियों का यह जमीनी उदाहरण है, जहां महिलाएं देश की सबसे तेज रैपिड ट्रेन की कमान संभालेंगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हाई-स्पीड ट्रेन के परिचालन में लोको पायलट (चालक) से लेकर स्टेशन मैनेजमेंट तक में महिलाओं की भागीदारी 80% से अधिक है, जो इसे भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाला पहला रैपिड रेल प्रोजेक्ट बनाता है। पर्यावरण व स्वच्छता की दिशा में बड़ा कदम रैपिड रेल और मेट्रो से सड़कों पर लगभग एक लाख निजी वाहनों की संख्या घटने का अनुमान है, जिससे करीब ढाई लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आ सकती है। तेज व सुगम परिवहन का विकल्प मौजूद होगा तो निजी वाहनों की निर्भरता घटेगी, ट्रैफिक जाम कम होंगे और इससे प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। ग्रीन एनर्जी और क्लीन एयर के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में यह परियोजना एक अहम मील का पत्थर है। दिल्ली-एनसीआर का विकल्प, युवाओं को मिलेंगे पंख दिल्ली-एनसीआर में महंगी जमीन व किराये को देखते मेरठ अब एक व्यावहारिक विकल्प के रूप में उभरेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग मेरठ में रहकर दिल्ली में नौकरी या कारोबार कर सकेंगे। स्थानीय निर्यातकों के लिए भी दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान होगा। दिल्ली और मेरठ के बीच हजारों छात्र प्रतिदिन शिक्षा के लिए यात्रा करते हैं। मेडिकल, तकनीकी और अन्य संस्थानों के छात्रों को अब तेज और सुरक्षित सफर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने भी उद्घाटन के दौरान छात्रों से संवाद कर यह संदेश दिया कि आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ही विकसित भारत 2047 की नींव है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की नई धारा मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत जैसे जिलों को भी इस परियोजना का अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से पर्यटन, कृषि व्यापार और उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। अब “दिल्ली दूर है” या “मेरठ दूर है” जैसी कहावतें अप्रासंगिक हो गई हैं। 50 मिनट का यह सफर अवसरों की दूरी भी घटा रहा है। डबल इंजन की ताकत, विकसित भारत का मार्ग मेरठ मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल केवल परिवहन परियोजनाएं नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार के नए मानक स्थापित कर रहा है। यह परियोजना इस बात का संकेत है कि जब नीति स्पष्ट हो, नीयत मजबूत हो और नेतृत्व प्रतिबद्ध हो, तो विकास केवल वादा नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई बन जाता है।

होलिका को मिला था ब्रह्मा जी से वरदान, फिर भी वो क्यों जल गई और कैसे बचे प्रहलाद?

हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है. इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस साल होलिका दहन 03 मार्च को मनाया जाएगा. उसके अगले दिन यानी 04 मार्च को रंगों के साथ होली खेली जाएगी. होली के आते ही होलिका दहन की कहानी सुनाई जाती है. इसमें बताया जाता है कि किस तरह से होलिका जली थी और भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद बच गए थे, लेकिन आखिर प्रहलाद कैसे बच गए थे और होलिका वरदान के बाद भी क्यों जल गई थी? चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. पौराणिक कथा के अनुसार… पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका ने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या की थी. होलिका की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उसे एक चादर प्रदान की थी. ये चादर हमेशा उसे आग से सुरक्षित रखती थी. यही ब्रह्मा जी का वरदान था. उन्होंने होलिका से कहा था कि जब वो ये चादर ओढ़ेगी तो उसके ऊपर आग का प्रभाव नहीं होगा. होलिका का भाई हिरण्यकश्यप बहन को मिले इस वरदान के बारे जानता था. जब हिरण्यकश्यप के प्रहलाद को मारने के सारे प्रयास विफल हो गए तो उसने होलिका से अपने बेटे प्रहलाद को लेकर होली की अग्नि में बैठने के लिए कहा था. होलिका ने अपने भाई के कहे अनुसार ही काम किया वो प्रहलाद को लेकर होली की अग्नि में बैठी, लेकिन इस दौरान होलिका स्वयं जल गई और प्रहलाद बच गए. जब होलिका प्रहलाद को लेकर अग्नि पर बैठी तो वो उस दौरान भगवान विष्णु का नाम जपने लगे. इस वजह से अग्नि में जल गई होलिका भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका अग्नि में जल गई. होलिका इसलिए जली क्योंकि उसी मंशा छल, पाप व निर्दोष को नुकसान पहुंचाने की थी. होलिका जिस दिन आग में जली वो फाल्गुन मास की पूर्णिमा का दिन था. तभी से इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में होलिका दहन मनाया जाने लगा.

