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स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बीसी सखी बनीं, बदली किस्मत और परिवार की स्थिति

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका अभियानों का प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। बरेली जनपद के विकास खण्ड बिथरी चैनपुर की ग्राम पंचायत उडला जागीर की निवासी सलमा इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उनके जीवन में कभी आर्थिक तंगी और बेरोजगारी की चिंता थी, आज सलमा आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई पहचान बन चुकी हैं। सलमा ने बीए की पढ़ाई पूरी की इसके बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल रोजगार का था। परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन हैं। उनके पिता ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। आय सीमित थी और खर्च अधिक। बड़ी मुश्किल से भरण-पोषण होता था। पढ़ाई पूरी करने के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो सलमा निराश और चिंतित रहने लगीं। इसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी उनकी माता को ब्लॉक स्तर से बीसी सखी बनने की जानकारी मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल की थी। सलमा ने अवसर को पहचाना और 14 सितंबर 2021 को समूह से जुड़कर आवेदन किया। छह दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया और परीक्षा उत्तीर्ण कर बीसी सखी के रूप में चयनित हुईं। कार्य प्रारंभ करने के लिए उन्हें 75,000 रुपये का सपोर्ट फंड मिला। इसके बाद आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने अपने गांव में ही बीसी सखी सेंटर की स्थापना की। अब वह प्रतिमाह लगभग 35,000 रुपये तक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। जो परिवार कभी आर्थिक संकट से जूझ रहा था,  उसमें अब स्थिर आय और आत्मविश्वास है। सलमा न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि घर की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं। उनके सेंटर पर अब गांव के लोग पैसे जमा करने और निकालने आते हैं। पहले जहां ग्रामीणों को बैंक की लंबी कतारों में लगना पड़ता था, अब उन्हें गांव में ही सहज और त्वरित बैंकिंग सुविधा मिल रही है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सलमा ने जागरूकता शिविर भी लगाए। वे ग्रामीणों को आधार आधारित भुगतान प्रणाली, पेंशन, बीमा और अन्य योजनाओं की जानकारी दे रहीं हैं। वह अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में लोगों का पंजीकरण भी कराती हैं। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक वह ग्राम पंचायत में वित्तीय सेवाएं प्रदान करती हैं। उनके प्रयासों से न केवल गांव में डिजिटल सशक्तीकरण बढ़ा है, बल्कि महिलाओं में बचत और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी आई है। सलमा की कहानी उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच को साकार करती है जिसमें महिलाओं को परिवर्तन का भागीदार बनाया जा रहा है। सलमा को अपने संघर्ष पर नहीं, अपनी सफलता पर गर्व है। उनकी पहचान अब एक बेरोजगार युवती की नहीं, बल्कि एक सशक्त बैंक सखी और आत्मनिर्भर महिला की है। यह कहानी दर्शाती है कि सही नीति, सही दिशा और दृढ़ संकल्प मिल जाए तो गांव की बेटी भी विकास की नई इबारत लिख सकती है।

‘नक्सलवाद का अंत करीब’, शाहनवाज हुसैन का बड़ा दावा

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद के खात्‍मे संबंधी बयान का समर्थन करते हुए भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है और केंद्र सरकार की सख्त नीति के चलते यह जल्द पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि घुसपैठियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भारत की धरती पर रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि घुसपैठियों को अपने देश वापस लौट जाना चाहिए, क्योंकि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि असम में भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को पांच साल के एजेंडे में शामिल कर निर्णायक रूप से समाप्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। इंडिया एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट अत्यंत सफल रहा और ‘एआई फॉर ऑल’ के नारे के साथ संपन्न हुआ। उनके अनुसार, इस कार्यक्रम में दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ और विभिन्न देशों के प्रमुखों ने भाग लिया, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को विफल करने की कोशिश की। पहले राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते थे और अब देश के भीतर भी ऐसा ही कर रहे हैं। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और यहां तक कि एनएसए लगाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता का अर्थ देश का विरोध करना नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के इस रवैये की समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे विपक्षी दलों के नेताओं ने भी निंदा की है और कांग्रेस को इस मामले में देश से माफी मांगनी चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया पर बोलते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह एक आवश्यक और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कई ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहते थे जिनका निधन हो चुका था, जिससे फर्जी मतदान की आशंका रहती थी। एसआईआर के जरिए ऐसी गड़बड़ियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है और इसका उद्देश्य केवल चुनावी प्रणाली को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी ने किया दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल संपूर्ण कॉरिडोर व मेरठ मेट्रो का लोकार्पण

मेरठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए व आधुनिक भारत का शिल्पी व निर्माता बताया है। उन्होंने कहा कि पीएम के ‘विकसित भारत’ विजन की वैश्विक नेता भी जमकर सराहना कर रहे हैं, जिसमें अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ शासकीय योजनाओं का लाभ गरीब-वंचित, अन्नदाता किसान, महिला व युवा समेत समाज के हर तबके को मिलना सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की कार्यशैली से प्रेरणा लेते हुए कहा कि पूरे देश के विकास कार्यों की जितनी समीक्षा प्रधानमंत्री जी करते हैं, उतनी तो कोई मंत्री अपने विभागीय कार्यों की भी नहीं करता। सीएम योगी रविवार को मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल संपूर्ण कॉरिडोर व मेरठ मेट्रो का लोकार्पण किए जाने के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा होली से ठीक पहले नमो भारत ट्रेन के साथ मेरठ मेट्रो का भी उपहार दिया जा रहा है। यह उपहार विकसित भारत की उस नींव को सुदृढ़ करने का नया माध्यम है, जिसमें अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से भारत की ताकत दिखती है। पहले मेरठ से दिल्ली की दूरी एक चुनौती होती थी। इसे तय करने में चार से पांच घंटे तक मशक्कत करनी पड़ती थी। दिल्ली दूर है, यह मानते हुए लोग थक-हार कर बैठ जाते थे और सोचते थे कि जाम में फंसना पड़ेगा। आज 12 लेन के एक्सप्रेसवे से दिल्ली व मेरठ जुड़े हैं। मेरठ से दिल्ली पहुंचने में मात्र 45-50 मिनट लगते हैं। आज प्रधानमंत्री जी ने नमो भारत रैपिड रेल व मेरठ मेट्रो का नया उपहार दिया है, जो इस दूरी को और घटा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में नमो भारत, वंदे भारत, अमृत भारत के माध्यम से अत्य़ाधुनिक-सुरक्षित तेज पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं आज भारत की पहचान बन रही हैं। पीएम मोदी ने शनिवार को ही गौतम बुद्ध नगर में सेमीकंडक्टर के नए प्लांट का शिलान्यास किया है, यानी हमारा भारत आने वाले समय की चुनौतियों को देखते पीएम मोदी के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है।  वैश्विक नेता कर रहे हैं पीएम के विजन की प्रशंसा सीएम योगी ने कहा कि पिछले दिनों नई दिल्ली में संपन्न इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इस समिट में वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री जी के विजन और उसे धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सीएम ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के वक्तव्य का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने डिजिटल भारत की सफलता पर विस्तार से अपनी बात रखी। मैक्रों ने कहा कि भारत ने कुछ ऐसा बनाया, जो दुनिया का कोई दूसरा देश नहीं बना सकता – 140 करोड़ लोगों की डिजिटल पहचान और वन हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिसने 50 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत की सुविधा प्रदान की। मैक्रों का कथन प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता साबित करता है, जिनके विकसित भारत विजन में वंचितों को वरीयता के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के गरीब, किसान, महिला, नौजवान समेत हर तबके को प्राप्त हो रहा है। आज पूरी दुनिया का ध्यान डिजिटल इंडिया की ओर आकर्षित हुआ है।  पीएम की कार्यशैली प्रेरणा का स्रोत सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रति दृष्टिकोण विकसित भारत की उस आधारशिला का विजन है, जिसकी दुनिया में चर्चा है। देश में नमो भारत रैपिड रेल का उद्घाटन, मेट्रो का विस्तार, वंदे भारत, वाटरवे, एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुविधा बहुत तेजी से फैली है। आज हर कोई इसकी ताकत को महसूस कर रहा है। इसके जरिए जीवन को आसान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने देखा है कि 2014 के पहले देश कैसे चलता था। हाल में ही प्रधानमंत्री ने देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनीटरिंग करते हुए 50वीं बैठक की। इससे पहले बड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनीटरिंग नहीं होती थी। आज विकास कार्यों की जितनी समीक्षा प्रधानमंत्री जी करते हैं, उतनी कोई मंत्री भी अपने विभागीय कार्यों की नहीं करता। अब देश में प्रगति नाम की आधुनिक व्यवस्था दिखाई दे रही है। प्रगति की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री जी द्वारा आइडिया दिया जाता है। यह प्रधानमंत्री जी की कार्यशैली है कि दशकों से लंबित 85 लाख करोड़ की परियोजनाएं मात्र 10 वर्ष में धरातल पर उतरी हैं। मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद खेल विवि और जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री को दिया निमंत्रण सीएम योगी ने मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में बने यूपी के पहले खेल विश्वविद्यालय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने ही इसका शिलान्यास किया था। यह विश्वविद्यालय अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा, कक्षाएं गत वर्ष प्रारंभ हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री जी का खेल संस्कृति पर विशेष जोर है। मेरठ का ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) खेल आइटम ही है। सीएम योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी लगभग तैयार हो चुका है। प्रधानमंत्री जी ने ही उसका शिलान्यास किया था। आज प्रदेशवासियों की इच्छा है कि खेल विवि व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से हो। इसी तरह केंद्रीय कैबिनेट ने हाल में नोएडा मेट्रो के नए रूट को स्वीकृति दी है। सीएम ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि मेट्रो के नए रूट का शिलान्यास और तीन वर्ष में इसके तैयार होने के उपरांत इसका लोकार्पण भी आपके द्वारा हो।  मेरठ की क्रांतिकारी धरा को किया प्रणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ की धरती भारत की पौराणिक-ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गवाह रही है। क्रांतिनायक धन सिंह गुर्जर, राव कदम सिंह, क्रांतिकारी शाहमल व मातादीन वाल्मीकि ने इसी धरा से भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान और भारत की आजादी की लड़ाई को नई ऊंचाई तक पहुंचाने का शंखनाद किया था।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, दिनेश खटिक, सोमेंद्र तोमर, राज्यसभा सांसद व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सांसद अरुण गोविल, राजकुमार सांगवान, चंदन चौहान व महापौर हरिकांत अहलूवालिया आदि मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र … Read more