महिला सशक्तीकरण योगी सरकार की प्राथमिकता, उद्यमिता की राह पर ग्रामीण महिलाएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को लेकर योगी सरकार की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस मामले में गेम चेंजर साबित हो रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश भर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। अभी तक प्रदेश में करीब एक करोड़ पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपना व्यवसाय संभाल रहीं हैं। ग्राम स्तर तक पहुंची योजनाओं के चलते महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और बड़ी संख्या में वे उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ रहीं हैं। मिशन के तहत लखपति दीदी अभियान को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। गांव-गांव लखपति दीदी उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब किसी पर आश्रित नहीं, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन  से सफलता की नई कहानी गढ़ रही हैं। पिछले नौ साल में महिला सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने जिस तत्परता से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, वह अपने आप में मिसाल है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत करीब साढ़े 18 लाख लखपति दीदी का पंजीकरण किया जा चुका है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थायी आय के स्रोत से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए। इसके लिए महिलाओं को कौशल आधारित जिम्मेदारियां देकर उन्हें आय के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब गांव-गांव लखपति दीदी सफलता के साथ अपना काम संभाल रही हैं। ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने का मॉडल एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी योजना के तहत प्रदेश की 57,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अंतर्गत 40 हजार महिलाओं ने अब तक करीब 40,000 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है। यह मॉडल ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने में अहम साबित हो रहा है। कृषि, ऊर्जा से लेकर बैंकिंग तक संभाल रही हैं महिलाएं ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, डिजिटल बैंकिंग, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर बहुआयामी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल परिवारों की आय बढ़ रही है बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज हुईं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।  बुजुर्गों के लिए योजना बनी संजीवनी बीसी सखी ग्रामीण बैंकिंग के लिए बड़ी उपयोगी साबित हो रही हैं। पहले जहां गांव के लोग बैंक जाने से हिचकते थे, अब वे घर के पास ही जमा-निकासी, पेंशन वितरण और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाएं पा रहे हैं। इस पहल ने महिलाओं को न केवल रोजगार दिया, बल्कि उन्हें आर्थिक निर्णयों में सहभागी भी बनाया। इसके साथ ही विशेष तौर पर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह योजना संजीवनी साबित हो रही है।  छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में सहायता लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लघु उद्योग और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराया जाता है। इससे महिलाओं को छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में सहायता मिलती है और वे परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रमुख भूमिका में महिलाएं ड्रोन दीदी-कृषि में उपयोग के लिए ड्रोन प्रदान किए जाते हैं। बीसी सखी- ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना। सूर्य सखी – सौर ऊर्जा उपकरणों (सोलर पैनल, स्ट्रीट लाइट) की स्थापना। विद्युत सखी – घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेना और बिजली बिल जमा करना। कृषि आजीविका सखी – ग्रामीण महिलाओं को कृषि विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षित करना। स्वास्थ्य सखी -ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना। सूक्ष्म उद्यम सखी -ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय स्थापित करने में सहयोग करती हैं। पशु सखी – पशु चिकित्सा, टीकाकरण, कृमिनाशक और पोषण संबंधी प्राथमिक सेवाएं प्रदान करना। बीमा सखी – गांव-गांव में लोगों को बीमा सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।  