जंग के आसार और भारत की भूमिका: क्या होगा अगला कदम?

इस्लामाबाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान की वायुसेना ने सीमा पार अफगानिस्तान के अंदर कई आतंकी ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने इसे खुफिया जानकारी पर आधारित सटीक ऑपरेशन बताया है, वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गए हैं। इस सबके बीच सबकी निगाहें भारत पर भी टिकी हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने रविवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि पाकिस्तानी सेना ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उसके सहयोगी संगठनों के सात कैंपों पर टारगेट हमले किए हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय इस्लामिक स्टेट (IS) के गुर्गों को भी निशाना बनाया गया है। दूसरी ओर, काबुल में अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी विमानों ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में नागरिक बस्तियों को निशाना बनाया। मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा की विफलता और कमजोरी को छिपाने के लिए अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। बाजौर हमला: हाल ही में उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर में एक आत्मघाती हमलावर ने बारूद से लदे वाहन को सुरक्षा चौकी से टकरा दिया था, जिसमें 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हो गई थी। हमलावर अफगान नागरिक बताया गया। बन्नू और इस्लामाबाद: शनिवार को ही बन्नू में एक सैन्य काफिले पर हमला हुआ जिसमें दो जवान शहीद हुए। इससे पहले इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए धमाके में 31 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के लिए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत को भी जिम्मेदार ठहराया था। पाकिस्तान का दावा है कि इन सभी हमलों के तार अफगानिस्तान में बैठे टीटीपी कमांडरों से जुड़े हैं और उनके पास इसके ठोस सबूत हैं। पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी दी है कि वह अब किसी भी प्रकार का संयम नहीं बरतेगी। सेना के बयान के अनुसार, पाकिस्तान के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और वह आतंकियों का पीछा उनके ठिकानों तक करेगा, चाहे वे कहीं भी हों। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वे तालिबान सरकार पर दबाव डालें ताकि अफगान धरती का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ न हो। अक्टूबर 2025 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर इसी तरह के हमले किए थे। हालांकि कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शांति वार्ता की कोशिशें की गईं, लेकिन वे विफल रहीं। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद से इस्लामाबाद को उम्मीद थी कि सीमा पर शांति रहेगी, लेकिन इसके विपरीत टीटीपी के हमलों में भारी वृद्धि हुई है। भारत का क्या रहेगा स्टैंड? दक्षिण एशिया में बढ़ते कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि पाकिस्तान के साथ भारत की एकमात्र और सबसे बड़ी समस्या 'सीमा पार आतंकवाद' है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक इस जड़ को नहीं काटा जाता, तब तक संबंधों में सुधार की गुंजाइश सीमित है। रणधीर जायसवाल का यह बयान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस धमकी के संदर्भ में आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर काबुल अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद को नहीं रोकता तो इस्लामाबाद अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। जब जायसवाल से इस संबंध में भारत की स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सधे हुए शब्दों में कहा, "आप जानते हैं कि अफगानिस्तान के साथ हमारे संबंध किस स्तर पर हैं और पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्तों की क्या स्थिति है। मैं इसे यहीं छोड़ूंगा। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, हमारे बीच असली समस्या सीमा पार आतंकवाद है, जिसे संबोधित किया जाना अनिवार्य है।" विशेषज्ञों का मानना है कि रणधीर जायसवाल का बयान यह दर्शाता है कि भारत इस क्षेत्र में हो रही सैन्य हलचलों पर पैनी नजर रखे हुए है। भारत ने हमेशा इस बात की वकालत की है कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, वह क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। हालांकि, भारत ने अफगानिस्तान में तालिबान शासन के साथ अपने संबंधों को मानवीय और रणनीतिक स्तर पर संतुलित रखा है, जो पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक स्थिर नजर आते हैं।  

प्रदर्शन ने पकड़ा तूल, पुतला दहन के बाद कांग्रेस का थाना घेराव

छिंदवाड़ा रविवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा कार्यकर्ता तीन बैरिकेड्स तोड़कर सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए, जिसके बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके और कांग्रेस ने पुलिस थाने का घेराव कर दिया। वर्तमान में पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर दिया है, कोतवाली पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता रविवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता तीन बैरिकेडिंग तोड़कर सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए। यहां पहले से मौजूद बड़ी संख्या में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति कई बार आमने-सामने की बन गई और पुलिस को दोनों पक्षों के बीच व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।  

राजस्थान का मौसम बदला मिज़ाज: कई शहरों में तापमान 30° पार, बाड़मेर सबसे गर्म, फतेहपुर सबसे ठंडा

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह और शाम की सर्दी अब कम हो गई है। शनिवार को राज्य के 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम साफ रहा। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप खिली रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा-चित्तौड़गढ़ 31.2, फलोदी 31.8, बीकानेर 31.2, जैसलमेर 31.5, पाली (जवाई बांध क्षेत्र) 31.4, डूंगरपुर 30, फतेहपुर (सीकर) 30, लूणकरणसर (बीकानेर) 30.9, चूरू 30.4, भीलवाड़ा 29.4, टोंक 29.6, श्रीगंगानगर 29.4, नागौर 29.8, झुंझुनूं 29.1, उदयपुर 29.2 और जयपुर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित कई जिलों में दिनभर धूप रहने से मौसम सुहावना बना रहा, जबकि सुबह-शाम हल्की सर्दी महसूस की गई। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पाली में 10.6, दौसा में 11.6, सिरोही में 11.4, सीकर में 11.5 और अलवर में 11.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं, बाड़मेर में रात सबसे कम सर्द रही, जहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

कुणाल अरोड़ा ने गोल्ड कोस्ट में पैरा टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में जीता कांस्य पदक