एक हफ्ते बाद सामने आया सच, पाकिस्तान की हार के पीछे का रहस्य

नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 में रविवार 15 फरवरी को इंडिया और पाकिस्तान के बीच ग्रुप फेज का मैच खेला गया था। उस मैच में पाकिस्तान को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इस मुकाबले को खत्म हुए एक सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पाकिस्तान में इस हार के चर्चे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अब वह कारण बताया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान की टीम को भारतीय टीम से 61 रनों के अंतर से हार मिली थी। हार की वजह से सलमान अली आगा एंड कंपनी की बहुत बुराई पहले ही हो चुकी है, लेकिन अब शोएब अख्तर ने कहा कि भारत का सामना करते समय पाकिस्तान 'फंस' जाता है। हालांकि, उनका मानना ​​है कि पाकिस्तान के पास अभी दुनिया की किसी भी टीम को हराने के लिए टीम और लोग हैं, लेकिन फिर भी टीम फंस जाती है। शोएब अख्तर ने टैपमैड पर कहा, "बदकिस्मती से, हम भारत से सिर्फ इसलिए हार रहे हैं, क्योंकि हम फंस रहे हैं। कोई और वजह नहीं है। हमारी टीम का सिलेक्शन सही नहीं है। मुझे समझ भी नहीं आ रहा कि हम क्या कर रहे हैं। वरना, हम अभी किसी भी टीम को हराने के लिए काफी अच्छे हैं।" पाकिस्तान की टीम को उस मैच के बाद आखिरी लीग फेज के मैच में जीत मिली, लेकिन सुपर 8 का पहला मुकाबला पाकिस्तान का बारिश में धुल गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ ये मैच खेला जाना था, लेकिन उस मैच में एक-एक पॉइंट दोनों टीमों को दिया गया। इस मैच में सिर्फ टॉस ही हो सका था। इसके बाद बारिश ने दस्तक दी और फिर बारिश रुक ही नहीं पाई। 5-5 ओवर का मैच भी आयोजित नहीं हो सका, क्योंकि बारिश और पानी भरने की वजह से दिक्कतों का सामना ग्राउंड्समैन को करना पड़ा। आपकी जानकारी के लिए बता दें, जब पाकिस्तान की टीम को हार मिली थी तो उन्होंने टीम से ज्यादा बोर्ड के आला अधिकारियों को कोसा था। उन्होंने मोहसिन नकवी को जाहिल और नाकाबिल भी बता दिया था। हालांकि, अपने उस बयान पर शोएब अख्तर ने यूटर्न मारा था और कहा था कि वे मेरे भाई जैसे हैं। समस्या टीम में है। अब फिर से शोएब अख्तर ने इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच को लेकर बात की है। पाकिस्तान के दिल और दिमाग से यह मैच निकल नहीं रहा है। कप्तान सलमान अली आगा की खूब आलोचना इस मैच को लेकर हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात से जनसामान्य को देश हित और सबके विकास के लिए प्रेरित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म है। देश में मैदानी स्तर पर घटित होने वाली सूक्ष्मतम गतिविधियों का वे ध्यान रखते हैं और उन्हें देशवासियों से साझा करते हैं। किसानों द्वारा एक ही स्थान पर विविध फसलें लेने के लिए किया गया नवाचार हो या केरल में बच्चे के अंगदान का मामला हो मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उल्लेख किए गए यह सब प्रसंग कई लोगों को प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तमिलनाडु की पूर्व प्रधानमंत्री सुजयललिता को याद करना देश की विविधता को अभिव्यक्ति देने के समान है। प्रधानमंत्री मोदी के विचारों में समग्रता और सबके विकास की सोच प्रकट होती है। प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम की यह विशेषता है कि इस संवाद में कभी राजनैतिक विषय नहीं आते, वे सदैव देश हित को ही प्राथमिकता देते हैं। उनका यह विजन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात कार्यक्रम के श्रवण के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन स्थित स्टेडियम में दिव्यांग खिलाड़ियों तथा स्थानीय रहवासियों के साथ मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, विधायक भगवान दास सबनानी, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, महिला, गरीब सभी के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के कोने-कोने में विकास, जनकल्याण के लिए हो रहे नवाचारों और पहल का ध्यान रखना और उन्हें देशवासियों से नियमित तौर पर साझा करना सराहनीय है। नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई एम्पैक्ट समिट-2026 के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिट में प्रदेश के कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रही पहल को प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश के हित में एआई का किस प्रकार अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है, इस पर विचार करना ही हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश उदार और उदात विचारों के साथ इस दिशा में आगे बढ़ेगा।  