मुरादाबाद मुरादाबाद शहर निवासी कुणाल अरोड़ा ने गोल्ड कोस्ट आस्ट्रेलिया में आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर गोल्ड कोस्ट-2026 चैम्पियनशिप में काँस्य पदक जीतकर पीतलनगरी का नाम एक बार और चमका दिया है।  कुणाल ने हमेशा की तरह अपनी जीत का श्रेय अपने माता पिता यशपाल अरोड़ा, सोनिया अरोड़ा एवं अपने कोच को दिया ।कुणाल अरोड़ा के पिता यशपाल अरोड़ा ने बताया कि 16 से 20 फरवरी तक आस्ट्रेलिया में आयोजित आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर गोल्ड कोस्ट हुए टूर्नामेंट में कुणाल अरोड़ा ने अपने सिंगल मैच में जो आस्ट्रेलिया एवं जापान के खिलाड़ियों के साथ अपने खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुत ही कड़े मुकाबलों में नजदीकी स्कोर के साथ हार का सामना करते हुए भी अपने अगले मुकाबले जो की मेंस डबल्स में अपने पार्टनर हितेश डोलवानी (तेलंगाना) के साथ जोड़ी बनाते हुए एक बार पुनः ऑस्ट्रेलिया की टीम से पहला मुक़ाबला 0-3 से हारने के बाद दूसरे मुक़ाबले में भारतीय जोड़ी ने अपने खेल के स्तर को बढ़ाते हुए आस्ट्रेलिया की ही दूसरी टीम को 3-0 के स्कोर से हराकर सेमी फाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल मुकाबले में कुणाल अरोड़ा एवं हितेश डोलवानी की जोड़ी का मुकाबला जापान के खिलाड़ियों के साथ हुआ जिसमें बेहद नजदीकी मुक़ाबले में एक बार फिर से हार कर अपने देश के लिए काँस्य पदक को हासिल किया।  

IND vs SA: टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका का बड़ा फैसला, ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग XI

अहमदाबाद आज सुपर-8 का तीसरा मुकाबला भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच 7 बजे से शुरू होगा। साढ़े 6 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर होंगे। इस टूर्नामेंट में भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही टीमें शानदार फॉर्म में हैं और ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीतकर सुपर-8 में पहुंची हैं। भारत ने पहले चरण जहां पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को 61 रनों से करारी शिकस्त दी थी, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भी न्यूजीलैंड सहित ग्रुप स्टेज की सभी टीमों को बुरी तरह से रौंदा था। भारत का टी20 विश्व कप में अब तक का रिकॉर्ड शानदार रहा है, जहां उन्होंने पिछले 12 मैचों में कोई हार नहीं झेली है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के लिए यह 2024 के फाइनल का बदला लेने जैसा है, क्योंकि पिछले 13 मैचों में उनकी एकमात्र हार उसी खिताबी मुकाबले में भारत के हाथों हुई थी। आज सबकी नजरें भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर टिकी होंगी, जो इस विश्व कप में अब तक उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और तीन बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा है कि वे अभिषेक की फॉर्म को लेकर चिंतित नहीं हैं, बल्कि उनके लिए चिंतित हैं जो आगे उनका सामना करेंगे। कप्तान ने संजू सैमसन के स्थान पर तिलक वर्मा को ही नंबर 3 पर बनाए रखने के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की टीम पावरप्ले में इस टूर्नामेंट की सबसे विस्फोटक टीम रही है और उनके कप्तान एडेन मार्कराम ओपनिंग में अपनी भूमिका को बखूबी निभा रहे हैं। अहमदाबाद की काली मिट्टी वाली पिच पर लाइट के नीचे शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को अच्छी स्विंग मिलने की उम्मीद है, जो बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के लिए स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले आठ मैचों में हर बार कम से कम दो विकेट लिए हैं। क्या भारत अपनी अजेय लय बरकरार रखते हुए सेमीफाइनल की ओर कदम बढ़ाएगा, या प्रोटियाज टीम अहमदाबाद में बाजी पलटेगी? इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले की पल-पल की जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहिए। दोनों टीमों का स्क्वाड भारत (India): अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, मोहम्मद सिराज। दक्षिण अफ्रीका (South Africa): एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, कागिसो रबाडा, एनरिक नॉर्टजे, क्वेना मफाका, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, केशव महाराज, मार्को जानसन।

जिद्दी स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाने के आसान घरेलू उपाय