स्लो वाई-फाई को तेज करने के लिए अपनाएं ये 9 तरीके

अगर आपके घर के वाई-फाई के सिग्नल कमजोर हैं, तो ये 9 सिंपल टिप्स अपनाएं और स्लो वाई-फाई से निजात पाएं। क्लिक करें… -राउटर घर के बीचों-बीच रखें, ताकि घर के हर हिस्से में बराबर सिग्नल पहुंचें। -राउटर की पोजिशन तय करने के लिए आप क्लाउडचेक की भी मदद ले सकते हैं। इससे आपको पूरे घर का वाई-फाई रूट पता चल जाएगा, और आप तय कर पाएंगे कि कहां सिग्नल कमजोर हैं। -राउटर को कभी भी फर्श पर न रखें। उसे जमीन से कम से कम 2 फीट ऊपर रखें, क्योंकि सिग्नल्स की दिशा कुछ नीचे की तरफ होती है। अगर राउटर फर्श पर रखा होगा तो सिग्नल्स के रास्ते में रुकावट आएगी। -राउटर को टीवी कैबिनेट या पर्दे के पीछे न छिपाएं। उसे खुले में रखें, ताकि फ्री सिग्नल और बेहतर स्ट्रेंथ मिले। -राउटर को टीवी, कॉर्डलेस फोन और माइक्रोवेव जैसे दूसरे इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स से दूर रखें। उनसे राउटर सिग्नल बाधित होते हैं, क्योंकि वे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स छोड़ते हैं। -वाई-फाई चोरों से सतर्क रहें। अपना डब्लूपीए पासवर्ड ऐसा रखें कि कोई उसे हैक न कर सके। इसके लिए आप त्मंअमत की हेल्प ले सकते हैं। -सही वायरलेस चैनल भी आपके वाई-फाई के लिए इंपॉर्टंट है। खासतौर से तब, जब आपके आस-पास बहुत सारे वाई-फाई नेटवर्क हों। वाई-फाई एनेलाईजर और वाई-फाई स्टंबल्र जैसे टूल्स आपको अपने घर के लिए परफेक्ट चैनल सर्च करने में मदद कर सकते हैं। दूसरे राउटर्स की इंटरफरेंस कम करने से सिग्नल मजबूत किए जा सकते हैं। राउटर सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करते रहें। पुराने राउटर के मामले में आपको ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। -चेक करें कि कहीं वीक सिग्नल का कारण आपका इंटरनेट सर्विस प्रवाइडर तो नहीं है। इस मामले में हम अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि राउटर खराब है या सर्विस प्रवाइडर की समस्या है। अगर दोनों सिचुएशन (वाई-फाई से कनेक्शन और राउटर से डायरेक्ट कनेक्शन) में आपकी डिवाइस पर नेट स्लो है, तो इसकी वजह आपका सर्विस प्रवाइडर है। इसके लिए आप स्पीड टेस्ट की मदद ले सकते हैं, आपको पता चल जाएगा कि समस्या कहां है।  

सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से उच्चस्तरीय संवाद करेंगे मुख्यमंत्री

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 से 24 फरवरी 2026 तक सिंगापुर की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग, संस्थागत साझेदारी तथा विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्र विशेष सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है। यह दौरा भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलाइजेशन, कौशल विकास, सतत विकास, कनेक्टिविटी और उन्नत विनिर्माण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में चिन्हित किया गया है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के साथ-साथ तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में भी अग्रणी है। वर्ष 2024-25 में राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद 30.25 लाख करोड़ रुपये रही है, जो 2025-26 में लगभग 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य में डिजिटल सिंगल विंडो प्रणाली और क्षेत्र विशेष नीतियों सहित निवेशकों के लिए एक व्यापक और पारदर्शी सुविधा ढांचा उपलब्ध है, जो निवेश प्रस्तावों के त्वरित और सुगम क्रियान्वयन को सुनिश्चित करता है। सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान सिंगापुर से भारत को 14.94 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री की यह यात्रा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए एक प्रतिस्पर्धी, भरोसेमंद और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के दौरान सिंगापुर के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। इनमें सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगारत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, मानव संसाधन मंत्री तथा ऊर्जा एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी के प्रभारी मंत्री टैन सी लेंग शामिल हैं। इन बैठकों में भारत और सिंगापुर के बीच राष्ट्रीय स्तर पर तय सहयोग ढांचे को उत्तर प्रदेश में व्यावहारिक निवेश और परियोजना आधारित साझेदारी में बदलने पर विचार-विमर्श होगा। इस यात्रा के दौरान प्रमुख संप्रभु और संस्थागत निवेशकों के साथ संवाद भी प्रस्तावित है। इनमें तामसेक और जीआईसी जैसे प्रतिष्ठित निवेशक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, एविएशन सेवाएं, वित्तीय सेवाएं और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के दौरान इन क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जाएगा। – डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर सिंगापुर आधारित कंपनियां भारत में विशेष रूप से एआई सक्षम डिजिटल कैंपस के क्षेत्र में बहुवर्षीय विस्तार के दौर से गुजर रही हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जेवर के समीप उपलब्ध भूमि पार्सलों को हाइपरस्केल और एआई आधारित डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए संभावित निवेश स्थलों के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। एविएशन, एमआरओ और एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के साथ उत्तर प्रदेश सिंगापुर के एविएशन इकोसिस्टम के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाश रहा है। इस क्रम में सिंगापुर में एविएशन और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का स्थल निरीक्षण भी यात्रा कार्यक्रम का हिस्सा है। कौशल विकास और टीवीईटी सहयोग मुख्यमंत्री की यात्रा में सिंगापुर के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा इकोसिस्टम के साथ संवाद शामिल है, जिसमें आईटीई सिंगापुर भी सम्मिलित है। कौशल विकास भारत और सिंगापुर सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। हरित ऊर्जा और औद्योगिक विकास सतत विकास और हरित सप्लाई चेन के क्षेत्र में सिंगापुर की विशेषज्ञता उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं और एकीकृत औद्योगिक कॉरिडोर के दृष्टिकोण के अनुरूप है। सिंगापुर की धरती पर 'इन्वेस्ट यूपी मेगा रोडशो' सिंगापुर यात्रा का समापन 'इन्वेस्ट यूपी मेगा रोडशो' के साथ होगा, जिसमें डेटा सेंटर संचालक, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर, नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियां, प्राइवेट इक्विटी फंड और संप्रभु संपत्ति कोष एक मंच पर एकत्र होंगे। इस आयोजन के माध्यम से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एविएशन आधारित औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को भारत के भीतर एक प्रतिस्पर्धी, विस्तार योग्य और निवेश अनुकूल गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। यह यात्रा उप राष्ट्रीय स्तर पर भारत और सिंगापुर के आर्थिक सहयोग के विस्तार में उत्तर प्रदेश की सक्रिय और अग्रणी भूमिका को दर्शाती है। उच्चस्तरीय संवाद को ठोस परियोजनाओं में परिवर्तित करने के लिए विधिवत फॉलो अप व्यवस्था, अकाउंट प्रबंधन और क्षेत्रीय टास्क फोर्स के गठन पर भी चर्चा होने की संभावना है।

धारा पॉक्सो के तहत शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद के खिलाफ पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई

प्रयागराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर पुलिस फास्ट हो गई है। शंकराचार्य के खिलाफ कोर्ट के आदेश देने के कुछ घंटे बाद ही पॉक्सो एक्ट में झूंसी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर में अविमुक्तेश्वरानंद को नामजद करते हुए नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और धमकाने का आरोप लगाया गया है। अविमुक्तेश्वरानंद के साथ ही उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। न्यायालय ने आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र शनिवार को अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद शनिवार की ही देर रात झूंसी थाने में केस रजिस्टर्ड कर लिया गया। जगदगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ नाबालिगों का शोषण करने का आरोप लगाया था। उन्होंने न्यायालय में दो नाबालिग लड़कों का बयान भी दर्ज करवाया था। बकायदे कैमरे के सामने दोनों लड़कों ने बयान दिए थे। आशुतोष ब्रह्मचारी की तहरीर के मुताबिक, माघ मेला में उनके शिविर में आयोजित अनुष्ठान के दौरान दो नाबालिग लड़के आए। आरोप है कि दोनों लड़कों ने खुद को अविमुक्तेश्वरानंद का शिष्य बताते हुए उनके साथ यौन शोषण होने की जानकारी दी। दोनों लड़कों के साथ महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 में कई बार जबरन यौन शोषण किया गया। विरोध करने पर दोनों लड़कों को डराया धमकाया जाता रहा। आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि 24 जनवरी को इसे लेकर झूंसी थाने में तहरीर दी गई। इसके अलावा 25 जनवरी को पुलिस आयुक्त और 27 जनवरी को पुलिस अधीक्षक माघ मेला को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। शनिवार को विशेष कोर्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है। क्या है कोर्ट का आदेश प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद शनिवार को शंकराचार्य के खिलाफ केस का आदेश दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र, पीड़ित ए व पीड़ित बी के बयान, स्वतंत्र गवाहों के बयान और प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को ध्यान से और पूरी तरह से देखने पर यह पता चलता है कि आरोपियों पर पीड़ित ए व पीड़ित बी के साथ ही दूसरों से यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं। अदालत ने कहा कि यह बताया गया है कि आरोप पॉक्सो एक्ट 2012 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सज़ा वाले संज्ञेय अपराधों से जुड़े हैं। यह भी पता चला है कि पीड़ितों और दूसरे गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के साथ सबूत इकट्ठा करने और उन्हें रिकवर करने की ज़रूरत पड़ सकती है। इसके साथ ही यह भी लगता है कि इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और दूसरे फोरेंसिक सबूत अगर कोई हों तो उन्हें इकट्ठा करने और उनकी जांच करने की ज़रूरत पड़ सकती है, और ऐसे सबूतों के असली होने का वेरिफिकेशन कानून के मुताबिक फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से कराना पड़ सकता है। प्रार्थना पत्र में उल्लिखित लोगों के अलावा दो से तीन अनजान लोग भी इस घटना में शामिल बताए गए हैं और उनकी पहचान व भूमिका की जांच की ज़रूरत बताई गई है। इसके अलावा झूंसी थाना प्रभारी व प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को दी गई अर्जी से यह भी पता चलता है कि उसमें गंभीर संज्ञेय अपराधों का खुलासा होने का आरोप था।  