प्रेग्नेंसी और वजन घटने या बढ़ने की वजह से अक्सर शरीर के कई हिस्सों पर स्ट्रेच माक्र्स हो जाते हैं। वहीं कई लोगों में हॉर्मोनल चेंजेस की वजह से भी ऐसे निशान पड़ जाते हैं। सफेद रंग के ये जिद्दी दाग यूं तो बड़ी मुश्किल से जाते हैं। पर हम आपको कुछ ऐसे घरेलू तरीके बता रहे हैं, जिससे इन निशानों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। पौष्टिक भोजन स्वस्थ त्वचा के लिए विटामिन सी और ई, जिंक, सिलिका और अन्य पोषक तत्वों की प्रचुरता वाला संतुलित और पौष्टिक आहार चुनें। खाने में स्ट्रॉबेरी, जामुन, पालक, गाजर, हरी बींस, साग और बादाम शामिल करें। नींबू का रस नींबू का रस एक प्राकृतिक अम्ल है, जो स्ट्रेच माक्र्स को हल्का करता है। नींबू के रस को स्ट्रेच माक्र्स पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। चीनी अपने प्राकृतिक सफेद रूप में चीनी स्ट्रेच माक्र्स हटाने का काफी कारगर उपाय है। एक चम्मच चीनी में बादाम का तेल और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर उसे स्ट्रेच माक्र्स पर लगाने से काफी असर होता है। वनस्पति तेल से मसाज गर्भवती महिलाओं को वनस्पति तेल से मसाज करना चाहिए। इससे स्ट्रेच माक्र्स के निशान कम हो जाते हैं। एलोवेरा जेल एक कप एलोवेरा में 2 चम्मच विटामिन ई का तेल मिलाइए। इस मिश्रण को तब तक लगाइए जब तक त्वचा इसे पूरी तरह सोख न ले। रोजाना लगाने से त्वचा में फर्क महसूस होगा। कोकोआ मक्खन स्ट्रेच माक्र्स पर कोकोआ मक्खन लगाने से दाग कम होते हैं। स्ट्रेच माक्र्स वाले भागों पर दिन में दो बार कोकोआ मक्खन से मसाज करें। एक महीने में ही फर्क आएगा।  

एआई फॉर संस्कृति इंटरनेशनल समिट: देसंविवि का जिनेवा स्थित ग्लोबलेथिक्स व इरोज इंटरनेशलन के साथ हुआ एमओयू

हरिद्वार देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित ‘एआई फॉर संस्कृति इंटरनेशनल समिट’ ने तकनीक और मानवीय मूल्यों के समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की। इस समिट का सबसे महत्वपूर्ण क्षण देसंविवि और जिनेवा स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबेथिक्स के बीच हुए समझौता ज्ञापन पर औपचारिक हस्ताक्षर रहा। इस अवसर पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं ग्लोबलेथिक्स के कार्यकारी निदेशक डॉ फादी दाऊ ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। यह साझेदारी वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) परिदृश्य में नैतिकता, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के संस्थागत समावेश की दिशा में एक युगांतरकारी कदम मानी जा रही है। समझौते का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च-स्तरीय अनुसंधान, नीतिगत विमर्श और मूल्य-आधारित तकनीकी ढांचे के विकास पर केंद्रित है—ऐसा ढांचा जो मशीनी बुद्धिमत्ता को मानवीय संवेदनाओं से जोड़े। वहीं समिट के दौरान वैश्विक पहल को और विस्तार देते हुए इरोज इंटरनेशनल के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत संस्कृति जीपीटी और धर्म जीपीटी जैसे अभिनव, मूल्य-संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने पर सहमति बनी। इस समझौते पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं इरोज इंटरनेशनल की सीईओ डॉ शिल्पा देसाई ने हस्ताक्षर किया। उल्लेखनीय है कि इरोज इंटरनेशनल को 12000 से अधिक छोटी बडी फिल्मों को निर्माण का श्रेय जाता है। इन प्रस्तावित समझौते का लक्ष्य भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक विमर्श और नैतिक दृष्टिकोण को एआई तकनीक के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुँचाना है। यह पहल इस विचार को पुष्ट करती है कि आधुनिक तकनीक केवल गणनात्मक उपकरण नहीं, बल्कि सभ्यताओं के मध्य संवाद, वैश्विक सद्भाव और लोक-कल्याण का सशक्त माध्यम बन सकती है। हरिद्वार की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि से प्रारंभ हुआ यह अंतरराष्ट्रीय अभियान डिजिटल क्रांति को ‘संस्कार’ और ‘संस्कृति’ की गरिमा से मंडित करने का प्रयास है। यह समझौता एक प्रतीक है—कि भविष्य की एआई नीतियाँ केवल एल्गोरिदम और डेटा पर नहीं, बल्कि नैतिक चेतना और मानवीय संवेदनशीलता पर भी आधारित होंगी। हरिद्वार से जिनेवा तक जुड़ा यह नैतिकता का सूत्र वैश्विक एआई विमर्श को एक नई दिशा देने की क्षमता रखता है—जहाँ तकनीक और मानवता परस्पर पूरक बनकर विश्व-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।