श्रद्धेय नानाजी देशमुख ने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित किया भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चहुँओर तेज गति से विकास हो रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास से ही हम मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमने विकास को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया है, हम उसी संकल्प को लेकर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश में हो रहे विकास कार्य आने वाले समय में शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का नया केंद्र बनाएंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मध्यप्रदेश सरकार विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में क्षेत्र में और तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने जनजातीय नायक टंट्या मामा के सम्मान में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया और भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने महूगांव को सौगात देते हुए यहां 100 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाने और महूगांव नगर परिषद को नगर पालिका का दर्जा दिया जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण करते हुए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित नानाजी देशमुख पर्यटक स्थल का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महू और एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रशेखर आजाद सरोवर (काकड़पुरा तालाब) पार्क एवं घाट का लोकार्पण कर सम्पूर्ण क्षेत्र का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया। नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, और जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। उनके द्वारा स्थापित किए गए विकास मॉडल आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू क्षेत्र ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली है, वहीं निकट ही जानापाव पर्वत भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। महू क्षेत्र क्रांतिसूर्य टट्या मामा की कर्मभूमि भी रहा है। इस कारण यह पूरा क्षेत्र एक प्रकार से तीर्थ नगरी का स्वरूप लिए हुए है। आज महू और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। चारों ओर उद्योग, कॉलेज, स्कूल और विकास कार्यों को देखकर गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को विकास में सहभागिता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान हमारी प्राचीन परंपरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे इन वर्गों के जीवन में तेजी से सकारात्मक बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इस योजना में 1000 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए हो चुकी है और आगे भी महिलाओं के हित में निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने आयुष्मान योजना, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए उपचार सहायता, एयर एम्बुलेंस सुविधा और अंगदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर देने जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। सांदीपनि विद्यालयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन स्कूलों के माध्यम से बच्चों को आधुनिक सुविधाओं सहित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें खेल, पढ़ाई और कौशल विकास के सभी आयाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आगामी सत्र से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को दूध उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू-खंडवा रेल लाइन का कार्य भी शीघ्र पूर्ण होगा और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेल सेवाओं का विस्तार भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। इनमें 14.44 करोड़ रुपये की लागत से अमृत 2.0 योजना अंतर्गत नवीन पेयजल लाइन, 7.52 करोड़ रुपये की लागत से स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत उपयोगित जल प्रबंधन योजना, 10.40 करोड़ रुपये की लागत से महू-नीमच रोड निर्माण, 2 करोड़ रुपये की लागत से महूगांव मुक्तिधाम पर घाट निर्माण, 1.03 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, 2.50 करोड़ रुपये की लागत से गायकवाड़ चौराहे से महूगांव स्कूल तक सड़क निर्माण तथा 1.51 करोड़ रुपये की लागत से गौशाला रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में कन्या-पूजन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है। हर वर्ग के कल्याण के कार्य हो रहे है। किसानों की आमदनी में वृद्धि की जा रही है। वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्रदेश का औद्योगिक विकास भी तेज गति से रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना कारगर हो रही है। विधायक सु उषा ठाकुर ने महू विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और कहा कि महू क्षेत्र में विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। महू क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। इस क्षेत्र में तेजी से पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अम्बेड़कर, भगवान  परशुराम तथा जननायक टट्या मामा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि इन महान विभूतियों से धन्य है। इन्हें आदर्श मानते हुए क्षेत्र के विकास को नयी दिशा दी जा रही है। उन्होंने महूगांव क्षेत्र में लोकार्पित तथा भूमिपूजन हुए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्य क्षेत्र के विकास के आमूलचूल बदलाव में … Read more